<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://www.swatantraprabhat.com/tag/93/bihar" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Swatantra Prabhat RSS Feed Generator</generator>
                <title>bihar - Swatantra Prabhat</title>
                <link>https://www.swatantraprabhat.com/tag/93/rss</link>
                <description>bihar RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>अपहरण की झूठी सूचना देकर रिश्तेदार संग भागी कक्षा 9 की छात्रा,</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt"><div class="a3s aiL"><div><div><div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात ।</strong></div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;"><strong>नैनी,प्रयागराज।</strong></div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">  नैनी क्षेत्र की एक कक्षा 9 की छात्रा द्वारा अपने अपहरण की झूठी सूचना देने का मामला सामने आया है। छात्रा ने फोन पर परिजनों को बताया था कि चार किन्नरों ने उसका अपहरण कर लिया है और उसे जबरन अपने साथ ले जा रहे हैं। </div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">सूचना मिलते ही परिजन और पुलिस सक्रिय हो गए तथा छात्रा की तलाश में व्यापक अभियान चलाया गया। बाद में छात्रा नैनी रेलवे स्टेशन पर एक युवक के साथ मिली, जिसके बाद पूरे मामले का खुलासा हुआ।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">जानकारी के अनुसार, मूल रूप से बिहार निवासी एक परिवार नैनी के चाका</div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/182486/class-9-student-ran-away-with-her-relative-after-giving"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/img-20260625-wa0120.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt"><div class="a3s aiL"><div><div><div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात ।</strong></div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;"><strong>नैनी,प्रयागराज।</strong></div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;"> नैनी क्षेत्र की एक कक्षा 9 की छात्रा द्वारा अपने अपहरण की झूठी सूचना देने का मामला सामने आया है। छात्रा ने फोन पर परिजनों को बताया था कि चार किन्नरों ने उसका अपहरण कर लिया है और उसे जबरन अपने साथ ले जा रहे हैं। </div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">सूचना मिलते ही परिजन और पुलिस सक्रिय हो गए तथा छात्रा की तलाश में व्यापक अभियान चलाया गया। बाद में छात्रा नैनी रेलवे स्टेशन पर एक युवक के साथ मिली, जिसके बाद पूरे मामले का खुलासा हुआ।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">जानकारी के अनुसार, मूल रूप से बिहार निवासी एक परिवार नैनी के चाका क्षेत्र में किराये के मकान में रहता है। छात्रा के पिता रेलवे में गार्ड के पद पर कार्यरत हैं। परिजनों के मुताबिक, गुरुवार सुबह करीब 8:30 बजे छात्रा कोचिंग जाने के लिए घर से निकली थी। लगभग 11 बजे तक घर नहीं लौटने पर परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की। भाई द्वारा फोन किए जाने पर मोबाइल पहले स्विच ऑफ मिला।कुछ देर बाद छात्रा ने फोन कर परिजनों को बताया कि चार किन्नरों ने उसे पकड़ लिया है और उसका मोबाइल छीनकर अपने साथ ले जा रहे हैं। इसके बाद उसका फोन बंद हो गया। सूचना मिलते ही परिजन बताए गए स्थान पर पहुंचे, लेकिन वहां छात्रा का कोई पता नहीं चला। इसके बाद नैनी पुलिस को मामले की सूचना दी गई।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">सूचना पर नैनी इंस्पेक्टर बृजकिशोर गौतम के नेतृत्व में पुलिस टीम ने छात्रा के मोबाइल लोकेशन के आधार पर तलाश शुरू की। उपनिरीक्षक यश तिवारी, उत्कर्ष सिंह, बलिराम समेत बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी विभिन्न स्थानों पर पहुंचकर छात्रा की खोजबीन करते रहे। करीब दो घंटे तक चले अभियान के बावजूद कोई सुराग नहीं मिला।इसी दौरान नैनी रेलवे स्टेशन पर तैनात जीआरपी कर्मियों ने स्टेशन परिसर के एक एकांत स्थान से छात्रा और एक युवक को आपत्तिजनक अवस्था में पकड़ा।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;"> दोनों को जीआरपी थाने लाया गया और उनके परिजनों को सूचना दी गई।बाद में नैनी इंस्पेक्टर बृजकिशोर गौतम ने जीआरपी थाने पहुंचकर छात्रा और युवक से पूछताछ की। जांच में सामने आया कि छात्रा ने युवक के साथ भागने की योजना बनाई थी और अपहरण की कहानी गढ़कर परिजनों व पुलिस को गुमराह किया था।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;"> युवक छात्रा का दूर का रिश्तेदार बताया जा रहा है तथा वह बिहार का निवासी है।प्रारंभिक जांच के बाद नैनी पुलिस ने मामला जीआरपी को सौंप दिया है। जीआरपी पुलिस दोनों से पूछताछ कर आगे की कार्रवाई में जुटी है।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;"> खाद्य सुरक्षा सम्मेलन से एक नई जागृति पैदा हो सकती है- महापौर।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">स्वतंत्र प्रभात ।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">नैनी, प्रयागराज।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;"> होटल पिंड बल्लूची सिविल लाइन में नेशनल एसोसिएशन आॅफ स्ट्रीट वेंडर आॅफ इण्डिया व फुटपाथ व्यापारी एकता समिति प्रयागराज द्वारा चल रहे खाद्य सुरक्षा प्रशिक्षण कार्यक्रम के तृतीय दिवस मुख्य अतिथि के रूप में महापौर उमेश चन्द्र गणेश केशरवानी ने कहा कि खाद्य सुरक्षा सम्मेलन से एक नई जागृति पैदा हो सकती है जिससे प्रयागराज की गरिमा बढे़गी ।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">जब दूसरी जगहों से आने वाले पर्यटकों को यहाँ सुरक्षित वातावरण व खान पान उपलब्ध होगा, इस क्रान्तिकारी मिशन को हम छोटे दुकानदार ही पूरा कर सकते हैं।फुटपाथ पर व्यवसाय करने वालों से कहा कि हम आपकी समस्याओं से भली भाँति परिचित हैं और उसे दूर करने हेतु निरन्तर प्रयास कर रहे हैं।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">फुटकर व्यापारी एकता समिति के मुख्य संरक्षक विजय गुप्ता के नेतृत्व में चल रह इस सम्मेलन को सम्बोधित करते हुए खाद्य सुरक्षा अधिकारी / सहायक कमिश्नर दीना नाथ यादव, नेस्ले अधिकारी मो, वसीम व समर निगम और रौनक गुप्ता ने संयुक्त रूप से कहा कि आम जनता का फुटकर दुकानदारों पर भरोसा अधिक होता है इसलिए यदि आप सबने प्रयास किया तो आपका यह जिला शुद्ध व स्वच्छ वातावरण का केन्द्र हो सकता है।सम्मेलन को मुख्य रूप से सर्वश्री अध्यक्ष विकास गुप्ता, महामंत्री विमल गुप्ता,लीला वती पांडेया, गणेश गुप्ता, श्याम देव, अंशु अग्रवाल, खुशबू अग्रहरि  सोनी अग्रहरि,  सुमन ठाकुर, श्वेता गुप्ता, जूही श्रीवास्तव, अवधेश  निषाद,शिव शंकर गुप्ता, निशा गुप्ता ,आदि ने भी सम्बोधित किया।</div></div><div class="yj6qo"><br /></div><div class="adL"><br /></div></div></div></div><div class="hq gt"></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/182486/class-9-student-ran-away-with-her-relative-after-giving</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/182486/class-9-student-ran-away-with-her-relative-after-giving</guid>
                <pubDate>Wed, 01 Jul 2026 20:40:27 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-07/img-20260625-wa0120.jpg"                         length="265361"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>&quot;जनकल्याण शिविरों से घर-घर पहुंच रहा विकास का प्रकाश&quot;</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;">बिहार आज विकास, सुशासन और जनकल्याण के नए युग की ओर तेजी से अग्रसर है। केंद्र और राज्य सरकार की अनेक योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के कारण प्रदेश के गांवों, कस्बों और शहरों में परिवर्तन की नई तस्वीर दिखाई दे रही है। सरकार का उद्देश्य केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि उनका लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है। इसी सोच को साकार करने के लिए राज्य के सभी 534 प्रखंडों में प्रखंड सहयोग-सह-जनकल्याण शिविरों का आयोजन किया गया है। इन शिविरों के माध्यम से सरकार और जनता के बीच की दूरी कम हो रही है तथा पात्र लोगों को योजनाओं का</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/181461/the-light-of-development-reaching-every-home-through-public-welfare"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/bihar-jankalyan-shivir-73-development-projects-phulwarisharif.webp" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;">बिहार आज विकास, सुशासन