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                <title>#RuralDevelopment - Swatantra Prabhat</title>
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                <title>ग्राम पंचायत भरू में विकसित भारत जी राम जी कार्य में अनियमितता के आरोप, जांच की मांग</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती।</strong> बस्ती जिले के विकास खंड कप्तानगंज के अंतर्गत ग्राम पंचायत भरू में विकसित भारत जी राम जी के तहत कराए जा रहे कार्यों में कथित अनियमितता और सरकारी धन के दुरुपयोग के आरोप सामने आए हैं। ग्रामीणों की ओर से ग्राम प्रधान सुखलाल की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए पूरे मामले की जांच कराए जाने की मांग की जा रही है।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">आरोप है कि ग्राम पंचायत में विकास कार्यों के नाम पर तैयार की जा रही फाइलों और अभिलेखों में कथित तौर पर लीपापोती की जा रही है। ग्रामीणों का यह भी आरोप है कि ग्राम प्रधान द्वारा सचिव</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/186447/demand-for-investigation-into-allegations-of-irregularities-in-bharat-ji"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-08/img-20260826-wa0087.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती।</strong> बस्ती जिले के विकास खंड कप्तानगंज के अंतर्गत ग्राम पंचायत भरू में विकसित भारत जी राम जी के तहत कराए जा रहे कार्यों में कथित अनियमितता और सरकारी धन के दुरुपयोग के आरोप सामने आए हैं। ग्रामीणों की ओर से ग्राम प्रधान सुखलाल की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए पूरे मामले की जांच कराए जाने की मांग की जा रही है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">आरोप है कि ग्राम पंचायत में विकास कार्यों के नाम पर तैयार की जा रही फाइलों और अभिलेखों में कथित तौर पर लीपापोती की जा रही है। ग्रामीणों का यह भी आरोप है कि ग्राम प्रधान द्वारा सचिव और तकनीकी सहायक की भूमिका पर सवाल उठने वाली स्थिति पैदा हो रही है तथा कथित कमीशन के चलते फाइलों पर हस्ताक्षर कराए जा रहे हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">वहीं, आरोप यह भी है कि ग्राम पंचायत में कराए जा रहे कार्यों की गुणवत्ता और मौके पर वास्तविक स्थिति की पर्याप्त निगरानी नहीं हो रही है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि आखिर विकास कार्यों के नाम पर खर्च किए जा रहे सरकारी धन का वास्तविक उपयोग किस तरह हो रहा है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">मामले में मनरेगा एपीओ और प्रभारी बीडीओ कृष्ण कुमार सिंह की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। बताया जा रहा है कि उनके पास दो ब्लॉकों का अतिरिक्त कार्यभार होने के कारण ग्राम पंचायतों में चल रहे विकास कार्यों की नियमित निगरानी और जांच प्रभावित हो रही है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">ग्रामीणों का कहना है कि यदि आरोपों की निष्पक्ष जांच कराई जाए तो ग्राम पंचायत भरू में विकसित भारत जी राम जी के तहत कराए गए कार्यों की वास्तविक स्थिति सामने आ सकती है। अब देखना यह है कि जिम्मेदार अधिकारी मामले का संज्ञान लेकर मौके पर जांच कराते हैं या नहीं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">सबसे बड़ा सवाल यही है कि ग्राम पंचायत भरू में लगाए जा रहे अनियमितता के आरोपों की जांच कब होगी और यदि जांच में गड़बड़ी सामने आती है तो जिम्मेदार लोगों पर क्या कार्रवाई की जाएगी? फिलहाल मामला जांच का विषय बना हुआ है।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 26 Aug 2026 20:18:13 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
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                <title>काला नमक धान की खेती करने से किसान प्राप्त कर सकते हैं अधिक लाभ - जिलाधिकारी</title>
