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                <title>NEET Paper Leak 2026 - Swatantra Prabhat</title>
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                <description>NEET Paper Leak 2026 RSS Feed</description>
                
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                <title>धारा 163 लागू होने की घोषणा के बावजूद नहीं मानी चेतावनी</title>
                                    <description><![CDATA[<h1>संसद मार्च के दौरान हिंसा: दिल्ली पुलिस की पहली FIR आई सामने, हत्या के प्रयास समेत 13 गंभीर धाराओं में केस दर्ज</h1>
<p><span style="text-decoration:underline;"><em><strong>खबर:अमित राघव (ब्यूरो चीफ देहरादून)</strong></em></span></p>
<p><strong>नई दिल्ली।</strong> संसद मार्च के दौरान हुई हिंसा को लेकर दिल्ली पुलिस की ओर से दर्ज पहली एफआईआर (FIR) की कॉपी सामने आ गई है। कर्तव्य पथ थाना में दर्ज इस एफआईआर में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की हत्या के प्रयास सहित 13 गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस का दावा है कि प्रदर्शन के दौरान प्रदर्शनकारियों ने सुरक्षा व्यवस्था तोड़ने का प्रयास किया, पुलिस बल पर हमला किया</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/184041/despite-announcement-of-implementation-of-section-163-warning-not-heeded"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/screenshot_20260725_115054_instagram(1).jpg" alt=""></a><br /><h1>संसद मार्च के दौरान हिंसा: दिल्ली पुलिस की पहली FIR आई सामने, हत्या के प्रयास समेत 13 गंभीर धाराओं में केस दर्ज</h1>
<p><span style="text-decoration:underline;"><em><strong>खबर:अमित राघव (ब्यूरो चीफ देहरादून)</strong></em></span></p>
<p><strong>नई दिल्ली।</strong> संसद मार्च के दौरान हुई हिंसा को लेकर दिल्ली पुलिस की ओर से दर्ज पहली एफआईआर (FIR) की कॉपी सामने आ गई है। कर्तव्य पथ थाना में दर्ज इस एफआईआर में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की हत्या के प्रयास सहित 13 गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस का दावा है कि प्रदर्शन के दौरान प्रदर्शनकारियों ने सुरक्षा व्यवस्था तोड़ने का प्रयास किया, पुलिस बल पर हमला किया और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाया।</p>
<h2>हत्या के प्रयास समेत कई गंभीर धाराओं में मुकदमा</h2>
<p>दिल्ली पुलिस द्वारा दर्ज एफआईआर के अनुसार, प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा को गंभीर अपराध मानते हुए भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 109(1) (हत्या के प्रयास) सहित कुल 13 धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। यह मामला संसद और रेल भवन जैसे अति संवेदनशील एवं उच्च सुरक्षा वाले क्षेत्र में हुई हिंसा से जुड़ा होने के कारण विशेष महत्व रखता है।</p>
<h2>पुलिस पर हमला, कई जवान घायल</h2>
<p>एफआईआर में आरोप लगाया गया है कि प्रदर्शनकारी अचानक उग्र हो गए और उन्होंने ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों को चारों ओर से घेर लिया। इसके बाद पुलिसकर्मियों के साथ धक्का-मुक्की, मारपीट और पथराव किया गया। पुलिस का आरोप है कि प्रदर्शनकारियों ने चप्पलें, पत्थर और अन्य वस्तुएं फेंकीं, जिससे कई पुलिसकर्मी घायल हो गए। पुलिस ने दावा किया है कि हमला बेहद आक्रामक था और जवानों की जान को खतरा उत्पन्न हो गया था।</p>
