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                <title>NEET Paper Leak - Swatantra Prabhat</title>
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                <description>NEET Paper Leak RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>धारा 163 लागू होने की घोषणा के बावजूद नहीं मानी चेतावनी</title>
                                    <description><![CDATA[<h1>संसद मार्च के दौरान हिंसा: दिल्ली पुलिस की पहली FIR आई सामने, हत्या के प्रयास समेत 13 गंभीर धाराओं में केस दर्ज</h1>
<p><span style="text-decoration:underline;"><em><strong>खबर:अमित राघव (ब्यूरो चीफ देहरादून)</strong></em></span></p>
<p><strong>नई दिल्ली।</strong> संसद मार्च के दौरान हुई हिंसा को लेकर दिल्ली पुलिस की ओर से दर्ज पहली एफआईआर (FIR) की कॉपी सामने आ गई है। कर्तव्य पथ थाना में दर्ज इस एफआईआर में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की हत्या के प्रयास सहित 13 गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस का दावा है कि प्रदर्शन के दौरान प्रदर्शनकारियों ने सुरक्षा व्यवस्था तोड़ने का प्रयास किया, पुलिस बल पर हमला किया</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/184041/despite-announcement-of-implementation-of-section-163-warning-not-heeded"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/screenshot_20260725_115054_instagram(1).jpg" alt=""></a><br /><h1>संसद मार्च के दौरान हिंसा: दिल्ली पुलिस की पहली FIR आई सामने, हत्या के प्रयास समेत 13 गंभीर धाराओं में केस दर्ज</h1>
<p><span style="text-decoration:underline;"><em><strong>खबर:अमित राघव (ब्यूरो चीफ देहरादून)</strong></em></span></p>
<p><strong>नई दिल्ली।</strong> संसद मार्च के दौरान हुई हिंसा को लेकर दिल्ली पुलिस की ओर से दर्ज पहली एफआईआर (FIR) की कॉपी सामने आ गई है। कर्तव्य पथ थाना में दर्ज इस एफआईआर में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की हत्या के प्रयास सहित 13 गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस का दावा है कि प्रदर्शन के दौरान प्रदर्शनकारियों ने सुरक्षा व्यवस्था तोड़ने का प्रयास किया, पुलिस बल पर हमला किया और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाया।</p>
<h2>हत्या के प्रयास समेत कई गंभीर धाराओं में मुकदमा</h2>
<p>दिल्ली पुलिस द्वारा दर्ज एफआईआर के अनुसार, प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा को गंभीर अपराध मानते हुए भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 109(1) (हत्या के प्रयास) सहित कुल 13 धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। यह मामला संसद और रेल भवन जैसे अति संवेदनशील एवं उच्च सुरक्षा वाले क्षेत्र में हुई हिंसा से जुड़ा होने के कारण विशेष महत्व रखता है।</p>
<h2>पुलिस पर हमला, कई जवान घायल</h2>
<p>एफआईआर में आरोप लगाया गया है कि प्रदर्शनकारी अचानक उग्र हो गए और उन्होंने ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों को चारों ओर से घेर लिया। इसके बाद पुलिसकर्मियों के साथ धक्का-मुक्की, मारपीट और पथराव किया गया। पुलिस का आरोप है कि प्रदर्शनकारियों ने चप्पलें, पत्थर और अन्य वस्तुएं फेंकीं, जिससे कई पुलिसकर्मी घायल हो गए। पुलिस ने दावा किया है कि हमला बेहद आक्रामक था और जवानों की जान को खतरा उत्पन्न हो गया था।</p>
<h2>सरकारी और निजी संपत्ति को पहुंचा नुकसान</h2>
