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                <title>Cyber Crime - Swatantra Prabhat</title>
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                <description>Cyber Crime RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>यूट्यूब से सीखी साइबर ठगी की तकनीक, तीन शातिर गिरफ्तार</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
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<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात संवाददाता </strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>बलरामपुर।</strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">जनपद पुलिस ने साइबर अपराध के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए मोबाइल की सिम का दुरुपयोग कर UPI खातों से लाखों रुपये की ठगी करने वाले एक शातिर अभियुक्त और दो बाल अपचारियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से साइबर अपराध में प्रयुक्त तीन आईफोन, एक एंड्रॉयड मोबाइल फोन तथा 24 हजार रुपये नकद बरामद किए गए हैं।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">पुलिस के अनुसार, पुलिस महानिदेशक उत्तर प्रदेश द्वारा चलाए जा रहे विशेष अभियान Cy-Vajra के तहत पुलिस अधीक्षक विकास कुमार के निर्देशन तथा अपर पुलिस अधीक्षक एवं साइबर क्राइम नोडल अधिकारी विशाल पाण्डेय और क्षेत्राधिकारी उतरौला</div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/184592/three-criminals-who-learned-cyber-fraud-techniques-from-youtube-arrested"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-08/img-20260803-wa0663.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात संवाददाता </strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>बलरामपुर।</strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">जनपद पुलिस ने साइबर अपराध के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए मोबाइल की सिम का दुरुपयोग कर UPI खातों से लाखों रुपये की ठगी करने वाले एक शातिर अभियुक्त और दो बाल अपचारियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से साइबर अपराध में प्रयुक्त तीन आईफोन, एक एंड्रॉयड मोबाइल फोन तथा 24 हजार रुपये नकद बरामद किए गए हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">पुलिस के अनुसार, पुलिस महानिदेशक उत्तर प्रदेश द्वारा चलाए जा रहे विशेष अभियान Cy-Vajra के तहत पुलिस अधीक्षक विकास कुमार के निर्देशन तथा अपर पुलिस अधीक्षक एवं साइबर क्राइम नोडल अधिकारी विशाल पाण्डेय और क्षेत्राधिकारी उतरौला डॉ. जितेंद्र कुमार के पर्यवेक्षण में यह कार्रवाई की गई। मामले की जांच के दौरान कोतवाली उतरौला पुलिस एवं जनपदीय साइबर सेल की संयुक्त टीम ने मोहल्ला आर्यनगर निवासी सनी चौरसिया तथा दो बाल अपचारियों को गिरफ्तार किया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी यूट्यूब से आईफोन आधारित UPI लॉगिन की तकनीक सीखकर परिचित लोगों के मोबाइल की सिम कुछ समय के लिए अपने आईफोन में लगाते थे। इसके बाद पीड़ित के NAVI UPI, Paytm अथवा अन्य UPI ऐप में लॉगिन कर नया पासकोड बना लेते थे। सिम वापस कर देने के बाद भी Apple Cloud के माध्यम से उनके आईफोन में लॉगिन सक्रिय रहता था, जिससे वे पीड़ित के बैंक खाते का संचालन करते थे।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">जांच में यह भी पता चला कि आरोपी नेपाल के चन्द्रौटा स्थित कैसीनो सहित अन्य स्थानों पर जाकर पीड़ितों के खातों से ऑनलाइन भुगतान कर उसके बदले नकद राशि प्राप्त करते थे। ठगी की रकम का कुछ हिस्सा ऑनलाइन गेमिंग ऐप में लगाया जाता था, जबकि शेष राशि विभिन्न बैंक खातों में ट्रांसफर कर आपस में बांट ली जाती थी। घटना के बाद प्रयुक्त आईफोन बेचकर साक्ष्य मिटाने का भी प्रयास किया जाता था।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">पूछताछ में आरोपियों ने अरुण वर्मा एवं अन्य पीड़ितों के साथ लाखों रुपये की साइबर धोखाधड़ी करना स्वीकार किया। पुलिस ने उनके कब्जे से तीन आईफोन, एक एंड्रॉयड मोबाइल तथा 24 हजार रुपये नकद बरामद किए हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इस कार्रवाई में कोतवाली उतरौला के निरीक्षक बलजीत राव, उपनिरीक्षक हीरालाल सहित थाना पुलिस एवं जनपदीय साइबर सेल की संयुक्त टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस ने अभियुक्तों को न्यायालय में पेश कर अग्रिम विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है।</div>
</div>
<div class="yj6qo"> </div>
<div class="adL"> </div>
</div>
</div>
</div>
<div class="hq gt"></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 03 Aug 2026 20:16:00 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>साइबर अपराध पर सख्त हुई सरकार, प्रदेश को साइबर सुरक्षा में नंबर-1 बनाने के निर्देश</title>
                                    <description><![CDATA[<blockquote class="format1"><strong>अजय यादव -लखनऊ।</strong></blockquote>
<p style="text-align:justify;">उत्तर प्रदेश में बढ़ते साइबर अपराधों की रोकथाम और साइबर सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से शुक्रवार को मुख्य सचिव एस.पी. गोयल की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में प्रधानमंत्री की 'प्रगति (PRAGATI)' समीक्षा के तहत साइबर अपराध से जुड़े नौ प्राथमिकता बिंदुओं पर प्रदेश की प्रगति का विस्तृत मूल्यांकन किया गया। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रदेश को साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में देश में प्रथम स्थान पर स्थापित करने और इस उपलब्धि को बनाए रखने के लिए सुनियोजित एवं समन्वित प्रयास किए जाएं।</p>
<p style="text-align:justify;">बैठक</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/184035/government-becomes-strict-on-cyber-crime-instructions-to-make-the"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/whatsapp-image-2026-07-24-at-20.58.26.jpeg" alt=""></a><br /><blockquote class="format1"><strong>अजय यादव -लखनऊ।</strong></blockquote>
<p style="text-align:justify;">उत्तर प्रदेश में बढ़ते साइबर अपराधों की रोकथाम और साइबर सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से शुक्रवार को मुख्य सचिव एस.पी. गोयल की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में प्रधानमंत्री की 'प्रगति (PRAGATI)' समीक्षा के तहत साइबर अपराध से जुड़े नौ प्राथमिकता बिंदुओं पर प्रदेश की प्रगति का विस्तृत मूल्यांकन किया गया। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रदेश को साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में देश में प्रथम स्थान पर स्थापित करने और इस उपलब्धि को बनाए रखने के लिए सुनियोजित एवं समन्वित प्रयास किए जाएं।</p>
<p style="text-align:justify;">बैठक में मुख्य सचिव ने कहा कि साइबर अपराधों की रोकथाम के लिए सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय के साथ प्रभावी कार्रवाई करें तथा साइबर अपराधियों के विरुद्ध त्वरित और कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि साइबर अपराध से जुड़े मामलों की नियमित निगरानी की जाए और पीड़ितों को समयबद्ध सहायता उपलब्ध कराई जाए।</p>
<p style="text-align:justify;">साइबर जागरूकता अभियान को व्यापक बनाने पर जोर देते हुए मुख्य सचिव ने निर्देश दिया कि प्रत्येक विभाग में एक नोडल अधिकारी नामित किया जाए, जो साइबर अपराध मुख्यालय के साथ समन्वय स्थापित कर जागरूकता सामग्री को विभाग के माध्यम से अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का कार्य करेगा। उन्होंने सभी विभागों को इस संबंध में आवश्यक पत्र जारी करने के निर्देश भी दिए।</p>
