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                <title>न्यायाधीश - Swatantra Prabhat</title>
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                <description>न्यायाधीश RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पति की झूठी शिकायत पर महिला का फ़ोन नंबर ब्लॉक करने के लिए यूपी पुलिस को फटकारा।</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><span style="color:rgb(224,62,45);"><strong>स्वतंत्र प्रभात ब्यूरो प्रयागराज।</strong></span></p>
<p style="text-align:justify;"><span style="color:rgb(224,62,45);"><strong>दयाशंकर त्रिपाठी</strong></span>  </p>
<p style="text-align:justify;">इलाहाबाद हाईकोर्ट ने लखनऊ पुलिस की साइबर सेल को निर्देश दिया है कि वह एक महिला के मोबाइल नंबर को बहाल करने के लिए तत्काल कदम उठाए, जिसे उसके पति की शिकायत के बाद ब्लॉक कर दिया गया था।</p>
<p style="text-align:justify;">जस्टिस जे.जे. मुनीर और जस्टिस तरुण सक्सेना की डिवीज़न बेंच ने कहा कि पुलिस ने पति-पत्नी के बीच वैवाहिक कलह के चलते पति द्वारा की गई एक झूठी शिकायत के आधार पर नंबर ब्लॉक कर दिया था।</p>
<p style="text-align:justify;">अदालत ने कहा, "राज्य की एजेंसियों द्वारा लापरवाही से की गई कार्रवाई के कारण किसी भी नागरिक के</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/180560/allahabad-high-court-pulls-up-up-police-for-blocking-womans"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/img-20260603-wa01841.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><span style="color:rgb(224,62,45);"><strong>स्वतंत्र प्रभात ब्यूरो प्रयागराज।</strong></span></p>
<p style="text-align:justify;"><span style="color:rgb(224,62,45);"><strong>दयाशंकर त्रिपाठी</strong></span> </p>
<p style="text-align:justify;">इलाहाबाद हाईकोर्ट ने लखनऊ पुलिस की साइबर सेल को निर्देश दिया है कि वह एक महिला के मोबाइल नंबर को बहाल करने के लिए तत्काल कदम उठाए, जिसे उसके पति की शिकायत के बाद ब्लॉक कर दिया गया था।</p>
<p style="text-align:justify;">जस्टिस जे.जे. मुनीर और जस्टिस तरुण सक्सेना की डिवीज़न बेंच ने कहा कि पुलिस ने पति-पत्नी के बीच वैवाहिक कलह के चलते पति द्वारा की गई एक झूठी शिकायत के आधार पर नंबर ब्लॉक कर दिया था।</p>
<p style="text-align:justify;">अदालत ने कहा, "राज्य की एजेंसियों द्वारा लापरवाही से की गई कार्रवाई के कारण किसी भी नागरिक के साथ इस तरह का अन्याय नहीं किया जा सकता।"</p>
<p style="text-align:justify;">पत्नी ने अपना मोबाइल नंबर वापस चालू करवाने के लिए एक रिट याचिका दायर की थी। मार्च में कोर्ट ने लखनऊ के पुलिस कमिश्नर के ऑफिस में साइबर सेल के इंचार्ज से पूछा था कि उनका नंबर क्यों ब्लॉक किया गया था। 15 मई को कोर्ट ने कहा कि वह पुलिस द्वारा दिए गए जवाब से संतुष्ट नहीं है।</p>
<p style="text-align:justify;">कोर्ट ने कहा, "याचिकाकर्ता और प्रतिवादी नंबर 5 के बीच ज़ाहिर तौर पर पति-पत्नी का कोई विवाद है, और जो भी शिकायत थी, वह उसके पति से जुड़ी है। लखनऊ पुलिस कमिश्नरेट के साइबर सेल के इंचार्ज के निजी हलफनामे में जो बात कही गई है, वह बहुत ही गैर-ज़िम्मेदाराना है। उन्होंने साइबर पोर्टल के ज़रिए मिले डेटा को ब्लॉक करने, डेबिट करने या फ्रीज़ करने के संबंध में भारत सरकार के गृह मंत्रालय के किसी आदेश का हवाला दिया है। ये ऐसे आदेश हैं, जिनका गलत इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए।"</p>
<p style="text-align:justify;">इसलिए, कोर्ट ने राज्य सरकार को नोटिस जारी किया और पुलिस को आदेश दिया कि वह उस महिला के पुराने मोबाइल नंबर को वापस चालू करवाना सुनिश्चित करे।</p>
<p style="text-align:justify;">कोर्ट ने आदेश दिया, "लखनऊ पुलिस कमिश्नरेट के साइबर सेल के इंचार्ज संबंधित टेलीकॉम सर्विस प्रोवाइडर/मोबाइल सर्विस कंपनी (जो JIO टेलीकॉम सर्विस लिमिटेड लगती है) से संपर्क करके याचिकाकर्ता का मोबाइल नंबर वापस चालू करवाने के लिए तुरंत कदम उठाएंगे, और ज़रूरी कदम उठाने के बाद एक हफ़्ते के अंदर अपना हलफनामा दायर करेंगे।"</p>
