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                <title>मुख्यमंत्री योजना - Swatantra Prabhat</title>
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                <description>मुख्यमंत्री योजना RSS Feed</description>
                
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                <title>मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना : सामाजिक समरसता और आर्थिक सहयोग की एक सशक्त पहल</title>
                                    <description><![CDATA[<blockquote class="format1">
<p><strong>(आदर अदीब पावेल बन्धु) </strong></p>
<p><strong>जिला सूचना अधिकारी मण्डलीय जिला सूचना कार्यालय लखनऊ।</strong></p>
</blockquote>
<p><br />भारत जैसे विविधतापूर्ण देश में विवाह केवल दो व्यक्तियों का मिलन नहीं बल्कि दो परिवारों, संस्कृतियों और परंपराओं का संगम होता है। किन्तु समाज के आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए विवाह एक बड़ी चुनौती बन जाता है। बढ़ते खर्च, सामाजिक दबाव और परंपरागत रीति-रिवाजों के कारण गरीब परिवारों को अपनी बेटियों के विवाह में भारी आर्थिक बोझ उठाना पड़ता है। इसी समस्या के समाधान के लिए उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा अक्टूबर 2017 को "मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना" का शुभारंभ किया गया है। यह योजना न केवल</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/184375/chief-ministers-mass-marriage-scheme-a-powerful-initiative-for-social"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/whatsapp-image-2026-07-31-at-19.15.33.jpeg" alt=""></a><br /><blockquote class="format1">
<p><strong>(आदर अदीब पावेल बन्धु) </strong></p>
<p><strong>जिला सूचना अधिकारी मण्डलीय जिला सूचना कार्यालय लखनऊ।</strong></p>
</blockquote>
<p><br />भारत जैसे विविधतापूर्ण देश में विवाह केवल दो व्यक्तियों का मिलन नहीं बल्कि दो परिवारों, संस्कृतियों और परंपराओं का संगम होता है। किन्तु समाज के आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए विवाह एक बड़ी चुनौती बन जाता है। बढ़ते खर्च, सामाजिक दबाव और परंपरागत रीति-रिवाजों के कारण गरीब परिवारों को अपनी बेटियों के विवाह में भारी आर्थिक बोझ उठाना पड़ता है। इसी समस्या के समाधान के लिए उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा अक्टूबर 2017 को "मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना" का शुभारंभ किया गया है। यह योजना न केवल आर्थिक सहायता प्रदान करती है, बल्कि समाज में समानता, सादगी और सामूहिकता की भावना को भी बढ़ावा देती है।</p>
<p><br />मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना का मुख्य उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की बेटियों का विवाह सम्मानपूर्वक संपन्न कराना है। इसके अंतर्गत सरकार एक ही स्थान पर कई जोड़ों का सामूहिक विवाह कराती है, जिससे विवाह में होने वाला अनावश्यक खर्च कम होता है। इसके साथ ही यह योजना दहेज प्रथा जैसी कुरीतियों को समाप्त करने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम है।</p>
<p><br />वहीं, गरीब परिवारों को आर्थिक सहायता प्रदान करना, विवाह में सादगी को बढ़ावा देना, दहेज प्रथा पर रोक लगाना, सामाजिक समरसता और समानता को बढ़ावा देना, महिलाओं के सम्मान और सुरक्षा को सुनिश्चित करना इस योजना के मुख्य उद्देश्य हैं। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना की कई महत्वपूर्ण विशेषताएँ हैं, जो इसे समाज के लिए अत्यंत उपयोगी बनाती हैं। इसमें पात्र को अब रू0 1 लाख तक (जिसमें रू० 35,000-रू0 60,000 नकद, रू0 10,000 रू0 25,000 का सामान, और शेष आयोजन खर्च के लिए) आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है।</p>
