<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://www.swatantraprabhat.com/tag/9067/civil-services" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Swatantra Prabhat RSS Feed Generator</generator>
                <title>civil services - Swatantra Prabhat</title>
                <link>https://www.swatantraprabhat.com/tag/9067/rss</link>
                <description>civil services RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>IAS Success Story: अंकिता चौधरी ने मां के सपने को सच कर रचा इतिहास, दूसरे प्रयास में बनीं IAS अफसर </title>
                                    <description><![CDATA[<p>IAS Success Story: कहते हैं कि अगर हौसले बुलंद हों तो मंजिल कोई भी क्यों न हो, उसे पाया जा सकता है। इस कहावत को सच कर दिखाया है हरियाणा की आईएएस अफसर अंकिता चौधरी ने। कभी जिंदगी में एक ऐसा दौर आया जिसने उन्हें तोड़कर रख दिया, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। गिरकर भी उठीं और ऐसा मुकाम पाया कि अब हर युवा के लिए प्रेरणा बन चुकी हैं।</p>
<p><strong>दिल्ली यूनिवर्सिटी से की पढ़ाई</strong></p>
<p>अंकिता चौधरी ने दिल्ली यूनिवर्सिटी के हिंदू कॉलेज से केमिस्ट्री में ग्रेजुएशन किया। बचपन से ही वे पढ़ाई में बेहद होशियार थीं और उनका सपना</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/165769/ias-success-story-ankita-chaudhary-created-history-by-making-her"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-09/ias-ankita-chaudhary.jpg" alt=""></a><br /><p>IAS Success Story: कहते हैं कि अगर हौसले बुलंद हों तो मंजिल कोई भी क्यों न हो, उसे पाया जा सकता है। इस कहावत को सच कर दिखाया है हरियाणा की आईएएस अफसर अंकिता चौधरी ने। कभी जिंदगी में एक ऐसा दौर आया जिसने उन्हें तोड़कर रख दिया, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। गिरकर भी उठीं और ऐसा मुकाम पाया कि अब हर युवा के लिए प्रेरणा बन चुकी हैं।</p>
<p><strong>दिल्ली यूनिवर्सिटी से की पढ़ाई</strong></p>
<p>अंकिता चौधरी ने दिल्ली यूनिवर्सिटी के हिंदू कॉलेज से केमिस्ट्री में ग्रेजुएशन किया। बचपन से ही वे पढ़ाई में बेहद होशियार थीं और उनका सपना था कि वे आईएएस अफसर बनकर देश की सेवा करें। ग्रेजुएशन पूरी करते ही उन्होंने यूपीएससी परीक्षा की तैयारी शुरू कर दी।</p>
<p><img src="https://static.clmbtech.com/c1e/client/128336/uploaded/3a16f671cbfadb65fc8e22a5f123666c.jpg" alt="ias ankita choudhary" width="900" height="473"></img></p>
<p><strong>2017 में टूटा दुखों का पहाड़</strong></p>
<p>साल 2017 अंकिता की जिंदगी का सबसे कठिन साल साबित हुआ। जब वे दिन-रात यूपीएससी की तैयारी में जुटी थीं, तभी उनकी मां का निधन हो गया। मां ही उनकी सबसे बड़ी ताकत थीं। यह सदमा इतना गहरा था कि अंकिता अंदर से टूट गईं। उसी साल वे परीक्षा में असफल रहीं, लेकिन उनके पिता ने हिम्मत नहीं टूटने दी।</p>
<p><strong>पिता ने बढ़ाया हौसला</strong></p>
<p>अंकिता के पिता ने उन्हें संभाला और याद दिलाया कि उनकी मां का सपना था कि अंकिता एक आईएएस अफसर बने। पिता के इन शब्दों ने अंकिता को फिर से ऊर्जा दी। उन्होंने खुद से वादा किया कि अब मां का सपना किसी भी हाल में पूरा करना है।</p>
<p><img src="https://static.clmbtech.com/c1e/client/128336/uploaded/be8059f04c5f377f356993314f33d2b7.jpg" alt="ias ankita choudhary" width="900" height="506"></img></p>
<p><strong>2018 में हासिल की ऑल इंडिया 18वीं रैंक</strong></p>
<p>अगले ही साल, यानी 2018 में, अंकिता ने दोबारा यूपीएससी परीक्षा दी और इस बार उन्होंने ऑल इंडिया रैंक 18 हासिल कर इतिहास रच दिया। उनकी सफलता ने न सिर्फ परिवार को गर्व से भर दिया, बल्कि यह साबित कर दिया कि कठिनाइयाँ सफलता की राह में केवल परीक्षा लेती हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>शिक्षा</category>
                                            <category>सरकारी नौकरी</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/165769/ias-success-story-ankita-chaudhary-created-history-by-making-her</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/165769/ias-success-story-ankita-chaudhary-created-history-by-making-her</guid>
                <pubDate>Mon, 12 Jan 2026 11:16:46 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2025-09/ias-ankita-chaudhary.jpg"                         length="105111"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sandeep Kumar ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>IAS Success Story: 6 बार फेल होने के बावजूद नहीं मानी हार, बेहद दिलचस्प है IAS प्रियंका गोयल की कहानी </title>
                                    <description><![CDATA[<p>IAS Success Story: यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा देश की सबसे कठिन परीक्षाओं में गिनी जाती है, जहां केवल बौद्धिक क्षमता ही नहीं, बल्कि मानसिक मजबूती, धैर्य और असफलताओं से उबरने का जज्बा भी परखा जाता है। हर साल लाखों अभ्यर्थी इस परीक्षा में बैठते हैं, लेकिन सफलता कुछ ही को मिलती है। इन्हीं सफल उम्मीदवारों में शामिल हैं IAS प्रियंका गोयल, जिन्होंने लगातार असफलताओं के बावजूद हार नहीं मानी और छह प्रयासों के बाद अपने सपने को हकीकत में बदल दिया।</p>
