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                <title>Russia - Swatantra Prabhat</title>
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                <title>हमसे तेल खरीदना बंद नहीं करेगा भारत…ट्रंप के दावे पर रूस का जवाब</title>
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                        <![CDATA[<p style="text-align:justify;">  </p>
<p style="text-align:justify;">रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने कहा कि भारत रूस से तेल खरीदना बंद करेगा, यह दावा सिर्फ अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप कर रहे हैं. लावरोव ने कहा कि रूस और भारत के बीच हुए तेल समझौतों पर कोई खतरा नहीं है.</p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>भारत भी इस मुद्दे पर बयान दे चुका</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">लावरोव का यह बयान उस समय आया जब भारत की ओर से भी इस मुद्दे पर सफाई दी गई. विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने कहा कि भारत अपनी जरूरत के मुताबिक, अलग-अलग देशों से कच्चा तेल खरीदेगा. उन्होंने कहा कि सप्लाई चेन को स्थिर रखने के लिए भारत स्रोतों</p>...]]>
                    </description>
                
                                    <content:encoded>
                        <![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/169281/india-will-not-stop-buying-oil-from-us%E2%80%A6-russias-response"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-02/trump.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"> </p>
<p style="text-align:justify;">रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने कहा कि भारत रूस से तेल खरीदना बंद करेगा, यह दावा सिर्फ अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप कर रहे हैं. लावरोव ने कहा कि रूस और भारत के बीच हुए तेल समझौतों पर कोई खतरा नहीं है.</p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>भारत भी इस मुद्दे पर बयान दे चुका</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">लावरोव का यह बयान उस समय आया जब भारत की ओर से भी इस मुद्दे पर सफाई दी गई. विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने कहा कि भारत अपनी जरूरत के मुताबिक, अलग-अलग देशों से कच्चा तेल खरीदेगा. उन्होंने कहा कि सप्लाई चेन को स्थिर रखने के लिए भारत स्रोतों में विविधता लाता रहेगा. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने भी कहा कि 1.4 अरब लोगों की ऊर्जा सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है. उन्होंने यह भी कहा कि रूस के साथ भारत के सभी समझौते पहले की तरह जारी हैं.</p>
<p style="text-align:justify;">अगस्त 2025 में अमेरिका ने भारत पर 25% एक्स्ट्रा टैरिफ लगाया था, क्योंकि भारत रूस से तेल खरीद रहा था. बाद में यह टैरिफ वापस ले लिया गया. हालांकि अमेरिका ने चेतावनी दी कि अगर भारत ने सीधे या परोक्ष रूप से रूसी तेल की खरीद दोबारा शुरू की, तो 25% टैरिफ फिर से लगाया जा सकता है.</p>
<p style="text-align:justify;">रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने भारत से रूसी तेल खरीद को लेकर बयान दिया है. उन्होंने कहा कि भारत रूस से तेल खरीदना बंद करेगा, यह दावा सिर्फ अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप कर रहे हैं. ट्रंप के अलावा किसी और ने ऐसा नहीं कहा है. लावरोव के मुताबिक, रूस और भारत के बीच हुए तेल और अन्य समझौते पूरी तरह सुरक्षित हैं और उन पर कोई खतरा नहीं है.</p>
<p style="text-align:justify;">पिछले हफ्ते ट्रंप ने भारत के साथ एक फ्रेमवर्क व्यापार समझौते की घोषणा की थी. उसी दौरान उन्होंने दावा किया कि भारत ने रूस से कच्चा तेल नहीं खरीदने पर सहमति जताई है. अमेरिका का आरोप है कि रूस तेल बेचकर जो पैसा कमाता है, उसका इस्तेमाल वह यूक्रेन के खिलाफ युद्ध में करता है.</p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>लावरोव ने अमेरिका पर आरोप लगाए</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">लावरोव ने अमेरिका पर आरोप लगाया कि वह भारत और ब्रिक्स देशों के साथ रूस के व्यापार, निवेश और सैन्य सहयोग को रोकने की कोशिश कर रहा है. उन्होंने कहा कि अमेरिका टैरिफ, प्रतिबंध और दबाव वाले कदमों के जरिए दुनियाभर में दबदबा बनाए रखना चाहता है, लावरोव ने कहा कि ट्रंप प्रशासन के आने के बाद यह नीति और खुलकर दिख रही है.</p>]]>
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                                                            <category>अंतर्राष्ट्रीय</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>यूरोप</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 11 Feb 2026 23:01:17 +0530</pubDate>
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                <title>भारत, रूस, चीन और ब्राज़ील एक प्लेटफॉर्म पर</title>
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                        <![CDATA[<div style="text-align:justify;">यह बड़ी प्रसिद्ध कहावत है कि दुश्मन का दुश्मन अपना दोस्त और अमेरिका में डोनाल्ड ट्रंप के दूसरी बार  राष्ट्रपति पद की ताजपोषी के साथ-साथ डोनाल्ड ट्रंप द्वारा अपनी विदेश नीति के तहत अंधाधुंध आयात टैरिफ लगाकर भारत रूस और चीन को नाराज कर लिया है। भारत पर आज से 50%  टैरिफ लागू कर दिया गया है अब भारत अमेरिका के विकल्प के रूप में नया बाजार तलाश करने और रूस तथा चीन से गहरे गढ़ जोड़ बनाने में लगा हुआ है। </div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">(स्वतंत्रता के बाद से अविश्वसनीय चीन पर भारत ने अब भरोसा जताना शुरू किया है चीन के विदेश</div>...]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/154172/india-russia-china-and-brazil-on-a-platform"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-08/download-(4).jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;">यह बड़ी प्रसिद्ध कहावत है कि दुश्मन का दुश्मन अपना दोस्त और अमेरिका में डोनाल्ड ट्रंप के दूसरी बार  राष्ट्रपति पद की ताजपोषी के साथ-साथ डोनाल्ड ट्रंप द्वारा अपनी विदेश नीति के तहत अंधाधुंध आयात टैरिफ लगाकर भारत रूस और चीन को नाराज कर लिया है। भारत पर आज से 50%  टैरिफ लागू कर दिया गया है अब भारत अमेरिका के विकल्प के रूप में नया बाजार तलाश करने और रूस तथा चीन से गहरे गढ़ जोड़ बनाने में लगा हुआ है। </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">(स्वतंत्रता के बाद से अविश्वसनीय चीन पर भारत ने अब भरोसा जताना शुरू किया है चीन के विदेश मंत्री के भारत में व्यापारिक के लिए यात्रा पर उनका स्वागत किया गया । भारत के प्रधानमंत्री बहुत जल्द चीन की यात्रा पर जाने वाले वाले हैं और चीन के राष्ट्रपति शी जिन पिंग खुद भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का स्वागत करने की योजना बना रहे हैं। ब्राज़ील पर भी अमेरिका ने 40 से 50% आयात शुल्क आरोपित कर दिया है ब्राजील ने अमेरिका से बात करने की बजाय भारत के राष्ट्रपति नरेंद्र मोदी से बात करना उचित समझा। ब्राज़ील भी अमेरिका से व्यापारिक मुद्दों पर काफी खफा नजर आ रहा है। इस तरह भारत रूस चीन और ब्राजील एक प्लेटफार्म पर खड़े नजर आ रहे हैं। निश्चित तौर पर एशिया और दक्षिण एशिया डोनाल्ड ट्रंप और अमेरिका की नीतियों के विरोध में आ चुका है।)