<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://www.swatantraprabhat.com/tag/92877/tree-conservation" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Swatantra Prabhat RSS Feed Generator</generator>
                <title>Tree Conservation - Swatantra Prabhat</title>
                <link>https://www.swatantraprabhat.com/tag/92877/rss</link>
                <description>Tree Conservation RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>ग्राम पंचायत ढोढ़री में सागौन, शीशम, आम व नीम के पेड़ों की अवैध तरीके हो रही कटान</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती। </strong>जनपद बस्ती के गौर थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत ढोढ़री में सागौन, शीशम, आम और नीम समेत हरे-भरे पेड़ों की कथित कटान का मामला सामने आया है। पेड़ों की कटान को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी है और वन विभाग की निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">स्थानीय सूत्रों के अनुसार, गांव में हाल के दिनों में करीब तीन से चार हरे पेड़ों को काटकर धराशायी किए जाने की बात सामने आई है। इनमें सागौन, शीशम और आम के पेड़ शामिल बताए जा रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि यदि समय रहते कटान पर रोक नहीं लगाई गई</div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/185498/illegal-cutting-of-teak-rosewood-mango-and-neem-trees-is"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-08/img-20260817-wa0121.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती। </strong>जनपद बस्ती के गौर थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत ढोढ़री में सागौन, शीशम, आम और नीम समेत हरे-भरे पेड़ों की कथित कटान का मामला सामने आया है। पेड़ों की कटान को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी है और वन विभाग की निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">स्थानीय सूत्रों के अनुसार, गांव में हाल के दिनों में करीब तीन से चार हरे पेड़ों को काटकर धराशायी किए जाने की बात सामने आई है। इनमें सागौन, शीशम और आम के पेड़ शामिल बताए जा रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि यदि समय रहते कटान पर रोक नहीं लगाई गई तो क्षेत्र में मौजूद पुराने और हरे-भरे पेड़ों पर भी लकड़ी कारोबारियों की नजर पड़ सकती है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">मामले में रेंजर सोनल वर्मा और हल्का वन दरोगा अजय कुमार भारती की भूमिका को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। हालांकि इन अधिकारियों की भूमिका को लेकर लगाए जा रहे आरोपों की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि बिना अनुमति हरे पेड़ों की कटान हुई है तो संबंधित वनकर्मियों को इसकी जानकारी समय रहते क्यों नहीं हुई? क्या क्षेत्र में नियमित निगरानी की व्यवस्था प्रभावी नहीं है? ग्रामीणों का कहना है कि पेड़ों की कटान के मामलों में वन विभाग को मौके पर पहुंचकर तत्काल जांच करनी चाहिए।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">मामले की गंभीरता को देखते हुए DFO ने ढोढ़री में हरे पेड़ों की कटान के प्रकरण की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। अब वन विभाग की जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि कितने पेड़ काटे गए, उनकी प्रजाति क्या थी और कटान के लिए कोई वैध अनुमति ली गई थी या नहीं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">ग्रामीणों ने मांग की है कि वन विभाग मौके पर पहुंचकर काटे गए पेड़ों की संख्या, प्रजाति, लकड़ी की स्थिति और संबंधित अनुमति पत्रों की जांच करे। यदि जांच में अवैध कटान की पुष्टि होती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाए। उक्त प्रकरण में DFO ने जांच कर कार्रवाई करने का निर्देश दिया है ।</div>
</div>
<div class="yj6qo" style="text-align:justify;"> </div>
<div class="adL" style="text-align:justify;"> </div>
</div>
</div>
</div>
<div class="hq gt">
<div class="hp" style="text-align:justify;"> </div>
<div class="eqJbab cZD3Qb"></div>
</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/185498/illegal-cutting-of-teak-rosewood-mango-and-neem-trees-is</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/185498/illegal-cutting-of-teak-rosewood-mango-and-neem-trees-is</guid>
