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                <title>Exam Scam - Swatantra Prabhat</title>
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                <description>Exam Scam RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>फर्जी अभ्यर्थी से CTET परीक्षा दिलाने का आरोपी डेढ़ साल बाद गिरफ्तार।</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
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<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात । </strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>प्रयागराज। </strong></div>
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<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">जार्जटाउन थाना पुलिस ने CTET-2024 परीक्षा में फर्जी अभ्यर्थी बैठाकर परीक्षा दिलाने के मामले में लंबे समय से वांछित चल रहे एक आरोपी को मंगलवार को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी को मुखबिर की सूचना पर विद्यावाहिनी बस अड्डे के पास से पकड़कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसके विरुद्ध अग्रिम विधिक कार्रवाई की गई।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी की पहचान भानुप्रताप पुत्र अयोध्या प्रसाद उर्फ चुन्नीलाल उर्फ चुरफुन्नी (35 वर्ष) निवासी ग्राम भैदपुर, थाना धाता, जनपद फतेहपुर के रूप में हुई है। उसके खिलाफ थाना जार्जटाउन में वर्ष 2024 में दर्ज मुकदमा संख्या</div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/182411/accused-of-getting-ctet-exam-done-through-fake-candidate-arrested"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/img-20260630-wa0152.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात । </strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>प्रयागराज। </strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">जार्जटाउन थाना पुलिस ने CTET-2024 परीक्षा में फर्जी अभ्यर्थी बैठाकर परीक्षा दिलाने के मामले में लंबे समय से वांछित चल रहे एक आरोपी को मंगलवार को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी को मुखबिर की सूचना पर विद्यावाहिनी बस अड्डे के पास से पकड़कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसके विरुद्ध अग्रिम विधिक कार्रवाई की गई।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी की पहचान भानुप्रताप पुत्र अयोध्या प्रसाद उर्फ चुन्नीलाल उर्फ चुरफुन्नी (35 वर्ष) निवासी ग्राम भैदपुर, थाना धाता, जनपद फतेहपुर के रूप में हुई है। उसके खिलाफ थाना जार्जटाउन में वर्ष 2024 में दर्ज मुकदमा संख्या 292/2024 में भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं तथा उत्तर प्रदेश सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों का निवारण) अधिनियम, 1998 की धारा 7/13(3) के तहत मामला दर्ज था।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">पुलिस के मुताबिक, 15 दिसंबर 2024 को आयोजित CTET-2024 परीक्षा के दौरान आरोपी ने अपने स्थान पर फर्जी तरीके से दूसरे व्यक्ति को परीक्षार्थी बनाकर परीक्षा दिलाने का प्रयास किया था। परीक्षा केंद्र जगत तारण इंटर कॉलेज की केंद्र व्यवस्थापक रति अस्थाना ने मामले का संज्ञान लेते हुए जार्जटाउन थाने में तहरीर दी थी। जांच के बाद पुलिस ने संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आरोपी की तलाश शुरू कर दी थी।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">करीब डेढ़ वर्ष से फरार चल रहे आरोपी को मंगलवार को मुखबिर की सटीक सूचना पर जार्जटाउन थाना पुलिस ने विद्यावाहिनी बस अड्डे के निकट से गिरफ्तार कर लिया।</div>
</div>
<div class="yj6qo" style="text-align:justify;"> </div>
<div class="adL"> </div>
</div>
</div>
</div>
