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                <title>Dengue - Swatantra Prabhat</title>
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                <description>Dengue RSS Feed</description>
                
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                <title>मच्छर जानलेवा है, जागरूकता और स्वच्छता ही बचाव का सबसे बड़ा हथियार</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;">मच्छर आकार में भले ही बहुत छोटा जीव है, लेकिन मानव स्वास्थ्य के लिए इसका खतरा बेहद बड़ा है। दुनिया में अनेक गंभीर संक्रामक बीमारियों के प्रसार में मच्छरों की महत्वपूर्ण भूमिका है। मलेरिया, डेंगू, चिकनगुनिया, जापानी इंसेफलाइटिस, जीका, पीला बुखार और फाइलेरियासिस जैसी बीमारियां मच्छरों के माध्यम से फैलती हैं। इन बीमारियों के कारण हर वर्ष बड़ी संख्या में लोग बीमार पड़ते हैं और कई मामलों में स्थिति गंभीर भी हो जाती है। इसलिए मच्छर को केवल परेशान करने वाला कीट मानना उचित नहीं है। यह मानव जीवन के लिए गंभीर स्वास्थ्य चुनौती है।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">हर वर्ष 20 अगस्त को</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/185518/mosquitoes-are-deadly-awareness-and-cleanliness-are-the-biggest-weapons"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-08/1002168092.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;">मच्छर आकार में भले ही बहुत छोटा जीव है, लेकिन मानव स्वास्थ्य के लिए इसका खतरा बेहद बड़ा है। दुनिया में अनेक गंभीर संक्रामक बीमारियों के प्रसार में मच्छरों की महत्वपूर्ण भूमिका है। मलेरिया, डेंगू, चिकनगुनिया, जापानी इंसेफलाइटिस, जीका, पीला बुखार और फाइलेरियासिस जैसी बीमारियां मच्छरों के माध्यम से फैलती हैं। इन बीमारियों के कारण हर वर्ष बड़ी संख्या में लोग बीमार पड़ते हैं और कई मामलों में स्थिति गंभीर भी हो जाती है। इसलिए मच्छर को केवल परेशान करने वाला कीट मानना उचित नहीं है। यह मानव जीवन के लिए गंभीर स्वास्थ्य चुनौती है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">हर वर्ष 20 अगस्त को विश्व मच्छर दिवस मनाया जाता है। यह दिवस ब्रिटिश चिकित्सक सर रोनाल्ड रॉस की ऐतिहासिक खोज की स्मृति में मनाया जाता है। 20 अगस्त 1897 को रॉस ने यह महत्वपूर्ण प्रमाण प्रस्तुत किया कि मादा एनोफिलीज मच्छर मलेरिया के परजीवी को फैलाने में भूमिका निभाती है। इस खोज ने मलेरिया के संक्रमण और उसके नियंत्रण को समझने की दिशा में चिकित्सा विज्ञान को नई राह दिखाई। रॉस को बाद में वर्ष 1902 में चिकित्सा के क्षेत्र में नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया गया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">विश्व मच्छर दिवस का उद्देश्य केवल इस वैज्ञानिक उपलब्धि को याद करना नहीं है, बल्कि लोगों को मच्छरजनित बीमारियों के खतरे और उनसे बचाव के उपायों के प्रति जागरूक करना भी है। यह दिन हमें याद दिलाता है कि बीमारी फैलने के बाद उपचार करने से बेहतर है कि मच्छरों के प्रजनन को रोककर बीमारी की आशंका को ही कम किया जाए।