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                <title>Assam News - Swatantra Prabhat</title>
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                            <item>
                <title>श्रीभूमि की शिक्षिका संगीता नाथ बर्धन कैंसर की चौथी स्टेज में भी नहीं रुका शिक्षण कार्य</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>श्रीभूमि </strong>: कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी से लंबे समय से संघर्ष करने के बावजूद अपने कर्तव्य से एक पल के लिए भी पीछे नहीं हटीं असम श्रीभूमि जिले के रामकृष्णनगर क्षेत्र स्थित 1155 नंबर फनाई-बागान हरिजन एल.पी. स्कूल की शिक्षिका संगीता नाथ बर्धन। कैंसर की चौथी स्टेज से पीड़ित होने के बाद भी नियमित उपचार और कीमोथेरेपी की शारीरिक पीड़ा सहते हुए वह विद्यालय पहुंचकर विद्यार्थियों को पढ़ाने का कार्य निरंतर जारी रखे हुए हैं। उनकी अदम्य इच्छाशक्ति, कर्तव्यनिष्ठा और शिक्षा के प्रति गहरी प्रतिबद्धता की शिक्षक समाज के साथ-साथ आम लोगों ने भी सराहना की है। शारीरिक कष्ट और</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/183455/sribhoomis-teacher-sangeeta-nath-bardhan-did-not-stop-her-teaching"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/1001622263-(1).jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>श्रीभूमि </strong>: कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी से लंबे समय से संघर्ष करने के बावजूद अपने कर्तव्य से एक पल के लिए भी पीछे नहीं हटीं असम श्रीभूमि जिले के रामकृष्णनगर क्षेत्र स्थित 1155 नंबर फनाई-बागान हरिजन एल.पी. स्कूल की शिक्षिका संगीता नाथ बर्धन। कैंसर की चौथी स्टेज से पीड़ित होने के बाद भी नियमित उपचार और कीमोथेरेपी की शारीरिक पीड़ा सहते हुए वह विद्यालय पहुंचकर विद्यार्थियों को पढ़ाने का कार्य निरंतर जारी रखे हुए हैं। उनकी अदम्य इच्छाशक्ति, कर्तव्यनिष्ठा और शिक्षा के प्रति गहरी प्रतिबद्धता की शिक्षक समाज के साथ-साथ आम लोगों ने भी सराहना की है। शारीरिक कष्ट और अनेक कठिन परिस्थितियों के बावजूद विद्यार्थियों के भविष्य निर्माण के प्रति उनका समर्पण एक प्रेरणादायक उदाहरण बन गया है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">परिवार सूत्रों के अनुसार, पिछले तीन वर्षों से उनका इलाज चल रहा है। लंबे समय तक चले उपचार के कारण परिवार की लगभग पूरी जमा पूंजी समाप्त हो चुकी है। चिकित्सा खर्च वहन करने के लिए बैंक से ऋण भी लेना पड़ा है। वर्तमान में हर महीने लगभग 95 हजार रुपये की ऋण किस्त के साथ-साथ इलाज का भारी खर्च उठाना परिवार के लिए बेहद कठिन हो गया है। हाल ही में यह मामला समाचार माध्यमों और सोशल मीडिया के जरिए सामने आने के बाद रामकृष्णनगर क्षेत्र के लोकप्रिय विधायक विजय मालाकार शिक्षिका के आवास पर पहुंचे और उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली तथा आर्थिक सहायता प्रदान की।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इसके अलावा उन्होंने असम सरकार के मंत्री कौशिक राय और कृष्णेंदु पाल से भी इस विषय पर चर्चा की। दोनों ने शिक्षिका के बेहतर इलाज के लिए व्यक्तिगत रूप से आर्थिक सहायता देने का आश्वासन दिया है। बताया गया है कि इस मामले को असम के लोकप्रिय मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत विश्व शर्मा के संज्ञान में भी लाया गया है। सरकारी स्तर से भी संभावित सहायता का भरोसा दिया गया है। हालांकि बेहतर और उन्नत उपचार के लिए अभी भी बड़ी आर्थिक आवश्यकता है। ऐसे में शिक्षिका संगीता नाथ बर्धन के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करते हुए उनके परिवार, सहकर्मियों और शुभचिंतकों ने समाज के सभी वर्गों के लोगों से मानवीय सहयोग की अपील की है। एक समर्पित शिक्षिका के जीवन संघर्ष में साथ खड़े होकर अपनी क्षमता के अनुसार सहायता का हाथ बढ़ाने के लिए सभी संवेदनशील लोगों से आगे आने का आह्वान किया गया है।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>असम हिमाचल प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 15 Jul 2026 22:22:19 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>श्रीभूमि जिले के आनिपुर में बेली ब्रिज का निर्माण चार महीने बाद भी अधूरा, दोनों किनारों के लोग भारी परेशानी में।</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;">
<blockquote class="format1"><strong>श्रीभूमि  संवाददाता स्वतंत्र प्रभात : सचिन्द्र शर्मा </strong></blockquote>
</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">असम श्रीभूमि जिले के आनिपुर में सिंगला नदी पर क्षतिग्रस्त पुल के स्थान पर बनाए जा रहे वैकल्पिक बेली ब्रिज का निर्माण कार्य चार महीने बीत जाने के बाद भी पूरा नहीं हो सका है। निर्माण कार्य की धीमी रफ्तार को लेकर नदी के दोनों किनारों पर रहने वाले हजारों लोगों में भारी नाराज़गी और असंतोष व्याप्त है।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">स्थानीय लोगों के अनुसार, पुल क्षतिग्रस्त होने के बाद राज्य के कैबिनेट मंत्री कृष्णेंदु पाल ने मौके का दौरा कर एक महीने के भीतर वैकल्पिक बेली ब्रिज तैयार कराने का आश्वासन दिया था। लेकिन चार</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/183438/construction-of-bailey-bridge-in-anipur-of-shribhoomi-district-is"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/1001623950.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;">
<blockquote class="format1"><strong>श्रीभूमि  संवाददाता स्वतंत्र प्रभात : सचिन्द्र शर्मा </strong></blockquote>