</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">भारत एक विकासशील अर्थव्यवस्था है अमेरिका से व्यापारिक संबंध खराब होने पर भारत को 25% तक नुकसान होने की संभावना है पर भारत के लिए यह एक बड़ा सबक प्रमाणित होगा कि किसी एक पश्चिमी देश पर निर्भर रहना भारत की विदेश नीति के लिए उपयुक्त नहीं होगा। फल स्वरुप उसे ओपन मार्केट पॉलिसी अपना कर सभी देशों से अपना व्यापार और व्यवसाय करने की योजना निर्मित करनी होगी तब जाकर ही भारत तीसरी बड़ी अर्थव्यवस्था बनने का सपना देख सकता है। दूसरी बार डोनाल्ड ट्रंप राष्ट्रपति बनने के बाद रूस यूक्रेन युद्ध के युद्ध को विराम तो नहीं दे पाए किंतु युद्ध की आग को और भड़का दिया है। उधर परमाणु संपन्न देश चीन नॉर्थ कोरिया और रूस की त्रिगुटीय जुगलबंदी ने अमेरिका सहित नाटो यूरोपीय देश और यूक्रेन की नींद उड़ा दी है। उल्लेखनीय की नॉर्थ कोरिया और साउथ कोरिया के आपस के कड़वे रिश्ते के बीच अमेरिका का साउथ कोरिया को लेकर काफी हस्तक्षेप है जिसे नॉर्थ कोरिया कई दशक से पसंद नहीं करता आया है ।संयुक्त राष्ट्र संघ और एमनेस्टी इंटरनेशनल की भूमिका निरर्थक हो चुकी है वैसे भी संयुक्त राष्ट्र संघ अमेरिका तथा यूरोपीय देशों की कठपुतली बन चुका है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">क्या मानवीय संवेदनाओं की आशाएं निर्मूल साबित हो रही हैं। वैश्विक शांति और अमन की कल्पनाओं से परे वैश्विक युद्ध की आशंका में उत्तर कोरिया ने भी अपना मोर्चा खोल दिया है ताजा ताजा घटनाक्रम में रूस के विदेश मंत्री लावरोव उत्तर कोरिया के दौरे पर जाकर वहां के समकक्ष चोई सांन संग से उत्तर कोरिया के शहर पूर्वी वोंनसान मैं अत्यंत महत्वपूर्ण मीटिंग की है।रूसी विदेश मंत्री लावरोव ने उत्तरी कोरिया के तानाशाह नेता किम जोंग उन से भी मुलाकात कर रुस को यूक्रेन और अमेरिका के खिलाफ समर्थन देने की बात रखी जवाब में उत्तरी कोरिया के तानाशाह नेता किम जोंग उन ने रूस को अमेरिका यूरोप और यूक्रेन के खिलाफ निशर्त खुला समर्थन देने की घोषणा कर दी है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">गौरतलब है कि उत्तरी कोरिया पिछले कई महीनो से मिसाइल का परीक्षण कर साउथ कोरिया अमेरिका तथा यूरोपीय देशों को सीधा-सीधा संदेश दिया है कि साउथ कोरिया और नॉर्थ कोरिया के संबंधों के बीच किसी देश के हस्तक्षेप को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उत्तर कोरिया की आधिकारिक न्यूज़ एजेंसी कोरियन सेंट्रल न्यूज एजेंसी के अनुसार दक्षिण कोरिया और उत्तर कोरिया के बीच अब तनाव बढ़ने लगा हैl उधर उत्तर कोरिया के बढ़ते परमाणु कार्यक्रम के जवाब में अमेरिका दक्षिण कोरिया व जापान त्रिपक्षीय त्रिपक्षी संधियां और सैनिक अभ्यास का विस्तार तथा फिर से बहाली कर रहे हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">तीनों देशों ने उत्तर कोरिया के रूस और चीन को समर्थन देने के और परमाणु परीक्षणों के खिलाफ दक्षिण कोरिया प्रायद्वीप के पास अमेरिकी परमाणु सक्षम बम वर्षको के साथ संयुक्त हवाई अभ्यास किया है। उल्लेखनीय है कि तीनों देशों के सैन्य प्रमुखों ने एक गंभीर बैठक कर उत्तर कोरिया से क्षेत्रीय सुरक्षा को खतरा पैदा करने वाली सभी गैर कानूनी गतिविधि बंद करने का आह्वान किया है वैसे भी उत्तर कोरिया अमेरिका के नेतृत्व में दक्षिण कोरिया और जापान के इस युद्ध अभ्यास को उत्तर कोरिया के खिलाफ होने वाले हमले का पूर्व अभ्यास मानता है। उत्तर कोरिया ने दक्षिण कोरिया पर बड़े हमले की चेतावनी भी दे डाली है। इन परिस्थितियों में विश्व में चल रहे रूस यूक्रेन युद्ध तथा इसराइल हमास लेबनान ईरान युद्ध के अलावा उत्तर कोरिया ने हमले की धमकी देकर एक नये युद्ध का मोर्चा खोल दिया हैl यह तो सर्व विदित है कि उत्तर कोरिया का तानाशाह किम जोंग-उन एक सनकी तानाशाह है और अमेरिका पर परमाणु युद्ध के हमले की गाहे-बगाहे धमकियां भी दिया करता हैl</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">उत्तर कोरिया दक्षिण कोरिया की किसी भी हिमाकत पर उस पर हमला कर सकता हैl उधर रूस यूक्रेन युद्ध को ढाई वर्ष पूरे हो चुके है कई प्रभावशाली प्रयासों के बाद भी युद्ध रुकने  का नाम नहीं ले रहा है रूस के व्लादिमीर पुतिन और यूक्रेन के व्लादिमीर जेलेन्स्की हास्य कलाकार होने के बावजूद यूक्रेन के लिए त्रासदी के नायक बन गए हैं। दोनों देशों में हजारों नागरिक एवं सैनिक मारे जा चुके हैं इसके अलावा अरबों डॉलर की संपत्ति का भारी नुकसान भी हुआ है । इसराइल हमास लेबनान तथा ईरान के मध्य युद्ध अपने पूरे शबाब पर हैl इजरायल के आतंकवादी समूह हिज्बुल्लाह के कमांडर याह्या सिंनवार को रॉकेट लांचर से मार देने के बाद इसके जवाब में लेबनान से इजरायल के सिरोसिया शहर में जहां इसराइल के प्रधानमंत्री नेतन्याहू का आधिकारिक निवास है रॉकेट लांचर से हमला किया है। </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामनेई ने अपने बयान में बताया की इस तरह के और हमले अभी जारी रहेंगे। पूरा विश्व इस समय विश्व युद्ध की कगार पर है और यदि उत्तर तथा दक्षिण कोरिया के मध्य युद्ध होता है तो निश्चित तौर पर अमेरिका साउथ कोरिया की तरफ से एवं रूस,चीन नॉर्थ कोरिया की तरफ से इस युद्ध में शामिल हो सकते हैं। पूरा विश्व दो भागों में बट गया है एक तरफ रूस,चीन, नॉर्थ कोरिया, पाकिस्तान तथा पश्चिम एशिया के देश होंगे तथा दूसरी तरफ अमेरिका, फ्रांस, ब्रिटेन, कनाडा, इजरायल तथा अन्य देश के युद्ध में शामिल होने की संभावना बलवती हो रही हैl भारत लगातार रूस-यूक्रेन, इसराइल-हमास युद्ध को रोकने के लिए प्रयासरत है और इस प्रयास के अंतर्गत भारत के प्रधानमंत्री ने रूस तथा यूक्रेन की आधिकारिक यात्राएं भी की है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">परंतु दोनों देशों के राष्ट्रपतियों के अडियल रवैये के कारण शांति वार्ता संभव नहीं हो पाई, परंतु जैसा पुतिन ने अपने वक्तव्य में बताया की रूस यूक्रेन के साथ युद्ध विराम शांतिपूर्वक तरीके से करना चाहता है पर यूक्रेन इस वार्ता से पीछे हटकर अमेरिका तथा नाटो देशों के दम पर इनकार कर दिया हैl रूस यूक्रेन युद्ध से अमेरिका रूस का बड़ा विरोधी बनकर लगभग 15 साल पीछे जा चुका है एवं उसकी मुद्रा डॉलर की कीमत भी अब वैश्विक स्तर पर काम होते जा रही है। रूस के नुकसान के साथ-साथ अमेरिका को भी काफी आर्थिक क्षति उठानी पड़ी हैl पुतिन ने भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी की प्रशंसा करते हुए कहा कि वे हमेशा रूस के लिए और शांति प्रयासों के लिए फिक्रमंद रहते हैं यह यह तथ्य वैश्विक शांति के लिए एक महत्वपूर्ण कदम भी है। पूरी दुनिया वैश्विक युद्ध के परिणाम से अच्छे तरह से वाकिफ है पूर्व के विश्व युद्ध में जापान के नागाशाकी तथा हिरोशिमा की भयानक मानवीय त्रासदी को हर देश के नागरिक अच्छे से महसूस करते हैं। अतः विश्व युद्ध को हर संभव प्रयासों से  रोका जाना चाहिए अन्यथा विश्व युद्ध मानवता के विकास के लिए एक बडा अवरोध और विनाशक होगी।</div>]]>
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                                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                            <category>संपादकीय</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 02 Sep 2025 17:20:13 +0530</pubDate>
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                <title>रूस के लिए संजीवनी: ट्रंप की शांति नीति या रणनीतिक चाल?</title>
