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                <title>motihari - Swatantra Prabhat</title>
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                <title>टाइगर रिजर्व क्षेत्र में NH-727 के वैकल्पिक मार्ग पर पुनर्विचार की मांग, बिहार मंत्री ने केंद्रीय मंत्री को लिखा पत्र</title>
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                        <![CDATA[<p><strong>प्रमोद रौनियार</strong></p>
<p style="text-align:justify;"><strong>कुशीनगर। </strong>बिहार सरकार के उद्योग एवं पथ निर्माण मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी को पत्र लिखकर राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 727 के टाइगर रिजर्व क्षेत्र से गुजरने वाले हिस्से के वैकल्पिक मार्ग पर पुनर्विचार करने का आग्रह किया है।</p>
<p style="text-align:justify;">पत्र में बताया गया है कि वाल्मीकि नगर संसदीय क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले इस मार्ग का निर्माण टाइगर रिजर्व क्षेत्र के भीतर वन विभाग की आपत्तियों के कारण अटका हुआ है। इसको देखते हुए क्षेत्रीय जनहित और आवागमन की सुविधा के लिए टाइगर रिजर्व के बाहर से गुजरने वाले शास्त्री</p>...]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/171640/bihar-minister-wrote-a-letter-to-the-union-minister-demanding"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-02/img-20260115-wa0082.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>प्रमोद रौनियार</strong></p>
<p style="text-align:justify;"><strong>कुशीनगर। </strong>बिहार सरकार के उद्योग एवं पथ निर्माण मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी को पत्र लिखकर राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 727 के टाइगर रिजर्व क्षेत्र से गुजरने वाले हिस्से के वैकल्पिक मार्ग पर पुनर्विचार करने का आग्रह किया है।</p>
<p style="text-align:justify;">पत्र में बताया गया है कि वाल्मीकि नगर संसदीय क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले इस मार्ग का निर्माण टाइगर रिजर्व क्षेत्र के भीतर वन विभाग की आपत्तियों के कारण अटका हुआ है। इसको देखते हुए क्षेत्रीय जनहित और आवागमन की सुविधा के लिए टाइगर रिजर्व के बाहर से गुजरने वाले शास्त्री नगर–बेलवनिया पुल सह सड़क मार्ग के प्रस्ताव को आगे बढ़ाने का सुझाव दिया गया था।</p>
<p style="text-align:justify;">इस संबंध में स्थानीय सांसद सुनील कुमार के पत्र का भी हवाला दिया गया है। बताया गया है कि उक्त वैकल्पिक मार्ग के लिए DPR (विस्तृत परियोजना रिपोर्ट) तैयार कर मंत्रालय को भेजी जा चुकी है, लेकिन 26 जून 2025 को अलाइनमेंट अप्रूवल कमेटी द्वारा पुराने मार्ग को निरस्त कर नए मार्ग पर विचार किया जा रहा है, जिससे स्थानीय जनता की अपेक्षाओं और क्षेत्रीय विकास पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।</p>
<p style="text-align:justify;">डॉ. जायसवाल ने केंद्र सरकार से आग्रह किया है कि जनहित को ध्यान में रखते हुए शास्त्री नगर–बेलवनिया पुल सह सड़क मार्ग के प्रस्ताव पर पुनर्विचार कर आवश्यक निर्देश दिए जाएं, ताकि इस महत्वपूर्ण परियोजना का निर्माण शीघ्र सुनिश्चित हो सके। यह परियोजना सामाजिक, आर्थिक और क्षेत्रीय विकास की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही है। </p>]]>
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                                                            <category>बिहार/झारखंड</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 27 Feb 2026 10:14:33 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>शास्त्रीनगर–बेलवनिया के बीच गंडक नदी पर 4-लेन पुल निर्माण का प्रस्ताव, स्वीकृति के बाद शुरू होगा काम</title>
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                        <![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>कुशीनगर।</strong></p>
<p style="text-align:justify;"><strong> </strong>बिहार विधान परिषद के 212वें सत्र में गंडक नदी पर प्रस्तावित पुल निर्माण को लेकर अहम जानकारी सामने आई है। माननीय सदस्य श्री मोंटू कुमार के तारांकित प्रश्न के उत्तर में पथ निर्माण विभाग ने स्पष्ट किया कि प्रस्तावित स्थल रतवल–धनहा के बीच पहले से एक पुल विद्यमान है, लेकिन क्षेत्र की बढ़ती जरूरतों को देखते हुए एक नए 4-लेन पुल एवं उसके पहुंच पथ के निर्माण का प्रस्ताव तैयार किया गया है।</p>
<p style="text-align:justify;">विभाग के अनुसार बिहार राज्य के बगहा-1 एनएच-727 के किमी 83.000 तथा उत्तर प्रदेश के पनियहवा (कुशीनगर) स्थित एनएच-727 के किमी 122.000 के बीच गंडक नदी</p>...]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/169919/work-will-start-after-approval-of-the-proposal-for-construction"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-02/screenshot_2026-02-16-16-26-01-375_com.miui.gallery-edit.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>कुशीनगर।</strong></p>
<p style="text-align:justify;"><strong> </strong>बिहार विधान परिषद के 212वें सत्र में गंडक नदी पर प्रस्तावित पुल निर्माण को लेकर अहम जानकारी सामने आई है। माननीय सदस्य श्री मोंटू कुमार के तारांकित प्रश्न के उत्तर में पथ निर्माण विभाग ने स्पष्ट किया कि प्रस्तावित स्थल रतवल–धनहा के बीच पहले से एक पुल विद्यमान है, लेकिन क्षेत्र की बढ़ती जरूरतों को देखते हुए एक नए 4-लेन पुल एवं उसके पहुंच पथ के निर्माण का प्रस्ताव तैयार किया गया है।</p>
<p style="text-align:justify;">विभाग के अनुसार बिहार राज्य के बगहा-1 एनएच-727 के किमी 83.000 तथा उत्तर प्रदेश के पनियहवा (कुशीनगर) स्थित एनएच-727 के किमी 122.000 के बीच गंडक नदी पर यह 4-लेन पुल बनाने की योजना है। यह परियोजना शास्त्रीनगर–बेलवनिया मार्ग को बेहतर कनेक्टिविटी प्रदान करेगी और सीमावर्ती क्षेत्रों के आवागमन को सुगम बनाएगी। पथ निर्माण विभाग ने बताया कि पुल निर्माण के लिए डीपीआर तैयार कर स्वीकृति हेतु आरओ, सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय, पटना को भेज दिया गया है। योजना को मंजूरी मिलते ही निर्माण कार्य शुरू कराया जाएगा।</p>
