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                <title>earthquake - Swatantra Prabhat</title>
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                <description>earthquake RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>अफगानिस्तान में अब तक 1400 से अधिक लोगों की मौत</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;">पूर्वी अफ़ग़ानिस्तान का कुनार प्रांत रविवार आधी रात के बाद एक भयानक भूकंप से दहल उठा। भूकंप की तीव्रता 6.1 मापी गई और इसका केंद्र कुनार की राजधानी असदाबाद के पास लगभग 27 किलोमीटर गहराई में था। इस विनाशकारी प्राकृतिक आपदा ने अब तक 1,411 लोगों की जान ले ली है और 3,124 लोग घायल हुए हैं। तालिबान के प्रवक्ता ज़बीहुल्लाह मुजाहिद ने इस दुखद घटना की पुष्टि की और बताया कि अब तक कुनार में 5,412 घर पूरी तरह से नष्ट हो चुके हैं। सरकार की ओर से लगातार राहत और बचाव कार्य चलाया जा रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;">विशेष रूप</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/154378/more-than-1400-people-killed-in-afghanistan-so-far"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-09/image.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">पूर्वी अफ़ग़ानिस्तान का कुनार प्रांत रविवार आधी रात के बाद एक भयानक भूकंप से दहल उठा। भूकंप की तीव्रता 6.1 मापी गई और इसका केंद्र कुनार की राजधानी असदाबाद के पास लगभग 27 किलोमीटर गहराई में था। इस विनाशकारी प्राकृतिक आपदा ने अब तक 1,411 लोगों की जान ले ली है और 3,124 लोग घायल हुए हैं। तालिबान के प्रवक्ता ज़बीहुल्लाह मुजाहिद ने इस दुखद घटना की पुष्टि की और बताया कि अब तक कुनार में 5,412 घर पूरी तरह से नष्ट हो चुके हैं। सरकार की ओर से लगातार राहत और बचाव कार्य चलाया जा रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;">विशेष रूप से प्रभावित इलाकों में हेलीकॉप्टर के ज़रिए घायलों को निकाला जा रहा है ताकि उन्हें तुरंत इलाज मिल सके। इससे पहले अफ़ग़ान रेड क्रिसेंट सोसाइटी ने मरने वालों की संख्या 1,124 बताई थी और कहा था कि करीब 3,251 लोग घायल हुए हैं। संस्था ने यह भी कहा था कि 8,000 से ज़्यादा घरों को नुकसान पहुंचा है और बहुत से लोग अब भी मलबे के नीचे दबे हुए हैं। यही कारण है कि राहत कार्य तेज़ी से चल रहे हैं और मौत का आंकड़ा अभी और बढ़ सकता है।</p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>पंजशीर प्रांत में इस भूकंप से आर्थिक नुकसान हुआ</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">कुनार प्रांत इस भूकंप से सबसे ज़्यादा प्रभावित हुआ है। यहां के अस्पतालों में इतनी भीड़ है कि घायलों को ज़मीन पर लिटाकर इलाज किया जा रहा है। कई लोगों को सामूहिक रूप से दफनाया गया है क्योंकि परिवारों के पास न तो संसाधन हैं और न ही समय। स्थानीय लोगों ने बताया कि कई बच्चे जो अपने घरों से बेघर हो गए हैं वे खुले आसमान के नीचे रात बिता रहे हैं।नंगरहार, लघमन और नूरिस्तान जैसे पड़ोसी प्रांतों में भी भूकंप के झटके महसूस किए गए और वहां भी कुछ मौतें व घायल होने की सूचना मिली है। वहीं पंजशीर प्रांत में इस भूकंप से आर्थिक नुकसान हुआ है लेकिन किसी के मारे जाने की सूचना नहीं है।</p>
<p style="text-align:justify;">भूकंप के झटके अफ़ग़ानिस्तान की राजधानी काबुल तक महसूस किए गए। इसके साथ ही पाकिस्तान के ख़ैबर पख़्तूनख़्वा प्रांत में भी कंपन दर्ज की गई। इसने साबित कर दिया कि भूकंप की तीव्रता कितनी अधिक थी और इसका प्रभाव कितना व्यापक रहा।</p>
<p style="text-align:justify;">दूरदराज़ के इलाकों में पहुंचना सबसे बड़ी चुनौती बन गया है। तालिबान सरकार के पास संसाधनों की कमी है और जिन इलाकों में सड़कें नष्ट हो चुकी हैं वहां हेलीकॉप्टरों के माध्यम से घायलों को निकाला जा रहा है।<br />स्थानीय और अंतरराष्ट्रीय मानवीय संगठनों ने तुरंत सहायता पहुंचाने की बात कही है। राहत शिविर लगाए जा रहे हैं लेकिन अब भी हज़ारों लोग भोजन, पानी और दवाइयों की कमी से जूझ रहे हैं।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>भूकंप के बाद की ज़िंदगी</strong><br />भूकंप के बाद जो लोग बचे हैं उनकी ज़िंदगी पूरी तरह बदल गई है। अपने प्रियजनों को खोने का दुख, घर उजड़ने की पीड़ा और भविष्य की अनिश्चितता ने लोगों को गहरे सदमे में डाल दिया है। बच्चों की पढ़ाई छूट गई है और महिलाएं व बुज़ुर्ग खुले में जीवन बिता रहे हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>अंतर्राष्ट्रीय</category>
                                            <category>यूरोप</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 02 Sep 2025 16:52:19 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>भूकंप: ऐसी आपदा जिसकी भविष्यवाणी नहीं की जा सकती</title>
                                    <description><![CDATA[<p><span lang="hi" xml:lang="hi">जापान के क्यूशू द्वीप पर फिर आया भूकंप। अभी तक जान माल की हानि की कोई खबर नहीं। म्यांमार में आए भूकंप में मरने वालों की संख्या 3000 के पार। थाईलैंड में भी आए भूकंप के झटके। ये वे समाचार हैं जो पिछले कुछ दिनों से सुर्खियां बने हुए हैं। यह एक कटु सत्य है कि भूकंप जैसी आपदा का अभी तक कोई तोड़ नहीं निकाला जा सका। भूकंप एक ऐसी प्राकृतिक आपदा है जो मानव सभ्यता के लिए हमेशा से एक रहस्य और चुनौती बनी हुई है। </span></p>
