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                <title>Project Monitoring - Swatantra Prabhat</title>
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                <description>Project Monitoring RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने पथ निर्माण विभाग की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को लगाई फटकार</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>रांची, झारखंड:-</strong> मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने झारखंड मंत्रालय में पथ निर्माण विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए विभागीय अधिकारियों को लंबित परियोजनाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के सख्त निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि निर्माण कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही, अनावश्यक देरी या गुणवत्ता से समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। </div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">      यदि निर्धारित समय सीमा के भीतर कार्य पूरे नहीं हुए तो संबंधित अधिकारियों और एजेंसियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी। बैठक में विभागीय अधिकारियों ने पिछले पांच वर्षों के दौरान सड़क, फ्लाईओवर, ओवरब्रिज और पुल-पुलियों से संबंधित निर्माणाधीन एवं पूर्ण परियोजनाओं</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>   </strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">मुख्यमंत्री</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/183447/chief-minister-hemant-soren-reprimanded-the-officials-in-the-review"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/news-6-(1).jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>रांची, झारखंड:-</strong> मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने झारखंड मंत्रालय में पथ निर्माण विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए विभागीय अधिकारियों को लंबित परियोजनाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के सख्त निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि निर्माण कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही, अनावश्यक देरी या गुणवत्ता से समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">   यदि निर्धारित समय सीमा के भीतर कार्य पूरे नहीं हुए तो संबंधित अधिकारियों और एजेंसियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी। बैठक में विभागीय अधिकारियों ने पिछले पांच वर्षों के दौरान सड़क, फ्लाईओवर, ओवरब्रिज और पुल-पुलियों से संबंधित निर्माणाधीन एवं पूर्ण परियोजनाओं की विस्तृत प्रस्तुति दी। मुख्यमंत्री ने सभी परियोजनाओं की प्रगति का गहन अवलोकन करते हुए कार्यों में हो रही देरी पर नाराजगी जताई और कहा कि सभी योजनाओं को तय समय सीमा के भीतर पूरा करना विभाग की प्राथमिक जिम्मेदारी है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>   ■ हर परियोजना का डेटाबेस और जियो-टैगिंग होगी अनिवार्य</strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">मुख्यमंत्री ने पथ निर्माण विभाग को राज्य की सभी परियोजनाओं का अद्यतन एवं सुव्यवस्थित डेटाबेस तैयार करने तथा प्रत्येक परियोजना की जियो-टैगिंग सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि हर परियोजना की लागत, प्रगति, समय-सीमा और वर्तमान स्थिति का स्पष्ट रिकॉर्ड उपलब्ध होना चाहिए, ताकि निगरानी प्रणाली अधिक प्रभावी और पारदर्शी बन सके। उन्होंने कहा कि जियो-टैगिंग से जवाबदेही बढ़ेगी और कार्यों की वास्तविक स्थिति की आसानी से समीक्षा की जा सकेगी।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>   ■ सोशल मीडिया और मीडिया में मिलने वाली शिकायतों पर तुरंत हो कार्रवाई</strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें सोशल मीडिया, प्रिंट मीडिया और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के माध्यम से लगातार सड़कों की खराब स्थिति, गड्ढों, जलजमाव और निर्माण कार्यों में अनियमितताओं की शिकायतें प्राप्त हो रही हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि ऐसी सभी शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए त्वरित कार्रवाई करें और उनके समाधान का अद्यतन रिकॉर्ड भी तैयार रखें।  