<p style="text-align:justify;">कोर्ट ने पति को भी यह बताने का निर्देश दिया कि उसने एक बेबुनियाद शिकायत दर्ज कराई थी, इसलिए उससे अपनी पत्नी को हर्जाना देने के लिए क्यों न कहा जाए।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>ख़बरें</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 03 Jun 2026 15:22:55 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[दया शंकर त्रिपाठी ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सुप्रीम कोर्ट में पांच नए जज: सीजेआई सूर्यकांत ने दिलाई शपथ, पहली बार न्यायाधीशों की संख्या बढ़कर 37 हुई।</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><span style="color:rgb(224,62,45);"><strong>स्वतंत्र प्रभात ब्यूरो प्रयागराज।</strong></span></p>
<p style="text-align:justify;"><span style="color:rgb(224,62,45);"><strong>दयाशंकर त्रिपाठी</strong></span>  </p>
<p style="text-align:justify;">  </p>
<p style="text-align:justify;">भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत ने आज पांच नए जजों को शपथ दिलाई। इन नियुक्तियों के बाद सुप्रीम कोर्ट में जजों की कुल संख्या बढ़कर 37 हो गई। अब कोर्ट में स्वीकृत 38 पदों में से केवल एक पद खाली रह गई है।</p>
<p style="text-align:justify;">नए जजों में वरिष्ठ वकील वेंकिता सुब्रमणि मोहना, बॉम्बे हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस श्री चंद्रशेखर, पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस शील नागू, मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस संजीव सचदेवा और जम्मू-कश्मीर व लद्दाख हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस अरुण पल्ली</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/180559/five-new-judges-in-the-supreme-court-were-sworn-in"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/img-20260603-wa0202.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><span style="color:rgb(224,62,45);"><strong>स्वतंत्र प्रभात ब्यूरो प्रयागराज।</strong></span></p>
<p style="text-align:justify;"><span style="color:rgb(224,62,45);"><strong>दयाशंकर त्रिपाठी</strong></span> </p>
<p style="text-align:justify;"> </p>
<p style="text-align:justify;">भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत ने आज पांच नए जजों को शपथ दिलाई। इन नियुक्तियों के बाद सुप्रीम कोर्ट में जजों की कुल संख्या बढ़कर 37 हो गई। अब कोर्ट में स्वीकृत 38 पदों में से केवल एक पद खाली रह गई है।</p>
<p style="text-align:justify;">नए जजों में वरिष्ठ वकील वेंकिता सुब्रमणि मोहना, बॉम्बे हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस श्री चंद्रशेखर, पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस शील नागू, मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस संजीव सचदेवा और जम्मू-कश्मीर व लद्दाख हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस अरुण पल्ली शामिल हैं। सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने 27 मई को इन नामों की सिफारिश की थी, जिसे सरकार ने महज चार दिनों में हरी झंडी दे दी।</p>
<p style="text-align:justify;">पिछले महीने सरकार ने एक अध्यादेश के जरिए सुप्रीम कोर्ट में जजों की स्वीकृत संख्या 34 से बढ़ाकर 38 कर दी थी। इसमें मुख्य न्यायाधीश का पद भी शामिल है। संख्या बढ़ने और पहले से खाली पदों को मिलाकर कुल छह पद खाली थे। पांच नई नियुक्तियों के बाद अब केवल एक पद रिक्त है। हालांकि, जून के महीने में दो जज रिटायर होने वाले हैं। जस्टिस पंकज मिथल 16 जून को और जस्टिस जे के माहेश्वरी 28 जून को रिटायर होंगे।</p>
<p style="text-align:justify;">वरिष्ठ वकील वेंकिता सुब्रमणि मोहना की नियुक्ति काफी महत्वपूर्ण है। वे जस्टिस इंदु मल्होत्रा (2018) के बाद देश की दूसरी ऐसी महिला वकील हैं, जिन्हें सीधे बार से सुप्रीम कोर्ट का जज बनाया गया है। 59 वर्षीय मोहना ने 1988 में कोयंबटूर लॉ कॉलेज से पढ़ाई पूरी की थी। साल 2015 में उन्हें वरिष्ठ वकील का दर्जा मिला था। अब सुप्रीम कोर्ट में दो महिला जज हो गई हैं- जस्टिस मोहना और जस्टिस बी वी नागरत्ना। जस्टिस नागरत्ना साल 2027 में एक महीने से अधिक समय के लिए भारत की मुख्य न्यायाधीश भी बनेंगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>भारत</category>
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                <pubDate>Wed, 03 Jun 2026 15:22:29 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[दया शंकर त्रिपाठी ]]></dc:creator>
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