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                <title>Justice Delivery - Swatantra Prabhat</title>
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                <description>Justice Delivery RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>पाकुड़ व्यवहार न्यायालय में मासिक लोक अदालत का हुआ आयोजन</title>
                                    <description><![CDATA[<div><strong>पाकुड़, झारखंड:- </strong></div>
<div>  </div>
<div>झालसा रांची के निर्देशानुसार जिला विधिक सेवा प्राधिकार पाकुड़ के तत्वाधान में प्रभारी प्रधान जिला एवं सत्र न्यायधीश सह अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकार पाकुड़ मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी संजीत कुमार चंद्र की अध्यक्षता एवं प्रभारी सचिव विशाल मांझी की देख रेख में मासिक लोक अदालत का सफल आयोजन पाकुड़ व्यवहार न्यायालय में सम्पन्न हुआ।</div>
<div>  </div>
<div>इस मासिक लोक अदालत में नौ बैंचो का गठन किया गया जिसमें 18 वादों का निष्पादन एवं 1 लाख 93 हज़ार 749 रूपये का समझौता कराया गया। मौके पर प्रधान प्रधान न्यायाधीश कुटुंब न्यायालय रजनीकांत पाठक, मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी संजीत कुमार चंद्र, प्रभारी सचिव</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/186722/monthly-lok-adalat-organized-in-pakur-behavioral-court"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-08/news-4.jpg" alt=""></a><br /><div><strong>पाकुड़, झारखंड:- </strong></div>
<div> </div>
<div>झालसा रांची के निर्देशानुसार जिला विधिक सेवा प्राधिकार पाकुड़ के तत्वाधान में प्रभारी प्रधान जिला एवं सत्र न्यायधीश सह अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकार पाकुड़ मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी संजीत कुमार चंद्र की अध्यक्षता एवं प्रभारी सचिव विशाल मांझी की देख रेख में मासिक लोक अदालत का सफल आयोजन पाकुड़ व्यवहार न्यायालय में सम्पन्न हुआ।</div>
<div> </div>
<div>इस मासिक लोक अदालत में नौ बैंचो का गठन किया गया जिसमें 18 वादों का निष्पादन एवं 1 लाख 93 हज़ार 749 रूपये का समझौता कराया गया। मौके पर प्रधान प्रधान न्यायाधीश कुटुंब न्यायालय रजनीकांत पाठक, मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी संजीत कुमार चंद्र, प्रभारी सचिव सह अपर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी विशाल मांझी, प्रभारी न्यायधीश विजय कुमार दास समेत न्यायालय कर्मी,अधिवक्ता वादी प्रतिवादी समेत अन्य मौजूद रहे।</div>
<div> </div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 29 Aug 2026 23:05:20 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पुलिस अधीक्षक जनपद भदोही द्वारा की गई जनसुनवाई,</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>  पुलिस अधीक्षक भदोही </strong> अभिनव त्यागी द्वारा पुलिस अधीक्षक कार्यालय भदोही में जनसुनवाई कर आमजन की समस्याओं एवं शिकायतों को गंभीरतापूर्वक सुना गया।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">जनसुनवाई के दौरान जनपद के विभिन्न क्षेत्रों से आए फरियादियों द्वारा प्रस्तुत प्रार्थना पत्रों एवं शिकायतों का अवलोकन करते हुए उनके त्वरित, निष्पक्ष एवं प्रभावी निस्तारण हेतु संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। साथ ही निर्देशित किया गया कि प्रत्येक शिकायत का समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जाए तथा पीड़ित व्यक्तियों को न्याय दिलाने में पूर्ण संवेदनशीलता एवं पारदर्शिता बरती जाए।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">पुलिस अधीक्षक भदोही ने कहा कि भदोही पुलिस जनता की समस्याओं के समाधान, कानून-व्यवस्था को</div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/186655/public-hearing-conducted-by-district-superintendent-of-police-bhadohi"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-08/img-20260829-wa00071.