<p style="text-align:justify;">इस पुल के निर्माण से बगहा, वाल्मीकिनगर, हरनाटांड़, सेमरा-चिउटाहा सहित उत्तर प्रदेश के खड्डा, छितौनी, पनियहवा, जटहा और बिहार प्रखंड के पिपरासी जैसे सीमावर्ती इलाकों के लोगों को जिला एवं अनुमंडल मुख्यालय से बेहतर संपर्क मिलेगा, जिससे क्षेत्र के आर्थिक और सामाजिक विकास को नई गति मिलने की उम्मीद है।</p>]]>
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                                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>बिहार/झारखंड</category>
                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 16 Feb 2026 16:32:33 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>ट्रांसपोर्ट भवन में राज्यमंत्री अजय टमटा से मिले सांसद सुनील कुमार</title>
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                        <![CDATA[बगहा-बेलवनिया पुल रद्द न हो, विमर्श जारी ]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/169208/mp-sunil-kumar-met-minister-of-state-ajay-tamta-at"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-02/img-20260211-wa0087.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>प्रमोद रौनियार </strong></p>
<p style="text-align:justify;"><strong>वाल्मिकीनगर। </strong>नई दिल्ली स्थित ट्रांसपोर्ट भवन में बाल्मीकिनगर के सांसद सुनील कुमार ने केंद्रीय सड़क, परिवहन एवं राजमार्ग राज्यमंत्री अजय टमटा और संबंधित अधिकारियों से मुलाकात कर गंडक नदी पर स्वीकृत बगहा-बेलवनिया पुल सह सड़क निर्माण को रद्द न करने और इस पर विचार जारी रखने की मांग की। सांसद ने इसे वाल्मीकि टाइगर रिजर्व (VTR) के वैकल्पिक मार्ग के रूप में महत्वपूर्ण बताते हुए परियोजना के सामरिक, धार्मिक और पर्यटन दृष्टिकोण से महत्व को विस्तार से रखा।</p>
<p style="text-align:justify;">सांसद ने अधिकारियों के समक्ष बताया कि यह पुल भविष्य में प्रस्तावित ओपन भंसार स्टेशन बाल्मीकिनगर तथा 554 किलोमीटर लंबे इंडो-नेपाल बॉर्डर रोड से कनेक्टिविटी प्रदान करेगा, जिससे सीमावर्ती क्षेत्रों के विकास को गति मिलेगी। विस्तृत कागजात और नक्शों के साथ हुई लंबी चर्चा के दौरान सांसद ने संसद में पूछे गए उस प्रश्न का उत्तर भी प्रस्तुत किया, जिसमें केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी द्वारा पुल निर्माण को मंजूरी दिए जाने की बात दर्ज है। उन्होंने कहा कि यह संसद की कार्यवाही में दर्ज आधिकारिक आश्वासन है।</p>
<p style="text-align:justify;">गहन विमर्श के बाद राज्यमंत्री अजय टमटा ने अपने आप्त सचिव निखिल सारस्वत और राष्ट्रीय राजमार्ग के बिहार प्रभारी संयुक्त सचिव अतुल कुमार को निर्देश दिया कि परियोजना को अंतिम रूप से निरस्त न किया जाए तथा इस पर आगे भी विचार-विमर्श जारी रखा जाए। इस दौरान जदयू नेता राकेश सिंह ने भी अधिकारियों को अवगत कराया कि गंडक पर प्रस्तावित पुल उत्तर प्रदेश और बिहार के बड़े भूभाग को जोड़ने में अहम भूमिका निभाएगा।</p>
<p style="text-align:justify;">सांसद सुनील कुमार ने कहा कि कुछ अधिकारी व्यक्तिगत राय के आधार पर मंत्रालय को गुमराह कर रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि गंडक पर किसी अन्य स्थान पर पुल या सड़क निर्माण का कोई विरोध नहीं है, लेकिन पहले से स्वीकृत योजना को निरस्त करने की कार्रवाई से स्थानीय जनता में आक्रोश और निराशा है। उन्होंने कहा कि एक जनप्रतिनिधि के रूप में उन्होंने जनता की भावना सरकार तक पहुंचाई है और आगे भी यह प्रयास जारी रहेगा। उल्लेखनीय है कि स्वास्थ्य कारणों से केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी दिल्ली से बाहर हैं, जिसके कारण उनसे भेंट नहीं हो सकी।</p>
<p style="text-align:justify;">इसके अलावा सांसद ने बगहा से भोजपुर जिले के पातर तक प्रस्तावित 225 किलोमीटर लंबे नारायणी-गंगा हाईस्पीड कॉरिडोर को मंजूरी देने पर गंभीरतापूर्वक विचार करने का अनुरोध किया। साथ ही बेतिया-बगहा फोरलेन की शीघ्र अंतिम स्वीकृति तथा इंडो-नेपाल बॉर्डर रोड को एक्सप्रेस-वे के रूप में विकसित करने की मांग भी रखी।</p>
<p style="text-align:justify;">शास्त्रीनगर-बेलवनिया पुल निर्माण संघर्ष समिति के सदस्य फिरोज आलम, जयेन्द्र सिंह, दयाशंकर सिंह, जुगनू आलम, अमरेश्वर सिंह, संदीप सहनी, सुबोध चौहान, सोनू कुमार, बबलू यादव, छठ्ठू बैठा, मकबूल अंसारी, अखिलेश साह, श्रेयांशु कुमार, अरविंद नाथ तिवारी, विवेक कुमार, बिंध्याचल राम, राकेश मिश्रा और आशीष मिश्रा सहित अन्य लोगों ने पुल निर्माण को लेकर सांसद के प्रयासों की सराहना की है।</p>]]>
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                                                            <category>बिहार/झारखंड</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 11 Feb 2026 18:39:13 +0530</pubDate>
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                        <![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]>
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            <item>
                <title>गंडक पुल : स्थिति बिल्कुल साफ़ और गंभीर है—यह नीति, नियत और प्रतिनिधित्व तीनों पर खड़ा है सवाल </title>
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                        <![CDATA[<p><strong>ब्यूरो प्रमुख प्रमोद रौनियार।</strong></p>
<p style="text-align:justify;"><strong>कुशीनगर। </strong>विकास की किसी भी परियोजना की असली कसौटी उसकी नियत और जनोपयोगिता होती है, लेकिन जटहाँ–बगहा पुल का मामला आज इससे कहीं आगे निकल चुका है। यह अब केवल एक पुल नहीं, बल्कि सरकारी तंत्र की कार्यशैली, NHAI की मंशा और जनप्रतिनिधियों की जवाबदेही का सवाल बन गया है।</p>
