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                <title>Kharif Crop - Swatantra Prabhat</title>
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                <description>Kharif Crop RSS Feed</description>
                
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                <title>बरखा बनी किसानों के लिए वरदान: झमाझम बारिश से खेतों में लौटी हरियाली, उम्मीदों को मिले नए पंख</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>महराजगंज/रायबरेली।</strong> कई दिनों से आसमान की ओर टकटकी लगाए बैठे किसानों का इंतजार आखिरकार समाप्त हो गया। क्षेत्र में हुई झमाझम बारिश ने खेतों में नई जान फूंक दी है। धान सहित खरीफ की फसलों के लिए यह वर्षा किसी संजीवनी से कम नहीं रही। लंबे समय से बारिश के अभाव में सूखने लगे खेत एक बार फिर पानी से लबालब हो गए हैं और किसानों के चेहरों पर चिंता की जगह मुस्कान लौट आई है।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">समय पर हुई वर्षा से धान की रोपाई में तेजी आ गई है। जिन किसानों की रोपाई पहले ही पूरी हो चुकी थी, उनकी</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/184674/barkha-became-a-boon-for-farmers-greenery-returned-to-the"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-08/img-20260804-wa0182.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>महराजगंज/रायबरेली।</strong> कई दिनों से आसमान की ओर टकटकी लगाए बैठे किसानों का इंतजार आखिरकार समाप्त हो गया। क्षेत्र में हुई झमाझम बारिश ने खेतों में नई जान फूंक दी है। धान सहित खरीफ की फसलों के लिए यह वर्षा किसी संजीवनी से कम नहीं रही। लंबे समय से बारिश के अभाव में सूखने लगे खेत एक बार फिर पानी से लबालब हो गए हैं और किसानों के चेहरों पर चिंता की जगह मुस्कान लौट आई है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">समय पर हुई वर्षा से धान की रोपाई में तेजी आ गई है। जिन किसानों की रोपाई पहले ही पूरी हो चुकी थी, उनकी फसलों को भी भरपूर लाभ मिलने की उम्मीद है। मक्का, अरहर, उड़द, तिल तथा अन्य खरीफ फसलों की बढ़वार के लिए भी यह वर्षा बेहद लाभकारी मानी जा रही है। किसानों का कहना है कि समय पर हुई इस बारिश ने फसल को नई ऊर्जा दी है और अब अच्छी पैदावार की उम्मीद पहले से कहीं अधिक मजबूत हो गई है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">लगातार बढ़ रही गर्मी और बारिश की कमी के कारण किसान महंगी सिंचाई कराने को मजबूर थे। डीजल और बिजली से सिंचाई करने में अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ रहा था, जिससे खेती की लागत लगातार बढ़ रही थी। अब प्राकृतिक वर्षा होने से किसानों को बड़ी राहत मिली है। खेतों में पर्याप्त पानी भर जाने से सिंचाई का खर्च कम होगा और फसल की गुणवत्ता में भी सुधार आने की संभावना है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">बारिश के बाद ग्रामीण क्षेत्रों का नजारा पूरी तरह बदल गया है। खेतों में किसान परिवारों के साथ कृषि कार्यों में जुट गए हैं। कहीं धान की रोपाई हो रही है तो कहीं खेतों की मेड़बंदी और निराई-गुड़ाई का कार्य तेज हो गया है। गांवों में चारों ओर हरियाली लौटने से किसानों के साथ-साथ आम लोगों के चेहरों पर भी खुशी दिखाई दे रही है। मौसम में आई ठंडक ने उमस और भीषण गर्मी से भी राहत दिलाई है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">जमुरावां निवासी किसान रामबरन ने कहा, "यह बारिश हमारे लिए किसी वरदान से कम नहीं है। लंबे समय से हम सभी किसान वर्षा का इंतजार कर रहे थे। समय पर हुई इस बारिश से धान की फसल को नया जीवन मिला है। अब अच्छी पैदावार की उम्मीद बढ़ गई है और सिंचाई पर होने वाला अतिरिक्त खर्च भी बचेगा।"</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">कपूरपुर निवासी किसान रामफल ने कहा, "बारिश ने किसानों की चिंता काफी हद तक दूर कर दी है। खेतों में पर्याप्त नमी आ गई है, जिससे फसलों की बढ़वार बेहतर होगी। यदि आने वाले दिनों में भी इसी तरह समय-समय पर वर्षा होती रही तो इस वर्ष फसल की उपज निश्चित रूप से अच्छी होगी।"</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">किसान रुद्र प्रसाद त्रिपाठी ने कहा, "कृषि पूरी तरह मौसम पर निर्भर करती है और समय पर हुई वर्षा किसानों के लिए सबसे बड़ी राहत होती है। इस बारिश से खेतों में नई ऊर्जा का संचार हुआ है। हमें विश्वास है कि प्रकृति का साथ इसी तरह बना रहा तो इस वर्ष किसानों की मेहनत अवश्य रंग लाएगी और भरपूर उत्पादन होगा।"