<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://www.swatantraprabhat.com/tag/93863/women-welfare" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Swatantra Prabhat RSS Feed Generator</generator>
                <title>Women Welfare - Swatantra Prabhat</title>
                <link>https://www.swatantraprabhat.com/tag/93863/rss</link>
                <description>Women Welfare RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना एक मील का पत्थर-जिला सूचना अधिकारी</title>
                                    <description><![CDATA[<blockquote class="format1">
<p><strong>लखनऊः </strong></p>
<p><strong>(आदर अदीब पावेल बन्धु) </strong></p>
<p><strong>जिला सूचना अधिकारी </strong></p>
<p><strong>मण्डलीय जिला सूचना कार्यालय लखनऊ ।  </strong></p>
</blockquote>
<p>मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना उत्तर प्रदेश सरकार की एक महत्वाकांक्षी और दूरदर्शी पहल है, जिसका उद्देश्य समाज में बालिकाओं के प्रति सकारात्मक सोच विकसित करना, उनके जन्म को प्रोत्साहित करना और उनके समग्र विकास को सुनिश्चित करना है। लंबे समय से भारतीय समाज में बेटियों को लेकर कई प्रकार की सामाजिक और आर्थिक चुनौतियाँ रही हैं। कहीं बेटियों को बोझ समझा जाता था, तो कहीं उनकी शिक्षा को प्राथमिकता नहीं दी जाती थी। इसी सोच को बदलने और बेटियों को समान अवसर प्रदान करने के लिए</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/184439/chief-minister-kanya-sumangala-yojana-a-milestone-district-information-officer"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/whatsapp-image-2026-07-31-at-19.15.33.jpeg" alt=""></a><br /><blockquote class="format1">
<p><strong>लखनऊः </strong></p>
<p><strong>(आदर अदीब पावेल बन्धु) </strong></p>
<p><strong>जिला सूचना अधिकारी </strong></p>
<p><strong>मण्डलीय जिला सूचना कार्यालय लखनऊ ।  </strong></p>
</blockquote>
<p>मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना उत्तर प्रदेश सरकार की एक महत्वाकांक्षी और दूरदर्शी पहल है, जिसका उद्देश्य समाज में बालिकाओं के प्रति सकारात्मक सोच विकसित करना, उनके जन्म को प्रोत्साहित करना और उनके समग्र विकास को सुनिश्चित करना है। लंबे समय से भारतीय समाज में बेटियों को लेकर कई प्रकार की सामाजिक और आर्थिक चुनौतियाँ रही हैं। कहीं बेटियों को बोझ समझा जाता था, तो कहीं उनकी शिक्षा को प्राथमिकता नहीं दी जाती थी। इसी सोच को बदलने और बेटियों को समान अवसर प्रदान करने के लिए इस योजना की शुरुआत की गई।</p>
<p><br />यह योजना वर्ष 2019 में प्रारंभ की गई, जिसका लक्ष्य बालिकाओं को जन्म से लेकर उच्च शिक्षा तक आर्थिक सहायता प्रदान करना है। सरकार द्वारा दी जाने वाली यह सहायता बालिका के जीवन के विभिन्न चरणों में दी जाती है, जिससे उसके पालन-पोषण, शिक्षा और विकास में आर्थिक बाधाएँ कम हो सकें। योजना के अंतर्गत कुल 25,000 रुपये की सहायता राशि निर्धारित की गई है, जिसे छह अलग-अलग चरणों में सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में भेजा जाता है। यह राशि क्ठज् यानी डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर के माध्यम से दी जाती है, जिससे पारदर्शिता बनी रहती है और किसी प्रकार की अनियमितता की संभावना कम हो जाती है।</p>
<p><br />इस योजना के तहत बालिका के जन्म के समय 5,000 रुपये की सहायता दी जाती है, जिससे परिवार को प्रारंभिक खर्चों में सहयोग मिलता है। इसके बाद जब बालिका का टीकाकरण पूरा हो जाता है, तब 2,000 रुपये की राशि प्रदान की जाती है। जैसे-जैसे बालिका शिक्षा के विभिन्न चरणों में आगे बढ़ती है, उसे क्रमशः प्रथम कक्षा, छठी कक्षा, नौवीं कक्षा और बारहवीं के बाद उच्च शिक्षा में प्रवेश के समय आर्थिक सहायता दी जाती है। इस प्रकार यह योजना केवल जन्म तक सीमित नहीं है, बल्कि बालिका के भविष्य को सुरक्षित बनाने की दिशा में निरंतर सहयोग प्रदान करती है।</p>