<p>हिंसा के दौरान प्रदर्शनकारियों द्वारा कई सरकारी बैरिकेड्स को नुकसान पहुंचाने के साथ-साथ आसपास खड़े निजी वाहनों को भी क्षति पहुंचाने का आरोप लगाया गया है। पुलिस ने इस संबंध में सार्वजनिक और निजी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की धाराएं भी एफआईआर में शामिल की हैं।</p>
<h2>हालात बिगड़ने पर पुलिस ने किया बल प्रयोग</h2>
<p>पुलिस के अनुसार, प्रदर्शनकारियों को कई बार शांतिपूर्वक पीछे हटने और निर्धारित नियमों का पालन करने के लिए कहा गया, लेकिन जब भीड़ लगातार आगे बढ़ती रही और बैरिकेड्स तोड़ने का प्रयास किया गया, तब हालात को नियंत्रित करने के लिए हल्का लाठीचार्ज किया गया। इसके साथ ही भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले भी छोड़े गए। पुलिस का कहना है कि यह कार्रवाई संसद, रेल भवन और अन्य महत्वपूर्ण सरकारी संस्थानों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए की गई।</p>
<h2>सुबह 5 बजे से तैनात थी पुलिस टीम</h2>
<p>एफआईआर के मुताबिक, संबंधित इंस्पेक्टर की ड्यूटी सुबह 5 बजे से सी-हेक्सागन, जोन-11 (पिंक बूथ) पर लगाई गई थी। वायरलेस के माध्यम से सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम तुरंत रेल भवन राउंडअबाउट स्थित बैरिकेड्स पर पहुंची, जहां हजारों प्रदर्शनकारी पहले से मौजूद थे और लगातार नारेबाजी कर रहे थे।</p>
<h2>धारा 163 लागू होने की घोषणा के बावजूद नहीं मानी चेतावनी</h2>
<p>पुलिस ने एफआईआर में बताया है कि मौके पर लाउडस्पीकर के जरिए भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 लागू होने तथा प्रदर्शन की अनुमति नहीं होने की बार-बार घोषणा की गई। प्रदर्शनकारियों से शांतिपूर्वक लौटने की अपील भी की गई, लेकिन पुलिस के अनुसार भीड़ ने चेतावनी को अनदेखा कर दिया और नारेबाजी जारी रखी।</p>
<h2>बैरिकेड तोड़कर संसद की ओर बढ़ने का आरोप</h2>
<p>एफआईआर में कहा गया है कि भीड़ में मौजूद कुछ लोगों ने अन्य प्रदर्शनकारियों को बैरिकेड्स तोड़कर संसद भवन की ओर बढ़ने के लिए उकसाया। इसके बाद स्थिति तेजी से बिगड़ गई और पुलिस तथा प्रदर्शनकारियों के बीच टकराव शुरू हो गया। पुलिस का आरोप है कि इस दौरान सुरक्षा घेरा तोड़ने का भी प्रयास किया गया।</p>
<h2>वीडियो फुटेज और सीसीटीवी के आधार पर होगी पहचान</h2>
<p>दिल्ली पुलिस का कहना है कि घटनास्थल पर लगे सीसीटीवी कैमरों, ड्रोन फुटेज, मोबाइल वीडियो और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की जांच की जा रही है। हिंसा में शामिल लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।</p>
<h2>जांच जारी, आगे हो सकती हैं और गिरफ्तारियां</h2>
<p>दिल्ली पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों के अनुसार उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे और गिरफ्तारियां होने की संभावना है। पुलिस पूरे घटनाक्रम की विस्तृत जांच कर रही है ताकि हिंसा के लिए जिम्मेदार सभी लोगों की भूमिका स्पष्ट हो सके।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>जन समस्याएं</category>
                                            <category>अपराध/हादशा</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 25 Jul 2026 12:00:05 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[अमित राघव]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पेपर लीक, छात्रों की आत्महत्या को लेकर त्याग पत्र दें धर्मेन्द्र प्रधान-पुनीत पाठक</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt"><div class="a3s aiL"><div><div><div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती। </strong>बस्ती जिले में कांग्रेस कार्यालय पर पत्रकारों से वार्ता के दौरान प्रदेश प्रवक्ता पुनीत पाठक ने कहा कि पेपरलीक मामलों में केन्द्र सरकार