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                <title>Social Media Movement - Swatantra Prabhat</title>
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                <title>कॉकरोच जनता पार्टी का उभार और युवा आकांक्षाओं की राजनीति में भाजपा की विकासवादी चुनौती</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;">भारतीय लोकतंत्र की सबसे बड़ी शक्ति यह है कि यहां हर वर्ग को अपनी बात रखने का अधिकार प्राप्त है। समय समय पर विभिन्न सामाजिक और राजनीतिक आंदोलनों ने देश की नीतियों और जनचर्चाओं को प्रभावित किया है। हाल के दिनों में सोशल मीडिया के माध्यम से उभरी कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) भी इसी लोकतांत्रिक परंपरा का एक नया उदाहरण बनकर सामने आई है। दिल्ली के जंतर मंतर पर आयोजित इसके प्रदर्शन ने यह स्पष्ट किया है कि देश का एक वर्ग विशेष रूप से युवा पीढ़ी शिक्षा व्यवस्था रोजगार और प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों पर अपनी आवाज बुलंद</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/180817/the-rise-of-the-cockroach-janata-party-and-bjps-evolutionary"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/86b5a220-571b-11f1-89a3-d1f559421220.jpg.webp" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;">भारतीय लोकतंत्र की सबसे बड़ी शक्ति यह है कि यहां हर वर्ग को अपनी बात रखने का अधिकार प्राप्त है। समय समय पर विभिन्न सामाजिक और राजनीतिक आंदोलनों ने देश की नीतियों और जनचर्चाओं को प्रभावित किया है। हाल के दिनों में सोशल मीडिया के माध्यम से उभरी कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) भी इसी लोकतांत्रिक परंपरा का एक नया उदाहरण बनकर सामने आई है। दिल्ली के जंतर मंतर पर आयोजित इसके प्रदर्शन ने यह स्पष्ट किया है कि देश का एक वर्ग विशेष रूप से युवा पीढ़ी शिक्षा व्यवस्था रोजगार और प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों पर अपनी आवाज बुलंद करना चाहती है। हालांकि इस आंदोलन को राजनीतिक परिवर्तन की बड़ी लहर मानना जल्दबाजी होगी क्योंकि भारत की राजनीति में जनविश्वास का सबसे मजबूत आधार आज भी विकास सुशासन और स्थिर नेतृत्व है जिसका प्रतिनिधित्व भारतीय जनता पार्टी कर रही है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">कॉकरोच जनता पार्टी का जन्म मूल रूप से सोशल मीडिया पर व्यंग्य और असंतोष की अभिव्यक्ति के रूप में हुआ था। कुछ ही समय में इसने बड़ी संख्या में युवाओं का ध्यान आकर्षित किया। जंतर मंतर पर हुए प्रदर्शन में बड़ी संख्या में छात्रों और युवा पेशेवरों की भागीदारी ने यह संकेत दिया कि प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता रोजगार के अवसरों और प्रशासनिक जवाबदेही जैसे विषय युवाओं के लिए महत्वपूर्ण हैं। यह मांगें नई नहीं हैं। हर पीढ़ी अपने समय की चुनौतियों को लेकर आवाज उठाती रही है और लोकतंत्र में यह स्वाभाविक भी है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">लेकिन किसी भी आंदोलन का मूल्यांकन केवल नारों और भीड़ के आधार पर नहीं किया जा सकता। यह देखना भी आवश्यक है कि देश की वास्तविक परिस्थितियां