<p><span lang="hi" xml:lang="hi">जब भी प्राकृतिक आपदाओं की बात आती है, तो बाढ़, तूफान, या</span></p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/150743/earthquake-disaster-that-cannot-be-predicted"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-04/download-(1).jpg" alt=""></a><br /><p><span lang="hi" xml:lang="hi">जापान के क्यूशू द्वीप पर फिर आया भूकंप। अभी तक जान माल की हानि की कोई खबर नहीं। म्यांमार में आए भूकंप में मरने वालों की संख्या 3000 के पार। थाईलैंड में भी आए भूकंप के झटके। ये वे समाचार हैं जो पिछले कुछ दिनों से सुर्खियां बने हुए हैं। यह एक कटु सत्य है कि भूकंप जैसी आपदा का अभी तक कोई तोड़ नहीं निकाला जा सका। भूकंप एक ऐसी प्राकृतिक आपदा है जो मानव सभ्यता के लिए हमेशा से एक रहस्य और चुनौती बनी हुई है। </span></p>
<p><span lang="hi" xml:lang="hi">जब भी प्राकृतिक आपदाओं की बात आती है, तो बाढ़, तूफान, या ज्वालामुखी विस्फोट जैसी घटनाओं की तुलना में भूकंप का नाम सबसे अनिश्चित और विनाशकारी रूप में सामने आता है। इसका कारण यह है कि विज्ञान और तकनीक के इस युग में भी हम भूकंप की सटीक भविष्यवाणी करने में असमर्थ हैं। यद्यपि वैज्ञानिकों ने उन क्षेत्रों की पहचान करने में सफलता प्राप्त की है जहां भूकंप का खतरा अधिक होता है और जहां भविष्य में भी इसकी संभावना बनी रहती है, फिर भी यह अनिश्चितता मानव जीवन और संपत्ति के लिए एक गंभीर खतरा बनी हुई है।</span> </p>
<p><span lang="hi" xml:lang="hi">भूकंप पृथ्वी की सतह पर होने वाली वह हलचल है जो इसके भीतरी भाग में संचित ऊर्जा के अचानक मुक्त होने के कारण उत्पन्न होती है। यह ऊर्जा पृथ्वी की टेक्टोनिक प्लेटों के आपसी टकराव, खिसकने, या दबाव के कारण पैदा होती है। पृथ्वी की ऊपरी परत, जिसे भूपर्पटी (क्रस्ट) कहते हैं, कई विशाल प्लेटों में विभाजित है। ये प्लेटें पृथ्वी के अंदर मौजूद मैग्मा(लावा) पर तैरती रहती हैं और निरंतर गति में रहती हैं।</span></p>
<p><span lang="hi" xml:lang="hi"> जब ये प्लेटें एक-दूसरे के खिलाफ रगड़ खाती हैं, दबाव बनता है, और यह दबाव जब असहनीय हो जाता है, तो यह ऊर्जा भूकंपीय तरंगों के रूप में बाहर निकलती है। यही तरंगें भूकंप का कारण बनती हैं। भूकंप की तीव्रता को रिक्टर स्केल या मरकेली स्केल जैसे पैमानों से मापा जाता है। रिक्टर स्केल भूकंप की ऊर्जा को मापती है, जबकि मरकेली स्केल इसके प्रभाव को। उदाहरण के लिए, 2.0 से कम तीव्रता का भूकंप आमतौर पर महसूस नहीं होता, लेकिन 7.0 से अधिक तीव्रता का भूकंप व्यापक विनाश का कारण बन सकता है।</span></p>
<p><span lang="hi" xml:lang="hi">हालांकि भूकंप की सटीक भविष्यवाणी संभव नहीं है, लेकिन वैज्ञानिकों ने उन क्षेत्रों की पहचान कर ली है जहां भूकंप की संभावना अधिक होती है। ये क्षेत्र मुख्य रूप से टेक्टोनिक प्लेटों की सीमाओं के पास स्थित होते हैं। उदाहरण के लिए,</span> "<span lang="hi" xml:lang="hi">रिंग ऑफ फायर</span>" <span lang="hi" xml:lang="hi">प्रशांत महासागर के आसपास का एक ऐसा क्षेत्र है जहां विश्व के लगभग 80% भूकंप आते हैं। जापान, इंडोनेशिया, चिली, और पश्चिमी अमेरिका जैसे क्षेत्र इस रिंग का हिस्सा हैं।</span></p>
<p><span lang="hi" xml:lang="hi"> भारत में हिमालय क्षेत्र, कच्छ, और पूर्वोत्तर राज्य भूकंप के लिए संवेदनशील माने जाते हैं, क्योंकि यहाँ इंडो-ऑस्ट्रेलियाई प्लेट और यूरेशियन प्लेट के बीच टकराव होता है। इन क्षेत्रों की पहचान भूकंपीय इतिहास, भूगर्भीय संरचना, और प्लेट गति के अध्ययन के आधार पर की जाती है। फिर भी, यह अनुमान केवल संभावना को दर्शाता है, न कि निश्चित समय या तारीख को।</span></p>
<p><span lang="hi" xml:lang="hi">भूकंप के प्रभाव इसकी तीव्रता, गहराई, और प्रभावित क्षेत्र की जनसंख्या के घनत्व पर निर्भर करते हैं। एक शक्तिशाली भूकंप इमारतों को ढहा सकता है, सड़कों को तोड़ सकता है, और बुनियादी ढांचे को नष्ट कर सकता है। इसके अलावा, भूकंप के बाद आने वाली सुनामी, भूस्खलन, और आग जैसी द्वितीयक आपदाएं स्थिति को और भयावह बना देती हैं। उदाहरण के लिए, 2004 में हिंद महासागर में आए भूकंप और उसके बाद की सुनामी ने लाखों लोगों की जान ले ली थी। इसी तरह, 2011 में जापान में आए भूकंप ने न केवल भारी तबाही मचाई, बल्कि फुकुशिमा परमाणु संयंत्र में दुर्घटना का कारण भी बना। भारत में 2001 का कच्छ के भुज में आया भूकंप एक ऐसा उदाहरण है जिसने हजारों लोगों की जान ली और पूरे क्षेत्र को तबाह कर दिया।</span></p>
<p><span lang="hi" xml:lang="hi">मानव जीवन के अलावा, भूकंप का आर्थिक प्रभाव भी गहरा होता है। पुनर्निर्माण, राहत कार्य, और प्रभावित लोगों के पुनर्वास में अरबों रुपये खर्च होते हैं। विकासशील देशों में यह बोझ और भी भारी हो जाता है, जहां संसाधन पहले से ही सीमित होते हैं।</span></p>
<p><span lang="hi" xml:lang="hi">भूकंप की भविष्यवाणी की असंभवता का कारण पृथ्वी के भीतरी भाग की जटिलता और उस तक सीमित पहुंच है। वैज्ञानिक भूकंपीय तरंगों, प्लेट गति, और भूगर्भीय तनाव का अध्ययन करते हैं, लेकिन ये संकेत इतने सूक्ष्म और अनियमित होते हैं कि इनके आधार पर सटीक समय और स्थान का अनुमान लगाना असंभव हो जाता है। कुछ जानवरों, जैसे कुत्ते और पक्षी, के व्यवहार में परिवर्तन को भूकंप से जोड़ा गया है, लेकिन यह भी कोई विश्वसनीय तरीका नहीं है और आज मनुष्य मनुष्य के व्यवहार का अध्ययन करने में पूरी तरह सफल नहीं हो पाया तो पशुओं के व्यवहार का अध्ययन इतना सरल कैसे हो सकता है? वर्तमान में कृत्रिम बुद्धिमत्ता और मशीन लर्निंग का उपयोग भूकंपीय डेटा के विश्लेषण के लिए किया जा रहा है। ये तकनीकें पैटर्न की पहचान कर सकती हैं, लेकिन अभी तक ये केवल जोखिम वाले क्षेत्रों को चिह्नित करने तक सीमित हैं, न कि सटीक भविष्यवाणी करने में।</span></p>