और जनकल्याण के नए युग की ओर तेजी से अग्रसर है। केंद्र और राज्य सरकार की अनेक योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के कारण प्रदेश के गांवों, कस्बों और शहरों में परिवर्तन की नई तस्वीर दिखाई दे रही है। सरकार का उद्देश्य केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि उनका लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है। इसी सोच को साकार करने के लिए राज्य के सभी 534 प्रखंडों में प्रखंड सहयोग-सह-जनकल्याण शिविरों का आयोजन किया गया है। इन शिविरों के माध्यम से सरकार और जनता के बीच की दूरी कम हो रही है तथा पात्र लोगों को योजनाओं का सीधा लाभ मिल रहा है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">फुलवारीशरीफ विधानसभा क्षेत्र से मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी द्वारा 73 विकास योजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया जाना इसी जनहितकारी सोच का प्रमाण है। रिमोट के माध्यम से किए गए इन उद्घाटनों और शिलान्यासों ने यह संदेश दिया कि बिहार में विकास की गति निरंतर जारी है और राज्य को आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित बनाने का अभियान पूरी मजबूती से आगे बढ़ रहा है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">जनकल्याण शिविरों का सबसे बड़ा उद्देश्य यह है कि कोई भी पात्र व्यक्ति सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित न रह जाए। इन शिविरों में विभिन्न विभागों द्वारा स्टॉल लगाए गए, जहां लोगों को किसान क्रेडिट कार्ड, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना, आयुष्मान भारत योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, लखपति दीदी योजना तथा पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना जैसी अनेक कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी गई। साथ ही पात्र लाभार्थियों को प्रमाण पत्र, स्वीकृति पत्र, चेक और आवास की चाबियां भी वितरित की गईं। इससे लोगों में सरकार के प्रति विश्वास बढ़ा है और योजनाओं के प्रति जागरूकता भी पैदा हुई है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">बिहार सरकार महिलाओं के आर्थिक और सामाजिक सशक्तीकरण को विशेष प्राथमिकता दे रही है। मुख्यमंत्री ने बताया कि लाखों महिलाएं आज "लखपति दीदी" बन चुकी हैं और सरकार का लक्ष्य इस संख्या को एक करोड़ तक पहुंचाने का है। स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से महिलाओं को रोजगार, स्वरोजगार और आर्थिक आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ाया जा रहा है। इससे न केवल महिलाओं की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है बल्कि परिवारों की सामाजिक और आर्थिक प्रगति भी सुनिश्चित हुई है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">सामाजिक सुरक्षा के क्षेत्र में भी बिहार ने उल्लेखनीय कार्य किया है। राज्य के लगभग 94 लाख लोग सामाजिक सुरक्षा पेंशन का लाभ प्राप्त कर रहे हैं। सरकार यह सुनिश्चित करने का प्रयास कर रही है कि जिन परिवारों का आधार लिंक या ई-केवाईसी पूरा नहीं हुआ है, उन्हें भी जल्द से जल्द इस प्रक्रिया से जोड़कर लाभान्वित किया जाए। जिलाधिकारियों को ऐसे परिवारों की पहचान कर उन्हें योजनाओं का लाभ दिलाने के निर्देश दिए गए हैं। यह सरकार की संवेदनशीलता और जवाबदेही का प्रमाण है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">ऊर्जा के क्षेत्र में भी बिहार तेजी से आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के माध्यम से घरों की छतों पर सोलर पैनल लगाने की योजना लागू की जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार हर घर तक सौर ऊर्जा पहुंचाने का प्रयास कर रही है, जिससे अगले 25 वर्षों तक लोगों को सस्ती, स्वच्छ और पर्यावरण अनुकूल बिजली उपलब्ध हो सके। यह कदम न केवल बिजली की लागत कम करेगा बल्कि पर्यावरण संरक्षण में भी महत्वपूर्ण योगदान देगा।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">जनकल्याण शिविरों की सफलता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि अब तक लगभग 3.25 लाख आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें से 2.75 लाख का निष्पादन भी किया जा चुका है। यह प्रशासनिक दक्षता और सरकार की कार्यशैली का परिचायक है। पहले जहां लोगों को सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते थे, वहीं अब सरकार स्वयं लोगों के द्वार तक पहुंचकर उनकी समस्याओं का समाधान कर रही है।</div>
<div style="text-align:justify;">फुलवारीशरीफ क्षेत्र के विकास के लिए भी अनेक महत्वपूर्ण घोषणाएं की गईं। नत्थूपुर सड़क को एम्स गोलंबर से जोड़ने की योजना क्षेत्रीय यातायात को सुगम बनाएगी। नदियावां विद्यालय को प्लस-टू विद्यालय के रूप में विकसित करने की घोषणा शिक्षा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कदम है। इसके अलावा सभी प्रखंडों में सरस्वती विद्या निकेतन मॉडल स्कूल स्थापित करने की योजना गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को बढ़ावा देगी और ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों को बेहतर अवसर उपलब्ध कराएगी।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">बिहार सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने के लिए भी लगातार कार्य कर रही है। नए अस्पतालों, स्वास्थ्य केंद्रों और चिकित्सा सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। एम्स और अन्य स्वास्थ्य संस्थानों के माध्यम से लोगों को बेहतर उपचार उपलब्ध कराने के प्रयास किए जा रहे हैं। स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार से आम नागरिकों को राहत मिल रही है और चिकित्सा सेवाएं पहले की तुलना में अधिक सुलभ हुई हैं।अपराध नियंत्रण और कानून व्यवस्था को मजबूत बनाने की दिशा में भी बिहार ने उल्लेखनीय प्रगति की है। आधुनिक तकनीक, बेहतर पुलिसिंग और प्रशासनिक निगरानी के माध्यम से अपराध पर नियंत्रण के प्रयास किए जा रहे हैं। सुरक्षित वातावरण निवेश, व्यापार और रोजगार के लिए अनुकूल परिस्थितियां तैयार करता है, जिसका सीधा लाभ राज्य के विकास को मिलता है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">बुनियादी ढांचे के विकास में बिहार निरंतर आगे बढ़ रहा है। सड़कों, पुलों, फ्लाईओवरों, नई टाउनशिप और मरीन ड्राइव जैसी परियोजनाओं पर तेजी से काम हो रहा है। बेहतर सड़क और परिवहन व्यवस्था न केवल लोगों की सुविधा बढ़ाती है बल्कि आर्थिक गतिविधियों को भी गति प्रदान करती है। उद्योग, व्यापार और पर्यटन के विकास में भी इन परियोजनाओं की महत्वपूर्ण भूमिका है। शिक्षा और संस्कृति के क्षेत्र में भी बिहार अपनी गौरवशाली विरासत को पुनर्जीवित करने का प्रयास कर रहा है। नालंदा विश्वविद्यालय के पुनरुद्धार और विक्रमशिला विश्वविद्यालय के पुनर्स्थापन की दिशा में किए जा रहे प्रयास बिहार की ऐतिहासिक पहचान को विश्व स्तर पर पुनः स्थापित कर रहे हैं। शिक्षा और ज्ञान की इस परंपरा को आधुनिक स्वरूप देकर नई पीढ़ी को बेहतर अवसर प्रदान किए जा रहे हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">आज बिहार कृषि, शिक्षा, स्वास्थ्य, ऊर्जा, महिला सशक्तीकरण, बुनियादी ढांचा और सामाजिक सुरक्षा जैसे विभिन्न क्षेत्रों में लगातार प्रगति कर रहा है। जनकल्याण शिविरों जैसी पहलें इस विकास यात्रा को और अधिक प्रभावी बना रही हैं। सरकार का लक्ष्य केवल विकास करना नहीं, बल्कि विकास के लाभ को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है। फुलवारीशरीफ से 73 योजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास बिहार की विकास यात्रा का एक महत्वपूर्ण पड़ाव है। यह दर्शाता है कि राज्य में योजनाएं केवल कागजों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि धरातल पर उतरकर लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही हैं। आज का बिहार आत्मविश्वास, विकास और जनभागीदारी के नए अध्याय लिख रहा है। यह कहना अतिशयोक्ति नहीं होगी कि विकास के अनेक मानकों पर बिहार तेजी से आगे बढ़ रहा है और यह किसी भी राज्य से कम नहीं है। जनकल्याण की यह निरंतर यात्रा आने वाले वर्षों में बिहार को देश के अग्रणी राज्यों की श्रेणी में स्थापित करने की क्षमता रखती है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>कांतिलाल मांडोत</strong></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                            <category>संपादकीय</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/181461/the-light-of-development-reaching-every-home-through-public-welfare</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/181461/the-light-of-development-reaching-every-home-through-public-welfare</guid>
