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                <title>Paper Leak Case - Swatantra Prabhat</title>
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                <description>Paper Leak Case RSS Feed</description>
                
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                <title>गांधी प्रतिमा पर ताला, बारिश में भी सपा का प्रदर्शन</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>कानपुर।</strong> समाजवादी पार्टी कानपुर महानगर के महानगर अध्यक्ष हाजी फजल महमूद के नेतृत्व में मंगलवार सुबह 11 बजे फूलबाग स्थित गांधी प्रतिमा पर देश में बढ़ती दमनकारी नीतियों, छात्रों पर हुए लाठीचार्ज तथा कानपुर शहर की बदहाल व्यवस्था के विरोध में प्रदर्शन किया गया। प्रशासन ने कार्यक्रम से पहले ही गांधी प्रतिमा का गेट बंद कर उस पर ताला लगा दिया, जिससे कार्यकर्ताओं को धरना देने से रोकने का प्रयास किया गया। </div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">इसके बावजूद समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता मूसलाधार बारिश में भीगते हुए मौके पर डटे रहे और सरकार व प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए विरोध प्रदर्शन जारी</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/183912/lockdown-on-gandhi-statue-sps-protest-even-in-rain"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/1002117054-(1).jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>कानपुर।</strong> समाजवादी पार्टी कानपुर महानगर के महानगर अध्यक्ष हाजी फजल महमूद के नेतृत्व में मंगलवार सुबह 11 बजे फूलबाग स्थित गांधी प्रतिमा पर देश में बढ़ती दमनकारी नीतियों, छात्रों पर हुए लाठीचार्ज तथा कानपुर शहर की बदहाल व्यवस्था के विरोध में प्रदर्शन किया गया। प्रशासन ने कार्यक्रम से पहले ही गांधी प्रतिमा का गेट बंद कर उस पर ताला लगा दिया, जिससे कार्यकर्ताओं को धरना देने से रोकने का प्रयास किया गया। </div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">इसके बावजूद समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता मूसलाधार बारिश में भीगते हुए मौके पर डटे रहे और सरकार व प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए विरोध प्रदर्शन जारी रखा। प्रदर्शन के उपरांत समाजवादी पार्टी के प्रतिनिधिमंडल ने महानगर अध्यक्ष हाजी फजल महमूद के नेतृत्व में एसीपी कोतवाली श्री अमित कुमार पांडेय को ज्ञापन सौंपकर मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय के खिलाफ की जा रही कार्रवाई रोकने, छात्रों पर हुए लाठीचार्ज की निष्पक्ष जांच कराने, पेपर लीक के दोषियों पर सख्त कार्रवाई करने तथा कानपुर शहर की ज्वलंत जनसमस्याओं का तत्काल समाधान कराने की मांग की।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">प्रदर्शन को संबोधित करते हुए महानगर अध्यक्ष हाजी फजल महमूद ने कहा कि राजनीतिक विद्वेष के चलते रामपुर स्थित मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय को प्रशासनिक कार्रवाई के जरिए निशाना बनाया जा रहा है। वहीं नीट और यूजीसी जैसी परीक्षाओं में पेपर लीक के विरोध में शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे शिक्षाविद सोनम वांगचुक को दिल्ली पुलिस द्वारा जबरन हटाया गया और प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज किया गया। उन्होंने कहा कि संसद मार्च कर रहे छात्र-छात्राओं पर भी लाठीचार्ज कर केंद्र सरकार ने लोकतांत्रिक अधिकारों का दमन किया है। समाजवादी पार्टी इसका पुरजोर विरोध करती है और छात्रों की आवाज को दबाने के हर प्रयास का विरोध जारी रखेगी।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">हाजी फजल महमूद ने कहा कि कानपुर नगर की हालत भी बेहद चिंताजनक हो चुकी है। मुख्यमंत्री ग्रिड योजना के नाम पर पूरे शहर की सड़कों को खोदकर छोड़ दिया गया है, जिससे बारिश में सड़कें दलदल में तब्दील हो गई हैं और लोग रोजाना दुर्घटनाओं का शिकार हो रहे हैं। जाजमऊ स्थित केडीए मार्केट सहित कई बाजारों का व्यापार पूरी तरह प्रभावित हो चुका है। जलभराव, सीवर ओवरफ्लो, भीषण ट्रैफिक जाम, कूड़े के ढेर, मच्छरों का बढ़ता प्रकोप, डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया जैसी बीमारियों का खतरा, अघोषित बिजली कटौती, जर्जर बिजली के पोल तथा खुदाई के दौरान टूटी पेयजल पाइपलाइनें शहरवासियों के लिए गंभीर समस्या बन चुकी हैं। उन्होंने कहा कि कानपुर की जनता टैक्स देने के बावजूद नारकीय जीवन जीने को मजबूर है।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 21 Jul 2026 22:16:01 +0530</pubDate>
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                <title>'यूपीएससी में कभी नहीं हुआ पेपर लीक, एनटीए को सीखने की जरूरत' : सुप्रीम कोर्ट</title>