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">मलेरिया मच्छर से फैलने वाली सबसे पुरानी और गंभीर बीमारियों में से एक है। यह प्लास्मोडियम परजीवी के कारण होता है और संक्रमित मादा एनोफिलीज मच्छर के काटने से फैलता है। बुखार, ठंड लगना, पसीना आना, सिरदर्द और कमजोरी इसके सामान्य लक्षण हो सकते हैं। समय पर जांच और उचित उपचार मिलने पर मलेरिया का इलाज संभव है, लेकिन लापरवाही की स्थिति में यह गंभीर और जानलेवा रूप ले सकता है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">डेंगू भी मच्छरजनित बीमारी है, जो मुख्य रूप से संक्रमित एडीज मच्छरों से फैलती है। तेज बुखार, सिरदर्द, शरीर में दर्द, मतली और कमजोरी इसके सामान्य लक्षण हैं। कुछ मामलों में डेंगू गंभीर रूप ले सकता है, इसलिए लगातार या तेज बुखार होने पर चिकित्सकीय सलाह लेना आवश्यक है। डेंगू की रोकथाम में मच्छरों के प्रजनन स्थलों को समाप्त करना सबसे महत्वपूर्ण उपायों में शामिल है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">चिकनगुनिया भी एडीज मच्छरों से फैलता है। इसमें बुखार के साथ जोड़ों में दर्द, सिरदर्द और थकान जैसी समस्याएं हो सकती हैं। जापानी इंसेफलाइटिस तंत्रिका तंत्र को प्रभावित करने वाली गंभीर बीमारी है। जीका वायरस भी एडीज मच्छरों के माध्यम से फैल सकता है और गर्भावस्था के दौरान विशेष चिंता का विषय हो सकता है। इसके अलावा पीला बुखार और फाइलेरियासिस भी मच्छरों से फैलने वाली महत्वपूर्ण बीमारियां हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">मच्छरों के बारे में एक महत्वपूर्ण तथ्य यह है कि सामान्यतः मादा मच्छर ही मनुष्य और अन्य जीवों का रक्त चूसती हैं। मादा मच्छर को अंडों के विकास के लिए आवश्यक पोषक तत्व प्राप्त करने के लिए रक्त की आवश्यकता होती है। नर मच्छर मुख्य रूप से पौधों के रस और अन्य वनस्पति स्रोतों पर निर्भर रहते हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">मच्छर मनुष्य तक पहुंचने के लिए सांस से निकलने वाली कार्बन डाइऑक्साइड, शरीर की गर्मी और गंध जैसे संकेतों का उपयोग करते हैं। इसी कारण वे मनुष्यों को आसानी से खोज लेते हैं। मच्छरों की अलग-अलग प्रजातियों का व्यवहार और बीमारी फैलाने की क्षमता भी अलग होती है। इसलिए मच्छर नियंत्रण के लिए वैज्ञानिक निगरानी और स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार उपाय करना आवश्यक है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">मच्छरों के प्रजनन को रोकने का सबसे प्रभावी तरीका उनके प्रजनन स्थलों को समाप्त करना है। घरों के आसपास जमा पानी मच्छरों के लिए अनुकूल वातावरण बनाता है। कूलर, गमले, पुराने टायर, खाली डिब्बे, छत पर रखे पात्र, पानी की टंकियां और अन्य बर्तन यदि खुले हों तो उनमें मच्छर पनप सकते हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">बारिश के मौसम में इस खतरे को लेकर विशेष सावधानी आवश्यक है। घर और आसपास पानी जमा नहीं होने देना चाहिए। पानी की टंकियों और बर्तनों को ढककर रखना चाहिए। कूलर का पानी नियमित रूप से बदलना और उसकी सफाई करना जरूरी है। छत, नालियों और खाली प्लॉटों में पानी जमा होने पर भी तत्काल ध्यान देना चाहिए। मच्छरों का जीवन चक्र रोकने के लिए छोटी-सी मात्रा में जमा पानी को भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">मच्छरों से बचाव के लिए घर की सफाई के साथ व्यक्तिगत सुरक्षा उपाय अपनाना भी आवश्यक है। सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग किया जा सकता है। आवश्यकता के अनुसार स्वीकृत मच्छररोधी साधनों का इस्तेमाल भी किया जा सकता है। खिड़कियों और दरवाजों पर जाली लगाने से मच्छरों के घर में प्रवेश को कम किया जा सकता है। यदि किसी व्यक्ति को तेज या लगातार बुखार, अत्यधिक कमजोरी, लगातार उल्टी, असामान्य रक्तस्राव या अन्य गंभीर लक्षण दिखाई दें तो चिकित्सकीय सलाह लेना जरूरी है। मच्छरजनित बीमारी की आशंका में स्वयं दवा लेने के बजाय उचित जांच और डॉक्टर की सलाह को प्राथमिकता देनी चाहिए।