<p><span lang="hi" xml:lang="hi">भूकंप की भविष्यवाणी न कर पाने की स्थिति में सबसे प्रभावी</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">रणनीति है तैयारी और बचाव। भूकंप प्रतिरोधी भवनों का निर्माण एक महत्वपूर्ण कदम है। जापान जैसे देशों ने इस दिशा में उल्लेखनीय प्रगति की है, जहां ऊंचे ऊंचे भवन लचीले ढांचे और उन्नत तकनीक के साथ बनाए जाते हैं ताकि वे भूकंपीय झटकों को सह सकें।</span></p>
<p><span lang="hi" xml:lang="hi">सार्वजनिक जागरूकता भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। लोगों को यह सिखाया जाना चाहिए कि भूकंप के दौरान क्या करना चाहिए और क्या नहीं करना चाहिए—जैसे कि मेज के नीचे छिपना, खुली जगह में जाना, और लिफ्ट का उपयोग न करना। स्कूलों और कार्यालयों में नियमित भूकंप अभ्यास (ड्रिल) आयोजित किए जाने चाहिए। सरकारों को भी आपदा प्रबंधन के लिए मजबूत नीतियां बनानी चाहिए। राहत सामग्री, चिकित्सा सुविधाएं, और बचाव दल पहले से तैयार रखे जाने चाहिए ताकि आपदा के बाद तुरंत कार्रवाई की जा सके।</span></p>
<p><span lang="hi" xml:lang="hi">भूकंप न केवल एक प्राकृतिक आपदा है, बल्कि यह मानव सभ्यता के लिए एक सबक भी है। यह हमें प्रकृति की शक्ति और हमारी सीमाओं की याद दिलाता है। जैसे-जैसे हमारी तकनीक और समझ बढ़ती है, हमें उम्मीद है कि भविष्य में हम भूकंप के प्रभाव को कम करने में और सक्षम होंगे। लेकिन तब तक, हमें इसके साथ जीना सीखना होगा—सावधानी, तैयारी, और सामूहिक जिम्मेदारी के साथ। भूकंप एक ऐसी आपदा है जो अपनी अनिश्चितता के कारण भयावह बनी हुई है। फिर भी, विज्ञान और समाज के संयुक्त प्रयासों से हम इसके प्रभाव को कम कर सकते हैं।</span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                            <category>संपादकीय</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 03 Apr 2025 16:22:37 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ग्रीस के सेंटोरिनी द्वीप में अब तक 36 घंटों  में 200 बार भूकंप के झटकों से दहला देश ! खास एडवाइजरी भी जारी</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>सबसे शक्तिशाली झटका 4.6 - </strong>  ग्रीस के सेंटोरिनी द्वीप और उसके आसपास के क्षेत्रों में शुक्रवार से अब तक 200 से अधिक भूकंप के झटके दर्ज किए गए हैं। इनमें सबसे शक्तिशाली झटका 4.6 तीव्रता का था। हालांकि अभी तक किसी बड़े नुकसान की सूचना नहीं है, लेकिन सरकार ने एहतियातन स्कूलों को बंद कर दिया है, बचाव दलों को तैनात किया है और निवासियों को विशेष सुरक्षा निर्देश जारी किए हैं।</p>
<p>  ग्रीस के जलवायु संकट और नागरिक सुरक्षा मंत्रालय ने बताया कि शुक्रवार से लगातार छोटे-बड़े भूकंपों का सिलसिला जारी है। सबसे तेज झटका रविवार दोपहर 3:55 बजे</p>
<p><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2025-02/download-(3)1.jpg" alt="download (3)" width="275" height="183" />हालांकि</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/148142/country-shocking-in-36-hours-in-36-hours-so-far"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-02/download-(2)1.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>सबसे शक्तिशाली झटका 4.6 - </strong> ग्रीस के सेंटोरिनी द्वीप और उसके आसपास के क्षेत्रों में शुक्रवार से अब तक 200 से अधिक भूकंप के झटके दर्ज किए गए हैं। इनमें सबसे शक्तिशाली झटका 4.6 तीव्रता का था। हालांकि अभी तक किसी बड़े नुकसान की सूचना नहीं है, लेकिन सरकार ने एहतियातन स्कूलों को बंद कर दिया है, बचाव दलों को तैनात किया है और निवासियों को विशेष सुरक्षा निर्देश जारी किए हैं।</p>
<p> ग्रीस के जलवायु संकट और नागरिक सुरक्षा मंत्रालय ने बताया कि शुक्रवार से लगातार छोटे-बड़े भूकंपों का सिलसिला जारी है। सबसे तेज झटका रविवार दोपहर 3:55 बजे महसूस किया गया, जिसकी तीव्रता 4.6 थी और केंद्र 14 किमी की गहराई पर स्थित था। इसके अलावा, 4.0 से अधिक तीव्रता वाले कई झटके और दर्जनों 3.0 तीव्रता के हल्के झटके भी रिकॉर्ड किए गए।  </p>
<p><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2025-02/download-(3)1.jpg" alt="download (3)" width="275" height="183"></img>हालांकि अभी तक किसी प्रकार की क्षति या किसी के हताहत होने की खबर नहीं है, लेकिन प्रशासन ने इस स्थिति को गंभीरता से लेते हुए विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। रविवार को हुई एक उच्च स्तरीय बैठक में सेंटोरिनी सहित आसपास के अमोर्गोस, अनाफी और आईओएस द्वीपों में स्कूलों को अस्थायी रूप से बंद करने का निर्णय लिया गया।</p>
<p>सरकार ने होटल मालिकों और स्थानीय निवासियों को चेतावनी दी है कि वे अपने स्वीमिंग पूल को खाली कर दें, जिससे किसी बड़े भूकंप की स्थिति में पानी का भार इमारतों को अस्थिर न कर दे। बचाव कर्मियों ने खुले स्थानों में टेंट लगाने शुरू कर दिए हैं ताकि जरूरत पड़ने पर सुरक्षित स्थान उपलब्ध हो सके।  <br /> <br />वैज्ञानिकों और विशेषज्ञों का कहना है कि इन झटकों का सीधा संबंध सेंटोरिनी के ज्वालामुखी से नहीं है, जिसने इतिहास के सबसे बड़े विस्फोटों में से एक को जन्म दिया था। हालांकि, लगातार भूकंप के झटकों ने इस क्षेत्र में एक बड़े भूकंप की संभावना को बढ़ा दिया है। रविवार शाम को ग्रीस के प्रधानमंत्री कार्यालय में देश के सशस्त्र बलों के प्रमुख और अन्य अधिकारियों के साथ एक आपात बैठक बुलाई गई। भूकंप की तीव्रता को देखते हुए प्रशासन किसी भी संभावित आपदा से निपटने के लिए तैयारी कर रहा है।  </p>