उन्होंने कहा कि बरसात के मौसम में खराब सड़कें दुर्घटनाओं का कारण बनती हैं। इसलिए गड्ढों की तत्काल मरम्मत, जल निकासी की समुचित व्यवस्था तथा सड़कों की गुणवत्ता में सुधार को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। साथ ही संकीर्ण सड़कों के चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण पर भी विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>   ■ दो माह में प्रमुख परियोजनाएं पूरी करने का निर्देश</strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">मुख्यमंत्री ने निर्माणाधीन सड़क, फ्लाईओवर और पुल-पुलिया परियोजनाओं की धीमी प्रगति पर असंतोष व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य की कई महत्वपूर्ण परियोजनाएं वर्षों से अधूरी पड़ी हैं, जिससे आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने राजधानी रांची सहित राज्य के अन्य जिलों में लंबित प्रमुख परियोजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर अगले दो माह के भीतर पूरा करने का निर्देश दिया। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि निर्धारित समय सीमा के भीतर कार्य पूरे नहीं किए गए तो संबंधित अधिकारियों और निर्माण एजेंसियों के विरुद्ध कड़ी विभागीय कार्रवाई की जाएगी।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>    ■ गुणवत्ता और नियमित मॉनिटरिंग पर विशेष जोर</strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">मुख्यमंत्री ने सोलर साइकिल ट्रैक सहित अन्य नई परियोजनाओं की भी समीक्षा की और सभी निर्माण कार्यों में गुणवत्ता, मजबूती और समयबद्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने पुल-पुलियों के किनारों को मजबूत बनाने, जल निकासी की बेहतर व्यवस्था करने तथा प्रत्येक परियोजना की नियमित मॉनिटरिंग करने पर विशेष बल दिया। बैठक में मुख्य सचिव अविनाश कुमार, पथ निर्माण विभाग के सचिव सुनील कुमार, अभियंता प्रमुख प्रवीण जयंत भेंगरा सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>बिहार/झारखंड</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 15 Jul 2026 22:13:20 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ा जल जीवन मिशन योजना: पानी भरते ही ‘वॉटरफॉल’ बनी लाखों की टंकी, सवालों के घेरे में पूरी व्यवस्था</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती। </strong>बस्ती जिले में भ्रष्टाचार अंगदकी तरह पांव जमाए बैठे हैं जिसे रोक लगाने जिला प्रशासन फेल नजर आ रहा है बस्ती जिले में कोई ऐसा विभाग नहीं बचा है जहां पर भ्रष्टाचार ना हो रहा हो देखने में सबसे ज्यादा विकास विभाग राजस्व विभाग और पुलिस विभाग द्वारा मनमानी कर भ्रष्टाचार चरम पर है जिम्मेदार अधिकारी को सूचित किया जाता है जांच कर कार्रवाई करने की बात पर फर्जी रिपोर्ट लगाने में कोई कसर नहीं छोड़ रहा है </div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी जल जीवन मिशन योजना का उद्देश्य हर घर तक शुद्ध पेयजल पहुंचाना है, लेकिन बस्ती जिले में</div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/181477/jal-jeevan-mission-scheme-becomes-victim-of-corruption-tank-worth"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/img-20260618-wa0107.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती। </strong>बस्ती जिले में भ्रष्टाचार अंगदकी तरह पांव जमाए बैठे हैं जिसे रोक लगाने जिला प्रशासन फेल नजर आ रहा है बस्ती जिले में कोई ऐसा विभाग नहीं बचा है जहां पर भ्रष्टाचार ना हो रहा हो देखने में सबसे ज्यादा विकास विभाग राजस्व विभाग और पुलिस विभाग द्वारा मनमानी कर भ्रष्टाचार चरम पर है जिम्मेदार अधिकारी को सूचित किया जाता है जांच कर कार्रवाई करने की बात पर फर्जी रिपोर्ट लगाने में कोई कसर नहीं छोड़ रहा है </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी जल जीवन मिशन योजना का उद्देश्य हर घर तक शुद्ध पेयजल पहुंचाना है, लेकिन बस्ती जिले में इस योजना के क्रियान्वयन की हकीकत कुछ और ही कहानी बयां कर रही है। जिले के राजपुर क्षेत्र में बनी एक पानी की टंकी में जैसे ही पानी भरा गया, टंकी की दीवारें जवाब दे गईं और देखते ही देखते पानी तेज धार के साथ बाहर निकलने लगा। कुछ ही मिनटों में पूरी टंकी किसी झरने या वॉटरफॉल का नजारा पेश करने लगी।</div>