की चुप्पी दुर्भाग्यपूर्ण है। कुछ छात्रों की आत्महत्या और शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान के त्याग पत्र की मांग को अनसुना कर देना चिन्ताजनक है। कहा कि कांग्रेस लगातार शिक्षा के सवाल को लेकर संघर्षरत है। नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने पेपरलीक के मामले को प्रमुखता से उठाया, छात्रों का हौसला बढाया और आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिजनों से मिले किन्तुं परीक्षा में सुझाव देने वाले प्रधानमंत्री खामोश हैं और अनगिनत खामियों के बावजूद केन्द्रीय शिक्षा</div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/182057/dharmendra-pradhan-puneet-pathak-should-resign-over-paper-leak-and-suicide"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/img-20260624-wa0096.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt"><div class="a3s aiL"><div><div><div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती। </strong>बस्ती जिले में कांग्रेस कार्यालय पर पत्रकारों से वार्ता के दौरान प्रदेश प्रवक्ता पुनीत पाठक ने कहा कि पेपरलीक मामलों में केन्द्र सरकार की चुप्पी दुर्भाग्यपूर्ण है। कुछ छात्रों की आत्महत्या और शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान के त्याग पत्र की मांग को अनसुना कर देना चिन्ताजनक है। कहा कि कांग्रेस लगातार शिक्षा के सवाल को लेकर संघर्षरत है। नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने पेपरलीक के मामले को प्रमुखता से उठाया, छात्रों का हौसला बढाया और आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिजनों से मिले किन्तुं परीक्षा में सुझाव देने वाले प्रधानमंत्री खामोश हैं और अनगिनत खामियों के बावजूद केन्द्रीय शिक्षा मंत्री द्वारा त्याग पत्र न दिया जाना लोकतांत्रिक नैतिकता के विरूद्ध है।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">पत्रकारों के प्रश्नों का उत्तर देते हुये पुनीत पाठक ने कहा कि राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित होने वाली नीट परीक्षा के अलावा सीबीएससी की उत्तर पुस्तिका मूल्यांकन में गड़बड़ियों के अतिरिक्त उत्तर प्रदेश में चाहे लेखपाल भर्ती परीक्षा हो, यूपीएसआई, पुलिस सिपाही भर्ती परीक्षा हो, आरओ-एआरओ भर्ती परीक्षा हो. एसएससी जीडी भर्ती परीक्षा हो, सहायक प्रोफेसर भर्ती परीक्षा हो, ऐसी तमाम प्रतियोगी परीक्षाएं पेपर लीक के माध्यम से भाजपा सरकार के भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गयीं। हाल ही में हुई नीट परीक्षा के पेपर लीक के बाद कांग्रेस पार्टी द्वारा आवाज उठाने एवं सड़कों पर संघर्ष करने के चलते सरकार को पुनः परीक्षा कराने का निर्णय लेना पड़ा।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">कांग्रेस जिलाध्यक्ष विश्वनाथ चौधरी ने कहा कि नीट पेपर लीक से पैदा हुए मानसिक तनाव के कारण देश के विभिन्न राज्यों से अब तक 12 छात्र अपनी जान गंवा चुके हैं। कांग्रेस पार्टी इसे आत्महत्या नहीं बल्कि सरकार उत्प्रेरित हत्या मानती है। राजस्थान में प्रदीप मेघवाल, दिल्ली में अंशिका पाण्डेय, उ०प्र० में रितिक मिश्रा व शिवानी यादव, गोवा में सिद्धार्थ हेगडे, कर्नाटक में भाग्यश्री, मध्य प्रदेश में आकांक्षा चतुर्वेदी, राजस्थान में उमेश माली और रेणु मीणा, उत्तराखण्ड में रिया कुमारी थापा, तमिलनाडु में अनुकीर्तना, गुजरात में कहान पटेल ने मानसिक तनाव में अपनी जान दे दी।