<p><strong> निवासियों को दी गई चेतावनी </strong><br />- बड़े सार्वजनिक आयोजनों से बचें।  <br />- ऊंची चट्टानों के पास जाने से परहेज करें।  <br />- सुरक्षित स्थानों पर रहने की योजना बनाएं।  <br />- भूकंप आपातकालीन किट तैयार रखें।  <br /> <br /><strong>टोरिनी का भूकंपीय इतिहास  - </strong>सेंटोरिनी द्वीप पर 1600 ईसा पूर्व में हुए एक भीषण ज्वालामुखी विस्फोट ने पूरे द्वीप को तबाह कर दिया था। इस विस्फोट ने एक प्राचीन शहर को नष्ट कर दिया था और भूकंप व सुनामी उत्पन्न की थी, जिसके प्रभाव क्रेते द्वीप और मिस्र तक देखे गए थे। विशेषज्ञों का मानना है कि इस क्षेत्र में 6.0 तीव्रता तक का भूकंप आ सकता है, लेकिन यह कब होगा, इस पर सटीक अनुमान लगाना कठिन है।  </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>अंतर्राष्ट्रीय</category>
                                            <category>एशिया</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 03 Feb 2025 18:03:25 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>नेपाल भूकंप ने उझाड़ दिए हज़ारों घर, लगभग 157 लोगों की मौत </title>
                                    <description><![CDATA[<p class="heading1 my-3"><strong>Nepal Earthquake: </strong>नेपाल में भूकंप के कारण कम से कम 157 लोगों की मौत होने और बड़ी संख्या में मकानों के क्षतिग्रस्त या नष्ट होने के कारण देश के पश्चिमोत्तर हिस्से के पर्वतीय गांवों में हजारों लोगों को कड़ाके की ठंड के बावजूद शनिवार रात को बाहर सड़कों पर सोना पड़ा। नेपाल में शुक्रवार रात अचानक आए भूकंप से जाजरकोट जिले के गांवों में अधिकतर मकान या तो ढह गए या गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हो गए, जबकि कस्बों में कंक्रीट के कुछ मकान क्षतिग्रस्त हो गए। </p>
<p>चिउरी गांव के निवासी लाल बहादुर बीका ने भूकंप के कारण मारे गए</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/136729/nepal-earthquake-destroyed-thousands-of-houses-about-157-people-died"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2023-11/nepal-earthquake_large_1116_144.webp" alt=""></a><br /><p class="heading1 my-3"><strong>Nepal Earthquake: </strong>नेपाल में भूकंप के कारण कम से कम 157 लोगों की मौत होने और बड़ी संख्या में मकानों के क्षतिग्रस्त या नष्ट होने के कारण देश के पश्चिमोत्तर हिस्से के पर्वतीय गांवों में हजारों लोगों को कड़ाके की ठंड के बावजूद शनिवार रात को बाहर सड़कों पर सोना पड़ा। नेपाल में शुक्रवार रात अचानक आए भूकंप से जाजरकोट जिले के गांवों में अधिकतर मकान या तो ढह गए या गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हो गए, जबकि कस्बों में कंक्रीट के कुछ मकान क्षतिग्रस्त हो गए। </p>
<p>चिउरी गांव के निवासी लाल बहादुर बीका ने भूकंप के कारण मारे गए 13 लोगों के सफेद कपड़ों में लिपटे शवों की ओर इशारा करते हुए कहा, ‘‘हम अपने गांवों में मारे गए लोगों के शवों के अंतिम संस्कार का इंतजार कर रहे हैं और भूकंप में घायल हुए लोगों की देखभाल करने की कोशिश कर रहे हैं।’’ इन शवों का रविवार सुबह अंतिम संस्कार किया जाना है। चिउरी गांव में कई मकान ढह गए हैं। लोगों ने रात में खुद को गर्म रखने के लिए प्लास्टिक की चादरों और पुराने कपड़ों का उपयोग किया।</p>
<p>कई लोग अपने ढह चुके मकानों के मलबे के नीचे से अपना सामान निकालने में असमर्थ हैं। बचावकर्मी तत्काल सहायता पहुंचाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन कई पहाड़ी गांवों तक पैदल ही पहुंचा जा सकता है जिसके कारण अभियान में बाधा पैदा हो रही है। भूकंप के कारण हुए भूस्खलन से सड़कें भी अवरुद्ध हो गई हैं। सैनिकों को अवरुद्ध सड़कों को साफ करने की कोशिश करते देखा जा सकता है। देश के उपप्रधानमंत्री नारायण काजी श्रेष्ठ ने शनिवार को कहा कि सरकार प्रभावित क्षेत्रों में सहायता पहुंचाने की कोशिश कर रही है। हजारों लोगों के रातों-रात बेघर हो जाने के कारण तंबू, भोजन और दवाइयां भेजी गई हैं।</p>
<p>क्षेत्रीय अस्पताल में भर्ती घायलों में शामिल बिमल कुमार कार्की ने कहा, ‘‘मैं गहरी नींद में था तभी अचानक सब जोर से हिलने लगा। मैंने भागने की कोशिश की लेकिन मेरा पूरा मकान ढह गया। मैंने बच कर भागने का प्रयास किया लेकिन मेरा आधा शरीर मलबे में दब गया।’’ कार्की ने कहा, ‘‘मैं चिल्लाया, लेकिन मेरे सभी पड़ोसी ऐसी ही स्थिति में थे और मदद के लिए चिल्ला रहे थे। बचावकर्मियों को मुझ तक पहुंचने में लगभग आधे से एक घंटे का समय लग गया।’’ अस्पताल में भर्ती एक अन्य व्यक्ति टीका राम राणा ने कहा, ‘‘मैं सो रहा था कि रात को करीब 10-11 बजे सब हिलने लगा और मकान धंस गया। कई मकान ढह गए और कई लोग मलबे में दब गए।’’ बचावकर्मी लोगों को सहायता पहुंचाने के साथ-साथ मलबे में जीवित बचे लोगों की तलाश भी कर रहे हैं।</p>