<p style="text-align:justify;">मुख्य सचिव ने उत्तर प्रदेश राज्य साइबर समन्वय केंद्र (UPS4C) की अधिसूचना शीघ्र जारी करने, ई-जीरो एफआईआर प्रणाली को जल्द क्रियाशील बनाने तथा राज्यव्यापी 'ऑपरेशन साइबर वज्र (CyVajra)' को और अधिक प्रभावी बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया, प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के माध्यम से डिजिटल अरेस्ट, फर्जी कॉल, ऑनलाइन ठगी और साइबर अपराध के नए तरीकों के प्रति लोगों को लगातार जागरूक किया जाए।</p>
<p style="text-align:justify;">बैठक में पुलिस महानिदेशक (साइबर अपराध) बी.के. सिंह ने बताया कि राज्य साइबर समन्वय केंद्र (UPS4C) की स्थापना का प्रस्ताव अंतिम चरण में है और इसकी अधिसूचना का प्रारूप तैयार कर लिया गया है। उन्होंने बताया कि एस4सी (S4C) के आठ में से छह घटक पहले ही संचालित हो चुके हैं, जबकि शेष दो पर कार्य तेजी से चल रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने यह भी जानकारी दी कि साइबर अपराध की त्वरित और स्थान-निरपेक्ष एफआईआर दर्ज करने के लिए विकसित किया जा रहा ई-जीरो एफआईआर तंत्र अंतिम चरण में है। शिकायत निवारण, धनराशि वापसी और समन्वय पोर्टलों के संचालन में उत्तर प्रदेश का प्रदर्शन देश में अग्रणी है।</p>
<p style="text-align:justify;">बैठक में बताया गया कि राज्यव्यापी आसूचना आधारित अभियान 'ऑपरेशन साइबर वज्र' के तहत प्रारंभिक स्तर पर उल्लेखनीय सफलता मिली है। वहीं, साइबर अपराध की जांच के लिए पुलिसकर्मियों के प्रशिक्षण में साइट्रेन (CyTrain) प्लेटफॉर्म के उपयोग के मामले में उत्तर प्रदेश देश में प्रथम स्थान पर है।</p>
<p style="text-align:justify;">मुख्य सचिव ने प्रदेश में साइबर अपराध के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार की गई जागरूकता सामग्री की भी सराहना की और निर्देश दिया कि इसे विभिन्न लक्षित समूहों तक प्रभावी ढंग से पहुंचाया जाए।</p>
<p style="text-align:justify;">बैठक में सचिव गृह मोहित गुप्ता, पुलिस महानिदेशक (साइबर अपराध) बी.के. सिंह, साइबर अपराध मुख्यालय के वरिष्ठ अधिकारी तथा अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 24 Jul 2026 21:14:21 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>एटीएम कार्ड बदलकर ठगी करने वाले दो शातिर गिरफ्तार, 29 एटीएम कार्ड व 8 हजार रुपये बरामद।</title>
                                    <description><![CDATA[<div>
<blockquote class="format1">
<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात। </strong></div>
<div style="text-align:justify;"><strong>प्रयागराज।</strong></div>
</blockquote>
</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">  थाना नवाबगंज पुलिस ने एटीएम कार्ड बदलकर लोगों के खातों से रुपये निकालने वाले दो शातिर ठगों को गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से विभिन्न बैंकों के 29 एटीएम कार्ड तथा फ्रॉड से प्राप्त 8,000 रुपये नकद बरामद किए हैं।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">पुलिस के अनुसार 2 जुलाई 2026 को थाना नवाबगंज पुलिस टीम ने मंसूराबाद स्थित इंडिया एटीएम के पास से आदित्य यादव उर्फ छोटू (22) निवासी रायपुर तियाई, थाना लालगंज अइझरा, जनपद प्रतापगढ़ तथा रवि पटेल (22) निवासी बरगदहा, थाना मानिकपुर कंडा, जनपद प्रतापगढ़ को गिरफ्तार किया। बरामदगी और पूछताछ के</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/182676/two-criminals-who-committed-fraud-by-changing-atm-cards-arrested"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/img-20260703-wa0096.jpg" alt=""></a><br /><div>
<blockquote class="format1">
<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात। </strong></div>
<div style="text-align:justify;"><strong>प्रयागराज।</strong></div>
</blockquote>
</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> थाना नवाबगंज पुलिस ने एटीएम कार्ड बदलकर लोगों के खातों से रुपये निकालने वाले दो शातिर ठगों को गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से विभिन्न बैंकों के 29 एटीएम कार्ड तथा फ्रॉड से प्राप्त 8,000 रुपये नकद बरामद किए हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">पुलिस के अनुसार 2 जुलाई 2026 को थाना नवाबगंज पुलिस टीम ने मंसूराबाद स्थित इंडिया एटीएम के पास से आदित्य यादव उर्फ छोटू (22) निवासी रायपुर तियाई, थाना लालगंज अइझरा, जनपद प्रतापगढ़ तथा रवि पटेल (22) निवासी बरगदहा, थाना मानिकपुर कंडा, जनपद प्रतापगढ़ को गिरफ्तार किया। बरामदगी और पूछताछ के आधार पर थाना नवाबगंज में मुकदमा संख्या 267/2026, धारा 318(4)/317(2) भारतीय न्याय संहिता के तहत मामला दर्ज कर विधिक कार्रवाई की गई।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>भोले-भाले लोगों को बनाते थे निशाना</strong></h4>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे एटीएम पर पैसे निकालने आए बुजुर्ग एवं कम जानकारी रखने वाले लोगों को सहायता का झांसा देते थे। इसी दौरान उनका एटीएम कार्ड बदल देते थे और बातचीत के दौरान उनका पिन नंबर भी जान लेते थे। बाद में दूसरे एटीएम पर जाकर उसी कार्ड से खाते से रुपये निकाल लेते थे। ठगी से प्राप्त रकम आपस में बांटकर अपने शौक और खर्च पूरे करते थे।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>29 एटीएम कार्ड और नकदी बरामद</strong></h4>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">पुलिस ने दोनों आरोपियों के कब्जे से विभिन्न बैंकों के कुल 29 एटीएम कार्ड तथा ठगी से प्राप्त 8,000 रुपये नकद बरामद किए हैं। बरामद एटीएम कार्डों के संबंध में पुलिस यह भी जांच कर रही है कि इनके माध्यम से किन-किन लोगों को ठगी का शिकार बनाया गया है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">गिरफ्तार आरोपी आदित्य यादव उर्फ छोटू का आपराधिक इतिहास भी सामने आया है। उसके विरुद्ध रायबरेली और प्रतापगढ़ के विभिन्न थानों में चोरी, अवैध हथियार, गैंगस्टर एक्ट तथा अन्य गंभीर धाराओं में कई मुकदमे पहले से दर्ज हैं। वर्तमान गिरफ्तारी के साथ उसके विरुद्ध कुल नौ आपराधिक मामले दर्ज हो चुके हैं।</div>
<div class="yj6qo" style="text-align:justify;"> </div>
<div class="adL" style="text-align:justify;"> </div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ख़बरें</category>
                                            <category>अपराध/हादशा</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 03 Jul 2026 22:07:43 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>एटीएम में पिन देखकर कार्ड छीना, महिला के खाते से उड़ाई पूरी रकम।</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात ।</strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>प्रयागराज।</strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">  फाफामऊ थाना क्षेत्र में एटीएम ठगी का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। शांतिपुरम निवासी एक महिला उस समय ठगी का शिकार हो गईं जब वह एटीएम से नकदी निकालने पहुंचीं। आरोप है कि दो युवकों ने पहले उनका एटीएम पिन देख लिया और फिर चालाकी से उनका कार्ड लेकर फरार हो गए। इसके बाद आरोपियों ने खाते से पूरी जमा धनराशि निकाल ली।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">जानकारी के अनुसार, शांतिपुरम निवासी सबा बानो बैंक ऑफ बड़ौदा के उस एटीएम पर पैसे निकालने पहुंची थीं, जो विनीता हॉस्पिटल के सामने स्थित है। एटीएम में मौजूद दो संदिग्ध युवकों ने</div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/182605/the-card-was-snatched-after-seeing-the-pin-in-the"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/img-20260625-wa0079.