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                <title>Civic Issues - Swatantra Prabhat</title>
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                <description>Civic Issues RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>अतिक्रमण का जाल और रेंगती आम आदमी की जिंदगी</title>
                                    <description><![CDATA[<div><span style="font-size:small;">शहरों की पहचान केवल ऊंची इमारतों, चौड़ी सड़कों और चमकते बाजारों से नहीं होती। किसी शहर की असली तस्वीर उसकी सड़कों, फुटपाथों, गलियों और सार्वजनिक स्थानों पर दिखाई देती है। जब यही सार्वजनिक स्थान अतिक्रमण की गिरफ्त में आ जाते हैं, तो विकास की चमक के पीछे आम आदमी की जिंदगी धीरे-धीरे रेंगने लगती है। अतिक्रमण आज केवल सड़क किनारे दुकान लगाने या फुटपाथ पर सामान रखने तक सीमित समस्या नहीं रह गया है। सड़क की जमीन पर कब्जा, नालियों के ऊपर निर्माण, फुटपाथों पर स्थायी दुकानें, पार्किंग के नाम पर सार्वजनिक स्थानों का इस्तेमाल और गलियों तक में फैलते</span></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/186145/the-web-of-encroachment-and-the-creeping-life-of-the"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-08/hindi-divas11.jpg" alt=""></a><br /><div><span style="font-size:small;">शहरों की पहचान केवल ऊंची इमारतों, चौड़ी सड़कों और चमकते बाजारों से नहीं होती। किसी शहर की असली तस्वीर उसकी सड़कों, फुटपाथों, गलियों और सार्वजनिक स्थानों पर दिखाई देती है। जब यही सार्वजनिक स्थान अतिक्रमण की गिरफ्त में आ जाते हैं, तो विकास की चमक के पीछे आम आदमी की जिंदगी धीरे-धीरे रेंगने लगती है। अतिक्रमण आज केवल सड़क किनारे दुकान लगाने या फुटपाथ पर सामान रखने तक सीमित समस्या नहीं रह गया है। सड़क की जमीन पर कब्जा, नालियों के ऊपर निर्माण, फुटपाथों पर स्थायी दुकानें, पार्किंग के नाम पर सार्वजनिक स्थानों का इस्तेमाल और गलियों तक में फैलते अवैध निर्माण ने शहरों की व्यवस्था को प्रभावित किया है। इसका सबसे बड़ा खामियाजा उस नागरिक को भुगतना पड़ता है, जिसके पास न ताकत है, न प्रभाव और न ही व्यवस्था से लगातार संघर्ष करने का समय।</span></div>
<div><span style="font-size:small;">सड़कें छोटी, समस्याएं बड़ी</span></div>
<div> </div>
<div><span style="font-size:small;">अतिक्रमण का सबसे सीधा असर यातायात पर पड़ता है। जिस सड़क का निर्माण वाहनों और पैदल यात्रियों की सुविधा के लिए हुआ था, उसका एक बड़ा हिस्सा दुकानों, ठेलों, पार्किंग या निर्माण सामग्री की भेंट चढ़ जाता है। परिणामस्वरूप सड़क की उपयोगी चौड़ाई कम होती जाती है और यातायात का दबाव बढ़ता जाता है। कुछ किलोमीटर की दूरी तय करने में घंटों लगना अब कई शहरों में असामान्य नहीं है। वाहन ईंधन जलाते रहते हैं, लोग समय गंवाते हैं और प्रदूषण बढ़ता रहता है। इस पूरी व्यवस्था की कीमत अंततः आम आदमी ही चुकाता है।</span></div>
<div> </div>
<div><span style="font-size:small;">फुटपाथ गायब, पैदल यात्री परेशान</span></div>
<div><span style="font-size:small;">फुटपाथ का उद्देश्य पैदल चलने वालों को सुरक्षित रास्ता देना है। लेकिन जब फुटपाथ पर दुकानें, वाहन, विज्ञापन बोर्ड और अस्थायी निर्माण कब्जा कर लेते हैं, तो पैदल यात्री सड़क पर चलने के लिए मजबूर हो जाता है। बुजुर्ग, बच्चे, महिलाएं और दिव्यांग नागरिक ऐसी स्थिति में सबसे अधिक परेशान होते हैं। सड़क पर चलते पैदल यात्री और तेज रफ्तार वाहनों का टकराव दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ाता है। सवाल यह है कि जिस नागरिक के लिए फुटपाथ बनाया गया, उसे आखिर उसी फुटपाथ से हटने के लिए क्यों मजबूर होना पड़े?</span></div>
<div><span style="font-size:small;">जलभराव की समस्या को बढ़ाता अतिक्रमण</span></div>
<div> </div>
<div><span style="font-size:small;">अतिक्रमण का एक गंभीर और अक्सर नजरअंदाज किया जाने वाला परिणाम जलभराव है। नालियों और जलनिकासी के रास्तों पर निर्माण होने से बारिश का पानी अपना प्राकृतिक रास्ता नहीं पा पाता। कई जगह नालियां ढक दी जाती हैं या उनका आकार इतना छोटा कर दिया जाता है कि पानी का प्रवाह बाधित होने लगता है। बारिश होते ही सड़कें तालाब में बदल जाती हैं। घरों और दुकानों में पानी घुसता है, यातायात ठप होता है और नागरिकों को घंटों परेशानी उठानी पड़ती है। हर वर्ष जलभराव के बाद सफाई और नाला खुदाई की कवायद होती है, लेकिन यदि जलनिकासी के रास्तों पर कब्जे कायम रहें तो समस्या स्थायी रूप से कैसे समाप्त होगी?</span></div>
<div><span style="font-size:small;">अतिक्रमण और भ्रष्टाचार का सवाल</span></div>
<div> </div>
<div><span style="font-size:small;">अतिक्रमण केवल प्रशासनिक कमजोरी का परिणाम है या इसके पीछे किसी स्तर पर मिलीभगत भी है—यह सवाल बार-बार उठता है। किसी सड़क या सार्वजनिक जमीन पर एक दिन में स्थायी कब्जा नहीं हो जाता। पहले अस्थायी कब्जा होता है, फिर वह धीरे-धीरे स्थायी रूप लेता है और अंततः नागरिक उसे सामान्य स्थिति मानने लगते हैं।</span></div>
<div><span style="font-size:small;">यदि नियम स्पष्ट हैं और सरकारी जमीन की निगरानी होती है तो वर्षों तक अवैध निर्माण कैसे खड़े रहते हैं? यदि कार्रवाई होती है तो कुछ समय बाद वही स्थान फिर अतिक्रमण से कैसे भर जाते हैं?</span></div>
<div> </div>
<div><span style="font-size:small;">इन सवालों का जवाब केवल छोटे दुकानदार या ठेले वाले को दोषी ठहराकर नहीं दिया जा सकता। व्यवस्था को यह भी देखना होगा कि अतिक्रमण को पनपने का अवसर कौन देता है और कार्रवाई के बाद उसे दोबारा खड़ा होने से कौन रोकता है।</span></div>
<div><span style="font-size:small;">रोजगार बनाम व्यवस्था—समस्या का कठिन पक्ष</span></div>
<div> </div>
