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                <title>Tree Plantation Campaign - Swatantra Prabhat</title>
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                <description>Tree Plantation Campaign RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>वन महोत्सव के समापन दिवस पर डीएम अमेठी, एसपी अमेठी व सीडीओ द्वारा नवीन पुलिस लाइन्स गौरीगंज में किया गया वृक्षारोपण </title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>अमेठी।</strong> जिलाधिकारी अमेठी व पुलिस अधीक्षक अमेठी  सरवणन टी. द्वारा पुलिस लाइन गौरीगंज में वन महोत्सव के अंतिम दिवस पर एक पेड़ मां के नाम कार्यक्रम के तहत वृक्षारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया । वृक्ष मानवता की रक्षा के लिए बहुत जरूरी हैं, वृक्ष लगाकर हम अपने पर्यावरण व परिवेश को स्वच्छ व सुन्दर बना सकते हैं । प्रकृति के प्रति सकारात्मक रवैये को लेकर सभी को ज्यादा से ज्यादा पौधे लगाने एवं वातावरण के लिए खतरनाक प्लास्टिक जैसे कई पदार्थों का उपयोग बंद करने के लिये जागरूक किया गया ।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">वृक्षारोपण के उपरान्त जिलाधिकारी  व पुलिस</div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/182901/on-the-concluding-day-of-van-mahotsav-dm-amethi-sp"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/3-.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>अमेठी।</strong> जिलाधिकारी अमेठी व पुलिस अधीक्षक अमेठी  सरवणन टी. द्वारा पुलिस लाइन गौरीगंज में वन महोत्सव के अंतिम दिवस पर एक पेड़ मां के नाम कार्यक्रम के तहत वृक्षारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया । वृक्ष मानवता की रक्षा के लिए बहुत जरूरी हैं, वृक्ष लगाकर हम अपने पर्यावरण व परिवेश को स्वच्छ व सुन्दर बना सकते हैं । प्रकृति के प्रति सकारात्मक रवैये को लेकर सभी को ज्यादा से ज्यादा पौधे लगाने एवं वातावरण के लिए खतरनाक प्लास्टिक जैसे कई पदार्थों का उपयोग बंद करने के लिये जागरूक किया गया ।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">वृक्षारोपण के उपरान्त जिलाधिकारी  व पुलिस अधीक्षक  द्वारा जवाहर नवोदय विद्यालय के छात्रों को पौधे वितरित कर उन्हें प्रकृति के प्रति जागरूक रहने और पर्यावरण को सुरक्षित रखने का संदेश दिया गया । इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी अमेठी अन्य पुलिस व प्रशासनिक अधिकारीगण, तथा विद्यालय के शिक्षक एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे । सभी ने पर्यावरण को हरा-भरा बनाने और रोपे गए पौधों की सुरक्षा व देखभाल करने का संकल्प लिया । वृक्षारोपण के उपरान्त अधिकारीगण द्वारा आगामी दिनांक 12.07.2026 को प्रस्तावित वृक्षारोपण महाअभियान कार्यक्रम को सफल बनाने के उद्देश्य से मीटिंग कर संबंधित को आवश्यक आदेश-निर्देश दिये गये ।</div>
</div>
<div class="yj6qo" style="text-align:justify;"> </div>
<div class="adL" style="text-align:justify;"> </div>
</div>
</div>
</div>
<div class="hq gt" style="text-align:justify;"></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 07 Jul 2026 22:23:22 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मानसून में फलदार वृक्षों की गुठलियाँ लगाएँ, पर्यावरण की सुरक्षा करें योगेंद्र कुमार सह अधीक्षक तिहाड़ जेल</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्लीः</strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">हम सभी जानते हैं कि फल खाने वाले पक्षियों की संख्या दिल्ली में लगातार घटती जा रही है। इसका एक प्रमुख कारण फलदार वृक्षों की लगातार कम होती संख्या है। इसी चिंता को ध्यान में रखते हुए मैंने अपने मित्रों के साथ वर्ष 2012 में फलदार वृक्षारोपण अभियान की शुरुआत की।