                <pubDate>Tue, 18 Aug 2026 17:14:00 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-08/img-20260817-wa0121.jpg"                         length="473868"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>महराजगंज कोतवाली क्षेत्र के कुबना गांव में फलदार पेड़ों पर ठेकेदार द्वारा चलाया गया आरा</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>महराजगंज/रायबरेली: </strong>   महराजगंज/रायबरेली: महराजगंज कोतवाली क्षेत्र के कुबना गांव में फलदार पेड़ों की कथित अवैध कटान का मामला सामने आने से क्षेत्र में हड़कंप मच गया है। आरोप है कि, लकड़ी ठेकेदार 'जादूगर' द्वारा आम के हरे एवं सूखे फलदार पेड़ों पर बिना वैध अनुमति आरा चलवाकर शुक्रवार को कटान कराई गई। मामले के सामने आने के बाद स्थानीय ग्रामीणों में नाराजगी व्याप्त है और कार्रवाई की मांग तेज हो गई है।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">आपको बता दें कि, वन विभागीय सूत्रों के अनुसार, संबंधित पेड़ों की कटान के लिए आवश्यक अनुमति होने को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। प्रारंभिक जानकारी में बिना</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/182373/a-saw-run-by-a-contractor-on-fruit-trees-in"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/img-20260627-wa0218.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>महराजगंज/रायबरेली: </strong>  महराजगंज/रायबरेली: महराजगंज कोतवाली क्षेत्र के कुबना गांव में फलदार पेड़ों की कथित अवैध कटान का मामला सामने आने से क्षेत्र में हड़कंप मच गया है। आरोप है कि, लकड़ी ठेकेदार 'जादूगर' द्वारा आम के हरे एवं सूखे फलदार पेड़ों पर बिना वैध अनुमति आरा चलवाकर शुक्रवार को कटान कराई गई। मामले के सामने आने के बाद स्थानीय ग्रामीणों में नाराजगी व्याप्त है और कार्रवाई की मांग तेज हो गई है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">आपको बता दें कि, वन विभागीय सूत्रों के अनुसार, संबंधित पेड़ों की कटान के लिए आवश्यक अनुमति होने को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। प्रारंभिक जानकारी में बिना वैध स्वीकृति के कटान किए जाने की बात सामने आई है। हालांकि, विभागीय स्तर पर मामले की जांच के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इस बीच कथित अवैध कटान से जुड़े फोटो और वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं। वायरल तस्वीरों के बाद मामला चर्चा का विषय बन गया है और ग्रामीणों ने दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की मांग उठाई है। लोगों का कहना है कि, यदि समय रहते प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई तो पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने वाले ऐसे मामलों को बढ़ावा मिलेगा।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">सूत्रों का यह भी कहना है कि, यदि जांच में अवैध कटान की पुष्टि होती है तो संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध भारतीय वन अधिनियम एवं अन्य प्रासंगिक कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जा सकती है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">फिलहाल पूरे मामले पर वन विभाग और स्थानीय प्रशासन की निगाहें टिकी हुई हैं। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि, जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ क्या कार्रवाई की जाती है।महराजगंज कोतवाली क्षेत्र के कुबना गांव में फलदार पेड़ों की कथित अवैध कटान का मामला सामने आने से क्षेत्र में हड़कंप मच गया है। आरोप है कि, लकड़ी ठेकेदार 'जादूगर' द्वारा आम के हरे एवं सूखे फलदार पेड़ों पर बिना वैध अनुमति आरा चलवाकर शुक्रवार को कटान कराई गई। मामले के सामने आने के बाद स्थानीय ग्रामीणों में नाराजगी व्याप्त है और कार्रवाई की मांग तेज हो गई है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">आपको बता दें कि, वन विभागीय सूत्रों के अनुसार, संबंधित पेड़ों की कटान के लिए आवश्यक अनुमति होने को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। प्रारंभिक जानकारी में बिना वैध स्वीकृति के कटान किए जाने की बात सामने आई है। हालांकि, विभागीय स्तर पर मामले की जांच के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इस बीच कथित अवैध कटान से जुड़े फोटो और वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं। वायरल तस्वीरों के बाद मामला चर्चा का विषय बन गया है और ग्रामीणों ने दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की मांग उठाई है। लोगों का कहना है कि, यदि समय रहते प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई तो पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने वाले ऐसे मामलों को बढ़ावा मिलेगा।