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong> पुलिस अधीक्षक भदोही </strong> अभिनव त्यागी द्वारा पुलिस अधीक्षक कार्यालय भदोही में जनसुनवाई कर आमजन की समस्याओं एवं शिकायतों को गंभीरतापूर्वक सुना गया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">जनसुनवाई के दौरान जनपद के विभिन्न क्षेत्रों से आए फरियादियों द्वारा प्रस्तुत प्रार्थना पत्रों एवं शिकायतों का अवलोकन करते हुए उनके त्वरित, निष्पक्ष एवं प्रभावी निस्तारण हेतु संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। साथ ही निर्देशित किया गया कि प्रत्येक शिकायत का समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जाए तथा पीड़ित व्यक्तियों को न्याय दिलाने में पूर्ण संवेदनशीलता एवं पारदर्शिता बरती जाए।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">पुलिस अधीक्षक भदोही ने कहा कि भदोही पुलिस जनता की समस्याओं के समाधान, कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने तथा जनविश्वास को और अधिक मजबूत करने के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है।</div>
</div>
<div class="yj6qo"> </div>
<div class="adL"> </div>
</div>
</div>
</div>
<div class="hq gt"></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 29 Aug 2026 19:18:37 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>हिरासत में मौत और पुलिसिया हिंसा के मामलों में अभियोजन मंजूरी जरूरी नहीं: ।मध्य प्रदेश हाईकोर्ट।</title>
                                    <description><![CDATA[<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><strong><span lang="hi" xml:lang="hi">स्वतंत्र प्रभात ब्यूरो प्रयागराज </span></strong></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए कहा कि हिरासत में मौत या पुलिसिया हिंसा के मामलों में पुलिस अधिकारियों के खिलाफ मुकदमा चलाने के लिए दंड प्रक्रिया संहिता (</span>CrPC) <span lang="hi" xml:lang="hi">की धारा 197 के तहत पूर्व सरकारी मंजूरी की आवश्यकता नहीं होती।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">अदालत ने दो पुलिस आरक्षकों की याचिका खारिज करते हुए कहा कि ऐसे कृत्यों का सरकारी कर्तव्य के निर्वहन से कोई उचित संबंध नहीं माना जा सकता। जस्टिस गजेंद्र सिंह की एकल पीठ इंदौर में वर्ष 2015 में हुई एक युवक की कथित हिरासत मौत से जुड़े मामले की सुनवाई कर रही</span></p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/181536/prosecution-sanction-is-not-necessary-in-cases-of-custodial-death"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/hindi-divas7.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><strong><span lang="hi" xml:lang="hi">स्वतंत्र प्रभात ब्यूरो प्रयागराज </span></strong></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए कहा कि हिरासत में मौत या पुलिसिया हिंसा के मामलों में पुलिस अधिकारियों के खिलाफ मुकदमा चलाने के लिए दंड प्रक्रिया संहिता (</span>CrPC) <span lang="hi" xml:lang="hi">की धारा 197 के तहत पूर्व सरकारी मंजूरी की आवश्यकता नहीं होती।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">अदालत ने दो पुलिस आरक्षकों की याचिका खारिज करते हुए कहा कि ऐसे कृत्यों का सरकारी कर्तव्य के निर्वहन से कोई उचित संबंध नहीं माना जा सकता। जस्टिस गजेंद्र सिंह की एकल पीठ इंदौर में वर्ष 2015 में हुई एक युवक की कथित हिरासत मौत से जुड़े मामले की सुनवाई कर रही थी।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">याचिकाकर्ता पुलिसकर्मियों ने तर्क दिया कि उनके खिलाफ अभियोजन चलाने से पहले सरकार की मंजूरी आवश्यक है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">क्योंकि कथित घटनाएं उनके आधिकारिक कर्तव्यों से जुड़ी हैं।