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                <title>मस्तीचक बिहार - Swatantra Prabhat</title>
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                <description>मस्तीचक बिहार RSS Feed</description>
                
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                <title>गौतम अदाणी ने बिहार में शुरू की 150 करोड़ रुपए की नेत्र चिकित्सा।</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt"><div class="a3s aiL"><div><div><div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात ब्यूरो प्रयागराज।</strong></div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;"><strong>दया शंकर त्रिपाठी।</strong></div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">:अदाणी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अदाणी ने ‘सेवा ही साधना है’ के मूलमंत्र से प्रेरित होकर आज बिहार में 150 करोड़ रुपये की बड़ी नेत्र स्वास्थ्य सेवा की नींव रखी। इस पहल के जरिए ग्रामीण इलाकों में सस्ती दरों पर आंखों का इलाज सुनिश्चित किया जाएगा।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">  ग्रामीण इलाकों में नेत्र चिकित्सा परियोजना के भूमि पूजन कार्यक्रम में शामिल होने के अलावा गौतम अदाणी ने देशभर में नेत्र स्वास्थ्य से जुड़े दूसरे बड़े मिशन की घोषणा भी की। मस्तीचक में शुरू की जा रही इस पहल से हर साल लगभग 3.3 लाख आंखों</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">इस</div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/179846/gautam-adani-started-eye-care-worth-rs-150-crore-in"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-05/img-20260517-wa0177.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt"><div class="a3s aiL"><div><div><div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात ब्यूरो प्रयागराज।</strong></div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;"><strong>दया शंकर त्रिपाठी।</strong></div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">:अदाणी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अदाणी ने ‘सेवा ही साधना है’ के मूलमंत्र से प्रेरित होकर आज बिहार में 150 करोड़ रुपये की बड़ी नेत्र स्वास्थ्य सेवा की नींव रखी। इस पहल के जरिए ग्रामीण इलाकों में सस्ती दरों पर आंखों का इलाज सुनिश्चित किया जाएगा।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;"> ग्रामीण इलाकों में नेत्र चिकित्सा परियोजना के भूमि पूजन कार्यक्रम में शामिल होने के अलावा गौतम अदाणी ने देशभर में नेत्र स्वास्थ्य से जुड़े दूसरे बड़े मिशन की घोषणा भी की। मस्तीचक में शुरू की जा रही इस पहल से हर साल लगभग 3.3 लाख आंखों की सर्जरी मुमकिन हो सकेगी। इसके साथ ही हर साल आंखों की देखभाल के क्षेत्र में 1,000 हेल्थ प्रोफेशनल को ट्रेनिंग भी दी जाएगी। इन पहल आंखों के इलाज के क्षेत्र में दुनिया के सबसे बड़े ग्रामीण नेत्र चिकित्सा नेटवर्क में से एक बन सकती है।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">इस मौके पर गौतम अदाणी ने कहा, “आज बिहार की पवित्र धरती मस्तीचक आकर मन गर्व, भावनाओं और आत्मीयता से भर गया।</div><div style="text-align:justify;">गायत्री शक्तिपीठ पहुँचकर एक अलग ऊर्जा और आध्यात्मिक प्रेरणा का अनुभव हुआ। यह स्थान केवल आस्था का केंद्र नहीं, बल्कि महिला सशक्तिकरण, संस्कार और सामाजिक जागरण का एक सशक्त केंद्र बनकर उभर रहा है।</div><div style="text-align:justify;">गायत्री परिवार, अखंड ज्योति और आदरणीय मृत्युंजय जी के इस असाधारण कार्य के लिए उन्हें हार्दिक साधुवाद</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">। किसी व्यक्ति की आँखों की रोशनी लौटाना केवल इलाज नहीं होता…यह उसके जीवन में फिर से उम्मीद, आत्मविश्वास और सम्मान लौटाने का पुण्य काम है। मानवता के लिए इससे बड़ी सेवा शायद ही कुछ और हो सकती है।