</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">असम श्रीभूमि जिले के आनिपुर में सिंगला नदी पर क्षतिग्रस्त पुल के स्थान पर बनाए जा रहे वैकल्पिक बेली ब्रिज का निर्माण कार्य चार महीने बीत जाने के बाद भी पूरा नहीं हो सका है। निर्माण कार्य की धीमी रफ्तार को लेकर नदी के दोनों किनारों पर रहने वाले हजारों लोगों में भारी नाराज़गी और असंतोष व्याप्त है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">स्थानीय लोगों के अनुसार, पुल क्षतिग्रस्त होने के बाद राज्य के कैबिनेट मंत्री कृष्णेंदु पाल ने मौके का दौरा कर एक महीने के भीतर वैकल्पिक बेली ब्रिज तैयार कराने का आश्वासन दिया था। लेकिन चार महीने बीत जाने के बावजूद निर्माण कार्य अधूरा है, जिससे मंत्री के आश्वासन पर सवाल उठने लगे हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">बेली ब्रिज समय पर तैयार नहीं होने के कारण स्कूली एवं कॉलेज के छात्र-छात्राओं, नौकरीपेशा लोगों, व्यापारियों और आम नागरिकों को प्रतिदिन जान जोखिम में डालकर नदी पार करनी पड़ रही है। इसका सीधा असर शिक्षा, व्यापार तथा आवश्यक सेवाओं पर पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि निर्माण कार्य शीघ्र पूरा नहीं किया गया तो वे व्यापक जनआंदोलन शुरू करने के लिए मजबूर होंगे।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-07/1001623950.jpg" alt="साबू के सामने मुख्य सड़क भी बदहाल, विभागीय अधिकारियों की चुप्पी पर बढ़ा लोगों का आक्रोश।" width="1193" height="1377"></img></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इधर, आनिपुर के साबू के सामने से गुजरने वाली महत्वपूर्ण सड़क भी लंबे समय से बदहाल स्थिति में है। सड़क के कई हिस्से क्षतिग्रस्त हो चुके हैं और जगह-जगह बड़े गड्ढे बन गए हैं। बरसात के दौरान सड़क पर जलभराव और कीचड़ के कारण आवागमन बेहद कठिन हो जाता है, जिससे लोगों को रोज़ाना भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">स्थानीय निवासियों का आरोप है कि कई बार संबंधित विभाग और जनप्रतिनिधियों को इस समस्या से अवगत कराने के बावजूद अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। विभागीय अधिकारियों की निष्क्रियता और चुप्पी को लेकर लोगों में गहरा आक्रोश है। इसी सड़क से प्रतिदिन छात्र-छात्राएं, मरीज, व्यापारी और बड़ी संख्या में आम नागरिक आवागमन करते हैं, जिससे दुर्घटनाओं की आशंका लगातार बनी हुई है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि आनिपुर के बेली ब्रिज का निर्माण कार्य युद्धस्तर पर पूरा किया जाए तथा साबू के सामने स्थित इस महत्वपूर्ण सड़क की तत्काल मरम्मत कर आम जनता को लंबे समय से चली आ रही परेशानियों से राहत दिलाई जाए।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>असम हिमाचल प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 15 Jul 2026 22:09:43 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>श्रीभूमि जिले के पांचडाली से श्यामनगर एनडी बांध को जोड़ने वाली सड़क कि क्षतिग्रस्त पुलिया की मरम्मत की मांग</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>श्रीभूमि : </strong>असम के श्रीभूमि जिले के रामकृष्णनगर विधानसभा क्षेत्र के दरगारबंद ग्राम पंचायत अंतर्गत वार्ड संख्या-5 में पांचडाली से श्यामनगर एनडी बांध को जोड़ने वाली सड़क पर वर्ष 2025 में सरकारी पहल से एक पुलिया का निर्माण कराया गया था। स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण के एक वर्ष के भीतर ही नदी के तेज बहाव के कारण पुलिया क्षतिग्रस्त हो गई। वर्तमान में ग्रामीणों के आवागमन का एकमात्र सहारा बांस से बना अस्थायी पुल है, जिसे पार करते समय प्रतिदिन जान का जोखिम उठाना पड़ रहा है। बरसात के मौसम में स्थिति और अधिक गंभीर हो जाती</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/182889/demand-for-repair-of-the-damaged-culvert-on-the-road"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/1001603030.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>श्रीभूमि : </strong>असम के श्रीभूमि जिले के रामकृष्णनगर विधानसभा क्षेत्र के दरगारबंद ग्राम पंचायत अंतर्गत वार्ड संख्या-5 में पांचडाली से श्यामनगर एनडी बांध को जोड़ने वाली सड़क पर वर्ष 2025 में सरकारी पहल से एक पुलिया का निर्माण कराया गया था। स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण के एक वर्ष के भीतर ही नदी के तेज बहाव के कारण पुलिया क्षतिग्रस्त हो गई। वर्तमान में ग्रामीणों के आवागमन का एकमात्र सहारा बांस से बना अस्थायी पुल है, जिसे पार करते समय प्रतिदिन जान का जोखिम उठाना पड़ रहा है। बरसात के मौसम में स्थिति और अधिक गंभीर हो जाती है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">ग्रामीणों का कहना है कि पुलिया की शीघ्र मरम्मत अथवा पुनर्निर्माण होने से अनीपुर तक का महत्वपूर्ण और छोटा संपर्क मार्ग फिर से चालू हो जाएगा। इससे दुल्लभछड़ा मॉडल विलेज, कृष्णनगर, रूपाग्राम, श्यामनगर और पांचडाली के लोगों को आनीपुर बाजार तक आसान आवागमन की सुविधा मिलेगी। स्थानीय लोगों के अनुसार यह मार्ग एक वैकल्पिक बाईपास सड़क के रूप में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि निर्माण कार्य की गुणवत्ता में कमी या पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था के अभाव के कारण यह स्थिति उत्पन्न हुई है, जिससे लंबे समय से लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने रामकृष्णनगर विधानसभा क्षेत्र के लोकप्रिय विधायक विजय मालाकार से ईस मामले का संज्ञान लेकर घटनास्थल का निरीक्षण कराने, आवश्यक जांच करवाने तथा पुलिया की शीघ्र मरम्मत या पुनर्निर्माण कर स्थायी समाधान सुनिश्चित करने की मांग की है। ताकि लोगों का समस्या का समाधान हो सके।