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                        <![CDATA[<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">डोनाल्ड ट्रंप के अमेरिका का राष्ट्रपति बनने के बाद वैश्विक राजनीति में भारी उथल-पुथल देखी जा रही है। विशेष रूप से रूस-यूक्रेन युद्ध को लेकर उनकी नई रणनीति सुर्खियों में बनी हुई है। हाल ही में सामने आई रिपोर्टों के अनुसार</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">ट्रंप ने यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर ज़ेलेंस्की पर रूस के साथ ज़मीन की अदला-बदली को लेकर समझौता करने का दबाव डाला है। यह खबर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बड़े बदलावों की ओर संकेत कर रही है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जहां अमेरिका की नई विदेश नीति पूरी तरह से बदली हुई नजर आ रही है। ज़ेलेंस्की</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जो अब तक रूस के</span></p>...]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/148609/sanjeevani-trumps-peace-policy-or-strategic-moves-for-russia"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-02/download-(4)1.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">डोनाल्ड ट्रंप के अमेरिका का राष्ट्रपति बनने के बाद वैश्विक राजनीति में भारी उथल-पुथल देखी जा रही है। विशेष रूप से रूस-यूक्रेन युद्ध को लेकर उनकी नई रणनीति सुर्खियों में बनी हुई है। हाल ही में सामने आई रिपोर्टों के अनुसार</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">ट्रंप ने यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर ज़ेलेंस्की पर रूस के साथ ज़मीन की अदला-बदली को लेकर समझौता करने का दबाव डाला है। यह खबर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बड़े बदलावों की ओर संकेत कर रही है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जहां अमेरिका की नई विदेश नीति पूरी तरह से बदली हुई नजर आ रही है। ज़ेलेंस्की</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जो अब तक रूस के किसी भी क्षेत्रीय दावे को सख्ती से खारिज करते रहे हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">अब दबाव में आते हुए इस मुद्दे पर विचार करने को मजबूर हो सकते हैं। अगर ऐसा होता है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो यह न केवल यूक्रेन की संप्रभुता के लिए एक बड़ा झटका होगा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि यूरोप और अमेरिका के संबंधों पर भी दूरगामी असर डालेगा।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">ट्रंप प्रशासन ने सत्ता में आते ही यह स्पष्ट कर दिया कि अमेरिका अब अपने राष्ट्रीय हितों को प्राथमिकता देगा और दूसरे देशों के युद्धों में खुद को झोंकने की नीति से पीछे हटेगा। उनका मानना है कि यूक्रेन को दी जा रही सैन्य और आर्थिक सहायता अमेरिका के संसाधनों पर भारी बोझ डाल रही है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">और इसका कोई दीर्घकालिक लाभ नहीं है। यही कारण है कि वे रूस-यूक्रेन युद्ध को जल्द समाप्त करने के पक्षधर हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">भले ही इसके लिए यूक्रेन को कुछ कठिन फैसले क्यों न लेने पड़ें। ट्रंप ने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और ज़ेलेंस्की दोनों से बातचीत की है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसमें उन्होंने यह संकेत दिया है कि यदि यूक्रेन शांति चाहता है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो उसे रूस के साथ बातचीत कर कुछ क्षेत्रीय रियायतें देने के लिए तैयार रहना होगा।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">यूक्रेन के लिए यह स्थिति बेहद चुनौतीपूर्ण है। ज़ेलेंस्की शुरू से ही रूस के खिलाफ अडिग रुख अपनाए हुए थे और पश्चिमी देशों</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">विशेष रूप से अमेरिका</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">से लगातार समर्थन की उम्मीद कर रहे थे। लेकिन ट्रंप की नई विदेश नीति उनके लिए एक बड़ा झटका साबित हो रही है। यदि अमेरिका ने यूक्रेन को दी जाने वाली सहायता पर कटौती कर दी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो उसे युद्ध में रूस के खिलाफ अकेले खड़ा रहना पड़ेगा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जो उसकी सैन्य और आर्थिक क्षमता को देखते हुए बेहद कठिन होगा। इस फैसले से यूरोपीय देशों में भी चिंता बढ़ गई है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">क्योंकि वे अब तक अमेरिका के साथ मिलकर यूक्रेन का समर्थन कर रहे थे। अगर अमेरिका पीछे हटता है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो यूरोप पर भी इसका भारी असर पड़ सकता है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">और नाटो की सुरक्षा नीति में भी बदलाव देखने को मिल सकता है।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">अमेरिका की नई विदेश नीति का एक और महत्वपूर्ण पहलू यह है कि ट्रंप प्रशासन ने यूक्रेन से दुर्लभ खनिज और महत्वपूर्ण खुफिया जानकारी की मांग की है। यह पहली बार नहीं है जब ट्रंप प्रशासन ने इस तरह की मांग रखी हो। इससे पहले भी उनके कार्यकाल में यह आरोप लगे थे कि उन्होंने यूक्रेन पर दबाव डालकर अपने राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों से जुड़ी जानकारी मांगी थी। इस बार</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">ट्रंप चाहते हैं कि यूक्रेन अमेरिका को उन दुर्लभ खनिजों की आपूर्ति करे जो रक्षा और तकनीकी उद्योगों के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं। ऐसे खनिज</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिनका उपयोग उच्च तकनीक वाली सैन्य प्रणालियों</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">इलेक्ट्रॉनिक्स और ऊर्जा भंडारण में किया जाता है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">अमेरिका की अर्थव्यवस्था और सुरक्षा के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं। यह मांग दर्शाती है कि अमेरिका अब यूक्रेन को केवल सैन्य सहायता देने के बदले उससे अपनी आर्थिक और रणनीतिक जरूरतों को पूरा करने की अपेक्षा कर रहा है।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">रूस-यूक्रेन युद्ध को समाप्त करने के लिए ट्रंप की रणनीति घरेलू राजनीतिक कारणों से भी प्रेरित हो सकती है। वे अपने समर्थकों को यह संदेश देना चाहते हैं कि वे अमेरिका को अनावश्यक युद्धों से बाहर निकाल रहे हैं और देश के संसाधनों को बचाने के लिए काम कर रहे हैं। उनकी "अमेरिका फर्स्ट" नीति के तहत वे अमेरिकी करदाताओं के पैसे को विदेशी युद्धों में झोंकने के बजाय घरेलू विकास पर खर्च करना चाहते हैं। हालांकि</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">उनकी इस नीति की आलोचना भी हो रही है। कई विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अमेरिका ने यूक्रेन का समर्थन कम किया</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो इससे रूस और अन्य तानाशाही प्रवृत्ति वाले देशों को आक्रामक होने का अवसर मिल सकता है। इससे वैश्विक शक्ति संतुलन प्रभावित हो सकता है और अमेरिका की विश्व स्तर पर नेतृत्व की भूमिका कमजोर हो सकती है।