<h4><strong>दिल्ली से शुरू हुआ शैक्षणिक सफर</strong></h4>
<p>प्रियंका गोयल की शुरुआती पढ़ाई दिल्ली के पीतमपुरा स्थित महाराजा अग्रसेन मॉडल स्कूल</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/164601/ias-success-story-did-not-give-up-despite-failing-6"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-12/ias-priyanka-goyal.jpg" alt=""></a><br /><p>IAS Success Story: यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा देश की सबसे कठिन परीक्षाओं में गिनी जाती है, जहां केवल बौद्धिक क्षमता ही नहीं, बल्कि मानसिक मजबूती, धैर्य और असफलताओं से उबरने का जज्बा भी परखा जाता है। हर साल लाखों अभ्यर्थी इस परीक्षा में बैठते हैं, लेकिन सफलता कुछ ही को मिलती है। इन्हीं सफल उम्मीदवारों में शामिल हैं IAS प्रियंका गोयल, जिन्होंने लगातार असफलताओं के बावजूद हार नहीं मानी और छह प्रयासों के बाद अपने सपने को हकीकत में बदल दिया।</p>
<h4><strong>दिल्ली से शुरू हुआ शैक्षणिक सफर</strong></h4>
<p>प्रियंका गोयल की शुरुआती पढ़ाई दिल्ली के पीतमपुरा स्थित महाराजा अग्रसेन मॉडल स्कूल से हुई। उन्होंने 12वीं कक्षा में 93 प्रतिशत अंक हासिल किए। इसके बाद उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय के केशव महाविद्यालय से वाणिज्य (कॉमर्स) में स्नातक की पढ़ाई पूरी की। पढ़ाई के दौरान ही उनके भीतर अनुशासन और निरंतरता की आदत विकसित हुई, जो आगे चलकर यूपीएससी की तैयारी में काम आई।</p>
<h4><strong>2016 से शुरू हुई UPSC की तैयारी</strong></h4>
<p>प्रियंका ने 2016 में सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी शुरू की और 2017 में पहला प्रयास दिया, लेकिन उन्हें सफलता नहीं मिली। इसके बाद अगले प्रयास में वह प्रीलिम्स परीक्षा सिर्फ 0.3 अंकों से चूक गईं। यह क्षण उनके लिए बेहद निराशाजनक था, लेकिन उन्होंने इसे अंत मानने के बजाय अपनी कमियों को पहचानने का मौका बनाया।</p>
<p>कई असफल प्रयासों और आत्ममंथन के बाद 2022 की UPSC सिविल सेवा परीक्षा प्रियंका गोयल के लिए निर्णायक साबित हुई। अपने छठे प्रयास में उन्होंने ऑल इंडिया रैंक 369 हासिल कर IAS अधिकारी बनने का सपना पूरा किया। यह सफलता वर्षों की मेहनत और धैर्य का परिणाम थी।</p>
<h4><strong>पढ़ाई में अनुशासन बना सफलता की कुंजी</strong></h4>
<p>प्रियंका की तैयारी की सबसे बड़ी खासियत उनका कड़ा अनुशासन रहा। जानकारी के अनुसार, अंतिम प्रयास से पहले उन्होंने करीब दो महीने तक रोजाना 17–18 घंटे पढ़ाई की। उनका मानना है कि लंबे समय तक लगातार मेहनत और अंतिम चरण में पूरी एकाग्रता ही परीक्षा में सफलता दिलाती है।</p>
<h4><strong>परिवार का मिला पूरा समर्थन</strong></h4>
<p>प्रियंका गोयल एक सामान्य परिवार से आती हैं। उनके पिता व्यवसायी हैं और मां गृहिणी। असफलताओं के दौर में परिवार का भरोसा और सहयोग ही उनका सबसे बड़ा संबल बना, जिसने उन्हें आगे बढ़ने की ताकत दी।</p>
<h4><strong>सोशल मीडिया पर युवाओं की प्रेरणा</strong></h4>
<p>आज IAS प्रियंका गोयल सोशल मीडिया पर भी काफी सक्रिय हैं और युवाओं के लिए प्रेरणा बनी हुई हैं। इंस्टाग्राम पर उनके दो लाख से अधिक फॉलोअर्स हैं, जहां वह अपनी तैयारी और अनुभव साझा करती हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>शिक्षा</category>
                                            <category>सरकारी नौकरी</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/164601/ias-success-story-did-not-give-up-despite-failing-6</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/164601/ias-success-story-did-not-give-up-despite-failing-6</guid>
                <pubDate>Sun, 28 Dec 2025 10:41:14 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2025-12/ias-priyanka-goyal.jpg"                         length="85259"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sandeep Kumar ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>IAS Success Story: अंकिता चौधरी ने मां के सपने को सच कर रचा इतिहास, दूसरे प्रयास में बनीं IAS अफसर </title>
                                    <description><![CDATA[<p>IAS Success Story: कहते हैं कि अगर हौसले बुलंद हों तो मंजिल कोई भी क्यों न हो, उसे पाया जा सकता है। इस कहावत को सच कर दिखाया है हरियाणा की आईएएस अफसर अंकिता चौधरी ने। कभी जिंदगी में एक ऐसा दौर आया जिसने उन्हें तोड़कर रख दिया, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। गिरकर भी उठीं और ऐसा मुकाम पाया कि अब हर युवा के लिए प्रेरणा बन चुकी हैं।</p><p><strong>दिल्ली यूनिवर्सिटी से की पढ़ाई</strong></p><p>अंकिता चौधरी ने दिल्ली यूनिवर्सिटी के हिंदू कॉलेज से केमिस्ट्री में ग्रेजुएशन किया। बचपन से ही वे पढ़ाई में बेहद होशियार थीं और उनका सपना</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/162487/ias-success-story-ankita-chaudhary-created-history-by-making-her"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-09/ias-ankita-chaudhary.jpg" alt=""></a><br /><p>IAS Success Story: कहते हैं कि अगर हौसले बुलंद हों तो मंजिल कोई भी क्यों न हो, उसे पाया जा सकता है। इस कहावत को सच कर दिखाया है हरियाणा की आईएएस अफसर अंकिता चौधरी ने। कभी जिंदगी में एक ऐसा दौर आया जिसने उन्हें तोड़कर रख दिया, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। गिरकर भी उठीं और ऐसा मुकाम पाया कि अब हर युवा के लिए प्रेरणा बन चुकी हैं।