दुर्भाग्यपूर्ण है कि परीक्षा के प्रश्नपत्र छपने के बाद बिचौलियों के जरिए परीक्षा से पहले बड़ी संख्या में प्रश्नपत्र बेंचे जाते हैं। </div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">जांच में कुछ छात्रों ने बताया है कि उन्होने लीक पेपर के लिए 25हजार से 40 लाख रूपये तक चुकाये। पिछले 12 वर्षों में 23 राष्ट्रीय परीक्षाओं के पेपर लीक हुए हैं यानी लगभग हर वर्ष दो पेपर लीक हुए हैं। अब तक देश भर में लगभग 90 से अधिक पेपर लीक हो चुके हैं लेकिन दोषियों को सजा मिलने के मामले न के बराबर है। कांग्रेस इन सवालों को लेकर लगातार संघर्ष कर रही है।कांग्रेस नेता वृजेश आर्य, शौकत अली नन्हू, डा. वाहिद अली सिद्दीकी , संदीप श्रीवास्तव ने कहा कि भारत की शिक्षा व्यवस्था आज सिर्फ एक वसूली तन्त्र बनकर रह गया है। इन्हीं पीड़ाओं को लेकर राहुल गांधी पूरे देश में छात्रों की गूंज कार्यकम अभियान के माध्यम से निष्पक्ष और सस्ती-बेहतर शिक्षा प्रणाली की आवाज बनेंगे। छात्रों की गूंज अभियान पूरे देश में कांग्रेस पार्टी के अग्रिम संगठन एनएसयूआई और युवा और युवा कांग्रेस के माध्यम से चलाया जाएगा।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">प्रेस वार्ता में मुख्य रूप से साधू शरन आर्य, अलीम अख्तर, सुधीर यादव, राहुल चौधरी, प्रशान्त पाठक, संजय कुमार, अवनीश पाण्डेय आदि उपस्थित रहे।</div></div><div class="yj6qo" style="text-align:justify;"><br /></div><div class="adL" style="text-align:justify;"><br /></div></div></div></div><div class="hq gt"></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 24 Jun 2026 16:59:26 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>दावे विश्वगुरु के लेकिन देश में एक परीक्षा भी नहीं करवा सकते',  राहुल का आरोप</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong> ब्यूरो प्रयागराज।</strong> लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने शुक्रवार को नीट पेपर लीक विवाद को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तंज कसते हुए बड़ा हमला बोला। राहुल गांधी ने अपने एक्स हैंडल पर लिखते हुए कहा कि नीट, सीबीएसई,एसएससी और आज CUET, चार परीक्षाएं और एक करोड़ बच्चे। एक भी ईमानदारी से नहीं हो पाई। जिस पीढ़ी का भविष्य आप बर्बाद कर रहे हैं - वही पीढ़ी आपका हिसाब करेगी।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">राहुल गांधी ने शनिवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर देश की शिक्षा व्यवस्था को ‘‘पूरी तरह से बर्बाद’’ करने का आरोप लगाया और कहा कि सरकार</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/180381/claims-of-vishwaguru-but-cannot-even-conduct-an-examination-in"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-05/images12.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong> ब्यूरो प्रयागराज।</strong> लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने शुक्रवार को नीट पेपर लीक विवाद को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तंज कसते हुए बड़ा हमला बोला। राहुल गांधी ने अपने एक्स हैंडल पर लिखते हुए कहा कि नीट, सीबीएसई,एसएससी और आज CUET, चार परीक्षाएं और एक करोड़ बच्चे। एक भी ईमानदारी से नहीं हो पाई। जिस पीढ़ी का भविष्य आप बर्बाद कर रहे हैं - वही पीढ़ी आपका हिसाब करेगी।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">राहुल गांधी ने शनिवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर देश की शिक्षा व्यवस्था को ‘‘पूरी तरह से बर्बाद’’ करने का आरोप लगाया और कहा कि सरकार एक ओर भारत के ‘विश्वगुरु’ होने का दावा करती है जबकि दूसरी ओर वह एक भी परीक्षा निष्पक्ष और व्यवस्थित तरीके से आयोजित नहीं कर पा रही है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">राहुल गांधी की यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) ने कहा कि भारत भर में स्नातक डिग्री कार्यक्रमों में प्रवेश के लिए आयोजित होने वाली सामान्य विश्वविद्यालय प्रवेश परीक्षा-स्नातक (सीयूईटी-यूजी) 2026 की परीक्षा में तकनीकी खराबी के कारण शनिवार को कुछ केंद्रों पर देरी हुई।