                <pubDate>Thu, 18 Jun 2026 17:49:35 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-06/bihar-jankalyan-shivir-73-development-projects-phulwarisharif.webp"                         length="64096"                         type="image/webp"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>एकमा सामूहिक दुष्कर्म कांड में बड़ी कार्रवाई: फरार दो आरोपियों ने कोर्ट में किया आत्मसमर्पण</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात | बिहार से संवाददाता की रिपोर्ट</strong></div>
<div style="text-align:justify;"><strong>प्रकाशक – जितेंद्र कुमार राजेश</strong></div>
<p style="text-align:justify;">  </p>
<p style="text-align:justify;">एकमा (सारण)। जिले के चर्चित एकमा सामूहिक दुष्कर्म कांड में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। बीते चार दिनों से फरार चल रहे दो आरोपियों ने पुलिस की लगातार दबिश और कानूनी कार्रवाई के बढ़ते दबाव के बीच छपरा न्यायालय में आत्मसमर्पण कर दिया। आत्मसमर्पण के बाद अदालत ने दोनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक विनीत कुमार के निर्देश पर एकमा थाना कांड में त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस ने मामले की जांच तेज कर दी थी। 10 मई की रात</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/179262/major-action-taken-in-ekma-gang-rape-case-two-absconding"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-05/img-20260514-wa0246.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात | बिहार से संवाददाता की रिपोर्ट</strong></div>
<div style="text-align:justify;"><strong>प्रकाशक – जितेंद्र कुमार राजेश</strong></div>
<p style="text-align:justify;"> </p>
<p style="text-align:justify;">एकमा (सारण)। जिले के चर्चित एकमा सामूहिक दुष्कर्म कांड में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। बीते चार दिनों से फरार चल रहे दो आरोपियों ने पुलिस की लगातार दबिश और कानूनी कार्रवाई के बढ़ते दबाव के बीच छपरा न्यायालय में आत्मसमर्पण कर दिया। आत्मसमर्पण के बाद अदालत ने दोनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक विनीत कुमार के निर्देश पर एकमा थाना कांड में त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस ने मामले की जांच तेज कर दी थी। 10 मई की रात नाबालिग पीड़िता के परिजनों के लिखित आवेदन के आधार पर एकमा थाने में प्राथमिकी दर्ज कर अनुसंधान शुरू किया गया।</p>
<p style="text-align:justify;">मामले की गंभीरता को देखते हुए पीड़िता की गोपनीयता बनाए रखते हुए सदर-2 अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी राजकुमार के नेतृत्व में विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया। इसके साथ ही 11 मई की सुबह एफएसएल टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण कर वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए, जबकि पीड़िता का चिकित्सकीय परीक्षण भी कराया गया। 12 मई को पीड़िता का बयान पॉक्सो कोर्ट में दर्ज कराया गया।</p>
<p style="text-align:justify;">पुलिस जांच में तीन आरोपियों की पहचान हुई थी। इनमें एक विधि-विरुद्ध बालक को पहले ही निरुद्ध कर लिया गया था। वहीं फरार चल रहे निशांत कुमार सिंह, निवासी कोहड़गढ़ और प्रदीप कुमार सिंह, निवासी भोरहोपुर की गिरफ्तारी के लिए पुलिस निरीक्षक सह एकमा थानाध्यक्ष राम बालक यादव के नेतृत्व में पुलिस टीम लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही थी। गिरफ्तारी नहीं होने पर पुलिस ने कड़ी कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया भी शुरू कर दी थी। बढ़ते दबाव के बीच दोनों आरोपियों ने 13 मई को छपरा न्यायालय में आत्मसमर्पण कर दिया। वरीय पुलिस अधीक्षक कार्यालय द्वारा 14 मई को जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार मामले में आगे की विधिसम्मत कार्रवाई जारी है। पुलिस ने आमजन से किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल देने की अपील की है।</p>
<p style="text-align:justify;">इधर, पीड़िता के परिजनों और स्थानीय लोगों ने मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक मोड में कर दोषियों को शीघ्र कड़ी सजा दिलाने की मांग की है। घटना के दूसरे दिन सारण रेंज के डीआईजी निलेश कुमार ने भी घटनास्थल का निरीक्षण कर स्पीडी ट्रायल चलाने की बात कही थी। इस संवेदनशील मामले को लेकर क्षेत्र में लोगों की नजर जांच और न्यायिक प्रक्रिया पर टिकी है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ख़बरें</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>अपराध/हादशा</category>
                                            <category>बिहार/झारखंड</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/179262/major-action-taken-in-ekma-gang-rape-case-two-absconding</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/179262/major-action-taken-in-ekma-gang-rape-case-two-absconding</guid>
                <pubDate>Thu, 14 May 2026 21:40:45 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-05/img-20260514-wa0246.jpg"                         length="229436"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[BIHAR SWATANTRA PRABHAT]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>शिक्षा जगत में क्रांति ला रहा टीचर्स ऑफ बिहार</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong><em>पटना/ बिहार- </em></strong></p>
<p>बिहार की शिक्षा व्यवस्था में सकारात्मक बदलाव और शिक्षकों के कौशल विकास को लेकर टीचर्स ऑफ बिहार एक सशक्त मंच के रूप में उभरा है। वर्तमान में यह प्रदेश की सबसे बड़ी प्रोफेशनल लर्निंग कम्युनिटी बन चुकी है, जहाँ हजारों शिक्षक तकनीक और नवाचार के माध्यम से एक-दूसरे से सीख रहे हैं।</p>
<p><strong><em>तकनीक से सुदृढ़ हो रही शिक्षा: संस्थापक व तकनीकी टीम-</em></strong></p>
<p>समूह के संस्थापक शिव कुमार एवं टेक्निकल टीम लीडर ई. शिवेंद्र प्रकाश सुमन ने संयुक्त रूप से कहा कि, हमारा मुख्य उद्देश्य बिहार के शिक्षकों को डिजिटल युग की चुनौतियों के लिए तैयार करना है। 'टीचर्स</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/178567/teachers-of-bihar-is-bringing-revolution-in-the-education-world"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-05/img-20260508-wa0005.jpg" alt=""></a><br /><p><strong><em>पटना/ बिहार- </em></strong></p>
<p>बिहार की शिक्षा व्यवस्था में सकारात्मक बदलाव और शिक्षकों के कौशल विकास को लेकर टीचर्स ऑफ बिहार एक सशक्त मंच के रूप में उभरा है। वर्तमान में यह प्रदेश की सबसे बड़ी प्रोफेशनल लर्निंग कम्युनिटी बन चुकी है, जहाँ हजारों शिक्षक तकनीक और नवाचार के माध्यम से एक-दूसरे से सीख रहे हैं।</p>
<p><strong><em>तकनीक से सुदृढ़ हो रही शिक्षा: संस्थापक व तकनीकी टीम-</em></strong></p>
<p>समूह के संस्थापक शिव कुमार एवं टेक्निकल टीम लीडर ई. शिवेंद्र प्रकाश सुमन ने संयुक्त रूप से कहा कि, हमारा मुख्य उद्देश्य बिहार के शिक्षकों को डिजिटल युग की चुनौतियों के लिए तैयार करना है। 'टीचर्स ऑफ बिहार' केवल एक समूह नहीं, बल्कि एक विजन है जहाँ हर शिक्षक को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने और नई शिक्षण विधियों को सीखने का समान अवसर मिल रहा है। हम तकनीक के माध्यम से शिक्षा को अंतिम पायदान पर खड़े छात्र तक पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।</p>
<p><strong><em>मीडिया और सूचना का सशक्त माध्यम</em></strong></p>
<p>संगठन की पहुँच और इसके कार्यों को जन-जन तक पहुँचाने की दिशा में प्रदेश प्रवक्ता रंजेश कुमार एवं प्रदेश मीडिया संयोजक मृत्युंजय कुमार ने कहा कि आज के समय में सूचनाओं का सही और त्वरित आदान-प्रदान बहुत आवश्यक है। 'टीचर्स ऑफ बिहार' न केवल शिक्षकों की समस्याओं को रचनात्मक मंच प्रदान करता है, बल्कि बिहार के सरकारी स्कूलों में हो रहे बेहतरीन कार्यों को दुनिया के सामने सकारात्मक बिहार' के रूप में पेश भी कर रहा है। हमारी टीम निरंतर धरातल पर शिक्षकों की आवाज़ बन रही है।<strong><em>आयोजन और नवाचार की नई राह</em></strong>संगठन द्वारा आयोजित होने वाले कार्यक्रमों पर प्रकाश डालते हुए इवेंट लीडर केशव कुमार ने बताया कि, "हम समय-समय पर राज्य स्तरीय वेबिनार, कार्यशालाएं और नवाचारी गतिविधियों का आयोजन करते हैं। इन आयोजनों का उद्देश्य शिक्षकों के भीतर छिपे नेतृत्व गुणों को उभारना और उन्हें शिक्षण के आधुनिक तौर-तरीकों से परिचित कराना है। आने वाले दिनों में हम कई और बड़े शैक्षणिक कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार कर रहे हैं।</p>