                                    <description><![CDATA[<div>  <strong>स्वतंत्र प्रभात संवाददाता </strong></div><div><strong>सिद्धार्थनगर।</strong></div><div><br /></div><div>जिलाधिकारी  शिवशरणप्पा जी0एन0 की अध्यक्षता में  कालानमक चावल(बुद्धा राइस) किसान सम्मेलन का आयोजन विकास खण्ड बर्डपुर के सभागार में सम्पन्न हुआ।</div><div>जिलाधिकारी  शिवशरणप्पा जी0एन0 ने उपस्थित कालानमक चावल के क्षेत्र में कार्य करने वाले एफपीओ, किसानों को सम्बोधित करते हुए कहा कि जनपद का कालानमक चावल को एक जनपद एक उत्पाद में चयन किया गया है।</div><div><br /></div><div>  जनपद के बर्डपुर में सबसे अधिक व सबसे अच्छा कालानमक चावल का उत्पादन होता है। कालानमक चावल को महात्मा बुद्ध के प्रसाद के रूप में जाना जाता है। कालानमक चावल का थाईलैंड,, सिंगापुर व अन्य देशों में मांग अधिक</div><div><br /></div><div><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-06/1780411700011.jpg" alt="काला नमक धान की खेती करने से किसान प्राप्त कर सकते हैं अधिक लाभ - जिलाधिकारी" width="1055" height="703" /><br /></div><div><br /></div><div> कालानमक</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/180567/farmers-can-get-more-profits-by-cultivating-black-salt-paddy"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/1780411700032.jpg" alt=""></a><br /><div> <strong>स्वतंत्र प्रभात संवाददाता </strong></div><div><strong>सिद्धार्थनगर।</strong></div><div><br /></div><div>जिलाधिकारी  शिवशरणप्पा जी0एन0 की अध्यक्षता में  कालानमक चावल(बुद्धा राइस) किसान सम्मेलन का आयोजन विकास खण्ड बर्डपुर के सभागार में सम्पन्न हुआ।</div><div>जिलाधिकारी  शिवशरणप्पा जी0एन0 ने उपस्थित कालानमक चावल के क्षेत्र में कार्य करने वाले एफपीओ, किसानों को सम्बोधित करते हुए कहा कि जनपद का कालानमक चावल को एक जनपद एक उत्पाद में चयन किया गया है।</div><div><br /></div><div> जनपद के बर्डपुर में सबसे अधिक व सबसे अच्छा कालानमक चावल का उत्पादन होता है। कालानमक चावल को महात्मा बुद्ध के प्रसाद के रूप में जाना जाता है। कालानमक चावल का थाईलैंड,, सिंगापुर व अन्य देशों में मांग अधिक है। कालानमक  चावल के प्रोसेसिंग के लिए जनपद के खेसरहा में सीएफसी स्थापित किया गया है जिससे जनपद के किसानों को जोड़ा जायेगा, उनको उत्पाद का उचित मूल्य प्राप्त होगा। जिलाधिकारी ने कहा कि कालानमक की खेती करने से सामान्य धान की अपेक्षा अधिक आय प्राप्त होगा। कृषि विभाग के विशेषज्ञों द्वारा कालानमक धान की खेती, बीज, रोग प्रबन्धन, हारवेस्टिग तथा निर्यात के बारे में जानकारी दिया गया है।</div><div><br /></div><div><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-06/1780411700011.jpg" alt="काला नमक धान की खेती करने से किसान प्राप्त कर सकते हैं अधिक लाभ - जिलाधिकारी" width="1055" height="703"></img><br /></div><div><br /></div><div> कालानमक धान में रासायनिक उर्वरकों का प्रयोग न कर जैविक उर्वरक का प्रयोग करें,जिससे कालानमक चावल की गुणवत्ता ठीक रहेगा। जनपद में कालानमक धान की खेती बढ़ा है। उन्होंने किसानों से अपील किया कि सभी लोग कालानमक धान की खेती अधिक से अधिक करें। कालानमक चावल की गुणवत्ता ठीक रखने के लिए उसमें मिलावट न करें। जिलाधिकारी द्वारा कालानमक चावल के उत्पादन, विपणन, ब्रांडिंग व पैकेजिंग पर विशेष जोर दिया गया।</div><div><br /></div><div> उन्होंने कहा कि कालानमक चावल के निर्यात के लिए अच्छी ब्रांडिंग एवं पैकेजिंग करें तथा उस पर कालानमक में उपलब्ध पोषक तत्वों एवं लाभ के बारे में अंकित करें। कृषि विभाग द्वारा किसानों को गुणवत्तापूर्ण बीज उपलब्ध कराया जायेगा। किसानों को जो भी आवश्यक्ता होगी जिला प्रशासन व कृषि विभाग पूरी मदद करेगा। जिलाधिकारी द्वारा अशरफी लाल, दिनेश चौधरी, गंगाराम, चन्द्र मोहन, सूर्यप्रकाश को कालानमक धान की बीज वितरित किया गया।</div><div><br /></div><div>किसान सम्मेलन में डॉ0 सर्वजीत एवं डॉ0 मार्कण्डेय सिंह कृषि वैज्ञानिक, कृषि विज्ञान केन्द्र सोहना द्वारा किसानों को कालानमक धान की खेती के लिए बीज शोधन, नर्सरी तैयार करने, रोग से बचाव, पोषक तत्व प्रबन्धन के बारे में विस्तार पूर्वक जानकारी दिया गया। </div><div><br /></div><div>इस अवसर पर उप कृषि निदेशक राजेश कुमार, जिला कृषि अधिकारी रवि शंकर पाण्डेय, जिला उद्यान अधिकारी, डीसी एनआरएलएम, खण्ड विकास अधिकारी बर्डपुर ओम प्रकाश सिंह यादव व अन्य अधिकारी, एफपीओ, स्वयं सहायता समूह की महिलायें तथा किसान  उपस्थित रहे।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 03 Jun 2026 15:05:14 +0530</pubDate>
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