</p><p><strong>दिल्ली यूनिवर्सिटी से की पढ़ाई</strong></p><p>अंकिता चौधरी ने दिल्ली यूनिवर्सिटी के हिंदू कॉलेज से केमिस्ट्री में ग्रेजुएशन किया। बचपन से ही वे पढ़ाई में बेहद होशियार थीं और उनका सपना था कि वे आईएएस अफसर बनकर देश की सेवा करें। ग्रेजुएशन पूरी करते ही उन्होंने यूपीएससी परीक्षा की तैयारी शुरू कर दी।</p><p><img src="https://static.clmbtech.com/c1e/client/128336/uploaded/3a16f671cbfadb65fc8e22a5f123666c.jpg" alt="ias ankita choudhary" width="900" height="473"></img></p><p><strong>2017 में टूटा दुखों का पहाड़</strong></p><p>साल 2017 अंकिता की जिंदगी का सबसे कठिन साल साबित हुआ। जब वे दिन-रात यूपीएससी की तैयारी में जुटी थीं, तभी उनकी मां का निधन हो गया। मां ही उनकी सबसे बड़ी ताकत थीं। यह सदमा इतना गहरा था कि अंकिता अंदर से टूट गईं। उसी साल वे परीक्षा में असफल रहीं, लेकिन उनके पिता ने हिम्मत नहीं टूटने दी।</p><p><strong>पिता ने बढ़ाया हौसला</strong></p><p>अंकिता के पिता ने उन्हें संभाला और याद दिलाया कि उनकी मां का सपना था कि अंकिता एक आईएएस अफसर बने। पिता के इन शब्दों ने अंकिता को फिर से ऊर्जा दी। उन्होंने खुद से वादा किया कि अब मां का सपना किसी भी हाल में पूरा करना है।</p><p><img src="https://static.clmbtech.com/c1e/client/128336/uploaded/be8059f04c5f377f356993314f33d2b7.jpg" alt="ias ankita choudhary" width="900" height="506"></img></p><p><strong>2018 में हासिल की ऑल इंडिया 18वीं रैंक</strong></p><p>अगले ही साल, यानी 2018 में, अंकिता ने दोबारा यूपीएससी परीक्षा दी और इस बार उन्होंने ऑल इंडिया रैंक 18 हासिल कर इतिहास रच दिया। उनकी सफलता ने न सिर्फ परिवार को गर्व से भर दिया, बल्कि यह साबित कर दिया कि कठिनाइयाँ सफलता की राह में केवल परीक्षा लेती हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>शिक्षा</category>
                                            <category>सरकारी नौकरी</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/162487/ias-success-story-ankita-chaudhary-created-history-by-making-her</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/162487/ias-success-story-ankita-chaudhary-created-history-by-making-her</guid>
                <pubDate>Thu, 04 Dec 2025 11:47:10 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2025-09/ias-ankita-chaudhary.jpg"                         length="105111"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sandeep Kumar ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>IAS Success Story: अंकिता चौधरी ने मां के सपने को सच कर रचा इतिहास, दूसरे प्रयास में बनीं IAS अफसर </title>
                                    <description><![CDATA[<p>IAS Success Story: कहते हैं कि अगर हौसले बुलंद हों तो मंजिल कोई भी क्यों न हो, उसे पाया जा सकता है। इस कहावत को सच कर दिखाया है हरियाणा की आईएएस अफसर अंकिता चौधरी ने। कभी जिंदगी में एक ऐसा दौर आया जिसने उन्हें तोड़कर रख दिया, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। गिरकर भी उठीं और ऐसा मुकाम पाया कि अब हर युवा के लिए प्रेरणा बन चुकी हैं।</p>
<p><strong>दिल्ली यूनिवर्सिटी से की पढ़ाई</strong></p>
<p>अंकिता चौधरी ने दिल्ली यूनिवर्सिटी के हिंदू कॉलेज से केमिस्ट्री में ग्रेजुएशन किया। बचपन से ही वे पढ़ाई में बेहद होशियार थीं और उनका सपना</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/161603/ias-success-story-ankita-chaudhary-created-history-by-making-her"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-09/ias-ankita-chaudhary.jpg" alt=""></a><br /><p>IAS Success Story: कहते हैं कि अगर हौसले बुलंद हों तो मंजिल कोई भी क्यों न हो, उसे पाया जा सकता है। इस कहावत को सच कर दिखाया है हरियाणा की आईएएस अफसर अंकिता चौधरी ने। कभी जिंदगी में एक ऐसा दौर आया जिसने उन्हें तोड़कर रख दिया, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। गिरकर भी उठीं और ऐसा मुकाम पाया कि अब हर युवा के लिए प्रेरणा बन चुकी हैं।</p>
<p><strong>दिल्ली यूनिवर्सिटी से की पढ़ाई</strong></p>
<p>अंकिता चौधरी ने दिल्ली यूनिवर्सिटी के हिंदू कॉलेज से केमिस्ट्री में ग्रेजुएशन किया। बचपन से ही वे पढ़ाई में बेहद होशियार थीं और उनका सपना था कि वे आईएएस अफसर बनकर देश की सेवा करें। ग्रेजुएशन पूरी करते ही उन्होंने यूपीएससी परीक्षा की तैयारी शुरू कर दी।</p>
<p><img src="https://static.clmbtech.com/c1e/client/128336/uploaded/3a16f671cbfadb65fc8e22a5f123666c.jpg" alt="ias ankita choudhary" width="900" height="473"></img></p>
<p><strong>2017 में टूटा दुखों का पहाड़</strong></p>
<p>साल 2017 अंकिता की जिंदगी का सबसे कठिन साल साबित हुआ। जब वे दिन-रात यूपीएससी की तैयारी में जुटी थीं, तभी उनकी मां का निधन हो गया। मां ही उनकी सबसे बड़ी ताकत थीं। यह सदमा इतना गहरा था कि अंकिता अंदर से टूट गईं। उसी साल वे परीक्षा में असफल रहीं, लेकिन उनके पिता ने हिम्मत नहीं टूटने दी।</p>