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात ।</strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>प्रयागराज।</strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> फाफामऊ थाना क्षेत्र में एटीएम ठगी का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। शांतिपुरम निवासी एक महिला उस समय ठगी का शिकार हो गईं जब वह एटीएम से नकदी निकालने पहुंचीं। आरोप है कि दो युवकों ने पहले उनका एटीएम पिन देख लिया और फिर चालाकी से उनका कार्ड लेकर फरार हो गए। इसके बाद आरोपियों ने खाते से पूरी जमा धनराशि निकाल ली।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">जानकारी के अनुसार, शांतिपुरम निवासी सबा बानो बैंक ऑफ बड़ौदा के उस एटीएम पर पैसे निकालने पहुंची थीं, जो विनीता हॉस्पिटल के सामने स्थित है। एटीएम में मौजूद दो संदिग्ध युवकों ने उनकी गतिविधियों पर नजर रखी और कथित तौर पर उनका गोपनीय पिन नंबर देख लिया। इसी दौरान किसी बहाने से दोनों युवक उनका एटीएम कार्ड अपने कब्जे में लेकर मौके से भाग निकले।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">पीड़िता को जब तक पूरे घटनाक्रम की जानकारी हो पाती, तब तक आरोपी दूसरे स्थान पर पहुंचकर उनके बैंक खाते से पूरी धनराशि निकाल चुके थे। मोबाइल पर खाते से रकम निकलने के संदेश मिलने के बाद महिला के होश उड़ गए। उन्होंने तत्काल शोर मचाया, जिससे आसपास के लोग मौके पर एकत्र हो गए।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">घटना की सूचना तत्काल डायल 112 पर दी गई। सूचना मिलते ही थाना फाफामऊ पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी। पुलिस ने पीड़िता से घटना की पूरी जानकारी लेने के बाद एटीएम केंद्र और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालना शुरू कर दिया है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">पुलिस अधिकारियों का कहना है कि बैंक ट्रांजैक्शन की जानकारी, सीसीटीवी फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है। जल्द ही घटना में शामिल युवकों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">स्थानीय लोगों ने इस घटना के बाद एटीएम केंद्रों पर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाने की मांग की है। वहीं पुलिस ने लोगों से अपील की है कि एटीएम का उपयोग करते समय अपना पिन किसी को न दिखाएं और किसी अनजान व्यक्ति की सहायता लेने से बचें।</div>
<div class="yj6qo" style="text-align:justify;"> </div>
<div class="adL"> </div>
<div class="adL"> </div>
</div>
<div class="adL"> </div>
</div>
</div>
</div>
<div class="hq gt"></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/182605/the-card-was-snatched-after-seeing-the-pin-in-the</link>
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                <pubDate>Thu, 02 Jul 2026 19:47:51 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>धोखाधड़ी के मामले में फरार वारंटी गिरफ्तार।</title>
                                    <description><![CDATA[<div><strong>स्वतंत्र प्रभात ।</strong></div>
<div>  </div>
<div><strong>प्रयागराज।</strong></div>
<div>  </div>
<div>  जार्जटाउन थाना पुलिस ने धोखाधड़ी, जालसाजी और आईटी एक्ट से जुड़े एक पुराने मामले में फरार चल रहे वारंटी अभियुक्त को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया। आरोपी की गिरफ्तारी माननीय न्यायालय द्वारा जारी गैर-जमानती वारंट (एनबीडब्ल्यू) के अनुपालन में की गई।</div>
<div>  </div>
<div>पुलिस के अनुसार, माननीय एसीजेएम कक्ष संख्या-10, प्रयागराज द्वारा मुकदमा संख्या 1400/15 में भारतीय दंड संहिता की धाराओं 419 (प्रतिरूपण), 420 (धोखाधड़ी), 467, 468, 471 (जालसाजी एवं कूटरचित दस्तावेजों का प्रयोग) तथा 66-डी आईटी एक्ट के तहत आरोपी के विरुद्ध गैर-जमानती वारंट जारी किया गया था। इसके बाद जार्जटाउन थाना पुलिस उसकी तलाश में</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/182251/absconding-warranty-officer-arrested-in-fraud-case"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/img-20260628-wa0104.jpg" alt=""></a><br /><div><strong>स्वतंत्र प्रभात ।</strong></div>
<div> </div>
<div><strong>प्रयागराज।</strong></div>
<div> </div>
<div> जार्जटाउन थाना पुलिस ने धोखाधड़ी, जालसाजी और आईटी एक्ट से जुड़े एक पुराने मामले में फरार चल रहे वारंटी अभियुक्त को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया। आरोपी की गिरफ्तारी माननीय न्यायालय द्वारा जारी गैर-जमानती वारंट (एनबीडब्ल्यू) के अनुपालन में की गई।</div>
<div> </div>
<div>पुलिस के अनुसार, माननीय एसीजेएम कक्ष संख्या-10, प्रयागराज द्वारा मुकदमा संख्या 1400/15 में भारतीय दंड संहिता की धाराओं 419 (प्रतिरूपण), 420 (धोखाधड़ी), 467, 468, 471 (जालसाजी एवं कूटरचित दस्तावेजों का प्रयोग) तथा 66-डी आईटी एक्ट के तहत आरोपी के विरुद्ध गैर-जमानती वारंट जारी किया गया था। इसके बाद जार्जटाउन थाना पुलिस उसकी तलाश में जुटी हुई थी।</div>
<div class="yj6qo"> </div>
<div class="adL"> </div>
<div class="adL"> </div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 29 Jun 2026 13:46:58 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अपराध नियंत्रण को लेकर डीआईजी ने तीनों जिलों के पुलिस अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;">
<blockquote class="format1"><strong>बस्ती।</strong></blockquote>
</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">बस्ती परिक्षेत्र में अपराध नियंत्रण और कानून व्यवस्था को और बेहतर बनाने के उद्देश्य से पुलिस उपमहानिरीक्षक बस्ती परिक्षेत्र बस्ती श्री संजीव त्यागी ने शनिवार को परिक्षेत्रीय कार्यालय सभागार में बस्ती, सिद्धार्थनगर और संतकबीरनगर जनपदों के पुलिस अधीक्षक व अपर पुलिस अधीक्षक के साथ मासिक अपराध समीक्षा गोष्ठी की।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">इस दौरान उन्होंने अपराधों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। बैठक में डीआईजी ने लंबित विवेचनाओं और आंशिक विवेचनाओं का प्राथमिकता के आधार पर समयबद्ध निस्तारण कराने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि अपराधियों के विरुद्ध प्रभावी निरोधात्मक कार्रवाई करते हुए गैंगस्टर, वांछित, पुरस्कार घोषित अपराधियों, जिला</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/182197/dig-gave-strict-instructions-to-police-officers-of-all-three"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/img-20260627-wa00571.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;">
<blockquote class="format1"><strong>बस्ती।</strong></blockquote>