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>असम हिमाचल प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 07 Jul 2026 22:11:01 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>श्रीभूमि जिले के दुल्लभछड़ा जीपी के मोकामछड़ा कॉलोनी के दिव्यांग दुलु नाथ की दर्दभरी जिंदगी, इलाज और सरकारी सहायता की गुहार</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>श्रीभूमि :</strong> असम के श्रीभूमि जिले के रामकृष्णनगर विधानसभा क्षेत्र के  दुल्लभछड़ा ग्राम पंचायत अंतर्गत मोकामछड़ा कॉलोनी निवासी 58 वर्षीय दिव्यांग दुलु नाथ (पिता: स्वर्गीय दीपचरण नाथ) आज गंभीर आर्थिक तंगी और शारीरिक असहायता के बीच जीवन बिताने को मजबूर हैं। लगातार दो भीषण सड़क दुर्घटनाओं ने उनकी जिंदगी को पूरी तरह बदल दिया है और आज वे सामान्य जीवन जीने में असमर्थ हैं।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">स्थानीय लोगों के अनुसार, वर्ष 2005 में एक दर्दनाक सड़क दुर्घटना में दुलु नाथ ने अपना एक पैर गंवा दिया। इसके बावजूद उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और दिव्यांग होने के बावजूद दुल्लभछड़ा के समीप बड़े बाजार</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/182798/painful-life-of-disabled-dulu-nath-of-mokamchhada-colony-of"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/1001598072-(1).jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>श्रीभूमि :</strong> असम के श्रीभूमि जिले के रामकृष्णनगर विधानसभा क्षेत्र के  दुल्लभछड़ा ग्राम पंचायत अंतर्गत मोकामछड़ा कॉलोनी निवासी 58 वर्षीय दिव्यांग दुलु नाथ (पिता: स्वर्गीय दीपचरण नाथ) आज गंभीर आर्थिक तंगी और शारीरिक असहायता के बीच जीवन बिताने को मजबूर हैं। लगातार दो भीषण सड़क दुर्घटनाओं ने उनकी जिंदगी को पूरी तरह बदल दिया है और आज वे सामान्य जीवन जीने में असमर्थ हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">स्थानीय लोगों के अनुसार, वर्ष 2005 में एक दर्दनाक सड़क दुर्घटना में दुलु नाथ ने अपना एक पैर गंवा दिया। इसके बावजूद उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और दिव्यांग होने के बावजूद दुल्लभछड़ा के समीप बड़े बाजार में चाय बेचकर किसी तरह अपने परिवार का पालन-पोषण करते रहे। लेकिन वर्ष 2022 में हुई एक और सड़क दुर्घटना में उनके दूसरे पैर में गंभीर चोट लग गई। लंबे समय तक इलाज कराने के बावजूद वे पूरी तरह स्वस्थ नहीं हो सके हैं। वर्तमान में उनकी शारीरिक स्थिति इतनी कमजोर है कि दैनिक कार्य करना भी उनके लिए लगभग असंभव हो गया है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">परिवार की आर्थिक स्थिति भी बेहद दयनीय है। उनकी एक बेटी पढ़ाई लिखाई में आंबल रामकृष्णनगर कॉलेज में पढ़ाई कर रही है, लेकिन आने-जाने का खर्च उठाना परिवार के लिए कठिन हो गया है। उनका 8 वर्षीय एक पुत्र और दो पुत्रियों इन तीन बच्चों की शिक्षा एवं भरण-पोषण की जिम्मेदारी है, जिससे पूरा परिवार आर्थिक संकट और अनिश्चितता के बीच जीवन गुजार रहा है। जानकारी के अनुसार, दुलु नाथ आज तक प्रधानमंत्री आवास योजना के लाभ से भी वंचित हैं। उनका कच्चा और जर्जर घर बारिश के समय टपकने लगता है तथा घर के भीतर पानी भर जाता है, जिससे पूरा परिवार अत्यंत कठिन परिस्थितियों में रहने को मजबूर है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">ऐसी विषम परिस्थितियों में दुलु नाथ ने असम के लोकप्रिय मुख्यमंत्री, स्थानीय प्रशासन, श्रीभूमि के सांसद कृपानाथ मालाह तथा रामकृष्णनगर विधानसभा क्षेत्र के विधायक बिजय मालाकार से इलाज, आर्थिक सहायता, आवास सुविधा तथा बच्चों की शिक्षा के लिए आवश्यक सहयोग प्रदान करने की भावुक अपील की है। जागरूक नागरिकों ने सरकार और जनप्रतिनिधियों से इस मामले में शीघ्र मानवीय हस्तक्षेप करने की अपील की है। उनका कहना है कि यदि समय रहते आवश्यक सहायता और सरकारी योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराया जाए, तो यह दिव्यांग एवं असहाय परिवार सम्मानपूर्वक जीवन-यापन कर सकेगा तथा आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ पाएगा।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>असम हिमाचल प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 05 Jul 2026 22:22:11 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>सिलापथार में एस्टेट बैंक के ग्राहक सेवा केंद्र में दिन दोपहर में चोरीकांड</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>असम धेमाजी।</strong> दिनदीपहर में सिलापथार मेडिकल रोड पर स्थित स्टेट बैंक ऑफ इंडिया का एक ग्राहक सेवा केंद्र में चूरीकांड का बरदाद सामने आया है। घटना गुरुवार दुपहर सेवा केंद्र के संचालक नजदीक के दुकान में थे उसी समय ग्राहक के रूप में आए एक अज्ञात व्यक्ति ने कुछ पल के अंदर घटना को अंजाम दिया।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">सेवा केंद्र के संचालक घन कांत दास ने इस संदर्भ में सिलापथार थाने में एक लिखित आवेदन दाखिल किया। आवेदन में उल्लेख किया की  चोर  ने  सेवा केंद्र के ड्रायर तोड़ कर नगद 162,000 रुपए लेकर फरार हो गया। सी सी कैमरों में चोरों</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/182741/theft-in-the-afternoon-at-the-customer-service-center-of"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/img-20260704-wa0007-(2)1.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>असम धेमाजी।