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                <title>Higher Education - Swatantra Prabhat</title>
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                <description>Higher Education RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>मण्डलीय जिला सूचना कार्यालय लखनऊ सामाजिक न्याय और सशक्तीकरण की दिशा में लखनऊ में पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग की 09 वर्षों में हुई उल्लेखनीय प्रगति</title>
                                    <description><![CDATA[<blockquote class="format1"><strong><strong>लखनऊः   </strong></strong></blockquote>
<blockquote class="format1">
<p style="text-align:justify;"><strong>(आदर अदीब पावेल बन्धु) </strong></p>
<p style="text-align:justify;"><strong>जिला सूचना अधिकारी</strong></p>
</blockquote>
<p style="text-align:justify;">पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग लखनऊ सामाजिक न्याय, शैक्षिक उन्नयन, आर्थिक सशक्तीकरण तथा समावेशी विकास की दिशा में निरंतर कार्य कर रहा है। विगत 09 वर्षों में विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं के माध्यम से शिक्षा, सामाजिक सुरक्षा, कौशल विकास और आर्थिक सहायता के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां अर्जित की गई हैं। विभाग की योजनाओं ने पिछड़े वर्ग के लाखों लोगों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने का कार्य किया है।</p>
<p style="text-align:justify;"><br />शिक्षा के क्षेत्र में पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग ने महत्वपूर्ण उपलब्धियां दर्ज की हैं। विभाग द्वारा संचालित पूर्वदशम छात्रवृत्ति योजना के अंतर्गत</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/184363/divisional-district-information-office-lucknow-remarkable-progress-in-09-years"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/hindi-divas17.jpg" alt=""></a><br /><blockquote class="format1"><strong><strong>लखनऊः   </strong></strong></blockquote>
<blockquote class="format1">
<p style="text-align:justify;"><strong>(आदर अदीब पावेल बन्धु) </strong></p>
<p style="text-align:justify;"><strong>जिला सूचना अधिकारी</strong></p>
</blockquote>
<p style="text-align:justify;">पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग लखनऊ सामाजिक न्याय, शैक्षिक उन्नयन, आर्थिक सशक्तीकरण तथा समावेशी विकास की दिशा में निरंतर कार्य कर रहा है। विगत 09 वर्षों में विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं के माध्यम से शिक्षा, सामाजिक सुरक्षा, कौशल विकास और आर्थिक सहायता के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां अर्जित की गई हैं। विभाग की योजनाओं ने पिछड़े वर्ग के लाखों लोगों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने का कार्य किया है।</p>
<p style="text-align:justify;"><br />शिक्षा के क्षेत्र में पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग ने महत्वपूर्ण उपलब्धियां दर्ज की हैं। विभाग द्वारा संचालित पूर्वदशम छात्रवृत्ति योजना के अंतर्गत पिछले 09 वर्षों में कुल 2,01,414 छात्रों को रु0 421.20 लाख की छात्रवृत्ति प्रदान की गई। इस योजना ने आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के विद्यार्थियों को शिक्षा जारी रखने में सहायता प्रदान की और विद्यालयी शिक्षा को प्रोत्साहन मिला।</p>
<p style="text-align:justify;"><br />इसी प्रकार दशमोत्तर छात्रवृत्ति योजना के अंतर्गत पिछले 09 वर्षों में कुल 2,91,263 छात्रों को रु0 12,026.36 लाख की छात्रवृत्ति प्रदान की गई। इससे उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे विद्यार्थियों को आर्थिक संबल मिला तथा पिछड़े वर्ग के छात्रों की उच्च शिक्षा में भागीदारी बढी । दशमोत्तर शुल्क प्रतिपूर्ति योजना के अंतर्गत पिछले 09 वर्षों में कुल 2,69,954 छात्रों को रु0 55,343.84 लाख की शुल्क प्रतिपूर्ति उपलब्ध कराई गई। इस योजना ने आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों के लिए उच्च, तकनीकी एवं व्यावसायिक शिक्षा के द्वार खोले और प्रतिभाशाली युवाओं को आगे बढ़ने का अवसर दिया। यदि इन तीनों प्रमुख शैक्षिक योजनाओं को सम्मिलित रूप से देखा जाए तो कुल 7,62,631 छात्रों को लाभान्वित करते हुए लगभग रु0 67,791.40 लाख की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई गई, जो अपने आप में एक बड़ी उपलब्धि है।</p>
<p style="text-align:justify;"><br />शिक्षा के साथ-साथ कौशल विकास के क्षेत्र में भी विभाग ने उल्लेखनीय कार्य किया है। O-Level एवं CCC लेवल प्रशिक्षण योजना के अंतर्गत पिछले 09 वर्षों में कुल 4,255 छात्रों को रु0 529.22 लाख की लागत से प्रशिक्षण प्रदान किया गया है। डिजिटल युग में कंप्यूटर शिक्षा और तकनीकी दक्षता युवाओं को रोजगारोन्मुख बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। यह योजना युवाओं को आधुनिक तकनीकी कौशल से जोड़ने तथा रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसरों को बढ़ाने में सहायक सिद्ध हुई है।</p>
<p style="text-align:justify;"><br />सामाजिक सुरक्षा के क्षेत्र में शादी अनुदान योजना भी विभाग की महत्वपूर्ण उपलब्धियों में शामिल है। इस योजना के अंतर्गत पिछले 09 वर्षों में कुल 4,964 जोड़ों को रु. 992.80 लाख का लाभ प्रदान किया गया है। यह योजना आर्थिक रूप से कमजोर पिछड़े वर्ग परिवारोंकी बेटियों के विवाह में सहयोग देकर सामाजिक सुरक्षा और सम्मानजनक सहायता प्रदान कर रही है।</p>
<p style="text-align:justify;"><br />यदि छात्रवृत्ति, शुल्क प्रतिपूर्ति, शादी अनुदान और कौशल विकास योजनाओं को एक साथ देखा जाए तो यह स्पष्ट होता है कि विभाग केवल आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं है, बल्कि शिक्षा, सामाजिक संरक्षण और रोजगारपरक सशक्तीकरण का व्यापक मॉडल प्रस्तुत कर रहा है। पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग द्वारा छात्रवृत्ति, शुल्क प्रतिपूर्ति और अन्य योजनाओं की प्रक्रिया को ऑनलाइन एवं पारदर्शी बनाया गया है। आवेदन, सत्यापन और डीबीटी के माध्यम से लाभ सीधे लाभार्थियों के खातों में पहुंचाया जा रहा है, जिससे पारदर्शिता बढ़ी है और योजनाओं का लाभ समयबद्ध तरीके से मिल रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;"><br />विभाग द्वारा स्वरोजगार एवं आर्थिक सशक्तीकरण की दिशा में भी कार्य किया गया है। पिछड़ा वर्ग वित्त एवं विकास निगम के माध्यम से विभिन्न ऋण योजनाओं, मार्जिन मनी सहायता और उद्यमिता प्रोत्साहन कार्यक्रमों से युवाओं और कारीगरों को जोड़ा गया है। इससे स्वरोजगार को बढ़ावा मिला और आत्मनिर्भरता को बल मिला। पारंपरिक व्यवसायों से जुड़े समुदायों के उत्थान हेतु भी विभाग ने प्रशिक्षण, उपकरण सहायता और वित्तीय सहयोग प्रदान किया है। इससे कारीगरों और लघु उद्यमियों की आजीविका सुदृढ़ हुई है।</p>
<p style="text-align:justify;"><br />महिला सशक्तीकरण के क्षेत्र में विभाग की योजनाओं का विशेष प्रभाव देखा गया है। महिला लाभार्थियों को प्रशिक्षण, स्वरोजगार और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से जोड़कर उनकी आर्थिक भागीदारी बढ़ाई गई है। स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से भी योजनाओं का लाभ व्यापक स्तर पर पहुंचाया गया है। विभाग की उपलब्धियों में नियमित समीक्षा और प्रभावी मॉनिटरिंग की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। समय-समय पर योजनाओं की समीक्षा कर पात्र लाभार्थियों तक लाभ सुनिश्चित किया गया है। पारदर्शिता, जवाबदेही और सुशासन की यह व्यवस्था विभागीय कार्यप्रणाली को और प्रभावी बनाती है।</p>