<p><br />इस योजना का एक महत्वपूर्ण उद्देश्य समाज में व्याप्त लैंगिक भेदभाव को समाप्त करना है। आज भी कई स्थानों पर बेटा और बेटी के बीच भेदभाव देखा जाता है, जिसके कारण बेटियों को शिक्षा और अवसरों से वंचित रहना पड़ता है। मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना इस सोच को बदलने का प्रयास करती है और यह संदेश देती है कि बेटियाँ भी परिवार और समाज की उतनी ही महत्वपूर्ण सदस्य हैं जितने बेटे। जब परिवार को यह विश्वास मिलता है कि सरकार उनके साथ खड़ी है और उनकी बेटी के भविष्य के लिए आर्थिक सहयोग प्रदान कर रही है, तो वे बेटियों के पालन-पोषण और शिक्षा के प्रति अधिक जागरूक होते हैं।</p>
<p><br />योजना का एक अन्य महत्वपूर्ण पहलू यह है कि यह बाल विवाह जैसी कुप्रथाओं को रोकने में भी सहायक है। जब बालिकाएँ शिक्षा प्राप्त करती हैं और उनके भविष्य को लेकर परिवार सजग होता है, तो वे कम उम्र में विवाह करने के बजाय अपनी पढ़ाई पर ध्यान देती हैं। इससे समाज में शिक्षा का स्तर बढ़ता है और बालिकाएँ आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ती हैं।इस योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए कुछ पात्रता शर्ते निर्धारित की गई हैं। लाभार्थी बालिका उत्तर प्रदेश की निवासी होनी चाहिए और उसके परिवार की वार्षिक आय 3 लाख रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए। इसके अलावा, एक परिवार की अधिकतम दो बालिकाएँ ही इस योजना का लाभ प्राप्त कर सकती हैं। यदि दूसरी संतान के रूप में जुड़वा बेटियाँ जन्म लेती हैं, तो दोनों को योजना का लाभ दिया जाता है। यह व्यवस्था सुनिश्चित करती है कि योजना का लाभ वास्तव में जरूरतमंद परिवारों तक पहुंचे।</p>
<p><br />आवेदन प्रक्रिया को सरल और सुलभ बनाने के लिए इसे ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से उपलब्ध कराया गया है। ऑनलाइन आवेदन के लिए आधिकारिक पोर्टल पर पंजीकरण करना होता है, जहाँ सभी आवश्यक विवरण भरकर दस्तावेज अपलोड किए जाते हैं। वहीं, ऑफलाइन आवेदन के लिए आंगनवाड़ी केंद्र, ब्लॉक कार्यालय या जिला प्रोबेशन अधिकारी के कार्यालय में जाकर आवेदन किया जा सकता है। इससे उन लोगों को भी सुविधा मिलती है जो डिजिटल माध्यमों का उपयोग करने में सक्षम नहीं हैं।</p>
<p><br />इस योजना का प्रभाव समाज में स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है। बेटियों के जन्म को लेकर लोगों की सोच में सकारात्मक बदलाव आया है। अब अधिक से अधिक परिवार बेटियों को शिक्षा दिलाने के लिए प्रेरित हो रहे हैं। स्कूलों में बालिकाओं की उपस्थिति बढ़ी है और वे विभिन्न क्षेत्रों में अपनी पहचान बना रही हैं। इसके साथ ही, यह योजना महिला सशक्तिकरण की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम है, क्योंकि शिक्षित और आत्मनिर्भर महिलाएँ ही समाज और देश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान देती हैं।</p>
<p><br />हालांकि योजना के क्रियान्वयन में कुछ चुनौतियाँ भी सामने आती हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता की कमी के कारण कई लोग इस योजना का लाभ नहीं उठा पाते। कई बार आवश्यक दस्तावेजों की अनुपलब्धता भी एक बड़ी बाधा बन जाती है। इसके अलावा, डिजिटल साक्षरता की कमी के कारण ऑनलाइन आवेदन में भी कठिनाइयाँ आती हैं। इन समस्याओं के समाधान के लिए सरकार और प्रशासन द्वारा निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं, जैसे जागरूकता अभियान चलाना, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के माध्यम से जानकारी पहुँचाना और आवेदन प्रक्रिया को और सरल बनाना।</p>