<p style="text-align:justify;">जब VTR विभाग ने NHAI को स्पष्ट नोटिस दिया कि आपकी शर्तों की अवधि समाप्त हो चुकी है और अब आप अपना वैकल्पिक मार्ग तलाशें, तब NHAI और संबंधित मंत्रालय अचानक सक्रिय हुए। इसके बाद जटहाँ–बगहा पुल निर्माण की मांग जटहाँ और बगहा क्षेत्र से ज़ोर</p>...]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/168376/the-situation-of-gandak-bridge-is-very-clear-and-serious"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-02/screenshot_2026-02-06-08-20-19-183_com.ak.ta.dainikbhaskar.activity-edit.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>ब्यूरो प्रमुख प्रमोद रौनियार।</strong></p>
<p style="text-align:justify;"><strong>कुशीनगर। </strong>विकास की किसी भी परियोजना की असली कसौटी उसकी नियत और जनोपयोगिता होती है, लेकिन जटहाँ–बगहा पुल का मामला आज इससे कहीं आगे निकल चुका है। यह अब केवल एक पुल नहीं, बल्कि सरकारी तंत्र की कार्यशैली, NHAI की मंशा और जनप्रतिनिधियों की जवाबदेही का सवाल बन गया है।</p>
<p style="text-align:justify;">जब VTR विभाग ने NHAI को स्पष्ट नोटिस दिया कि आपकी शर्तों की अवधि समाप्त हो चुकी है और अब आप अपना वैकल्पिक मार्ग तलाशें, तब NHAI और संबंधित मंत्रालय अचानक सक्रिय हुए। इसके बाद जटहाँ–बगहा पुल निर्माण की मांग जटहाँ और बगहा क्षेत्र से ज़ोर पकड़ने लगी। जनता ने आवाज़ उठाई, प्रतिनिधियों से उम्मीद की गई, लेकिन NHAI पर न तो जनदबाव का असर पड़ा और न ही राजनीतिक पहल का।</p>
<p>जनप्रतिनिधियों ने सदन में मुद्दा उठाया, केंद्रीय मंत्रियों तक बात पहुँची, फिर भी परिणाम शून्य रहा। इसके उलट NHAI ने अपनी योजना के अनुसार 8 किलोमीटर की आवश्यकता को 20 किलोमीटर की लम्बी रेखा में बदलकर ऐसा भ्रम पैदा किया मानो समाधान मिल गया हो। यह कदम वस्तुतः जनता को “ठंडा” करने की रणनीति प्रतीत होता है।</p>
<p>अब जो जानकारी सामने आ रही है, वह और भी चिंताजनक है। बताया जा रहा है कि NHAI द्वारा स्वीकृत बगहा–बेलवनिया परियोजना को जानबूझकर कम उपयोगी दिखाया गया, केवल बाइक-कार मार्ग बताकर एक महंगी और अव्यवहारिक योजना का स्वरूप दिया गया, ताकि उसे चुपचाप ठंडे बस्ते में डाला जा सके। यदि यह सच है, तो यह न केवल क्षेत्र के साथ अन्याय है, बल्कि सार्वजनिक संसाधनों और जनभावनाओं के साथ छल भी है।</p>
<p>इसी संभावित निरस्तीकरण से आहत होकर अब समिति द्वारा धरना प्रदर्शन मशाल जुलूस आदि रूपों में आंदोलन का रास्ता अपनाया गया है। यह आंदोलन किसी राजनीतिक दल के खिलाफ नहीं, बल्कि विकास के अधिकार के लिए है।</p>
<p><strong>सबसे बड़ा और अहम सवाल यहाँ राजनीतिक चुप्पी को लेकर है।</strong></p>
<p>आज उत्तर प्रदेश के कुशीनगर से एक राज्यसभा सांसद और एक लोकसभा सांसद हैं, लेकिन दोनों की चुप्पी खटकती है। वहीं चंपारण से माननीय जदयू सांसद श्री सुनील कुमार जी अकेले इस मुद्दे पर संघर्ष करते दिख रहे हैं, जबकि उन्हें अपनी ही गठबंधन की भाजपा नेतृत्व से कोई ठोस समर्थन मिलता नहीं दिख रहा। तो फिर जनता क्या माने?क्या यह परियोजना वास्तव में तकनीकी कारणों से रुकी है, या फिर राजनीतिक इच्छाशक्ति के अभाव और प्रशासनिक टालमटोल की भेंट चढ़ रही है?</p>
<p>अब निर्णय जनता के विवेक पर है। विकास मांगने वाली जनता को यह सोचना होगा कि उनकी आवाज़ कौन सुन रहा है, कौन चुप है, और कौन केवल रेखाएँ खींचकर समय काट रहा है। क्योंकि पुल केवल नदी नहीं जोड़ता— वह नियत और नेतृत्व को भी जोड़ता या तोड़ता है।</p>]]>
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                                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>बिहार/झारखंड</category>
                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 06 Feb 2026 08:55:38 +0530</pubDate>
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                <title>बगहा–बेलवनिया पुल को लेकर शास्त्री नगर में अहम बैठक, आंदोलन तेज करने का ऐलान</title>
                                    <description>
                        <![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>कुशीनगर /बगहा। </strong>  बगहा में बगहा–बेलवनिया पुल निर्माण को लेकर जदयू प्रवक्ता राकेश सिंह के नेतृत्व में एक अहम बैठक आयोजित की गई। बैठक में मौजूद लोगों ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि जल्द ही पुल निर्माण को लेकर ठोस पहल नहीं की गई, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।<br />बैठक में यह निर्णय लिया गया कि संघर्ष समिति अब बगहा अनुमंडल कार्यालय के साथ-साथ बेतिया डीएम कार्यालय का भी घेराव करेगी, ताकि प्रशासन तक जनता की आवाज़ मजबूती से पहुँचे। वक्ताओं ने कहा कि यह पुल केवल एक निर्माण परियोजना नहीं, बल्कि बगहा के भविष्य, आवागमन और समग्र विकास</p>...]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/168026/important-meeting-in-shastri-nagar-regarding-bagaha-belvaniya-bridge-announcement-to"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-02/img_20260202_145826.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>कुशीनगर /बगहा। </strong> बगहा में बगहा–बेलवनिया पुल निर्माण को लेकर जदयू प्रवक्ता राकेश सिंह के नेतृत्व में एक अहम बैठक आयोजित की गई। बैठक में मौजूद लोगों ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि जल्द ही पुल निर्माण को लेकर ठोस पहल नहीं की गई, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।<br />बैठक में यह निर्णय लिया गया कि संघर्ष समिति अब बगहा अनुमंडल कार्यालय के साथ-साथ बेतिया डीएम कार्यालय का भी घेराव करेगी, ताकि प्रशासन तक जनता की आवाज़ मजबूती से पहुँचे। वक्ताओं ने कहा कि यह पुल केवल एक निर्माण परियोजना नहीं, बल्कि बगहा के भविष्य, आवागमन और समग्र विकास से जुड़ा हुआ मुद्दा है। बैठक में बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक, सामाजिक कार्यकर्ता और संघर्ष समिति के सदस्य उपस्थित रहे। सभी ने एकजुट होकर आंदोलन को निर्णायक मोड़ तक ले जाने का संकल्प लिया।</p>]]>