                                    <description><![CDATA[<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज-</strong> <span lang="hi" xml:lang="hi">नीट-यूजी  2026 परीक्षा रद्द किए जाने और पेपर लीक विवाद से जुड़े मामले में सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) की कार्यप्रणाली पर गंभीर चिंता व्यक्त की। अदालत ने कहा कि जब तक स्पष्ट और व्यक्तिगत जवाबदेही तय नहीं की जाती</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">ऐसी समस्याएं बार-बार सामने आती रहेंगी।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">जस्टिस पी.एस. नरसिम्हा और जस्टिस आलोक आराधे की खंडपीठ एनटीए को भंग करने और उसकी संरचना में व्यापक बदलाव की मांग वाली याचिकाओं पर सुनवाई कर रही थी।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">सुनवाई के दौरान अदालत ने टिप्पणी की कि एनटीए को उन संस्थाओं से सीखने की जरूरत है जो बड़े</span></p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/180331/there-was-never-any-paper-leak-in-upsc-nta-needs"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-05/supream-court.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज-</strong> <span lang="hi" xml:lang="hi">नीट-यूजी  2026 परीक्षा रद्द किए जाने और पेपर लीक विवाद से जुड़े मामले में सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) की कार्यप्रणाली पर गंभीर चिंता व्यक्त की। अदालत ने कहा कि जब तक स्पष्ट और व्यक्तिगत जवाबदेही तय नहीं की जाती</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">ऐसी समस्याएं बार-बार सामने आती रहेंगी।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">जस्टिस पी.एस. नरसिम्हा और जस्टिस आलोक आराधे की खंडपीठ एनटीए को भंग करने और उसकी संरचना में व्यापक बदलाव की मांग वाली याचिकाओं पर सुनवाई कर रही थी।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">सुनवाई के दौरान अदालत ने टिप्पणी की कि एनटीए को उन संस्थाओं से सीखने की जरूरत है जो बड़े पैमाने पर परीक्षाएं बिना किसी पेपर लीक के सफलतापूर्वक आयोजित करती हैं।जस्टिस नरसिम्हा ने कहा</span>, “<span lang="hi" xml:lang="hi">यूपीएससी की परीक्षाओं में कभी ऐसी स्थिति नहीं बनी। एनटीए को उससे सीखने की जरूरत है।”</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">उन्होंने आगे कहा कि वास्तविक समाधान तभी संभव है जब यह स्पष्ट हो कि किसी विफलता की जिम्मेदारी किस व्यक्ति पर है। केवल संस्थागत जिम्मेदारी तय करना पर्याप्त नहीं होगा।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को निर्देश दिया कि वह हलफनामा दाखिल कर बताए कि एनटीए में “संस्थागत निरंतरता” विकसित करने के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">ताकि भविष्य में एजेंसी के पास परीक्षाएं निष्पक्ष और सुरक्षित ढंग से आयोजित करने की क्षमता और विशेषज्ञता उपलब्ध रहे।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">सुनवाई के दौरान 2024 में गठित उच्चस्तरीय समिति के अध्यक्ष और पूर्व इसरो प्रमुख के. राधाकृष्णन भी अदालत में उपस्थित रहे। उन्होंने बताया कि समिति ने 35 दीर्घकालिक और लगभग 60 अल्पकालिक सिफारिशें दी थीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिनमें से अधिकांश को लागू किया जा चुका है। हालांकि अदालत ने पूछा कि यदि सुधार लागू किए गए थे</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो फिर इस वर्ष पेपर लीक जैसी स्थिति कैसे उत्पन्न हुई।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने केंद्र सरकार की ओर से अदालत को आश्वस्त किया कि सरकार इस मुद्दे को अत्यंत गंभीरता से ले रही है। उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष के विवाद के बाद परीक्षा प्रक्रिया की पूरी श्रृंखला की समीक्षा की गई और नई कमजोरियों की पहचान कर सुधारात्मक उपाय तैयार किए गए हैं।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">अदालत ने लाखों छात्रों पर पड़े प्रभाव का भी उल्लेख किया। जस्टिस नरसिम्हा ने कहा कि परीक्षा की तैयारी में वर्षों का समय और भावनाएं लगाने वाले छात्रों के लिए ऐसी घटनाएं बेहद पीड़ादायक और आघातकारी होती हैं। उन्होंने सुझाव दिया कि एनटीए को विश्वविद्यालयों और विशेषज्ञ संस्थानों के साथ स्थायी सहयोग विकसित करना चाहिए ताकि परीक्षा प्रणाली को लगातार बेहतर बनाया जा सके।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">गौरतलब है कि नीट-यूजी 2026 पेपर लीक के बाद परीक्षा रद्द कर दी गई थी। इसके बाद कई डॉक्टर संगठनों और छात्र समूहों ने सुप्रीम कोर्ट का रुख करते हुए एनटीए को भंग करने</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">उसकी जगह एक वैधानिक राष्ट्रीय परीक्षा प्राधिकरण गठित करने और भविष्य की परीक्षाओं की न्यायिक निगरानी की मांग की है। मामले की अगली सुनवाई में केंद्र सरकार द्वारा दाखिल हलफनामे पर विचार किया जाएगा।</span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
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                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 30 May 2026 22:19:55 +0530</pubDate>
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