<div><span style="font-size:small;">अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई का दूसरा पहलू भी है। बड़ी संख्या में छोटे दुकानदार, रेहड़ी-पटरी वाले और फुटपाथ पर कारोबार करने वाले लोग अपनी आजीविका के लिए सार्वजनिक स्थानों पर निर्भर हैं। अचानक सामान हटाने से उनकी रोजी-रोटी प्रभावित होती है। इसलिए समाधान केवल बुलडोजर या जबरन हटाने में नहीं है। प्रशासन को व्यवस्थित वेंडिंग जोन, वैकल्पिक बाजार और पार्किंग की पर्याप्त व्यवस्था विकसित करनी होगी। गरीब की रोजी भी बचे और सार्वजनिक रास्ता भी—यह संतुलन ही वास्तविक प्रशासनिक सफलता होगी।</span></div>
<div><span style="font-size:small;">कानून सबके लिए समान होना चाहिए</span></div>
<div> </div>
<div><span style="font-size:small;">अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई में सबसे बड़ी आवश्यकता समानता की है। यदि गरीब की छोटी दुकान हटाई जाए लेकिन प्रभावशाली व्यक्ति का बड़ा अवैध निर्माण वर्षों तक खड़ा रहे, तो नागरिकों का कानून और प्रशासन पर विश्वास कमजोर होता है।</span></div>
<div> </div>
<div><span style="font-size:small;">कानून का अर्थ तभी है जब वह बिना भेदभाव लागू हो। सड़क पर कब्जा करने वाला चाहे छोटा दुकानदार हो या बड़ा कारोबारी, सार्वजनिक जमीन पर अवैध निर्माण करने वाला चाहे कोई भी हो—नियम सभी पर समान रूप से लागू होने चाहिए।</span></div>
<div><span style="font-size:small;">शहर केवल वाहनों के लिए नहीं हैं</span></div>
<div> </div>
<div><span style="font-size:small;">शहरी नियोजन में अक्सर सड़क चौड़ी करने, फ्लाईओवर बनाने और यातायात बढ़ाने पर जोर दिया जाता है, लेकिन पैदल चलने वाले नागरिक की जरूरतों को उतना महत्व नहीं मिलता। वास्तव में स्वस्थ शहर वह है जहां व्यक्ति सुरक्षित पैदल चल सके, सार्वजनिक परिवहन तक आसानी से पहुंच सके और बारिश के दिनों में जलभराव से न जूझे।</span></div>
<div><span style="font-size:small;">अतिक्रमण हटाना केवल सड़क खाली कराने का अभियान नहीं होना चाहिए। यह शहर को नागरिकों के लिए वापस हासिल करने की प्रक्रिया होनी चाहिए।</span></div>
<div><span style="font-size:small;">आम आदमी की जिंदगी कब तेज चलेगी?</span></div>
<div> </div>
<div><span style="font-size:small;">आज आम नागरिक का बड़ा हिस्सा अपनी रोजमर्रा की जिंदगी में अनावश्यक समय यातायात, जाम, पार्किंग और जलभराव में गंवा देता है। जिस दूरी को कुछ मिनटों में पूरा होना चाहिए, वह घंटों में पूरी होती है। यही वह स्थिति है जिसे कहा जा सकता है—शहर बढ़ रहे हैं, लेकिन आम आदमी की जिंदगी रेंग रही है।</span></div>
<div><span style="font-size:small;">अतिक्रमण की समस्या का स्थायी समाधान राजनीतिक इच्छाशक्ति, प्रशासनिक ईमानदारी और बेहतर शहरी नियोजन से ही संभव है। केवल अभियान चलाकर तस्वीर नहीं बदलेगी। अतिक्रमण हटाने के बाद उस स्थान का नियमित निरीक्षण, डिजिटल रिकॉर्ड, स्पष्ट पार्किंग नीति, व्यवस्थित वेंडिंग जोन और जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय करनी होगी।</span></div>
<div><span style="font-size:small;">सड़कें जनता की हैं, फुटपाथ जनता के हैं, नालियां जनता के लिए हैं और सार्वजनिक जमीन भी जनता की संपत्ति है। जब इन पर कब्जा होता है तो नुकसान केवल सरकार का नहीं, बल्कि पूरे समाज का होता है।</span></div>
<div><span style="font-size:small;">जरूरत इस बात की है कि शहरों को अतिक्रमण मुक्त करने की मुहिम को केवल दिखावटी कार्रवाई न बनाया जाए। प्रशासन को गरीब की आजीविका और नागरिकों के अधिकार—दोनों के बीच संतुलन कायम करना होगा। तभी शहरों की सड़कें खुलेंगी, जलभराव घटेगा, यातायात सुधरेगा और सबसे महत्वपूर्ण—आम आदमी की जिंदगी रेंगने के बजाय आगे बढ़ सकेगी।</span></div>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                            <category>संपादकीय</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 22 Aug 2026 21:36:26 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[अजय यादव]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>फव्वारा तिराहे पर फुटपाथ तक सजी प्लास्टिक की दुकानें, जाम से परेशान राहगीर; प्रशासन की कार्रवाई पर उठे सवाल</title>
                                    <description><![CDATA[<div><strong>बस्ती | </strong>बस्ती शहर के मालवीय रोड स्थित फवारा तिराहा इन दिनों अतिक्रमण और यातायात अव्यवस्था का उदाहरण बनता नजर आ रहा है। तिराहे पर वर्षों से अस्थायी तौर पर लग रही प्लास्टिक के सामानों की दुकानें अब फुटपाथ तक फैल गई हैं। शाम होते ही दुकानों पर खरीदारों की भीड़ और सड़क से गुजरने वाले वाहनों के कारण यहां अक्सर यातायात का दबाव बढ़ जाता है, जिससे राहगीरों और वाहन चालकों को जाम की स्थिति का सामना करना पड़ता है।</div>
<div>  </div>
<div>मौके की स्थिति को दर्शाता वीडियो भी सामने आया है, जिसमें सड़क के किनारे बड़े हिस्से में प्लास्टिक के</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/186126/plastic-shops-decorated-till-the-footpath-at-the-fountain-intersection"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-08/img-20260822-wa0078.jpg" alt=""></a><br /><div><strong>बस्ती | </strong>बस्ती शहर के मालवीय रोड स्थित फवारा तिराहा इन दिनों अतिक्रमण और यातायात अव्यवस्था का उदाहरण बनता नजर आ रहा है। तिराहे पर वर्षों से अस्थायी तौर पर लग रही प्लास्टिक के सामानों की दुकानें अब फुटपाथ तक फैल गई हैं। शाम होते ही दुकानों पर खरीदारों की भीड़ और सड़क से गुजरने वाले वाहनों के कारण यहां अक्सर यातायात का दबाव बढ़ जाता है, जिससे राहगीरों और वाहन चालकों को जाम की स्थिति का सामना करना पड़ता है।</div>
<div> </div>
<div>मौके की स्थिति को दर्शाता वीडियो भी सामने आया है, जिसमें सड़क के किनारे बड़े हिस्से में प्लास्टिक के सामानों की दुकानें लगी दिखाई दे रही हैं। दूसरी ओर, उसी सड़क से लगातार मोटरसाइकिल, ई-रिक्शा, कार और अन्य वाहन गुजरते नजर आ रहे हैं। दुकानें और ग्राहकों की आवाजाही सड़क के किनारे यातायात व्यवस्था पर अतिरिक्त दबाव डालती दिखाई देती है।</div>