क्या हैं और सरकार ने उन चुनौतियों के समाधान के लिए क्या प्रयास किए हैं। इस संदर्भ में भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार का कार्यकाल उल्लेखनीय रहा है। पिछले एक दशक में भारत ने बुनियादी ढांचे आर्थिक सुधारों डिजिटल परिवर्तन और वैश्विक प्रतिष्ठा के क्षेत्र में अभूतपूर्व प्रगति की है। देश के राजमार्गों रेलवे नेटवर्क हवाई अड्डों बंदरगाहों और डिजिटल सेवाओं में जिस गति से विस्तार हुआ है वह स्वतंत्र भारत के इतिहास में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जाता है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">युवाओं की सबसे बड़ी चिंता रोजगार और अवसरों को लेकर होती है। इसी आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार ने मेक इन इंडिया स्टार्टअप इंडिया स्किल इंडिया डिजिटल इंडिया और आत्मनिर्भर भारत जैसे व्यापक कार्यक्रम शुरू किए। इन पहलों का उद्देश्य केवल नौकरियां पैदा करना नहीं बल्कि युवाओं को रोजगार देने वाला उद्यमी बनाना भी है। आज भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम बन चुका है। लाखों युवा तकनीक नवाचार और उद्यमिता के माध्यम से नए अवसर प्राप्त कर रहे हैं। यह परिवर्तन किसी एक दिन में नहीं आया बल्कि इसके पीछे दीर्घकालिक नीतिगत प्रयास और राजनीतिक इच्छाशक्ति रही है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">सीजेपी का आंदोलन युवाओं की कुछ वास्तविक चिंताओं को सामने लाता है। प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करना किसी भी लोकतांत्रिक सरकार की जिम्मेदारी है। यदि कहीं अनियमितता या प्रशासनिक कमजोरी दिखाई देती है तो उसके समाधान की अपेक्षा स्वाभाविक है। लेकिन यह भी ध्यान रखना होगा कि किसी समस्या का अस्तित्व यह सिद्ध नहीं करता कि पूरा तंत्र विफल हो गया है। भारत जैसे विशाल देश में करोड़ों छात्र विभिन्न परीक्षाओं में भाग लेते हैं। ऐसे में चुनौतियां सामने आ सकती हैं लेकिन महत्वपूर्ण बात यह है कि सरकार उन्हें सुधारने के लिए कितनी प्रतिबद्ध है। हाल के वर्षों में परीक्षा प्रक्रियाओं को अधिक सुरक्षित और तकनीक आधारित बनाने के लिए अनेक कदम उठाए गए हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">राजनीतिक दृष्टि से देखा जाए तो कॉकरोच जनता पार्टी फिलहाल एक संगठित वैकल्पिक राजनीतिक शक्ति के बजाय असंतोष की प्रतीकात्मक अभिव्यक्ति अधिक दिखाई देती है। इसके समर्थकों में बड़ी संख्या ऐसे युवाओं की है जो व्यवस्था में सुधार चाहते हैं। यह भावना लोकतंत्र के लिए सकारात्मक मानी जा सकती है क्योंकि जागरूक नागरिक ही लोकतांत्रिक संस्थाओं को मजबूत बनाते हैं। हालांकि किसी आंदोलन को स्थायी जनसमर्थन प्राप्त करने के लिए केवल विरोध पर्याप्त नहीं होता। उसे स्पष्ट नीतियां व्यवहारिक समाधान और व्यापक राष्ट्रीय दृष्टिकोण भी प्रस्तुत करना पड़ता है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">भारतीय राजनीति में इसके पहले भी कई आंदोलन उभरे हैं जिन्होंने व्यवस्था परिवर्तन के बड़े दावे किए। कुछ समय के लिए उन्हें व्यापक लोकप्रियता भी मिली लेकिन दीर्घकालिक सफलता केवल उन्हीं को मिली जो शासन और विकास का प्रभावी मॉडल प्रस्तुत कर सके। भारतीय जनता पार्टी की सबसे बड़ी शक्ति यही रही है कि उसने चुनावी नारों से आगे बढ़कर विकास को राजनीतिक विमर्श के केंद्र में स्थापित किया। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश ने आर्थिक विकास राष्ट्रीय सुरक्षा तकनीकी प्रगति और वैश्विक कूटनीति के क्षेत्रों में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">आज भारत विश्व की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है। विदेशी निवेश लगातार बढ़ रहा है। विनिर्माण क्षेत्र को नई गति मिली है। रक्षा उत्पादन में आत्मनिर्भरता बढ़ी है। डिजिटल भुगतान प्रणाली ने पूरी दुनिया का ध्यान आकर्षित किया है। अंतरिक्ष विज्ञान से लेकर सेमीकंडक्टर निर्माण तक भारत नए क्षेत्रों में अपनी उपस्थिति मजबूत कर रहा है। इन उपलब्धियों का सीधा लाभ युवाओं को मिलने वाले अवसरों के रूप में दिखाई देता है। यही कारण है कि भाजपा का जनाधार केवल राजनीतिक समर्थन तक सीमित नहीं बल्कि विकास के प्रति विश्वास पर आधारित है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">जंतर मंतर का प्रदर्शन यह संदेश देता है कि देश का युवा अपनी अपेक्षाओं को लेकर मुखर है। यह लोकतंत्र के स्वास्थ्य का संकेत है। लेकिन साथ ही यह भी स्पष्ट है कि भारत जैसे विशाल और तेजी से आगे बढ़ते राष्ट्र में परिवर्तन केवल विरोध से नहीं बल्कि रचनात्मक सहभागिता से संभव होगा। सरकार और युवाओं के बीच संवाद जितना मजबूत होगा उतना ही देश का भविष्य सशक्त बनेगा।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">कॉकरोच जनता पार्टी को युवाओं की कुछ मांगों और आकांक्षाओं की अभिव्यक्ति के रूप में देखा जा सकता है। वहीं दूसरी ओर भारतीय जनता पार्टी का विकास मॉडल यह दर्शाता है कि राष्ट्रीय स्तर पर व्यापक परिवर्तन के लिए दूरदर्शी नीतियां मजबूत नेतृत्व और सतत विकास आवश्यक हैं। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि सीजेपी अपने आंदोलन को किस दिशा में ले जाती है लेकिन वर्तमान परिस्थितियों में भाजपा की विकास यात्रा और जनविश्वास की मजबूत नींव उसके लिए सबसे बड़ी राजनीतिक शक्ति बनी हुई है। भारत की जनता विशेष रूप से युवा वर्ग अवसर पारदर्शिता और प्रगति चाहता है और इन्हीं अपेक्षाओं की कसौटी पर भविष्य की राजनीति का मूल्यांकन होता रहेगा।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>कांतिलाल मांडोत</strong></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>संपादकीय</category>
                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 07 Jun 2026 18:33:03 +0530</pubDate>
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                <title>वेरोजगार है सिस्टम से हारकर लाचार है युवा है वह काकरोच है</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>प्रयागराज। </strong>देश के मुख्य न्यायाधीश ने सुप्रीम कोर्ट में बैठकर एक सख्त लहजे में देश के युवाओं को कि जो बेरोजगार हैं आसली है हारा हुआ है वह काकरोच है। मी लार्ड का यह शब्द स्वागत योग्य है  कि उन्होंने ने सिस्टम से हारकर लाचार होकर घर में बैठ गये देश के पैतालीस करोड़ युवाओ को जगा दिया। और   नकली डिग्री के साथ  वकील बने  ककारोचो का जमीर जाग गया है । वह कह रहे थे कि इनकी डिग्री असली है या नकलीकी जांच होगी। जांच करालेसच जनता जाने की देश में वकील कितने नकली डिग्री धारी हैं ।