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                <title>Government Fund Misuse - Swatantra Prabhat</title>
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                <description>Government Fund Misuse RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>जिलाधिकारी का बड़ा एक्शन: ग्राम प्रधान और सचिव से 5.15 लाख रुपये की होगी वसूली</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती।</strong> बस्ती जिले के विकास खंड परसरामपुर के अन्तर्गत ग्राम पंचायत लोहरौली में सरकारी धन के दुरुपयोग के मामले में जिलाधिकारी कृतिका ज्योत्स्ना ने सख्त कार्रवाई करते हुए ग्राम प्रधान और ग्राम सचिव से ₹5,15,151 की वसूली का आदेश जारी किया है।जिलाधिकारी ने बताया कि शिकायतकर्ता अजीत कुमार सिंह की शिकायत पर लोक निर्माण विभाग (PWD) और नलकूप खंड के अभियंताओं से जांच कराई गई। जांच में बिना हैंडपंप रीबोर कराए धनराशि निकाले जाने तथा 41 शौचालयों का निर्माण न होने के बावजूद भुगतान किए जाने की पुष्टि हुई।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">इसके बाद ग्राम प्रधान और ग्राम सचिव को कारण बताओ नोटिस</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/184150/big-action-by-district-magistrate-rs-515-lakh-will-be"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/img-20260726-wa0050.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती।</strong> बस्ती जिले के विकास खंड परसरामपुर के अन्तर्गत ग्राम पंचायत लोहरौली में सरकारी धन के दुरुपयोग के मामले में जिलाधिकारी कृतिका ज्योत्स्ना ने सख्त कार्रवाई करते हुए ग्राम प्रधान और ग्राम सचिव से ₹5,15,151 की वसूली का आदेश जारी किया है।जिलाधिकारी ने बताया कि शिकायतकर्ता अजीत कुमार सिंह की शिकायत पर लोक निर्माण विभाग (PWD) और नलकूप खंड के अभियंताओं से जांच कराई गई। जांच में बिना हैंडपंप रीबोर कराए धनराशि निकाले जाने तथा 41 शौचालयों का निर्माण न होने के बावजूद भुगतान किए जाने की पुष्टि हुई।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इसके बाद ग्राम प्रधान और ग्राम सचिव को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। दोनों के जवाब से असंतुष्ट होने पर जिला लेखा परीक्षा अधिकारी (सहकारी समितियां) से पुनः जांच कराई गई, जिसमें भी दोनों को दोषी पाया गया। जांच रिपोर्ट के अनुसार हैंडपंप रीबोर मद में ₹23,151 तथा शौचालय निर्माण मद में ₹4,92,000 का अनियमित भुगतान पाया गया। इस प्रकार कुल ₹5,15,151 की वित्तीय अनियमितता सामने आई।जिलाधिकारी के आदेश के अनुसार कुल धनराशि का आधा हिस्सा ₹2,57,576 ग्राम प्रधान से भू-राजस्व के रूप में वसूला जाएगा, जबकि शेष ₹2,57,576 ग्राम सचिव के वेतन से वसूले जाने का आदेश दिया गया है। प्रशासन की इस कार्रवाई को सरकारी धन के दुरुपयोग पर सख्त संदेश के रूप में देखा जा रहा है।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 26 Jul 2026 22:34:24 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बिराहिमपुर ग्राम पंचायत की त्रिनेत्र योजना में भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>मलिहाबाद, लखनऊ।</strong>  मलिहाबाद विकासखंड की ग्राम पंचायत बिराहिमपुर के मजरा रामपुर बस्ती में सरकार की महत्वाकांक्षी त्रिनेत्र योजना को लेकर गंभीर अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के आरोप सामने आए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि तत्कालीन ग्राम प्रधान राम शंकर कश्यप ने ब्लॉक स्तर के कर्मचारियों की कथित मिलीभगत से योजना में बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितता करते हुए सरकारी धन का दुरुपयोग किया। वहीं ग्राम पंचायत सचिव पर भी इस योजना में प्रधान के साथ मिलीभगत कर सरकारी धन