<div class="hq gt"></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 30 Jun 2026 20:44:16 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पेपर लीक, छात्रों की आत्महत्या को लेकर त्याग पत्र दें धर्मेन्द्र प्रधान-पुनीत पाठक</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt"><div class="a3s aiL"><div><div><div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती। </strong>बस्ती जिले में कांग्रेस कार्यालय पर पत्रकारों से वार्ता के दौरान प्रदेश प्रवक्ता पुनीत पाठक ने कहा कि पेपरलीक मामलों में केन्द्र सरकार की चुप्पी दुर्भाग्यपूर्ण है। कुछ छात्रों की आत्महत्या और शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान के त्याग पत्र की मांग को अनसुना कर देना चिन्ताजनक है। कहा कि कांग्रेस लगातार शिक्षा के सवाल को लेकर संघर्षरत है। नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने पेपरलीक के मामले को प्रमुखता से उठाया, छात्रों का हौसला बढाया और आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिजनों से मिले किन्तुं परीक्षा में सुझाव देने वाले प्रधानमंत्री खामोश हैं और अनगिनत खामियों के बावजूद केन्द्रीय शिक्षा</div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/182057/dharmendra-pradhan-puneet-pathak-should-resign-over-paper-leak-and-suicide"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/img-20260624-wa0096.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt"><div class="a3s aiL"><div><div><div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती। </strong>बस्ती जिले में कांग्रेस कार्यालय पर पत्रकारों से वार्ता के दौरान प्रदेश प्रवक्ता पुनीत पाठक ने कहा कि पेपरलीक मामलों में केन्द्र सरकार की चुप्पी दुर्भाग्यपूर्ण है। कुछ छात्रों की आत्महत्या और शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान के त्याग पत्र की मांग को अनसुना कर देना चिन्ताजनक है। कहा कि कांग्रेस लगातार शिक्षा के सवाल को लेकर संघर्षरत है। नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने पेपरलीक के मामले को प्रमुखता से उठाया, छात्रों का हौसला बढाया और आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिजनों से मिले किन्तुं परीक्षा में सुझाव देने वाले प्रधानमंत्री खामोश हैं और अनगिनत खामियों के बावजूद केन्द्रीय शिक्षा मंत्री द्वारा त्याग पत्र न दिया जाना लोकतांत्रिक नैतिकता के विरूद्ध है।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">पत्रकारों के प्रश्नों का उत्तर देते हुये पुनीत पाठक ने कहा कि राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित होने वाली नीट परीक्षा के अलावा सीबीएससी की उत्तर पुस्तिका मूल्यांकन में गड़बड़ियों के अतिरिक्त उत्तर प्रदेश में चाहे लेखपाल भर्ती परीक्षा हो, यूपीएसआई, पुलिस सिपाही भर्ती परीक्षा हो, आरओ-एआरओ भर्ती परीक्षा हो. एसएससी जीडी भर्ती परीक्षा हो, सहायक प्रोफेसर भर्ती परीक्षा हो, ऐसी तमाम प्रतियोगी परीक्षाएं पेपर लीक के माध्यम से भाजपा सरकार के भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गयीं। हाल ही में हुई नीट परीक्षा के पेपर लीक के बाद कांग्रेस पार्टी द्वारा आवाज उठाने एवं सड़कों पर संघर्ष करने के चलते सरकार को पुनः परीक्षा कराने का निर्णय लेना पड़ा।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">कांग्रेस जिलाध्यक्ष विश्वनाथ चौधरी ने कहा कि नीट पेपर लीक से पैदा हुए मानसिक तनाव के कारण देश के विभिन्न राज्यों से अब तक 12 छात्र अपनी जान गंवा चुके हैं। कांग्रेस पार्टी इसे आत्महत्या नहीं बल्कि सरकार उत्प्रेरित हत्या मानती है। राजस्थान में प्रदीप मेघवाल, दिल्ली में अंशिका पाण्डेय, उ०प्र० में रितिक मिश्रा व शिवानी यादव, गोवा में सिद्धार्थ हेगडे, कर्नाटक में भाग्यश्री, मध्य प्रदेश में आकांक्षा चतुर्वेदी, राजस्थान में उमेश माली और रेणु मीणा, उत्तराखण्ड में रिया कुमारी थापा, तमिलनाडु में अनुकीर्तना, गुजरात में कहान पटेल ने मानसिक तनाव में अपनी जान दे दी।