परन्तु वह</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/180131/he-is-unemployed-he-is-helpless-defeated-by-the-system"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-05/1513763-.webp" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>प्रयागराज। </strong>देश के मुख्य न्यायाधीश ने सुप्रीम कोर्ट में बैठकर एक सख्त लहजे में देश के युवाओं को कि जो बेरोजगार हैं आसली है हारा हुआ है वह काकरोच है। मी लार्ड का यह शब्द स्वागत योग्य है  कि उन्होंने ने सिस्टम से हारकर लाचार होकर घर में बैठ गये देश के पैतालीस करोड़ युवाओ को जगा दिया। और   नकली डिग्री के साथ  वकील बने  ककारोचो का जमीर जाग गया है । वह कह रहे थे कि इनकी डिग्री असली है या नकलीकी जांच होगी। जांच करालेसच जनता जाने की देश में वकील कितने नकली डिग्री धारी हैं ।परन्तु वह भूल गये की देश के क ई नेताओं की डिग्री न दिखाने पर कुण्डली मार कर स्वयं कोर्ट बैठा है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">तो पी एम केयर पर कोर्ट में याचिका दाखिल करने वाले की याचिका खारिज कर दिया जाता है।और उस पर भी ग़लत टिप्पणी कर दिया। जो भारतीय  न्याय पद्धति पर सवाल खड़ा करता है।  क्या जनता को अधिकार नहीं कि वह पी एम केयर फंड का पैसा कहां खर्च हुआ है किस काम में देश में लगा है।  जान सके। ।किसी मंत्री नेता की शैक्षिक योग्यता की डिग्री सही है या ग़लत आम जनता को क्या जानने का अधिकार नहीं है क्यों न्यायलय सब कुछ छिपा रहा है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">मुख्य न्यायाधीश का काकरोच का शब्द अभिजीत दीपके  को चूम गया वह सिस्टम के बारे सोचने लगा कि सिसृटम के कारण ही तो युवा बेरोजगार आलसी बना हुआ है अगर सिस्टम ठीक होता तो आज बेरोजगारी इतनी नहीं होती जितना है।  पर सिस्टम ही युवाओं को गाली दे रहा है।उसी सिस्टम  के विरोध  में सम्भाजी नगर का युवा जो अमेरिका में शिक्षा ग्रहण कर रहा है।  वह सोशल मिडिया पर कुछ लोगों से बात करके राय लिया क्या हम काकरोच जनता पार्टी बनाये  तो साथ देंगे। सहमति मिलते ही वह सोशल मिडिया पर काकरोच जनता पार्टी बनाया और देखते ही देखते उसके चाहने वालो की संख्या इतनी बड़ी हो गई की विश्व की सबसे बड़ी पार्टी को पीछे छोड़ दिया है। </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">सोशल मिडिया पर  आज तक छ करोड़ काकरोच शिक्षामंत्री से इस्तीफा मांग रहे हैं।  काकरोच जनता पार्टी में हर तरह का युवा और नेता उसके फालोवर बन गये है । पांच दिनों में बीस मिलियन लोग जुड़ गये हर तरफ मैं भी काकरोच हूं मुखौटा लगायें युवा सोशल मिडिया पर आरहे है। और सरकार डर कर काकरोच जनता पार्टी के सोशल मिडिया  एकाउंट को बैन करा दिया । वह भारत में नहीं देखा जा रहा है । जैसा कि सरकार की आलोचना करने वाले बहुत से यूट्यूवर का एकाउंट बन्द करा दिया जाता  साल में दो बार फोर पी एम को सरकार बैन कर चुकी है फिर न्यायालय से लड़कर खुलता है।