<p> </p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>अंतर्राष्ट्रीय</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>एशिया</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 05 Nov 2023 13:13:29 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Office Desk Lucknow]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>प्रयागराज में आया भूकंप का तेज झटका, घरों के बाहर भागे लोग</title>
                                    <description><![CDATA[<div>प्रयागराज शुक्रवार को रात 11:36 पर भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए इससे अफरा-तफरी मची रही। शहर से लेकर गांव तक लोग घर के बाहर आ गए। नींद में सो रहे लोग परिवार के साथ उठकर बाहर भाग गए। सड़कों पर भीड़ जमा हो गई। काफी देर तक लोग दहशत में रहे। बताया जा रहा है कि प्रयागराज सहित पूरे उत्तर प्रदेश में हर जिले में भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं। लोग अपार्टमेंट और घर के बाहर सड़क पर घंटे बैठे रहे।</div>
<div>  </div>
<div>विनोद कुमार वर्मा निवासी गुलटारिया अपार्टमेंट ने बताया कि अभी में रात में सो रहा</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/136713/strong-earthquake-hits-prayagraj-people-run-out-of-their-homes"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2023-11/img-20231104-wa0160.jpg" alt=""></a><br /><div>प्रयागराज शुक्रवार को रात 11:36 पर भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए इससे अफरा-तफरी मची रही। शहर से लेकर गांव तक लोग घर के बाहर आ गए। नींद में सो रहे लोग परिवार के साथ उठकर बाहर भाग गए। सड़कों पर भीड़ जमा हो गई। काफी देर तक लोग दहशत में रहे। बताया जा रहा है कि प्रयागराज सहित पूरे उत्तर प्रदेश में हर जिले में भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं। लोग अपार्टमेंट और घर के बाहर सड़क पर घंटे बैठे रहे।</div>
<div> </div>
<div>विनोद कुमार वर्मा निवासी गुलटारिया अपार्टमेंट ने बताया कि अभी में रात में सो रहा था। अचानक मेरी बिल्डिंग हिलने लगी तब मुझे लगा कि भूकंप आ गया है हम लोग नीचे बहुत डरे हुए हैं।</div>
<div> </div>
<div>आराधना मिश्रा निवासी गोटेरिया अपार्टमेंट सुलेम सराय प्रयागराज का कहना है कि अभी मैं जब सो रही थी तो अचानक भूकंप आ गया। सभी लोग नीचे आ गए हैं। अब ऊपर जाने की हिम्मत नहीं है</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 05 Nov 2023 12:27:54 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Office Desk Lucknow]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>नेपाल भूकंप का भयानक मंजर, अब तक 132 लोगों की मौत, पीएम मोदी ने जताया दुःख </title>
                                    <description><![CDATA[<p>भारत के पड़ोसी देश नेपाल में एक बार फिर भूकंप के कारण कई इमारतें ढह गईं और  132 लोगों की मौत हो चुकी है। शुक्रवार देर रात आए  6.4 तीव्रता वाले इस भूकंप के कारण मौतों का आंकड़ा और बढ़ने की आशंका है। मलबे में दबने के कारण कई लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं । भूकंप के कई भयानक वीडियो सामने आए हैं। नेपाल में सभी हेली-ऑपरेटरों को तैयार रहने के लिए कहा गया है और प्रभावित क्षेत्रों से घायलों को एयरलिफ्ट करने की सुविधा के लिए नियमित उड़ान आवाजाही निलंबित कर दी गई है। नेपालगंज हवाई अड्डे</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/136667/terrible-scene-of-nepal-earthquake-132-people-have-died-so"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2023-11/2023_11image_11_34_063422599earthquakenepal1-ll.jpg" alt=""></a><br /><p>भारत के पड़ोसी देश नेपाल में एक बार फिर भूकंप के कारण कई इमारतें ढह गईं और  132 लोगों की मौत हो चुकी है। शुक्रवार देर रात आए  6.4 तीव्रता वाले इस भूकंप के कारण मौतों का आंकड़ा और बढ़ने की आशंका है। मलबे में दबने के कारण कई लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं । भूकंप के कई भयानक वीडियो सामने आए हैं। नेपाल में सभी हेली-ऑपरेटरों को तैयार रहने के लिए कहा गया है और प्रभावित क्षेत्रों से घायलों को एयरलिफ्ट करने की सुविधा के लिए नियमित उड़ान आवाजाही निलंबित कर दी गई है। नेपालगंज हवाई अड्डे और सैन्य बैरक हेलीपैड पर एक एंबुलेंस तैनात करने के निर्देश दिए गए हैं। </p>
<p>भूकंप के कारण ज्यादातर लोगों की मौत रुकुम पश्चिम और जाजरकोट में हुई है।  भूकंप का असर नेपाल से सटे भारत के बिहार में भी पड़ा है। नेपाल में तबाही मचाने वाले भूकंप की तीव्रता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि उसका असर दिल्ली-एनसीआर समेत पूरे उत्तर भारत में देखा गया।अधिकारियों ने शनिवार को बताया कि नेपाल में आए भूकंप के कारण बिहार के कई जिलों में तेज झटके महसूस किए गए। हालाँकि, राज्य में किसी भी तरह की जान-माल की क्षति की सूचना नहीं है।</p>
<p>बिहार में भूकंप के झटके पटना, कटिहार, पूर्वी चंपारण, दरभंगा, मुजफ्फरपुर, पश्चिमी चंपारण, सासाराम, नवादा और भारत-नेपाल सीमा से लगे कई अन्य जिलों में महसूस किए गए।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नेपाल में भूकंप से हुए जान-माल के नुकसान पर दुख जताया और  हर संभव सहायता का आश्वासन दिया है।  उन्होंने कहा, नेपाल में भूकंप के कारण हुई जनहानि और क्षति से अत्यंत दुखी हूं। भारत नेपाल के लोगों के साथ एकजुटता से खड़ा है और हर संभव सहायता देने के लिए तैयार है। </p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 04 Nov 2023 13:00:23 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Office Desk Lucknow]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Earthquake: भूकंप के तेज झटकों से कांप गया अफगानिस्तान </title>