<p><strong>पिता ने बढ़ाया हौसला</strong></p>
<p>अंकिता के पिता ने उन्हें संभाला और याद दिलाया कि उनकी मां का सपना था कि अंकिता एक आईएएस अफसर बने। पिता के इन शब्दों ने अंकिता को फिर से ऊर्जा दी। उन्होंने खुद से वादा किया कि अब मां का सपना किसी भी हाल में पूरा करना है।</p>
<p><img src="https://static.clmbtech.com/c1e/client/128336/uploaded/be8059f04c5f377f356993314f33d2b7.jpg" alt="ias ankita choudhary" width="900" height="506"></img></p>
<p><strong>2018 में हासिल की ऑल इंडिया 18वीं रैंक</strong></p>
<p>अगले ही साल, यानी 2018 में, अंकिता ने दोबारा यूपीएससी परीक्षा दी और इस बार उन्होंने ऑल इंडिया रैंक 18 हासिल कर इतिहास रच दिया। उनकी सफलता ने न सिर्फ परिवार को गर्व से भर दिया, बल्कि यह साबित कर दिया कि कठिनाइयाँ सफलता की राह में केवल परीक्षा लेती हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>शिक्षा</category>
                                            <category>सरकारी नौकरी</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/161603/ias-success-story-ankita-chaudhary-created-history-by-making-her</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/161603/ias-success-story-ankita-chaudhary-created-history-by-making-her</guid>
                <pubDate>Mon, 24 Nov 2025 22:36:44 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2025-09/ias-ankita-chaudhary.jpg"                         length="105111"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sandeep Kumar ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>IAS Success Story: मां की मौत के सदमे को बनाया ताकत, हरियाणा की बेटी बनीं देश की टॉप IAS अफसर</title>
                                    <description><![CDATA[<p>IAS Success Story: कहा जाता है कि अगर हौसले बुलंद हों, तो कोई भी मुश्किल मंजिल को पाने से नहीं रोक सकती। इस बात को सच कर दिखाया है IAS अंकिता चौधरी ने। जिनकी जिंदगी में एक समय ऐसा मोड़ आया जब उनका सब कुछ टूटने के कगार पर था, लेकिन उन्होंने हार मानने के बजाय अपने हौसलों को अपना हथियार बनाया और देश की सबसे कठिन परीक्षा UPSC पास कर IAS अधिकारी बनीं।</p>
<p>अंकिता चौधरी हरियाणा की रहने वाली हैं। उन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी के हिंदू कॉलेज से केमिस्ट्री में ग्रेजुएशन किया। पढ़ाई में शुरू से ही होशियार रहीं अंकिता</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/160496/ias-success-story-haryanas-daughter-turns-the-shock-of-mothers"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-11/56c6cd944c07f969cdebe06466214d14.webp" alt=""></a><br /><p>IAS Success Story: कहा जाता है कि अगर हौसले बुलंद हों, तो कोई भी मुश्किल मंजिल को पाने से नहीं रोक सकती। इस बात को सच कर दिखाया है IAS अंकिता चौधरी ने। जिनकी जिंदगी में एक समय ऐसा मोड़ आया जब उनका सब कुछ टूटने के कगार पर था, लेकिन उन्होंने हार मानने के बजाय अपने हौसलों को अपना हथियार बनाया और देश की सबसे कठिन परीक्षा UPSC पास कर IAS अधिकारी बनीं।</p>
<p>अंकिता चौधरी हरियाणा की रहने वाली हैं। उन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी के हिंदू कॉलेज से केमिस्ट्री में ग्रेजुएशन किया। पढ़ाई में शुरू से ही होशियार रहीं अंकिता का सपना था कि वे एक दिन IAS अफसर बनें और देश की सेवा करें। ग्रेजुएशन के बाद उन्होंने तुरंत UPSC की तैयारी शुरू कर दी। IAS Success Story</p>
<p>साल 2017 में अंकिता अपना पहला अटेंप्ट देने वाली थीं, लेकिन उसी साल उनकी जिंदगी में एक बहुत बड़ा दुख आ गया। उनकी मां का निधन हो गया, जो उनके जीवन की सबसे बड़ी ताकत थीं। इस गहरे सदमे के चलते न केवल अंकिता का पहला UPSC अटेंप्ट असफल रहा, बल्कि वे मानसिक रूप से भी काफी कमजोर हो गईं। लेकिन उनके पिता ने उस कठिन समय में उनका पूरा साथ दिया और उन्हें बार-बार यह याद दिलाया कि उनकी मां का सपना था कि वे IAS बनें। IAS Success Story</p>
<p>अपने पिता की बातों और मां के सपने को पूरा करने के संकल्प ने अंकिता को फिर से खड़ा कर दिया। उन्होंने एक साल तक खुद को पूरी तरह से तैयारी में झोंक दिया और साल 2018 में UPSC की परीक्षा में ऑल इंडिया रैंक 18 हासिल की। यह सिर्फ एक परीक्षा पास करना नहीं था, यह एक टूटे हुए सपने को दोबारा संजोने और उसे हकीकत में बदलने का प्रतीक था। IAS Success Story</p>
<p>आज अंकिता चौधरी IAS अधिकारी हैं और गुरुग्राम नगर निगम में अतिरिक्त आयुक्त के पद पर तैनात हैं। वे ना सिर्फ अपने परिवार के लिए बल्कि उन लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा बन चुकी हैं, जो जीवन की कठिनाइयों से हार मान लेते हैं। IAS Success Story</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>शिक्षा</category>
                                            <category>सरकारी नौकरी</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/160496/ias-success-story-haryanas-daughter-turns-the-shock-of-mothers</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/160496/ias-success-story-haryanas-daughter-turns-the-shock-of-mothers</guid>