ऐसे बहुत से उदाहरण है। </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> सरकार डर कर  युवाओं महिलाओं के सोशल मिडिया को बन्द करवा देती है । वह विरोध के हर आवाज को बन्द करवाकर अपने को जनता में यह दिखाने में लगी है कि  हमारी नितियों का देश में विदेश में कहीं विरोध नही होता है।जनता में युवाओमे एक डर का भय  पैदा किया जाता है कि आप भारत के नागरिक हैं परन्तु विरोध के लिए भारत किसी नागरिक को जगह नही  है। सत्ता के विरोध को देश का विरोध कहा जाने लगा‌  और विरोध करने वाली जनता डर कर मौन होने लगी।  आज कहीं विरोध का कोई स्वर उठा तो वह जेल में डाल कर डराया जा रहा है।सोनम वांगचुक को तो सभी जानते हैं ।बिना अपराध के जेल में सत्तर दिन तक रहे।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">काकरोच जनता पार्टी को बैन किया तो वह दूसरे आई डी काकरोच बैक नाम से नया एकाउंट बन गया और फिर एक लाख से अधिक लोग उसके फालोवर बन गये है।कितनी बार बैन करेगी सरकार किस किस काकरोच के एकाउंट को बैन करेगी।काकरोच जनता पार्टी ने अपने चाहने वालों से कहा की नीट पेपर लीक मामले में शिक्षा मंत्री के इस्तीफा मांगने की मुहिम शुरू कर दें और यह देश का हर युवा सोशल मिडिया पर मांग करने लगा।भारत के रक्षा मंत्री का शब्द याद  आता वह कहते हैं यह सरकार  यू पी ए की नही है। </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">जहां किसी घटना पर मंत्री इस्तीफ़ा दे देता था । यह भाजपा की सरकार है यहां पर कितनी भी दूर्घटना हो जाये कितने नागरिक मर जाये रेल दूर्घटना में आतंकी  घटना में हवाई जहाज की  दूर्घटना  हो।परन्तु मंत्री इस्तीफ़ा नहीं देता यही फर्क है भाजपा और यूं पी ए सरकार में ।यूपीए में जिम्मेदारी होती थी भाजपा में जिम्मेदार कोई मंत्री नहीं होता है ।तभी तो चार बार नीट का पेपर लीक हुआ बहुत से छात्रों ने आत्म हत्या कर लिया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">  अभीजो नीट २०२६का पेपर लीक हुआ इसमें सत्तरह से ज्यादा छात्रों ने आत्म हत्या कर लिया पर सरकार मौन मंत्री जी चैन में है।  और भाजपा समर्थक कह रहे हैं पेपर लीक नहीं हुआ अब इससे बड़ा बेशर्म कौन कि सच्चाई को नकार दिया।इसी सच्चाई को उजागर करने लिए ककारोच बैक के साथ फिर काकरोच जनता पार्टी सोशल मिडिया पर आ ग ई और इस्तीफा मांगने लगे युवा।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">काकरोच जनता पार्टी को मजाक में लिया जा रहा है काकरोचो का यह कहना है कि हम एक बेहतर भविष्य की मांग कर रहे क्या यह मांग करना देश में गलत है वास्तव में यह एक मजाक में बना कामेडी है पर सरकार कामेडी से भी डर रही है कोई कामेडियन  कामेडी नहीं करें सरकार के किसी बात की।क ई कामेडियन अब डर कर कामेडी करना छोड़ दिया है।परन्तु आज  काकरोच जनता पार्टी सत्ता के लिए भयायनक खतरा पैदा कर रहा है।  तभी तो एकाउंट बन्द हुआ। भारत में सत्ता और सिस्टम से नाराज़ युवाओं की आवाज है। काकरोच ।इन युवाओं को विपक्ष से भी कोई विशेष उम्मीद नहीं बची है तभी तो यह सब आज ककारोच जनता पार्टी के साथ है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">काकरोच जनता पार्टी को कांग्रेस के नेता शशीधरूर ने भी समर्थन दिया तो शिवसेना की प्रियंका चतुर्वेदी ने भी साथ खड़ी होगई  है। योगेन्द्र यादव भी है  भारत में एक बिमारी पत्रकारों को भी है  जो अभी से काकरोच पार्टी के भविष्य पर चर्चा शुरू कर दिया है । यह कहावत भी तो है कि बच्चा पेट में  है तभी से उसकी भविष्यवाणी करने लगते हैं राजा होगा विधायक होगा बहुत बड़ा व्यापारी होगा न जान क्या-क्या। उसी तरह से काकरोच जनता पार्टी सड़क पर नहीं है अभी सौशल मिडिया पर है ।