<p><strong><em>टीचर्स ऑफ बिहार' की मुख्य विशेषताएं-</em></strong></p>
<p>▪️प्रोफेशनल नेटवर्किंग: बिहार के 38 जिलों के शिक्षकों का एक मंच पर जुड़ाव।</p>
<p>▪️स्किल डेवलपमेंट: आईसीटी और टीएलएम निर्माण में शिक्षकों को दक्ष बनाना</p>
<p>▪️सकारात्मक पत्रकारिता: स्कूलों की सफलता की कहानियों का व्यापक प्रचार-प्रसार।</p>
<p>▪️डिजिटल लाइब्रेरी: शिक्षकों के लिए ई-कंटेंट और शिक्षण सामग्री की उपलब्धता।</p>
<p>आज टीचर्स ऑफ बिहार' अपनी सक्रियता और रचनात्मकता के कारण न केवल राज्य बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना रहा है। इस मंच ने यह साबित कर दिया है कि यदि शिक्षक ठान लें, तो सरकारी विद्यालयों की तस्वीर और तकदीर दोनों बदली जा सकती है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ख़बरें</category>
                                            <category>ब्रेकिंग न्यूज़</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/178567/teachers-of-bihar-is-bringing-revolution-in-the-education-world</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/178567/teachers-of-bihar-is-bringing-revolution-in-the-education-world</guid>
                <pubDate>Fri, 08 May 2026 14:17:33 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-05/img-20260508-wa0005.jpg"                         length="207878"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[राजेश तिवारी]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>जनगणना: जिलाधिकारी ने जनगणना कार्य में लगाए गए शिक्षकों को दिया मार्क ऑन ड्यूटी का आदेश</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात | बिहार से संवाददाता की रिपोर्ट</strong></div>
<div style="text-align:justify;"><strong>प्रकाशक – जितेंद्र कुमार राजेश</strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<p style="text-align:justify;">छपरा (सारण)। प्रधान जनगणना अधिकारी सह जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव ने जनगणना कार्य में प्रगणक और पर्यवेक्षक के रूप में लगाए गए शिक्षकों को मार्क ऑन ड्यूटी के तहत उपस्थिति बनाने का आदेश दिया है। उन्होंने पत्र के माध्यम से आगामी 19 मई तक यह सुविधा दी है। साथ ही निर्देश दिया है कि उक्त अवधि में जनगणना संबंधी कार्य को गंभीरता, संवेदनशीलता और तन्मयता के साथ पूर्ण किया जाए। उन्होंने चेतावनी दी है कि कार्य के प्रति लापरवाही को किसी भी सूरत में क्षम्य नहीं किया जाएगा।</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/178141/census-district-magistrate-orders-mark-on-duty-to-teachers-engaged"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-05/img-20260504-wa0203.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात | बिहार से संवाददाता की रिपोर्ट</strong></div>
<div style="text-align:justify;"><strong>प्रकाशक – जितेंद्र कुमार राजेश</strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<p style="text-align:justify;">छपरा (सारण)। प्रधान जनगणना अधिकारी सह जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव ने जनगणना कार्य में प्रगणक और पर्यवेक्षक के रूप में लगाए गए शिक्षकों को मार्क ऑन ड्यूटी के तहत उपस्थिति बनाने का आदेश दिया है। उन्होंने पत्र के माध्यम से आगामी 19 मई तक यह सुविधा दी है। साथ ही निर्देश दिया है कि उक्त अवधि में जनगणना संबंधी कार्य को गंभीरता, संवेदनशीलता और तन्मयता के साथ पूर्ण किया जाए। उन्होंने चेतावनी दी है कि कार्य के प्रति लापरवाही को किसी भी सूरत में क्षम्य नहीं किया जाएगा। ऐसे लोगों पर जनगणना अधिनियम 1948 की सुसंगत धाराओं के तहत कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>मकान सूचीकरण कार्य ने पकड़ा जोर:</strong></p>
<p style="text-align:justify;">भारत की जनगणना के प्रथम चरण के तहत मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना का कार्य गति पकड़ने लगा है। प्रगणक और पर्यवेक्षक ने अपने क्षेत्र का भ्रमण कर सत्यापन पूरा कर लिया है। जबकि मकानों पर नंबर डालने का काम शुरू हो गया है। प्रगणक संभवतः मंगलवार से एचएलओ मोबाइल ऐप पर घर-घर जाकर सूचना एकत्र करना प्रारंभ करेंगे।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>दिन में तीन बार हो रही है समीक्षा:</strong></p>
<p style="text-align:justify;">जिलाधिकारी जनगणना के कार्यों को बेहद गंभीरता से ले रहे हैं। प्रतिदिन 11 बजे, दोपहर दो बजे और संध्या पांच बजे सभी 30 चार्ज से कुल आठ बिंदुओं पर रिपोर्ट प्राप्त की जा रही है। जिलाधिकारी सीधे कार्य प्रगति की समीक्षा कर रहे हैं। उन्होंने सभी चार्ज अधिकारियों को निर्देश दिया है कि जनगणना राष्ट्रीय महत्व का कार्य है। इसे अति गंभीरता के साथ संपन्न कराया जाना चाहिए। उनके निर्देश पर जिला सांख्यिकी कार्यालय में जिला स्तरीय कंट्रोल रूम का संचालन किया जा रहा है। वहीं सभी 30 ग्रामीण और शहरी चार्ज में भी कंट्रोल रूम की स्थापना की गई है, जहां से लगातार प्रगणक और पर्यवेक्षक की निगरानी करते हुए कार्य का प्रगति प्रतिवेदन प्राप्त किया जा रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>डीसीओ के नोडल और ऑब्जर्वर हैं भ्रमणशील:</strong></p>
<p style="text-align:justify;">जनगणना कार्य निदेशालय बिहार के द्वारा जिला नोडल के रूप में प्रतिनियुक्त एसएलएमटी आयुषी आनंद और ऑब्जर्वर आयुषी सिंह लगातार जिले में कैम्प कर रही हैं। दोनों अधिकारी लगातार चार्जों का भ्रमण कर तकनीकी पहलुओं को देख रही हैं। वे जनगणना के लिए बनाए गए विशेष पोर्टल सीएमएमएस और एचएलबीसी के द्वारा ले-आउट मैप और वेब-मैप का जमीनी स्तर पर मिलान कर शुद्धिकरण का कार्य कर रही हैं। उनके साथ जनगणना कोषांग के शशि शेखर, श्रीकांत, राजीव चौधरी और विनय कुमार सिंह भी लगातार भ्रमण कर रहे हैं।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>एनआईसी से तकनीकी सहायता:</strong></p>
<p style="text-align:justify;">जिला सूचना विज्ञान पदाधिकारी सह अपर जिला जनगणना अधिकारी तारणी कुमार के नेतृत्व में एनआईसी तकनीकी कंट्रोल रूम का कार्य कर रहा है। वहां से लगातार चार्ज द्वारा गूगल फॉर्म से रिपोर्ट प्राप्त की जा रही है। साथ ही समयानुसार संकलित प्रगति प्रतिवेदन से जिलाधिकारी को अवगत कराया जा रहा है। वहीं सीएमएमएस और एचएलबीसी पोर्टल के द्वारा रियल टाइम मॉनिटरिंग की जा रही है। आवश्यकता पड़ने पर सभी प्रकार की तकनीकी समस्याओं का निराकरण कराया जा रहा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>बिहार/झारखंड</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/178141/census-district-magistrate-orders-mark-on-duty-to-teachers-engaged</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/178141/census-district-magistrate-orders-mark-on-duty-to-teachers-engaged</guid>
                <pubDate>Mon, 04 May 2026 19:17:39 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-05/img-20260504-wa0203.jpg"                         length="616712"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[BIHAR SWATANTRA PRABHAT]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सरकारी विद्यालयों में बदलाव की नई पहचान बना टीचर्स ऑफ बिहार-द चेंज मेकर्स</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong><em>पटना/ बिहार - </em></strong></p>
<p style="text-align:justify;">राज्य के सरकारी विद्यालयों में बेहतर शैक्षिक वातावरण तैयार करने की दिशा में टीचर्स ऑफ बिहार-द चेंज मेकर्स समूह पिछले कई वर्षों से निःस्वार्थ भाव से कार्य कर रहा है। वर्ष 2019 से सक्रिय यह समूह विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से शिक्षकों, छात्रों एवं शिक्षा प्रेमियों को जोड़ते हुए शिक्षा के क्षेत्र में नवाचार और सकारात्मक बदलाव की मिसाल बन चुका है।</p>
<p style="text-align:justify;">समूह का मुख्य उद्देश्य सरकारी विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, रचनात्मक गतिविधियों तथा नवाचारों को बढ़ावा देना है। टीचर्स ऑफ बिहार के प्रयासों का प्रभाव अब राज्य के अधिकांश विद्यालयों में स्पष्ट रूप से</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/177982/teachers-of-bihar-the-change-makers-became-the-new"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-05/img-20260503-wa0073.jpg" alt=""></a><br /><p><strong><em>पटना/ बिहार - </em></strong></p>