<p><br />कुल मिलाकर, मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना एक ऐसी पहल है जो न केवल आर्थिक सहायता प्रदान करती है, बल्कि समाज में बेटियों के प्रति सोच को बदलने का कार्य भी करती है। यह योजना इस बात का प्रतीक है कि सरकार बालिकाओं के भविष्य को लेकर गंभीर है और उन्हें हर संभव सहयोग प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। यदि इस योजना का प्रभावी क्रियान्वयन और व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए, तो यह निश्चित रूप से एक सशक्त, शिक्षित और समान समाज के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।<br /><br /></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                            <category>संपादकीय</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/184439/chief-minister-kanya-sumangala-yojana-a-milestone-district-information-officer</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/184439/chief-minister-kanya-sumangala-yojana-a-milestone-district-information-officer</guid>
                <pubDate>Sat, 01 Aug 2026 18:25:59 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-07/whatsapp-image-2026-07-31-at-19.15.33.jpeg"                         length="52654"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बहू बेटी सम्मेलन में महिलाओं को बताया अधिकारों का बल</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;">
<blockquote class="format1"><strong>लालगंज (रायबरेली)।</strong></blockquote>
</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">मिशन शक्ति फेज 5.0 के तहत रविवार को खजूरगांव और उत्तरागौरी में बहू बेटी सम्मेलन और चौपाल का आयोजन हुआ। कार्यक्रम में महिलाओं और बालिकाओं को सुरक्षा संबंधी कानूनों, हेल्पलाइन सेवाओं और सरकारी योजनाओं की जानकारी दी गई।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">मिशन शक्ति टीम ने कहा कि किसी भी प्रकार की छेड़छाड़, उत्पीड़न या संकट की स्थिति में महिलाएं बिना संकोच के हेल्पलाइन नंबर 1090, 181, 112, 1076, 102, 101, 1098 और 1930 का उपयोग कर सकती हैं। उन्हें बताया कि महिला हेल्पलाइन 1090 पर दर्ज शिकायतों में शिकायतकर्ता की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाती है। इससे महिलाएं निडर होकर</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/182765/women-told-about-the-power-of-rights-in-daughter-in-law-conference"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/img-20260705-wa0451.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;">
<blockquote class="format1"><strong>लालगंज (रायबरेली)।</strong></blockquote>
</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">मिशन शक्ति फेज 5.0 के तहत रविवार को खजूरगांव और उत्तरागौरी में बहू बेटी सम्मेलन और चौपाल का आयोजन हुआ। कार्यक्रम में महिलाओं और बालिकाओं को सुरक्षा संबंधी कानूनों, हेल्पलाइन सेवाओं और सरकारी योजनाओं की जानकारी दी गई।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">मिशन शक्ति टीम ने कहा कि किसी भी प्रकार की छेड़छाड़, उत्पीड़न या संकट की स्थिति में महिलाएं बिना संकोच के हेल्पलाइन नंबर 1090, 181, 112, 1076, 102, 101, 1098 और 1930 का उपयोग कर सकती हैं। उन्हें बताया कि महिला हेल्पलाइन 1090 पर दर्ज शिकायतों में शिकायतकर्ता की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाती है। इससे महिलाएं निडर होकर अपनी बात प्रशासन तक पहुंचा सकती हैं। सम्मेलन में कन्या सुमंगला योजना, मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना, वृद्धावस्था पेंशन, निराश्रित महिला पेंशन और मातृशक्ति वंदन योजना सहित विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी दी गई।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">महिलाओं को पात्रता, आवेदन प्रक्रिया और मिलने वाले लाभ के बारे में भी विस्तार से बताया गया। चौपाल के दौरान महिलाओं की समस्याएं भी सुनी गई और पुलिस कर्मियों ने समाधान का भरोसा दिलाया। कार्यक्रम में महिलाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और सुरक्षा के प्रति सजग रहने का संकल्प लिया। पुलिस टीम की एसआई अर्चना यादव, कांस्टेबल नीलम कटियार, पूजा कुमारी, शालिनी कुशवाहा, प्रिया और प्रियंका पाल ने महिलाओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करते हुए कहा कि जागरूकता ही सुरक्षा की सबसे बड़ी ताकत है। इस मौके पर ग्राम प्रधान विजय पाल, स्वाती जैसवाल, रजनी, देव कुमारी, वैशाली सहित अन्य महिलाएं मौजूद रही।