</strong> दिनदीपहर में सिलापथार मेडिकल रोड पर स्थित स्टेट बैंक ऑफ इंडिया का एक ग्राहक सेवा केंद्र में चूरीकांड का बरदाद सामने आया है। घटना गुरुवार दुपहर सेवा केंद्र के संचालक नजदीक के दुकान में थे उसी समय ग्राहक के रूप में आए एक अज्ञात व्यक्ति ने कुछ पल के अंदर घटना को अंजाम दिया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">सेवा केंद्र के संचालक घन कांत दास ने इस संदर्भ में सिलापथार थाने में एक लिखित आवेदन दाखिल किया। आवेदन में उल्लेख किया की  चोर  ने  सेवा केंद्र के ड्रायर तोड़ कर नगद 162,000 रुपए लेकर फरार हो गया। सी सी कैमरों में चोरों के कस्टमर सर्विस सेंटर में घुसने का सीन रिकॉर्ड हुआ है। सिलापथार पुलिस ने शिकायत मिलते ही करवाई शुरू कर दी है। हालांकि खबर लिखते समय  तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>असम हिमाचल प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 04 Jul 2026 23:06:04 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मॉनसून का करिश्माई रूप और कुदरत की विराट शक्ति के सामने इंसान की सीमाएं तथा असम की बाढ़ से मिला प्रकृति का बड़ा संदेश</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="gs">
<div>
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<div class="a3s aiL">
<div>
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<div style="text-align:justify;">असम में मॉनसून की पहली बड़ी बाढ़ ने एक बार फिर यह याद दिला दिया कि प्रकृति जब अपना स्वरूप बदलती है तब इंसान की सारी योजनाएं और सारी तैयारियां छोटी पड़ जाती हैं। जून का अधिकांश समय देश के अनेक हिस्सों में लोग बारिश का इंतजार करते रहे। किसान आसमान की ओर टकटकी लगाए बैठे रहे। कहीं खेत सूखे रहे तो कहीं जलाशय खाली दिखाई दिए। ऐसा लग रहा था कि इस बार मॉनसून सामान्य समय से पीछे चल रहा है। लेकिन जून के अंतिम दिनों में जैसे ही पूर्वोत्तर भारत में बादलों ने डेरा डाला वैसे ही असम</div></div></div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/182342/the-charismatic-form-of-monsoon-and-the-limitations-of-humans"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/hindi-divas26.jpg" alt=""></a><br /><div class="gs">
<div>
<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;">असम में मॉनसून की पहली बड़ी बाढ़ ने एक बार फिर यह याद दिला दिया कि प्रकृति जब अपना स्वरूप बदलती है तब इंसान की सारी योजनाएं और सारी तैयारियां छोटी पड़ जाती हैं। जून का अधिकांश समय देश के अनेक हिस्सों में लोग बारिश का इंतजार करते रहे। किसान आसमान की ओर टकटकी लगाए बैठे रहे। कहीं खेत सूखे रहे तो कहीं जलाशय खाली दिखाई दिए। ऐसा लग रहा था कि इस बार मॉनसून सामान्य समय से पीछे चल रहा है। लेकिन जून के अंतिम दिनों में जैसे ही पूर्वोत्तर भारत में बादलों ने डेरा डाला वैसे ही असम और अरुणाचल प्रदेश में बारिश ने विकराल रूप धारण कर लिया। देखते ही देखते नदियां उफान पर आ गईं और हजारों परिवार बाढ़ की चपेट में आ गए। यह दृश्य केवल एक प्राकृतिक घटना नहीं बल्कि यह संदेश भी है कि प्रकृति के अपने नियम हैं और उसके सामने मनुष्य की शक्ति सीमित है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">असम के अनेक जिलों में हजारों लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। सैकड़ों गांव पानी में घिर गए हैं। खेतों में खड़ी फसलें डूब गई हैं। पशुधन भी संकट में है। रेल संपर्क बाधित हो गया है और लोगों का सामान्य जीवन अस्त व्यस्त हो गया है। यह केवल असम की समस्या नहीं बल्कि पूरे देश के लिए चिंता का विषय है क्योंकि प्राकृतिक आपदाएं किसी एक क्षेत्र तक सीमित नहीं रहतीं। कभी पहाड़ों में बादल फटते हैं तो कभी मैदानों में नदियां उफान पर आ जाती हैं। कहीं समुद्र तूफान लेकर आता है तो कहीं सूखा लोगों की जिंदगी कठिन बना देता है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">अरुणाचल प्रदेश में लगातार हो रही वर्षा ने भी स्थिति को गंभीर बना दिया है। पहाड़ों से उतरने वाला पानी असम की नदियों में पहुंचा और बाढ़ का स्वरूप और भी भयावह हो गया। यह प्रकृति का वही चक्र है जिसे मनुष्य पूरी तरह नियंत्रित नहीं कर सकता। विज्ञान ने अनेक उपलब्धियां हासिल की हैं लेकिन आज भी बादलों को आदेश नहीं दिया जा सकता कि वे कहां बरसें और कितनी देर तक बरसें। यही कारण है कि कुदरत के सामने हर व्यक्ति समान रूप से असहाय दिखाई देता है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">मॉनसून भारत की जीवनरेखा माना जाता है। देश की कृषि का बड़ा हिस्सा आज भी वर्षा पर निर्भर है। अच्छी बारिश होती है तो खेतों में हरियाली छा जाती है और किसानों के चेहरे खिल उठते हैं। लेकिन यही बारिश जब सीमा से अधिक हो जाती है तब वही जीवनदायिनी जलधारा विनाश का कारण बन जाती है। इस बार भी यही देखने को मिला। जहां देश के कई हिस्सों में लोग बारिश का इंतजार करते रहे वहीं असम में इतनी अधिक वर्षा हुई कि लोगों के घर और खेत पानी में डूब गए। प्रकृति का यही विरोधाभास उसे रहस्यमयी और करिश्माई बनाता है।</div>
<div style="text-align:justify;">देश के अनेक किसान इस समय कठिन परिस्थिति का सामना कर रहे हैं। कहीं बारिश नहीं होने से बुवाई प्रभावित हुई है तो कहीं अत्यधिक वर्षा ने तैयारियां बिगाड़ दी हैं। खेती पूरी तरह मौसम पर आधारित है और मौसम का मिजाज हर वर्ष बदलता रहता है। किसान मेहनत करता है लेकिन अंतिम निर्णय प्रकृति के हाथ में होता है। यही कारण है कि भारतीय किसान सदियों से धरती और आकाश दोनों को समान श्रद्धा से देखता आया है। उसे पता है कि मेहनत उसकी है लेकिन सफलता का आशीर्वाद प्रकृति देती है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इस वर्ष अधिक मास के कारण लोगों के बीच यह चर्चा भी रही कि मॉनसून देर से आया। चाहे इसके धार्मिक या सांस्कृतिक संदर्भ अलग हों लेकिन वैज्ञानिक दृष्टि से मॉनसून का आगमन समुद्री हवाओं तापमान और वायुमंडलीय परिस्थितियों पर निर्भर करता है। फिर भी