<p style="text-align:justify;">राज्य के सरकारी विद्यालयों में बेहतर शैक्षिक वातावरण तैयार करने की दिशा में टीचर्स ऑफ बिहार-द चेंज मेकर्स समूह पिछले कई वर्षों से निःस्वार्थ भाव से कार्य कर रहा है। वर्ष 2019 से सक्रिय यह समूह विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से शिक्षकों, छात्रों एवं शिक्षा प्रेमियों को जोड़ते हुए शिक्षा के क्षेत्र में नवाचार और सकारात्मक बदलाव की मिसाल बन चुका है।</p>
<p style="text-align:justify;">समूह का मुख्य उद्देश्य सरकारी विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, रचनात्मक गतिविधियों तथा नवाचारों को बढ़ावा देना है। टीचर्स ऑफ बिहार के प्रयासों का प्रभाव अब राज्य के अधिकांश विद्यालयों में स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगा है। शिक्षक अपने विद्यालयों में नई गतिविधियों और तकनीकी संसाधनों का उपयोग करते हुए बच्चों के सीखने के स्तर को बेहतर बनाने की दिशा में कार्य कर रहे हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">टीचर्स ऑफ बिहार द्वारा शिक्षा, साहित्य, विज्ञान, बाल गतिविधियों एवं नवाचारों को केंद्र में रखते हुए अनेक पत्रिकाओं का नियमित प्रकाशन किया जा रहा है। इनमें दैनिक ज्ञानकोश, प्रज्ञानिका, पद्यपंकज, गद्यगुंजन, बालमन, बालमंच, कर्मणा, अनुसंधानम्, अभिमत, प्रकृति प्रहरी, प्रगाथा, विद्यार्थी दर्पण, रेलगाड़ी (बालमन एक्सप्रेस), चम्पारण ज्ञानाग्रह, सुरक्षित शनिवार और बैगलेस डे, प्रोजेक्ट शिक्षक साथी, शिक्षक और AI तथा भावों की उड़ान जैसी पत्रिकाएँ शामिल हैं। इन पत्रिकाओं के माध्यम से शिक्षकों और विद्यार्थियों की रचनात्मक प्रतिभाओं को मंच प्रदान किया जा रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;">समूह के संस्थापक शिव कुमार एवं टेक्निकल टीम लीडर ई. शिवेंद्र प्रकाश सुमन ने कहा कि टीचर्स ऑफ बिहार केवल एक संगठन नहीं, बल्कि शिक्षा में सकारात्मक परिवर्तन लाने वाला एक जनआंदोलन बन चुका है। उन्होंने कहा कि समूह का उद्देश्य शिक्षकों को एक ऐसा मंच उपलब्ध कराना है, जहाँ वे अपने नवाचार, गतिविधियाँ और अनुभव साझा कर सकें।</p>
<p style="text-align:justify;">प्रदेश प्रवक्ता रंजेश कुमार एवं प्रदेश मीडिया संयोजक मृत्युंजय कुमार ने संयुक्त रूप से बताया कि समूह लगातार शिक्षकों को डिजिटल शिक्षा, नवाचार, साहित्य, विज्ञान एवं सामाजिक जागरूकता से जोड़ते हुए नई दिशा देने का कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में समूह राज्य स्तर पर और भी बड़े शैक्षिक अभियानों का संचालन करेगा।</p>
<p style="text-align:justify;">इवेंट लीडर केशव कुमार ने कहा कि टीचर्स ऑफ बिहार शिक्षा के क्षेत्र में प्रेरणा का केंद्र बन चुका है। यह समूह शिक्षकों एवं छात्रों की प्रतिभा को नई पहचान दिलाने के साथ-साथ सरकारी विद्यालयों की सकारात्मक तस्वीर समाज के सामने प्रस्तुत कर रहा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ख़बरें</category>
                                            <category>ब्रेकिंग न्यूज़</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/177982/teachers-of-bihar-the-change-makers-became-the-new</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/177982/teachers-of-bihar-the-change-makers-became-the-new</guid>
                <pubDate>Sun, 03 May 2026 13:47:48 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-05/img-20260503-wa0073.jpg"                         length="878275"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[राजेश तिवारी]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>आंधी-बारिश में करंट की चपेट से दुधारू भैंस की मौत</title>
                                    <description><![CDATA[<div><strong>स्वतंत्र प्रभात | पटना के धनरुआ से संवाददाता की रिपोर्ट</strong></div>
<div><strong>प्रकाशक – जितेंद्र कुमार राजेश</strong></div>
<div>  </div>
<p>धनरुआ थाना क्षेत्र के रेडविगहा गांव में आंधी-बारिश के दौरान बिजली के करंट की चपेट में आने से एक दुधारू (गर्भवती) भैंस की मौत हो गई। इस घटना से किसान को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है।</p>
<p>प्राप्त जानकारी के अनुसार, किसान धनंजय कुमार (पिता मन्नु यादव) रोज की तरह अपनी भैंस को चारा खिलाकर घर में बांधकर रखे थे। इसी बीच अचानक आई तेज आंधी और बारिश के कारण बिजली लाइन में फॉल्ट हो गया, जिससे घर के पास करंट फैल गया और भैंस</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/177748/milk-buffalo-dies-due-to-electrocution-during-storm-and-rain"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-04/img-20250331-wa01632.jpg" alt=""></a><br /><div><strong>स्वतंत्र प्रभात | पटना के धनरुआ से संवाददाता की रिपोर्ट</strong></div>
<div><strong>प्रकाशक – जितेंद्र कुमार राजेश</strong></div>
<div> </div>
<p>धनरुआ थाना क्षेत्र के रेडविगहा गांव में आंधी-बारिश के दौरान बिजली के करंट की चपेट में आने से एक दुधारू (गर्भवती) भैंस की मौत हो गई। इस घटना से किसान को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है।</p>
<p>प्राप्त जानकारी के अनुसार, किसान धनंजय कुमार (पिता मन्नु यादव) रोज की तरह अपनी भैंस को चारा खिलाकर घर में बांधकर रखे थे। इसी बीच अचानक आई तेज आंधी और बारिश के कारण बिजली लाइन में फॉल्ट हो गया, जिससे घर के पास करंट फैल गया और भैंस उसकी चपेट में आ गई। करंट लगने से भैंस की मौके पर ही मौत हो गई।</p>
<p>ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में जर्जर बिजली तार और खुले कनेक्शन की समस्या लंबे समय से बनी हुई है। आंधी-तूफान के दौरान अक्सर तार टूट जाते हैं या उनमें करंट फैल जाता है, जिससे इस तरह की घटनाएं होती रहती हैं।</p>
<p>स्थानीय लोगों ने बिजली विभाग से जर्जर तारों को जल्द बदलने और सुरक्षा व्यवस्था दुरुस्त करने की मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>बिहार/झारखंड</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/177748/milk-buffalo-dies-due-to-electrocution-during-storm-and-rain</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/177748/milk-buffalo-dies-due-to-electrocution-during-storm-and-rain</guid>
                <pubDate>Fri, 01 May 2026 16:11:06 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-04/img-20250331-wa01632.jpg"                         length="154899"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[BIHAR SWATANTRA PRABHAT]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सुपौल में LPG संकट से निपटने के लिए कोयला वितरण की तैयारी, प्रशासन अलर्ट</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;">स्वतंत्र प्रभात | बिहार के सुपौल से संवाददाता की रिपोर्ट</div>
<div style="text-align:justify;">प्रकाशक – जितेंद्र कुमार राजेश</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<p style="text-align:justify;">जिले में रसोई गैस (LPG) की कमी से आमजन को हो रही परेशानी को देखते हुए जिला प्रशासन ने वैकल्पिक व्यवस्था के तहत कोयला आपूर्ति की प्रक्रिया शुरू कर दी है। एवं के प्रावधानों के तहत जन वितरण प्रणाली (PDS) दुकानों के माध्यम से जरूरतमंद लाभुकों को कुकिंग कोयला उपलब्ध कराने की दिशा में कार्रवाई की जा रही है।</p>
<p style="text-align:justify;">जिला पदाधिकारी ने सभी प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारियों और अनुमंडल पदाधिकारियों को आवश्यकता का आकलन कर कोयले के आवंटन की मांग भेजने का निर्देश दिया है। वहीं</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/177678/administration-alert-preparing-for-coal-distribution-to-deal-with-lpg"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-04/img-20250331-wa01631.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;">स्वतंत्र प्रभात | बिहार के सुपौल से संवाददाता की रिपोर्ट</div>
<div style="text-align:justify;">प्रकाशक – जितेंद्र कुमार राजेश</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<p style="text-align:justify;">जिले में रसोई गैस (LPG) की कमी से आमजन को हो रही परेशानी को देखते हुए जिला प्रशासन ने वैकल्पिक व्यवस्था के तहत कोयला आपूर्ति की प्रक्रिया शुरू कर दी है। एवं के प्रावधानों के तहत जन वितरण प्रणाली (PDS) दुकानों के माध्यम से जरूरतमंद लाभुकों को कुकिंग कोयला उपलब्ध कराने की दिशा में कार्रवाई की जा रही है।</p>
<p style="text-align:justify;">जिला पदाधिकारी ने सभी प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारियों और अनुमंडल पदाधिकारियों को आवश्यकता का आकलन कर कोयले के आवंटन की मांग भेजने का निर्देश दिया है। वहीं द्वारा जिले में दो कोयला विक्रेताओं के चयन के लिए राज्य स्तर पर प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।</p>