</div><div style="text-align:justify;">हमारे लिए भी “सेवा ही साधना है” कोई नारा नहीं, बल्कि करुणा को कर्म में बदलने की प्रेरणा है। बिहार हमेशा से राष्ट्र को नई चेतना देने वाली धरती रही है। यह पुनीत मुहिम उसी सेवा भावना, संस्कार और समर्पण के माध्यम से देश को नई रोशनी देने का प्रयास है।“</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">ACE एक ऐसा अस्पताल होगा जहां आसपास के क्षेत्रों से आए आम लोगों को सस्ते और बेहतर इलाज की सुविधा मिलेगी। वहीं ATOM में आंखों के डॉक्टर, सहायक कर्मचारी और सामुदायिक स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को ट्रेनिंग दी जाएगी, ताकि गांवों में आंखों के इलाज की सुविधा और मजबूत हो सके।</div><div style="text-align:justify;">गौतम अदाणी ने मस्तीचक में शुरू की गई पहल को लंबे समय तक सुचारु रूप से चलाए रखने के लिए संचालन सहयोग की भी घोषणा की। </div><div style="text-align:justify;">मस्तीचक में हुए भूमि पूजन कार्यक्रम में गौतम अदाणी के साथ अदाणी फाउंडेशन की चेयरपर्सन डॉ. प्रीति अदाणी और अखंड ज्योति आई हॉस्पिटल के सह-संस्थापक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी मृत्युंजय तिवारी उपस्थित रहे।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">मृत्युंजय तिवारी ने कहा “मैं श्री गौतम अदाणी जी के प्रति हृदय से आभार व्यक्त करता हूँ कि उन्होंने अखंड ज्योति आई हॉस्पिटल पर विश्वास जताते हुए इस परिवर्तनकारी यात्रा में हमें सहभागी बनाया। यह साझेदारी केवल भवनों और संरचनाओं के निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि भारत के अंतिम पंक्ति में खड़े वंचित एवं उपेक्षित लोगों के जीवन में दृष्टि, सम्मान, अवसर और आशा का संचार करने का एक साझा संकल्प है। हमें विश्वास है कि यह सहयोग आने वाले वर्षों में करोड़ों जीवनों पर दूरगामी प्रभाव उत्पन्न करेगा।” </div><div style="text-align:justify;">अदाणी फाउंडेशन ने अखंड ज्योति आई हॉस्पिटल के साथ मिलकर बिहार के भागलपुर जिले के पीरपैंती में 200 बिस्तरों वाला अस्पताल स्थापित करने की घोषणा भी की है। यह अस्पताल अखंड ज्योति फाउंडेशन के कार्यों को और मजबूत करेगा और बिहार के बड़े हिस्से तक सस्ती स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ पहुंचाएगा। पिरपैंती में अदाणी ग्रुप 2400 मेगावॉट का अल्ट्रा-सुपरक्रिटिकल थर्मल पावर प्लांट लगा रहा है। </div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">देश भर के लिए 500 करोड़ रुपए की प्रतिबद्धता।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">गौतम अदाणी ने अखंड ज्योति आई हॉस्पिटल की सेवाओं को देशभर के वंचित समुदायों तक पहुंचाने के लिए 500 करोड़ रुपये की व्यक्तिगत प्रतिबद्धता जताई।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;"> ‘अदाणी अखंड ज्योति फाउंडेशन’ बिहार के बाहर दूरदराज के क्षेत्रों में आंखों के सस्ते इलाज की सुविधाएं पहुंचाएगी। इन सभी अग्रणी पहलों को संचालित करने के लिए 700 करोड़ रुपये से अधिक का कुल निवेश होगा।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">‘सेवा ही साधना है’</div><div style="text-align:justify;">यह पहल गौतम अदाणी के ‘सेवा ही साधना है’ के मूलमंत्र पर अटूट विश्वास को दर्शाती है। वर्ष 2022 में अपने 60वें जन्मदिन पर उन्होंने देशभर में स्वास्थ्य, शिक्षा और कौशल विकास के लिए 60,000 करोड़ रुपये देने की घोषणा की थी। इसके बाद पिछले वर्ष अपने सबसे छोटे बेटे जीत अदाणी के विवाह के अवसर पर उन्होंने 10,000 करोड़ रुपये की अतिरिक्त प्रतिबद्धता की घोषणा की थी।