हम अपने स्वयं के पैसों से फलदार पौधे खरीदकर लगाते थे। उस समय 3–4 फीट ऊँचे एक स्वस्थ पौधे की कीमत लगभग ₹100 से ₹150 होती थी, जिससे यह अभियान काफी खर्चीला था।फिर एक दिन मेरे मन में विचार आया कि क्यों न मानसून के दौरान फलों की</div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/182461/plant-kernels-of-fruit-trees-in-monsoon-and-protect-the"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/img-20260627-wa0005.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्लीः</strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">हम सभी जानते हैं कि फल खाने वाले पक्षियों की संख्या दिल्ली में लगातार घटती जा रही है। इसका एक प्रमुख कारण फलदार वृक्षों की लगातार कम होती संख्या है। इसी चिंता को ध्यान में रखते हुए मैंने अपने मित्रों के साथ वर्ष 2012 में फलदार वृक्षारोपण अभियान की शुरुआत की।हम अपने स्वयं के पैसों से फलदार पौधे खरीदकर लगाते थे। उस समय 3–4 फीट ऊँचे एक स्वस्थ पौधे की कीमत लगभग ₹100 से ₹150 होती थी, जिससे यह अभियान काफी खर्चीला था।फिर एक दिन मेरे मन में विचार आया कि क्यों न मानसून के दौरान फलों की गुठलियाँ और बीज ही लगाए जाएँ। हमने इस विचार को व्यवहार में उतारा और वर्षा ऋतु में बड़ी संख्या में जामुन, आम, इमली, बेर तथा अन्य फलदार वृक्षों की गुठलियाँ बोईं। अगले मानसून तक उनसे लगभग ढाई से तीन फीट ऊँचे स्वस्थ पौधे तैयार हो गए।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इसके बाद हमने इन पौधों का निःशुल्क वितरण शुरू किया और स्वयं भी उन्हें उपयुक्त स्थानों पर रोपित किया। आज हमारा पौधारोपण अभियान पूरी तरह निःशुल्क है।मैं आप सभी से भी विनम्र आग्रह करता हूँ कि अपनी सामर्थ्य के अनुसार इस मानसून में फलों की गुठलियाँ और बीज अवश्य लगाएँ। अगले वर्ष मानसून में तैयार पौधों को किसी उपयुक्त स्थान पर रोपित करें। बिना किसी बड़े खर्च के हम सभी पर्यावरण संरक्षण में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं।पिछले वर्ष तिहाड़ जेल के बंदियों एवं स्टाफ के सहयोग से हमने बड़ी संख्या में जामुन की गुठलियाँ लगाई थीं, जो आज 2–3 फीट ऊँचे पौधों में विकसित हो चुकी हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इस वर्ष मानसून के दौरान दिल्ली सरकार के 'वन महोत्सव' अभियान में हम इन पौधों का निःशुल्क वितरण करेंगे तथा उन्हें उपयुक्त स्थानों पर रोपित भी करेंगे।फलदार वृक्ष लगाने के अनेक लाभ हैं। ये न केवल पर्यावरण को हरा-भरा बनाते हैं, बल्कि फल खाने वाले सुंदर पक्षियों को भी पुनः उनके प्राकृतिक आवास में लौटने का अवसर प्रदान करते हैं। साथ ही हमें भी बिना किसी रासायनिक प्रक्रिया के ताज़े और पौष्टिक फल प्राप्त होते हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इसके अतिरिक्त ये वृक्ष प्रदूषण कम करने, वातावरण को शुद्ध रखने तथा भरपूर ऑक्सीजन उपलब्ध कराने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।आइए, इस मानसून एक संकल्प लें—हर घर, हर परिवार और हर नागरिक कम से कम एक फलदार वृक्ष की गुठली अवश्य लगाए। यही छोटा-सा प्रयास आने वाली पीढ़ियों के लिए हरित, स्वच्छ और समृद्ध पर्यावरण की नींव बनेगा।</div>
</div>
<div class="yj6qo" style="text-align:justify;"> </div>
<div class="adL" style="text-align:justify;"> </div>
</div>
</div>
</div>
<div class="hq gt">
<div class="hp" style="text-align:justify;"> </div>
<div class="eqJbab cZD3Qb"></div>