भारतीय समाज में प्रकृति और आस्था का गहरा संबंध रहा है। लोग वर्षा को केवल मौसम नहीं बल्कि ईश्वर की कृपा भी मानते हैं। जब समय पर बारिश होती है तो खुशियां आती हैं और जब अत्यधिक या कम वर्षा होती है तो चिंता बढ़ जाती है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">असम की बाढ़ ने यह भी सिखाया है कि प्राकृतिक आपदाओं से मुकाबला केवल सरकारी प्रयासों से नहीं बल्कि समाज की सामूहिक भागीदारी से भी संभव है। राहत और बचाव कार्य तेजी से चलना चाहिए। प्रभावित परिवारों तक भोजन दवाइयां और सुरक्षित आश्रय पहुंचाना सबसे पहली जिम्मेदारी है। बच्चों महिलाओं और बुजुर्गों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान देना होगा। जिन किसानों की फसलें और पशुधन प्रभावित हुए हैं उन्हें आर्थिक सहायता मिलनी चाहिए ताकि वे दोबारा अपने जीवन को संभाल सकें।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">केंद्रीय गृह मंत्री द्वारा राज्य सरकार से लगातार संपर्क बनाए रखना और राहत कार्यों की समीक्षा करना सकारात्मक पहल है। ऐसे समय में राजनीति से ऊपर उठकर केवल मानवता को प्राथमिकता देनी चाहिए। प्राकृतिक आपदा किसी दल या क्षेत्र को देखकर नहीं आती। उसका सामना पूरे समाज को मिलकर करना पड़ता है। यही भारतीय संस्कृति की सबसे बड़ी ताकत भी है कि संकट की घड़ी में लोग एक दूसरे का हाथ थाम लेते हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">आज आवश्यकता केवल राहत पहुंचाने की नहीं बल्कि भविष्य के लिए बेहतर तैयारी करने की भी है। नदियों के किनारे मजबूत सुरक्षा व्यवस्था जल निकासी की प्रभावी योजना समय पर चेतावनी प्रणाली और पर्यावरण संरक्षण जैसे उपाय भविष्य में नुकसान कम कर सकते हैं। जंगलों की अंधाधुंध कटाई और प्राकृतिक संसाधनों के असंतुलित दोहन ने भी कई क्षेत्रों में बाढ़ और भूस्खलन की घटनाओं को बढ़ाया है। यदि मनुष्य प्रकृति के साथ संतुलन बनाकर चलेगा तो आपदाओं की तीव्रता को कुछ हद तक कम किया जा सकता है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">कुदरत का अपना अद्भुत स्वभाव है। वही धरती को हरियाली देती है वही नदियों को जीवन देती है वही अन्न उपजाती है और वही कभी कभी अपनी अपार शक्ति का परिचय भी देती है। मनुष्य ने ऊंची इमारतें बना लीं आधुनिक तकनीक विकसित कर ली और अंतरिक्ष तक पहुंच गया लेकिन बादलों की चाल और नदियों के वेग के सामने आज भी उसकी सीमाएं स्पष्ट दिखाई देती हैं। यही प्रकृति का सबसे बड़ा करिश्मा है कि वह जीवन भी देती है और समय आने पर विनम्रता का पाठ भी पढ़ाती है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">असम की बाढ़ केवल एक समाचार नहीं बल्कि पूरे देश के लिए चेतावनी और सीख है। हमें प्रकृति का सम्मान करना होगा उसके संतुलन को बनाए रखना होगा और आपदाओं से निपटने की तैयारी को मजबूत करना होगा। बारिश जीवन का उत्सव भी है और जिम्मेदारी की परीक्षा भी। जब तक संतुलन बना रहता है तब तक वर्षा अमृत बनकर बरसती है लेकिन जब संतुलन बिगड़ता है तब वही जल प्रलय का रूप ले लेता है। इसलिए आवश्यक है कि हम प्रकृति को जीतने का नहीं बल्कि उसके साथ सामंजस्य बनाकर चलने का प्रयास करें क्योंकि कुदरत के विराट स्वरूप के सामने अंततः हर मनुष्य विनम्र और लाचार ही दिखाई देता है।</div>
<div style="text-align:justify;"><strong>          *कांतिलाल मांडोत*</strong></div>
<div class="yj6qo" style="text-align:justify;"> </div>
<div class="adL" style="text-align:justify;"> </div>
</div>
<div class="adL" style="text-align:justify;"> </div>
</div>
</div>
</div>
<div class="WhmR8e"></div>
</div>
</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 30 Jun 2026 16:09:06 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बराक घाटी में हाईकोर्ट की स्थायी बेंच की मांग तेज, कार्यान्वयन समिति का पुनर्गठन।</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>शिलचर,: </strong>   बराक घाटी में गुवाहाटी हाईकोर्ट की एक स्थायी बेंच स्थापित करने की मांग को अधिक संगठित और मजबूत बनाने के उद्देश्य से गुवाहाटी हाईकोर्ट बेंच कार्यान्वयन समिति की एक आपात बैठक 20 जून (शनिवार ) शाम 4 बजे शिलचर के नजरपट्टी स्थित रूपम क्लब हाउस में आयोजित की गई। समिति के अध्यक्ष ध्रुव कुमार साहा की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में कई महत्वपूर्ण संगठनात्मक निर्णय लिए गए।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">बैठक में सर्वसम्मति से वरिष्ठ समाजसेवी निखिल पाल को समिति का महासचिव नियुक्त किया गया। साथ ही, अनिर्बाण भौमिक को संयुक्त सचिव, सायन चक्रवर्ती को प्रचार सचिव तथा शिक्षाविद प्रोफेसर विश्वतोष</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/181736/demand-for-permanent-bench-of-high-court-in-barak-valley"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/1001562629.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>शिलचर,: </strong>  बराक घाटी में गुवाहाटी हाईकोर्ट की एक स्थायी बेंच स्थापित करने की मांग को अधिक संगठित और मजबूत बनाने के उद्देश्य से गुवाहाटी हाईकोर्ट बेंच कार्यान्वयन समिति की एक आपात बैठक 20 जून (शनिवार ) शाम 4 बजे शिलचर के नजरपट्टी स्थित रूपम क्लब हाउस में आयोजित की गई। समिति के अध्यक्ष ध्रुव कुमार साहा की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में कई महत्वपूर्ण संगठनात्मक निर्णय लिए गए।