<p style="text-align:justify;"><br />पिछले 09 वर्षों की प्रगति दर्शाती है कि पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग लखनऊ ने शिक्षा, सामाजिक सुरक्षा और कौशल विकास के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दिया है। लाखों विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति, हजारों युवाओं को कंप्यूटर प्रशिक्षण और हजारों जरूरतमंद परिवारों को शादी अनुदान प्रदान कर विभाग ने सामाजिक न्याय को मजबूत किया है। आज विभाग की योजनाएं केवल सहायता कार्यक्रम नहीं, बल्कि सामाजिक परिवर्तन और अवसर की समानता का माध्यम बन चुकी हैं। शिक्षा से लेकर रोजगार और सामाजिक सुरक्षा तक विभाग की बहुआयामी पहलें पिछड़े वर्ग के लोगों को मुख्यधारा से जोड़ने में सहायक सिद्ध हो रही हैं।</p>
<p style="text-align:justify;"><br />निष्कर्षतः कहा जा सकता है कि पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग लखनऊ ने विगत 09 वर्षों में उल्लेखनीय प्रगति की है। 2,01,414 छात्रों को पूर्वदशम छात्रवृत्ति, 2,91,263 छात्रों को दशमोत्तर छात्रवृत्ति, 2,69,954 छात्रों को शुल्क प्रतिपूर्ति, 4,964 जोड़ों को शादी अनुदान तथा 4,255 युवाओं को O-Leve एवं CCC प्रशिक्षण प्रदान कर विभाग ने सामाजिक और शैक्षिक सशक्तीकरण की दिशा में प्रभावशाली कार्य किया है। यह उपलब्धियां लखनऊ के समावेशी विकास, सामाजिक न्याय और जनकल्याण की प्रतिबद्धता को और सुदृढ़ करती हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                            <category>संपादकीय</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/184363/divisional-district-information-office-lucknow-remarkable-progress-in-09-years</link>
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                <pubDate>Thu, 30 Jul 2026 23:35:13 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>निर्माणाधीन राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय पहुंचीं मंडलायुक्त</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात।</strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>  ब्यूरो प्रयागराज ।</strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">  प्रयागराज में निर्माणाधीन डॉ. राजेंद्र प्रसाद राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय के निर्माण कार्यों का शुक्रवार को मंडलायुक्त सौम्या अग्रवाल ने स्थलीय निरीक्षण कर परियोजना की प्रगति का विस्तृत जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान निर्माण कार्यों की धीमी रफ्तार पर उन्होंने कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए कार्यदायी संस्था को एक सप्ताह के भीतर 500 से 800 अतिरिक्त श्रमिकों की तैनाती सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही चेतावनी दी कि यदि अगली समीक्षा बैठक तक अपेक्षित प्रगति नहीं मिली तो निर्माण कंपनी के प्रबंध निदेशक (एमडी) को तलब किया जाएगा।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">निरीक्षण के दौरान मंडलायुक्त ने संबंधित विभागों</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/183093/6a51053a28310"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/img-20260710-wa0128.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात।</strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"><strong> ब्यूरो प्रयागराज ।</strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> प्रयागराज में निर्माणाधीन डॉ. राजेंद्र प्रसाद राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय के निर्माण कार्यों का शुक्रवार को मंडलायुक्त सौम्या अग्रवाल ने स्थलीय निरीक्षण कर परियोजना की प्रगति का विस्तृत जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान निर्माण कार्यों की धीमी रफ्तार पर उन्होंने कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए कार्यदायी संस्था को एक सप्ताह के भीतर 500 से 800 अतिरिक्त श्रमिकों की तैनाती सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही चेतावनी दी कि यदि अगली समीक्षा बैठक तक अपेक्षित प्रगति नहीं मिली तो निर्माण कंपनी के प्रबंध निदेशक (एमडी) को तलब किया जाएगा।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">निरीक्षण के दौरान मंडलायुक्त ने संबंधित विभागों एवं कार्यदायी संस्था के अधिकारियों के साथ बैठक कर विश्वविद्यालय परिसर में बन रहे विभिन्न भवनों की डिजाइन, ड्रॉइंग एवं निर्माण कार्यों की अद्यतन स्थिति की विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने प्रत्येक ब्लॉक में चल रहे सिविल कार्य, प्लास्टरिंग, टाइल्स, फॉल्स सीलिंग, लिफ्ट स्थापना तथा अन्य निर्माण गतिविधियों की जानकारी लेते हुए स्पष्ट निर्देश दिए कि प्रत्येक कार्य का गुणवत्ता परीक्षण एवं तकनीकी सत्यापन अनिवार्य रूप से कराया जाए, ताकि भविष्य में किसी प्रकार की तकनीकी खामी सामने न आए।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">उन्होंने सभी निर्माण कार्य 15 नवंबर तक हर हाल में पूर्ण करने के निर्देश देते हुए कहा कि विश्वविद्यालय का शुभारंभ निर्धारित समयसीमा के भीतर कराया जाए। मंडलायुक्त ने विश्वविद्यालय प्रशासन, कुलपति एवं कुलसचिव के साथ समन्वय स्थापित कर फर्नीचर, कक्षाओं, छात्रावासों एवं अन्य आवश्यक संसाधनों के लिए तत्काल क्रय आदेश जारी करने के निर्देश दिए, ताकि भवन तैयार होते ही विश्वविद्यालय पूर्ण रूप से संचालित किया जा सके और विद्यार्थियों की शैक्षणिक गतिविधियां बिना किसी विलंब के प्रारंभ हो सकें।</div>
<div> </div>
<div> </div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 10 Jul 2026 20:16:41 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>वैदिक अनुष्ठान एवं मंगलकामना के साथ शैक्षणिक सत्र 2026 - 27 का शुभारंभ</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>सिद्धार्थनगर।</strong> सिद्धार्थ विश्वविद्यालय, कपिलवस्तु, सिद्धार्थनगर में ग्रीष्मावकाश के उपरांत मंगलवार को शैक्षणिक सत्र 2026–27 का विधिवत शुभारंभ हुआ। सत्र के प्रथम दिवस पर विश्वविद्यालय परिवार ने परिसर स्थित भगवान शिव मंदिर में वैदिक मंत्रोच्चार एवं पूजन-अर्चन के साथ नवीन शैक्षणिक सत्र का शुभारंभ किया तथा विद्यार्थियों, शिक्षकों, कर्मचारियों एवं समूचे विश्वविद्यालय परिवार के उज्ज्वल भविष्य, सुख-समृद्धि एवं शैक्षणिक उन्नति की मंगलकामना की।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">इस अवसर पर विश्वविद्यालय की कुलपति प्रोफेसर कविता शाह के नेतृत्व में कुलसचिव डॉ.अश्वनी कुमार, परीक्षा नियंत्रक दीनानाथ यादव, अधिष्ठाता कला संकाय प्रो. नीता यादव, अधिष्ठाता विज्ञान संकाय प्रो. प्रकृति राय, अधिष्ठाता वाणिज्य संकाय प्रो. सौरभ, अधिष्ठाता शैक्षणिक</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/182982/inauguration-of-the-academic-session-2026-27-with-vedic-rituals-and"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/1783522640199.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>सिद्धार्थनगर।</strong> सिद्धार्थ विश्वविद्यालय, कपिलवस्तु, सिद्धार्थनगर में ग्रीष्मावकाश के उपरांत मंगलवार को शैक्षणिक सत्र 2026–27 का विधिवत शुभारंभ हुआ। सत्र के प्रथम दिवस पर विश्वविद्यालय परिवार ने परिसर स्थित भगवान शिव मंदिर में वैदिक मंत्रोच्चार एवं पूजन-अर्चन के साथ नवीन शैक्षणिक सत्र का शुभारंभ किया तथा विद्यार्थियों, शिक्षकों, कर्मचारियों एवं समूचे विश्वविद्यालय परिवार के उज्ज्वल भविष्य, सुख-समृद्धि एवं शैक्षणिक उन्नति की मंगलकामना की।