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">‘सेवा ही साधना है’ का यह मूलमंत्र अदाणी ग्रुप के सामाजिक पहलों में लगातार दिखाई देता है। महाकुंभ और पुरी जगन्नाथ रथ यात्रा जैसे बड़े धार्मिक आयोजनों में भी अदाणी समूह ने भोजन, सफाई और सेवा के कामों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया है। महाकुंभ में 50 लाख श्रद्धालुओं के भोजन और पुरी जगन्नाथ की रथ यात्रा में 40 लाख भक्तों को भोजन उपलब्ध कराने का काम अदाणी ग्रुप की तरफ से किया गया था। </div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">बिहार में की गई यह घोषणा इस विश्वास को दोहराती है कि सेवा की भावना से बड़े पैमाने पर लोगों के जीवन में बदलाव लाया जा सकता है।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">बिहार के भविष्य में निवेश</div><div style="text-align:justify;">नेत्र चिकित्सा को लेकर की जा रही पहल बिहार के प्रति अदाणी समूह की बढ़ती प्रतिबद्धता को दर्शाती है, जहां समूह राज्य के सबसे बड़े निजी निवेशकों में शामिल हो चुका है और निवेश प्रतिबद्धता करीब 40,000 करोड़ रुपये तक पहुंच चुकी है।। </div><div style="text-align:justify;">इन निवेशों में लगभग 27,000 करोड़ रुपये की लागत वाला 2,400 मेगावाट का अल्ट्रा-सुपरक्रिटिकल थर्मल पावर प्लांट शामिल है। यह बिहार में निजी क्षेत्र का सबसे बड़ा निवेश है। इसके अलावा इंडियन ऑयल अदाणी गैस प्राइवेट लिमिटेड के माध्यम से गया और नालंदा जिलों में सिटी गैस वितरण नेटवर्क को विकसित किया जा रहा है। वहीं अदाणी एनर्जी सॉल्यूशंस लिमिटेड उत्तरी बिहार में करीब 30 लाख स्मार्ट मीटर लगाकर बिजली वितरण व्यवस्था को आधुनिक बना रही है।</div><div style="text-align:justify;">इसके साथ ही अदाणी समूह नवादा और मुजफ्फरपुर जिलों में 6-6 मिलियन टन प्रति वर्ष क्षमता की दो सीमेंट ग्राइंडिंग इकाइयों का भी विस्तार कर रहा है, जिन पर लगभग 3,000 करोड़ रुपये का संयुक्त निवेश किया जा रहा है।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">नेत्र चिकित्सा को सर्व-सुलभ बनाने का मिशन</div><div style="text-align:justify;">2005 में बिहार के ग्रामीण इलाके में 30 बिस्तरों वाले अस्पताल के रूप में शुरू हुआ अखंड ज्योति आई हॉस्पिटल आज देश के प्रमुख नेत्र चिकित्सा संस्थानों में से एक बन चुका है। अब तक यहां 14 लाख से अधिक लोगों की आंखों की रोशनी लौटाई जा चुकी है और लाखों लोगों की जांच हो चुकी है।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">अदाणी ग्रुप और अखंड ज्योति आई हॉस्पिटल का सहयोग भारत सरकार के राष्ट्रीय अंधता एवं दृष्टि बाधा नियंत्रण कार्यक्रम के उद्देश्यों के अनुरूप है, जिसकी शुरुआत 1976 में हुई थी। इसका लक्ष्य आंखों के सस्ते इलाज और देखभाल के लिए एक ऐसा सामुदायिक मॉडल विकसित करना है जिसे देशभर में लागू किया जा सके।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">यह पहल अदाणी फाउंडेशन के विजन केयर प्रोग्राम को भी आगे बढ़ाती है। अदाणी फाउंडेशन अगस्त 2026 में 30 वर्ष पूरे कर रहा है। 2024 में शुरू हुए विजन केयर प्रोग्राम कार्यक्रम के तहत अब तक लगभग 1.93 लाख लोगों की आंखों की जांच की जा चुकी है और करीब 59,000 लोगों को मुफ्त चश्मे उपलब्ध कराए गए हैं। यह काम 11 राज्यों में ग्रामीण क्षेत्रों, स्कूलों और रेफरल सपोर्ट के माध्यम से किया गया है।</div><div style="text-align:justify;">बिहार के ग्रामीण इलाकों से शुरू होकर यह प्रयास पूरे देश के वंचित समुदायों के लिए एक ऐसा मॉडल विकसित करना चाहती है, जिसमें स्वास्थ्य सेवाएं, कौशल विकास और सेवा एक साथ आगे बढ़ें। गौतम अदाणी के लिए यह प्रयास सिर्फ स्वास्थ्य क्षेत्र में निवेश नहीं, बल्कि यह विश्वास है कि सेवा की भावना से शुरू किया गया यह प्रोजेक्ट न केवल दृष्टि लौटाएगा, बल्कि सम्मान, अवसर और आशा भी देगा।</div></div><div class="yj6qo" style="text-align:justify;"><br /></div><div class="adL" style="text-align:justify;"><br /></div></div></div></div><div class="hq gt"><div class="hp"><br /></div><div class="eqJbab cZD3Qb"><br /></div></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>आपका शहर</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 21 May 2026 20:22:31 +0530</pubDate>
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