</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 01 Jul 2026 19:54:57 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title> जिला वृक्षारोपण समिति, जिला गंगा समिति, जिला पर्यावरण समिति की बैठक सम्पन्न।</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात।</strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज </strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">जिलाधिकारी  मनीष कुमार वर्मा की अध्यक्षता में गुरुवार को संगम सभागार में जिला वृक्षारोपण समिति, जिला गंगा समिति, जिला पर्यावरण समिति की बैठक आयोजित की गयी। बैठक में प्रभागीय वनाधिकारी के द्वारा वर्ष 2026 में आयोजित होने वाले वृक्षारोपण अभियान की तैयारियों एवं विभागों को आवंटित लक्ष्यों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गयी। </div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">जिलाधिकारी ने सभी सम्बंधित विभागों के अधिकारियों से उनके द्वारा वृक्षारोपण हेतु चिन्हित स्थलों, चिन्हित स्थल का क्षेत्रफल, वृक्षारोपण हेतु लक्ष्य के सापेक्ष खोदे गये गड्ढ़ो की संख्या तथा चिन्हित स्थल पर किस विधि से व कितने पौधों का रोपण किया</div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/182455/meeting-of-district-tree-plantation-committee-district-ganga-committee-district"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/img-20260625-wa0153.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात।</strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज </strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">जिलाधिकारी  मनीष कुमार वर्मा की अध्यक्षता में गुरुवार को संगम सभागार में जिला वृक्षारोपण समिति, जिला गंगा समिति, जिला पर्यावरण समिति की बैठक आयोजित की गयी। बैठक में प्रभागीय वनाधिकारी के द्वारा वर्ष 2026 में आयोजित होने वाले वृक्षारोपण अभियान की तैयारियों एवं विभागों को आवंटित लक्ष्यों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गयी। </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">जिलाधिकारी ने सभी सम्बंधित विभागों के अधिकारियों से उनके द्वारा वृक्षारोपण हेतु चिन्हित स्थलों, चिन्हित स्थल का क्षेत्रफल, वृक्षारोपण हेतु लक्ष्य के सापेक्ष खोदे गये गड्ढ़ो की संख्या तथा चिन्हित स्थल पर किस विधि से व कितने पौधों का रोपण किया जायेगा, की जानकारी लेते हुए उन्होंने सभी अधिकारियों को वृक्षारोपण कराये जाने हेतु लक्ष्य के अनुसार स्थल चयन, गड्ढ़ें की खुदाई एवं अन्य आवश्यक तैयारियां कराये जाने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि एक सप्ताह के बाद पुनः तैयारियों की समीक्षा की जायेगी। उन्होंने कहा कि वृक्षारोपण करने के साथ-साथ उनके संरक्षण व संवर्धन की व्यवस्था भी की जाये, जिससे उनको सूखने से बचाया जा सके। उन्होंने कहा कि इस कार्य को सिर्फ विभागीय जिम्मेदारी के रूप में नहीं, बल्कि प्रकृति के संरक्षण हेतु अपनी नैतिक जिम्मेदारी के रूप में लें तथा ज्यादा से ज्यादा लोगो को भी वृक्षारोपण कराये जाने के लिए प्रेरित करने के लिए कहा है। </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> सभी सम्बंधित विभागों को निर्देशित किया गया कि जिन विभागों के द्वारा ज्यादा पौधरोपण किया जाना है, वे पहले से ही उसकी मांग वन विभाग को प्रेषित कर दें। उन्होंने रोपित किए जाने वाले  पौधों की सिंचाई की व्यवस्था । अधिकारियों को स्थानीय नर्सरी से समन्वय कर अच्छे गुणवत्ता के बड़े पौधों की उठान कराये जाने के लिए कहा है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">     गंगा नदी एवं उनकी सहायक नदियों पर कोई भी स्थायी या अस्थायी कार्य किए जाने के पूर्व ही राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन (एनएमसीजी) से अनुमति लिया जाना आवश्यक है, इसलिए कोई भी विभाग जैसे-पीडब्लूडी, सेतु निगम, एनएचआई व अन्य विभाग यदि कोई भी निर्माण कार्य गंगा नदी या उनकी सहायक नदियों पर या बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में करवाते है, तो कार्य के निर्माण से पूर्व ही इस सम्बंध में राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन से अनुमति प्राप्त करने हेतु जिला गंगा समिति के माध्यम से अनिवार्य रूप से प्रस्ताव प्रेषित करायें।  