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">मामले के अनुसार</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">अनुसूचित जाति समुदाय से संबंध रखने वाले 24 वर्षीय पंकज वैष्णव को 19 दिसंबर 2015 को स्कूटर चोरी के मामले में पूछताछ के लिए इंदौर के एमआईजी थाने लाया गया। उसी रात उसकी पुलिस हिरासत में मौत हो गई। पुलिस ने इसे आत्महत्या बताया।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">घटना के बाद </span>CrPC <span lang="hi" xml:lang="hi">की धारा 176 के तहत स्वतंत्र जांच कराई गई। अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वारा की गई जांच में निष्कर्ष निकाला गया कि यह मामला आपराधिक मानव वध का प्रतीत होता है।इसके बाद दो आरक्षकों और एक थाना प्रभारी के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">अवैध निरुद्ध करने और झूठे साक्ष्य देने सहित विभिन्न आरोपों में आरोपपत्र दायर किया गया।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">हाईकोर्ट ने कहा कि धारा 197 के संरक्षण का लाभ तभी मिल सकता है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जब आरोपित कृत्य और सरकारी कर्तव्य के निर्वहन के बीच स्पष्ट और उचित संबंध हो। लेकिन वर्तमान मामले में ऐसा कोई संबंध नहीं पाया गया।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">अदालत ने कहा</span>, “<span lang="hi" xml:lang="hi">यह ऐसा मामला नहीं है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसमें पुलिसकर्मी किसी हिंसक भीड़ को नियंत्रित कर रहे थे और बल प्रयोग करते हुए अपनी सीमा से आगे बढ़ गए हों। यहां आरोपित बल प्रयोग उस समय किया गया</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जब मृतक पुलिस हिरासत में था और थाने के नियंत्रण में था। ऐसी स्थिति में बल प्रयोग या शारीरिक हमला करने का कोई औचित्य नहीं था।”</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"> </p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">हाईकोर्ट ने कहा कि कानून पुलिस को कुछ विशेष परिस्थितियों में बल प्रयोग की अनुमति देता है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जैसे हिंसक भीड़ को तितर-बितर करना</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">गिरफ्तारी</span><span lang="hi" xml:lang="hi">अदालत ने सुप्रीम कोर्ट के उन फैसलों का भी उल्लेख किया</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिनमें कहा गया कि हिरासत में हिंसा और मौत सभ्य समाज में सबसे गंभीर अपराधों में से हैं तथा यह व्यक्ति के मूल मानवाधिकारों का घोर उल्लंघन है।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">इन टिप्पणियों के साथ हाईकोर्ट ने आरक्षकों की पुनरीक्षण याचिका खारिज की और स्पष्ट किया कि हिरासत में मौत या पुलिसिया हिंसा जैसे मामलों में धारा 197 के तहत अभियोजन मंजूरी का संरक्षण उपलब्ध नहीं होगा।</span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 19 Jun 2026 13:57:49 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>दुद्धी पुलिस को मिली बड़ी सफलता, अवैध संबंध के कारण हुई हत्या की घटना का सफल अनावरण</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>सोनभद्र / उत्तर प्रदेश - </strong>पुलिस अधीक्षक सोनभद्र अभिषेक वर्मा के निर्देशन में अपराध एवं अपराधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के क्रम में तथा अपर पुलिस अधीक्षक (ऑपरेशन) ऋषभ रुणवाल, अपर पुलिस अधीक्षक मुख्यालय अनिल कुमार एवं क्षेत्राधिकारी दुद्धी राजेश कुमार राय के निकट पर्यवेक्षण में हत्या की घटना के शीघ्र अनावरण एवं अभियुक्त की गिरफ्तारी हेतु पुलिस टीमों का गठन किया गया। उक्त क्रम में प्रभारी निरीक्षक दुद्धी धर्मेन्द्र कुमार सिंह के कुशल नेतृत्व में थाना दुद्धी पुलिस को महत्वपूर्ण सफलता प्राप्त हुई है। थाना दुद्धी पुलिस द्वारा हत्या की घटना का सफल अनावरण करते हुए मात्र</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/180986/duddhi-police-got-a-big-success-successful-unveiling-of-the"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/1001717422.