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                <title>National Testing Agency - Swatantra Prabhat</title>
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                <description>National Testing Agency RSS Feed</description>
                
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                <title>सामान्य विश्वविद्यालय प्रवेश परीक्षा में तकनीकी खामी, कई केंद्रों पर परीक्षा शुरू होने में हुई देरी</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली, </strong> राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी ने आज सूचित किया है कि साझा विश्वविद्यालय स्नातक प्रवेश परीक्षा 2026 के दौरान कुछ परीक्षा केंद्रों पर बड़ी तकनीकी गड़बड़ी हो गई। इससे परीक्षा शुरू करने में देरी हुई। एजेंसी के अनुसार, परीक्षा आयोजन की जिम्मेदारी संभाल रही कंपनी ने बताया कि उनके स्तर पर हुई तकनीकी समस्या के कारण 30 मई 2026 को कुछ केंद्रों पर परीक्षा समय पर शुरू नहीं हो सकी। अब समस्या का समाधान कर लिया गया है और सभी प्रभावित विद्यार्थियों को पूरा अतिरिक्त समय दिया जा रहा है ताकि किसी भी अभ्यर्थी के साथ अन्याय न हो।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;"><strong>दोपहर</strong></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/180353/technical-glitch-in-common-university-entrance-examination-delay-in-commencement"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-05/neet-ug-2026-exam-2-780x470.webp" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली, </strong> राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी ने आज सूचित किया है कि साझा विश्वविद्यालय स्नातक प्रवेश परीक्षा 2026 के दौरान कुछ परीक्षा केंद्रों पर बड़ी तकनीकी गड़बड़ी हो गई। इससे परीक्षा शुरू करने में देरी हुई। एजेंसी के अनुसार, परीक्षा आयोजन की जिम्मेदारी संभाल रही कंपनी ने बताया कि उनके स्तर पर हुई तकनीकी समस्या के कारण 30 मई 2026 को कुछ केंद्रों पर परीक्षा समय पर शुरू नहीं हो सकी। अब समस्या का समाधान कर लिया गया है और सभी प्रभावित विद्यार्थियों को पूरा अतिरिक्त समय दिया जा रहा है ताकि किसी भी अभ्यर्थी के साथ अन्याय न हो।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;"><strong>दोपहर सत्र का संशोधित समय</strong></div><div style="text-align:justify;">एजेंसी ने दोपहर के सत्र के लिए समय में बदलाव किया है। अब अभ्यर्थियों को इस प्रकार निर्देश दिए गए हैं:</div><div style="text-align:justify;">रिपोर्टिंग और प्रवेश दोपहर ढाई बजे से शुरू होगा। परीक्षा दोपहर चार बजे से शुरू होगी।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">सुबह की पारी में परीक्षा देने वाले विद्यार्थियों को पूरे निर्धारित समय तक परीक्षा पूरी करने की छूट दी गई है। वे परीक्षा समाप्त होने के बाद ही केंद्र से बाहर निकल सकेंगे। राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी ने छात्रों और उनके अभिभावकों को हुई परेशानी पर खेद जताया है। एजेंसी ने कहा कि वह सभी विद्यार्थियों के हितों की पूरी रक्षा करेगी।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">विद्यार्थियों को सलाह दी गई है कि वे समय-समय पर आधिकारिक वेबसाइट पर नवीनतम जानकारी देखते रहें। हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया गया है जहां से सहायता ली जा सकती है।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">यह घटना परीक्षा के पहले दिन हुई है जिससे देशभर के हजारों छात्रों को असुविधा का सामना करना पड़ा। एजेंसी का कहना है कि सभी केंद्रों पर परीक्षा सुचारू रूप से चल रही है और किसी भी विद्यार्थी के भविष्य पर इसका कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 30 May 2026 22:46:55 +0530</pubDate>
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                <title>'यूपीएससी में कभी नहीं हुआ पेपर लीक, एनटीए को सीखने की जरूरत' : सुप्रीम कोर्ट</title>
