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                <title>Education Support - Swatantra Prabhat</title>
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                <description>Education Support RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना एक मील का पत्थर-जिला सूचना अधिकारी</title>
                                    <description><![CDATA[<blockquote class="format1">
<p><strong>लखनऊः </strong></p>
<p><strong>(आदर अदीब पावेल बन्धु) </strong></p>
<p><strong>जिला सूचना अधिकारी </strong></p>
<p><strong>मण्डलीय जिला सूचना कार्यालय लखनऊ ।  </strong></p>
</blockquote>
<p>मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना उत्तर प्रदेश सरकार की एक महत्वाकांक्षी और दूरदर्शी पहल है, जिसका उद्देश्य समाज में बालिकाओं के प्रति सकारात्मक सोच विकसित करना, उनके जन्म को प्रोत्साहित करना और उनके समग्र विकास को सुनिश्चित करना है। लंबे समय से भारतीय समाज में बेटियों को लेकर कई प्रकार की सामाजिक और आर्थिक चुनौतियाँ रही हैं। कहीं बेटियों को बोझ समझा जाता था, तो कहीं उनकी शिक्षा को प्राथमिकता नहीं दी जाती थी। इसी सोच को बदलने और बेटियों को समान अवसर प्रदान करने के लिए</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/184439/chief-minister-kanya-sumangala-yojana-a-milestone-district-information-officer"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/whatsapp-image-2026-07-31-at-19.15.33.jpeg" alt=""></a><br /><blockquote class="format1">
<p><strong>लखनऊः </strong></p>
<p><strong>(आदर अदीब पावेल बन्धु) </strong></p>
<p><strong>जिला सूचना अधिकारी </strong></p>
<p><strong>मण्डलीय जिला सूचना कार्यालय लखनऊ ।  </strong></p>
</blockquote>
<p>मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना उत्तर प्रदेश सरकार की एक महत्वाकांक्षी और दूरदर्शी पहल है, जिसका उद्देश्य समाज में बालिकाओं के प्रति सकारात्मक सोच विकसित करना, उनके जन्म को प्रोत्साहित करना और उनके समग्र विकास को सुनिश्चित करना है। लंबे समय से भारतीय समाज में बेटियों को लेकर कई प्रकार की सामाजिक और आर्थिक चुनौतियाँ रही हैं। कहीं बेटियों को बोझ समझा जाता था, तो कहीं उनकी शिक्षा को प्राथमिकता नहीं दी जाती थी। इसी सोच को बदलने और बेटियों को समान अवसर प्रदान करने के लिए इस योजना की शुरुआत की गई।</p>
<p><br />यह योजना वर्ष 2019 में प्रारंभ की गई, जिसका लक्ष्य बालिकाओं को जन्म से लेकर उच्च शिक्षा तक आर्थिक सहायता प्रदान करना है। सरकार द्वारा दी जाने वाली यह सहायता बालिका के जीवन के विभिन्न चरणों में दी जाती है, जिससे उसके पालन-पोषण, शिक्षा और विकास में आर्थिक बाधाएँ कम हो सकें। योजना के अंतर्गत कुल 25,000 रुपये की सहायता राशि निर्धारित की गई है, जिसे छह अलग-अलग चरणों में सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में भेजा जाता है। यह राशि क्ठज् यानी डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर के माध्यम से दी जाती है, जिससे पारदर्शिता बनी रहती है और किसी प्रकार की अनियमितता की संभावना कम हो जाती है।</p>
<p><br />इस योजना के तहत बालिका के जन्म के समय 5,000 रुपये की सहायता दी जाती है, जिससे परिवार को प्रारंभिक खर्चों में सहयोग मिलता है। इसके बाद जब बालिका का टीकाकरण पूरा हो जाता है, तब 2,000 रुपये की राशि प्रदान की जाती है। जैसे-जैसे बालिका शिक्षा के विभिन्न चरणों में आगे बढ़ती है, उसे क्रमशः प्रथम कक्षा, छठी कक्षा, नौवीं कक्षा और बारहवीं के बाद उच्च शिक्षा में प्रवेश के समय आर्थिक सहायता दी जाती है। इस प्रकार यह योजना केवल जन्म तक सीमित नहीं है, बल्कि बालिका के भविष्य को सुरक्षित बनाने की दिशा में निरंतर सहयोग प्रदान करती है।</p>
<p><br />इस योजना का एक महत्वपूर्ण उद्देश्य समाज में व्याप्त लैंगिक भेदभाव को समाप्त करना है। आज भी कई स्थानों पर बेटा और बेटी के बीच भेदभाव देखा जाता है, जिसके कारण बेटियों को शिक्षा और अवसरों से वंचित रहना पड़ता है। मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना इस सोच को बदलने का प्रयास करती है और यह संदेश देती है कि बेटियाँ भी परिवार और समाज की उतनी ही महत्वपूर्ण सदस्य हैं जितने बेटे। जब परिवार को यह विश्वास मिलता है कि सरकार उनके साथ खड़ी है और उनकी बेटी के भविष्य के लिए आर्थिक सहयोग प्रदान कर रही है, तो वे बेटियों के पालन-पोषण और शिक्षा के प्रति अधिक जागरूक होते हैं।</p>
