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                <title>Spiritual News - Swatantra Prabhat</title>
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                <title>शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती की 81 दिवसीय गौरक्षार्थ धर्म युद्ध यात्रा पहुंची बिसवां </title>
                                    <description><![CDATA[<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>बिसवां/सीतापुर।</strong> जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती की 81 दिवसीय गौरक्षार्थ धर्मयुद्ध यात्रा  मंगलवार को बिसवां पहुंची, जहां श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा कर भव्य स्वागत किया। श्रद्धालुओं ने बेलपत्र एवं ताल मखाने के फूलों से तैयार विशेष मालाएं पहनाकर उनका अभिनंदन किया। पत्थर शिवाला धाम के सामने एवं बाबा मनसाराम चुंगी के निकट आयोजित सभा में उन्होंने कहा कि उनकी यात्रा का उद्देश्य केवल गौमाता को राष्ट्रमाता का दर्जा दिलाना है और यह अभियान मांग पूरी होने तक निरंतर चलता रहेगा। उन्होंने कहा कि उनका किसी राजनीतिक दल से कोई सरोकार नहीं है।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">जो भी दल गौमाता को राष्ट्रमाता घोषित करने की</div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/182893/shankaracharya-swami-avimukteshwarananda-saraswatis-81-day-gaurakshartha-dharma-yudh-yatra-reaches"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/img-20260707-wa0012.jpg" alt=""></a><br /><div>
<div style="text-align:justify;"><strong>बिसवां/सीतापुर।</strong> जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती की 81 दिवसीय गौरक्षार्थ धर्मयुद्ध यात्रा  मंगलवार को बिसवां पहुंची, जहां श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा कर भव्य स्वागत किया। श्रद्धालुओं ने बेलपत्र एवं ताल मखाने के फूलों से तैयार विशेष मालाएं पहनाकर उनका अभिनंदन किया। पत्थर शिवाला धाम के सामने एवं बाबा मनसाराम चुंगी के निकट आयोजित सभा में उन्होंने कहा कि उनकी यात्रा का उद्देश्य केवल गौमाता को राष्ट्रमाता का दर्जा दिलाना है और यह अभियान मांग पूरी होने तक निरंतर चलता रहेगा। उन्होंने कहा कि उनका किसी राजनीतिक दल से कोई सरोकार नहीं है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">जो भी दल गौमाता को राष्ट्रमाता घोषित करने की दिशा में ठोस कदम उठाएगा, उन्हें उसी का समर्थन मिलेगा  उन्होंने आरोप लगाया कि अनेक संतों की मांग के बावजूद केंद्र सरकार ने अब तक गौमाता को राष्ट्रमाता घोषित नहीं किया है। सभा के दौरान शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने उपस्थित श्रद्धालुओं को गौमाता को राष्ट्रमाता का दर्जा दिलाने का संकल्प भी दिलाया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।</div>
</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ख़बरें</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>सांस्कृतिक और धार्मिक</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 07 Jul 2026 22:16:02 +0530</pubDate>
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                <title>यज्ञ मंडप की परिक्रमा को श्रद्धालुओं की उमड़ी भीड़</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>सोनभद्र/ उत्तर प्रदेश - </strong> कसारी रामगढ़ स्थित भिखारी बाबा आश्रम परिसर में वृहस्पतिवार को सातवें दिन विराट रुद्र महायज्ञ में यज्ञ मंडप की परिक्रमा को श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। इस दौरान जयकारे से समूचा परिसर गुंजायमान हो गया। शिव मंदिर में दूध से रुद्राभिषेक पूजन भी कराया गया। वृंदावन से आई बाल कथा वाचिका धानी शास्त्री ने भागवत कथा का रसपान कराया। वहीं भजन संध्या में वाराणसी से आए राष्ट्रीय बाल कलाकार श्री राम कृष्ण, श्री राधा कृष्ण व श्री राधे कृष्ण ने एक से बढ़कर एक भजन, गीत व गजल सुनाया। वहीं वृंदावन से आए कलाकारों की रासलीला</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/180990/crowd-of-devotees-gathered-to-circumambulate-the-yagya-mandap"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/1001716465.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>सोनभद्र/ उत्तर प्रदेश - </strong> कसारी रामगढ़ स्थित भिखारी बाबा आश्रम परिसर में वृहस्पतिवार को सातवें दिन विराट रुद्र महायज्ञ में यज्ञ मंडप की परिक्रमा को श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। इस दौरान जयकारे से समूचा परिसर गुंजायमान हो गया। शिव मंदिर में दूध से रुद्राभिषेक पूजन भी कराया गया। वृंदावन से आई बाल कथा वाचिका धानी शास्त्री ने भागवत कथा का रसपान कराया। वहीं भजन संध्या में वाराणसी से आए राष्ट्रीय बाल कलाकार श्री राम कृष्ण, श्री राधा कृष्ण व श्री राधे कृष्ण ने एक से बढ़कर एक भजन, गीत व गजल सुनाया। वहीं वृंदावन से आए कलाकारों की रासलीला देखने को भारी संख्या में भीड़ उमड़ पड़ी। प्रकृति रक्षा के लिए 251 जड़ी बूटियों से निर्मित हवन सामग्री से आहुति दी गई। प्रतिदिन चलने वाले विशाल भंडारा में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">कार्यक्रम के आयोजक भिक्षुक भिखारी जंगली दास दीनबंधु रमाशंकर गिरी जी महाराज ने बताया कि आचार्यगण गोपालधर द्विवेदी, राजेश कुमार पाठक, हरिओम द्विवेदी व अमरेश तिवारी द्वारा विराट रूद्र महायज्ञ एवं पूजन कार्य कराया जा रहा है। प्रतिदिन शिव मंदिर में दूध, गंगाजल से रुद्राभिषेक पूजन कराया जा रहा है। प्रकृति रक्षा के लिए 251 जड़ी बूटियों से निर्मित हवन सामग्री से आहुति दी जा रही है। प्रतिदिन चलने वाले विशाल भंडारा में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">कार्यक्रम में मुख्य यजमान दिनेश, उषा देवी, रूपा गुप्ता, देवेंद्र कुमार, चिंता मौर्य, उर्मिला देवी, विमला देवी, शशि देवी, विजय सिंह, मनीष कुमार, कृति सागर, शुभराम महाराज, परमानंद, रमेश कुमार, प्रहलाद, रामखेलावन, किरन मोदवाल, मानवी, संगीता, मुन्ना बाबा, केवलानंद महाराज, आनंद ओझा, राकेश पाठक, कालो देवी, डॉक्टर विजय, हीरा सिंह, संजय अग्रवाल, चांदनी अग्रवाल, संगीता, राजेश आदि मौजूद रहे।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 11 Jun 2026 17:56:10 +0530</pubDate>
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