                <pubDate>Sun, 16 Nov 2025 13:27:31 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2025-11/56c6cd944c07f969cdebe06466214d14.webp"                         length="23216"                         type="image/webp"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sandeep Kumar ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>IAS Success Story: अंकिता चौधरी ने मां के सपने को सच कर रचा इतिहास, दूसरे प्रयास में बनीं IAS अफसर </title>
                                    <description><![CDATA[<p>IAS Success Story: कहते हैं कि अगर हौसले बुलंद हों तो मंजिल कोई भी क्यों न हो, उसे पाया जा सकता है। इस कहावत को सच कर दिखाया है हरियाणा की आईएएस अफसर अंकिता चौधरी ने। कभी जिंदगी में एक ऐसा दौर आया जिसने उन्हें तोड़कर रख दिया, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। गिरकर भी उठीं और ऐसा मुकाम पाया कि अब हर युवा के लिए प्रेरणा बन चुकी हैं।</p>
<p><strong>दिल्ली यूनिवर्सिटी से की पढ़ाई</strong></p>
<p>अंकिता चौधरी ने दिल्ली यूनिवर्सिटी के हिंदू कॉलेज से केमिस्ट्री में ग्रेजुएशन किया। बचपन से ही वे पढ़ाई में बेहद होशियार थीं और उनका सपना</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/160367/ias-success-story-ankita-chaudhary-created-history-by-making-her"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-09/ias-ankita-chaudhary.jpg" alt=""></a><br /><p>IAS Success Story: कहते हैं कि अगर हौसले बुलंद हों तो मंजिल कोई भी क्यों न हो, उसे पाया जा सकता है। इस कहावत को सच कर दिखाया है हरियाणा की आईएएस अफसर अंकिता चौधरी ने। कभी जिंदगी में एक ऐसा दौर आया जिसने उन्हें तोड़कर रख दिया, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। गिरकर भी उठीं और ऐसा मुकाम पाया कि अब हर युवा के लिए प्रेरणा बन चुकी हैं।</p>
<p><strong>दिल्ली यूनिवर्सिटी से की पढ़ाई</strong></p>
<p>अंकिता चौधरी ने दिल्ली यूनिवर्सिटी के हिंदू कॉलेज से केमिस्ट्री में ग्रेजुएशन किया। बचपन से ही वे पढ़ाई में बेहद होशियार थीं और उनका सपना था कि वे आईएएस अफसर बनकर देश की सेवा करें। ग्रेजुएशन पूरी करते ही उन्होंने यूपीएससी परीक्षा की तैयारी शुरू कर दी।</p>
<p><img src="https://static.clmbtech.com/c1e/client/128336/uploaded/3a16f671cbfadb65fc8e22a5f123666c.jpg" alt="ias ankita choudhary" width="900" height="473"></img></p>
<p><strong>2017 में टूटा दुखों का पहाड़</strong></p>
<p>साल 2017 अंकिता की जिंदगी का सबसे कठिन साल साबित हुआ। जब वे दिन-रात यूपीएससी की तैयारी में जुटी थीं, तभी उनकी मां का निधन हो गया। मां ही उनकी सबसे बड़ी ताकत थीं। यह सदमा इतना गहरा था कि अंकिता अंदर से टूट गईं। उसी साल वे परीक्षा में असफल रहीं, लेकिन उनके पिता ने हिम्मत नहीं टूटने दी।</p>
<p><strong>पिता ने बढ़ाया हौसला</strong></p>
<p>अंकिता के पिता ने उन्हें संभाला और याद दिलाया कि उनकी मां का सपना था कि अंकिता एक आईएएस अफसर बने। पिता के इन शब्दों ने अंकिता को फिर से ऊर्जा दी। उन्होंने खुद से वादा किया कि अब मां का सपना किसी भी हाल में पूरा करना है।</p>
<p><img src="https://static.clmbtech.com/c1e/client/128336/uploaded/be8059f04c5f377f356993314f33d2b7.jpg" alt="ias ankita choudhary" width="900" height="506"></img></p>
<p><strong>2018 में हासिल की ऑल इंडिया 18वीं रैंक</strong></p>
<p>अगले ही साल, यानी 2018 में, अंकिता ने दोबारा यूपीएससी परीक्षा दी और इस बार उन्होंने ऑल इंडिया रैंक 18 हासिल कर इतिहास रच दिया। उनकी सफलता ने न सिर्फ परिवार को गर्व से भर दिया, बल्कि यह साबित कर दिया कि कठिनाइयाँ सफलता की राह में केवल परीक्षा लेती हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>शिक्षा</category>
                                            <category>सरकारी नौकरी</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/160367/ias-success-story-ankita-chaudhary-created-history-by-making-her</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/160367/ias-success-story-ankita-chaudhary-created-history-by-making-her</guid>
                <pubDate>Sat, 15 Nov 2025 18:45:08 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2025-09/ias-ankita-chaudhary.jpg"                         length="105111"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sandeep Kumar ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>IAS Success Story: अंकिता चौधरी ने मां के सपने को सच कर रचा इतिहास, दूसरे प्रयास में बनीं IAS अफसर </title>
                                    <description><![CDATA[<p>IAS Success Story: कहते हैं कि अगर हौसले बुलंद हों तो मंजिल कोई भी क्यों न हो, उसे पाया जा सकता है। इस कहावत को सच कर दिखाया है हरियाणा की आईएएस अफसर अंकिता चौधरी ने। कभी जिंदगी में एक ऐसा दौर आया जिसने उन्हें तोड़कर रख दिया, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। गिरकर भी उठीं और ऐसा मुकाम पाया कि अब हर युवा के लिए प्रेरणा बन चुकी हैं।</p>
<p><strong>दिल्ली यूनिवर्सिटी से की पढ़ाई</strong></p>