पत्रकार भविष्य बताने लग गये है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इसका भविष्य जब यह सड़क पर आकर सब काकरोच सिस्टम से लड़ेंगे और जनता कितना साथ देती है सरकार से टकराव करके कहा तक जाते हैं।  यह देखना होगा।सभी विपक्ष के नेता ककारोच जनता पार्टी का समर्थन कर रहे हैं।जैसा आम आदमी को रातों रात जनता ने नेता बनाया था कि केजरी वाल सिस्टम में लगे घून को समाप्त कर देगा परन्तु केजरी वाल सिस्टम में स्वयं घून बन कर रह गये ।क्या जो काकरोच जनता पार्टी सिस्टम में बदलाव की बात कर रही है कि हम सिस्टम के कारण काकरोच बने हैं।   सरकार ने हमें आलसी बनाया हमको बेरोजगार बनाया है ।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">हम नाली और गन्दे सिस्टम  के कारण  काकरोच है ।उन युवाओं का यह कहना सही है भारत के सिस्टम में समय से कुछ नहीं मुकदमा में तारीख मिलता है थाने पर लाठी मिलता है किसी काम के लिए सरकारी कार्यालय में घूस मांगा जाता है या भगा दिया जाता है।  परीक्षा देर से पेपर लीक नौकरी का हो जाता है। सालों बाद पद  नहीं भरे जाते हैं सिस्टम ने ही युवा ककारोच पैदा कर दिया है ।जो हर जगह मिल रहे हैं। पहले काकरोच रसोई नाली सीवर में थे। अब तो यह हर जगह मिल रहे हैं। यही काकरोच एक दिन जरूर सिस्टम से लड़कर बदलाव लायेंगे परन्तु काकरोच के लोग सिस्टम में खूद घून न बन जाये यह कहना अभी दूर की बात है।  काकरोच पहले सड़क पर आये ।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">आज यमुनानदी  की गन्दगी को‌ लेकर  एक युवा काकरोच बन कर नगर निगम कार्यालय में घूस गया।  अब काकरोच को झूण्ड में हर सरकारी दफ्तरों में घुसना होगा तभी कुछ होगा सड़क पर  काकरोच दिखना चलता नजर आना चाहिए । सोशल मिडिया से बाहर आना होगा।जब समाज भाषा में हार जाता है तब वह तर्क नहीं करके गाली देना शुरू कर देता लोकतंत्र में गाली कंकर पत्थर की तरह होकर इधर उधर बिखरे हुए हैं हर कोई उसी ककर पत्थर का प्रयोग विरोधी पर कर रहा  है। युवाओं किसानों जनता में आक्रोश है पर कोई गाली नहीं दे रहा नहीं गाली की भाषा बोल रहा  है</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">काकरोच युवाओं ने गाली की भाषा का प्रयोग नहीं किया है परन्तु अब उनको कुछ गाली देने वाले सोशल मिडिया पर आये है।काकरोच जनता पार्टी अभी कामेडी समझे जमीन पर जब आये काम करें तब देखें काकरोच क्या परिवर्तन लायेगा सिस्टम में।काकरोचयुवाक्षक्या सिस्टम से लड़ेंगे या फिर बस सोशल मिडिया तक रह जायेंगे यह समय बतायेगा धैर्य से इन्तजार करना होगा।परिवर्तन समय लेता है धैर्य की परीक्षा लेता है।काकरोच जनता पार्टी को अभी इन्तिहान देना है जनता में जनता पास करेगी या फेल प्रश्न पत्र बनेगा ।</div>]]></content:encoded>
                
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                <pubDate>Wed, 27 May 2026 18:16:22 +0530</pubDate>
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