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">यूरोप और नाटो देशों में भी इस नीति को लेकर गहरी चिंता है। अगर अमेरिका अपने सहयोग से पीछे हटता है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो यह न केवल यूक्रेन बल्कि पूरे यूरोप के लिए खतरा बन सकता है। नाटो के कई सदस्य देश मानते हैं कि ट्रंप की नीति से रूस को और बल मिलेगा और वह भविष्य में अन्य देशों के खिलाफ भी आक्रामक रुख अपना सकता है। इसके अलावा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">चीन भी इस स्थिति का लाभ उठा सकता है और ताइवान जैसे मुद्दों पर अधिक आक्रामक रणनीति अपना सकता है। ट्रंप की नीति से अमेरिका के पारंपरिक सहयोगी देश भी असमंजस में आ गए हैं कि क्या वे अब भी अमेरिका पर पूरी तरह निर्भर रह सकते हैं या उन्हें अपनी स्वतंत्र सुरक्षा नीति बनानी होगी।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">डोनाल्ड ट्रंप के पुनः राष्ट्रपति बनने के बाद वैश्विक राजनीति में रूस-यूक्रेन युद्ध को लेकर अभूतपूर्व परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। अमेरिका की नवगठित रणनीति ने ज़ेलेंस्की को एक जटिल और चुनौतीपूर्ण परिस्थिति में ला खड़ा किया है। अब यह अत्यंत रोचक होगा कि वे इस नए परिदृश्य में किस प्रकार अपनी कूटनीतिक कुशलता का परिचय देते हैं और क्या वे रूस के साथ किसी संभावित समझौते के लिए तैयार होंगे। साथ ही</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">अमेरिका की रूस-यूक्रेन नीति किस दिशा में विकसित होगी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">यह न केवल अंतरराष्ट्रीय कूटनीति का एक महत्वपूर्ण केंद्र रहेगा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि यूरोप</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">रूस</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">चीन और शेष विश्व पर इसके व्यापक और दीर्घकालिक प्रभाव भी पड़ सकते हैं।</span></p>]]>
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                                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                            <category>संपादकीय</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 13 Feb 2025 17:52:14 +0530</pubDate>
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                <title> पुतिन फिर पांचवीं बार रूस के सर्वे सर्वा। क्या तानाशाही का नया दौर शुरू होगा ?</title>
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                        <![CDATA[<p>रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन फिर रूसी सरकार के पांचवें राष्ट्रपति चुने गए। उन्होंने रूस के ग्रैंड क्रेमलिन पैलेस में 33 शब्दों में शपथ ग्रहण की है। उनके पांचवीं बार शपथ ग्रहण लेते ही विश्व में शांति स्थापना के प्रयासों को एक बड़ा झटका लगा है । इस शपथ ग्रहण समारोह का रूस,ब्रिटेन तथा अन्य यूरोपीय देशों ने बहिष्कार कर दिया। 2000 में पहली बार व्लादिमीर पुतिन रूस के राष्ट्रपति तथा प्रधानमंत्री चुने गए थे, उसके बाद 2004 2012 और 2018 में राष्ट्रपति की शपथ ले चुके हैं। व्लादिमीर पुतिन के राष्ट्रपति चुने जाने के साथ ही वैश्विक देश तथा</p>...]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/141024/putin-again-dominates-russia-for-the-fifth-time"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2024-05/sfdsf.jpg" alt=""></a><br /><p>रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन फिर रूसी सरकार के पांचवें राष्ट्रपति चुने गए। उन्होंने रूस के ग्रैंड क्रेमलिन पैलेस में 33 शब्दों में शपथ ग्रहण की है। उनके पांचवीं बार शपथ ग्रहण लेते ही विश्व में शांति स्थापना के प्रयासों को एक बड़ा झटका लगा है । इस शपथ ग्रहण समारोह का रूस,ब्रिटेन तथा अन्य यूरोपीय देशों ने बहिष्कार कर दिया। 2000 में पहली बार व्लादिमीर पुतिन रूस के राष्ट्रपति तथा प्रधानमंत्री चुने गए थे, उसके बाद 2004 2012 और 2018 में राष्ट्रपति की शपथ ले चुके हैं। व्लादिमीर पुतिन के राष्ट्रपति चुने जाने के साथ ही वैश्विक देश तथा अन्य संगठनों के विश्व स्तर पर चलाए जा रहे शांति प्रयासों में निराशा जनक वातावरण तैयार हुआ है।</p>
<p>व्लादिमीर पुतिन को साम्राज्यवादी विचारधारा का बड़ा समर्थक बताया जाता है और इसी विस्तारवादी सनक के चलते उन्होंने यूक्रेन में बड़ा सैनिक हमला किया था, अरबो रुपए के नुकसान तथा जान माल की हानि के बाद भी युद्ध अभी तक जारी है। अभी भी व्लादिमीर पुतिन तथा यूक्रेन के राष्ट्रपति के हौसले लड़ाई के लिए बुलंद देखे जा रहे हैं। रूस में 2000 से लेकर 2024 तक व्लादिमीर पुतिन 5 बार राष्ट्रपति चुने गए हैं इस दौरान अमेरिका में पांच अलग-अलग राष्ट्रपति और ब्रिटेन के सात प्रधानमंत्री बदले जा चुके हैं। शपथ लेने के बाद कांस्टीट्यूशनल कोर्ट के अध्यक्ष वालेरी जरकिन ने स्वागत किया और विक्ट्री शेक हैंड किया।</p>
<p>पुतिन ने शपथ ग्रहण के बाद 21 तोपों की सलामी लेते हुए राष्ट्रगान भी किया इसके बाद उन्होंने अपनी स्पीच में कहा कि हम उन देशों से बात करने सहर्ष तैयार हैं जो हमें परंपरागत दुश्मन समझते हैं। हम अन्य देशों से अपने संबंध बेहतर बनाना चाहते हैं उल्लेखनीय की शपथ ग्रहण समारोह का अमेरिका ब्रिटेन यूरोप के अन्य देशों ने बहिष्कार किया है हालांकि भारत के राजदूत विनय कुमार इस कार्यक्रम में मौजूद थे। दिनांक 15 मार्च से 17 मार्च 24 तक राष्ट्रपति चुनाव आयोजित किए गए थे इसमें व्लादिमीर पुतिन को 88% वोट मिले थे और उनके विरोधी निकोले खरातीनोव केवल 4% वोट ही मिले हैं। वैश्विक स्तर पर इस चुनाव को गैर-पारदर्शी और गैर-निष्पक्ष चुनाव माना गया है क्योंकि इस चुनाव में पुतिन का कोई खास विरोध नहीं किया गया था।</p>
<p>रूस में जोसेफ स्टालिन के बाद व्लादिमीर पुतिन ही सबसे ज्यादा समय से राष्ट्रपति बने हुए हैं रूस की जनता उन्हें कितना पसंद करती है यह तो नहीं मालूम पर वर्ष 2000 से 24 तक व्लादिमीर पुतिन ने रूस में आर्थिक सामरिक तथा सामाजिक परिवर्तन किए हैं एवं लगातार यूरोपीय देशों का विरोध करते आ रहे हैं। पिछले 2 वर्ष से ज्यादा समय से यूक्रेन से साम्राज्यवादी युद्ध की आधारशिला भी व्लादिमीर पुतिन ने ही रखी है एवं अभी भी युद्ध जारी है। यह तो तय है कि वैश्विक स्तर पर बाहुबली अमेरिका, ब्रिटेन,कनाडा, फ्रांस की वैश्विक दादागिरी को रूस व्लादिमीर पुतिन के नेतृत्व में चेक एंड बैलेंस करने में कामयाब रहा है। व्हाइट हाउस के पूर्व सुरक्षा सलाहकार फियोना हिल के अनुसार व्लादिमीर पुतिन अपने को रूस के सम्राट की तरह महान समझने लगे और 10 वर्ष पहले से क्रीमिया में कब्जे के बात तथा देश को यूक्रेन के युद्ध में झुकने के बाद काफी नाटकीय परिवर्तन हुए हैं अब व्लादिमीर पुतिन अपने को प्रगतिवादी शासक से बदलकर साम्राज्यवादी नेता के रूप में स्थापित करने के प्रयास में लगे हुए हैं।</p>
<p>उल्लेखनीय है कि पूरे विश्व में चीन के तानाशाह शी जिनपिंग, उत्तर कोरिया के तानाशाह किम जोंग उन और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की भी तुलना एक तानाशाह राष्ट्रपति के रूप में की जाती रही है। चीन और उत्तरी कोरिया को जहां वैश्विक शांति के लिए पूरा विश्व खतरा मानता है वही यूक्रेन युद्ध के बाद व्लादिमीर पुतिन भी इसी श्रेणी में आकर खड़े हो गए हैं। रूस की समाचार एजेंसी के अनुसार पुतिन ने अपने शपथ ग्रहण समारोह के भाषण में कहा है कि हम अपने एशियाई साथी दोस्तों के साथ मल्टीपोलर वर्ल्ड ऑर्डर के लिए काम करते रहेंगे उन्होंने यह भी कहा कि हम यूरोपीय देश के साथ खुले दिल से बात करने की तैयार है जो हमेशा हमारे विकास में बड़ा अवरोध बनते रहे हैं एवं रूस के विरुद्ध आक्रामक रवैया अपना कर रखते हैं। अब यह आशा की जानी चाहिए कि व्लादिमीर पुतिन के पांचवीं बार राष्ट्रपति बनने के बाद शायद उनके वैचारिक एवं सामरिक विचारों में परिवर्तन आ जाए।</p>