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/182765/women-told-about-the-power-of-rights-in-daughter-in-law-conference</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/182765/women-told-about-the-power-of-rights-in-daughter-in-law-conference</guid>
                <pubDate>Sun, 05 Jul 2026 21:03:29 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-07/img-20260705-wa0451.jpg"                         length="330842"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सपाइयों ने रक्तदान व पौधरोपण के साथ मनाया अखिलेश यादव का जन्मदिन</title>
                                    <description><![CDATA[<div>
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात संवाददाता </strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>सिद्धार्थनगर ।</strong>समाजवादी पार्टी के जिला कार्यालय पर गरीबों, मजलूमों ,किसानों और नौजवानों की आस  पीडीए के महानायक उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव  का जन्म दिवस समारोह समाजवादी पार्टी के जिला अध्यक्ष लालजी यादव  की अध्यक्षता एवं डुमरियागंज की विधायक  सैयदा खातून की उपस्थिति में सामाजिक न्याय दिवस के रूप में मनाया गया तथा विभिन्न कार्यक्रम आयोजित सामाजिक समरसता को बढ़ावा देने के लिए वृक्षारोपण किया गया और पीडीए पेड़ लगाया गया और महिलाओं में अंग वस्त्र साड़ी वितरित किया गया एवं पार्टी कार्यालय पर नगर अध्यक्ष अखिलेश जायसवाल की</div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/182453/sp-celebrated-akhilesh-yadavs-birthday-with-blood-donation-and-plantation"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/1782914908619.jpg" alt=""></a><br /><div>
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात संवाददाता </strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>सिद्धार्थनगर ।</strong>समाजवादी पार्टी के जिला कार्यालय पर गरीबों, मजलूमों ,किसानों और नौजवानों की आस  पीडीए के महानायक उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव  का जन्म दिवस समारोह समाजवादी पार्टी के जिला अध्यक्ष लालजी यादव  की अध्यक्षता एवं डुमरियागंज की विधायक  सैयदा खातून की उपस्थिति में सामाजिक न्याय दिवस के रूप में मनाया गया तथा विभिन्न कार्यक्रम आयोजित सामाजिक समरसता को बढ़ावा देने के लिए वृक्षारोपण किया गया और पीडीए पेड़ लगाया गया और महिलाओं में अंग वस्त्र साड़ी वितरित किया गया एवं पार्टी कार्यालय पर नगर अध्यक्ष अखिलेश जायसवाल की अगुवाई में रक्तदान शिविर लगाकर समाजवादियों ने रक्तदान किया ।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">     इस दौरान सपा नेताओं ने राष्ट्रीय अध्यक्ष  के जन्मदिन पर केक काटकर एक दूसरे को  मिठाइ खिलाकर  बधाई देते हुए उनके स्वस्थ्य एवं दीर्घायु होने की कामना की गई और 2027 में राष्ट्रीय अध्यक्ष  के नेतृत्व में समाजवादी पार्टी की सरकार बनाने का संकल्प लिया गया ।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">     इस अवसर पर पूर्व विधायक विजय पासवान ,पूर्व विधायक चौधरी अमर सिंह, पूर्व विधायक अनिल सिंह, बेचई यादव ,अफसर रिजवी ,राममिलन भारती, विभा शुक्ला, इंद्राससना त्रिपाठी ,सुरेश यादव, नागेंद्र नाथ चतुर्वेदी, घिसियावन यादव, प्रदीप पथरकट, मोहम्मद इदरीश पटवारी, अनूप यादव ,अब्दुल कलाम सिद्दीकी, रिंदु पासवान, फिरोज आलम, सोनू यादव ,पारसनाथ विश्वकर्मा, सैयद कुतुब ,तुफैल अहमद, कन्हैया लोधी ,कमालुद्दीन खान, बृजभान यादव, रामसेवक लोधी, जेपी यादव, अखिलेश मौर्या, मोहम्मद हारुन, सुनीता गोस्वामी, घनश्याम जायसवाल ,चंद्रभान पहलवान ,विजय चौधरी ,जोखन चौधरी ,राजेंद्र प्रसाद अंबेडकर ,शैलेंद्र शर्मा, रियाज अहमद एडवोकेट ,चंद्रहास यादव, खुर्शीद अहमद खान, मोहम्मद जफर, इरशाद आलम ,रमजान अली, चंद्रजीत यादव, अब्दुल कलाम खान ,मोहम्मद अमून मेंकरानी, जलालुद्दीन खान, अब्दुल लतीफ, मनोज मिश्रा, राजू चौधरी, कपिल देव, रामकृपाल मौर्य, चौधरी विंध्याचल, कलम हाशमी, जुनेद आलम ,इरफान मिर्ज़ा, पप्पू सिद्दीकी, मतीउल्लाह नुरुल हुदा, सुमन यादव ,सुधा त्रिपाठी , राज कुमार यादव, मोहम्मद इदरीश ,मकसूद आलम, शफीक अहमद ,अंगद यादव आदि  उपस्थित रहें।