हड़पने का आरोप है| ग्रामीणों का कहना है कि इस पूरे मामले की शिकायत संबंधित अधिकारियों से की गई और</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-07/img-20260705-wa0007.jpg" alt="बिराहिमपुर ग्राम पंचायत की त्रिनेत्र योजना में भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप" width="440" height="293" /></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">ग्रामीणों</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/182804/serious-allegations-of-corruption-in-trinetra-scheme-of-birampur-gram"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/img-20260705-wa0006.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>मलिहाबाद, लखनऊ।</strong> मलिहाबाद विकासखंड की ग्राम पंचायत बिराहिमपुर के मजरा रामपुर बस्ती में सरकार की महत्वाकांक्षी त्रिनेत्र योजना को लेकर गंभीर अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के आरोप सामने आए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि तत्कालीन ग्राम प्रधान राम शंकर कश्यप ने ब्लॉक स्तर के कर्मचारियों की कथित मिलीभगत से योजना में बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितता करते हुए सरकारी धन का दुरुपयोग किया। वहीं ग्राम पंचायत सचिव पर भी इस योजना में प्रधान के साथ मिलीभगत कर सरकारी धन हड़पने का आरोप है| ग्रामीणों का कहना है कि इस पूरे मामले की शिकायत संबंधित अधिकारियों से की गई और समाचार भी प्रकाशित हुआ, लेकिन आज तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-07/img-20260705-wa0007.jpg" alt="बिराहिमपुर ग्राम पंचायत की त्रिनेत्र योजना में भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप" width="440" height="293"></img></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">ग्रामीणों के अनुसार, त्रिनेत्र योजना के तहत गांव में 16 CCTV कैमरे लगाए गए। आरोप है कि इन कैमरों की खरीद और स्थापना के नाम पर करीब 2 लाख रुपये का भुगतान दिखाया गया, जबकि ग्रामीणों का दावा है कि बाजार में इन कैमरों की वास्तविक कीमत लगभग 35 से 40 हजार रुपये के बीच है। ऐसे में ग्रामीणों ने सरकारी धन के कथित दुरुपयोग की निष्पक्ष जांच की मांग की है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">महिलाओं की निजता पर सबसे बड़ा सवाल</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">ग्रामीणों का सबसे गंभीर आरोप यह है कि CCTV कैमरों का उपयोग गांव की सुरक्षा के बजाय महिलाओं और युवतियों की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए किया जा रहा है। उनका कहना है कि प्रतिदिन रात के समय प्रधान के कुछ करीबी लोग CCTV की रिकॉर्डिंग देखते हैं, जबकि ऐसा कार्य केवल अधिकृत सरकारी अधिकारियों द्वारा ही किया जाना चाहिए। यदि जांच में यह आरोप सही पाए जाते हैं, तो यह महिलाओं की निजता, सम्मान और उनके मौलिक अधिकारों से जुड़ा अत्यंत गंभीर मामला होगा।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">ग्रामीणों का कहना है कि इस पूरे मामले की शिकायत संबंधित विभाग के अधिकारियों से कई बार की गई और खबरें भी प्रकाशित हुईं, लेकिन आज तक किसी भी स्तर पर जांच शुरू नहीं की गई। उनका आरोप है कि ग्राम प्रधान का कार्यकाल समाप्त हो जाने के कारण अधिकारी अब कार्रवाई से बच रहे हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">ग्रामीणों ने प्रशासन से सवाल किया है कि क्या किसी ग्राम प्रधान, नेता या जनप्रतिनिधि का कार्यकाल समाप्त हो जाने के बाद उसके कार्यकाल में हुए कथित भ्रष्टाचार की जांच नहीं होगी? क्या सरकारी धन के दुरुपयोग के आरोप केवल समय बीत जाने से समाप्त हो जाते हैं, या फिर दोषियों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी?</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">ग्रामीणों ने मांग की है कि त्रिनेत्र योजना के पूरे खर्च का तकनीकी एवं वित्तीय ऑडिट कराया जाए, CCTV कैमरों की खरीद से जुड़े सभी अभिलेखों की जांच की जाए, रिकॉर्डिंग तक किस-किस की पहुंच रही इसकी भी जांच हो और यदि किसी भी स्तर पर वित्तीय अनियमितता या नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होती है, तो दोषियों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। अब पूरा मामला प्रशासन की निष्पक्ष जांच और कार्रवाई पर टिका है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि इस मामले में भी कार्रवाई नहीं हुई, तो सरकार की योजनाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े होंगे।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 05 Jul 2026 22:29:57 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>भ्रष्टाचार छिपाने हेतु जांच अधिकारी अरुण कुमारपटेल नही प्रेषित कर रहे जांच रिपोट </title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती। </strong>बस्ती जिले केकप्तानगंज ब्लॉक के नरहरपुर गांव में तालाब खुदाई कार्य में मनरेगा के तहत बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार की शिकायत सामने आई थी। इस मामले को समाचार पत्रों में प्रमुखता से प्रकाशित किए जाने के बाद,जिला ग्राम्य विकास अभिकरण बस्ती ने कड़ा रुख अपनाया था और खंड विकास अधिकारी कप्तानगंज से स्पष्टीकरण तलब किया था।बीडीओ कप्तानगंज ने मामले की गंभीरता को देखते हुए एक जांच अधिकारीअरुण कुमार पटेल को मौके पर भेजकर जांच तो करवा ली, लेकिन एक सप्ताह से अधिक का समय बीत जाने के बाद भी जांच अधिकारीअरुण कुमार पटेल ने अपनी रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को</div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/181852/to-hide-corruption-investigating-officer-arun-kumar-patel-is-not"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/img-20260618-wa0099.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती। </strong>बस्ती जिले केकप्तानगंज ब्लॉक के नरहरपुर गांव में तालाब खुदाई कार्य में मनरेगा के तहत बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार की शिकायत सामने आई थी। इस मामले को समाचार पत्रों में प्रमुखता से प्रकाशित किए जाने के बाद,जिला ग्राम्य विकास अभिकरण बस्ती ने कड़ा रुख अपनाया था और खंड विकास अधिकारी कप्तानगंज से स्पष्टीकरण तलब किया था।बीडीओ कप्तानगंज ने मामले की गंभीरता को देखते हुए एक जांच अधिकारीअरुण कुमार पटेल को मौके पर भेजकर जांच तो करवा ली, लेकिन एक सप्ताह से अधिक का समय बीत जाने के बाद भी जांच अधिकारीअरुण कुमार पटेल ने अपनी रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को नहीं सौंपी है।प्राप्त समाचार के अनुसार बीडीओ कप्तानगंज के मातहत क्रमचारी ग्राम पंचायत नरहरपुर के पानी भरे तालाब में लगी फर्जी हाजिरी की जांच तो कर लिया है । किन्तु एक सप्ताह बाद भी आख्या प्रेषित नही किया गया है।उनका यह रवैया बेहद गैर-जिम्मेदाराना है। स्थानीय स्तर पर चर्चा है कि जांच आख्या को दबाने और मामले को ठंडे बस्ते में डालने के लिए जानबूझकर हीला-हवाली की जा रही है वही जांच अधिकारी अरुण कुमारपटेल के बोल भी बदले-बदले नजर आ रहे हैं। मीडिया से बातचीत में जांच अधिकारी अरुण कुमारपटेल ने बताया कि "आख्या नहीं दी जाएगी और कार्य शून्य होगा", जिससे पूरी जांच प्रक्रिया की निष्पक्षता पर गंभीर सवालिया निशान खड़े हो गए हैं। चर्चाओं का बाजार गर्म है कि सुविधा शुल्क के भारी बोझ तले दबे होने के कारण जिम्मेदार अधिकारी सचिव और रोजगार सेवक पर कार्रवाई करने से कतरा रहे हैं ।यह रिपोर्ट साफ तौर पर दर्शाती है कि कैसे धरातल पर भ्रष्टाचार की जांच को दबाने के लिए 'सुविधा शुल्क' और प्रशासनिक सांठगांठ का सहारा लिया जा रहा है, जिससे सरकारी धन का दुरुपयोग करने वाले दोषियों को शह मिल रही है । वहीं बीडीओ का सचिव व रोजगार सेवक पर कानूनी कार्रवाई करने को हाथ कांप रहे हैं। सचिव रोजगार सेवक सुनील कुमार तथा प्रधान के द्वारा फर्जी हाजिरी लगाने का आरोप सत्य पाया गया लेकिन आज तक वीडियो द्वारा कार्रवाई क्यों नहीं किया गया गम्भीर सवाल खड़ा हो रहा है</div>