</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">बस्ती परिक्षेत्र में अपराध नियंत्रण और कानून व्यवस्था को और बेहतर बनाने के उद्देश्य से पुलिस उपमहानिरीक्षक बस्ती परिक्षेत्र बस्ती श्री संजीव त्यागी ने शनिवार को परिक्षेत्रीय कार्यालय सभागार में बस्ती, सिद्धार्थनगर और संतकबीरनगर जनपदों के पुलिस अधीक्षक व अपर पुलिस अधीक्षक के साथ मासिक अपराध समीक्षा गोष्ठी की।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इस दौरान उन्होंने अपराधों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। बैठक में डीआईजी ने लंबित विवेचनाओं और आंशिक विवेचनाओं का प्राथमिकता के आधार पर समयबद्ध निस्तारण कराने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि अपराधियों के विरुद्ध प्रभावी निरोधात्मक कार्रवाई करते हुए गैंगस्टर, वांछित, पुरस्कार घोषित अपराधियों, जिला बदर एवं गैर जमानती वारंट (NBW) वाले अभियुक्तों की शत-प्रतिशत गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाए।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">उन्होंने चोरी और वाहन चोरी की घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाने, गो-तस्करी रोकने, रात्रिकालीन सघन चेकिंग बढ़ाने तथा गंभीर अपराध, महिला अपराध, एससी/एसटी एक्ट और पाक्सो एक्ट से जुड़े मामलों में त्वरित कार्रवाई करने के निर्देश दिए। डीआईजी ने साइबर अपराधों की रोकथाम को लेकर अधिकारियों को विशेष सतर्कता बरतने को कहा। उन्होंने साइबर एक्शन प्लान के तहत कार्रवाई, मोबाइल एवं आईएमईआई नंबरों को अधिक से अधिक ब्लॉक कराने, सीसीटीएनएस, आईजीआरएस, एनसीआरबी, आईसीजेएस, सीईआईआर सहित अन्य पोर्टलों के नियमित उपयोग और फीडिंग कराने के निर्देश दिए।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">समीक्षा बैठक में बीट सूचनाओं को प्रभावी बनाने, थाना प्रभारी और क्षेत्राधिकारी स्तर से नियमित निगरानी कराने तथा मुख्यमंत्री जनता दर्शन, पब्लिक ग्रीवांस रिव्यू पोर्टल एवं अन्य उच्चस्तरीय शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण निस्तारण कराने पर भी चर्चा हुई। डीआईजी ने महिला सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए मिशन शक्ति केंद्रों और परिवार परामर्श केंद्रों को और अधिक प्रभावी बनाने के निर्देश दिए। साथ ही महिला अपहृता और गुमशुदा लोगों की शत-प्रतिशत बरामदगी सुनिश्चित करने को कहा।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">बैठक के दौरान गैंगस्टर एक्ट के तहत संपत्ति जब्तीकरण, गुंडा एक्ट की कार्रवाई, ऑपरेशन गैंगस्टर, ऑपरेशन दहन सहित विभिन्न अभियानों की प्रगति की समीक्षा की गई। उन्होंने 45 दिन से अधिक लंबित अभियोगों का शीघ्र निस्तारण कराने के निर्देश दिए। विभागीय कार्यों की समीक्षा करते हुए डीआईजी ने लंबित विभागीय पत्रावलियों, प्रारंभिक जांच, मृतक आश्रित सेवायोजन और चिकित्सा प्रतिपूर्ति से जुड़े मामलों के शीघ्र निस्तारण के निर्देश दिए।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">कर्मचारियों के प्रशिक्षण को लेकर साइट्रेन और आईगॉट ऐप पर लंबित प्रशिक्षण जल्द पूरा कराने को कहा। सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम को लेकर उन्होंने ट्रैफिक एक्शन प्लान तैयार कर प्रभावी कार्रवाई करने और मादक पदार्थों की रोकथाम के लिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए। बैठक में पुलिस अधीक्षक बस्ती डॉ. यशवीर सिंह, पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थनगर डॉ. अभिषेक महाजन, पुलिस अधीक्षक संतकबीरनगर श्री संदीप कुमार मीना, अपर पुलिस अधीक्षकगण सहित परिक्षेत्रीय कार्यालय के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 27 Jun 2026 23:17:26 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कानपुर देहात में राजपत्रित अधिकारियों व थाना प्रभारी की बैठक में साइबर व महिला अपराध पर विशेष जोर </title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>कानपुर । </strong>अनुपम कुलश्रेष्ठ, अपर पुलिस महानिदेशक, कानपुर जोन, कानपुर द्वारा जनपद कानपुर देहात भ्रमण  दौरान रिजर्व पुलिस लाइन स्थित सभागार कक्ष में जनपद के समस्त राजपत्रित अधिकारी एवं थाना प्रभारियों के साथ कानून-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण, साइबर अपराध, महिला सम्बन्धी अपराधों की अद्यतन स्थिति, संवेदनशील प्रकरणों की समीक्षा, लंबित विवेचनाओं, अपराधियों के विरूद्ध की जा रही कार्यवाहियों तथा अन्य महत्वपूर्ण बिन्दुओं के सम्बन्ध में समीक्षा गोष्ठी कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिये गये। </div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">गोष्ठी के दौरान अपराधों पर प्रभावी नियन्त्रण, साइबर अपराधों की रोकथाम एवं त्वरित अनावरण, महिला सुरक्षा एवं जनसुनवाई से जुड़े प्रकरणों के गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निस्तारण, संवेदनशील प्रकरणों में</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/182047/special-emphasis-on-cyber-and-crime-against-women-in-the"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/1002030402.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>कानपुर । </strong>अनुपम कुलश्रेष्ठ, अपर पुलिस महानिदेशक, कानपुर जोन, कानपुर द्वारा जनपद कानपुर देहात भ्रमण  दौरान रिजर्व पुलिस लाइन स्थित सभागार कक्ष में जनपद के समस्त राजपत्रित अधिकारी एवं थाना प्रभारियों के साथ कानून-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण, साइबर अपराध, महिला सम्बन्धी अपराधों की अद्यतन स्थिति, संवेदनशील प्रकरणों की समीक्षा, लंबित विवेचनाओं, अपराधियों के विरूद्ध की जा रही कार्यवाहियों तथा अन्य महत्वपूर्ण बिन्दुओं के सम्बन्ध में समीक्षा गोष्ठी कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिये गये। </div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">गोष्ठी के दौरान अपराधों पर प्रभावी नियन्त्रण, साइबर अपराधों की रोकथाम एवं त्वरित अनावरण, महिला सुरक्षा एवं जनसुनवाई से जुड़े प्रकरणों के गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निस्तारण, संवेदनशील प्रकरणों में त्वरित प्रभावी कार्यवाही, थाना स्तर पर सतर्कता, निरोधात्मक कार्यवाहियों में तेजी तथा आमजन में सुरक्षा की भावना सुदृढ़ करने हेतु विशेष रूप से निर्देशित किया गया। साथ ही सभी अधिकारियों को कानून-व्यवस्था बनाए रखने हेतु सतर्क, उत्तरदायी एवं संवेदनशील दृष्टिकोण अपनाने पर बल दिया गया। </div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">तत्पश्चात जनप्रतिनिधियों, व्यापार मण्डल के पदाधिकारियों एवं गणमान्य नागरिकों के साथ गोष्ठी कर जनसहभागिता के माध्यम से कानून-व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने, अपराध एवं असामाजिक गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने तथा पुलिस एवं जनता के मध्य बेहतर समन्वय बनाए रखने पर चर्चा की गई। अवसर पर उपस्थित गणमान्यों से शांति, सौहार्द एवं सुरक्षित सामाजिक वातावरण बनाए रखने में पुलिस प्रशासन का सहयोग करने की अपील की गई।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">इसके उपरान्त मीडिया बन्धुओं से संवाद स्थापित कर जनहित एवं सुरक्षा सम्बन्धी विषयों पर विचार-विमर्श करते हुए सकारात्मक समन्वय बनाए रखने पर जोर दिया गया। इस अवसर पर यमुना प्रसाद, पुलिस उपमहानिरीक्षक, कानपुर परिक्षेत्र, कानपुर व श्रद्धा नरेन्द्र पाण्डेय, पुलिस अधीक्षक जनपद कानपुर देहात सहित अन्य अधिकारी व कर्मचारीगण उपस्थित रहे।<br /></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 24 Jun 2026 16:03:49 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>महराजगंज तराई पुलिस ने साइबर ठगी के शिकार युवक को दिलाए 65 हजार रुपये वापस</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div>स्वतंत्र प्रभात संवाददाता</div>
<div>  </div>
<div><strong>बलरामपुर। </strong>थाना महराजगंज तराई पुलिस की तत्परता और प्रभावी कार्रवाई से साइबर ठगी के शिकार एक व्यक्ति को बड़ी राहत मिली है। पुलिस ने साइबर अपराधियों द्वारा ठगे गए 65 हजार रुपये पीड़ित के खाते में वापस कराकर सराहनीय कार्य किया है।</div>
<div>जानकारी के अनुसार थाना क्षेत्र के ग्राम जयनगरा निवासी फिरोज खान का मोबाइल 14 मई 2026 को हैक हो गया था, जिसके बाद उनके बैंक खाते से 65 हजार रुपये निकाल लिए गए थे। घटना की जानकारी होने पर पीड़ित ने नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई।</div>