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इस अवसर पर विश्वविद्यालय की कुलपति प्रोफेसर कविता शाह के नेतृत्व में कुलसचिव डॉ.अश्वनी कुमार, परीक्षा नियंत्रक दीनानाथ यादव, अधिष्ठाता कला संकाय प्रो. नीता यादव, अधिष्ठाता विज्ञान संकाय प्रो. प्रकृति राय, अधिष्ठाता वाणिज्य संकाय प्रो. सौरभ, अधिष्ठाता शैक्षणिक प्रो. जितेन्द्र कुमार सिंह सहित विश्वविद्यालय के शिक्षक एवं अधिकारी उपस्थित रहे।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">पूजन-अनुष्ठान के उपरांत कुलपति प्रोफेसर कविता शाह ने सभी शिक्षकों, अधिकारियों, कर्मचारियों एवं विद्यार्थियों को नवीन शैक्षणिक सत्र की शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि यह सत्र प्रत्येक विद्यार्थी के जीवन में नई उपलब्धियों, नए ज्ञान और नए अवसरों का आधार बने। </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">कुलपति ने विश्वविद्यालय से संबद्ध सभी महाविद्यालयों के प्राचार्यों, शिक्षकों, कर्मचारियों एवं विद्यार्थियों का भी विज्ञप्ति के माध्यम से आह्वान किया कि वे पूर्ण मनोयोग, समर्पण एवं अपनी संपूर्ण क्षमता के साथ अध्ययन-अध्यापन, अनुसंधान एवं शैक्षणिक गतिविधियों में सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करें।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">उन्होंने कहा कि ज्ञान-विज्ञान, अनुसंधान, नवाचार एवं सामाजिक सरोकारों के माध्यम से सिद्धार्थ विश्वविद्यालय न केवल क्षेत्र के विकास में बल्कि राष्ट्र निर्माण में भी अपनी अग्रणी भूमिका का निर्वहन करता रहेगा। उन्होंने आशा व्यक्त की कि शैक्षणिक सत्र 2026–27 विश्वविद्यालय परिवार के लिए नई ऊर्जा, नई उपलब्धियों एवं नई सफलताओं का वर्ष सिद्ध होगा तथा विश्वविद्यालय राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिष्ठा को और अधिक सुदृढ़ करेगा।</div>
<div class="yj6qo" style="text-align:justify;"> </div>
<div class="adL" style="text-align:justify;"> </div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पश्चिमी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 08 Jul 2026 21:29:51 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बस्ती का बढ़ा मान: पत्रकार राहुल सिंह के छोटे भाई विशाल ने बी.फार्मा में प्रथम श्रेणी व विशेष योग्यता के साथ रचा सफलता का नया इतिहास</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती।</strong> जनपद बस्ती के होनहार छात्र एवं पत्रकार राहुल सिंह के छोटे भाई विशाल ने शैक्षणिक क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल कर जिले का गौरव बढ़ाया है।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">वर्ष 2026 में उन्होंने बैचलर ऑफ फार्मेसी (बी.फार्मा) की परीक्षा प्रथम श्रेणी एवं विशेष योग्यता के साथ उत्तीर्ण कर सफलता का नया कीर्तिमान स्थापित किया है। उनकी इस उपलब्धि से परिवार, शिक्षकों, मित्रों और शुभचिंतकों में खुशी की लहर दौड़ गई है</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">विशाल ने यह उपाधि Dr. A.P.J. Abdul Kalam Technical University से प्राप्त की। विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में उन्हें डिग्री प्रदान की गई। यह सम्मान Anandiben Patel की गरिमामयी उपस्थिति में</div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/182928/honor-of-basti-increased-journalist-rahul-singhs-younger-brother-vishal"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/img-20260707-wa0080.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती।</strong> जनपद बस्ती के होनहार छात्र एवं पत्रकार राहुल सिंह के छोटे भाई विशाल ने शैक्षणिक क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल कर जिले का गौरव बढ़ाया है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">वर्ष 2026 में उन्होंने बैचलर ऑफ फार्मेसी (बी.फार्मा) की परीक्षा प्रथम श्रेणी एवं विशेष योग्यता के साथ उत्तीर्ण कर सफलता का नया कीर्तिमान स्थापित किया है। उनकी इस उपलब्धि से परिवार, शिक्षकों, मित्रों और शुभचिंतकों में खुशी की लहर दौड़ गई है</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">विशाल ने यह उपाधि Dr. A.P.J. Abdul Kalam Technical University से प्राप्त की। विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में उन्हें डिग्री प्रदान की गई। यह सम्मान Anandiben Patel की गरिमामयी उपस्थिति में तथा Ashish Patel के हाथों प्रदान किया गया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">विशाल की सफलता उनकी कड़ी मेहनत, अनुशासन और निरंतर अध्ययन का परिणाम मानी जा रही है। उन्होंने यह सिद्ध कर दिया कि लगन, समर्पण और दृढ़ संकल्प के साथ किसी भी लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है। उनकी उपलब्धि बस्ती जनपद के युवाओं और विद्यार्थियों के लिए प्रेरणास्रोत बनकर उभरी है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">परिजनों ने बताया कि विशाल बचपन से ही पढ़ाई के प्रति गंभीर रहे हैं और अपने लक्ष्य को पाने के लिए लगातार मेहनत करते रहे। शिक्षकों ने उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए विश्वास जताया कि वह फार्मेसी के क्षेत्र में उत्कृष्ट सेवाएं देकर समाज और देश का नाम रोशन करेंगे।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">विशाल की इस शानदार सफलता पर क्षेत्र के गणमान्य नागरिकों, शिक्षकों, मित्रों और शुभचिंतकों ने उन्हें हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। सभी ने कहा कि ऐसे प्रतिभाशाली युवा न केवल अपने परिवार, बल्कि पूरे बस्ती जनपद का गौरव बढ़ाते हैं।</div>
</div>
<div class="yj6qo"> </div>
<div class="adL"> </div>
</div>
</div>
</div>
<div class="hq gt">
<div class="hp"> </div>
<div class="eqJbab cZD3Qb"></div>
</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 08 Jul 2026 18:13:28 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मूल्यांकन में गड़बड़ी के विरोध में रज्जू भैया विश्वविद्यालय में छात्रों का प्रदर्शन।</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात।</strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>प्रयागराज। ।</strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">प्रोफेसर राजेंद्र सिंह (रज्जू भैया) राज्य विश्वविद्यालय, प्रयागराज के नैनी परिसर में गुरुवार को विधि (एलएलबी) छठे सेमेस्टर के छात्रों ने मूल्यांकन में कथित गड़बड़ी को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताते हुए परीक्षा परिणामों की निष्पक्ष जांच और पुनर्मूल्यांकन की मांग की।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">प्रदर्शन कर रहे छात्रों का आरोप है कि हाल ही में घोषित किए गए छठे सेमेस्टर के परीक्षा परिणामों में अनेक विद्यार्थियों को अपेक्षा से बेहद कम अंक दिए गए हैं। कई ऐसे छात्र, जिनका शैक्षणिक प्रदर्शन पूर्व में बेहतर रहा है, उन्हें भी</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/182481/demonstration-of-students-in-rajju-bhaiya-university-against-irregularities-in"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/img-20260625-wa0084.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात।</strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>प्रयागराज। ।</strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">प्रोफेसर राजेंद्र सिंह (रज्जू भैया) राज्य विश्वविद्यालय, प्रयागराज के नैनी परिसर में गुरुवार को विधि (एलएलबी) छठे सेमेस्टर के छात्रों ने मूल्यांकन में कथित गड़बड़ी को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताते हुए परीक्षा परिणामों की निष्पक्ष जांच और पुनर्मूल्यांकन की मांग की।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">प्रदर्शन कर रहे छात्रों का आरोप है कि हाल ही में घोषित किए गए छठे सेमेस्टर के परीक्षा परिणामों में अनेक विद्यार्थियों को अपेक्षा से बेहद कम अंक दिए गए हैं। कई ऐसे छात्र, जिनका शैक्षणिक प्रदर्शन पूर्व में बेहतर रहा है, उन्हें भी असामान्य रूप से कम अंक प्राप्त हुए हैं। इससे छात्रों में असंतोष और चिंता का माहौल है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">छात्रों ने विश्वविद्यालय परिसर में एकत्र होकर नारेबाजी की और प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की। उनका कहना था कि मूल्यांकन प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी दिखाई दे रही है, जिससे विद्यार्थियों के भविष्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। छात्रों ने उत्तर पुस्तिकाओं की दोबारा जांच कराने तथा संपूर्ण मूल्यांकन प्रक्रिया की समीक्षा करने की मांग उठाई।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">प्रदर्शनकारियों का कहना है कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने की भी मांग की।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">वहीं विश्वविद्यालय प्रशासन ने छात्रों की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए मामले की जांच कराने का आश्वासन दिया है। अधिकारियों का कहना है कि छात्रों द्वारा उठाए गए सभी बिंदुओं की समीक्षा की जाएगी और यदि कहीं कोई त्रुटि पाई जाती है तो नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">विश्वविद्यालय परिसर में प्रदर्शन के दौरान स्थिति शांतिपूर्ण बनी रही। प्रशासनिक अधिकारियों और विश्वविद्यालय कर्मियों ने छात्रों से वार्ता कर उनकी समस्याएं सुनीं तथा उचित समाधान का भरोसा दिलाया।</div>
<div class="yj6qo"> </div>
<div class="adL"> </div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 01 Jul 2026 20:31:25 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>दशम दीक्षांत समारोह की सभी तैयारियां पूर्ण,  भव्य आयोजन आज</title>
                                    <description><![CDATA[<div>
<blockquote class="format1">
<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात संवाददाता </strong></div>
<div style="text-align:justify;"><strong>सिद्धार्थनगर।</strong></div>
</blockquote>
</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">सिद्धार्थ विश्वविद्यालय, कपिलवस्तु, सिद्धार्थनगर में 29 जून 2026 को आयोजित होने वाले दशम दीक्षांत समारोह की सभी तैयारियां पूर्ण कर ली गई हैं। आज विश्वविद्यालय में विद्या परिषद एवं कार्य परिषद की बैठक आयोजित की गई, जिसके उपरांत संपूर्ण कार्यक्रम का अंतिम पूर्वाभ्यास सम्पन्न हुआ।</div>
<div style="text-align:justify;">  इस अवसर पर कुलपति प्रो. कविता शाह, कुलसचिव डॉ. अश्वनी कुमार, कार्य परिषद एवं विद्या परिषद के सदस्यों ने विद्वत पारियात्र के साथ दीक्षांत समारोह की तैयारियों का पूर्वाभ्यास किया।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">इस वर्ष विश्वविद्यालय की कार्य परिषद में जनभवन द्वारा नामित दो नए सदस्य, इलाहाबाद उच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश न्यायमूर्ति अनिल</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/182237/all-preparations-for-tenth-convocation-ceremony-completed-grand-event-today"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/1782655142971.jpg" alt=""></a><br /><div>
<blockquote class="format1">
<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात संवाददाता </strong></div>
<div style="text-align:justify;"><strong>सिद्धार्थनगर।</strong></div>
</blockquote>
</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">सिद्धार्थ विश्वविद्यालय, कपिलवस्तु, सिद्धार्थनगर में 29 जून 2026 को आयोजित होने वाले दशम दीक्षांत समारोह की सभी तैयारियां पूर्ण कर ली गई हैं। आज विश्वविद्यालय में विद्या परिषद एवं कार्य परिषद की बैठक आयोजित की गई, जिसके उपरांत संपूर्ण कार्यक्रम का अंतिम पूर्वाभ्यास सम्पन्न हुआ।</div>
<div style="text-align:justify;"> इस अवसर पर कुलपति प्रो. कविता शाह, कुलसचिव डॉ. अश्वनी कुमार, कार्य परिषद एवं विद्या परिषद के सदस्यों ने विद्वत पारियात्र के साथ दीक्षांत समारोह की तैयारियों का पूर्वाभ्यास किया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इस वर्ष विश्वविद्यालय की कार्य परिषद में जनभवन द्वारा नामित दो नए सदस्य, इलाहाबाद उच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश न्यायमूर्ति अनिल कुमार तथा बापू महाविद्यालय, पीपीगंज, गोरखपुर की प्राचार्य डॉ. मंजू मिश्रा भी समारोह में सम्मिलित होंगी। दीक्षांत समारोह में 19 कार्य परिषद सदस्य एवं 51 विद्या परिषद सदस्य सहभागिता करेंगे।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">दशम दीक्षांत समारोह की अध्यक्षता राज्य विश्वविद्यालयों की कुलाधिपति एवं उत्तर प्रदेश की राज्यपाल  आनंदीबेन पटेल करेंगी। समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में पर्यावरणविद् डॉ. मधुलिका अग्रवाल तथा विशिष्ट अतिथि के रूप में उत्तर प्रदेश की उच्च शिक्षा राज्य मंत्री  रजनी तिवारी उपस्थित रहेंगी। रविवार सायंकाल  राज्यपाल का सिद्धार्थ विश्वविद्यालय आगमन प्रस्तावित है तथा उनके सम्मान में विश्वविद्यालय के कला संकाय सभागार में सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">कल दीक्षांत समारोह का शुभारम्भ प्रातः 10:00 बजे वंदे मातरम् एवं राष्ट्रगीत की प्रस्तुति से होगा तथा समापन राष्ट्रगान एवं विद्वत पारियात्रा के प्रत्यावर्तन के साथ किया जाएगा।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इस वर्ष दीक्षांत समारोह का मुख्य आकर्षण स्वर्ण पदक प्राप्त करने वाले विद्यार्थी होंगे। विश्वविद्यालय द्वारा कुल 37 स्वर्ण पदक, जिनमें 13 डोनर स्वर्ण पदक शामिल हैं, प्रदान किए जाएंगे। विशेष रूप से 13 ऐसे विद्यार्थी हैं जिन्हें दो या दो से अधिक स्वर्ण पदक प्राप्त हो रहे हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">समारोह में पीएच.डी. उपाधि प्राप्त करने वाले शोधार्थियों को उपाधि प्रदान की जाएगी। साथ ही विश्वविद्यालय एवं संबद्ध महाविद्यालयों से शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले चार शिक्षकों को सम्मानित किया जाएगा। विश्वविद्यालय के शिक्षकों द्वारा लिखित आठ पुस्तकों का लोकार्पण, दीक्षा उत्सव कार्यक्रम की झलकियां पर आधारित लघु फिल्म का प्रदर्शन, नवनिर्मित बालगृह ‘किलकारी’ एवं दिव्यांगजन सुविधायुक्त डिजिटलाइज्ड लाइब्रेरी का लोकार्पण भी कार्यक्रम के प्रमुख आकर्षण होंगे।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">गोद लिए गए गांवों के बच्चों द्वारा पर्यावरण एवं जल संरक्षण विषयक सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी जाएंगी तथा विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेता छात्र-छात्राओं को पुरस्कृत किया जाएगा। इसके अतिरिक्त आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को किट वितरण का कार्यक्रम भी आयोजित किया जाएगा।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इस अवसर पर कुलपति प्रो. कविता शाह ने कहा कि, दशम दीक्षांत समारोह केवल उपाधि वितरण का अवसर नहीं, बल्कि विद्यार्थियों की उपलब्धियों, समाज के प्रति विश्वविद्यालय की प्रतिबद्धता और नई पीढ़ी के उज्ज्वल भविष्य का उत्सव है। सिद्धार्थ विश्वविद्यालय शिक्षा, शोध, नवाचार और सामाजिक उत्तरदायित्व के समन्वय के साथ निरंतर नई ऊंचाइयों की ओर अग्रसर है। यह दीक्षांत समारोह हमारे विद्यार्थियों, शिक्षकों और समस्त विश्वविद्यालय परिवार के सामूहिक प्रयासों का गौरवपूर्ण प्रतीक बनेगा।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>शिक्षा</category>