दुर्भाग्यपूर्ण है कि परीक्षा के प्रश्नपत्र छपने के बाद बिचौलियों के जरिए परीक्षा से पहले बड़ी संख्या में प्रश्नपत्र बेंचे जाते हैं। </div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">जांच में कुछ छात्रों ने बताया है कि उन्होने लीक पेपर के लिए 25हजार से 40 लाख रूपये तक चुकाये। पिछले 12 वर्षों में 23 राष्ट्रीय परीक्षाओं के पेपर लीक हुए हैं यानी लगभग हर वर्ष दो पेपर लीक हुए हैं। अब तक देश भर में लगभग 90 से अधिक पेपर लीक हो चुके हैं लेकिन दोषियों को सजा मिलने के मामले न के बराबर है। कांग्रेस इन सवालों को लेकर लगातार संघर्ष कर रही है।कांग्रेस नेता वृजेश आर्य, शौकत अली नन्हू, डा. वाहिद अली सिद्दीकी , संदीप श्रीवास्तव ने कहा कि भारत की शिक्षा व्यवस्था आज सिर्फ एक वसूली तन्त्र बनकर रह गया है। इन्हीं पीड़ाओं को लेकर राहुल गांधी पूरे देश में छात्रों की गूंज कार्यकम अभियान के माध्यम से निष्पक्ष और सस्ती-बेहतर शिक्षा प्रणाली की आवाज बनेंगे। छात्रों की गूंज अभियान पूरे देश में कांग्रेस पार्टी के अग्रिम संगठन एनएसयूआई और युवा और युवा कांग्रेस के माध्यम से चलाया जाएगा।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">प्रेस वार्ता में मुख्य रूप से साधू शरन आर्य, अलीम अख्तर, सुधीर यादव, राहुल चौधरी, प्रशान्त पाठक, संजय कुमार, अवनीश पाण्डेय आदि उपस्थित रहे।</div></div><div class="yj6qo" style="text-align:justify;"><br /></div><div class="adL" style="text-align:justify;"><br /></div></div></div></div><div class="hq gt"></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 24 Jun 2026 16:59:26 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>युवाओं के भविष्य पर डाका: पेपर लीक, अरबों का खेल और 'उम्मीदों' का अंतहीन स्कैम</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;">  </p>
<blockquote class="format1">आज के दौर में देश के युवाओं के साथ होने वाला सबसे बड़ा और संगठित स्कैम 'पेपर लीक' बन चुका है। यह संकट सिर्फ एक परीक्षा के रद्द होने भर का नहीं है, बल्कि इसके पीछे करोड़ों युवाओं के सपनों, समय और उनके परिवारों की गाढ़ी कमाई की सुनियोजित लूट का एक ऐसा चक्रव्यूह है, जिसका सच बेहद खौफनाक है।</blockquote>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>  100 करोड़ का गणित: आवेदन के नाम पर धन-उगाही</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">यदि पुलिस और चुनिंदा शिक्षक भर्तियों को छोड़ दिया जाए, तो अमूमन किसी भी विभाग में 500 से अधिक पद नहीं निकलते। चतुर्थ श्रेणी या लेखपाल जैसी भर्तियों का उदाहरण लें,</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/180266/robbery-paper-leak-on-the-future-of-youth-a-game"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-05/ll.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"> </p>
<blockquote class="format1">आज के दौर में देश के युवाओं के साथ होने वाला सबसे बड़ा और संगठित स्कैम 'पेपर लीक' बन चुका है। यह संकट सिर्फ एक परीक्षा के रद्द होने भर का नहीं है, बल्कि इसके पीछे करोड़ों युवाओं के सपनों, समय और उनके परिवारों की गाढ़ी कमाई की सुनियोजित लूट का एक ऐसा चक्रव्यूह है, जिसका सच बेहद खौफनाक है।</blockquote>
<h4 style="text-align:justify;"><strong> 100 करोड़ का गणित: आवेदन के नाम पर धन-उगाही</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">यदि पुलिस और चुनिंदा शिक्षक भर्तियों को छोड़ दिया जाए, तो अमूमन किसी भी विभाग में 500 से अधिक पद नहीं निकलते। चतुर्थ श्रेणी या लेखपाल जैसी भर्तियों का उदाहरण लें, तो चंद सौ या हजार पदों के लिए 25 लाख से लेकर 1 करोड़ तक आवेदन आते हैं। यह स्थिति स्वतः स्पष्ट करती है कि 99% से अधिक आवेदकों के हिस्से सिर्फ असफलता ही आनी है।</p>
<p style="text-align:justify;">लेकिन खेल इसके पीछे के 'परीक्षा शुल्क' का है। यदि प्रति छात्र औसतन 400 रुपये भी फीस मानी जाए और 25 लाख आवेदन आएं, तो यह रकम **100 करोड़ रुपये** बनती है।</p>