<div>शिकायत प्राप्त होते ही साइबर</div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/181507/maharajganj-terai-police-returned-65-thousand-rupees-to-a-youth"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/img-20260618-wa0621.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div>स्वतंत्र प्रभात संवाददाता</div>
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<div><strong>बलरामपुर। </strong>थाना महराजगंज तराई पुलिस की तत्परता और प्रभावी कार्रवाई से साइबर ठगी के शिकार एक व्यक्ति को बड़ी राहत मिली है। पुलिस ने साइबर अपराधियों द्वारा ठगे गए 65 हजार रुपये पीड़ित के खाते में वापस कराकर सराहनीय कार्य किया है।</div>
<div>जानकारी के अनुसार थाना क्षेत्र के ग्राम जयनगरा निवासी फिरोज खान का मोबाइल 14 मई 2026 को हैक हो गया था, जिसके बाद उनके बैंक खाते से 65 हजार रुपये निकाल लिए गए थे। घटना की जानकारी होने पर पीड़ित ने नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई।</div>
<div>शिकायत प्राप्त होते ही साइबर हेल्पडेस्क थाना महराजगंज तराई सक्रिय हो गई। उपनिरीक्षक आदित्य कुमार यादव और आरक्षी धीरज तिवारी ने त्वरित तकनीकी जांच करते हुए संबंधित बैंक अधिकारियों से समन्वय स्थापित किया। पुलिस की पहल पर ठगी गई धनराशि को आरोपी के खाते में तत्काल होल्ड कराया गया।</div>
<div>इसके बाद न्यायालय से रिलीजिंग आदेश प्राप्त कर बैंक के नोडल अधिकारी को भेजा गया। सभी आवश्यक कानूनी प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद 65 हजार रुपये की पूरी धनराशि सफलतापूर्वक पीड़ित के खाते में वापस करा दी गई।</div>
<div>धनराशि वापस मिलने पर फिरोज खान ने खुशी जताते हुए थाना महराजगंज तराई पुलिस का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि पुलिस की तत्परता और संवेदनशीलता के कारण उन्हें उनकी मेहनत की कमाई वापस मिल सकी।</div>
<div>इस सराहनीय कार्रवाई में उपनिरीक्षक आदित्य कुमार यादव, आरक्षी धीरज तिवारी, आरक्षी अर्जुन प्रसाद वर्मा तथा महिला आरक्षी पूजा सिंह की महत्वपूर्ण भूमिका रही।</div>
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<div class="hq gt"></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 18 Jun 2026 20:33:27 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>हरित पुनरुद्धार की ओर बढ़ते भारत के कदम</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
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<div dir="ltr">
<p style="text-align:justify;" align="right"><strong><span lang="hi" xml:lang="hi">महेन्द्र तिवारी</span></strong></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">पर्यावरण संरक्षण और जलवायु परिवर्तन की वैश्विक चुनौतियों के बीच भारत ने भूमि बहाली के क्षेत्र में एक ऐसी अभूतपूर्व उपलब्धि हासिल की है जिसने पूरी दुनिया के सामने सफलता का एक नया मार्ग प्रशस्त किया है। भारत ने अपने निरंतर और सुनियोजित प्रयासों से 21.76 मिलियन हेक्टेयर बंजर और खराब हो चुकी भूमि को फिर से हरा-भरा और उपजाऊ बनाने में सफलता प्राप्त की है। इस विशाल आंकड़े की गंभीरता और इसके भौगोलिक विस्तार को इस तरह समझा जा सकता है कि यह क्षेत्रफल लगभग पूरे यूनाइटेड किंगडम अर्थात ब्रिटेन के कुल भौगोलिक आकार के बराबर है।</span></p></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/181455/indias-steps-towards-green-revival"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/images2.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
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<div dir="ltr">
<p style="text-align:justify;" align="right"><strong><span lang="hi" xml:lang="hi">महेन्द्र तिवारी</span></strong></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">पर्यावरण संरक्षण और जलवायु परिवर्तन की वैश्विक चुनौतियों के बीच भारत ने भूमि बहाली के क्षेत्र में एक ऐसी अभूतपूर्व उपलब्धि हासिल की है जिसने पूरी दुनिया के सामने सफलता का एक नया मार्ग प्रशस्त किया है। भारत ने अपने निरंतर और सुनियोजित प्रयासों से 21.76 मिलियन हेक्टेयर बंजर और खराब हो चुकी भूमि को फिर से हरा-भरा और उपजाऊ बनाने में सफलता प्राप्त की है। इस विशाल आंकड़े की गंभीरता और इसके भौगोलिक विस्तार को इस तरह समझा जा सकता है कि यह क्षेत्रफल लगभग पूरे यूनाइटेड किंगडम अर्थात ब्रिटेन के कुल भौगोलिक आकार के बराबर है। इतने बड़े पैमाने पर सूखी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">ऊसर और जीवनहीन हो चुकी ज़मीन को पुनर्जीवित करना केवल एक प्रशासनिक सफलता नहीं है बल्कि यह प्रकृति के प्रति देश की गहरी प्रतिबद्धता और दूरगामी नीतियों का जीवंत परिणाम है। इस ऐतिहासिक कदम ने न केवल भारत की पारिस्थितिक सुरक्षा को मजबूत किया है बल्कि अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भी पर्यावरण संरक्षण के प्रति देश की साख को बहुत ऊंचा किया है। भूमि का इस तरह से पुनरुद्धार करना आने वाली पीढ़ियों के लिए एक सुरक्षित और समृद्ध भविष्य की नींव रखने जैसा है जो सतत विकास के वैश्विक लक्ष्यों को पूरा करने में सहायक सिद्ध होगा।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">इस पूरी मुहिम की वैश्विक कड़ियों को जोड़कर देखना अत्यंत आवश्यक है क्योंकि भारत के ये प्रयास अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चल रहे बड़े अभियानों का एक महत्वपूर्ण हिस्सा रहे हैं। इसी संदर्भ में बॉन चुनौती का नाम प्रमुखता से उभर कर सामने आता है। बॉन चुनौती वास्तव में वनों की कटाई को रोकने और मरुस्थलीकरण के कारण बंजर हो चुकी भूमि को फिर से उपजाऊ और हरा-भरा बनाने का एक बहुत बड़ा वैश्विक संकल्प है। इस महत्वपूर्ण पहल की शुरुआत वर्ष 2011 में जर्मनी की सरकार और इंटरनेशनल यूनियन फॉर </span>Conservation <span lang="hi" xml:lang="hi">ऑफ नेचर द्वारा संयुक्त रूप से की गई थी। जब इसे वैश्विक स्तर पर शुरू किया गया था तब इसका प्राथमिक लक्ष्य रखा गया था कि वर्ष 2020 तक पूरी दुनिया में 150 मिलियन हेक्टेयर खराब हो चुकी भूमि को बहाल किया जाएगा। इसके बाद इस लक्ष्य को और अधिक विस्तारित करते हुए वर्ष 2030 तक 350 मिलियन हेक्टेयर भूमि को पुनर्जीवित करने का संकल्प लिया गया। भारत ने इस वैश्विक चुनौती को सहर्ष स्वीकार किया और अपनी घरेलू प्राथमिकताओं को इसके साथ इस तरह जोड़ा कि आज देश इस दिशा में मार्गदर्शक की भूमिका निभा रहा है।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">भारत की इस पर्यावरणीय यात्रा में एक और बड़ा मोड़ तब आया जब देश ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी जिम्मेदारियों को और अधिक विस्तार देने का निर्णय लिया। वर्ष 2019 में भारत की राजधानी नई दिल्ली में संयुक्त राष्ट्र मरुस्थलीकरण रोकथाम अभिसमय के चौदहवें सत्र का आयोजन किया गया था जिसे कॉप 14 के नाम से भी जाना जाता है। इस वैश्विक सम्मेलन में दुनिया भर के पर्यावरणविदों और नीति निर्माताओं की उपस्थिति में भारत ने अपने पुराने लक्ष्यों में बड़ा संशोधन किया। भारत ने वैश्विक मंच पर यह संकल्प लिया कि वह वर्ष 2030 तक 26 मिलियन हेक्टेयर बंजर और निम्नीकृत भूमि को पूरी तरह से बहाल करेगा। वर्तमान समय में हासिल किया गया 21.76 मिलियन हेक्टेयर का यह आंकड़ा इस बात का स्पष्ट प्रमाण है कि भारत अपने लक्ष्य की ओर मजबूती से आगे बढ़ रहा है और वह इस अत्यंत महत्वाकांक्षी लक्ष्य को निर्धारित समय सीमा से बहुत पहले ही प्राप्त करने की मजबूत स्थिति में पहुंच चुका है।