                                            <category>अन्य</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 28 Jun 2026 22:34:06 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>37 टॉपर्स को राज्यपाल के हाथों आज मिलेगा गोल्ड मेडल</title>
                                    <description><![CDATA[<div>
<blockquote class="format1">
<div style="text-align:justify;"><strong>  स्वतंत्र प्रभात संवाददाता</strong></div>
<div style="text-align:justify;"><strong>सिद्धार्थनगर।</strong></div>
</blockquote>
</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">नेपाल सीमा से सटे तराई क्षेत्र में जब सिद्धार्थ विश्वविद्यालय की स्थापना की गई थी, तब इसके पीछे सबसे बड़ा उद्देश्य पिछड़े और सीमांत क्षेत्रों के युवाओं, विशेषकर बेटियों को उच्च शिक्षा के बेहतर अवसर उपलब्ध कराना था। एक दशक बाद विश्वविद्यालय का 10वां दीक्षांत समारोह उस उद्देश्य की सफलता की गवाही देता नजर आ रहा है। इस बार दिए जाने वाले 37 स्वर्ण पदकों में 28 पदक छात्राओं के नाम हैं।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">  भगवान गौतम बुद्ध की तपोभूमि में स्थित सिद्धार्थ विश्वविद्यालय की स्थापना 17 जून 2015 में उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर जनपद के कपिलवस्तु में</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">वर्तमान</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/182235/37-toppers-will-get-gold-medal-today-from-the-hands"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/1782656585168.jpg" alt=""></a><br /><div>
<blockquote class="format1">
<div style="text-align:justify;"><strong> स्वतंत्र प्रभात संवाददाता</strong></div>
<div style="text-align:justify;"><strong>सिद्धार्थनगर।</strong></div>
</blockquote>
</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">नेपाल सीमा से सटे तराई क्षेत्र में जब सिद्धार्थ विश्वविद्यालय की स्थापना की गई थी, तब इसके पीछे सबसे बड़ा उद्देश्य पिछड़े और सीमांत क्षेत्रों के युवाओं, विशेषकर बेटियों को उच्च शिक्षा के बेहतर अवसर उपलब्ध कराना था। एक दशक बाद विश्वविद्यालय का 10वां दीक्षांत समारोह उस उद्देश्य की सफलता की गवाही देता नजर आ रहा है। इस बार दिए जाने वाले 37 स्वर्ण पदकों में 28 पदक छात्राओं के नाम हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> भगवान गौतम बुद्ध की तपोभूमि में स्थित सिद्धार्थ विश्वविद्यालय की स्थापना 17 जून 2015 में उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर जनपद के कपिलवस्तु में एक राज्य विश्वविद्यालय के रूप में की गई थी।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">वर्तमान में विश्वविद्यालय से छह जिलों (सिद्धार्थनगर, महराजगंज, संतकबीरनगर, बस्ती, श्रावस्ती और बलरामपुर) के संबद्ध 289 महाविद्यालयों के माध्यम से लगभग दो लाख विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा प्रदान कर रहा है।  शिक्षाविदों का कहना है कि यह उपलब्धि केवल शैक्षणिक उत्कृष्टता का आंकड़ा नहीं है बल्कि उस सामाजिक बदलाव का भी संकेत है, जिसकी उम्मीद विश्वविद्यालय की स्थापना के समय की गई थी। जिन क्षेत्रों में कभी उच्च शिक्षा तक पहुंच सीमित थी, वहां की बेटियां आज विश्वविद्यालय की मेधा सूची में सबसे आगे खड़ी हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> तराई और सीमावर्ती जिलों में लंबे समय तक उच्च शिक्षा के अवसर सीमित रहे। आर्थिक स्थिति, दूरी और सामाजिक परिस्थितियों के कारण बड़ी संख्या में छात्राएं उच्च शिक्षा से वंचित रह जाती थीं। सिद्धार्थ विश्वविद्यालय और इससे संबद्ध महाविद्यालयों के विस्तार ने इस स्थिति में बदलाव लाने का काम किया। अब छात्राओं को घर के नजदीक ही स्नातक, परास्नातक और शोध स्तर तक पढ़ाई का अवसर मिल रहा है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">शिक्षकों का कहना है कि पिछले वर्षों में छात्राओं की भागीदारी लगातार बढ़ी है। इसका परिणाम अब स्वर्ण पदकों और शैक्षणिक उपलब्धियों के रूप में सामने आ रहा है। 37 में 28 स्वर्ण पदक छात्राओं को मिलना इस बात का प्रमाण है कि अवसर मिलने पर बेटियां किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं हैं।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>शिक्षा</category>
                                            <category>अन्य</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 28 Jun 2026 21:39:19 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>दशम दीक्षांत समारोह के लिए तैयारियां अंतिम चरण में, 28 जून को विश्वविद्यालय पहुंचेंगी कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल</title>
                                    <description><![CDATA[<div>
<blockquote class="format1">
<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात संवाददाता </strong></div>
<div style="text-align:justify;"><strong>सिद्धार्थनगर।</strong></div>
</blockquote>
</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">सिद्धार्थ विश्वविद्यालय, कपिलवस्तु, सिद्धार्थनगर की कुलपति प्रोफेसर कविता शाह ने बताया कि विश्वविद्यालय का दशम दीक्षांत समारोह आगामी 29 जून, 2026 को अत्यंत गरिमामय एवं भव्य रूप से आयोजित किया जाएगा।कुलपति ने अपने विज्ञप्ति में बताया कि जन भवन से प्राप्त सूचना के आधार पर विश्वविद्यालय की कुलाधिपति एवं उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल 28 जून को अपराह्न विश्वविद्यालय परिसर में आगमन करेंगी तथा अगले दिन आयोजित दीक्षांत समारोह में सम्मिलित होकर विद्यार्थियों को उपाधि एवं पदक प्रदान करेंगी।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">दीक्षांत समारोह की मुख्य अतिथि प्रतिष्ठित पर्यावरणविद् एवं बनारस हिंदू विश्वविद्यालय की प्रोफेसर डॉ. मधूलिका अग्रवाल</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/182187/chancellor-anandiben-patel-will-reach-the-university-on-june-28"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/1782570999060.jpg" alt=""></a><br /><div>
<blockquote class="format1">
<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात संवाददाता </strong></div>
<div style="text-align:justify;"><strong>सिद्धार्थनगर।</strong></div>
</blockquote>