<p><strong>संजीव ठाकुर, (वर्ल्ड रिकॉर्ड धारी लेखक,कवि), चिंतक, स्तंभकार,</strong></p>]]>
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                                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                            <category>संपादकीय</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 09 May 2024 16:06:23 +0530</pubDate>
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                        <![CDATA[Office Desk Lucknow]]>
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                <title>कीव की राजधानी पर रूस ने दागी 31 मिसाइलें, 13 लोग चोटिल </title>
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                        <![CDATA[<p><strong>International:</strong> कीव। रूस ने 44 दिनों में पहली बार यूक्रेन की राजधानी कीव पर पहला हमला करते हुए बृहस्पतिवार तड़के 31 बैलिस्टिक और क्रूज मिसाइलें दागीं।हालांकि, वायुसेना ने इन सभी मिसाइलों को मार गिराया, परंतु मलबे की चपेट में आने से एक बच्ची सहित 13 लोग घायल हो गए हैं।</p>
<p>अधिकारियों ने यह जानकारी दी। कीव प्रशासन के प्रमुख सेरही पोपको ने बताया कि राजधानी के निवासी सुबह करीब पांच बजे जोरदार धमाकों से जागे क्योंकि मिसाइलें अलग-अलग दिशाओं से लगभग एक ही समय पर दागी गईं। </p>
<p>यूक्रेन की वायुसेना ने बताया कि रूस ने राजधानी पर दो बैलिस्टिक मिसाइलें</p>...]]>
                    </description>
                
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                        <![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/139724/russia-fired-31-missiles-on-kiev-capital-13-people-injured"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2024-03/russia-kiev--ukraine-war_large_1530_154.webp" alt=""></a><br /><p><strong>International:</strong> कीव। रूस ने 44 दिनों में पहली बार यूक्रेन की राजधानी कीव पर पहला हमला करते हुए बृहस्पतिवार तड़के 31 बैलिस्टिक और क्रूज मिसाइलें दागीं।हालांकि, वायुसेना ने इन सभी मिसाइलों को मार गिराया, परंतु मलबे की चपेट में आने से एक बच्ची सहित 13 लोग घायल हो गए हैं।</p>
<p>अधिकारियों ने यह जानकारी दी। कीव प्रशासन के प्रमुख सेरही पोपको ने बताया कि राजधानी के निवासी सुबह करीब पांच बजे जोरदार धमाकों से जागे क्योंकि मिसाइलें अलग-अलग दिशाओं से लगभग एक ही समय पर दागी गईं। </p>
<p>यूक्रेन की वायुसेना ने बताया कि रूस ने राजधानी पर दो बैलिस्टिक मिसाइलें और 29 क्रूज मिसाइलें दागीं। नगर प्रशासन ने बताया कि इस हमले में घायल 11 साल की एक बच्ची और 38 साल के एक अन्य व्यक्ति को अस्पताल में भर्ती किया गया है। कीव के महापौर विटाली क्लिट्स्को ने बताया कि आठ अन्य लोगों को हल्की चोटें आई हैं। यूक्रेनकी आपातकालीन सेवा के मुताबिक करीब 80 लोगों को उनके घरों से निकालकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। </p>
<p>अधिकारियों ने बताया कि मार गिराई गई मिसाइलों के मलबे से कम से कम एक अपार्टमेंट इमारत में आग लग गई, कई खड़ी कार जल गई और सड़कों व एक छोटे पार्क में गड्ढे बन गए।कुछ सड़कें मलबे से अटी पड़ी थीं, खिड़कियों के शीशे टूट गए।</p>
<p>यह हमला हाल के दिनों में यूक्रेन की सीमा के पास रूस के बेलगोरोड क्षेत्र पर यूक्रेन के बार-बार किए गए हवाई हमलों के बाद हुआ। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने बुधवार को ही हमलों का ‘सख्ती से जवाब देने’ की धमकी दी थी।</p>
<p> </p>]]>
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                                                            <category>अंतर्राष्ट्रीय</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>यूरोप</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 21 Mar 2024 18:53:02 +0530</pubDate>
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                <title>नाटो और रूस के बीच टकराव से क्या छिड़ सकता है तीसरा विश्व युद्ध </title>
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                        <![CDATA[<p><strong>International:</strong> रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने पश्चिम को चेतावनी दी कि उनके देश और अमेरिका के नेतृत्व वाले नाटो सैन्य गठबंधन के बीच सीधे संघर्ष का मतलब होगा कि ग्रह तीसरे विश्व युद्ध से एक कदम दूर है। लेकिन उन्होंने यह भी कहा कि शायद ही कोई ऐसा परिदृश्य चाहता हो।नाटो और रूस के बीच टकराव होता है तो तीसरा विश्व युद्ध छिड़ सकता है। इसको लेकर लगातार चर्चा हो रही है कि नाटो और रूस के बीच टकराव के मोर्च को ही यूक्रेन के अंदर रूस के जंग की बड़ी वजह बताया जाता रहा है।</p>
<p>साथ ही युद्ध करने</p>...]]>
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                                    <content:encoded>
                        <![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/139517/could-a-conflict-between-nato-and-russia-lead-to-a"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2024-03/putin_large_1224_19.webp" alt=""></a><br /><p><strong>International:</strong> रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने पश्चिम को चेतावनी दी कि उनके देश और अमेरिका के नेतृत्व वाले नाटो सैन्य गठबंधन के बीच सीधे संघर्ष का मतलब होगा कि ग्रह तीसरे विश्व युद्ध से एक कदम दूर है। लेकिन उन्होंने यह भी कहा कि शायद ही कोई ऐसा परिदृश्य चाहता हो।नाटो और रूस के बीच टकराव होता है तो तीसरा विश्व युद्ध छिड़ सकता है। इसको लेकर लगातार चर्चा हो रही है कि नाटो और रूस के बीच टकराव के मोर्च को ही यूक्रेन के अंदर रूस के जंग की बड़ी वजह बताया जाता रहा है।</p>
<p>साथ ही युद्ध करने वालों की भी पहचान कर गद्दाऱों को नहीं बख्शने की बात कही गई है। इसके साथ ही पुतिन ने हथियारों की रेस बढ़ने के संकेत दिए हैं। पुतिन की इस वॉर्निंग के साथ ही इस बात की चिंताएं भी बढ़ गई हैं, जिस तरीके से नाटो का दायरा भी बढ़ा है। फिनलैंड और स्वीडन इसमें शामिल हुए हैं। </p>
<p>15-17 मार्च को रूसी राष्ट्रपति चुनाव से पहले, यूक्रेन ने रूस के खिलाफ हमले तेज कर दिए, सीमावर्ती क्षेत्रों पर गोलाबारी की और यहां तक ​​कि रूस की सीमाओं को भेदने की कोशिश करने के लिए प्रॉक्सी का उपयोग भी किया। यह पूछे जाने पर कि क्या वह यूक्रेन के खार्किव क्षेत्र को लेना आवश्यक मानते हैं, पुतिन ने कहा कि यदि हमले जारी रहे, तो रूस रूसी क्षेत्र की रक्षा के लिए अधिक यूक्रेनी क्षेत्र से एक बफर जोन बनाएगा।</p>
<p>पुतिन ने कहा कि मैं इस बात से इनकार नहीं करता कि, आज होने वाली दुखद घटनाओं को ध्यान में रखते हुए, हमें किसी बिंदु पर, जब हम उचित समझेंगे, कीव शासन के तहत आज के क्षेत्रों में एक निश्चित 'स्वच्छता क्षेत्र' बनाने के लिए मजबूर किया जाएगा।</p>