                                    <description><![CDATA[<p class="short_desc"><strong>Afghanistan:</strong> अफगानिस्तान में एक बार फिर भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए हैं. वेस्टर्न अफगानिस्तान में आए इस भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 6.3 मापी गई है. 10 किलोमीटर की गहराई पर इसका केंद्र था. चार दिन पहले ही भूकंप ने अफगानिस्तान में भीषण तबाही मचाई थी. हेरात में शनिवार को आए 6.3 तीव्रता के भूकंप में 2500 से ज्यादा लोगों की जान चली गई थी. जबकि हजारों की संख्या में लोग घायल हुए थे.</p>
<p>बीते शनिवार को अफगानिस्तान में भूकंप के तीन जबरदस्त झटके लगे. तीव्रता 6.3, 5.9 और 5.5 थी. इस शक्तिशाली भूकंप से कई गांव</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/135740/afghanistan-shook-due-to-strong-earthquake"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2023-10/earthquake-in-afghanistan.webp" alt=""></a><br /><p class="short_desc"><strong>Afghanistan:</strong> अफगानिस्तान में एक बार फिर भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए हैं. वेस्टर्न अफगानिस्तान में आए इस भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 6.3 मापी गई है. 10 किलोमीटर की गहराई पर इसका केंद्र था. चार दिन पहले ही भूकंप ने अफगानिस्तान में भीषण तबाही मचाई थी. हेरात में शनिवार को आए 6.3 तीव्रता के भूकंप में 2500 से ज्यादा लोगों की जान चली गई थी. जबकि हजारों की संख्या में लोग घायल हुए थे.</p>
<p>बीते शनिवार को अफगानिस्तान में भूकंप के तीन जबरदस्त झटके लगे. तीव्रता 6.3, 5.9 और 5.5 थी. इस शक्तिशाली भूकंप से कई गांव बर्बाद हो गए. सैकड़ों नागरिक मलबे के नीचे दब गए. सैंकड़ों घर जमींदोज हो गए हैं जबकि हजारों मकान को नुकसान पहुंचा. यह भूकंप दशकों में आए सबसे घातक भूकंपों में से एक था. बता दें कि अफगानिस्तान में आए दिन भूकंप आता है.</p>
<p>भूकंप के बाद कई गांवों में मलबे के अलावा कुछ नहीं बचा है. भूकंप के चार दिन बाद भी बचावकर्मी और गांव के लोग मलबे को हटाने में जुटे हैं. वो इस उम्मीद के साथ ये काम कर रहे हैं कि शायद अब भी कई लोग जिंदा बचे हो सकते हैं. भूकंप का केंद्र हेरात शहर से करीब 40 किलोमीटर उत्तर-पश्चिम में स्थित था. कुछ गांव तो पूरा का पूरा साफ हो गया. जिंदा जान जिले में सबसे ज्यादा लोगों की मौत की खबर है.</p>
<p>जिंदा जान में भूकंप के कारण 1200 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है और 1600 से अधिक लोग घायल बताए जा रहे हैं. इसके अलावा सैंकड़ों लोग अब भी लापता हैं. तालिबान सरकार ने बताया कि 20 गांवों में लगभग 2000 घर पूरी तरह तबाह हो चुके हैं. इससे पहले जून 2022 में पूर्वी अफगानिस्तान में आए शक्तिशाली भूकंप में कम से कम 1000 लोगों की मौत हो गई थी.</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>अंतर्राष्ट्रीय</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>एशिया</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 11 Oct 2023 10:44:55 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Office Desk Lucknow]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>दिल्ली और नेपाल में भूकंप के जोरदार झटके</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>Earthquake: </strong>नेपाल में मंगलवार दोपहर को भूकंप के दो जोरदार झटके लगे। 25 मिनट के अंतराल पर आए भूकंप की तीव्रता 4.6 और 6.2 मापी गई। इन झटकों का असर दिल्ली में भी हुआ। भूकंप के झटके दिल्ली में भी महसूस किए गए। नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी ने एक बयान में कहा है, 'भूकंप की तीव्रता: 6.2, 03-10-2023 को 14:51:04 बजे आया, अक्षांश: 29.39 और देशांतर: 81.23, गहराई: 5 किमी, स्थान: नेपाल।' नेपाल में पहला भूकंप दोपहर 2:25 बजे आया था जबकि दूसरा भूकंप 2:51 बजे आया। भूकंप के झटके दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र यानी एनसीआर के अन्य हिस्सों</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/135460/strong-earthquake-shocks-in-delhi-and-nepal"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2023-10/60293667b2477.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>Earthquake: </strong>नेपाल में मंगलवार दोपहर को भूकंप के दो जोरदार झटके लगे। 25 मिनट के अंतराल पर आए भूकंप की तीव्रता 4.6 और 6.2 मापी गई। इन झटकों का असर दिल्ली में भी हुआ। भूकंप के झटके दिल्ली में भी महसूस किए गए। नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी ने एक बयान में कहा है, 'भूकंप की तीव्रता: 6.2, 03-10-2023 को 14:51:04 बजे आया, अक्षांश: 29.39 और देशांतर: 81.23, गहराई: 5 किमी, स्थान: नेपाल।' नेपाल में पहला भूकंप दोपहर 2:25 बजे आया था जबकि दूसरा भूकंप 2:51 बजे आया। भूकंप के झटके दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र यानी एनसीआर के अन्य हिस्सों में महसूस किये गये। दिल्ली-एनसीआर के लोगों को दूसरे भूकंप के बाद तेज झटके का पता चला और लोगों ने अपने कार्यालयों और ऊंची इमारतों को खाली कर दिया।</p>