                                    <description><![CDATA[<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज-</strong> <span lang="hi" xml:lang="hi">नीट-यूजी  2026 परीक्षा रद्द किए जाने और पेपर लीक विवाद से जुड़े मामले में सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) की कार्यप्रणाली पर गंभीर चिंता व्यक्त की। अदालत ने कहा कि जब तक स्पष्ट और व्यक्तिगत जवाबदेही तय नहीं की जाती</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">ऐसी समस्याएं बार-बार सामने आती रहेंगी।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">जस्टिस पी.एस. नरसिम्हा और जस्टिस आलोक आराधे की खंडपीठ एनटीए को भंग करने और उसकी संरचना में व्यापक बदलाव की मांग वाली याचिकाओं पर सुनवाई कर रही थी।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">सुनवाई के दौरान अदालत ने टिप्पणी की कि एनटीए को उन संस्थाओं से सीखने की जरूरत है जो बड़े</span></p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/180331/there-was-never-any-paper-leak-in-upsc-nta-needs"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-05/supream-court.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज-</strong> <span lang="hi" xml:lang="hi">नीट-यूजी  2026 परीक्षा रद्द किए जाने और पेपर लीक विवाद से जुड़े मामले में सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) की कार्यप्रणाली पर गंभीर चिंता व्यक्त की। अदालत ने कहा कि जब तक स्पष्ट और व्यक्तिगत जवाबदेही तय नहीं की जाती</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">ऐसी समस्याएं बार-बार सामने आती रहेंगी।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">जस्टिस पी.एस. नरसिम्हा और जस्टिस आलोक आराधे की खंडपीठ एनटीए को भंग करने और उसकी संरचना में व्यापक बदलाव की मांग वाली याचिकाओं पर सुनवाई कर रही थी।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">सुनवाई के दौरान अदालत ने टिप्पणी की कि एनटीए को उन संस्थाओं से सीखने की जरूरत है जो बड़े पैमाने पर परीक्षाएं बिना किसी पेपर लीक के सफलतापूर्वक आयोजित करती हैं।जस्टिस नरसिम्हा ने कहा</span>, “<span lang="hi" xml:lang="hi">यूपीएससी की परीक्षाओं में कभी ऐसी स्थिति नहीं बनी। एनटीए को उससे सीखने की जरूरत है।”</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">उन्होंने आगे कहा कि वास्तविक समाधान तभी संभव है जब यह स्पष्ट हो कि किसी विफलता की जिम्मेदारी किस व्यक्ति पर है। केवल संस्थागत जिम्मेदारी तय करना पर्याप्त नहीं होगा।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को निर्देश दिया कि वह हलफनामा दाखिल कर बताए कि एनटीए में “संस्थागत निरंतरता” विकसित करने के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">ताकि भविष्य में एजेंसी के पास परीक्षाएं निष्पक्ष और सुरक्षित ढंग से आयोजित करने की क्षमता और विशेषज्ञता उपलब्ध रहे।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">सुनवाई के दौरान 2024 में गठित उच्चस्तरीय समिति के अध्यक्ष और पूर्व इसरो प्रमुख के. राधाकृष्णन भी अदालत में उपस्थित रहे। उन्होंने बताया कि समिति ने 35 दीर्घकालिक और लगभग 60 अल्पकालिक सिफारिशें दी थीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिनमें से अधिकांश को लागू किया जा चुका है। हालांकि अदालत ने पूछा कि यदि सुधार लागू किए गए थे</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो फिर इस वर्ष पेपर लीक जैसी स्थिति कैसे उत्पन्न हुई।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने केंद्र सरकार की ओर से अदालत को आश्वस्त किया कि सरकार इस मुद्दे को अत्यंत गंभीरता से ले रही है। उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष के विवाद के बाद परीक्षा प्रक्रिया की पूरी श्रृंखला की समीक्षा की गई और नई कमजोरियों की पहचान कर सुधारात्मक उपाय तैयार किए गए हैं।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">अदालत ने लाखों छात्रों पर पड़े प्रभाव का भी उल्लेख किया। जस्टिस नरसिम्हा ने कहा कि परीक्षा की तैयारी में वर्षों का समय और भावनाएं लगाने वाले छात्रों के लिए ऐसी घटनाएं बेहद पीड़ादायक और आघातकारी होती हैं। उन्होंने सुझाव दिया कि एनटीए को विश्वविद्यालयों और विशेषज्ञ संस्थानों के साथ स्थायी सहयोग विकसित करना चाहिए ताकि परीक्षा प्रणाली को लगातार बेहतर बनाया जा सके।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">गौरतलब है कि नीट-यूजी 2026 पेपर लीक के बाद परीक्षा रद्द कर दी गई थी। इसके बाद कई डॉक्टर संगठनों और छात्र समूहों ने सुप्रीम कोर्ट का रुख करते हुए एनटीए को भंग करने</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">उसकी जगह एक वैधानिक राष्ट्रीय परीक्षा प्राधिकरण गठित करने और भविष्य की परीक्षाओं की न्यायिक निगरानी की मांग की है। मामले की अगली सुनवाई में केंद्र सरकार द्वारा दाखिल हलफनामे पर विचार किया जाएगा।</span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
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                <pubDate>Sat, 30 May 2026 22:19:55 +0530</pubDate>
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