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                <title>Exam Paper Leak - Swatantra Prabhat</title>
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                <description>Exam Paper Leak RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के बीच दिल्ली में NSA लागू, दिल्ली पुलिस को मिली विशेष शक्तियां</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>  जंतर-मंतर प्रदर्शन के बीच दिल्ली पुलिस को NSA के तहत विशेष अधिकार, जानिए क्या बदलेगा</strong></p>
<p><strong>ख़बर:अमित राघव (ब्यूरो चीफ देहरादून)</strong></p>
<p><strong>नई दिल्ली:</strong> राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों और युवाओं का प्रदर्शन लगातार जारी है। इसी बीच केंद्र सरकार ने दिल्ली पुलिस आयुक्त को <strong>राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA)</strong> के तहत कार्रवाई करने की विशेष अनुमति प्रदान की है। यह आदेश <strong>19 जुलाई 2026 से 18 अक्टूबर 2026</strong> तक प्रभावी रहेगा। इस फैसले के बाद राजनीतिक और सामाजिक हलकों में नई बहस शुरू हो गई है।</p>
<h3><strong>दिल्ली पुलिस आयुक्त को मिली विशेष शक्तियां</strong></h3>
<p>जारी आदेश के अनुसार, निर्धारित अवधि के दौरान</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/183991/nsa-implemented-in-delhi-amid-protests-at-jantar-mantar-delhi"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/screenshot_20260723_145641_facebook.jpg" alt=""></a><br /><p><strong> जंतर-मंतर प्रदर्शन के बीच दिल्ली पुलिस को NSA के तहत विशेष अधिकार, जानिए क्या बदलेगा</strong></p>
<p><strong>ख़बर:अमित राघव (ब्यूरो चीफ देहरादून)</strong></p>
<p><strong>नई दिल्ली:</strong> राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों और युवाओं का प्रदर्शन लगातार जारी है। इसी बीच केंद्र सरकार ने दिल्ली पुलिस आयुक्त को <strong>राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA)</strong> के तहत कार्रवाई करने की विशेष अनुमति प्रदान की है। यह आदेश <strong>19 जुलाई 2026 से 18 अक्टूबर 2026</strong> तक प्रभावी रहेगा। इस फैसले के बाद राजनीतिक और सामाजिक हलकों में नई बहस शुरू हो गई है।</p>
<h3><strong>दिल्ली पुलिस आयुक्त को मिली विशेष शक्तियां</strong></h3>
<p>जारी आदेश के अनुसार, निर्धारित अवधि के दौरान यदि किसी व्यक्ति की गतिविधियां <strong>राष्ट्रीय सुरक्षा, सार्वजनिक व्यवस्था या शांति के लिए गंभीर खतरा</strong> मानी जाती हैं, तो दिल्ली पुलिस आयुक्त NSA के तहत आवश्यक कार्रवाई कर सकते हैं।</p>
<h3><strong>क्या बिना मुकदमे हो सकती है हिरासत?</strong></h3>
<p>राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA), 1980 एक <strong>निवारक निरोध (Preventive Detention)</strong> कानून है। इसके तहत प्रशासन किसी व्यक्ति को भविष्य में संभावित खतरे की आशंका के आधार पर हिरासत में ले सकता है। इस प्रक्रिया में सामान्य आपराधिक मुकदमा दर्ज होना आवश्यक नहीं होता। हालांकि, कानून के तहत निर्धारित प्रक्रिया का पालन किया जाता है और मामले की समीक्षा <strong>सलाहकार बोर्ड (Advisory Board)</strong> द्वारा की जाती है। आवश्यक परिस्थितियों में अधिकतम <strong>12 महीने</strong> तक हिरासत संभव है।</p>
<h3><strong>जंतर-मंतर पर जारी है प्रदर्शन</strong></h3>
<p>प्रतियोगी परीक्षाओं, भर्ती प्रक्रियाओं और अन्य मुद्दों को लेकर बड़ी संख्या में छात्र और युवा जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे हैं। प्रदर्शन को देखते हुए राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और पुलिस हालात पर लगातार नजर बनाए हुए है।</p>
<h3><strong>पेपर लीक पर प्रधानमंत्री का संदेश</strong></h3>