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                                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>बिहार/झारखंड</category>
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                <pubDate>Mon, 02 Feb 2026 15:03:05 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>शास्त्रीनगर में पुल निर्माण निरस्तीकरण के विरोध में युवाओं ने मुड़वाया सिर का बाल, आंदोलन तेज</title>
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                        <![CDATA[सिर का बाल मुड़वाकर कर युवाओं ने किया आंदोलन तेज]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/167993/in-protest-against-the-cancellation-of-bridge-construction-in-shastri"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-02/screenshot_2026-02-02-05-17-45-420_com.miui.gallery-edit.jpg" alt=""></a><br /><div class="mail-message expanded">
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<div style="text-align:justify;"><strong>कुशीनगर/बगहा(पश्चिमी चंपारण)। </strong>रविवार को शास्त्रीनगर बगहा में शास्त्रीनगर–बेलवनिया पुल निर्माण को निरस्त किए जाने के विरोध में शास्त्रीनगर–बेलवनिया पुल निर्माण संघर्ष समिति के बैनर तले बैठक सह सामूहिक मुंडन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान सैकड़ों की संख्या में जुटे युवाओं और स्थानीय नागरिक रविकेश पाठक, अजय सहनी, कामेश्वर नाथ तिवारी, लालबाबू सोनी, नंदेश पांडेय सहित दर्जनों साथियों ने सिर का बाल मुड़वाकर केंद्र सरकार और राष्ट्रीय राजमार्ग मंत्रालय की व्यवस्था के प्रति अपनी घोर निराशा और आक्रोश का प्रतीकात्मक विरोध दर्ज कराया। कार्यक्रम में मौजूद युवाओं ने एक स्वर में कहा कि वर्षों से पुल निर्माण के नाम पर जनता को सिर्फ़ घोषणाओं और आश्वासनों का लॉलीपॉप थमाया जा रहा है, जबकि ज़मीनी हकीकत में कोई ठोस पहल नहीं की गई। पुल निर्माण निरस्त करने का निर्णय क्षेत्र के हजारों लोगों के साथ सीधा धोखा है। सभा को संबोधित करते हुए दयाशंकर सिंह, नंदेश पांडेय, विशाल पांडेय, अजय सहानी, कामेश्वर नाथ तिवारी, रविकेश पाठक, लालबाबू सोनी एवं मो० कामरान अज़ीज़ सहित संघर्ष समिति के सदस्यों और कई सामाजिक-राजनीतिक कार्यकर्ताओं ने कहा कि यह आंदोलन किसी दल विशेष का नहीं, बल्कि जनहित और क्षेत्र के भविष्य की लड़ाई है। <span style="text-align:left;">वक्ताओं ने स्पष्ट चेतावनी दी कि जब तक बगहा–बेलवनिया पुल निर्माण का मार्ग प्रशस्त नहीं किया जाता, तब तक संघर्ष समिति और स्थानीय जनता का आंदोलन लगातार और और अधिक उग्र रूप में जारी रहेगा।</span>कार्यक्रम के अंत में उपस्थित युवाओं ने संकल्प लिया कि अब सिर्फ़ आश्वासन नहीं, पुल बनना चाहिए, वरना सड़क से सदन तक आवाज़ बुलंद की जाएगी। चाहे इसके लिए कोई खामियाजा भुगतनी पड़े हम पीछे नही हटने <span style="text-align:left;">वाले है। </span></div>
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                                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>बिहार/झारखंड</category>
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                                            <category>राज्य</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 02 Feb 2026 05:19:27 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>बगहा–बेलवनिया संघर्ष समिति का बड़ा ऐलान, 1 फरवरी को शास्त्री नगर चौक पर होगा सामूहिक सर मुंडन आंदोलन</title>
                                    <description>
                        <![CDATA[<p><strong>ब्यूरो प्रमुख प्रमोद रौनियार</strong></p>
<p style="text-align:justify;"><strong>कुशीनगर। </strong>बगहा–बेलवनिया संघर्ष समिति के संयोजक रविकेश पाठक के नेतृत्व में आज समिति के तमाम साथियों ने बगहा के विभिन्न क्षेत्रों में जाकर नगर के गणमान्य नागरिकों, सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं बुद्धिजीवियों से भेंट की। इस दौरान सभी को 1 फरवरी 2026 (रविवार) को शास्त्री नगर चौक, बगहा में आयोजित होने वाले सामूहिक सर मुंडन कार्यक्रम में शामिल होने का निमंत्रण दिया गया। संघर्ष समिति का यह आयोजन क्षेत्र से जुड़ी ज्वलंत समस्याओं को लेकर प्रशासन और जनप्रतिनिधियों का ध्यान आकृष्ट कराने के उद्देश्य से किया जा रहा है। समिति के संयोजक रविकेश पाठक ने कहा कि</p>...]]>
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                                    <content:encoded>
                        <![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/167776/big-announcement-of-bagaha-belvaniya-sangharsh-samiti-mass-head-shaving-movement"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-01/fb_img_1769786441941.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>ब्यूरो प्रमुख प्रमोद रौनियार</strong></p>
<p style="text-align:justify;"><strong>कुशीनगर। </strong>बगहा–बेलवनिया संघर्ष समिति के संयोजक रविकेश पाठक के नेतृत्व में आज समिति के तमाम साथियों ने बगहा के विभिन्न क्षेत्रों में जाकर नगर के गणमान्य नागरिकों, सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं बुद्धिजीवियों से भेंट की। इस दौरान सभी को 1 फरवरी 2026 (रविवार) को शास्त्री नगर चौक, बगहा में आयोजित होने वाले सामूहिक सर मुंडन कार्यक्रम में शामिल होने का निमंत्रण दिया गया। संघर्ष समिति का यह आयोजन क्षेत्र से जुड़ी ज्वलंत समस्याओं को लेकर प्रशासन और जनप्रतिनिधियों का ध्यान आकृष्ट कराने के उद्देश्य से किया जा रहा है। समिति के संयोजक रविकेश पाठक ने कहा कि यह कार्यक्रम किसी व्यक्ति विशेष के विरोध में नहीं, बल्कि जनहित के मुद्दों को लेकर शांतिपूर्ण और प्रतीकात्मक जनआंदोलन है।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने बताया कि लंबे समय से बगहा–बेलवनिया क्षेत्र की समस्याओं को लेकर मांग की जा रही है, लेकिन अब तक ठोस पहल नहीं होने से जनता में गहरी नाराजगी है। इसी के विरोध स्वरूप सामूहिक सर मुंडन जैसा सांकेतिक आंदोलन किया जा रहा है। कार्यक्रम सुबह 11:00 बजे से प्रारंभ होगा, जिसमें बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिकों, युवाओं और सामाजिक संगठनों के शामिल होने की संभावना है। संघर्ष समिति ने आम जनता से अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर आंदोलन को मजबूती देने की अपील की है।</p>]]>