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">गांधी ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘नीट, सीबीएसई, एसएससी और आज सीयूईटी। चार परीक्षाएं। एक करोड़ बच्चे। एक भी (परीक्षा) ईमानदारी से नहीं हो पाई।’’गांधी ने कहा, ‘‘दावे विश्वगुरु के, लेकिन देश में एक परीक्षा नहीं करवा सकते - मोदी जी ने पूरी शिक्षा व्यवस्था तबाह कर दी है।’’ कांग्रेस नेता ने प्रधानमंत्री पर निशाना साधते हुए कहा, ‘‘जिस पीढ़ी का भविष्य आप बर्बाद कर रहे हैं - वही पीढ़ी आपका हिसाब करेगी।’’ राहुल गांधी ने लिखा कि प्रधानमंत्री मोदी ने व्यक्तिगत रूप से नीट परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक की निगरानी भी की थी। बता दें कि राहुल गांधी पिछले कुछ दिनों से लगातार नीट पेपर लीक और ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) सिस्टम को लेकर सरकार को घेरते नजर आ रहे हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">राहुल गांधी ने शुक्रवार को कहा था कि केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) की विफलता पर मोदी की चुप्पी और शिक्षा मंत्री के खिलाफ कार्रवाई न करना यह दर्शाता है कि उन्हें केवल अपनी सरकार के अस्तित्व की चिंता है, न कि लाखों छात्रों के भविष्य की। कांग्रेस नेता ने उन छात्रों के साथ अपनी पिछली बातचीत का एक वीडियो भी साझा किया, जिन्होंने राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा-स्नातक (नीट-यूजी) परीक्षा दी थी और पेपर लीक के मद्देनजर परीक्षा प्रणाली को लेकर अपनी चिंताएं व्यक्त की थीं।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 31 May 2026 18:55:38 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>'यूपीएससी में कभी नहीं हुआ पेपर लीक, एनटीए को सीखने की जरूरत' : सुप्रीम कोर्ट</title>
                                    <description><![CDATA[<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज-</strong> <span lang="hi" xml:lang="hi">नीट-यूजी  2026 परीक्षा रद्द किए जाने और पेपर लीक विवाद से जुड़े मामले में सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) की कार्यप्रणाली पर गंभीर चिंता व्यक्त की। अदालत ने कहा कि जब तक स्पष्ट और व्यक्तिगत जवाबदेही तय नहीं की जाती</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">ऐसी समस्याएं बार-बार सामने आती रहेंगी।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">जस्टिस पी.एस. नरसिम्हा और जस्टिस आलोक आराधे की खंडपीठ एनटीए को भंग करने और उसकी संरचना में व्यापक बदलाव की मांग वाली याचिकाओं पर सुनवाई कर रही थी।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">सुनवाई के दौरान अदालत ने टिप्पणी की कि एनटीए को उन संस्थाओं से सीखने की जरूरत है जो बड़े</span></p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/180331/there-was-never-any-paper-leak-in-upsc-nta-needs"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-05/supream-court.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज-</strong> <span lang="hi" xml:lang="hi">नीट-यूजी  2026 परीक्षा रद्द किए जाने और पेपर लीक विवाद से जुड़े मामले में सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) की कार्यप्रणाली पर गंभीर चिंता व्यक्त की। अदालत ने कहा कि जब तक स्पष्ट और व्यक्तिगत जवाबदेही तय नहीं की जाती</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">ऐसी समस्याएं बार-बार सामने आती रहेंगी।