</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">सिद्धार्थ विश्वविद्यालय, कपिलवस्तु, सिद्धार्थनगर की कुलपति प्रोफेसर कविता शाह ने बताया कि विश्वविद्यालय का दशम दीक्षांत समारोह आगामी 29 जून, 2026 को अत्यंत गरिमामय एवं भव्य रूप से आयोजित किया जाएगा।कुलपति ने अपने विज्ञप्ति में बताया कि जन भवन से प्राप्त सूचना के आधार पर विश्वविद्यालय की कुलाधिपति एवं उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल 28 जून को अपराह्न विश्वविद्यालय परिसर में आगमन करेंगी तथा अगले दिन आयोजित दीक्षांत समारोह में सम्मिलित होकर विद्यार्थियों को उपाधि एवं पदक प्रदान करेंगी।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">दीक्षांत समारोह की मुख्य अतिथि प्रतिष्ठित पर्यावरणविद् एवं बनारस हिंदू विश्वविद्यालय की प्रोफेसर डॉ. मधूलिका अग्रवाल होंगी। कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश सरकार के उच्च शिक्षा मंत्री योगेन्द्र उपाध्याय अति विशिष्ट अतिथि तथा उच्च शिक्षा राज्य मंत्री रजनी तिवारी विशिष्ट अतिथि के रूप में सम्मिलित होंगी।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">उन्होंने बताया कि दीक्षांत कार्यक्रम में एक से अधिक स्वर्ण पदक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों के माता-पिता को भी मंच तक आमंत्रित किया जाएगा, जिससे वे अपने बच्चों की उपलब्धि के इस गौरवपूर्ण क्षण के साक्षी बन सकें। विश्वविद्यालय द्वारा गोद लिए गए गांवों के छोटे बच्चों द्वारा पर्यावरण संरक्षण पर आधारित सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किए जाएंगे।</div>
<div style="text-align:justify;">पर्यावरण संरक्षण विषयक आयोजित भाषण, निबंध एवं चित्रकला प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले तीन विद्यार्थियों को भी कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल द्वारा सम्मानित किया जाएगा।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">भाषण प्रतियोगिता में कक्षा-7 की खुशी कुमारी, निबंध प्रतियोगिता में कक्षा-8 की रंजनी गुप्ता तथा चित्रकला प्रतियोगिता में कक्षा-8 की मधु को पुरस्कृत किया जाएगा।</div>
<div style="text-align:justify;">कुलपति ने बताया कि जनभवन से प्राप्त निर्देशों के आधार पर इस वर्ष दीक्षांत समारोह के अवसर पर सिद्धार्थ विश्वविद्यालय एवं संबद्ध महाविद्यालयों से चार शिक्षकों को शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने हेतु सम्मानित किया जाएगा। इसके लिए निर्धारित प्रोफार्मा पूर्व में ही विश्वविद्यालय एवं संबद्ध महाविद्यालयों को उपलब्ध करा दिया गया था। प्राप्त आवेदनों की स्क्रीनिंग के उपरांत चयनित शिक्षकों के नाम घोषित किए जाएंगे तथा उन्हें कुलाधिपति द्वारा मंच से सम्मानित किया जाएगा।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">उन्होंने यह भी बताया कि दीक्षांत समारोह के अवसर पर सिद्धार्थ विश्वविद्यालय के आठ शिक्षकों द्वारा लिखित पुस्तकों का लोकार्पण भी मंच से कुलाधिपति के कर-कमलों द्वारा किया जाएगा, जो विश्वविद्यालय की शैक्षणिक एवं शोधपरक उपलब्धियों का महत्वपूर्ण प्रतिफल है।  साथ ही स्नातकोत्तर स्तर के विद्यार्थियों को उनके संबंधित संकायाध्यक्षों के माध्यम से प्रमाण-पत्र वितरित किए जाएंगे। इस बार समारोह की व्यवस्था पूर्व वर्षों की अपेक्षा अधिक व्यवस्थित एवं सहभागी स्वरूप में की गई है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">कुलपति ने बताया कि कुलाधिपति की उपस्थिति गौतम बुद्ध प्रेक्षागृह के सभागार में रहेगी तथा वहां से संपूर्ण कार्यक्रम का सीधा प्रसारण कला, विज्ञान एवं वाणिज्य संकायों में किया जाएगा। संबंधित संकायों के विद्यार्थी अपने-अपने संकायों में बैठकर कार्यक्रम का लाइव प्रसारण देख सकेंगे तथा इन स्थलों पर शिक्षकों की भी उपस्थिति रहेगी, जिससे अधिक से अधिक विद्यार्थी इस ऐतिहासिक अवसर के सहभागी बन सकें।</div>
<div class="yj6qo" style="text-align:justify;"> </div>
<div class="adL" style="text-align:justify;"> </div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>शिक्षा</category>
                                            <category>अन्य</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 27 Jun 2026 22:21:06 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>दिव्यांग विद्यार्थियों हेतु डिजिटल रीडिंग मशीन एवं किलकारी बाल देखभाल केंद्र का लोकार्पण करेंगी कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल</title>
                                    <description><![CDATA[<div>
<blockquote class="format1">
<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात संवाददाता </strong></div>
<div style="text-align:justify;"><strong>सिद्धार्थनगर।</strong></div>
</blockquote>
</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">सिद्धार्थ विश्वविद्यालय, कपिलवस्तु, सिद्धार्थनगर में आगामी 29 जून, 2026 को आयोजित होने वाले दशम दीक्षांत समारोह के अवसर पर विश्वविद्यालय की कुलाधिपति एवं उत्तर प्रदेश की राज्यपाल  आनंदीबेन पटेल द्वारा विश्वविद्यालय में नवस्थापित केंद्रीय डिजिटल लाइब्रेरी में दिव्यांग विद्यार्थियों की सुविधा हेतु स्थापित डिजिटल रीडिंग मशीन तथा किलकारी बाल देखभाल केंद्र का लोकार्पण किया जाएगा।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">इस संबंध में पुस्तकालय प्रभारी डॉ. आशुतोष कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि विश्वविद्यालय का केंद्रीय पुस्तकालय पूर्णतः डिजिटल स्वरूप में विकसित किया गया है। इसमें दिव्यांग विद्यार्थियों के पठन-पाठन को सुगम बनाने के लिए कीबोर्ड सॉफ्टवेयर एवं अत्याधुनिक स्कैनिंग मशीन की</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/182169/chancellor-anandiben-patel-will-inaugurate-digital-reading-machine-and-kilkari"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/1782570686719-(1).jpg" alt=""></a><br /><div>
<blockquote class="format1">
<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात संवाददाता </strong></div>
<div style="text-align:justify;"><strong>सिद्धार्थनगर।</strong></div>
</blockquote>
</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">सिद्धार्थ विश्वविद्यालय, कपिलवस्तु, सिद्धार्थनगर में आगामी 29 जून, 2026 को आयोजित होने वाले दशम दीक्षांत समारोह के अवसर पर विश्वविद्यालय की कुलाधिपति एवं उत्तर प्रदेश की राज्यपाल  आनंदीबेन पटेल द्वारा विश्वविद्यालय में नवस्थापित केंद्रीय डिजिटल लाइब्रेरी में दिव्यांग विद्यार्थियों की सुविधा हेतु स्थापित डिजिटल रीडिंग मशीन तथा किलकारी बाल देखभाल केंद्र का लोकार्पण किया जाएगा।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इस संबंध में पुस्तकालय प्रभारी डॉ. आशुतोष कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि विश्वविद्यालय का केंद्रीय पुस्तकालय पूर्णतः डिजिटल स्वरूप में विकसित किया गया है। इसमें दिव्यांग विद्यार्थियों के पठन-पाठन को सुगम बनाने के लिए कीबोर्ड सॉफ्टवेयर एवं अत्याधुनिक स्कैनिंग मशीन की व्यवस्था की गई है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इस मशीन के माध्यम से किसी भी पुस्तक को स्कैन कर उसे 100 से अधिक भाषाओं में अनुवादित किया जा सकता है। अनुवादित सामग्री को वॉइस सुविधा के माध्यम से सुना भी जा सकता है, जो विशेष रूप से दृष्टिबाधित एवं दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगी।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">दशम दीक्षांत समारोह की तैयारियों के क्रम में आज विश्वविद्यालय में कार्यक्रम का पूर्ण एवं व्यवस्थित पूर्वाभ्यास (रिहर्सल) भी किया गया। इस वर्ष समारोह स्थल में परिवर्तन किए जाने के कारण पूर्वाभ्यास विशेष रूप से महत्वपूर्ण रहा। पूर्वाभ्यास के दौरान मंच संचालन, अतिथियों के आगमन, पदक एवं उपाधि वितरण, सांस्कृतिक कार्यक्रमों तथा समस्त व्यवस्थाओं का क्रमबद्ध अभ्यास किया गया, जिससे समारोह का सफल एवं गरिमामय आयोजन सुनिश्चित किया जा सके।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/182169/chancellor-anandiben-patel-will-inaugurate-digital-reading-machine-and-kilkari</link>