<h2>सरकारी और निजी संपत्ति को पहुंचा नुकसान</h2>
<p>हिंसा के दौरान प्रदर्शनकारियों द्वारा कई सरकारी बैरिकेड्स को नुकसान पहुंचाने के साथ-साथ आसपास खड़े निजी वाहनों को भी क्षति पहुंचाने का आरोप लगाया गया है। पुलिस ने इस संबंध में सार्वजनिक और निजी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की धाराएं भी एफआईआर में शामिल की हैं।</p>
<h2>हालात बिगड़ने पर पुलिस ने किया बल प्रयोग</h2>
<p>पुलिस के अनुसार, प्रदर्शनकारियों को कई बार शांतिपूर्वक पीछे हटने और निर्धारित नियमों का पालन करने के लिए कहा गया, लेकिन जब भीड़ लगातार आगे बढ़ती रही और बैरिकेड्स तोड़ने का प्रयास किया गया, तब हालात को नियंत्रित करने के लिए हल्का लाठीचार्ज किया गया। इसके साथ ही भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले भी छोड़े गए। पुलिस का कहना है कि यह कार्रवाई संसद, रेल भवन और अन्य महत्वपूर्ण सरकारी संस्थानों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए की गई।</p>
<h2>सुबह 5 बजे से तैनात थी पुलिस टीम</h2>
<p>एफआईआर के मुताबिक, संबंधित इंस्पेक्टर की ड्यूटी सुबह 5 बजे से सी-हेक्सागन, जोन-11 (पिंक बूथ) पर लगाई गई थी। वायरलेस के माध्यम से सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम तुरंत रेल भवन राउंडअबाउट स्थित बैरिकेड्स पर पहुंची, जहां हजारों प्रदर्शनकारी पहले से मौजूद थे और लगातार नारेबाजी कर रहे थे।</p>
<h2>धारा 163 लागू होने की घोषणा के बावजूद नहीं मानी चेतावनी</h2>
<p>पुलिस ने एफआईआर में बताया है कि मौके पर लाउडस्पीकर के जरिए भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 लागू होने तथा प्रदर्शन की अनुमति नहीं होने की बार-बार घोषणा की गई। प्रदर्शनकारियों से शांतिपूर्वक लौटने की अपील भी की गई, लेकिन पुलिस के अनुसार भीड़ ने चेतावनी को अनदेखा कर दिया और नारेबाजी जारी रखी।</p>
<h2>बैरिकेड तोड़कर संसद की ओर बढ़ने का आरोप</h2>
<p>एफआईआर में कहा गया है कि भीड़ में मौजूद कुछ लोगों ने अन्य प्रदर्शनकारियों को बैरिकेड्स तोड़कर संसद भवन की ओर बढ़ने के लिए उकसाया। इसके बाद स्थिति तेजी से बिगड़ गई और पुलिस तथा प्रदर्शनकारियों के बीच टकराव शुरू हो गया। पुलिस का आरोप है कि इस दौरान सुरक्षा घेरा तोड़ने का भी प्रयास किया गया।</p>
<h2>वीडियो फुटेज और सीसीटीवी के आधार पर होगी पहचान</h2>
<p>दिल्ली पुलिस का कहना है कि घटनास्थल पर लगे सीसीटीवी कैमरों, ड्रोन फुटेज, मोबाइल वीडियो और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की जांच की जा रही है। हिंसा में शामिल लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।</p>
<h2>जांच जारी, आगे हो सकती हैं और गिरफ्तारियां</h2>
<p>दिल्ली पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों के अनुसार उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे और गिरफ्तारियां होने की संभावना है। पुलिस पूरे घटनाक्रम की विस्तृत जांच कर रही है ताकि हिंसा के लिए जिम्मेदार सभी लोगों की भूमिका स्पष्ट हो सके।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>जन समस्याएं</category>
                                            <category>अपराध/हादशा</category>