<div> </div>
<div><strong> यातायात पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल…..</strong></div>
<div> </div>
<div>सबसे बड़ा सवाल यह है कि फव्वरा तिराहे पर यह स्थिति वर्षों से बनी हुई बताई जा रही है, इसके बावजूद जिम्मेदार विभागों की नजर इस ओर क्यों नहीं जाती? खास बात यह है कि इन अस्थायी दुकानों के ठीक सामने बस्ती विकास प्राधिकरण का कार्यालय भी स्थित है। इसके बावजूद सड़क और फुटपाथ पर अतिक्रमण की स्थिति बनी रहना जिम्मेदार अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करता है।</div>
<div> </div>
<div>फुटपाथ पर खड़ी मोटरसाइकिलों का चालान करने और यातायात नियमों का पालन कराने में सक्रिय रहने वाली पुलिस की नजर सड़क किनारे लंबे समय से लगी इन अस्थायी दुकानों पर भी पड़नी चाहिए। लोगों का सवाल है कि यदि फुटपाथ और सड़क के किनारे अतिक्रमण यातायात में बाधा बन रहा है तो उसके खिलाफ भी नियमित कार्रवाई क्यों नहीं की जाती?</div>
<div> </div>
<div>शाम के समय इस मार्ग पर वाहनों और राहगीरों की संख्या बढ़ जाती है। ऐसे में सड़क किनारे दुकानें और ग्राहकों की भीड़ यातायात व्यवस्था को और प्रभावित कर सकती है। यदि समय रहते अतिक्रमण को व्यवस्थित नहीं किया गया तो आने वाले दिनों में यहां जाम की समस्या और गंभीर हो सकती क्यों आँख बंद कर बैठा है बस्ती विकास प्राधिकरण</div>
<div> </div>
<div>बस्ती विकास प्राधिकरण और यातायात पुलिस से मामले का संज्ञान लेते हुए फवारा तिराहे पर अतिक्रमण और यातायात व्यवस्था की जांच कराने तथा नियमानुसार कार्रवाई करते है। अब देखना यह है कि वीडियो सामने आने और लगातार बन रही जाम की स्थिति के बाद जिम्मेदार विभाग इस ओर कब तक ध्यान देते हैं।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 22 Aug 2026 21:05:29 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[अजय यादव]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>नालियों पर ढक्कन लगाने की मांग</title>
                                    <description><![CDATA[<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात संवाददाता </strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>बांसी (सिद्धार्थनगर)। </strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">अकबरनगर वार्ड की सभासद शमा आरा ने थाना समाधान दिवस के साथ ही नगर पालिका अध्यक्ष और अधिशासी अधिकारी को शिकायती पत्र देकर डा. आब्दी चौराहा से रामबाबू की दुकान तक बनी नाली पर ढक्कन लगाए जाने की मांग की है।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">सभासद ने बताया कि उक्त मार्ग पर कई स्थानों पर नाली खुली हुई है। आगामी 26 अगस्त को जश्न-ए-ईद मिलादुन्नबी का जुलूस इसी मार्ग से निकलना है, जिसमें हजारों लोग शामिल होंगे। जुलूस में बड़ी संख्या में झांकियां और वाहन भी शामिल रहते हैं। ऐसे में खुली नालियों के कारण दुर्घटना की आशंका बनी</div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/186120/demand-to-put-lid-on-drains"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-08/1787411760219.jpg" alt=""></a><br /><div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात संवाददाता </strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>बांसी (सिद्धार्थनगर)। </strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">अकबरनगर वार्ड की सभासद शमा आरा ने थाना समाधान दिवस के साथ ही नगर पालिका अध्यक्ष और अधिशासी अधिकारी को शिकायती पत्र देकर डा. आब्दी चौराहा से रामबाबू की दुकान तक बनी नाली पर ढक्कन लगाए जाने की मांग की है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">सभासद ने बताया कि उक्त मार्ग पर कई स्थानों पर नाली खुली हुई है। आगामी 26 अगस्त को जश्न-ए-ईद मिलादुन्नबी का जुलूस इसी मार्ग से निकलना है, जिसमें हजारों लोग शामिल होंगे। जुलूस में बड़ी संख्या में झांकियां और वाहन भी शामिल रहते हैं। ऐसे में खुली नालियों के कारण दुर्घटना की आशंका बनी हुई है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">उन्होंने मांग की कि जुलूस निकलने से पहले मार्ग पर जहां भी नाली खुली है, वहां ढक्कन लगवाए जाएं, ताकि जुलूस के दौरान किसी प्रकार की अप्रिय घटना न हो।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इस संबंध में नगर पालिका अध्यक्ष चमन आरा राईनी ने बताया कि नालियों पर ढक्कन लगाने के लिए संबंधित सफाई प्रभारी को निर्देश दे दिया गया है। जल्द ही आवश्यक स्थानों पर ढक्कन रखवा दिए जाएंगे।</div>
</div>
</div>
<div class="yj6qo"> </div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 22 Aug 2026 21:01:15 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[अजय यादव]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>छिवकी गांव की सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे, राहगीरों की बढ़ी परेशानी</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात ।</strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>नैनी, प्रयागराज।</strong></div>