<p>पुतिन ने फरवरी 2022 में यूक्रेन पर पूर्ण पैमाने पर आक्रमण का आदेश दिया, जिससे पूर्वी यूक्रेन में एक तरफ यूक्रेनी सेना और दूसरी तरफ रूसी समर्थक यूक्रेनियन और रूसी प्रॉक्सी के बीच आठ साल के संघर्ष के बाद एक बड़ा यूरोपीय युद्ध शुरू हो गया। पुतिन ने कहा कि वह चाहते हैं कि मैक्रॉन यूक्रेन में युद्ध को बढ़ाने की कोशिश करना बंद कर दें, लेकिन शांति स्थापित करने में भूमिका निभाएं: ऐसा लगता है कि फ्रांस एक भूमिका निभा सकता है। अभी सब कुछ खत्म नहीं हुआ है। </p>
<p> </p>]]>
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                                                            <category>अंतर्राष्ट्रीय</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>यूरोप</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 18 Mar 2024 12:59:04 +0530</pubDate>
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                <title>राष्ट्रपति चुनाव के लिए रूस में दूसरे दिन भी मतदान जारी</title>
                                    <description>
                        <![CDATA[<p><strong>Moscow:</strong> रूस में राष्ट्रपति चुनाव के लिए मतदान के दूसरे दिन शनिवार को मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल कर रहे हैं। चुनाव में राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को छह और साल का कार्यकाल मिलना तय माना जा रहा है। देश के 11 ‘टाइम जोन’ के साथ ही यूक्रेन के अवैध रूप से कब्जाए क्षेत्रों में स्थित मतदान केंद्रों में मतदान जारी है। यह चुनाव स्वतंत्र मीडिया और प्रतिष्ठित अधिकार समूहों के दमन, पुतिन को राजनीतिक व्यवस्था पर पूर्ण नियंत्रण देने और यूक्रेन के खिलाफ मॉस्को के युद्ध के दो साल पूरे होने के बाद हो रहा है। </p>
<p>चुनाव ऐसे समय में</p>...]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/139442/voting-continues-for-the-second-day-in-russia-for-the"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2024-03/6-26-23-mcfaul-photo-scaled.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>Moscow:</strong> रूस में राष्ट्रपति चुनाव के लिए मतदान के दूसरे दिन शनिवार को मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल कर रहे हैं। चुनाव में राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को छह और साल का कार्यकाल मिलना तय माना जा रहा है। देश के 11 ‘टाइम जोन’ के साथ ही यूक्रेन के अवैध रूप से कब्जाए क्षेत्रों में स्थित मतदान केंद्रों में मतदान जारी है। यह चुनाव स्वतंत्र मीडिया और प्रतिष्ठित अधिकार समूहों के दमन, पुतिन को राजनीतिक व्यवस्था पर पूर्ण नियंत्रण देने और यूक्रेन के खिलाफ मॉस्को के युद्ध के दो साल पूरे होने के बाद हो रहा है। </p>
<p>चुनाव ऐसे समय में हो रहा है जब पुतिन के राजनीतिक विरोधी या तो जेल में हैं या विदेश में निर्वासित हैं। पुतिन के धुर विरोधी व सबसे मुखर विपक्षी नेता एलेक्सी नवलनी की फरवरी में आर्कटिक जेल में 47 वर्ष की आयु में मौत हो गई थी। अधिकारियों ने कहा कि मतदान व्यवस्थित रूप से जारी है। लेकिन कड़े नियंत्रण के बावजूद, मतदान केंद्रों पर तोड़फोड़ के कम से कम आधा दर्जन मामले सामने आए हैं। पश्चिमी देशों के नेताओं ने इस चुनाव को लोकतंत्र का उपहास बताया है। </p>
<p>यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष चार्ल्स माइकल ने कटाक्ष करते हुए शुक्रवार को पुतिन को चुनाव में “जबरदस्त जीत” की बधाई दी, जिसके लिए तकनीकी रूप से मतदान अभी जारी है। उन्होंने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा, “न विपक्ष, न स्वतंत्रता, न विकल्प”। इस बीच दिवंगत विपक्षी नेता नवलनी की अनुपस्थिति में उनकी टीम के सामने पुतिन के खिलाफ विपक्षी आंदोलन को बरकरार रखने की मुश्किल चुनौती है। टीम के आंदोलन “नून अगेंस्ट पुतिन” को नवलनी पत्नी यूलिया नवलनया का साथ मिला है। </p>
<p>वे मतदाताओं से पुतिन के शासन और यूक्रेन के खिलाफ युद्ध के प्रति अपना असंतोष प्रदर्शित करने के लिए मतदान करने का आग्रह कर रहे हैं। नवलनया ने वीडियो संबोधन में कहा, “यह (आंदोलन) बहुत ही सरल एवं सुरक्षित क्रिया है, इस पर रोक नहीं लगाई जा सकती। इससे लाखों लोगों को अपने समान विचारधारा वाले सहयोगियों से रूबरू होने का मौका मिलेगा और यह एहसास करने में मदद मिलेगी कि हम अकेले नहीं हैं, ऐसे लोग हमारे साथ हैं जो युद्ध के खिलाफ हैं, भ्रष्टाचार के खिलाफ हैं और अराजकता के खिलाफ हैं।</p>
<p> </p>]]>
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                                                            <category>अंतर्राष्ट्रीय</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>एशिया</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 16 Mar 2024 16:49:54 +0530</pubDate>
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                <title>व्लादिमीर पुतिन  के फैसले से बढ़ा  परमाणु हमले का खतरा</title>
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                        <![CDATA[<p><strong>International news:</strong>रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने गुरुवार को व्यापक परमाणु परीक्षण प्रतिबंध संधि के रूस के अनुसमर्थन को रद्द करने वाले कानून पर हस्ताक्षर किए। 1996 की संधि परमाणु हथियारों के लाइव परीक्षणों सहित सभी परमाणु विस्फोटों को गैरकानूनी घोषित करती है, हालांकि यह कभी लागू नहीं हुई क्योंकि संयुक्त राज्य अमेरिका और चीन सहित कुछ प्रमुख देशों ने कभी इसकी पुष्टि नहीं की। पश्चिम ने रूस पर पिछले फरवरी में यूक्रेन पर हमला शुरू करने के बाद से लापरवाह परमाणु बयानबाजी का आरोप लगाया है।</p>
<p><br />पुतिन ने पिछले सप्ताह बैलिस्टिक मिसाइल अभ्यास का निरीक्षण किया था, जिसे रक्षा</p>...]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/136616/vladimir-putins-decision-increases-the-risk-of-nuclear-attack"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2023-11/putin_large_1544_19.webp" alt=""></a><br /><p><strong>International news:</strong>रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने गुरुवार को व्यापक परमाणु परीक्षण प्रतिबंध संधि के रूस के अनुसमर्थन को रद्द करने वाले कानून पर हस्ताक्षर किए। 1996 की संधि परमाणु हथियारों के लाइव परीक्षणों सहित सभी परमाणु विस्फोटों को गैरकानूनी घोषित करती है, हालांकि यह कभी लागू नहीं हुई क्योंकि संयुक्त राज्य अमेरिका और चीन सहित कुछ प्रमुख देशों ने कभी इसकी पुष्टि नहीं की। पश्चिम ने रूस पर पिछले फरवरी में यूक्रेन पर हमला शुरू करने के बाद से लापरवाह परमाणु बयानबाजी का आरोप लगाया है।</p>
<p><br />पुतिन ने पिछले सप्ताह बैलिस्टिक मिसाइल अभ्यास का निरीक्षण किया था, जिसे रक्षा मंत्री सर्गेई शोइगु ने एक अज्ञात दुश्मन के खिलाफ बड़े पैमाने पर जवाबी परमाणु हमले के लिए अभ्यास बताया था। पुतिन ने पिछले महीने यह भी कहा था कि वह "यह कहने के लिए तैयार नहीं हैं" कि रूस लाइव परमाणु परीक्षण करेगा या नहीं। संधि को रद्द करने का विधेयक पिछले महीने फास्ट-ट्रैक प्रक्रिया में रूस की संसद से पारित हुआ। संसदीय सुनवाई के दौरान, राज्य ड्यूमा के स्पीकर व्याचेस्लाव वोलोडिन ने कहा कि संधि को रद्द करने का कदम परमाणु हथियारों पर संयुक्त राज्य अमेरिका के संशयवाद और अशिष्ट रवैये की प्रतिक्रिया थी।</p>