<div style="text-align:justify;">इस घटना का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें साफ देखा जा सकता है कि लाखों रुपये की लागत से बनी टंकी से पानी कई जगहों से रिसते हुए बाहर निकल रहा है। वीडियो सामने आने के बाद ग्रामीणों में भारी नाराजगी है और लोग निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठा रहे हैं।</div>
<div style="text-align:justify;">ग्रामीणों का कहना है कि जिले में जल जीवन मिशन के तहत कई गांवों में पाइप लाइनें बिछाने का काम वर्षों पहले पूरा दिखा दिया गया, लेकिन आज तक नियमित जलापूर्ति शुरू नहीं हो सकी। कहीं सड़कें खोदकर छोड़ दी गईं तो कहीं पाइप लाइनें डालने के बाद काम अधूरा पड़ा है। ऐसे में राजपुर की यह घटना पूरे जिले में चल रहे कार्यों की गुणवत्ता पर बड़ा सवाल खड़ा कर रही है।</div>
<div style="text-align:justify;">बताया जा रहा है कि टंकी में तकनीकी खामी सामने आने के बाद विभाग ने तत्काल कार्रवाई करते हुए ऑपरेटर को जिम्मेदार ठहराने का प्रयास किया है। हालांकि संबंधित ऑपरेटर का दावा है कि उसने टंकी में मौजूद कमियों और निर्माण संबंधी खामियों की जानकारी पहले ही ग्राम प्रधान तथा विभागीय अधिकारियों को दी थी। उसके अनुसार कई बार शिकायत किए जाने के बावजूद कमियों को दूर करने के बजाय मामले पर पर्दा डालने की कोशिश की गई।</div>
<div style="text-align:justify;">यह पहला मामला नहीं है जब जल जीवन मिशन की परियोजनाएं सवालों के घेरे में आई हों। इससे पहले पड़ोसी जनपद सिद्धार्थनगर में भी एक पानी की टंकी तेज हवा के दौरान धराशायी हो गई थी, जिसके बाद निर्माण गुणवत्ता को लेकर व्यापक चर्चा हुई थी। अब बस्ती की यह घटना भी यही संकेत दे रही है कि कहीं न कहीं निर्माण कार्यों में मानकों की अनदेखी और जवाबदेही की कमी गंभीर समस्या बन चुकी है।स्थानीय लोगों का आरोप है कि यदि समय रहते निर्माण कार्यों की निष्पक्ष जांच कराई जाती और शिकायतों को गंभीरता से लिया जाता, तो करोड़ों रुपये की सरकारी परियोजनाओं की ऐसी दुर्दशा सामने नहीं आती। ग्रामीणों ने पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कर दोषी अधिकारियों, ठेकेदारों और संबंधित एजेंसियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की है।</div>
<div style="text-align:justify;">राजपुर की फटी हुई पानी की टंकी केवल एक निर्माण की विफलता नहीं, बल्कि उन सवालों का प्रतीक बन गई है जो जल जीवन मिशन के तहत खर्च किए जा रहे करोड़ों रुपये की पारदर्शिता और गुणवत्ता पर लगातार उठ रहे हैं। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस मामले को महज एक तकनीकी खराबी मानता है या फिर इसकी तह तक जाकर जिम्मेदार लोगों को बेनकाब करता है।</div>
</div>
<div class="yj6qo" style="text-align:justify;"> </div>
<div class="adL"> </div>
</div>
</div>
</div>
<div class="hq gt"></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 18 Jun 2026 19:52:10 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कैबिनेट मंत्री हरदीप सिंह मुंडियन ने विकास के कामों की प्रोग्रेस का रिव्यू किया</title>