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">इस विशाल भूभाग को दोबारा जीवन देने और उसे हरा-भरा बनाने के लिए देश में बहुआयामी रणनीतियों को अपनाया गया जिसमें सबसे महत्वपूर्ण भूमिका वनरोपण की रही है। देश के विभिन्न राज्यों में जो जमीनें पूरी तरह से खाली थीं या जहां औद्योगिक गतिविधियों और खनन कार्यों के बाद खदानों को बंजर छोड़ दिया गया था वहां बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण अभियान चलाए गए। इस प्रक्रिया में इस बात का विशेष ध्यान रखा गया कि केवल पेड़ न लगाए जाएं बल्कि उन स्थानीय प्रजातियों के पौधों को चुना जाए जो वहां की मिट्टी और जलवायु के अनुकूल हों। इससे बंजर पहाड़ियों और मैदानी इलाकों में एक बार फिर से सघन हरित आवरण लौटने लगा जिसने भूमि के क्षरण को रोक दिया और मिट्टी की खोई हुई पोषक क्षमता को वापस लाने में मदद की।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">वनरोपण के साथ-साथ जल और मिट्टी के संरक्षण के लिए जलागम प्रबंधन तकनीक का व्यापक स्तर पर उपयोग किया गया जो इस सफलता की रीढ़ साबित हुई। इसके अंतर्गत पहाड़ी और ढलान वाले क्षेत्रों में वैज्ञानिक पद्धतियों से छोटे-छोटे बांधों का निर्माण किया गया जिन्हें चेक डैम कहा जाता है। इन संरचनाओं के माध्यम से वर्षा के तेजी से बहते हुए पानी को रोका गया जिससे न केवल उपजाऊ मिट्टी का बहाव थमा बल्कि ज़मीन के भीतर पानी का स्तर भी तेजी से ऊपर उठा। भूजल स्तर में सुधार होने के कारण आसपास की सूखी और प्यासी ज़मीन को पर्याप्त नमी मिली जिससे वहां प्राकृतिक रूप से वनस्पतियों का उगना दोबारा शुरू हो गया और कई सूखी नदियां तथा जलस्रोत पुनर्जीवित हो उठे।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">इस अभियान की एक और बड़ी विशेषता कृषि वानिकी को बड़े पैमाने पर बढ़ावा देना रही है जिसने पारंपरिक खेती के तौर-तरीकों को सकारात्मक रूप से बदल दिया। परंपरागत रूप से किसान केवल अपनी फसलों के उत्पादन पर ध्यान केंद्रित करते थे लेकिन नई नीतियों के तहत उन्हें खेतों की मेड़ों पर और फसलों के बीच के खाली स्थानों में आर्थिक रूप से उपयोगी पेड़ लगाने के लिए प्रेरित और प्रोत्साहित किया गया। इससे किसानों को न केवल ईंधन और चारे के रूप में अतिरिक्त संसाधन मिले बल्कि खेतों की मिट्टी की नाइट्रोजन स्थिरीकरण क्षमता और सामान्य उर्वरता में भी भारी सुधार हुआ। कृषि वानिकी ने देश के ग्रामीण अंचलों में एक नए प्रकार के लाभदायक और टिकाऊ हरित तंत्र को जन्म दिया जिसने पर्यावरण के साथ-साथ किसानों की आर्थिक स्थिति को भी संबल प्रदान किया।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">इन सभी सरकारी और तकनीकी प्रयासों को वास्तविक शक्ति और गति तब मिली जब इसमें आम जनता और स्थानीय समुदायों की भागीदारी को अनिवार्य बनाया गया। संयुक्त वन प्रबंधन प्रणाली के अंतर्गत वनों के आसपास रहने वाले स्थानीय ग्रामीण निवासियों और विशेषकर आदिवासी समुदायों को जंगलों की रक्षा करने और नए पौधे लगाने की सीधी जिम्मेदारी सौंपी गई। जब इन समुदायों को यह अहसास हुआ कि जंगलों का विकास सीधे तौर पर उनके अपने जीवन</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">संस्कृति और आजीविका से जुड़ा हुआ है तो उन्होंने इस अभियान को एक जन आंदोलन का रूप दे दिया। लोगों के इस सामूहिक जुड़ाव के कारण ही नए लगाए गए पौधों की जीवित रहने की दर में रिकॉर्ड वृद्धि दर्ज की गई और सामुदायिक वनों का दायरा तेजी से बढ़ने लगा।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">इस ऐतिहासिक भूमि बहाली अभियान के दूरगामी और बहुआयामी लाभ अब प्रत्यक्ष रूप से दिखाई देने लगे हैं जिनमें सबसे बड़ा लाभ एक विशाल कार्बन अवशोषक क्षेत्र का निर्माण होना है। जब 21.76 मिलियन हेक्टेयर भूमि पर नए पेड़-पौधे और घनी वनस्पतियां विकसित होती हैं तो वे वायुमंडल से हर साल लाखों टन कार्बन डाइऑक्साइड जैसी हानिकारक गैसों को सोख लेती हैं। यह प्रक्रिया वैश्विक तापन के खतरों को कम करने में भारत की ओर से विश्व को दिया गया एक अमूल्य योगदान है। यह हरित क्षेत्र देश के कार्बन उत्सर्जन को संतुलित करने में एक मजबूत ढाल की तरह काम कर रहा है और वैश्विक जलवायु सुधार में अपनी महती भूमिका निभा रहा है।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">इसके साथ ही जैव विविधता की बहाली इस अभियान का दूसरा सबसे महत्वपूर्ण परिणाम है क्योंकि जो क्षेत्र कभी पूरी तरह से उजाड़ और बेजान हो चुके थे वहां अब एक बार फिर से विभिन्न प्रकार के वन्यजीवों को अपना खोया हुआ प्राकृतिक आवास मिल रहा है। पशु-पक्षियों</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">कीट-पतंगों और मिट्टी के भीतर रहने वाले सूक्ष्मजीवों की संख्या में वृद्धि होने से संपूर्ण पारिस्थितिक तंत्र दोबारा सक्रिय हो रहा है जो प्रकृति के संतुलन को बनाए रखने के लिए अनिवार्य है। अंततः इस पूरी प्रक्रिया ने देश की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को एक नई और अभूतपूर्व मजबूती प्रदान की है जो सतत विकास का सबसे बड़ा उदाहरण है। भूमि के उपजाऊ होने से जहां एक ओर कृषि उत्पादकता में सुधार हुआ है वहीं दूसरी ओर जंगलों से मिलने वाले विभिन्न उत्पादों जैसे फल</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">शहद</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">गोंद और अनेक प्रकार की दुर्लभ जड़ी-बूटियों ने स्थानीय लोगों की दैनिक आय को बढ़ाने में मदद की है। रोजगार के नए अवसर पैदा होने से ग्रामीण क्षेत्रों में समृद्धि आई है जो यह सिद्ध करती है कि आर्थिक विकास और पर्यावरण संरक्षण दोनों को एक साथ प्राप्त किया जा सकता है।</span></p>
</div>
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<div class="hq gt" style="text-align:justify;"></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                            <category>संपादकीय</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 18 Jun 2026 17:35:11 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>साइबर ठगी के शिकार व्यक्ति को वापस मिले 19 हजार रुपये</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
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<div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती।</strong> बस्ती जिले केथाना दुबौलिया की साइबर सेल टीम ने साइबर ठगी के शिकार एक व्यक्ति के खाते में 19 हजार रुपये वापस कराकर महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है। रकम वापस मिलने पर पीड़ित ने बस्ती पुलिस का आभार जताया है।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">पुलिस अधीक्षक डॉ. यशवीर सिंह के निर्देशन, अपर पुलिस अधीक्षक श्यामकांत के पर्यवेक्षण तथा क्षेत्राधिकारी कलवारी प्रदीप त्रिपाठी के नेतृत्व में चलाए जा रहे साइबर अपराध रोकथाम अभियान के तहत यह कार्रवाई की गई।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">पुलिस के अनुसार थाना क्षेत्र के ऊंजी गांव निवासी दीनानाथ पुत्र परमात्मा साइबर ठगी का शिकार हो गए थे। उनके खाते से 19 हजार रुपये</div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/181133/victim-of-cyber-fraud-got-back-rs-19-thousand"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/img-20260613-wa0090.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