                                            <category>भारत</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 25 Jul 2026 12:00:05 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[अमित राघव]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>वेरोजगार है सिस्टम से हारकर लाचार है युवा है वह काकरोच है</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>प्रयागराज। </strong>देश के मुख्य न्यायाधीश ने सुप्रीम कोर्ट में बैठकर एक सख्त लहजे में देश के युवाओं को कि जो बेरोजगार हैं आसली है हारा हुआ है वह काकरोच है। मी लार्ड का यह शब्द स्वागत योग्य है  कि उन्होंने ने सिस्टम से हारकर लाचार होकर घर में बैठ गये देश के पैतालीस करोड़ युवाओ को जगा दिया। और   नकली डिग्री के साथ  वकील बने  ककारोचो का जमीर जाग गया है । वह कह रहे थे कि इनकी डिग्री असली है या नकलीकी जांच होगी। जांच करालेसच जनता जाने की देश में वकील कितने नकली डिग्री धारी हैं ।परन्तु वह</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/180131/he-is-unemployed-he-is-helpless-defeated-by-the-system"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-05/1513763-.webp" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>प्रयागराज। </strong>देश के मुख्य न्यायाधीश ने सुप्रीम कोर्ट में बैठकर एक सख्त लहजे में देश के युवाओं को कि जो बेरोजगार हैं आसली है हारा हुआ है वह काकरोच है। मी लार्ड का यह शब्द स्वागत योग्य है  कि उन्होंने ने सिस्टम से हारकर लाचार होकर घर में बैठ गये देश के पैतालीस करोड़ युवाओ को जगा दिया। और   नकली डिग्री के साथ  वकील बने  ककारोचो का जमीर जाग गया है । वह कह रहे थे कि इनकी डिग्री असली है या नकलीकी जांच होगी। जांच करालेसच जनता जाने की देश में वकील कितने नकली डिग्री धारी हैं ।परन्तु वह भूल गये की देश के क ई नेताओं की डिग्री न दिखाने पर कुण्डली मार कर स्वयं कोर्ट बैठा है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">तो पी एम केयर पर कोर्ट में याचिका दाखिल करने वाले की याचिका खारिज कर दिया जाता है।और उस पर भी ग़लत टिप्पणी कर दिया। जो भारतीय  न्याय पद्धति पर सवाल खड़ा करता है।  क्या जनता को अधिकार नहीं कि वह पी एम केयर फंड का पैसा कहां खर्च हुआ है किस काम में देश में लगा है।  जान सके। ।किसी मंत्री नेता की शैक्षिक योग्यता की डिग्री सही है या ग़लत आम जनता को क्या जानने का अधिकार नहीं है क्यों न्यायलय सब कुछ छिपा रहा है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">मुख्य न्यायाधीश का काकरोच का शब्द अभिजीत दीपके  को चूम गया वह सिस्टम के बारे सोचने लगा कि सिसृटम के कारण ही तो युवा बेरोजगार आलसी बना हुआ है अगर सिस्टम ठीक होता तो आज बेरोजगारी इतनी नहीं होती जितना है।  पर सिस्टम ही युवाओं को गाली दे रहा है।उसी सिस्टम  के विरोध  में सम्भाजी नगर का युवा जो अमेरिका में शिक्षा ग्रहण कर रहा है।  वह सोशल मिडिया पर कुछ लोगों से बात करके राय लिया क्या हम काकरोच जनता पार्टी बनाये  तो साथ देंगे। सहमति मिलते ही वह सोशल मिडिया पर काकरोच जनता पार्टी बनाया और देखते ही देखते उसके चाहने वालो की संख्या इतनी बड़ी हो गई की विश्व की सबसे बड़ी पार्टी को पीछे छोड़ दिया है। </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">सोशल मिडिया पर  आज तक छ करोड़ काकरोच शिक्षामंत्री से इस्तीफा मांग रहे हैं।  