<p>प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने छात्रों के भविष्य को सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए कहा कि <strong>पेपर लीक जैसे मामलों के त्वरित निपटारे के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट की व्यवस्था</strong> की जाएगी, ताकि दोषियों के खिलाफ शीघ्र कार्रवाई सुनिश्चित हो सके।</p>
<h3><strong>क्या है राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA)?</strong></h3>
<p>राष्ट्रीय सुरक्षा कानून, 1980 केंद्र और राज्य सरकारों को ऐसे व्यक्तियों के खिलाफ निवारक कार्रवाई करने का अधिकार देता है, जिनकी गतिविधियों से <strong>राष्ट्रीय सुरक्षा, सार्वजनिक व्यवस्था या आवश्यक सेवाओं पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका</strong> हो। यह कानून सामान्य आपराधिक मामलों से अलग है और केवल विशेष परिस्थितियों में लागू किया जाता है।</p>
<h3><strong>मुख्य बातें</strong></h3>
<ul>
<li><strong>19 जुलाई से 18 अक्टूबर 2026</strong> तक दिल्ली पुलिस आयुक्त को NSA के तहत कार्रवाई का अधिकार।</li>
<li>राष्ट्रीय सुरक्षा या सार्वजनिक व्यवस्था के लिए खतरा होने की आशंका पर निवारक हिरासत संभव।</li>
<li>कानून के तहत निर्धारित प्रक्रिया और सलाहकार बोर्ड की समीक्षा अनिवार्य।</li>
<li>आवश्यक परिस्थितियों में अधिकतम <strong>12 महीने</strong> तक निरुद्ध किया जा सकता है।</li>
<li>जंतर-मंतर पर छात्रों और युवाओं का प्रदर्शन जारी।</li>
</ul>
<p><strong>नोट:</strong> NSA के तहत विशेष अधिकार दिए जाने का अर्थ यह नहीं है कि सभी प्रदर्शनकारियों को बिना कारण हिरासत में लिया जाएगा। इस कानून का उपयोग केवल कानून में निर्धारित विशेष परिस्थितियों और प्रक्रियाओं के तहत ही किया जा सकता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>जन समस्याएं</category>
                                            <category>ब्रेकिंग न्यूज़</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/183991/nsa-implemented-in-delhi-amid-protests-at-jantar-mantar-delhi</link>
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                <pubDate>Thu, 23 Jul 2026 15:52:33 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[अमित राघव]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>दावे विश्वगुरु के लेकिन देश में एक परीक्षा भी नहीं करवा सकते',  राहुल का आरोप</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong> ब्यूरो प्रयागराज।</strong> लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने शुक्रवार को नीट पेपर लीक विवाद को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तंज कसते हुए बड़ा हमला बोला। राहुल गांधी ने अपने एक्स हैंडल पर लिखते हुए कहा कि नीट, सीबीएसई,एसएससी और आज CUET, चार परीक्षाएं और एक करोड़ बच्चे। एक भी ईमानदारी से नहीं हो पाई। जिस पीढ़ी का भविष्य आप बर्बाद कर रहे हैं - वही पीढ़ी आपका हिसाब करेगी।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">राहुल गांधी ने शनिवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर देश की शिक्षा व्यवस्था को ‘‘पूरी तरह से बर्बाद’’ करने का आरोप लगाया और कहा कि सरकार</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/180381/claims-of-vishwaguru-but-cannot-even-conduct-an-examination-in"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-05/images12.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong> ब्यूरो प्रयागराज।</strong> लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने शुक्रवार को नीट पेपर लीक विवाद को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तंज कसते हुए बड़ा हमला बोला। राहुल गांधी ने अपने एक्स हैंडल पर लिखते हुए कहा कि नीट, सीबीएसई,एसएससी और आज CUET, चार परीक्षाएं और एक करोड़ बच्चे। एक भी ईमानदारी से नहीं हो पाई। जिस पीढ़ी का भविष्य आप बर्बाद कर रहे हैं - वही पीढ़ी आपका हिसाब करेगी।