<p style="text-align:justify;">इस बीच, प्रशासन ने वैवाहिक कार्यक्रमों के साथ-साथ श्राद्ध, मुंडन, उपनयन एवं अन्य सामाजिक-धार्मिक आयोजनों के लिए वाणिज्यिक LPG सिलेंडर की आपूर्ति सुनिश्चित की है। इसके लिए कैटरर्स एवं रसोइयों को तेल कंपनियों के साथ निबंधन कराना अनिवार्य किया गया है, जिसकी प्रक्रिया 5-7 दिनों में पूरी की जाएगी।</p>
<p style="text-align:justify;">सीमावर्ती क्षेत्रों में गैस एजेंसियों और पेट्रोल पंपों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है, ताकि ईंधन की कालाबाजारी और तस्करी पर रोक लगाई जा सके। वर्तमान में जिले की 51 गैस एजेंसियों में से 46 पर LPG उपलब्ध है, जबकि शेष एजेंसियों में जल्द आपूर्ति की संभावना है।</p>
<p style="text-align:justify;">प्रशासन के अनुसार, जिले में लगभग 11825 सिलेंडरों का स्टॉक मौजूद है और 5917 सिलेंडर जल्द प्राप्त होने वाले हैं। प्रतिदिन औसतन करीब 4937 उपभोक्ताओं को गैस की आपूर्ति की जा रही है, जबकि अभी 23615 उपभोक्ताओं को बुकिंग के आधार पर गैस देना बाकी है।</p>
<p style="text-align:justify;">गैस की कालाबाजारी रोकने के लिए लगातार छापेमारी अभियान चलाया जा रहा है। अब तक 21 होटलों व प्रतिष्ठानों की जांच की गई है और घरेलू गैस के वाणिज्यिक उपयोग के आरोप में तीन प्राथमिकी दर्ज की जा चुकी है।</p>
<p style="text-align:justify;">उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए जिला नियंत्रण कक्ष भी स्थापित किया गया है, जहां प्राप्त शिकायतों का त्वरित निष्पादन किया जा रहा है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि किसी भी समस्या के समाधान के लिए टोल फ्री नंबर 1906 सहित संबंधित गैस कंपनियों के हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क करें।</p>
<p style="text-align:justify;">जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि LPG की उपलब्धता में लगातार सुधार हो रहा है और अस्पतालों व सरकारी संस्थानों को प्राथमिकता के आधार पर गैस आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>बिहार/झारखंड</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/177678/administration-alert-preparing-for-coal-distribution-to-deal-with-lpg</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/177678/administration-alert-preparing-for-coal-distribution-to-deal-with-lpg</guid>
                <pubDate>Thu, 30 Apr 2026 21:17:01 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-04/img-20250331-wa01631.jpg"                         length="154899"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[BIHAR SWATANTRA PRABHAT]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>टीचर्स ऑफ बिहार की त्रैमासिक पत्रिका विद्यार्थी दर्पण का भव्य अनावरण, विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास की नई पहल</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong><em>गोपालगंज/ बिहार -</em></strong></p>
<p style="text-align:justify;">बिहार की सबसे बड़ी प्रोफेशनल लर्निंग कम्युनिटी टीचर्स ऑफ बिहार एवं जिला शिक्षा विभाग गोपालगंज के संयुक्त तत्वावधान में विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास हेतु त्रैमासिक शैक्षिक पत्रिका विद्यार्थी दर्पण का भव्य अनावरण मंगलवार को ऑनलाइन एवं ऑफलाइन दोनों माध्यमों से किया गया। यह आयोजन शिक्षा जगत में नवाचार, गुणवत्ता और विद्यार्थियों के भविष्य निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा जा रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;">इस गरिमामयी अवसर पर जिला पदाधिकारी गोपालगंज पवन कुमार सिन्हा, जिला शिक्षा पदाधिकारी योगेश कुमार तथा ओएसडी संदीप कुमार की विशेष उपस्थिति रही। कार्यक्रम के दौरान शिक्षा के क्षेत्र में</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/177555/grand-unveiling-of-teachers-of-bihars-quarterly-magazine-vidyarthi-darpan"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-04/img-20260428-wa0050(1).jpg" alt=""></a><br /><p><strong><em>गोपालगंज/ बिहार -</em></strong></p>
<p style="text-align:justify;">बिहार की सबसे बड़ी प्रोफेशनल लर्निंग कम्युनिटी टीचर्स ऑफ बिहार एवं जिला शिक्षा विभाग गोपालगंज के संयुक्त तत्वावधान में विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास हेतु त्रैमासिक शैक्षिक पत्रिका विद्यार्थी दर्पण का भव्य अनावरण मंगलवार को ऑनलाइन एवं ऑफलाइन दोनों माध्यमों से किया गया। यह आयोजन शिक्षा जगत में नवाचार, गुणवत्ता और विद्यार्थियों के भविष्य निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा जा रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;">इस गरिमामयी अवसर पर जिला पदाधिकारी गोपालगंज पवन कुमार सिन्हा, जिला शिक्षा पदाधिकारी योगेश कुमार तथा ओएसडी संदीप कुमार की विशेष उपस्थिति रही। कार्यक्रम के दौरान शिक्षा के क्षेत्र में नवाचार, गुणवत्तापूर्ण शिक्षण और विद्यार्थियों के समग्र विकास पर विस्तृत चर्चा की गई।</p>
<p style="text-align:justify;">जिला पदाधिकारी पवन कुमार सिन्हा ने पत्रिका का अनावरण करते हुए कहा कि ‘विद्यार्थी दर्पण’ विद्यार्थियों के लिए ज्ञान, विज्ञान, नवाचार, कौशल विकास एवं करियर मार्गदर्शन का एक सशक्त माध्यम बनेगी। उन्होंने बताया कि पत्रिका के मुख्य संपादक उच्च विद्यालय लरौली के कंप्यूटर विज्ञान शिक्षक मनीष कुमार हैं, जिन्होंने इस अभिनव पहल को सफलतापूर्वक मूर्त रूप दिया है।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने यह भी कहा कि पत्रिका को आधुनिक, आकर्षक एवं तकनीकी रूप से सशक्त स्वरूप प्रदान करने में टीचर्स ऑफ बिहार के टेक्निकल टीम लीडर शिवेंद्र प्रकाश सुमन का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। यह पत्रिका जिला शिक्षा विभाग गोपालगंज एवं टीचर्स ऑफ बिहार के संयुक्त प्रयास से प्रकाशित की गई है।</p>
<p style="text-align:justify;">जिला शिक्षा पदाधिकारी योगेश कुमार ने कहा कि पत्रिका में विज्ञान एवं कृत्रिम बुद्धिमत्ता, पर्यावरण एवं स्वच्छ ऊर्जा, पुस्तकों एवं प्रेरणादायक कहानियों, करियर एवं जीवन कौशल जैसे विविध विषयों को सरल, रोचक एवं विद्यार्थियों की समझ के अनुरूप प्रस्तुत किया गया है। विशेष रूप से कक्षा 6 से 12 तक के विद्यार्थियों के लिए यह पत्रिका अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगी।</p>
<p style="text-align:justify;">टीचर्स ऑफ बिहार के फाउंडर शिव कुमार एवं टेक्निकल टीम लीडर शिवेंद्र प्रकाश सुमन ने संयुक्त रूप से कहा कि ‘विद्यार्थी दर्पण’ विद्यार्थियों में ज्ञानवृद्धि, रचनात्मक सोच, नवाचार की भावना तथा आत्मविश्वास के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।</p>
<p style="text-align:justify;">पत्रिका के संपादक मनीष कुमार ने बताया कि इस पत्रिका के प्रकाशन में जिला शिक्षा पदाधिकारी योगेश कुमार एवं टीचर्स ऑफ बिहार के फाउंडर शिव कुमार का विशेष मार्गदर्शन प्राप्त हुआ, जिसके परिणामस्वरूप यह पत्रिका विद्यार्थियों के समग्र विकास हेतु एक प्रभावशाली मंच बनकर उभरी है।</p>
<p style="text-align:justify;">उक्त जानकारी देते हुए टीचर्स ऑफ बिहार के प्रदेश प्रवक्ता रंजेश कुमार एवं प्रदेश मीडिया संयोजक मृत्युंजय कुमार ने कहा कि यह पत्रिका शिक्षा के क्षेत्र में गुणवत्ता, नवाचार और सकारात्मक परिवर्तन को बढ़ावा देने की दिशा में एक सराहनीय एवं प्रेरणादायक कदम है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ख़बरें</category>
                                            <category>ब्रेकिंग न्यूज़</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/177555/grand-unveiling-of-teachers-of-bihars-quarterly-magazine-vidyarthi-darpan</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/177555/grand-unveiling-of-teachers-of-bihars-quarterly-magazine-vidyarthi-darpan</guid>
                <pubDate>Tue, 28 Apr 2026 22:13:18 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-04/img-20260428-wa0050%281%29.jpg"                         length="179499"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[राजेश तिवारी]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पृथ्वी दिवस पर टीचर्स ऑफ बिहार की शैक्षिक ई-पत्रिका प्रकृति प्रहरी का हुआ भव्य ऑनलाइन विमोचन, पर्यावरण संरक्षण का दिया सशक्त संदेश</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong><em>पटना/ बिहार - </em></strong></p>