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">बैठक में सर्वसम्मति से वरिष्ठ समाजसेवी निखिल पाल को समिति का महासचिव नियुक्त किया गया। साथ ही, अनिर्बाण भौमिक को संयुक्त सचिव, सायन चक्रवर्ती को प्रचार सचिव तथा शिक्षाविद प्रोफेसर विश्वतोष चौधुरी को समिति का सलाहकार नियुक्त किया गया। नए पदाधिकारियों को शामिल कर आंदोलन को अधिक गतिशील और व्यापक स्तर तक पहुंचाने के लिए समिति को और मजबूत करने का निर्णय लिया गया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">बैठक में समिति द्वारा तैयार किए गए विज़न दस्तावेज़ पर विस्तार से चर्चा की गई। इसके साथ ही, स्थायी बेंच की स्थापना की मांग को लेकर चलाए जा रहे जन-हस्ताक्षर अभियान को और व्यापक बनाने पर विशेष जोर दिया गया। इस उद्देश्य से आगामी दिनों में श्रीभूमि और हैलाकांडी जिलों में जन-हस्ताक्षर अभियान को तेज़ करने की योजना बनाई गई।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इसके अतिरिक्त, अगले सप्ताह के भीतर असम विश्वविद्यालय और गुरুচरण विश्वविद्यालय में जन-हस्ताक्षर अभियान चलाने का निर्णय लिया गया। छात्रों, शिक्षकों और बुद्धिजीवी वर्ग की सक्रिय भागीदारी के माध्यम से आंदोलन को और मजबूत बनाने के विषय पर भी गंभीरता से चर्चा हुई।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">बैठक में उपस्थित सदस्यों ने मत व्यक्त किया कि बराक घाटी और दीमा हसाओ जिले के लाखों लोगों को त्वरित, सुलभ और किफायती न्याय उपलब्ध कराने के लिए गुवाहाटी हाईकोर्ट की एक स्थायी बेंच समय की मांग है। इस मांग को जनआंदोलन का रूप देने तथा समाज के सभी वर्गों का सहयोग और समर्थन प्राप्त करने के उद्देश्य से भविष्य में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित करने का भी निर्णय लिया गया।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/181736/demand-for-permanent-bench-of-high-court-in-barak-valley</link>
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                <pubDate>Sat, 20 Jun 2026 21:03:25 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सिलापथार में आसू का संकल्प दिवस</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>असम धेमाजी-</strong> 6 मार्च, 2017 को सिलापथार में सांप्रदायिक संगठन निब्बास' की एक बड़ी मीटिंग हुई। मीटिंग के बाद, रैली निकाली गई रैली कर कुछ लोगों ने सिलापथार शहीद भवन पर अचानक हमला कर देते है। सुधाकांतडॉ भूपेन हजारिका और विष्णु-ज्योति की मूर्तियों को भी नुकसान पहुंचाने के बाद शहीद भवन के कई फर्नीचर को भी तोड़फोड़ किया।सिलापथार कांड के बाद प्रति वर्ष आसू ने बहर के साम्प्रदायिक अपशक्ति के खिलाफ एकजुट होकर मुक़ाबिला करने के  लिए इलाके की हर वर्ग के लोगों को साथ लेकर संकल्प दिवस पालन करते आ रहे है।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">आज उस कला दिन को स्मरण करते</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/172612/aasus-resolution-day-in-silapathar"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-03/1000507941.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>असम धेमाजी-</strong> 6 मार्च, 2017 को सिलापथार में सांप्रदायिक संगठन निब्बास' की एक बड़ी मीटिंग हुई। मीटिंग के बाद, रैली निकाली गई रैली कर कुछ लोगों ने सिलापथार शहीद भवन पर अचानक हमला कर देते है। सुधाकांतडॉ भूपेन हजारिका और विष्णु-ज्योति की मूर्तियों को भी नुकसान पहुंचाने के बाद शहीद भवन के कई फर्नीचर को भी तोड़फोड़ किया।सिलापथार कांड के बाद प्रति वर्ष आसू ने बहर के साम्प्रदायिक अपशक्ति के खिलाफ एकजुट होकर मुक़ाबिला करने के  लिए इलाके की हर वर्ग के लोगों को साथ लेकर संकल्प दिवस पालन करते आ रहे है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">आज उस कला दिन को स्मरण करते हुए आसू के धेमाजी जिला समिति ने सिलापथार आंचलिक समिति की मदद से सिलापथार वासियों लोगों की सहयोग से सिलापथार शहीद भवन आंगन में संकल्प दिवस का आयोजन किया।सुबह शहीदों को श्रद्धांजलि देने के बाद, नगर में एक जुलूस निकाला गया , अनुष्ठान में आमंत्रण किए गए कलाकारों के दीहानाम के बाद सावधान रहने के लिए हाथ में हाथ पकड़कर संकल्प लिया गया ताकि बहार की बुरी ताकतें भविष्य में सिलापथार के लोगों बीच के रिश्ते को खराब न कर सकें।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>असम हिमाचल प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 06 Mar 2026 19:07:18 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>धेमाजी में मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री डॉ  हीमंता बिस्वा शर्मा ने नवनिर्मित जिला आयुक्त  कार्यालय का किया उद्घाटन</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>असम धेमाजी।</strong> असम के मुख्यमंत्री हिमांता विश्व शर्मा ने आज धेमाजी जिले में दो कार्यकमों में भाग लिया मुख्यमंत्री ने धेमाजी जिले सदर में 35 करोड़ के लगत से निर्मित जिला आयुक्त कार्यालय का शुभ उद्घाटन कर जिले में राजश विभाग द्वारा जिले मे भूमि पट्टा वितरण अनुष्ठान में भाग लिया। मुख्यमंत्री ने लोगों को संबोधित करते हुए कहा असम भूमि के समस्या बड़ी जटिल समस्या थे पहाड़ के भूमि को जलाशय के भूमि पर दर्ज किया हुआ था।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">जब हमारा सरकार आया 2021 में हम पहे मिशन वसुन्धरा 1 के जरिए 30 हजार परिवारों को भूमि का पट्टा प्रधान</div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/171804/chief-minister-chief-minister-dr-himanta-biswa-sharma-inaugurated-the"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-02/1000501158.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>असम धेमाजी।</strong> असम के मुख्यमंत्री हिमांता विश्व शर्मा ने आज धेमाजी जिले में दो कार्यकमों में भाग लिया मुख्यमंत्री ने धेमाजी जिले सदर में 35 करोड़ के लगत से निर्मित जिला आयुक्त कार्यालय का शुभ उद्घाटन कर जिले में राजश विभाग द्वारा जिले मे भूमि पट्टा वितरण अनुष्ठान में भाग लिया। मुख्यमंत्री ने लोगों को संबोधित करते हुए कहा असम भूमि के समस्या बड़ी जटिल समस्या थे पहाड़ के भूमि को जलाशय के भूमि पर दर्ज किया हुआ था।