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>सोनभद्र / उत्तर प्रदेश - </strong>पुलिस अधीक्षक सोनभद्र अभिषेक वर्मा के निर्देशन में अपराध एवं अपराधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के क्रम में तथा अपर पुलिस अधीक्षक (ऑपरेशन) ऋषभ रुणवाल, अपर पुलिस अधीक्षक मुख्यालय अनिल कुमार एवं क्षेत्राधिकारी दुद्धी राजेश कुमार राय के निकट पर्यवेक्षण में हत्या की घटना के शीघ्र अनावरण एवं अभियुक्त की गिरफ्तारी हेतु पुलिस टीमों का गठन किया गया। उक्त क्रम में प्रभारी निरीक्षक दुद्धी धर्मेन्द्र कुमार सिंह के कुशल नेतृत्व में थाना दुद्धी पुलिस को महत्वपूर्ण सफलता प्राप्त हुई है। थाना दुद्धी पुलिस द्वारा हत्या की घटना का सफल अनावरण करते हुए मात्र 48 घंटे के भीतर अभियुक्त को गिरफ्तार कर लिया गया तथा घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल एवं आला कत्ल चाकू भी बरामद कर लिया गया।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">दिनांक 09.06.2026 को वादी जय सिंह पुत्र मोहन सिंह निवासी महुअरिया, थाना दुद्धी, जनपद सोनभद्र द्वारा अपने भाई समासिंह गोड़ की हत्या के संबंध में थाना दुद्धी पर मु0अ0सं0-169/2026, धारा 103(1) बीएनएस बनाम अज्ञात* पंजीकृत कराया गया था। प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक सोनभद्र द्वारा घटना के शीघ्र अनावरण एवं अभियुक्त की गिरफ्तारी हेतु विशेष निर्देश दिए गए थे।थाना दुद्धी पुलिस द्वारा तत्परता एवं तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर विवेचना करते हुए घटना का सफल अनावरण किया गया। दिनांक 11.06.2026 को बघाड़ू-भीसूर रोड स्थित प्रथम पुलिया के पास से अभियुक्त राजेन्द्र विश्वकर्मा को गिरफ्तार किया गया। अभियुक्त की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त एक मोटरसाइकिल एवं एक चाकू बरामद किया गया।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">पूछताछ के दौरान अभियुक्त राजेन्द्र विश्वकर्मा ने बताया कि उसकी पत्नी का मृतक समासिंह गोड़ पुत्र मोहन गोड़, निवासी महुअरिया, थाना दुद्धी, जनपद सोनभद्र के साथ अवैध संबंध था। वह कई बार मृतक को अपनी पत्नी से दूर रहने के लिए मना कर चुका था, किन्तु मृतक उसकी बात नहीं मानता था। इसी कारण वह काफी समय से मानसिक रूप से परेशान एवं आक्रोशित था। </div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">दिनांक 09.06.2026 को उसने योजनाबद्ध तरीके से मृतक को फोन कर लीलासी बुलाया। वहां दोनों ने शराब खरीदी तथा ग्राम मुरता स्थित खेमा नदी पुलिया के नीचे बैठकर शराब का सेवन किया। इसके पश्चात अभियुक्त ने अपने पास रखे चाकू एवं मौके पर पड़े पत्थर से हमला कर समासिंह गोड़ की हत्या कर दी।</div><div style="text-align:justify;">गिरफ्तार अभियुक्त राजेन्द्र विश्वकर्म पिता का नाम - बब्बन विश्वकर्मा,उम्र - 22 वर्ष</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">  निवासी - डुमरपान, थाना सोनावल, जनपद बलरामपुर, छत्तीसगढ़ के पास से एक अदद मोटरसाइकिल संख्या UP64 BB 9969,एक अदद घटना में प्रयुक्त आला कत्ल (चाकू) बरामद किया गया। </div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">गिरफ्तार/अनावरण करने वाली पुलिस टीम में प्रभारी निरीक्षक धर्मेन्द्र कुमार सिंह, थाना दुद्धी, जनपद सोनभद्र, हे0का0 भागीचन्द्र,हे0का0 महताब अहमद, हे0का0 खालिद खान शामिल रहे। सोनभद्र पुलिस द्वारा अपराध एवं अपराधियों के विरुद्ध प्रभावी कार्यवाही सतत जारी है।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 11 Jun 2026 17:41:33 +0530</pubDate>
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