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                <title>#Farmers - Swatantra Prabhat</title>
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                <description>#Farmers RSS Feed</description>
                
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                <title>बारिश में सब्जी मंडी मे जलभराव की मार से बेहाल</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>लालगंज (रायबरेली)।</strong> नवीन कृषि मंडी परिसर में भारी बारिश के बाद जलभराव से किसानों और सब्जी कारोबारियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। परिसर की सड़कों को छोड़कर अधिकांश हिस्से में पानी और कीचड़ फैला है। नालियों की समुचित सफाई न होने से जल निकासी नहीं हो पा रही है।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">ऐसे में आढ़तियों को सड़क पर सब्जियां रखकर कारोबार करना पड़ रहा है। मंडी परिसर में जगह-जगह गंदा पानी जमा है। कीचड़ के बीच सब्जियां रखने से उनके खराब होने का खतरा बना रहता है। वहीं ग्राहकों और किसानों को भी आने जाने में परेशानी हो रही है। जलभराव के कारण</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/187061/vegetable-market-suffering-due-to-waterlogging-during-rains"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-09/img-20260902-wa0376.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>लालगंज (रायबरेली)।</strong> नवीन कृषि मंडी परिसर में भारी बारिश के बाद जलभराव से किसानों और सब्जी कारोबारियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। परिसर की सड़कों को छोड़कर अधिकांश हिस्से में पानी और कीचड़ फैला है। नालियों की समुचित सफाई न होने से जल निकासी नहीं हो पा रही है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">ऐसे में आढ़तियों को सड़क पर सब्जियां रखकर कारोबार करना पड़ रहा है। मंडी परिसर में जगह-जगह गंदा पानी जमा है। कीचड़ के बीच सब्जियां रखने से उनके खराब होने का खतरा बना रहता है। वहीं ग्राहकों और किसानों को भी आने जाने में परेशानी हो रही है। जलभराव के कारण कारोबार भी प्रभावित हो रहा है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">सब्जी आढ़ती खलील भाई ने बताया कि कई महीनों से नालियों की ठीक से सफाई नहीं हुई है। बारिश से पहले नालियों की सफाई करा दी जाती तो पानी की निकासी आसानी से हो सकती थी। उन्होंने कहा कि गंदगी और कीचड़ के कारण दुकानदारी प्रभावित हो रही है। असलम ने बताया कि कई आढ़तियों ने सड़क तक अवैध कब्जा कर रखा है। इससे आवागमन में भी दिक्कत होती है। बारिश के बाद समस्या और बढ़ गई है।व्यापार मंडल के पदाधिकारी और सब्जी कारोबारी मनोज सिंह ने कहा कि व्यापारी मंडी समिति को नियमित रूप से टैक्स देते हैं। इसके बावजूद उन्हें जरूरी सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। जल निकासी की स्थायी व्यवस्था की जरूरत है। </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>*इनकी भी सुनिए*</strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">वहीं मंडी सचिव अतुल मिश्रा ने बताया कि परिसर की नियमित सफाई कराई जाती है। बारिश के बाद नालियों की भी सफाई कराई जाएगी।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 02 Sep 2026 19:56:30 +0530</pubDate>
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                <title>काला नमक धान की खेती करने से किसान प्राप्त कर सकते हैं अधिक लाभ - जिलाधिकारी</title>