</div>
</div>
</div>
<div class="yj6qo" style="text-align:justify;"> </div>
<div class="adL" style="text-align:justify;"> </div>
</div>
<div class="adL" style="text-align:justify;"> </div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/182453/sp-celebrated-akhilesh-yadavs-birthday-with-blood-donation-and-plantation</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/182453/sp-celebrated-akhilesh-yadavs-birthday-with-blood-donation-and-plantation</guid>
                <pubDate>Wed, 01 Jul 2026 19:42:18 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-07/1782914908619.jpg"                         length="497312"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पटियाला में नेशनल कमीशन फॉर विमेन की पब्लिक हियरिंग से कई मामलों में तेज़ी से कार्रवाई हुई</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>पटियाला</strong>,  NCW आपके द्वार’ पहल के तहत पटियाला में नेशनल कमीशन फॉर विमेन की पब्लिक हियरिंग में कई लंबे समय से पेंडिंग मामलों में तेज़ी से और सही दखल देखा गया, जिससे महिलाओं को समय पर न्याय दिलाने के कमीशन के वादे को फिर से पक्का किया गया।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">सुनवाई के दौरान, नेशनल कमीशन फॉर विमेन की चेयरपर्सन, सुश्री विजया रहाटकर ने खुद महिलाओं और उनके परिवारों की शिकायतें सुनीं और संबंधित अधिकारियों को महिलाओं के खिलाफ हिंसा, हैरेसमेंट और जांच में लंबे समय तक देरी से जुड़े मामलों में तुरंत कार्रवाई करने का निर्देश दिया।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">डिप्टी कमिश्नर डॉ. हिमांशु</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/181548/public-hearing-of-national-commission-for-women-in-patiala-led"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/1000910051.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>पटियाला</strong>,  NCW आपके द्वार’ पहल के तहत पटियाला में नेशनल कमीशन फॉर विमेन की पब्लिक हियरिंग में कई लंबे समय से पेंडिंग मामलों में तेज़ी से और सही दखल देखा गया, जिससे महिलाओं को समय पर न्याय दिलाने के कमीशन के वादे को फिर से पक्का किया गया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">सुनवाई के दौरान, नेशनल कमीशन फॉर विमेन की चेयरपर्सन, सुश्री विजया रहाटकर ने खुद महिलाओं और उनके परिवारों की शिकायतें सुनीं और संबंधित अधिकारियों को महिलाओं के खिलाफ हिंसा, हैरेसमेंट और जांच में लंबे समय तक देरी से जुड़े मामलों में तुरंत कार्रवाई करने का निर्देश दिया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">डिप्टी कमिश्नर डॉ. हिमांशु अग्रवाल और SSP वरुण शर्मा के नेतृत्व में पुलिस और जिला प्रशासन द्वारा की गई तुरंत कार्रवाई की तारीफ करते हुए, सुश्री रहाटकर ने कहा कि कानून लागू करने वाली एजेंसियों और कमीशन के बीच तालमेल से न्याय देने वाले सिस्टम में जनता का भरोसा मजबूत होता है, जिसमें पीड़ितों को बहुत ज़रूरी राहत देने के लिए समय पर दखल देना भी शामिल है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">-कनाडा में NRI महिला पर बेरहमी से हमले के मामले में FIR दर्ज</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">सुनवाई के दौरान कमीशन के सामने लाए गए सबसे गंभीर मामलों में से एक एक जवान लड़की के माता-पिता से जुड़ा था, जिस पर 2024 में कनाडा में उसके पति ने बेरहमी से हमला किया था, जिससे उसके दिमाग में गंभीर चोटें आईं। पीड़ित का कनाडा में इलाज चल रहा है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">परिवार ने कमीशन को बताया कि हालांकि कनाडा में क्रिमिनल केस दर्ज था, लेकिन आरोपी पति भारत भाग गया था। लगभग दो साल तक लोकल अधिकारियों से संपर्क करने के बावजूद, उन्हें मामले में ज़रूरी तरक्की नहीं मिली।