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">मच्छरों की संख्या और बीमारी फैलाने वाली प्रजातियों को नियंत्रित करना आवश्यक है, लेकिन सभी मच्छरों को पूरी तरह समाप्त कर देना व्यावहारिक समाधान नहीं माना जाता। मच्छर पारिस्थितिकी तंत्र का हिस्सा हैं और अनेक जीव उन्हें भोजन के रूप में उपयोग करते हैं। इसलिए वैज्ञानिक दृष्टिकोण मच्छरों की उन प्रजातियों और आबादी को नियंत्रित करने पर केंद्रित है जो मानव स्वास्थ्य के लिए अधिक जोखिम पैदा करती हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">वेक्टर निगरानी, पर्यावरणीय प्रबंधन, सुरक्षित कीटनाशक उपाय और आधुनिक वैज्ञानिक तकनीकों के माध्यम से मच्छरों की संख्या नियंत्रित करने के प्रयास किए जाते हैं। इसके साथ नागरिकों की भागीदारी भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। मच्छरों से लड़ाई केवल स्वास्थ्य विभाग या सरकार की जिम्मेदारी नहीं है। प्रत्येक नागरिक को इसमें अपनी भूमिका निभानी होगी। यदि घर साफ है लेकिन आसपास जलजमाव है तो मच्छरों का खतरा बना रहेगा। इसलिए मोहल्लों, गांवों और शहरों में सामूहिक स्वच्छता अभियान चलाना जरूरी है। स्थानीय प्रशासन को भी नियमित रूप से जलजमाव वाले क्षेत्रों की पहचान कर आवश्यक कार्रवाई करनी चाहिए।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">विश्व मच्छर दिवस हमें यह संदेश देता है कि एक छोटा-सा मच्छर भी बड़ी स्वास्थ्य चुनौती बन सकता है। मच्छरजनित बीमारियों से बचाव के लिए जागरूकता, स्वच्छता, वैज्ञानिक सोच और समय पर चिकित्सा आवश्यक है। यदि प्रत्येक व्यक्ति अपने घर और आसपास पानी जमा नहीं होने दे तथा स्वास्थ्य संबंधी सावधानियों को अपनाए, तो मच्छरजनित बीमारियों के प्रसार को काफी हद तक कम किया जा सकता है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">मच्छर छोटा जरूर है, लेकिन उसका खतरा बड़ा है। इसलिए विश्व मच्छर दिवस पर केवल जागरूकता की बातें करना पर्याप्त नहीं, बल्कि उन्हें दैनिक जीवन का हिस्सा बनाना जरूरी है। स्वच्छ वातावरण, सतर्क नागरिक और प्रभावी स्वास्थ्य व्यवस्था मिलकर ही मच्छरजनित बीमारियों के खिलाफ मजबूत सुरक्षा कवच तैयार कर सकते हैं। यही विश्व मच्छर दिवस की वास्तविक सार्थकता है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>कांतिलाल मांडोत</strong></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>संपादकीय</category>
                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 18 Aug 2026 18:46:53 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
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                <title>पिपरिया कप्तान में ड़ेंगू बुखार ने पसारे पैर, स्वास्थ विभाग मौन</title>
                                    <description><![CDATA[<div><strong>मोहम्मदी खीरी।</strong> तहसील मोहम्मदी क्षेत्र में डेंगू बुखार ने मचाया तांडव। प्रतिदिन मौतों का आंकड़ा बढ़ रहा है। उसी क्रम में तहसील मोहम्मदी के अंतर्गत ग्राम पंचायत पिपरिया कप्तान भी इस भयानक बीमारी की चपेट में आ चुका है।  