काकरोच जनता पार्टी में हर तरह का युवा और नेता उसके फालोवर बन गये है । पांच दिनों में बीस मिलियन लोग जुड़ गये हर तरफ मैं भी काकरोच हूं मुखौटा लगायें युवा सोशल मिडिया पर आरहे है। और सरकार डर कर काकरोच जनता पार्टी के सोशल मिडिया  एकाउंट को बैन करा दिया । वह भारत में नहीं देखा जा रहा है । जैसा कि सरकार की आलोचना करने वाले बहुत से यूट्यूवर का एकाउंट बन्द करा दिया जाता  साल में दो बार फोर पी एम को सरकार बैन कर चुकी है फिर न्यायालय से लड़कर खुलता है।ऐसे बहुत से उदाहरण है। </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> सरकार डर कर  युवाओं महिलाओं के सोशल मिडिया को बन्द करवा देती है । वह विरोध के हर आवाज को बन्द करवाकर अपने को जनता में यह दिखाने में लगी है कि  हमारी नितियों का देश में विदेश में कहीं विरोध नही होता है।जनता में युवाओमे एक डर का भय  पैदा किया जाता है कि आप भारत के नागरिक हैं परन्तु विरोध के लिए भारत किसी नागरिक को जगह नही  है। सत्ता के विरोध को देश का विरोध कहा जाने लगा‌  और विरोध करने वाली जनता डर कर मौन होने लगी।  आज कहीं विरोध का कोई स्वर उठा तो वह जेल में डाल कर डराया जा रहा है।सोनम वांगचुक को तो सभी जानते हैं ।बिना अपराध के जेल में सत्तर दिन तक रहे।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">काकरोच जनता पार्टी को बैन किया तो वह दूसरे आई डी काकरोच बैक नाम से नया एकाउंट बन गया और फिर एक लाख से अधिक लोग उसके फालोवर बन गये है।कितनी बार बैन करेगी सरकार किस किस काकरोच के एकाउंट को बैन करेगी।काकरोच जनता पार्टी ने अपने चाहने वालों से कहा की नीट पेपर लीक मामले में शिक्षा मंत्री के इस्तीफा मांगने की मुहिम शुरू कर दें और यह देश का हर युवा सोशल मिडिया पर मांग करने लगा।भारत के रक्षा मंत्री का शब्द याद  आता वह कहते हैं यह सरकार  यू पी ए की नही है। </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">जहां किसी घटना पर मंत्री इस्तीफ़ा दे देता था । यह भाजपा की सरकार है यहां पर कितनी भी दूर्घटना हो जाये कितने नागरिक मर जाये रेल दूर्घटना में आतंकी  घटना में हवाई जहाज की  दूर्घटना  हो।परन्तु मंत्री इस्तीफ़ा नहीं देता यही फर्क है भाजपा और यूं पी ए सरकार में ।यूपीए में जिम्मेदारी होती थी भाजपा में जिम्मेदार कोई मंत्री नहीं होता है ।तभी तो चार बार नीट का पेपर लीक हुआ बहुत से छात्रों ने आत्म हत्या कर लिया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">  अभीजो नीट २०२६का पेपर लीक हुआ इसमें सत्तरह से ज्यादा छात्रों ने आत्म हत्या कर लिया पर सरकार मौन मंत्री जी चैन में है।  और भाजपा समर्थक कह रहे हैं पेपर लीक नहीं हुआ अब इससे बड़ा बेशर्म कौन कि सच्चाई को नकार दिया।इसी सच्चाई को उजागर करने लिए ककारोच बैक के साथ फिर काकरोच जनता पार्टी सोशल मिडिया पर आ ग ई और इस्तीफा मांगने लगे युवा।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">काकरोच जनता पार्टी को मजाक में लिया जा रहा है काकरोचो का यह कहना है कि हम एक बेहतर भविष्य की मांग कर रहे क्या यह मांग करना देश में गलत है वास्तव में यह एक मजाक में बना कामेडी है पर सरकार कामेडी से भी डर रही है कोई कामेडियन  कामेडी नहीं करें सरकार के किसी बात की।क ई कामेडियन अब डर कर कामेडी करना छोड़ दिया है।परन्तु आज  काकरोच जनता पार्टी सत्ता के लिए भयायनक खतरा पैदा कर रहा है।  तभी तो एकाउंट बन्द हुआ। भारत में सत्ता और सिस्टम से नाराज़ युवाओं की आवाज है। काकरोच ।