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">शिकायत को गंभीरता से लेते हुए, माननीय चेयरपर्सन ने पटियाला के सीनियर सुपरिटेंडेंट ऑफ़ पुलिस को तुरंत कार्रवाई करने और 24 घंटे के अंदर FIR दर्ज करने का निर्देश दिया। निर्देशों पर कार्रवाई करते हुए, पुलिस ने तुरंत आरोपी पति और उसके परिवार के सदस्यों के खिलाफ इंडियन पीनल कोड (IPC) के संबंधित नियमों के तहत FIR दर्ज कर ली।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">-पीछा करने और मारपीट के मामले में सख्त धाराएं जोड़ी गईं</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">एक और मामले में, एक जवान लड़की ने कमीशन को बताया कि उस पर और उसके परिवार पर उन लोगों ने हिंसक हमला किया जो कथित तौर पर उसका पीछा कर रहे थे और उसे परेशान कर रहे थे। FIR पहले ही दर्ज हो चुकी थी, लेकिन शिकायत करने वाली ने आरोप लगाया कि सही कानूनी नियमों का इस्तेमाल नहीं किया गया और उसे धमकियां और डराया-धमकाया जा रहा था।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">मामले की सुनवाई के बाद, सुश्री राहतकर ने संबंधित पुलिस अधिकारियों को शिकायत करने वाली का बयान तुरंत रिकॉर्ड करने और संबंधित नियमों को लागू करने की जांच करने का निर्देश दिया। पुलिस ने बाद में कमीशन को बताया कि शिकायत करने वाले के बयान के अनुसार FIR को अपडेट और बेहतर बनाया गया है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">-लंबे समय से लंबित लापता महिला के मामले में जांच के नए कदम</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">कमीशन ने एक मां की याचिका पर भी सुनवाई की, जिसकी शादीशुदा बेटी 2022 से लापता है। शिकायत करने वाली ने लापता महिला के पति और उसके पार्टनर के शामिल होने की आशंका जताई।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">यह देखते हुए कि मामला कई सालों से सुलझा नहीं है, माननीय चेयरपर्सन ने संबंधित पुलिस अधिकारियों को जांच में तेजी लाने और बिना देर किए सभी जरूरी कदम उठाने का निर्देश दिया। निर्देशों का पालन करते हुए, पुलिस ने कमीशन को बताया कि पति का कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) मांगा गया है ताकि आगे की जांच की जा सके और मामले को आगे बढ़ाया जा सके। -सीधे दखल से समय पर न्याय पक्का करना</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इन मामलों में देखी गई तेज़ कार्रवाई ‘नेशनल कमीशन फॉर विमेन एट योर डोरस्टेप’ पहल के ज़रिए कमीशन की ज़मीनी स्तर पर पहुँच का असर दिखाती है, जिसका मकसद न्याय व्यवस्था को महिलाओं के करीब लाना और यह पक्का करना है कि उनकी चिंताओं को बिना किसी देरी के दूर किया जाए।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">चेयरपर्सन श्रीमती विजया रहाटकर ने दोहराया कि हर शिकायत न्याय व्यवस्था में एक महिला के भरोसे को दिखाती है और इसे तुरंत, निष्पक्ष और गंभीरता से निपटाया जाना चाहिए। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि नेशनल कमीशन फॉर विमेन महिलाओं से जुड़े मामलों की जवाबदेही, असरदार फ़ॉलो-अप और समय पर समाधान पक्का करने के लिए राज्य अधिकारियों के साथ मिलकर काम करता रहेगा।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">कमीशन ने पब्लिक हियरिंग के दौरान दिए गए निर्देशों पर तुरंत कार्रवाई करने में पंजाब पुलिस और ज़िला प्रशासन द्वारा दिए गए सहयोग का भी स्वागत किया।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/181548/public-hearing-of-national-commission-for-women-in-patiala-led</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/181548/public-hearing-of-national-commission-for-women-in-patiala-led</guid>