<p><br />हालाँकि यह कभी लागू नहीं हुआ, इस समझौते को परमाणु शक्तियों फ्रांस और ब्रिटेन सहित 178 देशों द्वारा अनुमोदित किया गया था, और इसका प्रतीकात्मक मूल्य है। इसके समर्थकों का कहना है कि इसने परमाणु हथियारों के लाइव परीक्षणों के खिलाफ एक अंतरराष्ट्रीय मानदंड स्थापित किया है, लेकिन आलोचकों का कहना है कि प्रमुख परमाणु शक्तियों के अनुसमर्थन के बिना समझौते की संभावना अवास्तविक है। पुतिन के पहली बार राष्ट्रपति बनने के छह महीने बाद जून 2000 में रूस की संसद ने समझौते को मंजूरी दे दी।</p>
<p> </p>]]>
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                                                            <category>अंतर्राष्ट्रीय</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>यूरोप</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 02 Nov 2023 15:51:14 +0530</pubDate>
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                <title>पीएम मोदी बहुत ही बुद्धिमान व्यक्ति है, पुतिन ने की पीएम की बड़ाई </title>
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                        <![CDATA[<p><strong>International:</strong> प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रशंसा करते हुए रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने उन्हें बहुत बुद्धिमान व्यक्ति बताया है। पुतिन ने कहा कि उनके नेतृत्व में भारत विकास में काफी प्रगति कर रहा है। व्लादिमीर पुतिन ने वित्तीय सुरक्षा और साइबर अपराध के खिलाफ लड़ाई के क्षेत्र में रूस और भारत के बीच आगे सहयोग की भी उम्मीद जताई। आरटी न्यूज प्लेटफॉर्म द्वारा साझा किए गए एक वीडियो के अनुसार, व्लादिमीर पुतिन ने एक कार्यक्रम के दौरान कहा कि हम प्रधानमंत्री मोदी के साथ बहुत अच्छे राजनीतिक संबंध साझा करते हैं, वह बहुत बुद्धिमान व्यक्ति हैं। और उनके नेतृत्व में</p>...]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/135526/pm-modi-is-a-very-intelligent-person-putin-praised-pm"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2023-10/putin_large_1236_19.webp" alt=""></a><br /><p><strong>International:</strong> प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रशंसा करते हुए रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने उन्हें बहुत बुद्धिमान व्यक्ति बताया है। पुतिन ने कहा कि उनके नेतृत्व में भारत विकास में काफी प्रगति कर रहा है। व्लादिमीर पुतिन ने वित्तीय सुरक्षा और साइबर अपराध के खिलाफ लड़ाई के क्षेत्र में रूस और भारत के बीच आगे सहयोग की भी उम्मीद जताई। आरटी न्यूज प्लेटफॉर्म द्वारा साझा किए गए एक वीडियो के अनुसार, व्लादिमीर पुतिन ने एक कार्यक्रम के दौरान कहा कि हम प्रधानमंत्री मोदी के साथ बहुत अच्छे राजनीतिक संबंध साझा करते हैं, वह बहुत बुद्धिमान व्यक्ति हैं। और उनके नेतृत्व में भारत विकास में बहुत अच्छी प्रगति कर रहा है। यह इस एजेंडे पर काम करने के भारत और रूस दोनों के हित को पूरी तरह से पूरा करता है।</p>
<p><br />उनकी टिप्पणी भारत में जी20 शिखर सम्मेलन में नई दिल्ली घोषणा को अपनाने के तुरंत बाद आई है। गौरतलब है कि घोषणापत्र में यूक्रेन में चल रहे संघर्ष में शांति स्थापित करने का आह्वान किया गया था, लेकिन इसका दोष रूस पर नहीं डाला गया था, जो पिछले बाली घोषणापत्र से एक तीव्र विचलन दर्शाता है। नई दिल्ली घोषणा का मॉस्को ने स्वागत किया, जिसने इसे एक मील का पत्थर करार दिया और वैश्विक दक्षिण से जी20 देशों को एकजुट करने में भारतीय राष्ट्रपति पद की सक्रिय भूमिका की भी प्रशंसा की।</p>
<p><br />पिछले महीने भी राष्ट्रपति पुतिन ने पीएम मोदी की प्रशंसा करते हुए कहा था कि वह मेक इन इंडिया कार्यक्रम को बढ़ावा देने में सही काम कर रहे हैं। 8वें ईस्टर्न इकोनॉमिक फोरम (ईईएफ) में एक संबोधन में राष्ट्रपति पुतिन ने कहा कि आप जानते हैं, हमारे पास तब घरेलू स्तर पर निर्मित कारें नहीं थीं, लेकिन अब हमारे पास हैं। यह सच है कि वे मर्सिडीज या ऑडी कारों की तुलना में अधिक मामूली दिखती हैं, जो हमने 1990 के दशक में बड़ी मात्रा में खरीदारी की, लेकिन यह कोई मुद्दा नहीं है। </p>
<p> </p>]]>
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                                                            <category>अंतर्राष्ट्रीय</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>एशिया</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 05 Oct 2023 12:55:09 +0530</pubDate>
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                <title> MQ-9 के सामने दागे फ्लेयर्स, रूसी विमानों ने रोका अमेरिकी ड्रोन का रास्ता !</title>
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                        <![CDATA[<p><strong>International news:</strong></p>
<p><strong>रूस</strong> और अमेरिका के बीच तनातनी खत्म होने का नाम नहीं ले रही है। ऐसे में रूसी लड़ाकू विमानों ने सीरिया में 24 घंटे के भीतर दूसरी बार अमेरिकी ड्रोन का रास्ता रोका। अमेरिकी वायुसेना के लेफ्टिनेंट जनरल एलेक्स ग्रिनकेविच ने बताया कि मॉस्को के सैन्य विमान ने गुरुवार को स्थानीय समयानुसार सुबह साढ़े नौ बजे अमेरिकी एमक्यू-9 ड्रोन के साथ असुरक्षित और गैर जिम्मेदाराना व्यवहार किया।</p>
<p><strong>ड्रोन के सामने दागे गए फ्लेयर्स</strong><br />उन्होंने बताया कि विमानों ने ड्रोन के सामने फ्लेयर्स दागे और खतरनाक तरीके से उड़ान भरी। जिसकी वजह से सभी विमानों की सुरक्षा खतरे में</p>...]]>
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                                    <content:encoded>
                        <![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/131907/russian-planes-fired-flares-in-front-of-mq-9-to-block"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2023-07/ mq-9-के-सामने-दागे-फ्लेयर्स,-रूसी-विमानों-ने-रोका-अमेरिकी-ड्रोन-का-रास्ता-!.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>International news:</strong></p>
<p><strong>रूस</strong> और अमेरिका के बीच तनातनी खत्म होने का नाम नहीं ले रही है। ऐसे में रूसी लड़ाकू विमानों ने सीरिया में 24 घंटे के भीतर दूसरी बार अमेरिकी ड्रोन का रास्ता रोका। अमेरिकी वायुसेना के लेफ्टिनेंट जनरल एलेक्स ग्रिनकेविच ने बताया कि मॉस्को के सैन्य विमान ने गुरुवार को स्थानीय समयानुसार सुबह साढ़े नौ बजे अमेरिकी एमक्यू-9 ड्रोन के साथ असुरक्षित और गैर जिम्मेदाराना व्यवहार किया।</p>
<p><strong>ड्रोन के सामने दागे गए फ्लेयर्स</strong><br />उन्होंने बताया कि विमानों ने ड्रोन के सामने फ्लेयर्स दागे और खतरनाक तरीके से उड़ान भरी। जिसकी वजह से सभी विमानों की सुरक्षा खतरे में पड़ गई। वहीं, एक दिन पहले एलेक्स ग्रिनकेविच ने बताया था कि रूसी लड़ाकू विमानों ने भी यूएस एमक्यू-9 के सामने फ्लेयर दागे, जबकि एक पायलट ने ड्रोन के सामने अपने विमान का आफ्टरबर्नर चालू कर दिया। बीते दिनों भी अमेरिका ने कहा था कि रूसी विमान उनके ड्रोन को परेशान कर रहे थे।</p>
<p><strong>काला सागर में दुर्घटनाग्रस्त हुआ था अमेरिकी ड्रोन</strong><br />उल्लेखनीय है कि इस साल की शुरुआत में अमेरिका ने कहा था कि एक रूसी लड़ाकू विमान ने काला सागर के ऊपर निगरानी कर रहे एक ड्रोन के प्रोपेलर के साथ छेड़खानी की। जिसकी वजह से वह दुर्घटनाग्रस्त हो गया। हालांकि, मॉस्को ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया था।</p>]]>