बैठक में जिलाधिकारी ने प्रभागीय वनाधिकारी को इको सेंसिटव जोन बनाये जाने हेतु स्थल का चयन सुनिश्चित कराते हुए इस सम्बंध में आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए है। इस अवसर पर प्रभागीय वनाधिकारी श्री अरविंद कुमार यादव सहित अन्य सम्बंधित विभागों के अधिकारीगण उपस्थित रहे</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> जिला पर्यावरण समिति की बैठक में सिंगल यूज प्लास्टिक के विरूद्ध 05 जून से 21 जून,  2026 तक चलाये गये विशेष अभियान में नगर निगम व अन्य सम्बंधित विभागों के द्वारा की गयी कार्यवाही की जानकारी लेते हुए सिंगल यूज प्लास्टिक के विरूद्ध लगातार कार्यवाही करने के निर्देश दिए है।  चाइनिज मांझे के भण्डारण, परिवहन व बिक्री पर रोक लगाये जाने हेतु आवश्यक कार्यवाही करने के लिए कहा है। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी हर्षिका सिंह, प्रभागीय वनाधिकारी  अरविंद कुमार यादव सहित अन्य सम्बंधित विभागों के अधिकारीगण उपस्थित रहे।</div>
</div>
<div class="yj6qo"> </div>
<div class="adL"> </div>
</div>
</div>
</div>
<div class="hq gt"></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 01 Jul 2026 19:46:40 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर कानपुर के ग्रीन पार्क में लोगों ने बड़ी संख्या में किया योगाभ्यास</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>कानपुर। </strong>आज यहां रविवार को ग्रीन पार्क स्टेडियम में 12वां अंतरराष्ट्रीय योग दिवस उत्साहपूर्वक मनाया गया। इस मौके पर आर्ट ऑफ लिविंग के प्रशिक्षकों के निर्देशन में प्रतिभागियों ने वीरभद्रासन, वृक्षासन, त्रिकोणासन, चक्रासन, दंडासन, पद्मासन, वज्रासन, शलभासन, भुजंगासन, विपरीत शलभासन, नौकासन, पवनमुक्तासन, सेतुबंधासन और शवासन सहित विभिन्न योगासनों का अभ्यास किया। इसके साथ ही कपालभाति, अनुलोम-विलोम तथा भ्रामरी प्राणायाम भी कराया गया।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">स्वस्थ आयु के लिए योग" थीम पर  इस कार्यक्रम में प्रदेश के कैबिनेट मंत्री राकेश सचान सहित जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और बड़ी संख्या में नागरिकों ने सहभागिता करते हुए सामूहिक योगाभ्यास किया। कार्यक्रम में सांसद रमेश अवस्थी, विधायक ,सुरेंद्र</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/181876/on-international-yoga-day-people-practiced-yoga-in-large-numbers"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/1002021480.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>कानपुर। </strong>आज यहां रविवार को ग्रीन पार्क स्टेडियम में 12वां अंतरराष्ट्रीय योग दिवस उत्साहपूर्वक मनाया गया। इस मौके पर आर्ट ऑफ लिविंग के प्रशिक्षकों के निर्देशन में प्रतिभागियों ने वीरभद्रासन, वृक्षासन, त्रिकोणासन, चक्रासन, दंडासन, पद्मासन, वज्रासन, शलभासन, भुजंगासन, विपरीत शलभासन, नौकासन, पवनमुक्तासन, सेतुबंधासन और शवासन सहित विभिन्न योगासनों का अभ्यास किया। इसके साथ ही कपालभाति, अनुलोम-विलोम तथा भ्रामरी प्राणायाम भी कराया गया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">स्वस्थ आयु के लिए योग" थीम पर  इस कार्यक्रम में प्रदेश के कैबिनेट मंत्री राकेश सचान सहित जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और बड़ी संख्या में नागरिकों ने सहभागिता करते हुए सामूहिक योगाभ्यास किया। कार्यक्रम में सांसद रमेश अवस्थी, विधायक ,सुरेंद्र मैथानी, विधायक श्रीमती सरोज कुरील, एमएलसी अरुण पाठक, जनपद के नोडल अधिकारी एस. सुंदरम एम.