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<div style="text-align:justify;">  नैनी क्षेत्र के छिवकी गांव की सड़क इन दिनों बड़े-बड़े गड्ढों के कारण बदहाल हो गई है। सड़क की हालत इतनी खराब है कि राहगीरों को पैदल चलने में भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। </div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क पर जगह-जगह गड्ढे होने से दुर्घटना की आशंका बनी रहती है।स्थानीय लोगों ने क्षेत्रीय सभासद से सड़क की जल्द से जल्द मरम्मत कराए जाने की मांग की है। लोगों का कहना है कि इस मार्ग से गांव के हजारों लोगों का प्रतिदिन आवागमन होता है। इसी रास्ते से होकर छोटे-छोटे बच्चे</div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/186096/big-potholes-on-the-road-of-chhivki-village-increase-the"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-08/img-20260822-wa0095.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात ।</strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>नैनी, प्रयागराज।</strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> नैनी क्षेत्र के छिवकी गांव की सड़क इन दिनों बड़े-बड़े गड्ढों के कारण बदहाल हो गई है। सड़क की हालत इतनी खराब है कि राहगीरों को पैदल चलने में भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क पर जगह-जगह गड्ढे होने से दुर्घटना की आशंका बनी रहती है।स्थानीय लोगों ने क्षेत्रीय सभासद से सड़क की जल्द से जल्द मरम्मत कराए जाने की मांग की है। लोगों का कहना है कि इस मार्ग से गांव के हजारों लोगों का प्रतिदिन आवागमन होता है। इसी रास्ते से होकर छोटे-छोटे बच्चे स्कूल भी जाते हैं, ऐसे में सड़क की बदहाली उनके लिए भी परेशानी का कारण बनी हुई है।बसपा कार्यकर्ता संदीप कनौजिया ने कहा कि लंबे समय से सड़क की स्थिति खराब है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों का इस ओर ध्यान नहीं जा रहा है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से सड़क की शीघ्र मरम्मत कराकर लोगों को राहत दिलाने की मांग की है।</div>
</div>
<div class="yj6qo"> </div>
<div class="adL"> </div>
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</div>
</div>
<div class="hq gt"></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 22 Aug 2026 20:35:25 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[अजय यादव]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>छुट्टा पशुओं की समस्या को लेकर सहयोग समिति ने उप जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात संवाददाता </strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>बांसी (सिद्धार्थनगर)।</strong> नगर पालिका बांसी और आसपास के क्षेत्रों में छुट्टा पशुओं, गौवंश व सांड़ों की बढ़ती समस्या को लेकर सहयोग समिति बांसी के सदस्यों ने गुरुवार को उप जिलाधिकारी बांसी को ज्ञापन सौंपकर आवश्यक कार्रवाई की मांग की।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">ज्ञापन में कहा गया कि नगर की सड़कों पर बड़ी संख्या में छुट्टा पशु घूम रहे हैं, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है। राहगीरों, विद्यार्थियों, महिलाओं और वरिष्ठ नागरिकों को आवागमन में परेशानी हो रही है। वहीं ठेला व छोटे व्यवसाय करने वालों को भी छुट्टा पशुओं के कारण नुकसान और दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/185819/the-cooperation-committee-submitted-a-memorandum-to-the-deputy-district"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-08/1787233589069.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात संवाददाता </strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>बांसी (सिद्धार्थनगर)।</strong> नगर पालिका बांसी और आसपास के क्षेत्रों में छुट्टा पशुओं, गौवंश व सांड़ों की बढ़ती समस्या को लेकर सहयोग समिति बांसी के सदस्यों ने गुरुवार को उप जिलाधिकारी बांसी को ज्ञापन सौंपकर आवश्यक कार्रवाई की मांग की।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">ज्ञापन में कहा गया कि नगर की सड़कों पर बड़ी संख्या में छुट्टा पशु घूम रहे हैं, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है। राहगीरों, विद्यार्थियों, महिलाओं और वरिष्ठ नागरिकों को आवागमन में परेशानी हो रही है। वहीं ठेला व छोटे व्यवसाय करने वालों को भी छुट्टा पशुओं के कारण नुकसान और दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">मामले का संज्ञान लेते हुए एसडीएम बांसी ने शीघ्र विशेष अभियान चलाकर छुट्टा पशुओं को निर्धारित गो-आश्रय स्थलों तक पहुंचाने तथा प्रमुख मार्गों को अवरोध मुक्त कराने का आश्वासन दिया। उन्होंने अधिशासी अधिकारी, नगर पालिका परिषद बांसी को तत्काल आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इस दौरान समाजसेवी प्रमोद कुमार, शुभम सोनी, धीरज रावत, अनिल मौर्य, शरद सोनी, धर्मेंद्र कुमार, मनीष वर्मा सहित सहयोग परिवार के अन्य सदस्य मौजूद रहे।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/185819/the-cooperation-committee-submitted-a-memorandum-to-the-deputy-district</link>
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                <pubDate>Thu, 20 Aug 2026 19:39:45 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>विभिन्न समस्याओं को लेकर खफा हुए वकील, तहसीलदार को सौंपा ज्ञापन</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात संवाददाता </strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>लालगंज, प्रतापगढ़। </strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">तहसील परिसर में जलभराव से हो रही कठिनाई को लेकर वकीलों ने गुरूवार को विरोध दर्ज कराया। वहीं समस्या के समाधान न होने से नाराज वकीलों ने न्यायिक कामकाज का बहिष्कार किया।विभिन्न समस्याओं को लेकर अधिवक्ताओं ने संयुक्त अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष राजेशचंद्र तिवारी तथा वरिष्ठ उपाध्यक्ष अबरार खान के संयुक्त नेतृत्व में डीएम को संबोधित ज्ञापन नायब तहसीलदार वीरेन्द्र कुमार मिश्र को सौंपा। तहसील परिसर में बारिश के चलते गांठ भर पानी भर आया है।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">अफसरों ने पम्पिंग सेट से बारिश के पानी को निकलवाने का बंदोबस्त किया। इसके बावजूद हो रही बारिश के</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/185788/lawyer-upset-over-various-problems-submitted-memorandum-to-tehsildar"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-08/img-20260820-wa0101.