<p><br />यह राशि सीधे बैंक खाते में भेजी जाती है, जिससे पारदर्शिता बनी रहती है। सामूहिक आयोजन में विवाह समारोह एक ही स्थान पर कई जोड़ों के साथ आयोजित किया जाता है। इसमें सभी धार्मिक रीति-रिवाजों का ध्यान रखा जाता है। राज्य सरकार द्वारा दुल्हन को विवाह के लिए आवश्यक सामग्री जैसे कपड़े, आभूषण, घरेलू उपयोग की वस्तुएँ आदि भी उपलब्ध कराई जाती हैं।</p>
<p><br />यह योजना सभी धर्मों और वर्गों के लोगों के लिए खुली है, जिससे सामाजिक एकता को बढ़ावा मिलता है। पात्र लाभार्थी ऑनलाइन या ऑफलाइन माध्यम से आसानी से आवेदन कर सकते हैं। पात्रता मानदंड के अंतर्गत आवेदक राज्य का स्थायी निवासी होना चाहिए, परिवार की आय निर्धारित सीमा से कम होनी चाहिए, विवाह योग्य आयु (लड़की 18 वर्ष और लड़का 21वर्ष) पूरी होनी चाहिए, परिवार आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (BPL या अन्य श्रेणी) में आता हो इस योजना का लाभ उठाने के लिए कुछ आवश्यक पात्रता शर्ते निर्धारित की गई हैं।</p>
<p><br />मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के अनेक सामाजिक और आर्थिक लाभ हैं जैसे-गरीब परिवारों को विवाह के लिए कर्ज लेने की आवश्यकता नहीं पड़ती, जिससे वे आर्थिक संकट से बच जाते हैं। सामूहिक विवाह के कारण दहेज की मांग स्वतः कम हो जाती है, जिससे समाज में सकारात्मक परिवर्तन आता है। इस योजना के तहत सभी वर्गों के लोग एक साथ विवाह करते हैं, जिससे भेदभाव कम होता है। सरकार द्वारा दी जाने वाली सहायता महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने में मदद करती है। यह योजना भव्यता के बजाय सादगीपूर्ण विवाह को प्रोत्साहित करती है।</p>
<p><br />इसके अतिरिक्त मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना ने समाज पर गहरा सकारात्मक प्रभाव डाला है। पहले जहां गरीब परिवार अपनी बेटियों के विवाह के लिए चिंतित रहते थे, अब उन्हें एक सुरक्षित और सम्मानजनक विकल्प मिल गया है। यह योजना सामाजिक कुरीतियों को खत्म करने में भी सहायक सिद्ध हो रही है। सामूहिक विवाह में दहेज की परंपरा कम हो जाती है। विभिन्न जाति और धर्म के लोग एक मंच पर आते हैं। आर्थिक सहायता से गरीब परिवारों की स्थिति बेहतर होती है।</p>
<p><br />व्यापक प्रचार-प्रसार, पारदर्शी व्यवस्था और डिजिटल भुगतान, समाज में जागरूकता अभियान चलाना इस योजना की महत्वपूर्ण चुनौतियां एवं सुझाव हैं। निसंदेह, मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना एक ऐसी पहल है, जो समाज के कमजोर वर्गों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन ला रही है। यह न केवल आर्थिक सहायता प्रदान करती है, बल्कि सामाजिक कुरीतियों को समाप्त करने और समानता स्थापित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। यदि इस योजना का प्रभावी ढंग से क्रियान्वयन किया जाए और अधिक से अधिक लोगों तक इसकी जानकारी पहुँचाई जाए, तो यह समाज में एक नई दिशा प्रदान कर सकती है।</p>
<p><br />अंततः यह योजना "सादगी, समानता और सम्मान के सिद्धांतों पर आधारित एक प्रेरणादायक कदम है, जो न केवल गरीब परिवारों के लिए सहारा है बल्कि पूरे समाज के लिए एक आदर्श भी प्रस्तुत करती है।<br /><br /></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                            <category>संपादकीय</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 31 Jul 2026 20:15:31 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat]]></dc:creator>
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                <title>महानिदेशक स्कूल शिक्षा का आदेश नही मानते बस्ती के  बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारी</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