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<div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती।</strong> बस्ती जिले केथाना दुबौलिया की साइबर सेल टीम ने साइबर ठगी के शिकार एक व्यक्ति के खाते में 19 हजार रुपये वापस कराकर महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है। रकम वापस मिलने पर पीड़ित ने बस्ती पुलिस का आभार जताया है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">पुलिस अधीक्षक डॉ. यशवीर सिंह के निर्देशन, अपर पुलिस अधीक्षक श्यामकांत के पर्यवेक्षण तथा क्षेत्राधिकारी कलवारी प्रदीप त्रिपाठी के नेतृत्व में चलाए जा रहे साइबर अपराध रोकथाम अभियान के तहत यह कार्रवाई की गई।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">पुलिस के अनुसार थाना क्षेत्र के ऊंजी गांव निवासी दीनानाथ पुत्र परमात्मा साइबर ठगी का शिकार हो गए थे। उनके खाते से 19 हजार रुपये की धनराशि निकाल ली गई थी। पीड़ित ने मामले की शिकायत राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (एनसीसीआरपी) पर दर्ज कराई थी।शिकायत मिलने के बाद थाना दुबौलिया के प्रभारी निरीक्षक जीवन त्रिपाठी के निर्देशन में साइबर सेल प्रभारी अजय कुमार पांडेय एवं महिला कांस्टेबल साधना पांडेय ने मामले की जांच शुरू की। टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए ठगी गई धनराशि को होल्ड कराया। इसके बाद नई एसओपी-2 के तहत एमआरएम (मनी रिस्टोरेशन मैकेनिज्म) पोर्टल की सहायता से पूरी 19 हजार रुपये की रकम पीड़ित के खाते में वापस करा दी</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">रकम वापस मिलने पर दीनानाथ ने थाना दुबौलिया पुलिस और साइबर सेल टीम की सराहना करते हुए आभार व्यक्त किया। पुलिस अधिकारियों ने लोगों से साइबर ठगी से बचने के लिए सतर्क रहने तथा किसी भी प्रकार की ऑनलाइन धोखाधड़ी होने पर तत्काल हेल्पलाइन 1930 या एनसीसीआरपी पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराने की अपील की है।</div>
</div>
<div class="yj6qo" style="text-align:justify;"> </div>
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</div>
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<div class="hp"> </div>
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                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 13 Jun 2026 19:05:07 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>करोड़ों की ठगी, करोड़ों का खर्च और फिर भी नाकाफी रिकवरी; डिजिटल युग की सबसे बड़ी चुनौती बनता साइबर अपराध*</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="gs">
<div>
<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div>डिजिटल इंडिया के इस दौर में जहां तकनीक ने लोगों का जीवन आसान बनाया है, वहीं साइबर अपराधियों ने भी इसी तकनीक को अपने अवैध कारोबार का सबसे बड़ा हथियार बना लिया है। ऑनलाइन बैंकिंग, डिजिटल भुगतान, यूपीआई, सोशल मीडिया और ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म के बढ़ते उपयोग ने आम नागरिकों की सुविधाएं तो बढ़ाई हैं, लेकिन इसके साथ ही साइबर ठगी के मामलों में भी विस्फोटक वृद्धि देखने को मिल रही है। राजस्थान से सामने आए हालिया आंकड़े इस खतरे की गंभीरता को उजागर करते हैं। भारतीय रिजर्व बैंक की वार्षिक रिपोर्ट और नेशनल साइबर क्राइम पोर्टल के आंकड़ों के अनुसार</div></div></div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/181068/fraud-worth-crores-expenditure-of-crores-and-still-inadequate-recovery"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/41.jpg" alt=""></a><br /><div class="gs">
<div>
<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
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<div>डिजिटल इंडिया के इस दौर में जहां तकनीक ने लोगों का जीवन आसान बनाया है, वहीं साइबर अपराधियों ने भी इसी तकनीक को अपने अवैध कारोबार का सबसे बड़ा हथियार बना लिया है। ऑनलाइन बैंकिंग, डिजिटल भुगतान, यूपीआई, सोशल मीडिया और ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म के बढ़ते उपयोग ने आम नागरिकों की सुविधाएं तो बढ़ाई हैं, लेकिन इसके साथ ही साइबर ठगी के मामलों में भी विस्फोटक वृद्धि देखने को मिल रही है। राजस्थान से सामने आए हालिया आंकड़े इस खतरे की गंभीरता को उजागर करते हैं। भारतीय रिजर्व बैंक की वार्षिक रिपोर्ट और नेशनल साइबर क्राइम पोर्टल के आंकड़ों के अनुसार पिछले एक वर्ष में राजस्थान में 77 हजार से अधिक लोग साइबर ठगी का शिकार हुए और ठगों ने लगभग 354 करोड़ रुपए की रकम हड़प ली। चिंताजनक बात यह है कि इस भारी-भरकम ठगी में से केवल 39 करोड़ रुपए ही रिकवर किए जा सके हैं, जबकि साइबर सुरक्षा और साइबर थानों के संचालन पर राज्य सरकार का सालाना खर्च 102 करोड़ रुपए से अधिक है।</div>
<div>यह स्थिति केवल राजस्थान तक सीमित नहीं है। देश के लगभग सभी राज्यों में साइबर अपराध तेजी से बढ़ रहे हैं। इंटरनेट और स्मार्टफोन की पहुंच जितनी तेजी से बढ़ी है, उससे कहीं अधिक तेजी से साइबर अपराधियों के तौर-तरीके विकसित हुए हैं। आज अपराधी किसी बैंक डकैती या चोरी के बजाय मोबाइल फोन और लैपटॉप के जरिए हजारों किलोमीटर दूर बैठे लोगों को निशाना बना रहे हैं। वे नकली निवेश योजनाओं, फर्जी कस्टमर केयर, ऑनलाइन शॉपिंग, डिजिटल अरेस्ट, लॉटरी, नौकरी, टास्क फ्रॉड और क्यूआर कोड स्कैनिंग जैसे अनेक तरीकों से लोगों को जाल में फंसा रहे हैं।</div>
<div>राजस्थान के आंकड़े बताते हैं कि हर घंटे लगभग दस लोग साइबर ठगी का शिकार हो रहे हैं। यह केवल आंकड़ा नहीं बल्कि समाज के सामने खड़ी एक गंभीर चुनौती है। इनमें बड़ी संख्या उन लोगों की है जिन्होंने वर्षों की मेहनत से अपनी बचत जमा की थी। कई मामलों में लोगों की जीवनभर की कमाई कुछ ही मिनटों में उनके खातों से गायब हो गई। पीड़ितों में युवा, व्यापारी, नौकरीपेशा वर्ग, महिलाएं और बुजुर्ग सभी शामिल हैं। विशेष रूप से 25 से 40 वर्ष आयु वर्ग के लोग सबसे अधिक निशाना बन रहे हैं, क्योंकि यही वर्ग डिजिटल सेवाओं का सबसे ज्यादा उपयोग करता है।</div>
<div>साइबर अपराध का सबसे चिंताजनक पहलू यह है कि अपराधी लगातार नए-नए तरीके अपनाते रहते हैं। जैसे ही पुलिस और बैंकिंग संस्थाएं किसी एक तरीके पर नियंत्रण करने का प्रयास करती हैं, ठग कोई नया तरीका खोज लेते हैं। हाल के वर्षों में डिजिटल अरेस्ट, इन्वेस्टमेंट फ्रॉड और फर्जी शेयर मार्केट निवेश योजनाओं के जरिए करोड़ों रुपए की ठगी सामने आई है। अपराधी स्वयं को पुलिस अधिकारी, सीबीआई अधिकारी, बैंक कर्मचारी या सरकारी एजेंसी का प्रतिनिधि बताकर लोगों को डराते हैं और फिर उनसे रकम ट्रांसफर करा लेते हैं।</div>
<div>सवाल यह भी उठता है कि जब साइबर थानों और साइबर सुरक्षा तंत्र पर हर साल करोड़ों रुपए खर्च किए जा रहे हैं, तब रिकवरी की दर इतनी कम क्यों है। राजस्थान में 354 करोड़ रुपए की ठगी के मुकाबले केवल 39 करोड़ रुपए की रिकवरी होना व्यवस्था की सीमाओं को दर्शाता है। इसका एक कारण यह है कि ठग रकम को तुरंत कई फर्जी खातों में ट्रांसफर कर देते हैं। इन खातों को म्यूल अकाउंट कहा जाता है। रकम कई राज्यों और कई बार विदेशों तक पहुंच जाती है, जिससे उसे ट्रेस करना और वापस लाना बेहद कठिन हो जाता है। इसके अलावा साइबर अपराधों की जांच में तकनीकी विशेषज्ञता, आधुनिक उपकरण और अंतरराज्यीय समन्वय की आवश्यकता होती है, जिसकी कमी कई बार जांच को प्रभावित करती है।</div>
<div>बैंकों की भूमिका भी इस संदर्भ में महत्वपूर्ण है। रिपोर्ट के अनुसार सबसे अधिक प्रभावित ग्राहकों में सार्वजनिक क्षेत्र के बड़े बैंक शामिल हैं। इसका अर्थ यह नहीं कि बैंक सीधे तौर पर जिम्मेदार हैं, लेकिन यह जरूर दर्शाता है कि ग्राहकों को जागरूक बनाने और संदिग्ध लेनदेन पर त्वरित कार्रवाई की दिशा में अभी और प्रयासों की आवश्यकता है। बैंकिंग प्रणाली में सुरक्षा के अनेक स्तर मौजूद हैं, फिर भी यदि ग्राहक स्वयं सतर्क नहीं रहेगा तो अपराधी किसी न किसी तरीके से उसे भ्रमित कर सकते हैं।</div>