<p>पृथ्वी दिवस के अवसर पर टीचर्स ऑफ बिहार के तत्वावधान में त्रैमासिक ई-शैक्षिक पत्रिका प्रकृति प्रहरी का भव्य ऑनलाइन विमोचन समारोह आयोजित किया गया।पर्यावरण संरक्षण, हरित जीवनशैली और प्रकृति के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से आयोजित यह कार्यक्रम 22 अप्रैल 2026 की रात्रि 8 बजे फेसबुक लाइव के माध्यम से प्रसारित हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में शिक्षक, विद्यार्थी एवं पर्यावरण प्रेमियों ने सहभागिता की।</p>
<p>कार्यक्रम में अहसन, क्षेत्रीय शिक्षा उप निदेशक, भागलपुर प्रमंडल, डॉ. रश्मि प्रभा, शिक्षाविद् सह पूर्व संयुक्त निदेशक, राज्य शिक्षा शोध एवं प्रशिक्षण परिषद, पटना, महताब रहमानी, राज्य कार्यक्रम पदाधिकारी, बिहार शिक्षा परियोजना</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/177124/on-earth-day-grand-online-release-of-teachers-of-bihars"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-04/img-20260423-wa0039(2).jpg" alt=""></a><br /><p><strong><em>पटना/ बिहार - </em></strong></p>
<p>पृथ्वी दिवस के अवसर पर टीचर्स ऑफ बिहार के तत्वावधान में त्रैमासिक ई-शैक्षिक पत्रिका प्रकृति प्रहरी का भव्य ऑनलाइन विमोचन समारोह आयोजित किया गया।पर्यावरण संरक्षण, हरित जीवनशैली और प्रकृति के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से आयोजित यह कार्यक्रम 22 अप्रैल 2026 की रात्रि 8 बजे फेसबुक लाइव के माध्यम से प्रसारित हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में शिक्षक, विद्यार्थी एवं पर्यावरण प्रेमियों ने सहभागिता की।</p>
<p>कार्यक्रम में अहसन, क्षेत्रीय शिक्षा उप निदेशक, भागलपुर प्रमंडल, डॉ. रश्मि प्रभा, शिक्षाविद् सह पूर्व संयुक्त निदेशक, राज्य शिक्षा शोध एवं प्रशिक्षण परिषद, पटना, महताब रहमानी, राज्य कार्यक्रम पदाधिकारी, बिहार शिक्षा परियोजना परिषद, पटना तथा सुजीत कुमार दास, जिला कार्यक्रम पदाधिकारी, प्रारंभिक शिक्षा एवं समग्र शिक्षा अभियान, बिहार शिक्षा परियोजना, मुजफ्फरपुर विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। सभी अतिथियों ने पत्रिका की सराहना करते हुए इसे पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक प्रेरणादायक एवं सार्थक पहल बताया।</p>
<p>पत्रिका के संपादक मुजफ्फरपुर जिले के सरैया प्रखंड स्थित उत्क्रमित मध्य विद्यालय, गोपालपुर नेउरा के शिक्षक अभिषेक कुमार हैं। वहीं सह-संपादक के रूप में बांका जिले के फुल्लीडुमर प्रखंड स्थित प्रोन्नत मध्य विद्यालय ईटहरी के विद्यालय अध्यापक सिद्धांत तथा मुजफ्फरपुर जिले के सरैया प्रखंड स्थित उत्क्रमित मध्य विद्यालय अजीजपुर की शिक्षिका आराधना कुमारी ने पत्रिका को समृद्ध बनाने में अहम भूमिका निभाई।</p>
<p>इस महत्वपूर्ण पहल के मार्गदर्शक एवं प्रेरणास्रोत के रूप में टीचर्स ऑफ बिहार के फाउंडर शिव कुमार, टेक्निकल टीम लीडर शिवेंद्र प्रकाश सुमन एवं इवेंट लीडर केशव कुमार का विशेष योगदान रहा।पत्रिका के संकलन एवं डिजाइन का कार्य मुजफ्फरपुर जिले के कांटी प्रखंड स्थित उत्क्रमित मध्य विद्यालय सलेमपुर ढाब के विद्यालय अध्यापक कुमार अभिषेक एवं अन्य शिक्षकों की टीम द्वारा किया गया, जिनके रचनात्मक प्रयासों से पत्रिका आकर्षक, प्रभावशाली एवं उपयोगी बनी है।</p>
<p>टीचर्स ऑफ बिहार के इवेंट लीडर सह मुजफ्फरपुर जिले के मुरौल प्रखण्ड स्थित प्राथमिक विद्यालय मोहनपुर उर्दू के प्रधान शिक्षक केशव कुमार ने कहा कि प्रकृति प्रहरी केवल एक पत्रिका नहीं, बल्कि एक सतत जन-जागरूकता अभियान है, जिसका उद्देश्य समाज के प्रत्येक व्यक्ति को प्रकृति का प्रहरी बनाना है। पत्रिका में बिहार में गौरैया का महत्व एवं संरक्षण पेड़-पौधों की दुनिया इको क्लब फॉर मिशन लाइफ पुनर्चक्रण पर आधारित बच्चों की प्रेरक कहानियाँ तथा पर्यावरण संरक्षण से जुड़े कई महत्वपूर्ण लेख शामिल किए गए हैं।</p>
<p>टीचर्स ऑफ बिहार के प्रदेश प्रवक्ता रंजेश कुमार एवं प्रदेश मीडिया संयोजक मृत्युंजय कुमार ने संयुक्त रूप से बताया कि यह पत्रिका आने वाले समय में पर्यावरण शिक्षा और जन-जागरूकता के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ख़बरें</category>
                                            <category>ब्रेकिंग न्यूज़</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/177124/on-earth-day-grand-online-release-of-teachers-of-bihars</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/177124/on-earth-day-grand-online-release-of-teachers-of-bihars</guid>
                <pubDate>Thu, 23 Apr 2026 20:37:04 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-04/img-20260423-wa0039%282%29.jpg"                         length="165887"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[राजेश तिवारी]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बिहार में नई सरकार के गठन के कुछ घंटे बाद ही हुआ विभागों का बंटवारा</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>पटना । </strong></p>
<p>बिहार में नई सरकार के गठन के कुछ ही घंटों के भीतर विभागों का बंटवारा कर प्रशासनिक कार्यों को गति दे दी गई है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सरकार के प्रमुख और महत्वपूर्ण विभाग अपने पास रखते हुए प्रशासनिक नियंत्रण मजबूत किया है। वहीं, उपमुख्यमंत्रियों को भी उनकी जिम्मेदारियों के अनुरूप विभाग सौंपे गए हैं।</p>
<p>मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, भारतीय संविधान के अनुच्छेद 166(3) के तहत प्रदत्त शक्तियों का उपयोग करते हुए तथा कार्यपालिका नियमावली के नियम 6(1) एवं 7(1) के आलोक में राज्यपाल सचिवालय के आदेश के आधार पर मुख्यमंत्री की सलाह से</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/176254/division-of-departments-took-place-just-hours-after-the-formation"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-04/img-20260415-wa0220.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>पटना । </strong></p>
<p>बिहार में नई सरकार के गठन के कुछ ही घंटों के भीतर विभागों का बंटवारा कर प्रशासनिक कार्यों को गति दे दी गई है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सरकार के प्रमुख और महत्वपूर्ण विभाग अपने पास रखते हुए प्रशासनिक नियंत्रण मजबूत किया है। वहीं, उपमुख्यमंत्रियों को भी उनकी जिम्मेदारियों के अनुरूप विभाग सौंपे गए हैं।</p>
<p>मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, भारतीय संविधान के अनुच्छेद 166(3) के तहत प्रदत्त शक्तियों का उपयोग करते हुए तथा कार्यपालिका नियमावली के नियम 6(1) एवं 7(1) के आलोक में राज्यपाल सचिवालय के आदेश के आधार पर मुख्यमंत्री की सलाह से मंत्रियों के बीच विभागों का आवंटन किया गया है। जारी अधिसूचना के मुताबिक, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को कुल 29 विभागों की जिम्मेदारी दी गई है।<img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-04/img-20260415-wa0219.jpg" alt="IMG-20260415-WA0219" width="1080" height="1493"></img> </p>
<p>इनमें सामान्य प्रशासन, गृह, मंत्रिमंडल सचिवालय, निगरानी, निर्वाचन, राजस्व एवं भूमि सुधार, खान एवं भू-तत्व, नगर विकास एवं आवास, स्वास्थ्य, विधि, उद्योग, पथ निर्माण, कृषि, लघु जल संसाधन, श्रम संसाधन एवं प्रवासी श्रमिक कल्याण, युवा, रोजगार एवं कौशल विकास, पर्यटन, कला एवं संस्कृति, डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन, आपदा प्रबंधन, पिछड़ा एवं अति पिछड़ा वर्ग कल्याण, अनुसूचित जाति एवं जनजाति कल्याण, सूचना प्रौद्योगिकी, खेल, सहकारिता, पर्यावरण-वन एवं जलवायु परिवर्तन, गन्ना उद्योग, लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण तथा पंचायती राज विभाग शामिल हैं। इसके अलावा वे उन सभी विभागों का प्रभार भी संभालेंगे जो अभी किसी अन्य मंत्री को आवंटित नहीं किए गए हैं।<img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-04/img-20260415-wa0219.jpg" alt="IMG-20260415-WA0219" width="853" height="974"></img><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-04/img-20260415-wa0221.jpg" alt="IMG-20260415-WA0221" width="853" height="974"></img></p>
<p>उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी को जल संसाधन, संसदीय कार्य, सूचना एवं जनसंपर्क, भवन निर्माण, अल्पसंख्यक कल्याण, शिक्षा, विज्ञान प्रौद्योगिकी एवं तकनीकी शिक्षा, ग्रामीण विकास, परिवहन और उच्च शिक्षा सहित कुल दस विभागों की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इन विभागों के जरिए वे राज्य के बुनियादी ढांचे और शिक्षा क्षेत्र को मजबूती देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।</p>