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<div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती।</strong> बस्ती जिले में माननीय मुख्यमंत्री जी की महत्वाकांक्षी योजना रानी लक्ष्मीबाई आत्मरक्षा प्रशिक्षण के तहत प्रदेश के परिषदीय जूनियर विद्यालयों में अध्ययनरत बालिकाओं को प्रशिक्षित किया जाना था उसी क्रम में जनपद बस्ती में भी सभी जूनियर विद्यालयों में अध्ययनरत बालिकाओं को प्रशिक्षित करने के लिए खेल अनुदेशकों /प्रशिक्षकों को विद्यालय आवंटित किए गए थे ।</div>
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<div style="text-align:justify;">परियोजना कार्यालय के आदेश में यह स्प्ष्ट निर्देश था कि जैसे जैसे ऑनलाइन प्रशिक्षण जिन विद्यालयों पर पूर्ण होता रहेगा उस विद्यालय का प्रशिक्षण मानदेय का भुगतान वैसे - वैसे होता रहेगा।  जनपद बस्ती में भी पहले चरण में जिन विद्यालयों में प्रशिक्षण</div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/179561/officials-of-basic-education-department-of-basti-do-not-obey"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-05/img-20260519-wa0057-(1).jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
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<div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती।</strong> बस्ती जिले में माननीय मुख्यमंत्री जी की महत्वाकांक्षी योजना रानी लक्ष्मीबाई आत्मरक्षा प्रशिक्षण के तहत प्रदेश के परिषदीय जूनियर विद्यालयों में अध्ययनरत बालिकाओं को प्रशिक्षित किया जाना था उसी क्रम में जनपद बस्ती में भी सभी जूनियर विद्यालयों में अध्ययनरत बालिकाओं को प्रशिक्षित करने के लिए खेल अनुदेशकों /प्रशिक्षकों को विद्यालय आवंटित किए गए थे ।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">परियोजना कार्यालय के आदेश में यह स्प्ष्ट निर्देश था कि जैसे जैसे ऑनलाइन प्रशिक्षण जिन विद्यालयों पर पूर्ण होता रहेगा उस विद्यालय का प्रशिक्षण मानदेय का भुगतान वैसे - वैसे होता रहेगा।  जनपद बस्ती में भी पहले चरण में जिन विद्यालयों में प्रशिक्षण पूरा हुआ उस विद्यालय का प्रशिक्षण मानदेय का भुगतान कर दिया गया किन्तु दूसरे चरण में जो विद्यालय शेष थे उस पर खेल अनुदेशकों / प्रशिक्षकों ने अपना प्रशिक्षण ऑनलाइन समय से पूर्ण कर लिया किन्तु उसका भुगतान जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय द्वारा नही किया गया ।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">जब खेल अनुदेशको /प्रशिक्षकों ने इसकी शिकायत डीसी बालिका अमित सोनी से की तो उनके द्वारा बताया गया कि भुगतान हेतु फ़ाइल बैंक भेजी गई है, उसके पश्चात जब  खेल अनुदेशकों ने इसके संदर्भ में  बैंक से जानकारी की तो पता चला कि जो पीपीए 102000 रुपये का भुगतान हेतु बैंक आया था वह फेल हो गया है क्योंकि वह 2 अप्रैल 2026 को भेजी गई जबकि किसी की भी वित्तीय वर्ष में भुगतान का अंतिम तारीख 30 मार्च होती है ।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">  डीसी बालिका अमित सोनी की लापरवाही से खेल अनुदेशकों /प्रशिक्षकों को प्रशिक्षण मानदेय का भुगतान समय से न करने के कारण मानदेय का भुगतान आज तक नही हो पाया। एक तरफ तो सरकार अनुदेशकों के सम्मान का ढिढोरा पीट रही है और दूसरी तरफ उनके ही अधिकारी अनुदेशकों को प्रशिक्षण पूरा करने के बाद भी उनका प्रशिक्षण मानदेय का भुगतान नही करते और इतनी बड़ी घोर लापरवाही पर जनपद के बेसिक शिक्षा अधिकारी के चुप्पी को लेकर जनपद में चर्चाओं का दौर जारी है ।</div>
</div>
<div class="yj6qo"> </div>
<div class="adL"> </div>
</div>
</div>
</div>
<div class="hq gt"></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 19 May 2026 19:10:22 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
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