                                    <description><![CDATA[<div><strong>लुधियाना</strong> कै बिनेट मंत्री हरदीप सिंह मुंडियन ने मंगलवार को लुधियाना जिले में चल रहे विकास के कामों की प्रोग्रेस का रिव्यू किया और अधिकारियों को विकास के कामों की रफ़्तार तेज़ करने का निर्देश दिया ताकि लोगों के फ़ायदे के लिए प्रोजेक्ट्स समय पर पूरे हो सकें।</div><div><br /></div><div>रिव्यू मीटिंग के दौरान डिप्टी कमिश्नर हिमांशु जैन, GLADA के चीफ़ एडमिनिस्ट्रेटर ओजस्वी अलंकार, एडिशनल डिप्टी कमिश्नर (रूरल डेवलपमेंट) डॉ. नरिंदर सिंह धालीवाल, सब डिवीज़नल मजिस्ट्रेट (लुधियाना ईस्ट) जसलीन कौर भुल्लर और अलग-अलग डिपार्टमेंट के सीनियर अधिकारी मौजूद थे। हरदीप सिंह मुंडियन ने लुधियाना-राहोन रोड पर चल रहे काम का रिव्यू किया</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/180874/cabinet-minister-hardeep-singh-mundian-reviewed-the-progress-of-development"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/1000898635.jpg" alt=""></a><br /><div><strong>लुधियाना</strong> कै बिनेट मंत्री हरदीप सिंह मुंडियन ने मंगलवार को लुधियाना जिले में चल रहे विकास के कामों की प्रोग्रेस का रिव्यू किया और अधिकारियों को विकास के कामों की रफ़्तार तेज़ करने का निर्देश दिया ताकि लोगों के फ़ायदे के लिए प्रोजेक्ट्स समय पर पूरे हो सकें।</div><div><br /></div><div>रिव्यू मीटिंग के दौरान डिप्टी कमिश्नर हिमांशु जैन, GLADA के चीफ़ एडमिनिस्ट्रेटर ओजस्वी अलंकार, एडिशनल डिप्टी कमिश्नर (रूरल डेवलपमेंट) डॉ. नरिंदर सिंह धालीवाल, सब डिवीज़नल मजिस्ट्रेट (लुधियाना ईस्ट) जसलीन कौर भुल्लर और अलग-अलग डिपार्टमेंट के सीनियर अधिकारी मौजूद थे। हरदीप सिंह मुंडियन ने लुधियाना-राहोन रोड पर चल रहे काम का रिव्यू किया और PWD अधिकारियों को प्रोजेक्ट को जल्द से जल्द पूरा करने का निर्देश दिया। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि राहों रोड पर सीवेज का पानी जमा होने की समस्या को भी जल्द ही हल कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि इलाके में पानी की निकासी को बेहतर बनाने और पानी के जमाव को रोकने के लिए सीवरेज सिस्टम की सफाई के लिए जल्द ही टेंडर जारी किए जाएंगे।</div><div><br /></div><div>अधिकारियों ने मंत्री को बताया कि राहों रोड पर जानवरों के आने-जाने के लिए अंडरपाथ का काम पूरा हो गया है, जबकि अप्रोच रोड का निर्माण अपने आखिरी स्टेज में है। सड़क को चौड़ा करने और इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट को आसान बनाने के लिए बिजली के खंभे बदलने का काम भी जल्द ही शुरू होगा।</div><div><br /></div><div>कैबिनेट मंत्री ने सतलुज नदी के पास बसे गांवों में बाढ़ से बचाव के कामों की प्रगति का भी रिव्यू किया। उन्होंने संबंधित विभागों को बिना किसी देरी के तटबंधों को मजबूत करने और दूसरे सुरक्षा उपायों को पूरा करने का निर्देश दिया, खासकर आने वाले मानसून के मौसम को ध्यान में रखते हुए।</div><div><br /></div><div>सड़कों और बाढ़ से बचाव के अलावा, हरदीप सिंह मुंडियन ने अपने चुनाव क्षेत्र में इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स पर भी विस्तार से चर्चा की। इसमें आने वाले आम आदमी क्लीनिक का स्टेटस, सरकारी स्कूलों का अपग्रेडेशन, जिम और कम्युनिटी हॉल का कंस्ट्रक्शन, PSPCL से जुड़े मामले, सड़कें, नालियां और पानी सप्लाई सिस्टम, GLADA के तहत चल रहे प्रोजेक्ट्स वगैरह शामिल थे।</div><div><br /></div><div>मंत्री मुंडियन ने इंफ्रास्ट्रक्चर और पब्लिक सर्विसेज़ को मज़बूत करने के लिए पंजाब सरकार के वादे को दोहराया। उन्होंने ज़ोर दिया कि सभी डिपार्टमेंट को कोऑर्डिनेशन से काम करना चाहिए ताकि यह पक्का हो सके कि डेवलपमेंट के काम तय टाइम फ्रेम में पूरे हों। उन्होंने कहा कि प्रोजेक्ट्स में देरी का सीधा असर नागरिकों पर पड़ता है। मंत्री ने सभी अधिकारियों को डेवलपमेंट के कामों की रफ़्तार बनाए रखने और प्रोजेक्ट्स को टाइम-बाउंड तरीके से पूरा करने का भी निर्देश दिया।</div><div><br /></div><div>असल में लागू करने को पक्का करने के लिए, मंत्री ने डिपार्टमेंट्स को रेगुलर प्रोग्रेस रिपोर्ट जमा करने और बार-बार साइट इंस्पेक्शन करने का निर्देश दिया। उन्होंने आगे कहा कि लोगों को क्वालिटी इंफ्रास्ट्रक्चर देने के लिए ट्रांसपेरेंट मॉनिटरिंग और इंटर-डिपार्टमेंटल कोऑर्डिनेशन ज़रूरी है।<br /></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>पंजाब</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 09 Jun 2026 20:41:52 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
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