</div>
<div class="yj6qo"> </div>
<div class="adL"> </div>
</div>
</div>
</div>
<div class="hq gt"></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 22 Jun 2026 12:27:14 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>TMC के बैंक खातों में रखे 440 करोड़ रुपये फ्रीज; बागी विधायकों की शिकायत पर कार्रवाई।</title>
                                    <description><![CDATA[<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><strong><span lang="hi" xml:lang="hi">स्वतंत्र प्रभात।</span></strong></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><strong><span lang="hi" xml:lang="hi">ब्यूरो प्रयागराज।</span></strong></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">बड़ी बगावत का सामना कर रही तृणमूल कांग्रेस के तीन बैंक खातों में रखे गए क़रीब </span>440<span lang="hi" xml:lang="hi">  करोड़ रुपये की निकासी पर रोक लगा दी गई है। यह कार्रवाई पार्टी के बागी विधायकों की शिकायत पर हुई है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिन्होंने इन पैसों के स्रोत की जाँच की मांग की थी। पहले से ही बगावत झेल रहीं ममता बनर्जी को अब इस कार्रवाई से एक और बड़ा झटका लगा है।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">इस ताज़ घटना से पार्टी में पैसे के लेन देन पर नियंत्रण को लेकर चल रही आंतरिक लड़ाई और भी तेज हो गई है। ऋतब्रत बनर्जी का</span></p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/181815/action-on-the-complaint-of-rebel-mlas-to-freeze-rs"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/hindi-divas18.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><strong><span lang="hi" xml:lang="hi">स्वतंत्र प्रभात।</span></strong></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><strong><span lang="hi" xml:lang="hi">ब्यूरो प्रयागराज।</span></strong></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">बड़ी बगावत का सामना कर रही तृणमूल कांग्रेस के तीन बैंक खातों में रखे गए क़रीब </span>440<span lang="hi" xml:lang="hi"> करोड़ रुपये की निकासी पर रोक लगा दी गई है। यह कार्रवाई पार्टी के बागी विधायकों की शिकायत पर हुई है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिन्होंने इन पैसों के स्रोत की जाँच की मांग की थी। पहले से ही बगावत झेल रहीं ममता बनर्जी को अब इस कार्रवाई से एक और बड़ा झटका लगा है।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">इस ताज़ घटना से पार्टी में पैसे के लेन देन पर नियंत्रण को लेकर चल रही आंतरिक लड़ाई और भी तेज हो गई है। ऋतब्रत बनर्जी का गुट अब पार्टी के लेन देन में गड़बड़ी का आरोप लगा रहा है। रिपोर्टों के अनुसार एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि प्राइवेट सेक्टर के एक बैंक में रखे गए इन तीन खातों पर </span>'<span lang="hi" xml:lang="hi">डेबिट फ्रीज</span>' <span lang="hi" xml:lang="hi">लगा दिया गया है। इसका मतलब है कि इन खातों से पैसे निकाले या बाहर ट्रांसफर नहीं किए जा सकते हैं। हालााँकि</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">इन खातों में पैसे जमा किए जा सकते हैं।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">यह कार्रवाई हाल ही में हुए विधानसभा चुनाव में टीएमसी की हार के बाद पार्टी में चल रही टूट-फूट के बीच हुई है। ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व में क़रीब </span>60<span lang="hi" xml:lang="hi"> विधायकों ने बगवात की है। अब पार्टी के संगठन और पैसे पर नियंत्रण की कोशिश चल रही है। ऋतब्रत बनर्जी गुट के </span>10<span lang="hi" xml:lang="hi"> विधायकों ने बिधाननगर पुलिस कमिश्नरेट के साइबर क्राइम थाने में शिकायत दर्ज कराई है। इसमें एफआईआर दर्ज करने तथा पूरी जांच कराने की मांग की गई है।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">शिकायत में इन बागी विधायकों ने पूछा है कि इन खातों में जमा इतना बड़ा पैसा कहाँ से आया</span>? <span lang="hi" xml:lang="hi">उन्होंने जाँच एजेंसियों से यह पता लगाने को कहा है कि क्या यह पैसा वैध स्रोतों से आया या कट-मनी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">सरकारी फंड का गलत इस्तेमाल</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">घोटालों आदि गैरकानूनी गतिविधियों से जमा किया गया।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">बागियों की शिकायत की कॉपी में कहा गया है कि विश्वसनीय सूत्रों से पता चला है कि गैरकानूनी गतिविधियों से पैसा जमा किया गया हो सकता है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसमें प्रभाव का दुरुपयोग</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बेईमानी से वित्तीय लेन-देन और अवैध वसूली शामिल है।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">बाग़ी विधायकों की शिकायत से कुछ दिन पहले ही वरिष्ठ टीएमसी नेता अरूप विश्वास ने बैंक को चिट्ठी लिखकर खातों की सुरक्षा और ट्रांजेक्शन रोकने की अपील की थी। उन्होंने कहा था कि पार्टी के </span>500<span lang="hi" xml:lang="hi"> करोड़ रुपये से ज़्यादा के जमा को तब तक किसी को ऑपरेट नहीं करने देना चाहिए</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जब तक पार्टी में नेतृत्व विवाद सुलझ न जाए।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"> <span lang="hi" xml:lang="hi">बिस्वास ने खातों के मैनेजमेंट और कंट्रोल को लेकर चिंता जताते हुए उन्हें फ्रीज़ करने की मांग की थी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">वहीं बागी विधायकों ने अब फंड के सोर्स की आपराधिक जांच की मांग की है। खास बात यह है कि ये शिकायतें उसी साइबर क्राइम थाने में की गई हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जहां पहले अरूप विश्वास के ख़िलाफ़ लियोनेल मेसी के कोलकाता दौरे वाले विवाद में केस चल रहा है।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 21 Jun 2026 19:20:32 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>तिन्ना से पटा तलाब में 194 की लग रही फर्जी हाजिरी धरातल की स्थित जस का तस</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt"><div class="a3s aiL"><div><div><div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती।</strong> बस्ती जिले के विकास खंड कप्तानगंज.सरकार भले भ्रष्टाचार मुक्ति का डिडोरा पीट रही है और बड़े-बड़े पोस्टरो पर वादे कर रही हैं । किन्तु प्रशासक बने प्रधान द्वारा मंसूबे पर पानी फेर रही है । जिससे सरकार की छवि धूमिल हो रही है । जमीनी स्तर पर कप्तानगंज ब्लाक अंतर्गत नरहरपुर में तालाब खुदाई कार्य के नाम पर प्रधान अपनी पूरी ताकत लगाकर भ्रष्टाचार करने में लगे हुए है। या यू कहे भ्रष्टाचार करने के जुनून में सरकार की साख को दाव पर लगा कर सिस्टम को बर्बाद करने पर तुले हुए हैं । </div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">प्राप्त समाचार के अनुसार विकासखंड</div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/181131/fake-attendance-of-194-is-being-seen-in-patta-pond"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/img-20260613-wa0096.