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात संवाददाता </strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>लालगंज, प्रतापगढ़। </strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">तहसील परिसर में जलभराव से हो रही कठिनाई को लेकर वकीलों ने गुरूवार को विरोध दर्ज कराया। वहीं समस्या के समाधान न होने से नाराज वकीलों ने न्यायिक कामकाज का बहिष्कार किया।विभिन्न समस्याओं को लेकर अधिवक्ताओं ने संयुक्त अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष राजेशचंद्र तिवारी तथा वरिष्ठ उपाध्यक्ष अबरार खान के संयुक्त नेतृत्व में डीएम को संबोधित ज्ञापन नायब तहसीलदार वीरेन्द्र कुमार मिश्र को सौंपा। तहसील परिसर में बारिश के चलते गांठ भर पानी भर आया है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">अफसरों ने पम्पिंग सेट से बारिश के पानी को निकलवाने का बंदोबस्त किया। इसके बावजूद हो रही बारिश के कारण परिसर में जलजमाव की समस्या ज्यों कि त्यों बनी हुई है। वहीं बार काउन्सिल द्वारा न्यायिक हवाला देकर वकीलों के हड़ताल को लेकर फरमान जारी किया गया है। इसमें कहा गया है कि हड़ताल को लेकर जिम्मेदार बार एसोसिएसन के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। अधिवक्ताओं में इस फरमान को लेकर भी गहरी नाराजगी देखी गयी।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">नायब तहसीलदार ने नाराज अधिवक्ताओं को समस्याओं के निदान का भरोसा दिलाकर शान्त कराया। सभा का संचालन महामंत्री शिवरंजन यादव ने किया। इस मौके पर सह मंत्री सचिन पाण्डेय, आय व्यय निरीक्षक संतोष तिवारी, कोषाध्यक्ष अतुल सिंह, कमलराज सरोज, निर्भय शुक्ल, चंद्रप्रकाश शुक्ल, प्रशांत पटेल, राजकुमार मिश्र आदि अधिवक्ता रहे।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/185788/lawyer-upset-over-various-problems-submitted-memorandum-to-tehsildar</link>
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                <pubDate>Thu, 20 Aug 2026 18:20:05 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>नैनी में खुले नाले बन रहे जानलेवा, नगर निगम की लापरवाही पर उठे सवाल</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>नैनी, प्रयागराज।</strong> नैनी क्षेत्र में नगर निगम की कथित लापरवाही लोगों की जान पर भारी पड़ती नजर आ रही है। एचडीएफसी बैंक के सामने सड़क किनारे करीब पांच फीट गहरे नाले खुले पड़े हैं। बारिश के दौरान नालों में पानी भर जाने से सड़क और नाले के बीच का अंतर दिखाई नहीं देता। ऐसे में यहां से गुजरने वाले राहगीरों और वाहन चालकों के लिए हर समय हादसे का खतरा बना हुआ है।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">ताजा घटना में बारिश के दौरान एक युवक अपनी बाइक समेत अचानक खुले नाले में जा गिरा। देखते ही देखते बाइक नाले में डूबने लगा और युवक</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/184791/open-drains-are-becoming-deadly-in-naini-questions-raised-on"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-08/img-20260805-wa0009.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>नैनी, प्रयागराज।</strong> नैनी क्षेत्र में नगर निगम की कथित लापरवाही लोगों की जान पर भारी पड़ती नजर आ रही है। एचडीएफसी बैंक के सामने सड़क किनारे करीब पांच फीट गहरे नाले खुले पड़े हैं। बारिश के दौरान नालों में पानी भर जाने से सड़क और नाले के बीच का अंतर दिखाई नहीं देता। ऐसे में यहां से गुजरने वाले राहगीरों और वाहन चालकों के लिए हर समय हादसे का खतरा बना हुआ है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">ताजा घटना में बारिश के दौरान एक युवक अपनी बाइक समेत अचानक खुले नाले में जा गिरा। देखते ही देखते बाइक नाले में डूबने लगा और युवक की जान पर बन आई। हादसा होते ही आसपास मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई। मौके पर मौजूद स्थानीय लोगों ने बिना देर किए राहत-बचाव का प्रयास शुरू किया और कड़ी मशक्कत के बाद युवक को नाले से बाहर निकाला।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>बारिश में नाला और सड़क का अंतर हो जाता है खत्म</strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">स्थानीय लोगों के मुताबिक एचडीएफसी बैंक के सामने खुले पड़े नाले की गहराई करीब पांच फीट है। सामान्य दिनों में भी यह नाला दुर्घटना को न्योता देता है, लेकिन बारिश के दौरान स्थिति बेहद खतरनाक हो जाती है। नाले में पानी भर जाने के बाद यह पता लगाना मुश्किल हो जाता है कि सड़क कहां खत्म हो रही है और नाला कहां से शुरू है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">ऐसे में वाहन चालक अनजाने में नाले की ओर चले जाते हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यहां आए दिन छोटी-बड़ी घटनाएं होती रहती हैं, बावजूद इसके जिम्मेदार विभाग की ओर से खुले नाले को ढकने अथवा उसके आसपास मजबूत सुरक्षा व्यवस्था करने की दिशा में प्रभावी कदम नहीं उठाया गया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>बड़ी घटना टली, लोगों ने बचाई युवक की जान</strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">बाइक के नाले में गिरने की घटना के बाद मौके पर मौजूद लोगों ने साहस दिखाते हुए युवक को बचाने के लिए तत्काल प्रयास शुरू किया। काफी मशक्कत के बाद युवक को सुरक्षित बाहर निकाला गया। घटना में युवक की जान बच जाने के बाद स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">लोगों का कहना है कि यदि हादसे के समय आसपास कोई मौजूद नहीं होता तो स्थिति गंभीर हो सकती थी। खुले नाले में गिरने के बाद बारिश का पानी बढ़ने की स्थिति में युवक के साथ बड़ा हादसा होने की आशंका थी।