ग्रामीणों के मुताबिक ड़ेंगू बुखार के चलते 8 मौतों का होना बड़ा चिंतित करने वाला विषय है, वहीं ग्राम पंचायत के लोगों ने प्रार्थना पत्र के माध्यम से डीएम,एसडीएम, सीएमओ व अधीक्षक से गांव में स्वास्थ्य कैंप लगाकर जांच एवं दवा मुहैया कराने के लिए गुहार लगायी है। वहीं अगर बात साफ सफाई की करी जाए तो वो भी खाना पूर्ति</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/136358/dengue-fever-spreads-in-pipariya-captain-health-department-silent"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2023-10/hindi-divas48.jpg" alt=""></a><br /><div><strong>मोहम्मदी खीरी।</strong> तहसील मोहम्मदी क्षेत्र में डेंगू बुखार ने मचाया तांडव। प्रतिदिन मौतों का आंकड़ा बढ़ रहा है। उसी क्रम में तहसील मोहम्मदी के अंतर्गत ग्राम पंचायत पिपरिया कप्तान भी इस भयानक बीमारी की चपेट में आ चुका है।  ग्रामीणों के मुताबिक ड़ेंगू बुखार के चलते 8 मौतों का होना बड़ा चिंतित करने वाला विषय है, वहीं ग्राम पंचायत के लोगों ने प्रार्थना पत्र के माध्यम से डीएम,एसडीएम, सीएमओ व अधीक्षक से गांव में स्वास्थ्य कैंप लगाकर जांच एवं दवा मुहैया कराने के लिए गुहार लगायी है। वहीं अगर बात साफ सफाई की करी जाए तो वो भी खाना पूर्ति लग रही है।</div>
<div> </div>
<div>जिम्मेदार गांव के प्रतिनिधि द्वारा साफ सफाई को लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा है। गांव के अंदर गंदगी के चलते मच्छरों का प्रकोप बढ़ता ही जा रहा है जिससे ग्रामीणों के चेहरों पर चिंता की लकीरें दिखाई दे रही हैं। दबी जवान में ग्रामीणों का आरोप है क्या ग्राम प्रधान द्वारा गांव पंचायत की साफ सफाई नहीं कराई जा सकती  क्या ग्राम प्रधान की कोई जिम्मेदारी नही बनती कि वह समस्त पंचायत में दवा का छिड़काव कराएं और साफ सफाई की जिम्मेदारी उठाएँ लेकिन नही,उधर ग्रामीणों का कहना है।</div>
<div> </div>
<div>आला अधिकारियों को चाहिए कि ग्राम पंचायत में जल्द से जल्द  स्वास्थ विभाग की और से कैंप लगाकर जाँच व दवाओं को मुहैया कराया जाए ताकि ये सुविधा उन गरीब तबके के लोगों को मिल सके जो इलाज करवाने में असमर्थ हैं, नही तो वो दिन दूर नही जो पड़ोस के ग्राम कैहमरिया में हुआ और जनता गाँव छोड़ने पर मजबूर हो गईं है।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्वास्थ्य-आरोग्य</category>
                                            <category>ख़बरें</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 29 Oct 2023 13:28:12 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Office Desk Lucknow]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>जनपद में मनाया गया राष्ट्रीय डेंगू दिवस</title>
                                    <description><![CDATA[<div><strong>स्वतंत्र प्रभात -</strong></div>
<div>  </div>
<div>  उन्नाव राष्ट्रीय डेंगू दिवस के मौके पर मंगलवार को मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय के सभागार में गोष्ठी आयोजित हुई। गोष्ठी की अध्यक्षता करते हुए मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर सत्य प्रकाश ने कहा कि इस साल राष्ट्रीय डेंगू दिवस "डेंगू को हराने के लिए मजबूत साझेदारी जरूरी"की थीम के तहत मनाया जा रहा है।</div>
<div>  </div>
<div>इसका मतलब किस सभी के सहयोग से ही हम इस बीमारी से निजात पा सकते हैं। उन्होंने बताया कि इस दिवस को मनाने का उद्देश्य लोगों को इस बीमारी से बचाव एवं लक्षणों के बारे में जागरूक करना है। डेंगू सहित अन्य वेक्टर जनित</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/129573/national-dengue-day-celebrated-in-the-district"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2023-05/जनपद-में-मनाया-गया-राष्ट्रीय-डेंगू-दिवस.jpg" alt=""></a><br /><div><strong>स्वतंत्र प्रभात -</strong></div>