<p>वहीं,दूसरे उपमुख्यमंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव को ऊर्जा, योजना एवं विकास, मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन, वित्त, वाणिज्य-कर, समाज कल्याण, खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण तथा ग्रामीण कार्य सहित कुल आठ विभागों का जिम्मा दिया गया है। ये विभाग राज्य की आर्थिक स्थिति और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के संचालन में अहम माने जाते हैं।</p>
<p>राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि विभागों के इस संतुलित बंटवारे के जरिए सरकार ने प्रशासनिक समन्वय और विकास कार्यों में तेजी लाने का संकेत दिया है। मुख्यमंत्री द्वारा बड़ी संख्या में विभाग अपने पास रखना यह दर्शाता है कि सरकार शुरुआती चरण में फैसलों पर सीधा नियंत्रण बनाए रखना चाहती है। नई सरकार के इस फैसले से स्पष्ट है कि आने वाले दिनों में विकास योजनाओं के क्रियान्वयन और प्रशासनिक सुधारों पर विशेष जोर दिया जाएगा। अब सभी की नजर इस बात पर है कि नई टीम अपने दायित्वों को किस प्रकार जमीन पर उतारती है और राज्य के विकास को किस दिशा में ले जाती है साथ ही नई सरकार का कैबिनेट विस्तार कब तक होता है अब लोगों की नजरें भी इन सभी बातों पर भी टिकी है।</p>
<p><strong>रिपोर्टर: जितेंद्र कुमार राजेश, बिहार</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राजनीति</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>राजनीति</category>
                                            <category>बिहार/झारखंड</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/176254/division-of-departments-took-place-just-hours-after-the-formation</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/176254/division-of-departments-took-place-just-hours-after-the-formation</guid>
                <pubDate>Wed, 15 Apr 2026 23:14:19 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-04/img-20260415-wa0220.jpg"                         length="72274"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[BIHAR SWATANTRA PRABHAT]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>त्रिबेनीगंज  में सरकारी नियमों को ठेंगा दिखा रहे निजी स्कूल संचालक </title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;">सुपौल, सीमावर्ती जिले सुपौल के त्रिवेणीगंज अनुमंडल  में निजी स्कूलों का संचालन सरकारी नियम कानून से नही बल्कि मनमर्जी से चल रहा है।जिसके आगे प्रसासन खुद को मानो मजबूर पा रहा हो।यह  अब शिक्षा दान का मंदिर नही बल्कि  एक अनियंत्रित बेलगाम  व्यवसाय का रूप ले चुका है। बिहार सरकार के सख्त नियमों के बावजूद, क्षेत्र में अधिकांश निजी स्कूल बिना वैध प्रस्वीकृति  के धड़ल्ले से चल रहे हैं। ये स्कूल न केवल शिक्षा विभाग की आंखों में धूल झोंक रहे हैं, बल्कि बिहार सरकार के निजी विद्यालय विनियमन अधिनियम की शर्तों को भी खुलेआम  ठेंगा दिखा रहे हैं।<br /><br /><strong>इन</strong></p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/176214/private-school-operators-flouting-government-rules-in-tribalganj"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-04/स्वतंत्र-प्रभात111.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">सुपौल, सीमावर्ती जिले सुपौल के त्रिवेणीगंज अनुमंडल  में निजी स्कूलों का संचालन सरकारी नियम कानून से नही बल्कि मनमर्जी से चल रहा है।जिसके आगे प्रसासन खुद को मानो मजबूर पा रहा हो।यह  अब शिक्षा दान का मंदिर नही बल्कि  एक अनियंत्रित बेलगाम  व्यवसाय का रूप ले चुका है। बिहार सरकार के सख्त नियमों के बावजूद, क्षेत्र में अधिकांश निजी स्कूल बिना वैध प्रस्वीकृति  के धड़ल्ले से चल रहे हैं। ये स्कूल न केवल शिक्षा विभाग की आंखों में धूल झोंक रहे हैं, बल्कि बिहार सरकार के निजी विद्यालय विनियमन अधिनियम की शर्तों को भी खुलेआम  ठेंगा दिखा रहे हैं।<br /><br /><strong>इन सरकारी नियमों की हो रही है अनदेखी</strong></p>
<p style="text-align:justify;">किसी भी निजी स्कूल के संचालन के लिए सरकार ने  मानक तय किए हैं, लेकिन इसका अभाव  त्रिवेणीगंज में दिख रहा है।सरकारी नियमानुसार, किसी भी स्कूल को खोलने से पहले विभाग से प्रस्वीकृति लेना अनिवार्य है। बिना कोड के स्कूल चलाना अवैध है, लेकिन यहाँ दर्जनों स्कूल सिर्फ आवेदन के भरोसे वर्षों से चल रहे हैं।या अपने मन से चल रहे हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">​परिसर एवं बुनियादी ढांचा बिभागीय नियमानुसार स्कूल खोलने के लिए शहरी क्षेत्र में कम से कम 10,000 वर्ग फुट और ग्रामीण क्षेत्र में 20,000 वर्ग फुट अपनी या लंबी लीज की जमीन  होना अनिवार्य है।लेकिन  यहाँ चल रहे कई स्कूल 2-3 कमरों के मकानों मेंटीन शेड में चल रहे हैं।शिक्षक-छात्र अनुपात (PTR): RTE के तहत 30 छात्रों पर एक प्रशिक्षित शिक्षक होना चाहिए।</p>
<p style="text-align:justify;">हकीकत यह है कि एक ही कमरे में दो कक्षाओं के बच्चे बैठे हैं और अप्रशिक्षित स्टाफ उन्हें पढ़ा रहा है।साथ ही सरकारी नियम कहते हैं कि शिक्षकों का चयन एक समिति के माध्यम से होना चाहिए  और उन्हें उचित मानदेय मिले, मगर यहाँ 'पॉकेट मनी' पर युवाओं से काम लिया जा रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;">​<strong>सुरक्षा के नाम पर केवल 'डिस्प्ले बोर्ड</strong></p>
<p style="text-align:justify;">बिहार निजी विद्यालय नियमावली के अनुसार, स्कूलों के पास 'अग्नि सुरक्षा प्रमाण पत्र' और 'भवन फिटनेस प्रमाण पत्र' होना अनिवार्य है।लेकिन दुर्भाग्य है कि  त्रिवेणीगंज के इन स्कूलों में आग बुझाने के यंत्र तो दूर, आपातकालीन निकासी तक की जगह नहीं है। संकरी गलियों में चल रहे इन स्कूलों में अगर कोई अनहोनी होती है, तो उसका जिम्मेदार कौन होगा?बर्षो पहले आगलगी की घटना में एक निजी स्कूल के बच्चे की मौत हो गई थी।बाबजूद शिक्षा विभाग के कान पर कोई असर नहीं हुआ ।</p>
<p style="text-align:justify;">​<strong>क्या कहता है कानून?</strong></p>
<p style="text-align:justify;">सरकार के नियमों के अनुसार, यदि कोई भी स्कूल बिना मान्यता के संचालित पाया जाता है, तो उस पर 1 लाख रुपये तक का जुर्माना और प्रतिदिन 10,000 रुपये की दर से दंड लगाने का प्रावधान है। इसके बावजूदशिक्षा विभाग और  प्रशासन की चुप्पी संदेहास्पद है।<br /><br />​<strong>अभिभावकों की जेब पर डाका, विभाग मौन</strong></p>
<p style="text-align:justify;">इसे विडम्बना ही कहा जायेगा कि ​मान्यता न होने के बावजूद ये स्कूल 'एडमिशन फीस' और 'सालाना चार्ज' के साथ ही किताब ,कॉपी और ड्रेस के  नाम पर मोटी रकम वसूल रहे हैं। विभागीय अधिकारियों द्वारा इन निजी स्कूलों के  निरीक्षण न किए जाने से  इन स्कूलों का मनोबल बढ़ा हुआ है। अभिभावकों  का कहना है कि शिकायत के बाद भी शिक्षा विभाग के अधिकारी जाँच करना मुनासिब नहीं समझते हैं अगर  जांच की बात आती है, कागजी खानापूर्ति कर मामला रफा-दफा कर दिया जाता है।</p>
<p style="text-align:justify;"><br /><strong>सुलगते सवाल</strong> </p>
<p style="text-align:justify;">सबसे महत्वपूर्ण सवाल यह है कि  ​बिना 'यू-डाइस' (U-DISE) कोड और मान्यता के  छात्रों का पंजीकरण कैसे कर रहे हैं?<br /> # ​क्या शिक्षा विभाग को इन अवैध संस्थानों की सूची की जानकारी नहीं है?<br /> # ​बच्चों की सुरक्षा और शिक्षकों की योग्यता के साथ हो रहे खिलवाड़ पर विभाग 'एक्शन मोड' में कब आएगा?<br />​यदि जल्द ही इन 'अवैध' संस्थानों पर नकेल नहीं कसी गई, तो यह न केवल शिक्षा व्यवस्था को खोखला करेगा, बल्कि हजारों बच्चों के भविष्य को अंधकार में धकेल देगा।<br />  मनोजरोशन</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>शिक्षा</category>
                                            <category>अन्य</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/176214/private-school-operators-flouting-government-rules-in-tribalganj</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/176214/private-school-operators-flouting-government-rules-in-tribalganj</guid>
                <pubDate>Wed, 15 Apr 2026 18:28:55 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-04/%E0%A4%B8%E0%A5%8D%E0%A4%B5%E0%A4%A4%E0%A4%82%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%B0-%E0%A4%AA%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%AD%E0%A4%BE%E0%A4%A4111.jpg"                         length="157844"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[BIHAR SWATANTRA PRABHAT]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        