<p>अंकिता चौधरी ने दिल्ली यूनिवर्सिटी के हिंदू कॉलेज से केमिस्ट्री में ग्रेजुएशन किया। बचपन से ही वे पढ़ाई में बेहद होशियार थीं और उनका सपना</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/159460/ias-success-story-ankita-chaudhary-created-history-by-making-her"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-09/ias-ankita-chaudhary.jpg" alt=""></a><br /><p>IAS Success Story: कहते हैं कि अगर हौसले बुलंद हों तो मंजिल कोई भी क्यों न हो, उसे पाया जा सकता है। इस कहावत को सच कर दिखाया है हरियाणा की आईएएस अफसर अंकिता चौधरी ने। कभी जिंदगी में एक ऐसा दौर आया जिसने उन्हें तोड़कर रख दिया, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। गिरकर भी उठीं और ऐसा मुकाम पाया कि अब हर युवा के लिए प्रेरणा बन चुकी हैं।</p>
<p><strong>दिल्ली यूनिवर्सिटी से की पढ़ाई</strong></p>
<p>अंकिता चौधरी ने दिल्ली यूनिवर्सिटी के हिंदू कॉलेज से केमिस्ट्री में ग्रेजुएशन किया। बचपन से ही वे पढ़ाई में बेहद होशियार थीं और उनका सपना था कि वे आईएएस अफसर बनकर देश की सेवा करें। ग्रेजुएशन पूरी करते ही उन्होंने यूपीएससी परीक्षा की तैयारी शुरू कर दी।</p>
<p><img src="https://static.clmbtech.com/c1e/client/128336/uploaded/3a16f671cbfadb65fc8e22a5f123666c.jpg" alt="ias ankita choudhary" width="900" height="473"></img></p>
<p><strong>2017 में टूटा दुखों का पहाड़</strong></p>
<p>साल 2017 अंकिता की जिंदगी का सबसे कठिन साल साबित हुआ। जब वे दिन-रात यूपीएससी की तैयारी में जुटी थीं, तभी उनकी मां का निधन हो गया। मां ही उनकी सबसे बड़ी ताकत थीं। यह सदमा इतना गहरा था कि अंकिता अंदर से टूट गईं। उसी साल वे परीक्षा में असफल रहीं, लेकिन उनके पिता ने हिम्मत नहीं टूटने दी।</p>
<p><strong>पिता ने बढ़ाया हौसला</strong></p>
<p>अंकिता के पिता ने उन्हें संभाला और याद दिलाया कि उनकी मां का सपना था कि अंकिता एक आईएएस अफसर बने। पिता के इन शब्दों ने अंकिता को फिर से ऊर्जा दी। उन्होंने खुद से वादा किया कि अब मां का सपना किसी भी हाल में पूरा करना है।</p>
<p><img src="https://static.clmbtech.com/c1e/client/128336/uploaded/be8059f04c5f377f356993314f33d2b7.jpg" alt="ias ankita choudhary" width="900" height="506"></img></p>
<p><strong>2018 में हासिल की ऑल इंडिया 18वीं रैंक</strong></p>
<p>अगले ही साल, यानी 2018 में, अंकिता ने दोबारा यूपीएससी परीक्षा दी और इस बार उन्होंने ऑल इंडिया रैंक 18 हासिल कर इतिहास रच दिया। उनकी सफलता ने न सिर्फ परिवार को गर्व से भर दिया, बल्कि यह साबित कर दिया कि कठिनाइयाँ सफलता की राह में केवल परीक्षा लेती हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>शिक्षा</category>
                                            <category>सरकारी नौकरी</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/159460/ias-success-story-ankita-chaudhary-created-history-by-making-her</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/159460/ias-success-story-ankita-chaudhary-created-history-by-making-her</guid>
                <pubDate>Sun, 09 Nov 2025 15:38:06 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2025-09/ias-ankita-chaudhary.jpg"                         length="105111"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sandeep Kumar ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>IAS Success Story: अंकिता चौधरी ने मां के सपने को सच कर रचा इतिहास, दूसरे प्रयास में बनीं IAS अफसर </title>
                                    <description><![CDATA[<p>IAS Success Story: कहते हैं कि अगर हौसले बुलंद हों तो मंजिल कोई भी क्यों न हो, उसे पाया जा सकता है। इस कहावत को सच कर दिखाया है हरियाणा की आईएएस अफसर अंकिता चौधरी ने। कभी जिंदगी में एक ऐसा दौर आया जिसने उन्हें तोड़कर रख दिया, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। गिरकर भी उठीं और ऐसा मुकाम पाया कि अब हर युवा के लिए प्रेरणा बन चुकी हैं।</p>
<p><strong>दिल्ली यूनिवर्सिटी से की पढ़ाई</strong></p>
<p>अंकिता चौधरी ने दिल्ली यूनिवर्सिटी के हिंदू कॉलेज से केमिस्ट्री में ग्रेजुएशन किया। बचपन से ही वे पढ़ाई में बेहद होशियार थीं और उनका सपना</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/159024/ias-success-story-ankita-chaudhary-created-history-by-making-her"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-11/news---2025-11-05t133028.927.jpg" alt=""></a><br /><p>IAS Success Story: कहते हैं कि अगर हौसले बुलंद हों तो मंजिल कोई भी क्यों न हो, उसे पाया जा सकता है। इस कहावत को सच कर दिखाया है हरियाणा की आईएएस अफसर अंकिता चौधरी ने। कभी जिंदगी में एक ऐसा दौर आया जिसने उन्हें तोड़कर रख दिया, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। गिरकर भी उठीं और ऐसा मुकाम पाया कि अब हर युवा के लिए प्रेरणा बन चुकी हैं।</p>
<p><strong>दिल्ली यूनिवर्सिटी से की पढ़ाई</strong></p>
<p>अंकिता चौधरी ने दिल्ली यूनिवर्सिटी के हिंदू कॉलेज से केमिस्ट्री में ग्रेजुएशन किया। बचपन से ही वे पढ़ाई में बेहद होशियार थीं और उनका सपना था कि वे आईएएस अफसर बनकर देश की सेवा करें। ग्रेजुएशन पूरी करते ही उन्होंने यूपीएससी परीक्षा की तैयारी शुरू कर दी।</p>
<p><img src="https://static.clmbtech.com/c1e/client/128336/uploaded/3a16f671cbfadb65fc8e22a5f123666c.jpg" alt="ias ankita choudhary" width="900" height="473"></img></p>