<div> </div>
<div> उन्नाव राष्ट्रीय डेंगू दिवस के मौके पर मंगलवार को मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय के सभागार में गोष्ठी आयोजित हुई। गोष्ठी की अध्यक्षता करते हुए मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर सत्य प्रकाश ने कहा कि इस साल राष्ट्रीय डेंगू दिवस "डेंगू को हराने के लिए मजबूत साझेदारी जरूरी"की थीम के तहत मनाया जा रहा है।</div>
<div> </div>
<div>इसका मतलब किस सभी के सहयोग से ही हम इस बीमारी से निजात पा सकते हैं। उन्होंने बताया कि इस दिवस को मनाने का उद्देश्य लोगों को इस बीमारी से बचाव एवं लक्षणों के बारे में जागरूक करना है। डेंगू सहित अन्य वेक्टर जनित बीमारियां मानसून के आसपास बढ़ते तापमान के कारण यह समय मच्छरों के लिए अनुकूल होता है। हम सावधानी बरत कर ही बच सकते हैं। इसी क्रम में आज पूरे जिले के सभी पीएचसी -सीएचसी पर यह कार्यक्रम आयोजित कर लोगों को जागरुक किया जा रहा है। </div>
<div> </div>
<div>राष्ट्रीय वेक्टर जनित रोग नियंत्रण कार्यक्रम के नोडल अधिकारी डॉ अरविंद कुमार ने बताया डेंगू एक मच्छरों से फैलने वाला वायरल रोग है। डेंगू का मच्छर दिन के समय काटता है यह एडीज एजिपटाई मच्छर के काटने से होता है। मच्छर को पनपने से रोककर ही हम डेंगू ,मलेरिया, चिकनगुनिया आज मच्छर जनित रोगों से खुद के साथ घर परिवार को भी सुरक्षित रख सकते हैं। डेंगू के प्रसार का समय जुलाई से नवंबर तक माना जाता है।</div>
<div> </div>
<div>ऐसे में अपने घर के आस-पास जलजमाव न होने दें कूड़ा कचरा का निपटान सही तरीके से करते रहें तभी हम मच्छर जनित रोगों से बच सकते हैं। यह मच्छर घरों के अंदर व आसपास रुके हुए पानी साफ पानी में पनपता है जैसे कूलर के टंकी के पानी में, पक्षियों के पीने के बर्तन में, फ्रिज की ट्रे, फूलदान, नारियल का खोल, टूटे बर्तन, खाली कंटेनर, गमले व टायर आदि। इन सभी को सप्ताह में एक बार खाली व साफ करते रहना चाहिए। </div>
<div> </div>
<div>घर के अंदर या बाहर कहीं भी साफ पानी एकत्र न होने दें। साथ ही सोते समय मच्छरदानी का नियमित प्रयोग करें। पूरी बांह वाली कमीज और पैंट पहनें। इसी क्रम में जिला मलेरिया अधिकारी रमेश चंद्र ने बताया राष्ट्रीय डेंगू दिवस के अवसर पर जिले के समस्त चिकित्सालय में हेल्थ एंड वैलनेस सेंटर स्तर पर यह जागरूकता कार्यक्रम लोगों के बीच चलाया जा रहा है ताकि इससे बचाव के लिए अधिक से अधिक लोग जागरूक हो सके और डेंगू संबंधी बीमारियों से बच सके। इसी संदर्भ में जनपद की सभी नगर पालिका परिषद/नगर पंचायतो के वार्डो में साफ सफाई का कार्य प्राथमिकता के तौर पर कराया गया।</div>
<div> </div>
<div>जिला पंचायत राज विभाग द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में गांव स्तर पर व्यापक साफ-सफाई, नालियों से कचरे का निष्कासन, जल स्रोतों से जल निकासी, सोर्स रिडक्शन, एंटी लार्वा का छिड़काव तथा आवश्यकतानुसार फागिंग का भी कार्य सुनिश्चित कराया जा रहा है। इस गोष्ठी में पब्लिक हेल्थ ऑफिसर डॉक्टर अंकिता सिंह, जिला अपिडमोलॉजिस्ट रवि यादव, जोनल कोऑर्डिनेटर डब्ल्यूएचओ डॉक्टर नित्यानंद, समस्त सहायक मलेरिया अधिकारी, बेयोलॉजिस्ट, समस्त मलेरिया निरीक्षक फाइलेरिया निरीक्षक वरिष्ठ प्रयोगशाला तकनीशियन समस्त नगरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी चिकित्सा अधिकारी फार्मेसिस्ट आदि लोग उपस्थित रहे।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्वास्थ्य-आरोग्य</category>