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">जब हमारा सरकार आया 2021 में हम पहे मिशन वसुन्धरा 1 के जरिए 30 हजार परिवारों को भूमि का पट्टा प्रधान किया। मिशन वसुंधरा 2.0 में 10 लाख परिवारों ने आवेदन किया। आज असम के लिए एक 1लाख 5 हजार लोगों को आज भूमि पट्टा दिया जाएगा जिसमें धेमाजी जिले की 4050 परिवारों को भूमि का पट्टा दिया जाएगा। आज एक ऐतिहासिक दिन हे आज इस कार्यक्रम को असम के 98 चुनावी सत्रों के लोगों ने देख रही है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">आज वसुन्धरा 3.0 के जरिए असम में 160372 आवेदन मिला था जिसमें आज 2213 क्लब,म्यूजिक स्कूल 13637 मंदिर, नामघर, स्कूल के भूमि के पट्टा दिया गया। नॉन कैजेस्टेड 903 गांव में 769 गांव को सर्वे कर पट्टा देने का व्यवस्था करने की भी बात की है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">मुख्यमंत्री ने असम में बांग्लादेशी मुसलमान लोगों को छोड़कर सभी को पट्टा देने की बात की उन्होंने इए भी कहा कि हमने 1.5 लाख बीघा जमीन असम बेदखल से मुक्त किया और आनेवाले दिनों में 5 लाख बीघा जमीन बेदखल मुख करने का इरादा हैं।आज के अनुष्ठान में राज्य सरकार के रेवेन्यू मंत्री केशव महंत, मंत्री डॉ रणुज पेगू, सांसद प्रधान बरुआ, विधायक भुवन पेगू, चक्रधर गोगोई, बोलिन चेतिया, प्रशांत फूकन , मानव डेका सहित सभा में 20 हजारों से अधिक लोगों ने भाग लिया।</div>
</div>
<div class="yj6qo" style="text-align:justify;"> </div>
<div class="adL" style="text-align:justify;"> </div>
</div>
</div>
</div>
<div class="hq gt" style="text-align:justify;"></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>असम हिमाचल प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 27 Feb 2026 21:32:44 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>जुबिन की याद में विभिन्न समाजों के लोगों ने शोक सभा और मौन जुलूस श्रीभूमि जिले में मनाया गया</title>
                                    <description><![CDATA[<div>
<blockquote class="format1"><strong>श्रीभूमि संवाददाता: स्वतंत्र प्रभात</strong></blockquote>
</div>
<div>  </div>
<div>असम के प्रसिद्ध गायक जुबिन गर्ग के असामयिक निधन पर विष्णुप्रिया मणिपुरी और अन्य समाज के लोगों ने मिलकर जुबिन गर्ग के निधन पर शोक सभा और मौन जुलूस गत 23 सितंबर (मंगलवार) को श्रीभूमि जिला के दुल्लभछड़ा में आयोजित किया।</div>
<div>  </div>
<div><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2025-09/1000972272.jpg" alt="जुबिन ने अपने बचपन और किशोरावस्था के दिन श्रीभूमि में बिताए थे।" width="786" height="385" /></div>
<div>  </div>
<div>विभिन्न समाजों के लोगों की ओर से गहरा शोक प्रकट किया गया। शोक सभा में प्रसिद्ध समाजसेवियों ने जुबिन गर्ग के प्रति श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए भाषण दिया। उनके भाषण में जुबिन गर्ग के श्रीभूमि में रहने के दिनों की बातें बताई गईं। जुबिन ने अपने बचपन और किशोरावस्था के दिन श्रीभूमि में बिताए थे।</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/155837/in-memory-of-zubin-people-of-various-societies-celebrated-the"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-09/1000972273.jpg" alt=""></a><br /><div>
<blockquote class="format1"><strong>श्रीभूमि संवाददाता: स्वतंत्र प्रभात</strong></blockquote>
</div>
<div> </div>
<div>असम के प्रसिद्ध गायक जुबिन गर्ग के असामयिक निधन पर विष्णुप्रिया मणिपुरी और अन्य समाज के लोगों ने मिलकर जुबिन गर्ग के निधन पर शोक सभा और मौन जुलूस गत 23 सितंबर (मंगलवार) को श्रीभूमि जिला के दुल्लभछड़ा में आयोजित किया।</div>
<div> </div>
<div><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2025-09/1000972272.jpg" alt="जुबिन ने अपने बचपन और किशोरावस्था के दिन श्रीभूमि में बिताए थे।" width="786" height="385"></img></div>
<div> </div>
<div>विभिन्न समाजों के लोगों की ओर से गहरा शोक प्रकट किया गया। शोक सभा में प्रसिद्ध समाजसेवियों ने जुबिन गर्ग के प्रति श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए भाषण दिया। उनके भाषण में जुबिन गर्ग के श्रीभूमि में रहने के दिनों की बातें बताई गईं। जुबिन ने अपने बचपन और किशोरावस्था के दिन श्रीभूमि में बिताए थे। उन्होंने विभिन्न भाषाओं में 40,हजार गाने गाए और लोगों के बीच हमेशा जिंदा रहेंगे।</div>
<div> </div>
<div><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2025-09/1000972274.jpg" alt="जुबिन ने अपने बचपन और किशोरावस्था के दिन श्रीभूमि में बिताए थे।" width="794" height="440"></img></div>
<div> </div>
<div>दुल्लभछड़ा में भाषा शहीद सुदेष्णा की प्रतिमा के पास सभी ने हाथों में मोमबत्ती लेकर दुल्लभछड़ा स्टेशन रोड से पोस्ट ऑफिस तक जुबिन की तस्वीर और उनके गाने बजाते हुए सड़क परिक्रमा की और उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। वहाँ क्षेत्र के विभिन्न स्थानों से महिलाएँ और पुरुष छोटे बच्चे उपस्थित थे।</div>
<div> </div>
<div>
<div class="youtubeplayer-responsive-iframe-outer"><iframe class="youtubeplayer-responsive-iframe" title="YouTube video player" src="https://www.youtube.com/embed/zdX6lLSaGEc" width="560" height="315" frameborder="0" allowfullscreen=""></iframe></div>