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                                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
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                                            <category>राज्य</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 30 Jan 2026 20:59:47 +0530</pubDate>
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                <title>शास्त्रीनगर–बेलवनिया पुल व सड़क निर्माण को लेकर सांसद ने केंद्रीय सचिव से की मुलाकात</title>
                                    <description>
                        <![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>कुशीनगर। </strong>शास्त्रीनगर–बेलवनिया पुल सह सड़क निर्माण योजना को लेकर वाल्मिकीनगर सांसद सुनील कुमार ने आज भारत सरकार के पथ परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के सचिव बी. उमाशंकर से मुलाकात कर योजना पर पुनर्विचार की पुरजोर वकालत की।</p>
<p style="text-align:justify;">मुलाकात के दौरान कुछ अधिकारियों द्वारा यह तर्क दिया गया कि गंडक नदी पर बेतिया क्षेत्र के आसपास दो बड़े पुलों का निर्माण हो रहा है तथा बगहा–खड्डा मार्ग पर कुल वाहनों में लगभग 83 प्रतिशत ऑटो, दोपहिया व रिक्शा संचालित होते हैं, जबकि इस मार्ग पर व्यावसायिक वाहनों की संख्या कम है और यह मार्ग मुख्य रूप से लोकल उपयोग में आता</p>...]]>
                    </description>
                
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                        <![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/167492/mp-met-the-union-secretary-regarding-the-construction-of-shastrinagar-belvaniya"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-01/fb_img_1769527367436.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>कुशीनगर। </strong>शास्त्रीनगर–बेलवनिया पुल सह सड़क निर्माण योजना को लेकर वाल्मिकीनगर सांसद सुनील कुमार ने आज भारत सरकार के पथ परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के सचिव बी. उमाशंकर से मुलाकात कर योजना पर पुनर्विचार की पुरजोर वकालत की।</p>
<p style="text-align:justify;">मुलाकात के दौरान कुछ अधिकारियों द्वारा यह तर्क दिया गया कि गंडक नदी पर बेतिया क्षेत्र के आसपास दो बड़े पुलों का निर्माण हो रहा है तथा बगहा–खड्डा मार्ग पर कुल वाहनों में लगभग 83 प्रतिशत ऑटो, दोपहिया व रिक्शा संचालित होते हैं, जबकि इस मार्ग पर व्यावसायिक वाहनों की संख्या कम है और यह मार्ग मुख्य रूप से लोकल उपयोग में आता है।</p>
<p style="text-align:justify;">इस तर्क का सांसद सुनील कुमार ने पुरजोर खंडन करते हुए कहा कि यह मार्ग न केवल स्थानीय बल्कि अंतरजनपदीय एवं अंतरराज्यीय आवागमन की दृष्टि से भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह परियोजना क्षेत्रीय विकास, व्यापार, शिक्षा, स्वास्थ्य एवं आपदा प्रबंधन के लिहाज से अत्यंत आवश्यक है।</p>
<p>सांसद ने अधिकारियों को अवगत कराया कि यह प्रस्ताव न तो निरस्त किया गया है और न ही इसे नजरअंदाज किया जाना चाहिए, बल्कि जनहित को ध्यान में रखते हुए इस पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय लिया जाना आवश्यक है।</p>
<p>उन्होंने बताया कि जल्द ही वे इस विषय को लेकर केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी से भेंट करेंगे तथा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी पत्र लिखकर क्षेत्र की वास्तविक आवश्यकता से अवगत कराएंगे।</p>
<p>शास्त्रीनगर–बेलवनिया पुल सह सड़क निर्माण को लेकर सांसद की ईमानदार और सतत कोशिश लगातार जारी है, जिससे क्षेत्रवासियों में एक बार फिर आशा का संचार हुआ है। जनप्रतिनिधियों एवं आम जनता ने सांसद जी के इस प्रयास के लिए आभार व्यक्त किया है।</p>]]>
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                                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>बिहार/झारखंड</category>
                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/167492/mp-met-the-union-secretary-regarding-the-construction-of-shastrinagar-belvaniya</link>
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                <pubDate>Tue, 27 Jan 2026 20:59:13 +0530</pubDate>
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                <title>कुशीनगर : गंडक मार्ग जटहां–शास्त्रीनगर 8 किमी बनाम 20 किमी का खेल!</title>
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                        <![CDATA[शास्त्री नगर–बेलवनिया पुल पर भड़की जनता, मशाल जुलूस से तेज हुआ आंदोलन]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/167106/kushinagar-gandak-marg-jatahan-shastrinagar-8-km-vs-20-km-game"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-01/screenshot_2026-01-24-10-43-14-316_com.whatsapp-edit.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>ब्यूरो प्रमुख प्रमोद रौनियार</strong></p>