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">जस्टिस पी.एस. नरसिम्हा और जस्टिस आलोक आराधे की खंडपीठ एनटीए को भंग करने और उसकी संरचना में व्यापक बदलाव की मांग वाली याचिकाओं पर सुनवाई कर रही थी।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">सुनवाई के दौरान अदालत ने टिप्पणी की कि एनटीए को उन संस्थाओं से सीखने की जरूरत है जो बड़े पैमाने पर परीक्षाएं बिना किसी पेपर लीक के सफलतापूर्वक आयोजित करती हैं।जस्टिस नरसिम्हा ने कहा</span>, “<span lang="hi" xml:lang="hi">यूपीएससी की परीक्षाओं में कभी ऐसी स्थिति नहीं बनी। एनटीए को उससे सीखने की जरूरत है।”</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">उन्होंने आगे कहा कि वास्तविक समाधान तभी संभव है जब यह स्पष्ट हो कि किसी विफलता की जिम्मेदारी किस व्यक्ति पर है। केवल संस्थागत जिम्मेदारी तय करना पर्याप्त नहीं होगा।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को निर्देश दिया कि वह हलफनामा दाखिल कर बताए कि एनटीए में “संस्थागत निरंतरता” विकसित करने के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">ताकि भविष्य में एजेंसी के पास परीक्षाएं निष्पक्ष और सुरक्षित ढंग से आयोजित करने की क्षमता और विशेषज्ञता उपलब्ध रहे।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">सुनवाई के दौरान 2024 में गठित उच्चस्तरीय समिति के अध्यक्ष और पूर्व इसरो प्रमुख के. राधाकृष्णन भी अदालत में उपस्थित रहे। उन्होंने बताया कि समिति ने 35 दीर्घकालिक और लगभग 60 अल्पकालिक सिफारिशें दी थीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिनमें से अधिकांश को लागू किया जा चुका है। हालांकि अदालत ने पूछा कि यदि सुधार लागू किए गए थे</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो फिर इस वर्ष पेपर लीक जैसी स्थिति कैसे उत्पन्न हुई।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने केंद्र सरकार की ओर से अदालत को आश्वस्त किया कि सरकार इस मुद्दे को अत्यंत गंभीरता से ले रही है। उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष के विवाद के बाद परीक्षा प्रक्रिया की पूरी श्रृंखला की समीक्षा की गई और नई कमजोरियों की पहचान कर सुधारात्मक उपाय तैयार किए गए हैं।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">अदालत ने लाखों छात्रों पर पड़े प्रभाव का भी उल्लेख किया। जस्टिस नरसिम्हा ने कहा कि परीक्षा की तैयारी में वर्षों का समय और भावनाएं लगाने वाले छात्रों के लिए ऐसी घटनाएं बेहद पीड़ादायक और आघातकारी होती हैं। उन्होंने सुझाव दिया कि एनटीए को विश्वविद्यालयों और विशेषज्ञ संस्थानों के साथ स्थायी सहयोग विकसित करना चाहिए ताकि परीक्षा प्रणाली को लगातार बेहतर बनाया जा सके।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">गौरतलब है कि नीट-यूजी 2026 पेपर लीक के बाद परीक्षा रद्द कर दी गई थी। इसके बाद कई डॉक्टर संगठनों और छात्र समूहों ने सुप्रीम कोर्ट का रुख करते हुए एनटीए को भंग करने</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">उसकी जगह एक वैधानिक राष्ट्रीय परीक्षा प्राधिकरण गठित करने और भविष्य की परीक्षाओं की न्यायिक निगरानी की मांग की है। मामले की अगली सुनवाई में केंद्र सरकार द्वारा दाखिल हलफनामे पर विचार किया जाएगा।</span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 30 May 2026 22:19:55 +0530</pubDate>
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