                                    <description><![CDATA[<div>  <strong>स्वतंत्र प्रभात संवाददाता </strong></div><div><strong>सिद्धार्थनगर।</strong></div><div><br /></div><div>जिलाधिकारी  शिवशरणप्पा जी0एन0 की अध्यक्षता में  कालानमक चावल(बुद्धा राइस) किसान सम्मेलन का आयोजन विकास खण्ड बर्डपुर के सभागार में सम्पन्न हुआ।</div><div>जिलाधिकारी  शिवशरणप्पा जी0एन0 ने उपस्थित कालानमक चावल के क्षेत्र में कार्य करने वाले एफपीओ, किसानों को सम्बोधित करते हुए कहा कि जनपद का कालानमक चावल को एक जनपद एक उत्पाद में चयन किया गया है।</div><div><br /></div><div>  जनपद के बर्डपुर में सबसे अधिक व सबसे अच्छा कालानमक चावल का उत्पादन होता है। कालानमक चावल को महात्मा बुद्ध के प्रसाद के रूप में जाना जाता है। कालानमक चावल का थाईलैंड,, सिंगापुर व अन्य देशों में मांग अधिक</div><div><br /></div><div><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-06/1780411700011.jpg" alt="काला नमक धान की खेती करने से किसान प्राप्त कर सकते हैं अधिक लाभ - जिलाधिकारी" width="1055" height="703" /><br /></div><div><br /></div><div> कालानमक</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/180567/farmers-can-get-more-profits-by-cultivating-black-salt-paddy"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/1780411700032.jpg" alt=""></a><br /><div> <strong>स्वतंत्र प्रभात संवाददाता </strong></div><div><strong>सिद्धार्थनगर।</strong></div><div><br /></div><div>जिलाधिकारी  शिवशरणप्पा जी0एन0 की अध्यक्षता में  कालानमक चावल(बुद्धा राइस) किसान सम्मेलन का आयोजन विकास खण्ड बर्डपुर के सभागार में सम्पन्न हुआ।</div><div>जिलाधिकारी  शिवशरणप्पा जी0एन0 ने उपस्थित कालानमक चावल के क्षेत्र में कार्य करने वाले एफपीओ, किसानों को सम्बोधित करते हुए कहा कि जनपद का कालानमक चावल को एक जनपद एक उत्पाद में चयन किया गया है।</div><div><br /></div><div> जनपद के बर्डपुर में सबसे अधिक व सबसे अच्छा कालानमक चावल का उत्पादन होता है। कालानमक चावल को महात्मा बुद्ध के प्रसाद के रूप में जाना जाता है। कालानमक चावल का थाईलैंड,, सिंगापुर व अन्य देशों में मांग अधिक है। कालानमक  चावल के प्रोसेसिंग के लिए जनपद के खेसरहा में सीएफसी स्थापित किया गया है जिससे जनपद के किसानों को जोड़ा जायेगा, उनको उत्पाद का उचित मूल्य प्राप्त होगा। जिलाधिकारी ने कहा कि कालानमक की खेती करने से सामान्य धान की अपेक्षा अधिक आय प्राप्त होगा। कृषि विभाग के विशेषज्ञों द्वारा कालानमक धान की खेती, बीज, रोग प्रबन्धन, हारवेस्टिग तथा निर्यात के बारे में जानकारी दिया गया है।</div><div><br /></div><div><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-06/1780411700011.jpg" alt="काला नमक धान की खेती करने से किसान प्राप्त कर सकते हैं अधिक लाभ - जिलाधिकारी" width="1055" height="703"></img><br /></div><div><br /></div><div> कालानमक धान में रासायनिक उर्वरकों का प्रयोग न कर जैविक उर्वरक का प्रयोग करें,जिससे कालानमक चावल की गुणवत्ता ठीक रहेगा। जनपद में कालानमक धान की खेती बढ़ा है। उन्होंने किसानों से अपील किया कि सभी लोग कालानमक धान की खेती अधिक से अधिक करें। कालानमक चावल की गुणवत्ता ठीक रखने के लिए उसमें मिलावट न करें। जिलाधिकारी द्वारा कालानमक चावल के उत्पादन, विपणन, ब्रांडिंग व पैकेजिंग पर विशेष जोर दिया गया।</div><div><br /></div><div> उन्होंने कहा कि कालानमक चावल के निर्यात के लिए अच्छी ब्रांडिंग एवं पैकेजिंग करें तथा उस पर कालानमक में उपलब्ध पोषक तत्वों एवं लाभ के बारे में अंकित करें। कृषि विभाग द्वारा किसानों को गुणवत्तापूर्ण बीज उपलब्ध कराया जायेगा। किसानों को जो भी आवश्यक्ता होगी जिला प्रशासन व कृषि विभाग पूरी मदद करेगा। जिलाधिकारी द्वारा अशरफी लाल, दिनेश चौधरी, गंगाराम, चन्द्र मोहन, सूर्यप्रकाश को कालानमक धान की बीज वितरित किया गया।</div><div><br /></div><div>किसान सम्मेलन में डॉ0 सर्वजीत एवं डॉ0 मार्कण्डेय सिंह कृषि वैज्ञानिक, कृषि विज्ञान केन्द्र सोहना द्वारा किसानों को कालानमक धान की खेती के लिए बीज शोधन, नर्सरी तैयार करने, रोग से बचाव, पोषक तत्व प्रबन्धन के बारे में विस्तार पूर्वक जानकारी दिया गया। </div><div><br /></div><div>इस अवसर पर उप कृषि निदेशक राजेश कुमार, जिला कृषि अधिकारी रवि शंकर पाण्डेय, जिला उद्यान अधिकारी, डीसी एनआरएलएम, खण्ड विकास अधिकारी बर्डपुर ओम प्रकाश सिंह यादव व अन्य अधिकारी, एफपीओ, स्वयं सहायता समूह की महिलायें तथा किसान  उपस्थित रहे।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 03 Jun 2026 15:05:14 +0530</pubDate>
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