<p style="text-align:justify;"><strong>कुशीनगर। </strong>यह महज संयोग है या फिर सरकारी नौटंकी और छलावे का सुनियोजित खेल—यह सवाल अब गंडक पार की लाखों जनता की जेहन में गूंजने लगा है। सच्चाई यह है कि बिहार के शास्त्री नगर से उत्तर प्रदेश के जटहां/पिपरासी की दूरी महज 8 किलो मीटर है और जटहां से नेबुआ NH-727 तक पहले से टू-लेन सड़क बनी हुई है। यदि इस व्यावहारिक और कम बजट वाली योजना पर राष्ट्रीय राजमार्ग मंत्रालय ने समय रहते ध्यान दिया होता, तो आज पिपरासी और मधुबनी अंचल की लाखों आबादी को पुलिस जिला बगहा, कोर्ट-कचहरी और प्रशासनिक सुविधाओं का सीधा लाभ मिल चुका होता।</p>
<p><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-01/img_20260124_104744.jpg" alt="IMG_20260124_104744" width="1080" height="572"></img></p>
<p>(जटहां/पिपरासी–शास्त्री नगर गंडक मार्ग से यात्रा करते किसान मजदूर यात्रीगण इस मार्ग से बेलवनिया कोसों दूर) </p>
<p style="text-align:justify;">लेकिन हैरानी की बात यह रही कि कम दूरी, कम लागत और अधिक जनहित वाली 8 किमी परियोजना को नजरअंदाज कर, विभाग ने 20 किमी लंबी शास्त्री नगर–बेलवनिया NH-727 परियोजना को स्वीकृति दे दी। अब उसी स्वीकृत योजना को “अधिक लागत” का हवाला देकर ठंडे बस्ते में डाल दिए जाने की खबर सामने आ रही है।</p>
<p><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-01/fb_img_1769089498517.webp" alt="fb_img_1769089498517" width="1200" height="901"></img></p>
<p style="text-align:justify;">इस फैसले से आक्रोशित गंडक तटवर्ती बगहा और बेलवनिया क्षेत्र की जनता सड़कों पर उतर आई है। हाथों में मशाल लेकर “गंडक नदी पुल बनाओ” के नारों के साथ विभागीय अधिकारियों के खिलाफ मशाल जुलूस निकाला जा रहा है। पुल निर्माण आंदोलन अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच चुका है, जिसका राजनीतिक और सामाजिक परिणाम केंद्र सरकार के पास सुरक्षित माना जा रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;">ज्ञापन में  जदयू से मंच संचालक राकेश सिंह अध्यक्षता फ़िरोज़ आलम ने की उपस्थित आंदोलन में जयनेन्द्र सिंह, अमरेशवर सिंह, कामरान अज़ीज़, हृदयानन्द दूबे, नागेंद्र सहनी, दयाशंकर सिंह, गिरिन्द्र पाण्डेय, अरविन्द नाथ तिवारी, सुबोध चौहान, अजय साहनी, विशाल पाण्डेय, कामेश्वर तिवारी, जुगनू आलम, विनय यादव, सुशील दूबे, रामाशंकर दूबे, उमेश गुप्ता, निवेदिता मिश्रा, बबलू यादव, श्रेयांशु कुमार, शैलेश जदुवंशी, प्रमोद रौनियार, अनिल सहनी, मो0 राशिद, छोटे श्रीवास्तव, अशोक कुमार मिश्रा, दीपू जायसवाल, हिमांशु जायसवाल, शांति देवी, माधुरी देवी सुषमा सिंह, संदीप उर्फ़ गोलू सहनी, रविकेश पाठक, रंजीत राज आदि गणमान्य लोग शामिल रहे। </p>
<p style="text-align:justify;">––आज हालात ऐसे बन चुके हैं कि सरकार बनाम जनता की बहस खुलकर सामने आ गई है। यदि दोनों राज्यों की जनता की अदालत लगाई जाए तो यह साफ हो जाएगा कि— जटहां/पिपरासी–शास्त्री नगर मार्ग जनहित में अधिक उपयोगी है, या शास्त्री नगर–बेलवनिया 20 किमी लंबा विकल्प।</p>
<p style="text-align:justify;">यदि NHAI का मुद्दा केवल NH-727 से जुड़ाव ही है, तो फिर 8 किमी और 20 किमी के बीच का अंतर—कम दूरी, कम लागत और अधिक लाभ—अपने आप सच्चाई बयान कर देता है। NHAI का मिशन एक ही है NH–727 से जोड़ना, लेकिन रास्ता कौन-सा जनता के लिए हितकारी है, यह प्रश्न अब सरकार के सामने सुलगता हुआ खड़ा है।</p>
<p style="text-align:justify;">सबसे अहम पहलू यह भी है कि जटहां/पिपरासी–शास्त्री नगर पुल बनने से वाल्मीकि नगर टाइगर रिजर्व (VTR) की दूरी बढ़ जाएगी, जिससे वन्य जीवों को ध्वनि प्रदूषण से बड़ी राहत मिलेगी। इसके बावजूद राष्ट्रीय राजमार्ग मंत्रालय के अधिकारी 8 किमी के तर्क को स्वीकार नहीं कर पा रहे, यही आज सबसे बड़ा और चौंकाने वाला सवाल बन गया है।</p>
<h5><strong>अब जनता साफ शब्दों में कह रही है—</strong></h5>
<h2><span style="color:rgb(224,62,45);"><strong>“पुल चाहिए, बहाना नहीं।</strong></span></h2>
<h2 style="text-align:justify;"><span style="color:rgb(224,62,45);"><strong>कम दूरी का रास्ता छोड़ महंगे प्रस्ताव का खेल अब नहीं चलेगा।”</strong></span></h2>]]>
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                                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>बिहार/झारखंड</category>
                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 24 Jan 2026 11:00:39 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>बगहा–बेलवनिया पुल निरस्तीकरण के विरोध में उबाल, एसडीएम को सौपा गया ज्ञापन</title>
                                    <description>
                        <![CDATA[<div><strong>ब्यूरो प्रमुख प्रमोद रौनियार</strong></div>
<div>  </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>कुशीनगर । </strong>बगहा के शास्त्रीनगर से उत्तर प्रदेश के बेलवनिया तक प्रस्तावित पुल को निरस्त किए जाने के विरोध में क्षेत्रवासियों का आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है। इसी क्रम में बुधवार को सर्वदलीय एवं आम जनता की ओर से अनुमंडल पदाधिकारी बगहा को ज्ञापन सौंपकर पुल निर्माण कार्य को पूर्व स्वीकृत स्थल से ही शीघ्र प्रारंभ कराने की मांग की गई।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">ज्ञापन में कहा गया कि यह पुल बिहार और उत्तर प्रदेश को जोड़ने वाली एक महत्वपूर्ण लाइफ लाइन है, जिससे पिपरासी प्रखंड सहित यूपी के जटहा, खड्डा, छितौनी, पनियहवा, नेबुआ, कप्तानगंज और गोरखपुर क्षेत्र</div>...]]>
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                                    <content:encoded>
                        <![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/166956/memorandum-submitted-to-ubal-sdm-in-protest-against-cancellation-of"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-01/fb_img_1769089498517.jpg" alt=""></a><br /><div><strong>ब्यूरो प्रमुख प्रमोद रौनियार</strong></div>