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>खुले नालों पर नहीं है पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम</strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">स्थानीय नागरिकों ने आरोप लगाया कि खुले नालों के आसपास न तो पर्याप्त बैरिकेडिंग की गई है और न ही ऐसे संकेतक लगाए गए हैं, जिससे वाहन चालकों को खतरे की जानकारी मिल सके। रात के समय समस्या और बढ़ जाती है। पर्याप्त रोशनी और सुरक्षा व्यवस्था के अभाव में खुले नाले दिखाई नहीं देते। नागरिकों का कहना है कि नगर निगम को किसी बड़ी दुर्घटना का इंतजार करने के बजाय तत्काल कार्रवाई करनी चाहिए। खुले नाले को मजबूत ढक्कन से ढकने के साथ-साथ आसपास बैरिकेडिंग और चेतावनी बोर्ड लगाए जाने की जरूरत है।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/184791/open-drains-are-becoming-deadly-in-naini-questions-raised-on</link>
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                <pubDate>Wed, 05 Aug 2026 22:06:29 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बिजली बिलों में वृद्धि पर कांग्रेस का प्रदर्शन</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>तिलहर- शाहजहांपुर। </strong>बिजली बिलों में कथित रूप से हुई भारी बढ़ोतरी और उपभोक्ताओं के विद्युत कनेक्शनों का लोड बिना पूर्व सूचना बढ़ाए जाने के विरोध में मंगलवार को कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने विद्युत वितरण निगम कार्यालय पर प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए नवागत एसडीओ अतुल गुप्ता को ज्ञापन सौंपकर मामले की जांच कर कार्रवाई की मांग की।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">प्रदेश सचिव अल्पसंख्यक विभाग एवं नगर अध्यक्ष प्रो. डॉ. जाने आलम खान के नेतृत्व में दिए गए ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि बड़ी संख्या में उपभोक्ताओं के बिजली मीटरों का लोड 1 किलोवाट से बढ़ाकर 2, 3 और 4 किलोवाट तक</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/184785/congresss-protest-against-increase-in-electricity-bills"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-08/img-20260805-wa0058-(1).jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>तिलहर- शाहजहांपुर। </strong>बिजली बिलों में कथित रूप से हुई भारी बढ़ोतरी और उपभोक्ताओं के विद्युत कनेक्शनों का लोड बिना पूर्व सूचना बढ़ाए जाने के विरोध में मंगलवार को कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने विद्युत वितरण निगम कार्यालय पर प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए नवागत एसडीओ अतुल गुप्ता को ज्ञापन सौंपकर मामले की जांच कर कार्रवाई की मांग की।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">प्रदेश सचिव अल्पसंख्यक विभाग एवं नगर अध्यक्ष प्रो. डॉ. जाने आलम खान के नेतृत्व में दिए गए ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि बड़ी संख्या में उपभोक्ताओं के बिजली मीटरों का लोड 1 किलोवाट से बढ़ाकर 2, 3 और 4 किलोवाट तक कर दिया गया, जबकि इसकी पूर्व सूचना नहीं दी गई। इससे उपभोक्ताओं के बिजली बिलों में अचानक कई गुना वृद्धि हो गई है। उनका कहना था कि पहले जहां करीब 600 रुपये का बिल आता था, वहीं अब डेढ़ हजार से साढ़े तीन हजार रुपये तक के बिल भेजे जा रहे हैं, जबकि बिजली की खपत में कोई विशेष बढ़ोतरी नहीं हुई।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">प्रो. डॉ. जाने आलम खान ने कहा कि यदि विभाग ने ट्रांसफार्मरों की क्षमता या आपूर्ति व्यवस्था में कोई बदलाव किया है तो इसकी जानकारी उपभोक्ताओं को दी जानी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि क्षेत्र में अब भी जर्जर बिजली लाइनें, पुराने केबल और क्षतिग्रस्त पोल बदले नहीं गए हैं, लेकिन उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डाला जा रहा है। उन्होंने कहा कि यदि बिना कारण बढ़ाए गए लोड और बढ़े हुए बिजली बिलों में सुधार नहीं किया गया तो कांग्रेस व्यापक जन आंदोलन शुरू करेगी। इस दौरान दानिश शेख,अजय पाठक, मोहम्मद फिरोज, अफजल हुसैन खान, इमरान सिद्दीकी सहित कांग्रेस पदाधिकारी, कार्यकर्ता और तमाम विद्युत उपभोक्ता मौजूद रहे।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पश्चिमी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 05 Aug 2026 22:01:27 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बरसात में शहर हुआ पानी-पानी, नगर निगम के सफाई दावों की खुली पोल</title>
                                    <description><![CDATA[<div><strong>कानपुर। </strong>बुधवार सुबह हुई झमाझम बारिश ने शहर को पानी-पानी कर दिया। कुछ ही घंटों की बरसात में जगह-जगह हुए भीषण जलभराव ने नगर निगम के सफाई, नाला सफाई और जल निकासी व्यवस्था के दावों की एक बार फिर पोल खोलकर रख दी। कई इलाकों में हालात ऐसे हो गए कि सड़कें पूरी तरह पानी में गायब नजर आईं और शहर की बदहाल ड्रेनेज व्यवस्था लोगों के लिए मुसीबत बन गई।</div>
<div>                          गोविन्द नगर में जलभराव ने विकराल रूप ले लिया। ध्वस्त ड्रेनेज सिस्टम और बदहाल वर्षा जल निकासी व्यवस्था के कारण पॉपुलर धर्मकांटा से सीपीआई तथा चावला मार्केट से</div>
<div>पानी</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/184751/city-becomes-flooded-during-rainy-season-municipal-corporations-cleanliness-claims"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-08/1002170554.jpg" alt=""></a><br /><div><strong>कानपुर। </strong>बुधवार सुबह हुई झमाझम बारिश ने शहर को पानी-पानी कर दिया। कुछ ही घंटों की बरसात में जगह-जगह हुए भीषण जलभराव ने नगर निगम के सफाई, नाला सफाई और जल निकासी व्यवस्था के दावों की एक बार फिर पोल खोलकर रख दी। कई इलाकों में हालात ऐसे हो गए कि सड़कें पूरी तरह पानी में गायब नजर आईं और शहर की बदहाल ड्रेनेज व्यवस्था लोगों के लिए मुसीबत बन गई।</div>