<div>आज साइबर सुरक्षा केवल पुलिस या बैंक की जिम्मेदारी नहीं रह गई है। यह प्रत्येक नागरिक की व्यक्तिगत जिम्मेदारी भी बन चुकी है। अधिकांश मामलों में ठग लोगों की तकनीकी कमजोरी का नहीं बल्कि उनकी भावनाओं, लालच, डर या जल्दबाजी का फायदा उठाते हैं। कोई व्यक्ति यदि अनजान लिंक पर क्लिक करता है, ओटीपी साझा करता है, स्क्रीन शेयरिंग एप डाउनलोड करता है या फर्जी निवेश योजना में अधिक मुनाफे के लालच में पैसा लगाता है, तो वह स्वयं जोखिम बढ़ा देता है। इसलिए जागरूकता ही सबसे बड़ा हथियार है।</div>
<div>सरकार और पुलिस प्रशासन भी लगातार लोगों को जागरूक करने के प्रयास कर रहे हैं। साइबर हेल्पलाइन 1930 इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। विशेषज्ञों का मानना है कि साइबर ठगी होने के बाद पहला एक घंटा सबसे महत्वपूर्ण होता है। यदि पीड़ित तुरंत हेल्पलाइन या साइबर पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराए तो रकम को फ्रीज कराने और रिकवरी की संभावना काफी बढ़ जाती है। दुर्भाग्यवश कई लोग शर्म, घबराहट या जानकारी के अभाव में शिकायत करने में देर कर देते हैं, जिससे अपराधियों को रकम निकालने का पर्याप्त समय मिल जाता है।</div>
<div>देश में डिजिटल अर्थव्यवस्था तेजी से विस्तार कर रही है। सरकार कैशलेस लेनदेन को बढ़ावा दे रही है और करोड़ों लोग रोजाना ऑनलाइन भुगतान कर रहे हैं। ऐसे में साइबर सुरक्षा को राष्ट्रीय प्राथमिकता का विषय बनाना होगा। केवल नए साइबर थाने खोलना पर्याप्त नहीं होगा, बल्कि आधुनिक तकनीक, प्रशिक्षित मानव संसाधन, कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित निगरानी प्रणाली और बैंकिंग संस्थाओं के साथ बेहतर समन्वय भी जरूरी होगा। साथ ही स्कूलों, कॉलेजों और सामाजिक संस्थाओं के माध्यम से व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाने होंगे ताकि लोग साइबर अपराधियों के जाल में फंसने से बच सकें।</div>
<div>वर्तमान समय में साइबर अपराध किसी महामारी से कम नहीं है। यह अपराध बिना हथियार, बिना हिंसा और बिना किसी भौतिक उपस्थिति के लोगों को आर्थिक रूप से तबाह कर रहा है। राजस्थान के आंकड़े इस बात की चेतावनी हैं कि यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो यह समस्या और विकराल रूप ले सकती है। आवश्यकता इस बात की है कि सरकार, पुलिस, बैंक, तकनीकी संस्थाएं और आम नागरिक मिलकर इस चुनौती का सामना करें। डिजिटल क्रांति तभी सफल मानी जाएगी जब लोगों का धन और उनका विश्वास दोनों सुरक्षित रहेंगे। अन्यथा साइबर ठगों का यह बढ़ता साम्राज्य आम जनता की मेहनत की कमाई को इसी तरह निगलता रहेगा और सुरक्षा तंत्र पर सवाल लगातार खड़े होते रहेंगे।</div>
<div>          *कांतिलाल मांडोत*</div>
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                                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                            <category>संपादकीय</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 12 Jun 2026 15:31:08 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
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                <title>महराजगंज तराई पुलिस की तत्परता से साइबर ठगी के 3,800 रुपये पीड़ित को मिले वापस</title>
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<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात संवाददाता </strong></div>
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<div style="text-align:justify;"><strong>बलरामपुर,</strong>  साइबर अपराधों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत थाना महराजगंज तराई पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए साइबर ठगी के शिकार एक व्यक्ति के 3,800 रुपये वापस दिलाने में सफलता हासिल की है। धनराशि वापस मिलने पर पीड़ित ने पुलिस की संवेदनशील एवं प्रभावी कार्यवाही की सराहना करते हुए आभार व्यक्त किया।</div>
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<div style="text-align:justify;">पुलिस के अनुसार ग्राम छतुवापुर निवासी मोहम्मद अफजल के भाई सलाउद्दीन का व्हाट्सएप अकाउंट हैक कर लिया गया था। हैकर ने सलाउद्दीन बनकर अफजल से 3,800 रुपये की मांग की, जिसे उन्होंने अपने भाई का समझकर भेज दिया। बाद में जानकारी होने</div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/180965/due-to-the-promptness-of-maharajganj-terai-police-the-victim"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/img-20260609-wa0508.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
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<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात संवाददाता </strong></div>
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<div style="text-align:justify;"><strong>बलरामपुर,</strong> साइबर अपराधों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत थाना महराजगंज तराई पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए साइबर ठगी के शिकार एक व्यक्ति के 3,800 रुपये वापस दिलाने में सफलता हासिल की है। धनराशि वापस मिलने पर पीड़ित ने पुलिस की संवेदनशील एवं प्रभावी कार्यवाही की सराहना करते हुए आभार व्यक्त किया।</div>
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<div style="text-align:justify;">पुलिस के अनुसार ग्राम छतुवापुर निवासी मोहम्मद अफजल के भाई सलाउद्दीन का व्हाट्सएप अकाउंट हैक कर लिया गया था। हैकर ने सलाउद्दीन बनकर अफजल से 3,800 रुपये की मांग की, जिसे उन्होंने अपने भाई का समझकर भेज दिया। बाद में जानकारी होने पर पता चला कि व्हाट्सएप अकाउंट हैक किया गया था और उनके साथ साइबर ठगी हुई है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">घटना के बाद पीड़ित ने 12 मई 2026 को नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई। शिकायत प्राप्त होने पर थाना महराजगंज तराई की साइबर हेल्पडेस्क ने तत्काल मामले को संज्ञान में लेते हुए तकनीकी जांच शुरू की और संबंधित बैंक से समन्वय स्थापित कर आरोपी के खाते में पहुंची धनराशि को होल्ड करा दिया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">आवश्यक प्रक्रिया पूरी होने के बाद संबंधित बैंक को धनराशि वापस कराने के लिए एसओपी के अनुसार पत्राचार किया गया। बैंक द्वारा कार्रवाई करते हुए ठगी गई पूरी 3,800 रुपये की रकम पीड़ित के खाते में वापस कर दी गई।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">रुपये वापस मिलने पर पीड़ित ने महराजगंज तराई पुलिस की त्वरित कार्रवाई की सराहना करते हुए पुलिस टीम का धन्यवाद ज्ञापित किया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इस कार्रवाई में साइबर हेल्पडेस्क के उपनिरीक्षक आदित्य कुमार, आरक्षी धीरज तिवारी तथा आरक्षी अर्जुन प्रसाद वर्मा की महत्वपूर्ण भूमिका रही।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">पुलिस ने आमजन से अपील की है कि किसी भी प्रकार की साइबर धोखाधड़ी होने पर तत्काल साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करें अथवा नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं, ताकि समय रहते कार्रवाई कर धनराशि वापस कराई जा सके।</div>
</div>
<div class="yj6qo" style="text-align:justify;"> </div>
<div class="adL" style="text-align:justify;"> </div>
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<div class="hq gt">
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<div class="eqJbab cZD3Qb" style="text-align:justify;"></div>
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                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 10 Jun 2026 19:24:31 +0530</pubDate>
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