<p>दिल्ली पुलिस ने एक बयान में कहा, 'हमें उम्मीद है कि आप सभी सुरक्षित हैं। कृपया अपनी इमारतों से बाहर सुरक्षित स्थान पर आ जाएं, लेकिन घबराएं नहीं। लिफ्ट का इस्तेमाल न करें! किसी भी आपातकालीन मदद के लिए 112 डायल करें।' उत्तर भारत के कई हिस्सों में भूकंप के झटके महसूस किए गए। उत्तराखंड में जोशीमठ से लगभग 200 किमी दक्षिणपूर्व और लखनऊ से 280 किमी उत्तर में आधे घंटे के भीतर दो झटके आए। दिल्ली में दूसरे झटके महसूस किए गए। कुछ रिपोर्टों के अनुसार उत्तर प्रदेश के लखनऊ, हापुड़ और अमरोहा में भी भूकंप के झटके महसूस किये गये। उत्तराखंड के कुछ हिस्सों में भी झटके महसूस किए गए।</p>
<p> </p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 03 Oct 2023 16:14:45 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Office Desk Lucknow]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>इंडोनेशिया के टोबेलो में आया तेज भूकंप, रिक्टर स्केल पर मापी गयी 6.3 की तीव्रता</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>स्वतंत्र प्रभात।</strong></p>
<p>इंडोनेशिया के टोबेलो में भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए। रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 6.3 रही। भूकंप का केंद्र इंडोनेशिया से 177 किमी उतर में था। फिल्हाल किसी तरह के नुकसान की कोई खबर नहीं है।</p>
<p>आपको बत्ता दें कि इससे पहल गुरूवार देर रात को गुजरात में भी भूकंप के झटके महसूस किए गए थे। जिसकी तीव्रता रिक्टर स्केल पर 3.4 मापी गई। लगातार दिन में तीन बार धरती दहली और जिसके चलते इलाके में दहशत का माहौल बन गया।</p>
<p>  </p>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/127584/strong-earthquake-measured-63-on-the-richter-scale-in-tobelo"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2023-02/172.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>स्वतंत्र प्रभात।</strong></p>
<p>इंडोनेशिया के टोबेलो में भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए। रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 6.3 रही। भूकंप का केंद्र इंडोनेशिया से 177 किमी उतर में था। फिल्हाल किसी तरह के नुकसान की कोई खबर नहीं है।</p>
<p>आपको बत्ता दें कि इससे पहल गुरूवार देर रात को गुजरात में भी भूकंप के झटके महसूस किए गए थे। जिसकी तीव्रता रिक्टर स्केल पर 3.4 मापी गई। लगातार दिन में तीन बार धरती दहली और जिसके चलते इलाके में दहशत का माहौल बन गया।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>अंतर्राष्ट्रीय</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>एशिया</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 24 Feb 2023 15:27:47 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>तुर्की-सीरिया में फिर महसूस किए गए भूकंपी झटके, तीव्रता रही 6.3</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>स्वतंत्र प्रभात।</strong></p>
<p>तुर्किये के हताय प्रांत में सोमवार को 6.3 तीव्रता वाले भूकंप के झटके महसूस किए गए। तुर्किये की आपदा प्रबंधन एजेंसी ‘एएफएडी' ने कहा कि 6.3 तीव्रता का भूकंप हताय प्रांत के डेफने शहर के आसपास केंद्रित था। भूकंप के कारण कुछ क्षतिग्रस्त इमारतें ढह गईं, लेकिन किसी के हताहत होने की तत्काल कोई खबर नहीं है।</p>
<p>तुर्किये की सरकारी ‘अनादोलु' एजेंसी ने कहा कि भूकंप के झटके सीरिया, जॉर्डन, इस्राइल और मिस्र में महसूस किए गए। तुर्किये और सीरिया में छह फरवरी को आए 7.8 की तीव्रता वाले भूकंप में लगभग 45,000 लोग मारे गए। तुर्किये के</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/127511/earthquake-tremors-felt-again-in-turkey-syria-the-intensity-was-63"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2023-02/1524.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>स्वतंत्र प्रभात।</strong></p>
<p>तुर्किये के हताय प्रांत में सोमवार को 6.3 तीव्रता वाले भूकंप के झटके महसूस किए गए। तुर्किये की आपदा प्रबंधन एजेंसी ‘एएफएडी' ने कहा कि 6.3 तीव्रता का भूकंप हताय प्रांत के डेफने शहर के आसपास केंद्रित था। भूकंप के कारण कुछ क्षतिग्रस्त इमारतें ढह गईं, लेकिन किसी के हताहत होने की तत्काल कोई खबर नहीं है।</p>
<p>तुर्किये की सरकारी ‘अनादोलु' एजेंसी ने कहा कि भूकंप के झटके सीरिया, जॉर्डन, इस्राइल और मिस्र में महसूस किए गए। तुर्किये और सीरिया में छह फरवरी को आए 7.8 की तीव्रता वाले भूकंप में लगभग 45,000 लोग मारे गए। तुर्किये के अधिकारियों ने उसके बाद 6,000 से अधिक झटके दर्ज किए हैं।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>अंतर्राष्ट्रीय</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>एशिया</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/127511/earthquake-tremors-felt-again-in-turkey-syria-the-intensity-was-63</link>
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                <pubDate>Tue, 21 Feb 2023 07:47:11 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पीलीभीत में भूकंप के झटके, घरों और दफ्तरों से बाहर निकले लोग</title>
                                    <description><![CDATA[<div><strong>स्वतंत्र प्रभात </strong></div>
<div>  </div>
<div><strong>पीलीभीत</strong> मंगलवार को दोपहर करीब 2.30 बजे लोग अपने कार्यों में व्यस्त थे, तभी उन्हें झटके महसूस हुए। पहले तो वे कुछ समझ नहीं पाए। बार-बार झटके महसूस होने पर लोग घरों और दफ्तरों से बाहर आ गए।</div>
