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                <title>सुंदरकांड - Swatantra Prabhat</title>
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                <title>ज्येष्ठ मास के पांचवें मंगलवार पर बड़े हनुमान मंदिर में उमड़ा आस्था का सैलाब।</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong><span style="color:rgb(186,55,42);">स्वतंत्र प्रभात संवाददाता सरस सिंह </span></strong></p>
<p>प्रयागराज। संगम नगरी प्रयागराज में ज्येष्ठ मास के पांचवें मंगलवार को बंधवा स्थित प्रसिद्ध लेटे हुए बड़े हनुमान मंदिर में आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिला। तड़के भोर से ही मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लग गईं। बजरंगबली के दर्शन और पूजन के लिए प्रयागराज सहित आसपास के जनपदों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। पूरे दिन मंदिर परिसर भक्तिरस, भजन-कीर्तन और जय श्रीराम के उद्घोष से गुंजायमान रहा।</p>
<p>मंगलवार सुबह मंगला आरती से पूर्व मंदिर के महंत बलबीर गिरी महाराज ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच बड़े हनुमान जी का विधि-विधान से</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/180528/on-the-fifth-tuesday-of-jyeshtha-month-there-was-a"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/fb_img_1780402670895~2.jpg" alt=""></a><br /><p><strong><span style="color:rgb(186,55,42);">स्वतंत्र प्रभात संवाददाता सरस सिंह </span></strong></p>
<p>प्रयागराज। संगम नगरी प्रयागराज में ज्येष्ठ मास के पांचवें मंगलवार को बंधवा स्थित प्रसिद्ध लेटे हुए बड़े हनुमान मंदिर में आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिला। तड़के भोर से ही मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लग गईं। बजरंगबली के दर्शन और पूजन के लिए प्रयागराज सहित आसपास के जनपदों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। पूरे दिन मंदिर परिसर भक्तिरस, भजन-कीर्तन और जय श्रीराम के उद्घोष से गुंजायमान रहा।</p>
<p>मंगलवार सुबह मंगला आरती से पूर्व मंदिर के महंत बलबीर गिरी महाराज ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच बड़े हनुमान जी का विधि-विधान से अभिषेक कराया। अभिषेक में गंगाजल, दूध, शहद, हल्दी तथा अन्य पवित्र सामग्री का उपयोग किया गया। इसके बाद भगवान को विशेष वस्त्र, पुष्प, फल, मेवा और सुगंधित सामग्री अर्पित कर आकर्षक शृंगार किया गया।</p>
<p>अभिषेक और शृंगार के पश्चात घंट-घड़ियाल, शंख और नगाड़ों की मंगल ध्वनि के बीच मंगला आरती संपन्न हुई। आरती के बाद मंदिर के कपाट श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खोल दिए गए। मंदिर परिसर को रंग-बिरंगे फूलों और आकर्षक सजावट से सजाया गया था, जिसने श्रद्धालुओं को विशेष रूप से आकर्षित किया।</p>
<p><strong>भोर से ही लगी श्रद्धालुओं की लंबी कतारें</strong></p>
<p>ज्येष्ठ मास के विशेष मंगलवार को लेकर भक्तों में भारी उत्साह दिखाई दिया। सुबह से ही मंदिर के बाहर श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगी रहीं। प्रशासन और मंदिर समिति द्वारा दर्शन-पूजन की व्यवस्था सुचारु बनाए रखने के लिए विशेष प्रबंध किए गए थे। श्रद्धालुओं ने कतारबद्ध होकर बड़े हनुमान जी के दर्शन किए और परिवार की सुख-समृद्धि तथा मंगल कामनाओं के लिए प्रार्थना की।</p>
<p><strong>ज्येष्ठ मंगलवार का विशेष धार्मिक महत्व</strong></p>
<p>धार्मिक मान्यताओं के अनुसार ज्येष्ठ मास में पड़ने वाले मंगलवार भगवान हनुमान की आराधना के लिए अत्यंत पुण्यदायी माने जाते हैं। मान्यता है कि इस दिन श्रद्धापूर्वक पूजा-अर्चना, हनुमान चालीसा और सुंदरकांड का पाठ करने से भय, रोग, संकट तथा नकारात्मक शक्तियों से मुक्ति मिलती है। भक्तों का विश्वास है कि बड़े हनुमान जी के दर्शन से आरोग्य, सुख-समृद्धि और मनोकामनाओं की पूर्ति का आशीर्वाद प्राप्त होता है।</p>
<p><strong>हनुमान चालीसा और सुंदरकांड पाठ से गूंजा परिसर</strong></p>
<p>मंदिर परिसर में सुबह से ही हनुमान चालीसा और सुंदरकांड पाठ का आयोजन निरंतर चलता रहा। दूर-दराज से पहुंचे श्रद्धालुओं ने भक्ति भाव से पाठ में भाग लिया और बजरंगबली के चरणों में मत्था टेककर अपने परिवार की खुशहाली, निरोग जीवन और उज्ज्वल भविष्य की कामना की। भजन-कीर्तन और धार्मिक अनुष्ठानों से वातावरण पूरी तरह भक्तिमय बना रहा।</p>
<p><strong>शाम को लगेगा विशेष छप्पन भोग</strong></p>
<p>मंदिर प्रशासन के अनुसार दर्शन-पूजन का क्रम देर रात तक जारी रहेगा। शाम को बड़े हनुमान जी को विशेष छप्पन भोग अर्पित किया जाएगा। इसके बाद महाआरती का आयोजन होगा, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है।</p>
<p>ज्येष्ठ मास के पांचवें मंगलवार पर बड़े हनुमान मंदिर में उमड़ी श्रद्धा और भक्ति की यह अद्भुत छटा प्रयागराज की धार्मिक परंपराओं और सनातन आस्था की जीवंत तस्वीर प्रस्तुत करती रही। पूरे दिन मंदिर परिसर "जय श्रीराम" और "बोलो पवनपुत्र हनुमान की जय" के जयकारों से गूंजता रहा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>सांस्कृतिक और धार्मिक</category>
                                            <category>ख़बरें</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 02 Jun 2026 23:28:36 +0530</pubDate>
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