<p><br />योजना का एक अन्य महत्वपूर्ण पहलू यह है कि यह बाल विवाह जैसी कुप्रथाओं को रोकने में भी सहायक है। जब बालिकाएँ शिक्षा प्राप्त करती हैं और उनके भविष्य को लेकर परिवार सजग होता है, तो वे कम उम्र में विवाह करने के बजाय अपनी पढ़ाई पर ध्यान देती हैं। इससे समाज में शिक्षा का स्तर बढ़ता है और बालिकाएँ आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ती हैं।इस योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए कुछ पात्रता शर्ते निर्धारित की गई हैं। लाभार्थी बालिका उत्तर प्रदेश की निवासी होनी चाहिए और उसके परिवार की वार्षिक आय 3 लाख रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए। इसके अलावा, एक परिवार की अधिकतम दो बालिकाएँ ही इस योजना का लाभ प्राप्त कर सकती हैं। यदि दूसरी संतान के रूप में जुड़वा बेटियाँ जन्म लेती हैं, तो दोनों को योजना का लाभ दिया जाता है। यह व्यवस्था सुनिश्चित करती है कि योजना का लाभ वास्तव में जरूरतमंद परिवारों तक पहुंचे।</p>
<p><br />आवेदन प्रक्रिया को सरल और सुलभ बनाने के लिए इसे ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से उपलब्ध कराया गया है। ऑनलाइन आवेदन के लिए आधिकारिक पोर्टल पर पंजीकरण करना होता है, जहाँ सभी आवश्यक विवरण भरकर दस्तावेज अपलोड किए जाते हैं। वहीं, ऑफलाइन आवेदन के लिए आंगनवाड़ी केंद्र, ब्लॉक कार्यालय या जिला प्रोबेशन अधिकारी के कार्यालय में जाकर आवेदन किया जा सकता है। इससे उन लोगों को भी सुविधा मिलती है जो डिजिटल माध्यमों का उपयोग करने में सक्षम नहीं हैं।</p>
<p><br />इस योजना का प्रभाव समाज में स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है। बेटियों के जन्म को लेकर लोगों की सोच में सकारात्मक बदलाव आया है। अब अधिक से अधिक परिवार बेटियों को शिक्षा दिलाने के लिए प्रेरित हो रहे हैं। स्कूलों में बालिकाओं की उपस्थिति बढ़ी है और वे विभिन्न क्षेत्रों में अपनी पहचान बना रही हैं। इसके साथ ही, यह योजना महिला सशक्तिकरण की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम है, क्योंकि शिक्षित और आत्मनिर्भर महिलाएँ ही समाज और देश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान देती हैं।</p>
<p><br />हालांकि योजना के क्रियान्वयन में कुछ चुनौतियाँ भी सामने आती हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता की कमी के कारण कई लोग इस योजना का लाभ नहीं उठा पाते। कई बार आवश्यक दस्तावेजों की अनुपलब्धता भी एक बड़ी बाधा बन जाती है। इसके अलावा, डिजिटल साक्षरता की कमी के कारण ऑनलाइन आवेदन में भी कठिनाइयाँ आती हैं। इन समस्याओं के समाधान के लिए सरकार और प्रशासन द्वारा निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं, जैसे जागरूकता अभियान चलाना, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के माध्यम से जानकारी पहुँचाना और आवेदन प्रक्रिया को और सरल बनाना।</p>
<p><br />कुल मिलाकर, मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना एक ऐसी पहल है जो न केवल आर्थिक सहायता प्रदान करती है, बल्कि समाज में बेटियों के प्रति सोच को बदलने का कार्य भी करती है। यह योजना इस बात का प्रतीक है कि सरकार बालिकाओं के भविष्य को लेकर गंभीर है और उन्हें हर संभव सहयोग प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। यदि इस योजना का प्रभावी क्रियान्वयन और व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए, तो यह निश्चित रूप से एक सशक्त, शिक्षित और समान समाज के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।<br /><br /></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                            <category>संपादकीय</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 01 Aug 2026 18:25:59 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>समेकित विद्यालय में दिव्यांगजन सशक्तिकरण मंत्री ने किया वृक्षारोपण।