<div> </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>कुशीनगर । </strong>बगहा के शास्त्रीनगर से उत्तर प्रदेश के बेलवनिया तक प्रस्तावित पुल को निरस्त किए जाने के विरोध में क्षेत्रवासियों का आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है। इसी क्रम में बुधवार को सर्वदलीय एवं आम जनता की ओर से अनुमंडल पदाधिकारी बगहा को ज्ञापन सौंपकर पुल निर्माण कार्य को पूर्व स्वीकृत स्थल से ही शीघ्र प्रारंभ कराने की मांग की गई।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">ज्ञापन में कहा गया कि यह पुल बिहार और उत्तर प्रदेश को जोड़ने वाली एक महत्वपूर्ण लाइफ लाइन है, जिससे पिपरासी प्रखंड सहित यूपी के जटहा, खड्डा, छितौनी, पनियहवा, नेबुआ, कप्तानगंज और गोरखपुर क्षेत्र के लाखों लोगों को प्रत्यक्ष लाभ मिलता। पुल निरस्त होने से व्यापार, आवागमन और क्षेत्रीय विकास पर गंभीर असर पड़ेगा।</div>
<div style="text-align:justify;">ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि वाल्मीकि टाइगर रिजर्व क्षेत्र में STMC की स्वीकृति नहीं मिलने के कारण मदनपुर–पनियहवा मार्ग का निर्माण पहले से बाधित है। भविष्य में यदि यह मार्ग बंद होता है तो बाल्मीकिनगर, हरनाटांड, सेमरा सहित आदिवासी बहुल क्षेत्रों के लोगों को 50 किलोमीटर से अधिक अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ेगी।</div>
<p><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-01/screenshot_2026-01-22-19-20-58-700_com.miui.gallery-edit.jpg" alt="Screenshot_2026-01-22-19-20-58-700_com.miui.gallery-edit" width="1080" height="508"></img></p>
<div style="text-align:justify;">सभा की अध्यक्षता फिरोज आलम ने की जबकि संचालन राकेश सिंह ने किया। बैठक में बड़ी संख्या में सामाजिक, राजनीतिक कार्यकर्ता एवं स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे। सभी ने एक स्वर में पुल निरस्तीकरण के निर्णय को जनविरोधी बताते हुए सरकार से इसे तत्काल वापस लेने की मांग की। प्रशासन से आग्रह किया गया कि जनभावनाओं को ध्यान में रखते हुए यह विषय माननीय मंत्री तक पहुंचाया जाए ताकि शास्त्रीनगर–बेलवनिया पुल का निर्माण कार्य जल्द शुरू हो सके। </div>
<div>
<div>इस दौरान जयनेन्द्र सिंह, अमरेश्वर सिंह, कामरान अज़ीज़, हृदयानन्द दूबे,</div>
<div>नागेंद्र सहनी, दयाशंकर सिंह, गिरिन्द्र पाण्डेय, अरविन्द नाथ तिवारी,</div>
<div style="text-align:justify;">सुबोध चौहान, अजय साहनी, विशाल पाण्डेय, कामेश्वर तिवारी,</div>
<div>जुगनू आलम, विनय यादव, सुशील दूबे, रामाशंकर दूबे, उमेश गुप्ता, निवेदिता मिश्रा, बबलू यादव, श्रेयांशु कुमार, शैलेश जदुवंशी, प्रमोद रौनियार, अनिल सहनी, मो. राशिद, छोटे श्रीवास्तव, अशोक कुमार मिश्रा, दीपू जायसवाल, हिमांशु जायसवाल, शांति देवी, माधुरी देवी, सुषमा सिंह, संदीप उर्फ़ गोलू सहनी, रविकेश पाठक, रंजीत राज शामिल रहे। </div>
</div>]]>
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                                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>आपका शहर</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 22 Jan 2026 19:24:14 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>शास्त्रीनगर–बेलवनिया पुल रद्द होने पर भड़का जनाक्रोश, जदयू प्रवक्ता राकेश सिंह ने 22 जनवरी की बैठक का किया ऐलान</title>
                                    <description>
                        <![CDATA[<p><strong>ब्यूरो प्रमुख प्रमोद रौनियार</strong></p>
<p style="text-align:justify;"><strong>कुशीनगर। </strong>बगहा को उत्तर प्रदेश से जोड़ने वाली बहुप्रतीक्षित शास्त्रीनगर–बेलवनिया पुल योजना को विभाग द्वारा निरस्त किए जाने के बाद क्षेत्र में विरोध तेज हो गया है। इस संबंध में जनता दल (यूनाइटेड) के प्रवक्ता राकेश सिंह ने एक सूचना जारी करते हुए निर्णय को बगहा के भविष्य के खिलाफ बताया है।</p>
<p style="text-align:justify;"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-01/screenshot_2026-01-17-08-46-26-174_com.facebook.katana-edit.jpg" alt="Screenshot_2026-01-17-08-46-26-174_com.facebook.katana-edit" width="1080" height="623" /></p>
<p style="text-align:justify;">राकेश सिंह ने कहा कि यह पुल बगहा के लिए केवल एक निर्माण परियोजना नहीं, बल्कि आर्थिक, सामाजिक और क्षेत्रीय विकास की जीवनरेखा था। इसके रद्द होने से व्यापार, रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य और आवागमन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। उन्होंने जानकारी दी कि 22 जनवरी</p>...]]>
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                        <![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/166874/public-anger-erupted-over-the-cancellation-of-shastri-nagar-belwania-bridge"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-01/fb_img_1768973539987.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>ब्यूरो प्रमुख प्रमोद रौनियार</strong></p>
<p style="text-align:justify;"><strong>कुशीनगर। </strong>बगहा को उत्तर प्रदेश से जोड़ने वाली बहुप्रतीक्षित शास्त्रीनगर–बेलवनिया पुल योजना को विभाग द्वारा निरस्त किए जाने के बाद क्षेत्र में विरोध तेज हो गया है। इस संबंध में जनता दल (यूनाइटेड) के प्रवक्ता राकेश सिंह ने एक सूचना जारी करते हुए निर्णय को बगहा के भविष्य के खिलाफ बताया है।</p>
<p style="text-align:justify;"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-01/screenshot_2026-01-17-08-46-26-174_com.facebook.katana-edit.jpg" alt="Screenshot_2026-01-17-08-46-26-174_com.facebook.katana-edit" width="1080" height="623"></img></p>
<p style="text-align:justify;">राकेश सिंह ने कहा कि यह पुल बगहा के लिए केवल एक निर्माण परियोजना नहीं, बल्कि आर्थिक, सामाजिक और क्षेत्रीय विकास की जीवनरेखा था। इसके रद्द होने से व्यापार, रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य और आवागमन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। उन्होंने जानकारी दी कि 22 जनवरी को सुबह 11 बजे शास्त्रीनगर, बगहा स्थित रैन बसेरा के सामने सर्वदलीय एवं आम जनता की बैठक आयोजित की जाएगी। बैठक में सम्पूर्ण बगहा का प्रतिनिधित्व करने वाली वृहद संघर्ष समिति का गठन कर, पुल निर्माण की मांग को लेकर चरणबद्ध आंदोलन की रणनीति तय की जाएगी।</p>