<div>             गोविन्द नगर में जलभराव ने विकराल रूप ले लिया। ध्वस्त ड्रेनेज सिस्टम और बदहाल वर्षा जल निकासी व्यवस्था के कारण पॉपुलर धर्मकांटा से सीपीआई तथा चावला मार्केट से नंदलाल चौराहे तक करीब दो किलोमीटर लंबी सड़क ने विशाल नदी का रूप ले लिया। कई स्थानों पर पानी इतना अधिक था कि सड़क दिखाई देना बंद हो गई। बहते पानी में नदी की तरह भंवर तक नजर आए, जिससे वाहन चालकों और राहगीरों के लिए निकलना मुश्किल हो गया।</div>
<div>पानी में बंद हुईं गाड़ियां, धक्का लगाते दिखे लोग</div>
<div>जलभराव इतना भीषण था कि पानी के बीच से निकलने का प्रयास कर रहे कई दोपहिया वाहन बंद हो गए। लोगों को घुटनों तक भरे पानी में बाइक और स्कूटी को धक्का लगाकर बाहर निकालना पड़ा। सड़क और गड्ढों का अंदाजा नहीं लगने से वाहन चालक जोखिम उठाकर निकलते दिखाई दिए। कई जगह यातायात की रफ्तार थम गई और लोगों को वैकल्पिक रास्तों का सहारा लेना पड़ा।</div>
<div>          चावला मार्केट, नंदलाल चौराहा और आसपास के आवासीय एवं व्यावसायिक क्षेत्रों में हालात और गंभीर रहे। बरसाती पानी के साथ सीवर का गंदा और बदबूदार पानी घरों तथा दुकानों के अंदर तक घुस गया। लोग घरों से पानी निकालने और सामान बचाने में जुटे रहे, जबकि दुकानदारों को अपना माल सुरक्षित करने के लिए मशक्कत करनी पड़ी। गंदे पानी के कारण लोगों को परेशानी के साथ आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ा।</div>
<div>           जलभराव की समस्या कितनी गंभीर हो चुकी है, इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि चावला मार्केट, नंदलाल चौराहा और आसपास के कई लोगों ने अपने घरों के दरवाजों और दुकानों के शटर के सामने दो से तीन फीट ऊंची पक्की दीवारें तक खड़ी कर रखी हैं, ताकि बरसात का पानी अंदर न जा सके। लेकिन बुधवार की बारिश ने इन इंतजामों को भी बेअसर कर दिया। पानी का स्तर बढ़ने पर गंदा पानी घरों और प्रतिष्ठानों में प्रवेश कर गया।</div>
<div>             चर्चित व्यापारी नेता प्रकाश वीर आर्य ने कहा कि जनप्रतिनिधियों और नगर निगम को ध्वस्त ड्रेनेज सिस्टम और जलभराव की समस्या पर प्राथमिकता से ध्यान देना चाहिए। करोड़ों-अरबों रुपये विकास पर खर्च करने का क्या लाभ, जब दो-चार घंटे की बारिश में वही विकास पानी-पानी हो जाए और लोगों के घरों-दुकानों में सीवर का गंदा पानी घुसने लगे।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 05 Aug 2026 19:26:48 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>जलभराव से तबाह कारोबार, व्यापारियों ने मांगी राहत राशि</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात संवाददाता </strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>बांसी (सिद्धार्थनगर) । </strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">नगर में हुई अतिवृष्टि से जलभराव के कारण हुए आर्थिक नुकसान को लेकर व्यापारियों ने प्रशासन से राहत की मांग की है। आदर्श व्यापार मंडल के नेतृत्व में मंगलवार को व्यापारियों ने उपजिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर प्रभावित दुकानदारों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की मांग की।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">ज्ञापन में कहा गया कि 2 अगस्त को हुई भारी बारिश के दौरान कोतवाली रोड स्थित कई दुकानों और मकानों में पानी भर गया, जिससे दुकानों में रखा सामान खराब हो गया और व्यापारियों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा। जलभराव के चलते कई लोगों की आजीविका भी</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/184691/businessmen-devastated-by-waterlogging-asked-for-relief-amount"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-08/1785857363684.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात संवाददाता </strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>बांसी (सिद्धार्थनगर) । </strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">नगर में हुई अतिवृष्टि से जलभराव के कारण हुए आर्थिक नुकसान को लेकर व्यापारियों ने प्रशासन से राहत की मांग की है। आदर्श व्यापार मंडल के नेतृत्व में मंगलवार को व्यापारियों ने उपजिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर प्रभावित दुकानदारों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की मांग की।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">ज्ञापन में कहा गया कि 2 अगस्त को हुई भारी बारिश के दौरान कोतवाली रोड स्थित कई दुकानों और मकानों में पानी भर गया, जिससे दुकानों में रखा सामान खराब हो गया और व्यापारियों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा। जलभराव के चलते कई लोगों की आजीविका भी प्रभावित हुई है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">व्यापारियों ने प्रशासन से मांग की कि प्रभावित दुकानों का शीघ्र सर्वे कराया जाए और शासन की राहत योजनाओं के तहत आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाए, ताकि व्यापारी अपने व्यवसाय को दोबारा सुचारु रूप से संचालित कर सकें।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इस अवसर पर व्यापार मंडल अध्यक्ष घनश्याम जायसवाल के साथ वेद प्रकाश अग्रहरि, डॉ. अनूप अग्रहरि, अजय गुप्ता, विजय वर्मा, विजेंद्र प्रताप सिंह, संजय अग्रहरी, राकेश अग्रहरी, विवेक जायसवाल, देवव्रत वर्मा सहित अन्य व्यापारी मौजूद रहे।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/184691/businessmen-devastated-by-waterlogging-asked-for-relief-amount</link>