के., पुलिस आयुक्त रघुबीर लाल, जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह, संयुक्त पुलिस आयुक्त संकल्प शर्मा, संयुक्त पुलिस आयुक्त विपिन टाडा, नगर आयुक्त अर्पित उपाध्याय, मुख्य विकास अधिकारी अभिनव जे. जैन, क्षेत्रीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी डॉ. कप्तान सिंह सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित रहे। </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">मुख्य अतिथि राकेश सचान ने कहा कि योग शरीर, मन और आत्मा के एकीकरण का माध्यम है। और आज दुनिया के अधिकांश देश इसे अपना रहे हैं। सांसद श्री रमेश अवस्थी ने कहा कि योग को भारत की प्राचीन ज्ञान परंपरा की अमूल्य धरोहर है और यह पूरे विश्व को स्वस्थ जीवन का संदेश दे रहा है। जिलाधिकारी श्री जितेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि वर्तमान समय में बदलती जीवनशैली और बढ़ते तनाव के बीच योग स्वस्थ जीवन का प्रभावी माध्यम है। कार्यक्रम के दौरान योग सप्ताह के अंतर्गत आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं को सम्मानित भी किया गया। योगासन प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए आयुषी रावत, अंश कुमार सविता, मालती सचान, नविका सिंह चौहान, मिहिका सचान, देवशी द्विवेदी एवं अनन्या राजपूत को प्रशस्ति-पत्र एवं पुरस्कार प्रदान किए गए। कार्यक्रम का संचालन राजेश कुमार ने किया।कार्यक्रम में उपस्थित सभी लोगों को वन विभाग द्वारा "एक पेड़ माँ के नाम" अभियान के अंतर्गत विभिन्न प्रजातियों के पौधों का वितरण किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में विद्यार्थियों, युवाओं, स्वयंसेवी संगठनों, योग प्रशिक्षकों तथा आम नागरिकों ने सहभागिता करते हुए सामूहिक योगाभ्यास किया और स्वस्थ जीवन का संकल्प लिया।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 22 Jun 2026 13:05:34 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
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                <title>विश्व पर्यावरण दिवस पर बिहार का हरित संकल्प एक लाख पौधों से हरियाली की नई इबारत</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;">विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर बिहार ने पर्यावरण संरक्षण और हरित विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए राजधानी पटना के जेपी गंगा पथ पर एक लाख पौधारोपण अभियान की शुरुआत की। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने इस अभियान का शुभारंभ करते हुए राज्य को हरित और पर्यावरण अनुकूल बनाने के संकल्प को दोहराया। यह पहल केवल पौधे लगाने तक सीमित नहीं है बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ वातावरण सुरक्षित करने की व्यापक सोच का हिस्सा है। तेजी से बढ़ते शहरीकरण औद्योगीकरण और जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों के बीच यह अभियान प्रकृति और विकास के बीच</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/180752/bihars-green-resolution-on-world-environment-day-new-lesson-of"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/images-(1).jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;">विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर बिहार ने पर्यावरण संरक्षण और हरित विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए राजधानी पटना के जेपी गंगा पथ पर एक लाख पौधारोपण अभियान की शुरुआत की। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने इस अभियान का शुभारंभ करते हुए राज्य को हरित और पर्यावरण अनुकूल बनाने के संकल्प को दोहराया। यह पहल केवल पौधे लगाने तक सीमित नहीं है बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ वातावरण सुरक्षित करने की व्यापक सोच का हिस्सा है। तेजी से बढ़ते शहरीकरण औद्योगीकरण और जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों के बीच यह अभियान प्रकृति और विकास के बीच संतुलन स्थापित करने का प्रयास भी है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">विश्व पर्यावरण दिवस का उद्देश्य लोगों को पर्यावरण के प्रति जागरूक बनाना और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के लिए प्रेरित करना है। बिहार सरकार ने इस अवसर को जनभागीदारी से जोड़ते हुए इसे एक जन आंदोलन का स्वरूप देने का प्रयास किया है। जेपी गंगा पथ पर लगाए जा रहे पौधे भविष्य में न केवल हरियाली बढ़ाएंगे बल्कि वायु प्रदूषण को कम करने और ऑक्सीजन की उपलब्धता बढ़ाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं है बल्कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति का दायित्व है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे अपनी माता के सम्मान में अथवा उनकी स्मृति में कम से कम एक पौधा अवश्य लगाएं और उसकी देखभाल भी करें। उनका यह संदेश पर्यावरण संरक्षण को भावनात्मक और सामाजिक मूल्यों से जोड़ने का प्रयास था जिससे अधिक से अधिक लोग इस अभियान का हिस्सा बन सकें।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">कार्यक्रम के दौरान पर्यावरण श्रम एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के जागरूकता वाहनों को भी हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। ये वाहन राज्य के विभिन्न जिलों में जाकर लोगों को पौधारोपण जल संरक्षण और पर्यावरण सुरक्षा के प्रति जागरूक करेंगे। पर्यावरण संबंधी चुनौतियों का समाधान केवल सरकारी योजनाओं से संभव नहीं है बल्कि इसके लिए जनजागरूकता और सामूहिक भागीदारी आवश्यक है। ऐसे में जागरूकता अभियान पर्यावरण संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">बिहार में हरित विकास की दिशा में पिछले दो दशकों में उल्लेखनीय कार्य हुए हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्ष 2005 से अब तक राज्य में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन सरकार के कार्यकाल में 43 करोड़ पौधे लगाए जा चुके हैं। यह संख्या बिहार के पर्यावरणीय प्रयासों की गंभीरता और व्यापकता को दर्शाती है। इन पौधारोपण अभियानों का परिणाम यह हुआ है कि राज्य के वन क्षेत्र और हरित आवरण में लगातार वृद्धि दर्ज की गई है। हरित क्षेत्र बढ़ने से जैव विविधता को संरक्षण मिला है और पर्यावरणीय संतुलन को मजबूत करने में सहायता मिली है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">जलवायु परिवर्तन आज पूरी दुनिया के सामने सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक है। तापमान में वृद्धि अनियमित वर्षा सूखा बाढ़ और प्राकृतिक आपदाओं की बढ़ती घटनाएं इसके प्रत्यक्ष उदाहरण हैं। बिहार भी इन चुनौतियों से अछूता नहीं है। राज्य को हर वर्ष बाढ़ और कई क्षेत्रों में जल संकट जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। ऐसे में बड़े पैमाने पर पौधारोपण पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने और जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को कम करने का प्रभावी उपाय माना जाता है। वृक्ष वातावरण में कार्बन डाइऑक्साइड को अवशोषित कर ऑक्सीजन प्रदान करते हैं तथा तापमान नियंत्रण में भी सहायता करते हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">कार्यक्रम के दौरान कृषि और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले पांच पर्यावरणविदों को सम्मानित किया गया। यह सम्मान उन लोगों के प्रयासों की सराहना है जिन्होंने पर्यावरण संरक्षण को अपना जीवन लक्ष्य बनाया है। ऐसे व्यक्तियों को सम्मानित करने से समाज में सकारात्मक संदेश जाता है और अन्य लोगों को भी प्रकृति संरक्षण के लिए प्रेरणा मिलती है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">पर्यावरण संरक्षण के साथ ही बिहार सरकार स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने पर भी विशेष जोर दे रही है। मुख्यमंत्री ने इलेक्ट्रिक वाहनों को प्रोत्साहित करने के लिए दी जा रही अनुदान योजनाओं की जानकारी देते हुए बताया कि इलेक्ट्रिक स्कूटी खरीदने पर 12 हजार रुपए और चारपहिया इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने पर एक लाख रुपए तक की सहायता प्रदान की जा रही है। इससे न केवल लोगों को आर्थिक लाभ मिलेगा बल्कि पेट्रोल और डीजल पर निर्भरता भी कम होगी। इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग से वायु प्रदूषण में कमी आएगी और पर्यावरण संरक्षण को नई गति मिलेगी।