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">राहुल गांधी ने शनिवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर देश की शिक्षा व्यवस्था को ‘‘पूरी तरह से बर्बाद’’ करने का आरोप लगाया और कहा कि सरकार एक ओर भारत के ‘विश्वगुरु’ होने का दावा करती है जबकि दूसरी ओर वह एक भी परीक्षा निष्पक्ष और व्यवस्थित तरीके से आयोजित नहीं कर पा रही है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">राहुल गांधी की यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) ने कहा कि भारत भर में स्नातक डिग्री कार्यक्रमों में प्रवेश के लिए आयोजित होने वाली सामान्य विश्वविद्यालय प्रवेश परीक्षा-स्नातक (सीयूईटी-यूजी) 2026 की परीक्षा में तकनीकी खराबी के कारण शनिवार को कुछ केंद्रों पर देरी हुई।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">गांधी ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘नीट, सीबीएसई, एसएससी और आज सीयूईटी। चार परीक्षाएं। एक करोड़ बच्चे। एक भी (परीक्षा) ईमानदारी से नहीं हो पाई।’’गांधी ने कहा, ‘‘दावे विश्वगुरु के, लेकिन देश में एक परीक्षा नहीं करवा सकते - मोदी जी ने पूरी शिक्षा व्यवस्था तबाह कर दी है।’’ कांग्रेस नेता ने प्रधानमंत्री पर निशाना साधते हुए कहा, ‘‘जिस पीढ़ी का भविष्य आप बर्बाद कर रहे हैं - वही पीढ़ी आपका हिसाब करेगी।’’ राहुल गांधी ने लिखा कि प्रधानमंत्री मोदी ने व्यक्तिगत रूप से नीट परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक की निगरानी भी की थी। बता दें कि राहुल गांधी पिछले कुछ दिनों से लगातार नीट पेपर लीक और ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) सिस्टम को लेकर सरकार को घेरते नजर आ रहे हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">राहुल गांधी ने शुक्रवार को कहा था कि केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) की विफलता पर मोदी की चुप्पी और शिक्षा मंत्री के खिलाफ कार्रवाई न करना यह दर्शाता है कि उन्हें केवल अपनी सरकार के अस्तित्व की चिंता है, न कि लाखों छात्रों के भविष्य की। कांग्रेस नेता ने उन छात्रों के साथ अपनी पिछली बातचीत का एक वीडियो भी साझा किया, जिन्होंने राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा-स्नातक (नीट-यूजी) परीक्षा दी थी और पेपर लीक के मद्देनजर परीक्षा प्रणाली को लेकर अपनी चिंताएं व्यक्त की थीं।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 31 May 2026 18:55:38 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>'यूपीएससी में कभी नहीं हुआ पेपर लीक, एनटीए को सीखने की जरूरत' : सुप्रीम कोर्ट</title>
                                    <description><![CDATA[<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज-</strong> <span lang="hi" xml:lang="hi">नीट-यूजी  2026 परीक्षा रद्द किए जाने और पेपर लीक विवाद से जुड़े मामले में सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) की कार्यप्रणाली पर गंभीर चिंता व्यक्त की। अदालत ने कहा कि जब तक स्पष्ट और व्यक्तिगत जवाबदेही तय नहीं की जाती</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">ऐसी समस्याएं बार-बार सामने आती रहेंगी।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">जस्टिस पी.एस. नरसिम्हा और जस्टिस आलोक आराधे की खंडपीठ एनटीए को भंग करने और उसकी संरचना में व्यापक बदलाव की मांग वाली याचिकाओं पर सुनवाई कर रही थी।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">सुनवाई के दौरान अदालत ने टिप्पणी की कि एनटीए को उन संस्थाओं से सीखने की जरूरत है जो बड़े</span></p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/180331/there-was-never-any-paper-leak-in-upsc-nta-needs"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-05/supream-court.