                                            <category>ख़बरें</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 25 May 2023 23:12:28 +0530</pubDate>
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                <title>पीलीभीत नौगवा पकड़िया में डेंगू से एक और मौत, हड़कंप</title>
                                    <description><![CDATA[<div><strong>स्वतंत्र प्रभात </strong></div>
<div>  </div>
<div><strong>पीलीभीत। </strong>शहर से सटी नगर पंचायत नौगबा पकड़िया में सर्दी के बावजूद डेंगू का प्रकोप थमने का नाम नहीं ले रहा है डेंगू से पीड़ित एक और युवक की बीती रात शहर के अस्पताल में मौत हो गई उसकी मौत से घर में कोहराम मचा है परिजनों का रो रो कर बुरा हाल है इसके बावजूद स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह बेखबर नजर आ रहा है नगर पंचायत निवासी चंद्रसेन वर्मा के छोटे पुत्र राजवीर 17 वर्ष कि बीती रात डेंगू से मौत हो गई</div>
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<div>परिजनों के मुताबिक राजवीर को 6 दिसंबर को बुखार आने पर शहर के डॉक्टर</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/126143/one-more-death-due-to-dengue-in-pilibhit-naugawa-pakdia"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2022-12/hindi-divas11.jpg" alt=""></a><br /><div><strong>स्वतंत्र प्रभात </strong></div>
<div> </div>
<div><strong>पीलीभीत। </strong>शहर से सटी नगर पंचायत नौगबा पकड़िया में सर्दी के बावजूद डेंगू का प्रकोप थमने का नाम नहीं ले रहा है डेंगू से पीड़ित एक और युवक की बीती रात शहर के अस्पताल में मौत हो गई उसकी मौत से घर में कोहराम मचा है परिजनों का रो रो कर बुरा हाल है इसके बावजूद स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह बेखबर नजर आ रहा है नगर पंचायत निवासी चंद्रसेन वर्मा के छोटे पुत्र राजवीर 17 वर्ष कि बीती रात डेंगू से मौत हो गई</div>
<div> </div>
<div>परिजनों के मुताबिक राजवीर को 6 दिसंबर को बुखार आने पर शहर के डॉक्टर जैन मिश्रा के यहां भर्ती कराया गया था जहां राजवीर की प्लेटलेट्स बहुत कम आई थी कल अचानक राजवीर को डेंगू के इस प्रेस में ही बुखार से पेशाब आना बंद हो गया जैसा कि अमूमन नौगबा के तमाम अन्य केस में देखने को मिला कि यहां तो मरीज के लिवर में सूजन आने या फिर किडनी में इन्फेक्शन होने की वजह से पेशाब आना बंद हो गया और राजवीर की तबीयत बिगड़ गई जिससे उसकी मौत हो गई राजवीर की मौत से परिवार में कोहराम मचा है</div>
<div> </div>
<div>परिजनों का रो रो कर बुरा हाल है बताते हैं कि उसके परिवार में दो ही भाई थे जिसमें एक की मौत हो गई नौगवां पकड़िया में डेंगू की दहशत से अब लोग पलायन का मन बना रहे हैं इसके बावजूद सा विभाग पूरी तरह बेखबर है डेंगू की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग ने एक-दो दिन तो स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन किया उसके बाद ग्रामीणों को उनके हालात पर ही छोड़ दिया गया जिससे लोगों में स्वाद विभाग के प्रति आक्रोश बढ़ने लगा है समाजसेवी एवं युवा नेता संदीप सक्सेना कहना है कि शासन स्तर पर शिकायत के बावजूद भी कोई कार्यवाही नहीं की जा रही है</div>
<div> </div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्वास्थ्य-आरोग्य</category>
                                            <category>ख़बरें</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 09 Dec 2022 10:06:12 +0530</pubDate>
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