<p style="text-align:justify;">जदयू प्रवक्ता ने सभी युवाओं, सामाजिक संगठनों, जनप्रतिनिधियों और आम नागरिकों से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर बगहा के विकास से जुड़े इस संघर्ष को मजबूती प्रदान करें। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जब तक शास्त्रीनगर–बेलवनिया पुल का निर्माण मूल प्रस्ताव के अनुसार सुनिश्चित नहीं हो जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।</p>]]>
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                                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>बिहार/झारखंड</category>
                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 21 Jan 2026 11:03:17 +0530</pubDate>
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                        <![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]>
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                            </item>
            <item>
                <title>“गंडक पर सियासत भारी!  बगहा–बेलवनिया पुल रद्द होने से भड़का जनआक्रोश, मूल मार्ग पर निर्माण की मांग तेज”</title>
                                    <description>
                        <![CDATA[<div class="mail-message expanded">
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<div>
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<div style="text-align:justify;"><strong>कुशीनगर।  </strong>बगहा (बिहार) को यूपी कुशीनगर जिले के बेलवनिया से जोड़ने वाला प्रस्तावित गंडक पुल एक बार फिर विवादों के केंद्र में आ गया है। वर्षों से प्रतीक्षित शास्त्रीनगर–बेलवनिया पुल परियोजना को रद्द किए जाने अथवा उसके मार्ग में बदलाव की सरकारी तैयारी ने स्थानीय लोगों का गुस्सा भड़का दिया है। पुल को क्षेत्र की जीवन रेखा मानने वाली जनता अब सड़क पर उतर आई है और सरकार के फैसले के खिलाफ आंदोलन तेज कर दिया है।</div>
<div style="text-align:justify;">स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यह पुल बिहार और उत्तर प्रदेश के लाखों लोगों को सीधा जोड़ता, जिससे मात्र 8 किलोमीटर की</div></div></div></div></div>...]]>
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<div style="text-align:justify;"><strong>कुशीनगर।  </strong>बगहा (बिहार) को यूपी कुशीनगर जिले के बेलवनिया से जोड़ने वाला प्रस्तावित गंडक पुल एक बार फिर विवादों के केंद्र में आ गया है। वर्षों से प्रतीक्षित शास्त्रीनगर–बेलवनिया पुल परियोजना को रद्द किए जाने अथवा उसके मार्ग में बदलाव की सरकारी तैयारी ने स्थानीय लोगों का गुस्सा भड़का दिया है। पुल को क्षेत्र की जीवन रेखा मानने वाली जनता अब सड़क पर उतर आई है और सरकार के फैसले के खिलाफ आंदोलन तेज कर दिया है।</div>
<div style="text-align:justify;">स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यह पुल बिहार और उत्तर प्रदेश के लाखों लोगों को सीधा जोड़ता, जिससे मात्र 8 किलोमीटर की दूरी तय करने के लिए वर्तमान में लगने वाली 50 किलोमीटर से अधिक की यात्रा से मुक्ति मिलती। पुल के न बनने से न केवल आवागमन बाधित रहेगा, बल्कि व्यापार, शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यटन और रोजगार जैसे क्षेत्रों का विकास भी ठप पड़ जाएगा।</div>
<div style="text-align:justify;">विवाद की जड़ तब गहरी हुई जब सरकार ने भारी लागत और किसानों की उपजाऊ भूमि प्रभावित होने की आशंका का हवाला देते हुए शास्त्रीनगर–बेलवनिया मार्ग को रद्द करने का संकेत दिया। इसके स्थान पर पुल को मंगलपुर होते हुए बेलवनिया ले जाने का प्रस्ताव सामने आया, जिससे शास्त्रीनगर और आसपास के गांवों के लोग खुद को उपेक्षित महसूस कर रहे हैं।</div>
<div style="text-align:justify;">आक्रोशित ग्रामीणों का आरोप है कि जनप्रतिनिधियों ने चुनाव के समय पुल निर्माण का आश्वासन दिया था, लेकिन अब सरकार अपने फैसले से पीछे हट रही है। जनता का कहना है कि धनहा–रतवल पुल के चौड़ीकरण का विकल्प इस क्षेत्र की जरूरतों को पूरा नहीं कर सकता।</div>
<div style="text-align:justify;">स्थिति की गंभीरता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि लोग अब “बोटिंग प्रोटेस्ट” जैसे अनोखे तरीकों से अपना विरोध दर्ज करा रहे हैं। आंदोलनकारियों की स्पष्ट मांग है कि पुल का निर्माण मूल शास्त्रीनगर–बेलवनिया मार्ग पर ही किया जाए, या फिर जटहा–पिपरासी मार्ग को अपनाया जाए, जो तकनीकी और सामाजिक दोनों दृष्टि से अधिक व्यावहारिक है।</div>
<div style="text-align:justify;"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-01/screenshot_2026-01-21-09-49-41-058_com.facebook.katana-edit.jpg" alt="Screenshot_2026-01-21-09-49-41-058_com.facebook.katana-edit" width="1080" height="425"></img></div>
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<div style="text-align:justify;">स्थानीय संगठनों के जदयू पार्टी के वरिष्ठ प्रवक्ता राकेश सिंह, पुल निर्माण संघर्ष समिति के रविकेश पाठक, विशाल पांडेय, समाज के सचेतक जयेश सिंह सहित हजारों लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने शीघ्र निर्णय नहीं लिया, तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। गंडक नदी के दोनों किनारों पर बसने वाली जनता आज एक सुर में कह रही है— “पुल नहीं तो विकास नहीं, और विकास के बिना अब चुप्पी नहीं।”</div>
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                                            <category>बिहार/झारखंड</category>
                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 21 Jan 2026 10:03:41 +0530</pubDate>
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