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज-</strong> <span lang="hi" xml:lang="hi">नीट-यूजी  2026 परीक्षा रद्द किए जाने और पेपर लीक विवाद से जुड़े मामले में सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) की कार्यप्रणाली पर गंभीर चिंता व्यक्त की। अदालत ने कहा कि जब तक स्पष्ट और व्यक्तिगत जवाबदेही तय नहीं की जाती</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">ऐसी समस्याएं बार-बार सामने आती रहेंगी।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">जस्टिस पी.एस. नरसिम्हा और जस्टिस आलोक आराधे की खंडपीठ एनटीए को भंग करने और उसकी संरचना में व्यापक बदलाव की मांग वाली याचिकाओं पर सुनवाई कर रही थी।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">सुनवाई के दौरान अदालत ने टिप्पणी की कि एनटीए को उन संस्थाओं से सीखने की जरूरत है जो बड़े पैमाने पर परीक्षाएं बिना किसी पेपर लीक के सफलतापूर्वक आयोजित करती हैं।जस्टिस नरसिम्हा ने कहा</span>, “<span lang="hi" xml:lang="hi">यूपीएससी की परीक्षाओं में कभी ऐसी स्थिति नहीं बनी। एनटीए को उससे सीखने की जरूरत है।”</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">उन्होंने आगे कहा कि वास्तविक समाधान तभी संभव है जब यह स्पष्ट हो कि किसी विफलता की जिम्मेदारी किस व्यक्ति पर है। केवल संस्थागत जिम्मेदारी तय करना पर्याप्त नहीं होगा।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को निर्देश दिया कि वह हलफनामा दाखिल कर बताए कि एनटीए में “संस्थागत निरंतरता” विकसित करने के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">ताकि भविष्य में एजेंसी के पास परीक्षाएं निष्पक्ष और सुरक्षित ढंग से आयोजित करने की क्षमता और विशेषज्ञता उपलब्ध रहे।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">सुनवाई के दौरान 2024 में गठित उच्चस्तरीय समिति के अध्यक्ष और पूर्व इसरो प्रमुख के. राधाकृष्णन भी अदालत में उपस्थित रहे। उन्होंने बताया कि समिति ने 35 दीर्घकालिक और लगभग 60 अल्पकालिक सिफारिशें दी थीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिनमें से अधिकांश को लागू किया जा चुका है। हालांकि अदालत ने पूछा कि यदि सुधार लागू किए गए थे</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो फिर इस वर्ष पेपर लीक जैसी स्थिति कैसे उत्पन्न हुई।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने केंद्र सरकार की ओर से अदालत को आश्वस्त किया कि सरकार इस मुद्दे को अत्यंत गंभीरता से ले रही है। उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष के विवाद के बाद परीक्षा प्रक्रिया की पूरी श्रृंखला की समीक्षा की गई और नई कमजोरियों की पहचान कर सुधारात्मक उपाय तैयार किए गए हैं।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">अदालत ने लाखों छात्रों पर पड़े प्रभाव का भी उल्लेख किया। जस्टिस नरसिम्हा ने कहा कि परीक्षा की तैयारी में वर्षों का समय और भावनाएं लगाने वाले छात्रों के लिए ऐसी घटनाएं बेहद पीड़ादायक और आघातकारी होती हैं। उन्होंने सुझाव दिया कि एनटीए को विश्वविद्यालयों और विशेषज्ञ संस्थानों के साथ स्थायी सहयोग विकसित करना चाहिए ताकि परीक्षा प्रणाली को लगातार बेहतर बनाया जा सके।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">गौरतलब है कि नीट-यूजी 2026 पेपर लीक के बाद परीक्षा रद्द कर दी गई थी। इसके बाद कई डॉक्टर संगठनों और छात्र समूहों ने सुप्रीम कोर्ट का रुख करते हुए एनटीए को भंग करने</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">उसकी जगह एक वैधानिक राष्ट्रीय परीक्षा प्राधिकरण गठित करने और भविष्य की परीक्षाओं की न्यायिक निगरानी की मांग की है। मामले की अगली सुनवाई में केंद्र सरकार द्वारा दाखिल हलफनामे पर विचार किया जाएगा।</span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 30 May 2026 22:19:55 +0530</pubDate>
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