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">सूत्रों का यह भी कहना है कि, यदि जांच में अवैध कटान की पुष्टि होती है तो संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध भारतीय वन अधिनियम एवं अन्य प्रासंगिक कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जा सकती है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">फिलहाल पूरे मामले पर वन विभाग और स्थानीय प्रशासन की निगाहें टिकी हुई हैं। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि, जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ क्या कार्रवाई की जाती है।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पश्चिमी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/182373/a-saw-run-by-a-contractor-on-fruit-trees-in</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/182373/a-saw-run-by-a-contractor-on-fruit-trees-in</guid>
                <pubDate>Tue, 30 Jun 2026 18:03:46 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-06/img-20260627-wa0218.jpg"                         length="244693"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>प्रतिबंधित पेड़ो पर आरा चला रहे है लकड़कट्टे</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>सकरन:</strong> थाना सकरन क्षेत्र के गांव में लकड़कट्टों ने प्रतिबंधित जामुन के पेड़ों की निर्भीक अवैध कटाई कर दी है। सरे आम हो रही इस कटाई से स्थानीय पर्यावरण को गंभीर खतरा पैदा हो गया है।  बड़े जामुन के पेड़ को हाल ही में आरा चलाकर काट दिया गया है।  जामुन के पेड़ वन विभाग के नियमों के तहत संरक्षित श्रेणी में आते हैं। इनकी कटाई के लिए वन विभाग की लिखित अनुमति अनिवार्य है, लेकिन थाना सकरन क्षेत्र के गांव में लकड़कट्टे बिना किसी डर के खुले आम इन पेड़ों को काट रहे हैं।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">स्थानीय सूत्रों के अनुसार यह</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/180344/woodcutters-are-running-saws-on-banned-trees"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-05/17209.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>सकरन:</strong> थाना सकरन क्षेत्र के गांव में लकड़कट्टों ने प्रतिबंधित जामुन के पेड़ों की निर्भीक अवैध कटाई कर दी है। सरे आम हो रही इस कटाई से स्थानीय पर्यावरण को गंभीर खतरा पैदा हो गया है।  बड़े जामुन के पेड़ को हाल ही में आरा चलाकर काट दिया गया है।  जामुन के पेड़ वन विभाग के नियमों के तहत संरक्षित श्रेणी में आते हैं। इनकी कटाई के लिए वन विभाग की लिखित अनुमति अनिवार्य है, लेकिन थाना सकरन क्षेत्र के गांव में लकड़कट्टे बिना किसी डर के खुले आम इन पेड़ों को काट रहे हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">स्थानीय सूत्रों के अनुसार यह कोई पहली घटना नहीं है। क्षेत्र में पिछले कई दिनों से ऐसी अवैध कटाई लगातार जारी है।वन विभाग और पुलिस प्रशासन की उदासीनता से अवैध लकड़कट्टों का हौसला बढ़ता जा रहा है। स्थानीय लोगों ने चिंता जताते हुए कहा कि यदि समय रहते रोकथाम नहीं की गई तो पूरे क्षेत्र के जंगल साफ हो जाएंगे। जामुन के पेड़ केवल फल देने वाले ही नहीं, बल्कि मिट्टी के कटाव को रोकने, भूमिगत जल स्तर बनाए रखने और जैव विविधता को संरक्षित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">बड़े पैमाने पर इनकी कटाई से क्षेत्र में पर्यावरणीय असंतुलन, जल संकट और जैव विविधता के नुकसान की आशंका बढ़ती है। स्थानीय निवासियों ने प्रशासन से तुरंत संज्ञान लेने और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।अब देखना यह है कि वन विभाग और थाना सकरन पुलिस इस पर्यावरणीय अपराध पर कितनी तेजी से कार्रवाई करती है।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/180344/woodcutters-are-running-saws-on-banned-trees</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/180344/woodcutters-are-running-saws-on-banned-trees</guid>
                <pubDate>Sat, 30 May 2026 22:34:41 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-05/17209.jpg"                         length="184274"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        