</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>असम हिमाचल प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 24 Sep 2025 18:43:12 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>समाज के कल्याण के लिए मुख्यमंत्री के बाढ़ राहत कोष में समाजसेवी जूनल हुसैन ने पांच लाख रुपये दान किए।</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>श्रीभूमि संवाददाता स्वतंत्र प्रभात :</strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">असम श्रीभूमि जिले के दौरे पर आए राज्य के असम के लोकप्रिय मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने बाढ़ की स्थिति का निरीक्षण किया। इस दिन श्रीभूमि जिले के जिलाधिकारियों की सम्मेलन कक्ष में बैठकर, उन्होंने पहले विभिन्न सरकारी विभागों के अधिकारियों से हाल की बाढ़ और नदी कटाव की जानकारी ली और जिले के सहयोग से बाढ़ का सामना करने के लिए हर संभव प्रयास करने का आश्वासन दिया।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">इस दिन स्थानीय विभिन्न संगठनों सहित ठेकेदार ने भी मुख्यमंत्री के राहत कोष में एक-एक करके चेक सौंपे। इसके बाद श्रीभूमि जिले के कचुखाउरी गांव के</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/152451/junal-hussain-donated-five-lakh-rupees-in-the-chief-ministers"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-06/1000744414.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>श्रीभूमि संवाददाता स्वतंत्र प्रभात :</strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">असम श्रीभूमि जिले के दौरे पर आए राज्य के असम के लोकप्रिय मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने बाढ़ की स्थिति का निरीक्षण किया। इस दिन श्रीभूमि जिले के जिलाधिकारियों की सम्मेलन कक्ष में बैठकर, उन्होंने पहले विभिन्न सरकारी विभागों के अधिकारियों से हाल की बाढ़ और नदी कटाव की जानकारी ली और जिले के सहयोग से बाढ़ का सामना करने के लिए हर संभव प्रयास करने का आश्वासन दिया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इस दिन स्थानीय विभिन्न संगठनों सहित ठेकेदार ने भी मुख्यमंत्री के राहत कोष में एक-एक करके चेक सौंपे। इसके बाद श्रीभूमि जिले के कचुखाउरी गांव के प्रसिद्ध व्यक्ति और समाजसेवी, तथा जिले के ठेकेदार जूनल हुसैन ने समाज के कल्याण के लिए मुख्यमंत्री के बाढ़ राहत कोष में पांच लाख रुपये दान किए। ६ जून (शुक्रवार) को श्रीभूमि जिलाधीश द्विवेदी की उपस्थिति में लोकप्रिय मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा के राहत कोष में पांच लाख रुपये का चेक सौंपकर समाज कल्याण के लिए सहयोग का हाथ बढ़ाया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">मुख्यमंत्री ने जूनल हुसैन की प्रशंसा की। उक्त कार्यक्रम में मंत्री पीयूष हजारिका, मंत्री कौशिक राय, मंत्री कृष्णेंदु पॉल और श्रीभूमि के सांसद कृपानाथ मालाह, रामकृष्णनगर विधायक विजय मालाकर, साथ ही प्रशासन के अधिकारी और विभिन्न सरकारी विभागीय अधिकारी और श्रीभूमि जिले के भाजपा के पार्टी अधिकारी उपस्थित थे।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>असम हिमाचल प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 07 Jun 2025 18:45:01 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Media]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>असम श्रीभूमि जिले के दुल्लभछड़ा सिंगला नदी के ऊपर सबवे की खस्ता हालत से लोग परेशान हैं</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div>
<div><strong>असम श्रीभूमि -</strong> असम श्रीभूमि जिले के दुल्लभछड़ा सिंगला नदी के ऊपर स्थित आरसीसी पुल की मरम्मत कार्य जारी है। हालांकि, जनता की आवाजाही को सुविधाजनक बनाने के लिए आवंटित ठेकेदार ने एक सबवे का निर्माण किया है ताकि छोटा वाहन आसानी से चल सके। लेकिन आवंटित ठेकेदार ने सबवे में लकड़ी की जगह बांस का उपयोग किया है, जिसके कारण दिनों-दिन हल्के वाहनों के दबाव में बांस टूटने और कमजोर होने लगे हैं।</div>
<div>  </div>
<div>इससे दुर्घटना की संभावनाओं को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है, ऐसा जागरूक लोगों का मानना है। इस पर प्रभावी कदम उठाने के लिए असम के</div></div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/151772/people-are-disturbed-by-the-poor-condition-of-the-subway"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-05/1000691927.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div>
<div><strong>असम श्रीभूमि -</strong> असम श्रीभूमि जिले के दुल्लभछड़ा सिंगला नदी के ऊपर स्थित आरसीसी पुल की मरम्मत कार्य जारी है। हालांकि, जनता की आवाजाही को सुविधाजनक बनाने के लिए आवंटित ठेकेदार ने एक सबवे का निर्माण किया है ताकि छोटा वाहन आसानी से चल सके। लेकिन आवंटित ठेकेदार ने सबवे में लकड़ी की जगह बांस का उपयोग किया है, जिसके कारण दिनों-दिन हल्के वाहनों के दबाव में बांस टूटने और कमजोर होने लगे हैं।</div>
<div> </div>
<div>इससे दुर्घटना की संभावनाओं को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है, ऐसा जागरूक लोगों का मानना है। इस पर प्रभावी कदम उठाने के लिए असम के लोकप्रिय मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा और रामकृष्णनगर विधायक विजय मालाकार के साथ-साथ लोक निर्माण विभागीय अधिकारियों का ध्यान आकर्षित किया।</div>
</div>
</div>
</div>
<div class="yj6qo"> </div>
<div class="adL"> </div>
</div>
</div>
<div class="hq gt"></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>जन समस्याएं</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 10 May 2025 16:49:02 +0530</pubDate>
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