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                <pubDate>Sat, 27 Jun 2026 21:45:49 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>देश की शिक्षा प्रणाली एक्सटोर्शन मशीन, बच्चों को दबाती-कुचलती है, इसे बदलना होगा: राहुल गांधी ।</title>
                                    <description><![CDATA[<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><strong><span lang="hi" xml:lang="hi">स्वतंत्र प्रभात ब्यूरो प्रयागराज।</span></strong></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने बुधवार को </span>'<span lang="hi" xml:lang="hi">कोचिंग हब</span>' <span lang="hi" xml:lang="hi">के रूप में विख्यात कोटा शहर में छात्रों के साथ संवाद कार्यक्रम </span>'<span lang="hi" xml:lang="hi">छात्रों की गूंज</span>' <span lang="hi" xml:lang="hi">में देश की शिक्षा प्रणाली की प्रासंगकिता पर सवाल उठाते हुए कहा कि यह हमारे बच्चों को दबाती और कुचलती है जो देश के लिए सही नहीं है। उन्होंने देश की शिक्षा प्रणाली को बदलने पर जोर दिया।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">उन्होंने कहा</span>, ‘‘<span lang="hi" xml:lang="hi">हिंदुस्तान की शिक्षा प्रणाली अपने बच्चों को ‘प्रेशराइज’ (दबाव में) करता है। यह उन्हें ‘स्ट्रेस’ (तनाव) देता है। यह बच्चों को दबाता और कुचलता है</span>,</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/181544/the-countrys-education-system-is-an-extortion-machine-that-oppresses"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/hindi-divas10.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><strong><span lang="hi" xml:lang="hi">स्वतंत्र प्रभात ब्यूरो प्रयागराज।</span></strong></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने बुधवार को </span>'<span lang="hi" xml:lang="hi">कोचिंग हब</span>' <span lang="hi" xml:lang="hi">के रूप में विख्यात कोटा शहर में छात्रों के साथ संवाद कार्यक्रम </span>'<span lang="hi" xml:lang="hi">छात्रों की गूंज</span>' <span lang="hi" xml:lang="hi">में देश की शिक्षा प्रणाली की प्रासंगकिता पर सवाल उठाते हुए कहा कि यह हमारे बच्चों को दबाती और कुचलती है जो देश के लिए सही नहीं है। उन्होंने देश की शिक्षा प्रणाली को बदलने पर जोर दिया।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">उन्होंने कहा</span>, ‘‘<span lang="hi" xml:lang="hi">हिंदुस्तान की शिक्षा प्रणाली अपने बच्चों को ‘प्रेशराइज’ (दबाव में) करता है। यह उन्हें ‘स्ट्रेस’ (तनाव) देता है। यह बच्चों को दबाता और कुचलता है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जो देश के भविष्य के लिए बिल्कुल सही नहीं है।’’ उन्होंने कहा</span>, ‘‘<span lang="hi" xml:lang="hi">मैं चाहता हूं कि हम सब मिलकर इसके खिलाफ लड़ाई लड़ें</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">ताकि आगे से किसी भी बच्चे को </span>'<span lang="hi" xml:lang="hi">आत्मघाती</span>' <span lang="hi" xml:lang="hi">कदम न उठाना पड़े।’’</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">इससे पहले राहुल गांधी ने कहा कि उनकी छात्रों और युवाओं के साथ इस संवाद का मकसद राजनीतिक नहीं है। उन्होंने कहा</span>, ‘‘<span lang="hi" xml:lang="hi">यह कोई राजनीतिक बैठक नहीं है। इसमें भारत की शिक्षा प्रणाली पर चर्चा होगी कि इसमें क्या कमियां हैं और क्या सुधार करने की जरूरत है।’’ उन्होंने कहा</span>, ‘‘<span lang="hi" xml:lang="hi">यह बैठक आपके बारे में है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">उन युवाओं के बारे में है जो अपना भविष्य बनाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। यह शाम आपके बारे में है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">उन चुनौतियों के बारे में जिनका आप हर दिन सामना कर रहे हैं।"</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष ने विभिन्न प्रतियोगी परीक्षा की तैयार कर रहे पांच छात्रों को मंच पर बुलाया और उनसे बात की। उन्होंने एक छात्रा और उसके अभिभावकों से भी मंच पर बात की। उन्होंने कहा</span>, ‘‘<span lang="hi" xml:lang="hi">हम अभी आज राजनीतिक बात नहीं कर रहे हैं। मैं हिंदुस्तान के भविष्य की बात कर रहा हूं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">आपके भविष्य की बात कर रहा हूं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">देश के भविष्य की बात कर रहा हूं। हमें इस (शिक्षा) प्रणाली को बदलना होगा और इस प्रणाली को ठीक करना होगा।’’</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">उन्होंने कहा कि हम ऐसी शिक्षा प्रणाली चाहते हैं जो हर भारतीय को बड़ा सपना देखने का मौका दे और उसे पूरा करे। सबसे बड़ी बात आपका यह सपना न्यूनतम लागत पर</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बिना आपकी जेब से लाखों करोड़ रुपये छीने करना चाहिए। उन्होंने कहा</span>, ‘‘<span lang="hi" xml:lang="hi">देश की शिक्षा प्रणाली हिंदुस्तान के सबसे गरीब मध्यम वर्ग के लोगों से एक परीक्षा के लिए उतना पैसा छीनता है जितना शिक्षा का बजट है और पांच बड़ी परीक्षा के लिए उतना पैसा छीनता है जितने पांच बड़े मंत्रालयों को बजट मिलता है। ये शर्मनाक है। हमें इसे बदलना होगा।’’</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">उन्होंने कहा</span>, ‘‘<span lang="hi" xml:lang="hi">भारत की शिक्षा प्रणाली शोषण (एक्सटोर्शन) मशीन है। ये आपसे पैसे लेने का ‘सिस्टम’ है। ये सिर्फ शिक्षा देने का ‘सिस्टम’ नहीं है। ये परीक्षा के आधार पर आपसे लाखों करोड़ रुपये छीनने का ‘सिस्टम’ है।’’ कांग्रेस नेता ने कहा कि यह कार्यक्रम इस आंदोलन की शुरुआत है। उन्होंने युवाओं से इससे जुड़ने और अपने सुझाव देने की अपील की कि हम इस प्रणाली को कैसे बदलें।</span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/181544/the-countrys-education-system-is-an-extortion-machine-that-oppresses</link>
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                <pubDate>Fri, 19 Jun 2026 14:05:21 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>शिक्षा का बाजारीकरण और छात्रों का भविष्य</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;" align="right"><strong>  <span lang="hi" xml:lang="hi">महेन्द्र तिवारी</span></strong></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;">भारत में शिक्षा अब केवल ज्ञान प्राप्त करने का माध्यम नहीं रह गई है। यह धीरे धीरे एक विशाल व्यापार में बदल चुकी है। इस व्यापार का सबसे चमकदार और सबसे खतरनाक चेहरा निजी प्रतियोगी शिक्षण उद्योग है। शहरों की दीवारों से लेकर चलभाष पटल तक हर जगह सर्वोच्च अंक प्राप्त करने वाले छात्रों की मुस्कान, चयनित विद्यार्थियों की तस्वीरें और सफलता के बड़े बड़े दावे दिखाई देते हैं। ऐसा माहौल बना दिया गया है कि बिना इन संस्थानों के सफलता असंभव लगने लगती है। लाखों परिवार अपनी आर्थिक स्थिति से ऊपर उठकर बच्चों को इन केंद्रों में</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/180637/commercialization-of-education-and-the-future-of-students"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/download.