                <pubDate>Fri, 19 Jun 2026 14:12:25 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-06/1000910051.jpg"                         length="237601"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अब यह तस्वीर बदलनी चाहिए</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;">नसमय बदला, तकनीक बदली, जीवन-शैली बदली, बाजार बदला और फैशन भी बदल गया। महिलाओं को उपभोक्तावादी संस्कृति ने विज्ञापनों और प्रदर्शन की वस्तु के रूप में प्रस्तुत करने के नए-नए तरीके खोज लिए। किंतु दुखद प्रश्न यह है कि क्या समाज की मूलभूत सोच बदली? क्या बालिका शिक्षा शत-प्रतिशत हो गई? क्या दहेज प्रथा समाप्त हो गई? क्या स्त्री उत्पीड़न इतिहास बन गया?</p>
<p style="text-align:justify;">दुर्भाग्य से इन प्रश्नों का उत्तर आज भी नकारात्मक है। अनेक समस्याएँ आज भी यथावत बनी हुई हैं, बल्कि कई मामलों में उन्होंने और अधिक विकराल रूप धारण कर लिया है। विशेष रूप से ग्रामीण भारत में</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/180674/now-this-picture-should-be-changed"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/images.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">नसमय बदला, तकनीक बदली, जीवन-शैली बदली, बाजार बदला और फैशन भी बदल गया। महिलाओं को उपभोक्तावादी संस्कृति ने विज्ञापनों और प्रदर्शन की वस्तु के रूप में प्रस्तुत करने के नए-नए तरीके खोज लिए। किंतु दुखद प्रश्न यह है कि क्या समाज की मूलभूत सोच बदली? क्या बालिका शिक्षा शत-प्रतिशत हो गई? क्या दहेज प्रथा समाप्त हो गई? क्या स्त्री उत्पीड़न इतिहास बन गया?</p>
<p style="text-align:justify;">दुर्भाग्य से इन प्रश्नों का उत्तर आज भी नकारात्मक है। अनेक समस्याएँ आज भी यथावत बनी हुई हैं, बल्कि कई मामलों में उन्होंने और अधिक विकराल रूप धारण कर लिया है। विशेष रूप से ग्रामीण भारत में महिलाओं की स्थिति अभी भी अपेक्षित सम्मान और अवसरों से काफी दूर दिखाई देती है। शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा और आर्थिक आत्मनिर्भरता जैसे क्षेत्रों में सुधार तो हुआ है, किंतु वह इतना व्यापक नहीं है कि समाज को संतोष हो सके।</p>
<p style="text-align:justify;">हमारे बुजुर्ग कहा करते थे कि शिक्षा का प्रसार होगा तो समाज की कुरीतियाँ स्वतः समाप्त हो जाएँगी। स्त्रियाँ पुरुषों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर आगे बढ़ेंगी और बेटी को बोझ नहीं, अवसर माना जाएगा। कुछ क्षेत्रों में प्रगति अवश्य हुई है, किंतु धरातल पर तस्वीर अभी भी अधूरी है। राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण  के अनुसार देश में 10 वर्ष या उससे अधिक शिक्षा प्राप्त महिलाओं का प्रतिशत बढ़कर लगभग 46.4 प्रतिशत तक पहुँचा है, जो पहले 41 प्रतिशत था।</p>
<p style="text-align:justify;">यह सुधार उत्साहजनक है, किंतु इसका अर्थ यह भी है कि आधी से अधिक महिलाएँ अभी भी दस वर्ष की बुनियादी शिक्षा से वंचित हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में विद्यालय छोड़ने वाली बालिकाओं की संख्या आज भी चिंता का विषय बनी हुई है।  शिक्षा के क्षेत्र में असमानता का एक कारण बाल विवाह, गरीबी, सामाजिक रूढ़ियाँ तथा सुरक्षा संबंधी चिंताएँ भी हैं। अनेक परिवार आज भी पुत्र की शिक्षा को निवेश और पुत्री की शिक्षा को व्यय मानते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">यही सोच आगे चलकर दहेज जैसी कुप्रथा को जन्म देती और इससे भी अधिक चिंताजनक तथ्य यह है कि शिक्षा और आधुनिकता के दावों के बीच दहेज का दानव आज भी जीवित है। राष्ट्रीय अपराध अभिलेख ब्यूरो की रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2023 में दहेज निषेध अधिनियम के अंतर्गत 15,489 मामले दर्ज किए गए तथा दहेज से संबंधित घटनाओं में 6,156 महिलाओं की मृत्यु हुई। अर्थात प्रतिदिन लगभग 17 महिलाओं ने दहेज की कीमत अपने जीवन से चुकाई। महिलाओं के विरुद्ध अपराधों की व्यापक तस्वीर भी चिंता उत्पन्न करती है।</p>