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt"><div class="a3s aiL"><div><div><div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती।</strong> बस्ती जिले के विकास खंड कप्तानगंज.सरकार भले भ्रष्टाचार मुक्ति का डिडोरा पीट रही है और बड़े-बड़े पोस्टरो पर वादे कर रही हैं । किन्तु प्रशासक बने प्रधान द्वारा मंसूबे पर पानी फेर रही है । जिससे सरकार की छवि धूमिल हो रही है । जमीनी स्तर पर कप्तानगंज ब्लाक अंतर्गत नरहरपुर में तालाब खुदाई कार्य के नाम पर प्रधान अपनी पूरी ताकत लगाकर भ्रष्टाचार करने में लगे हुए है। या यू कहे भ्रष्टाचार करने के जुनून में सरकार की साख को दाव पर लगा कर सिस्टम को बर्बाद करने पर तुले हुए हैं । </div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">प्राप्त समाचार के अनुसार विकासखंड कप्तानगंज के ग्राम पंचायत नरहरपुर में तालाब खुदाई कार्य मनरेगा के कागज में चल रहा है । तालाब खुदाई में 194 मजदूरों की हाजिरी पटल पर लगाई जा रही है । प्रधान व सचिव कागजी कोरमपूरा कर फर्जी हाजिरी लगवाकर सरकारी धन को लूटने में कोई कोर कसर नही छोड़ रहे है। प्रधान एवं रोजगार सेवक द्वारा भटपुरवा ललहवा पर तिन्ना से पटा/पानी भरे तालाब व तैरती जलकुंभी में लगभग एक सप्ताह से फर्जी हाजिरी सरकारी रजिस्टर पर दर्ज की जा चुकी है । </div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">अगर जमीनी हकीकत की बात करे तो मजदूर नही मिले कार्य शून्य है । ग्रामीणों से मालूम हुआ कि प्रधान रोजगार सेवक के सहारे भ्रष्टाचार की पटकथा लिखते हैं और विना कार्य कराए सरकारी धन को लूटने के प्रयास में लगे रहते हैं । ग्रामीणों की बातो पर गौर करे तो प्रधान प्रतिदिन लगभग पच्चास हजार रुपए सरकारी धन का बंदरबांट करने में लगे हुए हैं । ग्राम पंचायत नरहरपुर में नशे में चूर सचिव पंकज सिंह के दस्खत से दो साइडों पर 245 जॉब कार्ड धारकों का मस्टरोल जारी हुई थी । </div><div style="text-align:justify;">.</div><div style="text-align:justify;">जिसमें राम अभिलाख के खेत से अर्खापुर सरहद तक 51 मजदूरो का मस्टर रोल पूर्ण हो चुका है भटपुरवा में ललहवा पर तालाब जीर्णोधार कार्य पर अभी भी ऑनलाइन फर्जी हाजिरी भरे जा रहे हैं लेकिन धरातल की स्थिति जस का तस बनी हुई है ।यदि वास्तव में 194 मजदूरों को लगाकर कार्य कराया गया होता तो स्थल की वर्तमान स्थिति बदल चुकी होती। ग्रामीणो का सवाल है कि क्या जेब भरने के लिए मस्टररोल जारी किया जाता है या फिर वास्तव में गरीब मजदूरों की रोजी-रोटी चलाने के लिए मस्टर रोल जारी किया जाता है । खंड विकास अधिकारी कप्तानगंज यदिअपनी कुर्सी छोड़कर कार्य स्थल का निरीक्षण करते तो शायद इतने बड़े पैमाने पर फर्जी वाडा न होता कहीं ना कहीं वीडिओ साहब के भी हाथ चासनी से सने हुए प्रतीत होती हैं । यदि वीडिओ साहब भ्रष्टाचारियों पर उचित कार्रवाई करते हैं तो जनता की निगाह में सही बन सकते हैं । खबर की पुष्टि के लिए जब साहब से फोन पर पूछा गया तो बताया कि मेरी ड्य़ूटी पुलिस परीक्षा में लगी है आने पर देखवाता हूँ।</div></div><div class="yj6qo" style="text-align:justify;"><br /></div><div class="adL" style="text-align:justify;"><br /></div></div></div></div><div class="hq gt"><div class="hp" style="text-align:justify;"><br /></div><div class="eqJbab cZD3Qb"><br /></div></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 13 Jun 2026 19:02:32 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सिद्धार्थनगर:वित्तीय अनियमितताओं के आरोप में ग्राम पंचायत सचिव निलंबित</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात संवाददाता</strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>  सिद्धार्थनगर।