</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात ब्यूरो प्रयागराज </strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">प्रदेश सरकार के  दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग के मंत्री  नरेंद्र कश्यप द्वारा वृक्षारोपण अभियान के अंतर्गत समेकित विशेष माध्यमिक विद्यालय, गेदुराही मेजा मेंएक पेड़ माँ के नाम वृक्षारोपण, निरीक्षण किया गया। </div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">इस अवसर पर विद्यालय के छात्र-छात्राओं को नवीन शैक्षिक सत्र 2026-27 की पाठ्य पुस्तक, स्टेशनरी, लंच बॉक्स  आदि वितरित किया गया। विभाग के उपनिदेशक, अभय कुमार श्रीवास्तव, जिला दिव्यांगजन सशक्तिकरण अधिकारी अशोक कुमार गौतम, विद्यालय के प्रधानाचार्य जितेन्द्र कुमार, शिक्षिका अनिता सरन, वरिष्ठ सहायक संजय कुमार यादव अन्य बहुद्देशीय कर्मचारी उपस्थित रहे। सभी ने पौधों के संरक्षण एवं नियमित देखभाल का संकल्प लिया तथा अधिक से</div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/183295/minister-for-empowerment-of-persons-with-disabilities-planted-trees-in"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/img-20260713-wa0069.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात ब्यूरो प्रयागराज </strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">प्रदेश सरकार के  दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग के मंत्री  नरेंद्र कश्यप द्वारा वृक्षारोपण अभियान के अंतर्गत समेकित विशेष माध्यमिक विद्यालय, गेदुराही मेजा मेंएक पेड़ माँ के नाम वृक्षारोपण, निरीक्षण किया गया। </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इस अवसर पर विद्यालय के छात्र-छात्राओं को नवीन शैक्षिक सत्र 2026-27 की पाठ्य पुस्तक, स्टेशनरी, लंच बॉक्स  आदि वितरित किया गया। विभाग के उपनिदेशक, अभय कुमार श्रीवास्तव, जिला दिव्यांगजन सशक्तिकरण अधिकारी अशोक कुमार गौतम, विद्यालय के प्रधानाचार्य जितेन्द्र कुमार, शिक्षिका अनिता सरन, वरिष्ठ सहायक संजय कुमार यादव अन्य बहुद्देशीय कर्मचारी उपस्थित रहे। सभी ने पौधों के संरक्षण एवं नियमित देखभाल का संकल्प लिया तथा अधिक से अधिक वृक्षारोपण करने का संदेश दिया।</div>
</div>
<div class="yj6qo" style="text-align:justify;"> </div>
<div class="adL"> </div>
</div>
</div>
</div>
<div class="hq gt"></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 13 Jul 2026 19:41:20 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>श्रीभूमि जिले के दुल्लभछड़ा जीपी के मोकामछड़ा कॉलोनी के दिव्यांग दुलु नाथ की दर्दभरी जिंदगी, इलाज और सरकारी सहायता की गुहार</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>श्रीभूमि :</strong> असम के श्रीभूमि जिले के रामकृष्णनगर विधानसभा क्षेत्र के  दुल्लभछड़ा ग्राम पंचायत अंतर्गत मोकामछड़ा कॉलोनी निवासी 58 वर्षीय दिव्यांग दुलु नाथ (पिता: स्वर्गीय दीपचरण नाथ) आज गंभीर आर्थिक तंगी और शारीरिक असहायता के बीच जीवन बिताने को मजबूर हैं। लगातार दो भीषण सड़क दुर्घटनाओं ने उनकी जिंदगी को पूरी तरह बदल दिया है और आज वे सामान्य जीवन जीने में असमर्थ हैं।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">स्थानीय लोगों के अनुसार, वर्ष 2005 में एक दर्दनाक सड़क दुर्घटना में दुलु नाथ ने अपना एक पैर गंवा दिया। इसके बावजूद उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और दिव्यांग होने के बावजूद दुल्लभछड़ा के समीप बड़े बाजार</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/182798/painful-life-of-disabled-dulu-nath-of-mokamchhada-colony-of"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/1001598072-(1).jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>श्रीभूमि :</strong> असम के श्रीभूमि जिले के रामकृष्णनगर विधानसभा क्षेत्र के  दुल्लभछड़ा ग्राम पंचायत अंतर्गत मोकामछड़ा कॉलोनी निवासी 58 वर्षीय दिव्यांग दुलु नाथ (पिता: स्वर्गीय दीपचरण नाथ) आज गंभीर आर्थिक तंगी और शारीरिक असहायता के बीच जीवन बिताने को मजबूर हैं। लगातार दो भीषण सड़क दुर्घटनाओं ने उनकी जिंदगी को पूरी तरह बदल दिया है और आज वे सामान्य जीवन जीने में असमर्थ हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">स्थानीय लोगों के अनुसार, वर्ष 2005 में एक दर्दनाक सड़क दुर्घटना में दुलु नाथ ने अपना एक पैर गंवा दिया। इसके बावजूद उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और दिव्यांग होने के बावजूद दुल्लभछड़ा के समीप बड़े बाजार में चाय बेचकर किसी तरह अपने परिवार