<p style="text-align:justify;">तमाशा देखिए:पेपर लीक होता है, परीक्षा रद्द होती है। युवा अपना समय, किराया और उम्मीदें गंवाकर वहीं का वहीं खड़ा रह जाता है। लेकिन इस पूरी प्रक्रिया में सरकारी आयोग के अध्यक्ष को अपना पूरा वेतन मिल चुका होता है और परीक्षा कराने वाली प्राइवेट एजेंसियां अपना 80% तक भुगतान डकार चुकी होती हैं। नुकसान हुआ तो सिर्फ देश के युवा का।</p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong> कोचिंग हब: असफलता को भुनाने वाला बाज़ार</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">इस बड़े असफल समूह को निशाना बनाकर आज देश में अरबों रुपयों का 'कोचिंग व्यवसाय' खड़ा किया गया है। कोचिंग संस्थान भी भली-भांति जानते हैं कि नौकरियां चुनिंदा लोगों को ही मिलनी हैं। इसलिए, अपनी साख बचाने के लिए ये संस्थान दोहरी चाल चलते हैं:</p>
<p style="text-align:justify;"> परीक्षा से पहले: कई बार व्यवस्था में सेंध लगाने या अनुचित लाभ उठाने के प्रयास। <br />परीक्षा के बाद: गड़बड़ी का बढ़-चढ़कर प्रचार, ताकि जब छात्र असफल हों, तो उनका ध्यान कोचिंग की नाकामी से हटकर व्यवस्था की कमी पर चला जाए।</p>
<p style="text-align:justify;">यह सरकारी तंत्र को क्लीन चिट देने का बहाना नहीं है, बल्कि यह समझने का जरिया है कि युवा चारों तरफ से बिचौलियों से घिरा हुआ है।</p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong> बुनियाद पर चोट: सरकारी बनाम निजी स्कूलों का गोरखधंधा</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">इस स्कैम की जड़ें और गहरी तब हो जाती हैं जब हम स्कूली शिक्षा के स्तर पर देखते हैं। सरकारी विद्यालयों के विलय (Merger) की नीति एक बड़ी सामाजिक समस्या बन रही है। गाँवों के स्कूल बंद होने से गरीब परिवारों के बच्चे, विशेषकर बालिकाएं, शिक्षा से महरूम हो रही हैं, क्योंकि सुरक्षा कारणों से लोग बेटियों को दूर के स्कूलों में भेजने से कतराते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">दूसरी ओर, निजी स्कूलों का एक बड़ा गोरखधंधा चल रहा है। अधिकांश बड़े निजी शिक्षण संस्थानों के पीछे किसी न किसी रसूखदार 'नेताजी' का हाथ होता है। अब ज़रा सोचिए:</p>
<blockquote class="format1">एक तरफ सरकारी स्कूल से सिर्फ "साक्षर होने वाला गरीब का बच्चा है।<br /> दूसरी तरफ महंगे निजी स्कूल से "शिक्षित" होने वाला अमीर का बच्चा है।</blockquote>
<p style="text-align:justify;">जब इन दोनों के बीच प्रतिस्पर्धा (Competition) कराई जाएगी, तो परिणाम पहले से तय है। अमीर और अमीर होता जाएगा, और गरीब का बच्चा उसी दुष्चक्र में फंसा रहेगा।</p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>  राजनीति का मौन और अंतिम धोखा</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">यदि इन तमाम झंझावातों, असमानताओं और अभावों को पार करके कोई गरीब या मध्यमवर्गीय युवा भर्ती परीक्षा तक पहुंच भी जाता है, तो वहाँ उसे 'पेपर लीक' का अंतिम और सबसे क्रूर धोखा मिलता है। फॉर्म भरने से लेकर कोचिंग की फीस और शहरों में रहने के खर्च के नाम पर लाखों रुपये गंवाने के बाद युवाओं के हिस्से केवल निराशा या फिर से 'जीरो' से तैयारी करने की मजबूरी आती है।</p>
<p style="text-align:justify;">इस पूरे तंत्र में सिस्टम के शीर्ष पर बैठे लोग सुरक्षित हैं—आयोग के अध्यक्ष अपना वेतन लेते हैं, राजनेता रैलियों में अपनी पीठ थपथपाते हैं और निजी एजेंसियां अपना मुनाफा समेटती हैं। पेपर लीक जैसे संवेदनशील और युवाओं के जीवन को तबाह करने वाले मुद्दों पर सत्ताधीशों का मौन या ढीला रवैया यह साफ संकेत देता है कि इस सामूहिक लूट का कोई न कोई सिरा व्यवस्था के रक्षकों को भी पोषित कर रहा है। यह धोखा सिर्फ एक छात्र को नहीं, बल्कि सीधे इस देश के भविष्य को दिया जा रहा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                            <category>संपादकीय</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 29 May 2026 16:26:39 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat]]></dc:creator>
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