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;" align="right"><strong> <span lang="hi" xml:lang="hi">महेन्द्र तिवारी</span></strong></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;">भारत में शिक्षा अब केवल ज्ञान प्राप्त करने का माध्यम नहीं रह गई है। यह धीरे धीरे एक विशाल व्यापार में बदल चुकी है। इस व्यापार का सबसे चमकदार और सबसे खतरनाक चेहरा निजी प्रतियोगी शिक्षण उद्योग है। शहरों की दीवारों से लेकर चलभाष पटल तक हर जगह सर्वोच्च अंक प्राप्त करने वाले छात्रों की मुस्कान, चयनित विद्यार्थियों की तस्वीरें और सफलता के बड़े बड़े दावे दिखाई देते हैं। ऐसा माहौल बना दिया गया है कि बिना इन संस्थानों के सफलता असंभव लगने लगती है। लाखों परिवार अपनी आर्थिक स्थिति से ऊपर उठकर बच्चों को इन केंद्रों में भेज रहे हैं क्योंकि उन्हें लगता है कि यही उनके भविष्य का एकमात्र रास्ता है।</p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;">सरकारी सर्वेक्षणों के अनुसार आज भारत में लगभग 27 से 33 प्रतिशत छात्र किसी न किसी प्रकार की निजी शिक्षा ले रहे हैं। शहरी क्षेत्रों में यह संख्या और अधिक है। दिल्ली जैसे शहरों में लगभग 39 प्रतिशत छात्र इन संस्थानों से जुड़े हुए पाए गए हैं। यह आंकड़ा केवल शिक्षा की स्थिति नहीं बताता बल्कि उस मानसिक दबाव को भी दिखाता है जिसमें समाज जी रहा है। विद्यालयों और महाविद्यालयों पर भरोसा कम हुआ है और इन व्यापारिक केंद्रों को सफलता का संक्षिप्त मार्ग मान लिया गया है।</p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;">सबसे चिंताजनक बात यह है कि इस उद्योग का बड़ा हिस्सा शिक्षा से ज्यादा विपणन पर टिका हुआ है। आज आभासी माध्यमों से छात्रों को जोड़ने का काम बड़े स्तर पर किया जा रहा है। एक प्रतिवेदन के अनुसार लगभग 62 प्रतिशत प्रवेश अब अंतर्जाल आधारित प्रचार के माध्यम से हो रहे हैं। इसका अर्थ यह है कि शिक्षा अब विज्ञापन और पहचान निर्माण के उसी प्रतिरूप पर चल रही है जिस पर कोई बड़ा व्यावसायिक प्रतिष्ठान चलता है। फर्क केवल इतना है कि यहां उत्पाद कोई वस्तु नहीं बल्कि छात्रों का भविष्य है।</p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;">इन संस्थानों की सबसे बड़ी चाल उनका चयन प्रदर्शन होता है। हजारों और लाखों छात्रों की भीड़ में यदि 5 या 10 छात्रों का चयन हो जाए तो वही चेहरे हर विज्ञापन पट्ट पर दिखाई देने लगते हैं। ऐसा माहौल तैयार किया जाता है कि हर छात्र को लगे कि अगला चेहरा उसी का होगा। लेकिन कोई यह नहीं पूछता कि बाकी हजारों छात्रों का क्या हुआ। वे छात्र जो वर्षों तक शुल्क भरते रहे, जो किराये के कमरों में रहकर तैयारी करते रहे, जिनके परिवार कर्ज में डूब गए, उनका संघर्ष किसी विज्ञापन में जगह नहीं पाता।</p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;">यहां सबसे बड़ा खेल संख्या का है। कुछ संस्थान कम शुल्क रखकर गरीब और मध्यमवर्गीय छात्रों की भारी भीड़ जुटाते हैं। 1000 या 2000 रुपये का शुल्क सुनकर छात्रों को लगता है कि उन्हें बहुत बड़ा अवसर मिल रहा है। लेकिन जब ऐसे लाखों छात्र जुड़ते हैं तो वही छोटी रकम करोड़ों का कारोबार बना देती है। कम शुल्क का मतलब सेवा भावना नहीं होता। कई बार यह भीड़ इकट्ठा करने की रणनीति होती है। जितनी बड़ी भीड़, उतना बड़ा मुनाफा और उतनी ही बड़ी सफलता की कहानी।</p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;">विडंबना यह है कि छात्र मेहनत अपनी करते हैं लेकिन श्रेय पूरा संस्थान ले जाता है। यदि कोई छात्र सफल हो जाए तो संस्था कहती है कि यह उसकी शिक्षा का परिणाम है। लेकिन यदि लाखों छात्र असफल हो जाएं तो उसकी जिम्मेदारी कोई नहीं लेता। असफल छात्र को कहा जाता है कि उसने पर्याप्त मेहनत नहीं की। इस तरह सफलता संस्थान की और असफलता छात्र की बना दी जाती है। आज इस उद्योग ने छात्रों की मानसिकता भी बदल दी है। पहले शिक्षा का उद्देश्य समझ विकसित करना होता था। अब शिक्षा केवल परीक्षा पास करने तक सीमित</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                            <category>संपादकीय</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 04 Jun 2026 18:41:49 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
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                <title>सामान्य विश्वविद्यालय प्रवेश परीक्षा में तकनीकी खामी, कई केंद्रों पर परीक्षा शुरू होने में हुई देरी</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली, </strong> राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी ने आज सूचित किया है कि साझा विश्वविद्यालय स्नातक प्रवेश परीक्षा 2026 के दौरान कुछ परीक्षा केंद्रों पर बड़ी तकनीकी गड़बड़ी हो गई। इससे परीक्षा शुरू करने में देरी हुई। एजेंसी के अनुसार, परीक्षा आयोजन की जिम्मेदारी संभाल रही कंपनी ने बताया कि उनके स्तर पर हुई तकनीकी समस्या के कारण 30 मई 2026 को कुछ केंद्रों पर परीक्षा समय पर शुरू नहीं हो सकी। अब समस्या का समाधान कर लिया गया है और सभी प्रभावित विद्यार्थियों को पूरा अतिरिक्त समय दिया जा रहा है ताकि किसी भी अभ्यर्थी के साथ अन्याय न हो।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;"><strong>दोपहर</strong></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/180353/technical-glitch-in-common-university-entrance-examination-delay-in-commencement"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-05/neet-ug-2026-exam-2-780x470.webp" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली, </strong> राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी ने आज सूचित किया है कि साझा विश्वविद्यालय स्नातक प्रवेश परीक्षा 2026 के दौरान कुछ परीक्षा केंद्रों पर बड़ी तकनीकी गड़बड़ी हो गई। इससे परीक्षा शुरू करने में देरी हुई। एजेंसी के अनुसार, परीक्षा आयोजन की जिम्मेदारी संभाल रही कंपनी ने बताया कि उनके स्तर पर हुई तकनीकी समस्या के कारण 30 मई 2026 को कुछ केंद्रों पर परीक्षा समय पर शुरू नहीं हो सकी। अब समस्या का समाधान कर लिया गया है और सभी प्रभावित विद्यार्थियों को पूरा अतिरिक्त समय दिया जा रहा है ताकि किसी भी अभ्यर्थी के साथ अन्याय न हो।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;"><strong>दोपहर सत्र का संशोधित समय</strong></div><div style="text-align:justify;">एजेंसी ने दोपहर के सत्र के लिए समय में बदलाव किया है। अब अभ्यर्थियों को इस प्रकार निर्देश दिए गए हैं:</div><div style="text-align:justify;">रिपोर्टिंग और प्रवेश दोपहर ढाई बजे से शुरू होगा। परीक्षा दोपहर चार बजे से शुरू होगी।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">सुबह की पारी में परीक्षा देने वाले विद्यार्थियों को पूरे निर्धारित समय तक परीक्षा पूरी करने की छूट दी गई है। वे परीक्षा समाप्त होने के बाद ही केंद्र से बाहर निकल सकेंगे। राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी ने छात्रों और उनके अभिभावकों को हुई परेशानी पर खेद जताया है। एजेंसी ने कहा कि वह सभी विद्यार्थियों के हितों की पूरी रक्षा करेगी।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">विद्यार्थियों को सलाह दी गई है कि वे समय-समय पर आधिकारिक वेबसाइट पर नवीनतम जानकारी देखते रहें। हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया गया है जहां से सहायता ली जा सकती है।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">यह घटना परीक्षा के पहले दिन हुई है जिससे देशभर के हजारों छात्रों को असुविधा का सामना करना पड़ा। एजेंसी का कहना है कि सभी केंद्रों पर परीक्षा सुचारू रूप से चल रही है और किसी भी विद्यार्थी के भविष्य पर इसका कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 30 May 2026 22:46:55 +0530</pubDate>
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