का पालन-पोषण करते रहे। लेकिन वर्ष 2022 में हुई एक और सड़क दुर्घटना में उनके दूसरे पैर में गंभीर चोट लग गई। लंबे समय तक इलाज कराने के बावजूद वे पूरी तरह स्वस्थ नहीं हो सके हैं। वर्तमान में उनकी शारीरिक स्थिति इतनी कमजोर है कि दैनिक कार्य करना भी उनके लिए लगभग असंभव हो गया है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">परिवार की आर्थिक स्थिति भी बेहद दयनीय है। उनकी एक बेटी पढ़ाई लिखाई में आंबल रामकृष्णनगर कॉलेज में पढ़ाई कर रही है, लेकिन आने-जाने का खर्च उठाना परिवार के लिए कठिन हो गया है। उनका 8 वर्षीय एक पुत्र और दो पुत्रियों इन तीन बच्चों की शिक्षा एवं भरण-पोषण की जिम्मेदारी है, जिससे पूरा परिवार आर्थिक संकट और अनिश्चितता के बीच जीवन गुजार रहा है। जानकारी के अनुसार, दुलु नाथ आज तक प्रधानमंत्री आवास योजना के लाभ से भी वंचित हैं। उनका कच्चा और जर्जर घर बारिश के समय टपकने लगता है तथा घर के भीतर पानी भर जाता है, जिससे पूरा परिवार अत्यंत कठिन परिस्थितियों में रहने को मजबूर है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">ऐसी विषम परिस्थितियों में दुलु नाथ ने असम के लोकप्रिय मुख्यमंत्री, स्थानीय प्रशासन, श्रीभूमि के सांसद कृपानाथ मालाह तथा रामकृष्णनगर विधानसभा क्षेत्र के विधायक बिजय मालाकार से इलाज, आर्थिक सहायता, आवास सुविधा तथा बच्चों की शिक्षा के लिए आवश्यक सहयोग प्रदान करने की भावुक अपील की है। जागरूक नागरिकों ने सरकार और जनप्रतिनिधियों से इस मामले में शीघ्र मानवीय हस्तक्षेप करने की अपील की है। उनका कहना है कि यदि समय रहते आवश्यक सहायता और सरकारी योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराया जाए, तो यह दिव्यांग एवं असहाय परिवार सम्मानपूर्वक जीवन-यापन कर सकेगा तथा आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ पाएगा।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>असम हिमाचल प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 05 Jul 2026 22:22:11 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अनाथालय में सादगी और सेवा भाव के साथ मनाया गया पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव का जन्मदिन।</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात ।।</strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>प्रयागराज। </strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव का जन्मदिन बुधवार को खुल्दाबाद स्थित अनाथ आश्रम में सेवा और सामाजिक सरोकार के साथ मनाया गया। कार्यक्रम का आयोजन सपा नेता मनोज यादव के नेतृत्व में किया गया, जिसमें पार्टी कार्यकर्ताओं ने केक काटकर अखिलेश यादव के दीर्घायु एवं स्वस्थ जीवन की कामना की।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">इस अवसर पर अनाथालय में रह रहे बच्चों के बीच फल, मिठाई, कॉपी और पेंसिल का वितरण किया गया। बच्चों के साथ जन्मदिन की खुशियां साझा करते हुए कार्यकर्ताओं ने शिक्षा और सामाजिक सेवा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता भी व्यक्त की। बच्चों ने भी</div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/182488/former-chief-minister-akhilesh-yadavs-birthday-was-celebrated-with-simplicity"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/img-20260625-wa01201.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात ।।</strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>प्रयागराज। </strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव का जन्मदिन बुधवार को खुल्दाबाद स्थित अनाथ आश्रम में सेवा और सामाजिक सरोकार के साथ मनाया गया। कार्यक्रम का आयोजन सपा नेता मनोज यादव के नेतृत्व में किया गया, जिसमें पार्टी कार्यकर्ताओं ने केक काटकर अखिलेश यादव के दीर्घायु एवं स्वस्थ जीवन की कामना की।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इस अवसर पर अनाथालय में रह रहे बच्चों के बीच फल, मिठाई, कॉपी और पेंसिल का वितरण किया गया। बच्चों के साथ जन्मदिन की खुशियां साझा करते हुए कार्यकर्ताओं ने शिक्षा और सामाजिक सेवा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता भी व्यक्त की। बच्चों ने भी केक काटने के कार्यक्रम में उत्साहपूर्वक भाग लिया, जिससे पूरे परिसर में खुशी का माहौल रहा।</div>