<p style="text-align:justify;">वर्ष 2023 में देशभर में महिलाओं के विरुद्ध लगभग 4.48 लाख अपराध दर्ज किए गए। इनमें सबसे बड़ी संख्या पति अथवा रिश्तेदारों द्वारा क्रूरता के मामलों की रही, जो कुल अपराधों का लगभग 30 प्रतिशत है। यह स्थिति केवल आँकड़ों की कहानी नहीं है; यह उन लाखों बेटियों, बहनों और माताओं की पीड़ा का दस्तावेज है जो आज भी भेदभाव, हिंसा और असमानता का सामना कर रही हैं। समाज सुधारिका सावित्रीबाई फुले ने कहा था यदि तुम शिक्षित हो जाओगे तो तुम्हें अपने अधिकारों का ज्ञान होगा।</p>
<p style="text-align:justify;">वहीं डॉ. भीमराव आंबेडकर का प्रसिद्ध कथन है कि किसी समाज की प्रगति का आकलन उसकी महिलाओं की प्रगति से किया जाना चाहिए। महात्मा गांधी ने भी कहा था यदि आप एक पुरुष को शिक्षित करते हैं तो केवल एक व्यक्ति शिक्षित होता है, किंतु यदि आप एक स्त्री को शिक्षित करते हैं तो पूरा परिवार शिक्षित होता है। इसी प्रकार स्वामी विवेकानंद का मानना था कि जिस राष्ट्र ने अपनी स्त्रियों का सम्मान करना नहीं सीखा, वह कभी महान नहीं बन सकता।</p>
<p style="text-align:justify;">क्योंकि केवल विद्यालयों की संख्या बढ़ा देना पर्याप्त नहीं है; आवश्यक यह है कि बालिका शिक्षा को सामाजिक सम्मान, आर्थिक सुरक्षा और समान अवसरों से जोड़ा जाए। जब तक बेटी को परिवार की उत्तराधिकारी नहीं माना जाएगा, जब तक विवाह को आर्थिक लेन-देन का माध्यम समझा जाएगा, तब तक दहेज की मानसिकता समाप्त नहीं होगी।</p>
<p style="text-align:justify;">विडंबना यह है कि एक ओर हम महिला सशक्तिकरण के नारे लगाते हैं, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान चलाते हैं, महिलाओं की उपलब्धियों पर गर्व करते हैं, दूसरी ओर कन्या के जन्म पर चिंता और विवाह के समय दहेज की चर्चा अभी भी अनेक घरों में सामान्य बात मानी जाती है। यह दोहरा सामाजिक चरित्र हमारी सबसे बड़ी चुनौती है।</p>
<p style="text-align:justify;">आज आवश्यकता केवल कानूनों की नहीं, बल्कि सामाजिक चेतना की है। विद्यालयों में लैंगिक समानता के संस्कार, परिवारों में बेटियों के प्रति समान व्यवहार, महिलाओं की आर्थिक आत्मनिर्भरता, दहेज लेने-देने वालों का सामाजिक बहिष्कार तथा पंचायत स्तर तक जनजागरण अभियान ही वास्तविक परिवर्तन का मार्ग प्रशस्त कर सकते हैं। यदि हम सचमुच विकसित भारत का स्वप्न देखते हैं तो हमें यह स्वीकार करना होगा कि बालिका शिक्षा, स्त्री सम्मान और दहेज उन्मूलन केवल महिला मुद्दे नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण के प्रश्न हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">जिस दिन हर बेटी निर्भय होकर शिक्षा प्राप्त करेगी, अपने जीवन के निर्णय स्वयं ले सकेगी और विवाह दहेज नहीं बल्कि समानता, सम्मान और प्रेम पर आधारित होगा, उसी दिन हम सच्चे अर्थों में आधुनिक, प्रगतिशील और सभ्य समाज कहलाने के अधिकारी होंगे। अब समय की आवश्यकता यह है  कि हम केवल परिवर्तन की प्रतीक्षा न करें, बल्कि स्वयं परिवर्तन बनें। क्योंकि बेटी का सम्मान ही समाज का सम्मान है, और स्त्री की प्रगति ही राष्ट्र की वास्तविक प्रगति है।<br /><br /><strong>संजीव ठाकुर</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                            <category>संपादकीय</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/180674/now-this-picture-should-be-changed</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/180674/now-this-picture-should-be-changed</guid>
                <pubDate>Fri, 05 Jun 2026 18:49:27 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-06/images.jpg"                         length="123026"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        