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                                                            <category>अंतर्राष्ट्रीय</category>
                                            <category>Featured</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 07 Jul 2023 09:18:41 +0530</pubDate>
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                <title> India - Russia की बढ़ी नजदीकी, अफगानिस्तान उठाने जा रहा बड़ा कदम </title>
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                        <![CDATA[<p><strong>International news:</strong></p>
<p>अफगानिस्तान क्षेत्रीय संपर्क स्थापित करने और देश के माध्यम से क्षेत्रीय पारगमन और स्थानान्तरण को बढ़ाने के लिए "बड़े पैमाने पर" रेलवे नेटवर्क स्थापित करने की योजना बना रहा है। मजार-ए-शरीफ-हेरात-कंधार रेलवे परियोजना के रूप में बिल की गई महत्वाकांक्षी योजना को देश के आर्थिक आयोग द्वारा अनुमोदित किया गया है और इसे घरेलू राजस्व के साथ पूरा किया जाएगा। इस बात की जानकारी आर्थिक मामलों के लिए उप प्रधान मंत्री के कार्यालय की ओर से दी गई है। हालांकि, इसमें परियोजना की अनुमानित लागत का जिक्र नहीं था। </p>
<p><br />जानकारी के मुताबिक 1,468 किलोमीटर लंबा (912 मील) नेटवर्क,</p>...]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/129037/india-increased-closeness-of-russia-afghanistan-is-going-to"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2023-05/railway-track_large_1337_8.webp" alt=""></a><br /><p><strong>International news:</strong></p>
<p>अफगानिस्तान क्षेत्रीय संपर्क स्थापित करने और देश के माध्यम से क्षेत्रीय पारगमन और स्थानान्तरण को बढ़ाने के लिए "बड़े पैमाने पर" रेलवे नेटवर्क स्थापित करने की योजना बना रहा है। मजार-ए-शरीफ-हेरात-कंधार रेलवे परियोजना के रूप में बिल की गई महत्वाकांक्षी योजना को देश के आर्थिक आयोग द्वारा अनुमोदित किया गया है और इसे घरेलू राजस्व के साथ पूरा किया जाएगा। इस बात की जानकारी आर्थिक मामलों के लिए उप प्रधान मंत्री के कार्यालय की ओर से दी गई है। हालांकि, इसमें परियोजना की अनुमानित लागत का जिक्र नहीं था। </p>
<p><br />जानकारी के मुताबिक 1,468 किलोमीटर लंबा (912 मील) नेटवर्क, जो नौ अफगान प्रांतों के 37 जिलों से होकर गुजरेगा। इसमें 800 गांव होंगे। इसका उद्देश्य अफगानिस्तान के माध्यम से पूर्वी एशिया को ईरान, तुर्की और यूरोप से जोड़ना है। इसका फायदा भारत को भी होने जा रहा है। अफगानिस्तान के माध्यम से मास्को और नई दिल्ली के बीच दूरी और कम हो जाएगी। अफगानिस्तानसबसे छोटा और सबसे किफायती मार्ग बना रहा है। बताया गया है कि रूस और मध्य एशिया को दक्षिण एशिया और अफगानिस्तान के माध्यम से समुद्री बंदरगाहों से जोड़ना भी इसमे शामिल है। </p>
<p><br />अफगानिस्तान को ईरान के चाबहार और बंदर अब्बास बंदरगाहों और पाकिस्तान के कराची और ग्वादर बंदरगाह से जोड़ना है। बयान के अनुसार, परियोजना दो चरणों में पूरी की जाएगी। पहले चरण में, मजार-ए-शरीफ-हेरात खंड लगभग 657 किमी (408 मील) तक फैला होगा, जबकि दूसरा खंड हेरात से शुरू होकर निमरोज, फराह, हेलमंड और कंधार से गुजरते हुए और स्पिन बोल्डक पर समाप्त होगा। इसकी 811 किमी (504 मील) की लंबाई है।~</p>
<p> </p>]]>
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                                                            <category>अंतर्राष्ट्रीय</category>
                                            <category>Featured</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 02 May 2023 14:39:55 +0530</pubDate>
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                <title>रूस ने बरसा दिए सैकड़ो मिसाइल, यूक्रेन ने किया हिंदू देवी का अपमान- मांगनी पड़ी माफी</title>
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                        <![CDATA[<p><strong>International News:</strong></p>
<p>यूक्रेन ने कैसी हरकत की है जिसे माफ नहीं किया जा सकता। जंग से तबाह हो चुके यूक्रेन का दिमाग इतना खड़ा हो चुका है कि उसने पागलपन में हिंदू देवी मां काली का अपमान कर दिया है। यूक्रेन की डिफेंस मिनिस्ट्री ने मां काली पर एक आपत्तिजनक ट्वीट किया। यूक्रेन की डिफेंस मिनिस्ट्री ने अपने ट्वीट में एक तरफ बम धमाके से पैदा हुए धुएं को दिखाया, वहीं उसके साथ धुएं पर मां काली की तस्वीर लगा दी। यूक्रेन की बेशर्मी देखिए कि उसने आपत्तिजनक ट्वीट को वर्क ऑफ आर्ट कहा है। यानी कला के नाम पर</p>...]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/129033/russia-rained-hundreds-of-missiles-ukraine-insulted-hindu-goddess-%E2%80%93"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2023-05/ukraine_large_1212_19.webp" alt=""></a><br /><p><strong>International News:</strong></p>
<p>यूक्रेन ने कैसी हरकत की है जिसे माफ नहीं किया जा सकता। जंग से तबाह हो चुके यूक्रेन का दिमाग इतना खड़ा हो चुका है कि उसने पागलपन में हिंदू देवी मां काली का अपमान कर दिया है। यूक्रेन की डिफेंस मिनिस्ट्री ने मां काली पर एक आपत्तिजनक ट्वीट किया। यूक्रेन की डिफेंस मिनिस्ट्री ने अपने ट्वीट में एक तरफ बम धमाके से पैदा हुए धुएं को दिखाया, वहीं उसके साथ धुएं पर मां काली की तस्वीर लगा दी। यूक्रेन की बेशर्मी देखिए कि उसने आपत्तिजनक ट्वीट को वर्क ऑफ आर्ट कहा है। यानी कला के नाम पर हिन्दू देवी का अपमान करते हुए यूक्रेन ने सारी हदें पार कर दी हैं।</p>
<p><br />हिंदूफोबिक कार्टून के लिए क्षमा मांग ली है। यूक्रेन की तरफ से कहा गया कि हमें खेद है रक्षा मंत्री ने हिंदू देवी काली को विकृत तरीके से चित्रित किया। यूक्रेन और इसके लोग अद्वितीय भारतीय संस्कृति का सम्मान करते हैं और भारत के समर्थन की अत्यधिक सराहना करते हैं। उस चित्र को पहले ही हटा दिया गया है। यूक्रेन के रक्षा मंत्रालय के इस ट्वीट के बाद से सोशल मीडिया यूजर्स ने जमकर गुस्सा जाहिर किया था।<br />बता दें कि यही कलाकारी अगर यूक्रेन भारत के अलावा किसी खास मजहब के खिलाफ कर देता तो रूस के अलावा 57 मुस्लिम देश भी यूक्रेन पर हमला कर देते।</p>
<p>लेकिन हिन्दू धर्म का अपमान करना तो एक फैशन बन गया है। भारतीय लोगों को यूक्रेन का ये अपमान बिल्कुल भी पसंद नहीं आया। भारतीय लोगों ने सोशल मीडिया पर भी यूक्रेन की धज्जियां उड़ानी शुरू कर दी। बवाल बढ़ता देख यूक्रेन को ये ट्वीट डिलीट करने पड़ा। एक यूजर ने लिखा कि मां काली यूक्रेन की इस वर्क ऑफ आर्ट वाली इच्छा को जरूर पूरा करेंगी। तुमने जो धमाका दिखाया है वो तुम्हें मिलेगा। अब इसे संयोग कहे या कर्मों का फल। यूक्रेन की इच्छा तुरंत पूरी हो गयी। रूस ने यूक्रेन पर ताबड़तोड़ मिसाइलें दाग दीं। बताया जा रहा है कि पिछले 24 घंटे में रूस ने यूक्रेन पर 27 हमले किये हैं।</p>]]>
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                                                            <category>अंतर्राष्ट्रीय</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>यूरोप</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/129033/russia-rained-hundreds-of-missiles-ukraine-insulted-hindu-goddess-%E2%80%93</link>
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                <pubDate>Tue, 02 May 2023 13:00:00 +0530</pubDate>
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