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<div style="text-align:justify;">कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मनोज यादव ने कहा कि समाजवादी पार्टी हमेशा समाज के कमजोर, गरीब और जरूरतमंद वर्गों के साथ खड़ी रही है। उन्होंने कहा कि जन्मदिन को केवल उत्सव के रूप में नहीं, बल्कि सेवा और मानवता के संदेश के रूप में मनाया जाना चाहिए।</div>
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<div style="text-align:justify;">इस दौरान बच्चा यादव, लालचंद्र कुशवाहा, दिनेश कुमार सहित बड़ी संख्या में समाजवादी पार्टी के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे। सभी ने अखिलेश यादव के उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु और उज्ज्वल राजनीतिक भविष्य की कामना की।</div>
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                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 01 Jul 2026 20:41:54 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
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                <title>दिव्यांग छात्र की पीड़ा सुन भावुक हुए जिलाधिकारी</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>सोनभद्र/ उत्तर प्रदेश - </strong>जनसुनवाई के दौरान जिलाधिकारी चर्चित गौड़ के समक्ष मानवता और संवेदनशीलता का एक प्रेरणादायक उदाहरण देखने को मिला। जनसुनवाई में प्राथमिक विद्यालय बंजरिया के छात्र रवि पटेल पुत्र कमलेश पटेल ने प्रार्थना पत्र प्रस्तुत कर बताया कि वह दोनों पैरों से दिव्यांग है तथा कक्षा-5 की छात्रवृत्ति की धनराशि अभी तक उसे प्राप्त नहीं हुई है।</div>
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<div style="text-align:justify;">दिव्यांग छात्र की स्थिति को देखकर जिलाधिकारी श्री गौड़ ने तत्काल संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।  दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग के अधिकारियों को छात्र को तुरंत ट्राइसाइकिल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए, जिसके क्रम में जिलाधिकारी ने</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/180980/district-magistrate-became-emotional-after-hearing-the-pain-of-disabled"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/1001717275.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>सोनभद्र/ उत्तर प्रदेश - </strong>जनसुनवाई के दौरान जिलाधिकारी चर्चित गौड़ के समक्ष मानवता और संवेदनशीलता का एक प्रेरणादायक उदाहरण देखने को मिला। जनसुनवाई में प्राथमिक विद्यालय बंजरिया के छात्र रवि पटेल पुत्र कमलेश पटेल ने प्रार्थना पत्र प्रस्तुत कर बताया कि वह दोनों पैरों से दिव्यांग है तथा कक्षा-5 की छात्रवृत्ति की धनराशि अभी तक उसे प्राप्त नहीं हुई है।</div>
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<div style="text-align:justify;">दिव्यांग छात्र की स्थिति को देखकर जिलाधिकारी श्री गौड़ ने तत्काल संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।  दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग के अधिकारियों को छात्र को तुरंत ट्राइसाइकिल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए, जिसके क्रम में जिलाधिकारी ने स्वयं अपने हाथों से रवि पटेल को ट्राइसाइकिल प्रदान की।</div>
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<div style="text-align:justify;">इसके साथ ही जिलाधिकारी ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को निर्देशित किया कि छात्र की लंबित छात्रवृत्ति की धनराशि का तत्काल सत्यापन कर उसे उसके बैंक खाते में प्रेषित कराना सुनिश्चित करें।</div>
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<div style="text-align:justify;">जिलाधिकारी की इस संवेदनशील एवं मानवीय पहल से छात्र रवि तथा उसके परिजनों के चेहरे पर खुशी झलक उठी। ट्राइसाइकिल प्राप्त होने पर परिजनों की आंखों में खुशी के आंसू छलक पड़े और उन्होंने जिलाधिकारी का आभार व्यक्त किया। जनसुनवाई में की गई यह पहल प्रशासन की जनकल्याणकारी एवं संवेदनशील कार्यशैली का एक उत्कृष्ट उदाहरण बनी।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 11 Jun 2026 17:33:08 +0530</pubDate>
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