<p><strong>2017 में टूटा दुखों का पहाड़</strong></p>
<p>साल 2017 अंकिता की जिंदगी का सबसे कठिन साल साबित हुआ। जब वे दिन-रात यूपीएससी की तैयारी में जुटी थीं, तभी उनकी मां का निधन हो गया। मां ही उनकी सबसे बड़ी ताकत थीं। यह सदमा इतना गहरा था कि अंकिता अंदर से टूट गईं। उसी साल वे परीक्षा में असफल रहीं, लेकिन उनके पिता ने हिम्मत नहीं टूटने दी।</p>
<p><strong>पिता ने बढ़ाया हौसला</strong></p>
<p>अंकिता के पिता ने उन्हें संभाला और याद दिलाया कि उनकी मां का सपना था कि अंकिता एक आईएएस अफसर बने। पिता के इन शब्दों ने अंकिता को फिर से ऊर्जा दी। उन्होंने खुद से वादा किया कि अब मां का सपना किसी भी हाल में पूरा करना है।</p>
<p><img src="https://static.clmbtech.com/c1e/client/128336/uploaded/be8059f04c5f377f356993314f33d2b7.jpg" alt="ias ankita choudhary" width="900" height="506"></img></p>
<p><strong>2018 में हासिल की ऑल इंडिया 18वीं रैंक</strong></p>
<p>अगले ही साल, यानी 2018 में, अंकिता ने दोबारा यूपीएससी परीक्षा दी और इस बार उन्होंने ऑल इंडिया रैंक 18 हासिल कर इतिहास रच दिया। उनकी सफलता ने न सिर्फ परिवार को गर्व से भर दिया, बल्कि यह साबित कर दिया कि कठिनाइयाँ सफलता की राह में केवल परीक्षा लेती हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>शिक्षा</category>
                                            <category>सरकारी नौकरी</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/159024/ias-success-story-ankita-chaudhary-created-history-by-making-her</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/159024/ias-success-story-ankita-chaudhary-created-history-by-making-her</guid>
                <pubDate>Wed, 05 Nov 2025 13:30:55 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2025-11/news---2025-11-05t133028.927.jpg"                         length="120211"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sandeep Kumar ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Success Story: बिना कोचिंग 22 साल की उम्र में क्रैक किया UPSC, 51वीं रैंक लाकर बनी IAS अफसर </title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>Success Story: </strong>कहते है की मेहनत करने वालों की कभी भी हार नहीं होती है, जैसे प्रयागराज की IAS अनन्या सिंह ने 22 साल की उम्र में एक साल की तैयारी में UPSC पास कर ऑल इंडिया रैंक 51 हासिल की। मिली जानकारी के अनुसार, अभी वह बिहार कैडर में सेवाएं दे रही हैं और सोशल मीडिया पर सक्रिय हैं।</p>
<p>जानकारी के मुताबिक, वैसे तो UPSC सिविल सेवा परीक्षा को देश की सबसे मुश्किल परीक्षाओं में गिना जाता है। इसमें सफल होने में लोगों को सालों लग जाते हैं। लेकिन अनन्या सिंह की कहानी कुछ और ही है। उन्होंने सिर्फ</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/158036/success-story-cracked-upsc-at-the-age-of-22-without"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-10/latest-news---2025-10-22t214921.225.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>Success Story: </strong>कहते है की मेहनत करने वालों की कभी भी हार नहीं होती है, जैसे प्रयागराज की IAS अनन्या सिंह ने 22 साल की उम्र में एक साल की तैयारी में UPSC पास कर ऑल इंडिया रैंक 51 हासिल की। मिली जानकारी के अनुसार, अभी वह बिहार कैडर में सेवाएं दे रही हैं और सोशल मीडिया पर सक्रिय हैं।</p>
<p>जानकारी के मुताबिक, वैसे तो UPSC सिविल सेवा परीक्षा को देश की सबसे मुश्किल परीक्षाओं में गिना जाता है। इसमें सफल होने में लोगों को सालों लग जाते हैं। लेकिन अनन्या सिंह की कहानी कुछ और ही है। उन्होंने सिर्फ एक साल की तैयारी में यह परीक्षा पास की और पहली बार में ही IAS बन गईं। Success Story IAS Ananya Singh</p>
<p><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2025-10/ias-ananya-singh_1650280627.jpg" alt="ias-ananya-singh_1650280627" width="1200" height="675"></img></p>
<p>मिली जानकारी के अनुसार, अनन्या उत्तर प्रदेश के प्रयागराज की रहने वाली हैं। उन्होंने 10वीं में 96% और 12वीं में 98.5% अंक हासिल किए थे। इसके बाद अनन्या CISCE बोर्ड में जिला टॉपर भी रहीं हैं। Success Story IAS Ananya Singh</p>
<p>जानकारी के मुताबिक, बता दें कि उनकी स्कूली पढ़ाई सेंट मेरी कॉन्वेंट स्कूल, प्रयागराज से हुई है। अनन्या ने अपनी आगे की पढ़ाई दिल्ली यूनिवर्सिटी के श्री राम कॉलेज ऑफ कॉमर्स (SRCC) से की, जहां उन्होंने इकनॉमिक्स ऑनर्स किया। Success Story IAS Ananya Singh</p>
<p><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2025-10/ias-ananya-singh-6-2025-10-d7cfb2ef83e61228c89b196435ed3fc4.jpg" alt="IAS-Ananya-Singh-6-2025-10-d7cfb2ef83e61228c89b196435ed3fc4" width="800" height="600"></img></p>
<p>मिली जानकारी के अनुसार, बचपन से ही उनका सपना IAS बनने का था। कॉलेज के आखिरी साल में उन्होंने UPSC की तैयारी शुरू कर दी थी। उन्होंने बिना किसी कोचिंग के और सिर्फ सेल्फ-स्टडी के भरोसे यह मुकाम हासिल किया है। Success Story IAS Ananya Singh</p>
<p><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2025-10/2493109-untitled-design-2023-11-29t215849.537.jpg" alt="2493109-untitled-design-2023-11-29t215849.537" width="800" height="600"></img></p>