इन युवाओं को विपक्ष से भी कोई विशेष उम्मीद नहीं बची है तभी तो यह सब आज ककारोच जनता पार्टी के साथ है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">काकरोच जनता पार्टी को कांग्रेस के नेता शशीधरूर ने भी समर्थन दिया तो शिवसेना की प्रियंका चतुर्वेदी ने भी साथ खड़ी होगई  है। योगेन्द्र यादव भी है  भारत में एक बिमारी पत्रकारों को भी है  जो अभी से काकरोच पार्टी के भविष्य पर चर्चा शुरू कर दिया है । यह कहावत भी तो है कि बच्चा पेट में  है तभी से उसकी भविष्यवाणी करने लगते हैं राजा होगा विधायक होगा बहुत बड़ा व्यापारी होगा न जान क्या-क्या। उसी तरह से काकरोच जनता पार्टी सड़क पर नहीं है अभी सौशल मिडिया पर है ।पत्रकार भविष्य बताने लग गये है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इसका भविष्य जब यह सड़क पर आकर सब काकरोच सिस्टम से लड़ेंगे और जनता कितना साथ देती है सरकार से टकराव करके कहा तक जाते हैं।  यह देखना होगा।सभी विपक्ष के नेता ककारोच जनता पार्टी का समर्थन कर रहे हैं।जैसा आम आदमी को रातों रात जनता ने नेता बनाया था कि केजरी वाल सिस्टम में लगे घून को समाप्त कर देगा परन्तु केजरी वाल सिस्टम में स्वयं घून बन कर रह गये ।क्या जो काकरोच जनता पार्टी सिस्टम में बदलाव की बात कर रही है कि हम सिस्टम के कारण काकरोच बने हैं।   सरकार ने हमें आलसी बनाया हमको बेरोजगार बनाया है ।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">हम नाली और गन्दे सिस्टम  के कारण  काकरोच है ।उन युवाओं का यह कहना सही है भारत के सिस्टम में समय से कुछ नहीं मुकदमा में तारीख मिलता है थाने पर लाठी मिलता है किसी काम के लिए सरकारी कार्यालय में घूस मांगा जाता है या भगा दिया जाता है।  परीक्षा देर से पेपर लीक नौकरी का हो जाता है। सालों बाद पद  नहीं भरे जाते हैं सिस्टम ने ही युवा ककारोच पैदा कर दिया है ।जो हर जगह मिल रहे हैं। पहले काकरोच रसोई नाली सीवर में थे। अब तो यह हर जगह मिल रहे हैं। यही काकरोच एक दिन जरूर सिस्टम से लड़कर बदलाव लायेंगे परन्तु काकरोच के लोग सिस्टम में खूद घून न बन जाये यह कहना अभी दूर की बात है।  काकरोच पहले सड़क पर आये ।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">आज यमुनानदी  की गन्दगी को‌ लेकर  एक युवा काकरोच बन कर नगर निगम कार्यालय में घूस गया।  अब काकरोच को झूण्ड में हर सरकारी दफ्तरों में घुसना होगा तभी कुछ होगा सड़क पर  काकरोच दिखना चलता नजर आना चाहिए । सोशल मिडिया से बाहर आना होगा।जब समाज भाषा में हार जाता है तब वह तर्क नहीं करके गाली देना शुरू कर देता लोकतंत्र में गाली कंकर पत्थर की तरह होकर इधर उधर बिखरे हुए हैं हर कोई उसी ककर पत्थर का प्रयोग विरोधी पर कर रहा  है। युवाओं किसानों जनता में आक्रोश है पर कोई गाली नहीं दे रहा नहीं गाली की भाषा बोल रहा  है</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">काकरोच युवाओं ने गाली की भाषा का प्रयोग नहीं किया है परन्तु अब उनको कुछ गाली देने वाले सोशल मिडिया पर आये है।काकरोच जनता पार्टी अभी कामेडी समझे जमीन पर जब आये काम करें तब देखें काकरोच क्या परिवर्तन लायेगा सिस्टम में।काकरोचयुवाक्षक्या सिस्टम से लड़ेंगे या फिर बस सोशल मिडिया तक रह जायेंगे यह समय बतायेगा धैर्य से इन्तजार करना होगा।परिवर्तन समय लेता है धैर्य की परीक्षा लेता है।काकरोच जनता पार्टी को अभी इन्तिहान देना है जनता में जनता पास करेगी या फेल प्रश्न पत्र बनेगा ।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>संपादकीय</category>
                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 27 May 2026 18:16:22 +0530</pubDate>
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