<div>पीलीभीत के विकास भवन से बाहर निकले लोग </div>
<div>  </div>
<div>पीलीभीत में मंगलवार दोपहर करीब ढाई बजे भूकंप के झटके महसूस हुए। भूकंप आते ही लोगों दहशत के कारण घरों व कार्यालयों से बाहर आ गए। विकास भवन में काम कर रहे लोगों की दोपहर ढाई बजे एकाएक जब मेज कुर्सी हिलना शुरू हुई तो घबराकर वह कार्यालय से बाहर निकल आए।</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/127053/earthquake-tremors-in-pilibhit-people-came-out-of-their-homes"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2023-01/hindi-divas30.jpg" alt=""></a><br /><div><strong>स्वतंत्र प्रभात </strong></div>
<div> </div>
<div><strong>पीलीभीत</strong> मंगलवार को दोपहर करीब 2.30 बजे लोग अपने कार्यों में व्यस्त थे, तभी उन्हें झटके महसूस हुए। पहले तो वे कुछ समझ नहीं पाए। बार-बार झटके महसूस होने पर लोग घरों और दफ्तरों से बाहर आ गए।</div>
<div>पीलीभीत के विकास भवन से बाहर निकले लोग </div>
<div> </div>
<div>पीलीभीत में मंगलवार दोपहर करीब ढाई बजे भूकंप के झटके महसूस हुए। भूकंप आते ही लोगों दहशत के कारण घरों व कार्यालयों से बाहर आ गए। विकास भवन में काम कर रहे लोगों की दोपहर ढाई बजे एकाएक जब मेज कुर्सी हिलना शुरू हुई तो घबराकर वह कार्यालय से बाहर निकल आए। कुछ ही देर में वहां भीड़ इकट्ठा हो गई। कई स्कूलों में बच्चों को कक्षाओं से निकालकर मैदान में खड़ा करवा दिया गया। भूकंप को लेकर लोग दहशत में रहे। बाजार में भी खलबली मची रही। लोग एक-दूसरे को फोन कर जानकारी लेते रहे।  </div>
<div> </div>
<div><strong>कैसे आता है भूकंप-</strong></div>
<div>भूकंप के आने की मुख्य वजह धरती के अंदर प्लेटों का टकरना है। धरती के भीतर सात प्लेट्स होती हैं, जो लगातार घूमती रहती हैं। जब ये प्लेटें किसी जगह पर आपस में टकराती हैं, तो वहां फॉल्ट लाइन जोन बन जाता है और सतह के कोने मुड़ जाते हैं। सतह के कोने मुड़ने की वजह से वहां दबाव बनता है और प्लेट्स टूटने लगती हैं। इन प्लेट्स के टूटने से अंदर की एनर्जी बाहर आने का रास्ता खोजती है, जिसकी वजह से धरती हिलती है। इसे भूकंप मानते हैं।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पश्चिमी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/127053/earthquake-tremors-in-pilibhit-people-came-out-of-their-homes</link>
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                <pubDate>Wed, 25 Jan 2023 13:24:24 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Office Desk Lucknow]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>इतिहास के सबसे बड़े भूकंप के झटको से कांपा अमेरिका का राज्य टेक्सास </title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>स्वतंत्र प्रभात </strong><br /><br /></p>
<p><strong>अमेरिका </strong>में टेक्सास राज्य के पश्चिमी क्षेत्र में शुक्रवार को 5.4 तीव्रता के भूकंप के झटके महसूस किए गए जो इतिहास के सबसे जोरदार भूकंप के झटकों में से एक रहा। अभी किसी के हताहत होने या किसी तरह के नुकसान की कोई खबर नहीं है। अमेरिकी भूगर्भीय सर्वेक्षण (यूएसजीएस) ने बताया कि भूकंप की तीव्रता 5.4 मापी गयी और यह स्थानीय समयानुसार पांच बजकर 35 मिनट पर आया। </p>
<p>भूकंप का केंद्र मिडलैंड से 22 किलोमीटर दूर उत्तर-उत्तरपश्चिम में जमीन से करीब नौ किलोमीटर की गहरायी में स्थित था। मिडलैंड में राष्ट्रीय मौसम सेवा कार्यालय ने पहले ट्वीट</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/126390/us-state-of-texas-shaken-by-the-biggest-earthquake-in"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2022-12/18.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>स्वतंत्र प्रभात </strong><br /><br /></p>
<p><strong>अमेरिका </strong>में टेक्सास राज्य के पश्चिमी क्षेत्र में शुक्रवार को 5.4 तीव्रता के भूकंप के झटके महसूस किए गए जो इतिहास के सबसे जोरदार भूकंप के झटकों में से एक रहा। अभी किसी के हताहत होने या किसी तरह के नुकसान की कोई खबर नहीं है। अमेरिकी भूगर्भीय सर्वेक्षण (यूएसजीएस) ने बताया कि भूकंप की तीव्रता 5.4 मापी गयी और यह स्थानीय समयानुसार पांच बजकर 35 मिनट पर आया। </p>
<p>भूकंप का केंद्र मिडलैंड से 22 किलोमीटर दूर उत्तर-उत्तरपश्चिम में जमीन से करीब नौ किलोमीटर की गहरायी में स्थित था। मिडलैंड में राष्ट्रीय मौसम सेवा कार्यालय ने पहले ट्वीट कर चेतावनी दी थी कि यह टेक्सास राज्य के इतिहास में चौथा सबसे शक्तिशाली भूकंप होगा। यूएसजीएस के कोलराडो में राष्ट्रीय भूकंप सूचना केंद्र की भूभौतिकीविद जेना पर्सली ने कहा कि भूकंप के झटके 1,500 से अधिक लोगों ने महसूस किए। उन्होंने कहा कि भूकंप के बाद कम तीव्रता का भूकंप का एक और झटका महसूस किया गया। </p>
<p> </p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>अंतर्राष्ट्रीय</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>एशिया</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/126390/us-state-of-texas-shaken-by-the-biggest-earthquake-in</link>
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                <pubDate>Sat, 17 Dec 2022 10:46:44 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Office Desk Lucknow]]></dc:creator>
                            </item>

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