<p>जानकारी के मुताबिक, अनन्या के मुताबिक वह शुरुआत में रोज 7–8 घंटे पढ़ाई करती थीं। इसके बाद उन्होंने इस समय को धीरे-धीरे इसे घटाकर 6 घंटे कर दिया था। उन्होंने प्रीलिम्स और मेन्स दोनों की तैयारी साथ-साथ की। Success Story IAS Ananya Singh</p>
<p>मिली जानकारी के अनुसार, उन्होंने सिलेबस के हिसाब से अपने नोट्स बनाए और इन्हीं नोट्स से रिवीजन करना आसान हुआ। इसके अलावा उन्होंने पिछले सालों के प्रश्न पत्रों का विश्लेषण भी किया। अनन्या ने देखा कि कुछ टॉपिक हर साल दोहराए जाते हैं और इसी आधार पर अपनी रणनीति बनाई। Success Story IAS Ananya Singh</p>
<p><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2025-10/3040516-ias-ananya-singh-upsc-success-story.jpg" alt="3040516-ias-ananya-singh-upsc-success-story" width="1200" height="900"></img></p>
<p>जानकारी के मुताबिक, 2019 में पहली ही कोशिश में उन्होंने ऑल इंडिया रैंक 51 हासिल की और 22 साल की उम्र में IAS अधिकारी बन गईं। मिली जानकारी के अनुसार, वर्तमान में वह बिहार कैडर में सेवा दे रही हैं और सोशल मीडिया पर भी काफी लोकप्रिय हैं, जहां उनके 66.8 हजार से अधिक इंस्टाग्राम फॉलोअर्स हैं। अनन्या ने अप्रैल 2024 में IAS कुमार अनुराग (UPSC 2018, रैंक 48) से  शादी की।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/158036/success-story-cracked-upsc-at-the-age-of-22-without</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/158036/success-story-cracked-upsc-at-the-age-of-22-without</guid>
                <pubDate>Wed, 22 Oct 2025 21:54:58 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2025-10/latest-news---2025-10-22t214921.225.jpg"                         length="135053"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Sandeep Kumar ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अदिति श्रीवास्तव ने 58वी रैक प्राप्त कर बनी सिविल </title>
                                    <description><![CDATA[<div><strong>स्वतंत्र प्रभात।</strong></div>
<div>  </div>
<div><strong>मेजा प्रयागराज।</strong> उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) ने उत्तर प्रदेश न्यायिक सेवा सिविल जज (जूनियर डिवीजन) परीक्षा-2022 का परिणाम घोषित कर दिया है।मेजा तहसील अन्तर्गत विकास खण्ड माण्डा के महेवा कलां प्रयागराज जनपद के होनहार अदिति श्रीवास्तव ने इस परीक्षा में 58 वीं रैंक हासिल कर पुरे जनपद प्रयागराज का नाम रोशन किया है।इससे उनके परिजनों व गांव में खुशी का माहौल है।</div>
<div>  </div>
<div>तमाम लोगों ने टेलीफोन के माध्यम व घर पर पहुंचकर अदिति को बधाई दी। प्रारंभिक शिक्षा महर्षि पतंजलि विद्यालय फाफामऊ,हाईस्कूल व इंटर डीपीएस प्रयागराज,काशी हिंदू विश्वविद्यालय से प्रथम श्रेणी में एलएलबी की परीक्षा पास</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/134334/aditi-srivastava-became-civil-by-getting-58th-rank"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2023-09/img-20230903-wa0228.jpg" alt=""></a><br /><div><strong>स्वतंत्र प्रभात।</strong></div>
<div> </div>
<div><strong>मेजा प्रयागराज।</strong> उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) ने उत्तर प्रदेश न्यायिक सेवा सिविल जज (जूनियर डिवीजन) परीक्षा-2022 का परिणाम घोषित कर दिया है।मेजा तहसील अन्तर्गत विकास खण्ड माण्डा के महेवा कलां प्रयागराज जनपद के होनहार अदिति श्रीवास्तव ने इस परीक्षा में 58 वीं रैंक हासिल कर पुरे जनपद प्रयागराज का नाम रोशन किया है।इससे उनके परिजनों व गांव में खुशी का माहौल है।</div>
<div> </div>
<div>तमाम लोगों ने टेलीफोन के माध्यम व घर पर पहुंचकर अदिति को बधाई दी। प्रारंभिक शिक्षा महर्षि पतंजलि विद्यालय फाफामऊ,हाईस्कूल व इंटर डीपीएस प्रयागराज,काशी हिंदू विश्वविद्यालय से प्रथम श्रेणी में एलएलबी की परीक्षा पास की और वर्तमान में एलएलएम द्वितीय वर्ष पढ़ाई करते हुए परीक्षा की तैयारी की।</div>
<div> </div>
<div>अदिति श्रीवास्तव के पिता आशुतोष उर्फ बबलू श्रीवास्तव इंडियन बैंक मुख्य प्रबंधक के पद से बीते वर्ष सेवानिवृत्त हुए है और उनकी मां कीर्ति श्रीवास्तव गृहिणी हैं। उनके चाचा आशीष श्रीवास्तव हाईकोर्ट प्रयागराज में अधिवक्ता है और छोटे चाचा अवधेश श्रीवास्तव प्रतिष्ठित टाइल्स कंपनी जनरल मैनेजर है।अदिति श्रीवास्तव ने अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता,चाचा के साथ ही गुरुजनों को दिया।भारी संख्या में लोगो ने पहुंचकर अदिति श्रीवास्तव को शुभकामनाएं के साथ बधाई दी।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>शिक्षा</category>
                                            <category>सरकारी नौकरी</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/134334/aditi-srivastava-became-civil-by-getting-58th-rank</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/134334/aditi-srivastava-became-civil-by-getting-58th-rank</guid>
                <pubDate>Mon, 04 Sep 2023 16:07:30 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2023-09/img-20230903-wa0228.jpg"                         length="271586"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        