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में बिहार सरकार प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना को भी तेजी से लागू कर रही है। पहले चरण में पांच लाख घरों की छतों पर सौर ऊर्जा संयंत्र लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इस योजना के अंतर्गत केंद्र सरकार प्रति संयंत्र 33 हजार रुपए की सहायता प्रदान करेगी जबकि शेष राशि राज्य सरकार वहन करेगी। आने वाले दो वर्षों में 50 लाख परिवारों तक सौर ऊर्जा पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। यह पहल ऊर्जा आत्मनिर्भरता के साथ पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">सौर ऊर्जा का विस्तार जीवाश्म ईंधनों पर निर्भरता को कम करेगा और स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन को बढ़ावा देगा। इससे कार्बन उत्सर्जन में कमी आएगी तथा जलवायु परिवर्तन की चुनौती से निपटने में मदद मिलेगी। सरकार की योजना के अनुसार जिन घरों में आवश्यकता से अधिक बिजली का उत्पादन होगा वहां से राज्य सरकार अतिरिक्त बिजली खरीदेगी और उसकी राशि सीधे उपभोक्ताओं के खाते में जमा करेगी। इससे लोगों को आर्थिक लाभ भी मिलेगा और स्वच्छ ऊर्जा अपनाने के लिए प्रोत्साहन भी मिलेगा।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">आज पर्यावरण संरक्षण केवल एक सरकारी कार्यक्रम नहीं बल्कि मानव अस्तित्व से जुड़ा प्रश्न बन चुका है। बढ़ता प्रदूषण घटते वन क्षेत्र और प्राकृतिक संसाधनों का अंधाधुंध दोहन भविष्य के लिए गंभीर खतरा उत्पन्न कर रहा है। ऐसे समय में बिहार का यह हरित संकल्प अन्य राज्यों के लिए भी प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत करता है। एक लाख पौधों का यह अभियान केवल संख्या का लक्ष्य नहीं बल्कि प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी और संवेदनशीलता का प्रतीक है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">यदि समाज का प्रत्येक व्यक्ति एक पौधा लगाने और उसकी देखभाल करने का संकल्प ले तो पर्यावरण संरक्षण की दिशा में बड़ा परिवर्तन संभव है। वृक्ष केवल हरियाली नहीं देते बल्कि जीवन देते हैं। वे वायु को शुद्ध करते हैं जल संरक्षण में मदद करते हैं और जैव विविधता को सुरक्षित रखते हैं। इसलिए पौधारोपण को केवल एक दिन का कार्यक्रम न मानकर जीवन का स्थायी हिस्सा बनाना होगा।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">विश्व पर्यावरण दिवस पर बिहार द्वारा लिया गया यह हरित संकल्प पर्यावरण संरक्षण के प्रति राज्य की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। पौधारोपण स्वच्छ ऊर्जा और जनजागरूकता को साथ लेकर चलने वाली यह पहल विकास और प्रकृति के बीच संतुलन स्थापित करने का मार्ग प्रशस्त करती है। आने वाले वर्षों में यदि यह अभियान जन आंदोलन का रूप लेता है तो बिहार न केवल हरित राज्य के रूप में अपनी पहचान मजबूत करेगा बल्कि पर्यावरण संरक्षण के राष्ट्रीय प्रयासों में भी अग्रणी भूमिका निभाएगा।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>कांतिलाल मांडोत</strong></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                            <category>संपादकीय</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 06 Jun 2026 18:49:45 +0530</pubDate>
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