</strong> जिले के खुनियांव विकास खंड की चार ग्राम पंचायतों में विकास कार्यों के नाम पर सरकारी धन के गबन और वित्तीय अनियमितता का मामला सामने आया है। जांच में कुल 6,11,426 रुपये के गबन की पुष्टि होने के बाद जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने संबंधित ग्राम विकास अधिकारी मोईदुर्रहमान को तत्काल निलंबित करने के निर्देश दिए हैं। </div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">  चार ग्राम पंचायतों में  जांच के बाद कुल 6,11,426 रुपये के गबन की पुष्टि हुई है। इसके साथ ही अभिलेखों में कूटरचित, नियम विरुद्ध भुगतान और वित्तीय प्रक्रियाओं की अनदेखी के आरोप भी जांच</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">जिले</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/180893/siddharthnagar-gram-panchayat-secretary-suspended-on-charges-of-financial-irregularities"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/download1.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात संवाददाता</strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"><strong> सिद्धार्थनगर।</strong> जिले के खुनियांव विकास खंड की चार ग्राम पंचायतों में विकास कार्यों के नाम पर सरकारी धन के गबन और वित्तीय अनियमितता का मामला सामने आया है। जांच में कुल 6,11,426 रुपये के गबन की पुष्टि होने के बाद जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने संबंधित ग्राम विकास अधिकारी मोईदुर्रहमान को तत्काल निलंबित करने के निर्देश दिए हैं। </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> चार ग्राम पंचायतों में  जांच के बाद कुल 6,11,426 रुपये के गबन की पुष्टि हुई है। इसके साथ ही अभिलेखों में कूटरचित, नियम विरुद्ध भुगतान और वित्तीय प्रक्रियाओं की अनदेखी के आरोप भी जांच में सामने आए हैं। जांच रिपोर्ट में ग्राम विकास अधिकारी मोईदुर्रहमान को प्रथम दृष्टया दोषी ठहराया गया है।जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन ने मामले को गंभीर वित्तीय अनियमितता मानते हुए तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। जिलाधिकारी के निर्देश पर जिला विकास अधिकारी राजमणि वर्मा को ग्राम विकास अधिकारी मोईदुर्रहमान को निलंबित करने तथा आगे की विभागीय कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">जिले की पंचायतों में विकास कार्यों के नाम पर हुए इस कथित गबन ने वित्तीय निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रशासन अब पूरे प्रकरण की गहन जांच कर यह भी पता लगाने की तैयारी में है कि अनियमित भुगतान और सरकारी धन के दुरुपयोग में अन्य किसी अधिकारी, कर्मचारी या संबंधित व्यक्ति की भूमिका तो नहीं रही। यह मामला सहायक विकास अधिकारी (पंचायत) खुनियांव द्वारा ग्राम पंचायत खखरा-खखरी, बगहवा, सिरसिया और तेलियाडीह के निरीक्षण के बाद तैयार की गई जांच रिपोर्ट से उजागर हुआ। इस रिपोर्ट में विभिन्न विकास कार्यों में वित्तीय अनियमितताओं और सरकारी धन के दुरुपयोग के गंभीर तथ्य सामने आए थे।जांच के अनुसार, ग्राम पंचायत खखरा-खखरी में आंगनबाड़ी केंद्र की मरम्मत और डस्टबिन इंस्टालेशन कार्यों में अनियमितता बरती गई। </div>
<div class="yj6qo" style="text-align:justify;"> </div>
<div class="adL" style="text-align:justify;"> </div>
<div class="adL" style="text-align:justify;"> </div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/180893/siddharthnagar-gram-panchayat-secretary-suspended-on-charges-of-financial-irregularities</link>
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                <pubDate>Tue, 09 Jun 2026 21:13:45 +0530</pubDate>
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