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                <pubDate>Tue, 04 Aug 2026 21:04:45 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>नगर निगम पार्षदों के धरने में विधायक अमिताभ बाजपेई हुए शामिल</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>कानपुर। </strong>दिनांक 01.08.2026 को नगर निगम जोन 1 कार्यालय में जनता की समस्याओं एवं विकास कार्यों में हो रही अनावश्यक देरी के विरोध में पक्ष-विपक्ष के सभी पार्षदों द्वारा आयोजित धरने में सपा विधायक अमिताभ बाजपेई भी ने भी शामिल होकर अपना समर्थन दिया।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">विधायक अमिताभ बाजपेई ने कहा कि जब जनता द्वारा चुने गए जनप्रतिनिधियों की बात भी अधिकारी नहीं सुनते, विकास कार्यों की फाइलें महीनों तक लंबित रहती हैं और आम नागरिकों को अपनी मूलभूत समस्याओं के समाधान के लिए बार-बार कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते हैं, तब लोकतांत्रिक तरीके से आवाज़ उठाना आवश्यक हो जाता है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">        </div>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/184453/mla-amitabh-bajpai-joins-the-strike-of-municipal-councilors"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-08/1002156606.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>कानपुर। </strong>दिनांक 01.08.2026 को नगर निगम जोन 1 कार्यालय में जनता की समस्याओं एवं विकास कार्यों में हो रही अनावश्यक देरी के विरोध में पक्ष-विपक्ष के सभी पार्षदों द्वारा आयोजित धरने में सपा विधायक अमिताभ बाजपेई भी ने भी शामिल होकर अपना समर्थन दिया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">विधायक अमिताभ बाजपेई ने कहा कि जब जनता द्वारा चुने गए जनप्रतिनिधियों की बात भी अधिकारी नहीं सुनते, विकास कार्यों की फाइलें महीनों तक लंबित रहती हैं और आम नागरिकों को अपनी मूलभूत समस्याओं के समाधान के लिए बार-बार कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते हैं, तब लोकतांत्रिक तरीके से आवाज़ उठाना आवश्यक हो जाता है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">        उन्होंने नगर निगम प्रशासन से मांग की है कि विकास कार्यों में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों की निष्पक्ष जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाए, ताकि क्षेत्र की जनता को समयबद्ध तरीके से मूलभूत सुविधाएं मिल सकें। उन्होंने कहा कि जनता के सम्मान, उनके अधिकारों और क्षेत्र के विकास के लिए हमारा संघर्ष निरंतर जारी रहेगा।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/184453/mla-amitabh-bajpai-joins-the-strike-of-municipal-councilors</link>
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                <pubDate>Sat, 01 Aug 2026 19:52:48 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>नगर निगम की लापरवाही से मेवा लाल की बगिया में खुले नाले में गिरी कार, चालक बाल-बाल बचा।</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात।</strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>नैनी, प्रयागराज।</strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">नगर निगम प्रयागराज की लापरवाही एक बार फिर सामने आई है। नैनी स्थित मेवा लाल की बगिया क्षेत्र में शुक्रवार रात करीब 10:30 बजे एक कार अचानक खुले नाले में जा गिरी। हादसे में चालक बाल-बाल बच गया और किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जिस स्थान पर यह हादसा हुआ वहां नाला लंबे समय से खुला पड़ा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कुछ दिन पहले भी इसी स्थान पर एक कार नाले में गिर चुकी थी, लेकिन उस घटना के बाद भी नगर निगम ने नाले को ढकने या सुरक्षा</div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/184087/due-to-the-negligence-of-the-municipal-corporation-the-driver"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/img-20260725-wa0103.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात।</strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>नैनी, प्रयागराज।</strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">नगर निगम प्रयागराज की लापरवाही एक बार फिर सामने आई है। नैनी स्थित मेवा लाल की बगिया क्षेत्र में शुक्रवार रात करीब 10:30 बजे एक कार अचानक खुले नाले में जा गिरी। हादसे में चालक बाल-बाल बच गया और किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जिस स्थान पर यह हादसा हुआ वहां नाला लंबे समय से खुला पड़ा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कुछ दिन पहले भी इसी स्थान पर एक कार नाले में गिर चुकी थी, लेकिन उस घटना के बाद भी नगर निगम ने नाले को ढकने या सुरक्षा के लिए कोई ठोस व्यवस्था नहीं की।परिणामस्वरूप शुक्रवार रात फिर एक वाहन दुर्घटना का शिकार हो गया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">घटना के बाद आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और चालक को सुरक्षित बाहर निकाला। स्थानीय नागरिकों ने नगर निगम की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताते हुए कहा कि यदि समय रहते खुले नालों को ढका जाता और सुरक्षा बैरिकेडिंग की जाती, तो इस तरह की घटनाओं से बचा जा सकता था।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">क्षेत्रवासियों ने नगर निगम प्रशासन से मांग की है कि खुले नालों को तत्काल ढका जाए, पर्याप्त चेतावनी संकेत और बैरिकेड लगाए जाएं, ताकि भविष्य में इस तरह की दुर्घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते व्यवस्था नहीं की गई तो कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।</div>
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                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 25 Jul 2026 21:45:03 +0530</pubDate>
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