</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">क्षेत्र के किसानों का मानना है कि यदि अगस्त माह में भी समय-समय पर अच्छी वर्षा होती रही तो इस वर्ष खरीफ की फसल का उत्पादन पिछले वर्षों की तुलना में बेहतर हो सकता है। कृषि विशेषज्ञ भी मानते हैं कि धान की फसल के लिए इस समय हुई वर्षा बेहद महत्वपूर्ण है। इससे पौधों की जड़ों को मजबूती मिलेगी और फसल का समुचित विकास होगा।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">बारिश की यह सौगात केवल खेतों तक ही सीमित नहीं रही, बल्कि इसने किसानों के मन में भी नई उम्मीद और आत्मविश्वास का संचार किया है। खेतों में लौटती हरियाली और किसानों के चेहरों पर खिली मुस्कान इस बात का संकेत है कि यदि मौसम इसी तरह मेहरबान रहा तो इस वर्ष क्षेत्र में भरपूर पैदावार के साथ किसानों की आर्थिक स्थिति भी मजबूत होगी।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 04 Aug 2026 19:45:16 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
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                <title>नहर में पानी न छोड़ें जाने से किसान परेशान-जजलाल राय </title>
                                    <description><![CDATA[<div class="gs"><div><div class="ii gt"><div class="a3s aiL"><div><div><div style="text-align:justify;"><strong>भदोही।</strong> कांग्रेस कमेटी भदोही के जिला महासचिव जजलाल राय ने कहा कि जनपद भदोही के ज्ञानपुर नहर प्रखंड में समय से पानी न छोड़ें जाने से क्षेत्र के किसानों की मुश्किलें काफी बढ़ गई हैं। नहर व शाखा तथा माइनरों में पानी न होने के कारण धान की नर्सरी तैयार करने कि सिंचाई का कार्य काफी प्रभावित हो रहा है। </div><div style="text-align:justify;">श्री राय ने कहा कि जून माह में धान की नर्सरी डालने का समय शुरू हो चुका है, लेकिन सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध न होने से किसान नर्सरी तैयार करने में परेशानी झेल रहे हैं। जिन किसानों के</div></div></div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/181006/farmers-upset-due-to-not-releasing-water-in-the-canal"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/img-20260611-wa0052.jpg" alt=""></a><br /><div class="gs"><div><div class="ii gt"><div class="a3s aiL"><div><div><div style="text-align:justify;"><strong>भदोही।</strong> कांग्रेस कमेटी भदोही के जिला महासचिव जजलाल राय ने कहा कि जनपद भदोही के ज्ञानपुर नहर प्रखंड में समय से पानी न छोड़ें जाने से क्षेत्र के किसानों की मुश्किलें काफी बढ़ गई हैं। नहर व शाखा तथा माइनरों में पानी न होने के कारण धान की नर्सरी तैयार करने कि सिंचाई का कार्य काफी प्रभावित हो रहा है। </div><div style="text-align:justify;">श्री राय ने कहा कि जून माह में धान की नर्सरी डालने का समय शुरू हो चुका है, लेकिन सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध न होने से किसान नर्सरी तैयार करने में परेशानी झेल रहे हैं। जिन किसानों के पास निजी सिंचाई के साधन नहीं हैं, उनकी चिंता और बढ़ गई है, जिससे परेशान होकर किसान कई बार संबंधित अधिकारियों को शिकायत पत्र दे चुके है। किसानों का कहना है कि समय पर पानी न मिलने से</div><div style="text-align:justify;">धान की नर्सरी प्रभावित हो रही है, जिससे उत्पादन पर भी प्रतिकूल असर पड़ने की आशंका है। </div><div style="text-align:justify;">उन्होंने सिंचाई विभाग के अधिकारियों से जल्द से जल्द नहरों में पानी छोड़ने की मांग की पुरजोर मांग की है, ताकि धान की नर्सरी का कार्य समय पर पूरा किया जा सके।</div><div style="text-align:justify;">श्री राय ने कहा कि एक तरफ विकट गर्मी पड़ रही है जनपद में कुआं, हैंडपंप सूखे पड़े हुए हैं और गांव के तालाब भी भरने के बजाय खाली पड़े हैं </div><div style="text-align:justify;">नहर में पानी न आने के कारण किसान विवस बैठे हैं और पानी आने का राह देख रहे है।</div></div><div class="yj6qo" style="text-align:justify;"><br /></div><div class="adL"><br /></div></div></div></div><div class="WhmR8e"></div></div></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 11 Jun 2026 18:46:24 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
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