<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://www.swatantraprabhat.com/tag/906/israel" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Swatantra Prabhat RSS Feed Generator</generator>
                <title>Israel - Swatantra Prabhat</title>
                <link>https://www.swatantraprabhat.com/tag/906/rss</link>
                <description>Israel RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>प्रदेश सरकार दिलाएगी विदेश में रोजगार </title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>कानपुर।</strong> जिले के युवाओं के लिए विदेशों में रोजगार की राह और आसान हो गई है। इज़राइल, जापान, जर्मनी, संयुक्त अरब अमीरात और ओमान जैसे देशों में विभिन्न क्षेत्रों में बड़ी संख्या में भर्तियां खुली हैं। जिलाधिकारी जितेन्द्र प्रताप सिंह ने कहा कि रोज़गार संगम पोर्टल युवाओं के लिए एक सीधी और विश्वसनीय प्लेटफॉर्म है, जिस पर पंजीकरण कर वे उपलब्ध ओवरसीज़ नौकरियों के लिए तुरंत आवेदन कर सकते हैं। उन्होंने युवाओं से अपील की कि विदेश में नौकरी की इच्छा रखने वाले अभ्यर्थी विलंब किए बिना पोर्टल पर आवेदन करें।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">सरसैया घाट स्थित नवीन सभागार में हुई जिला स्तरीय</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/160060/state-government-will-provide-employment-abroad"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-11/1001359797.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>कानपुर।</strong> जिले के युवाओं के लिए विदेशों में रोजगार की राह और आसान हो गई है। इज़राइल, जापान, जर्मनी, संयुक्त अरब अमीरात और ओमान जैसे देशों में विभिन्न क्षेत्रों में बड़ी संख्या में भर्तियां खुली हैं। जिलाधिकारी जितेन्द्र प्रताप सिंह ने कहा कि रोज़गार संगम पोर्टल युवाओं के लिए एक सीधी और विश्वसनीय प्लेटफॉर्म है, जिस पर पंजीकरण कर वे उपलब्ध ओवरसीज़ नौकरियों के लिए तुरंत आवेदन कर सकते हैं। उन्होंने युवाओं से अपील की कि विदेश में नौकरी की इच्छा रखने वाले अभ्यर्थी विलंब किए बिना पोर्टल पर आवेदन करें।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">सरसैया घाट स्थित नवीन सभागार में हुई जिला स्तरीय कार्यकारी समिति की बैठक में जिलाधिकारी ने विभागों को निर्देश दिया कि विदेशों की भर्ती संबंधी जानकारी अधिकतम युवाओं तक पहुँचाई जाए, ताकि योग्य अभ्यर्थी इन अवसरों का लाभ उठा सकें। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी, मुख्य चिकित्सा अधिकारी, उपायुक्त मनरेगा, एनआरएलएम, आईटीआई प्राचार्य, कृषि, उद्यान, उद्योग और श्रम विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इज़राइल में भवन निर्माण से जुड़े कुशल कारीगरों जैसे कि राजगीर, पेंटर, टाइल्स मैकेनिक, प्लम्बर और मेसन की बड़ी मांग है। अभ्यर्थी के पास पासपोर्ट के साथ सम्बंधित ट्रेड में आईटीआई या कम से कम पाँच वर्ष का अनुभव होना चाहिए। चयनित उम्मीदवारों को लगभग 1.80 लाख रुपये प्रतिमाह वेतन मिलेगा। भर्ती प्रक्रिया कौशल परीक्षण और ट्रेड टेस्ट के आधार पर की जाएगी।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/160060/state-government-will-provide-employment-abroad</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/160060/state-government-will-provide-employment-abroad</guid>
                <pubDate>Thu, 13 Nov 2025 20:04:22 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2025-11/1001359797.jpg"                         length="565669"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title> इस्राईल : मानवता का सबसे बड़ा दुश्मन</title>
                                    <description><![CDATA[<div>बेंजामिन नेतन्याहू के नेतृत्व की इस्राईल सरकार ने अगस्त 2025 की प्रारंभ में फ़िलिस्तीन के ग़ज़ा शहर पर पूर्ण नियंत्रण स्थापित करने की योजना को मंज़ूरी देने तथा इस्राईल की सुरक्षा कैबिनेट द्वारा गत 8 अगस्त को इस योजना को अनुमोदित करने के बाद ग़ज़ा में नये सिरे से सैन्य अभियान शुरू कर दिया है। "गिडियन्स चैरियट्स II " नाम की इस  कार्रवाई को अंजाम देने के लिये इस्राईल ने लगभग 60,000 रिज़र्व सैनिकों को बुलाया है जबकि 20,000 सैनिकों की सेवा अवधि बढ़ाई गयी है । इस कार्रवाई को ग़ज़ा शहर पर हमले के पहले चरण की शुरुआत के</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/154064/%C2%A0%E0%A4%87%E0%A4%B8%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%88%E0%A4%B2---%E0%A4%AE%E0%A4%BE%E0%A4%A8%E0%A4%B5%E0%A4%A4%E0%A4%BE-%E0%A4%95%E0%A4%BE-%E0%A4%B8%E0%A4%AC%E0%A4%B8%E0%A5%87-%E0%A4%AC%E0%A5%9C%E0%A4%BE-%E0%A4%A6%E0%A5%81%E0%A4%B6%E0%A5%8D%E0%A4%AE%E0%A4%A8"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-08/gaza1.jpg" alt=""></a><br /><div>बेंजामिन नेतन्याहू के नेतृत्व की इस्राईल सरकार ने अगस्त 2025 की प्रारंभ में फ़िलिस्तीन के ग़ज़ा शहर पर पूर्ण नियंत्रण स्थापित करने की योजना को मंज़ूरी देने तथा इस्राईल की सुरक्षा कैबिनेट द्वारा गत 8 अगस्त को इस योजना को अनुमोदित करने के बाद ग़ज़ा में नये सिरे से सैन्य अभियान शुरू कर दिया है। "गिडियन्स चैरियट्स II " नाम की इस  कार्रवाई को अंजाम देने के लिये इस्राईल ने लगभग 60,000 रिज़र्व सैनिकों को बुलाया है जबकि 20,000 सैनिकों की सेवा अवधि बढ़ाई गयी है । इस कार्रवाई को ग़ज़ा शहर पर हमले के पहले चरण की शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है।</div>
<div> </div>
<div>इस्राईली योजना के अनुसार इस कार्रवाई में उत्तरी ग़ज़ा से हज़ारों  फ़िलिस्तीनियों को दक्षिण की ओर विस्थापित किया जा सकता है। इसी उद्देश्य के साथ इस्राईल की सेना (आईडीएफ) ग़ज़ा सिटी के बाहरी इलाक़ों में प्रवेश कर चुकी है। हालांकि इस्राईल सरकार द्वारा इस कार्रवाई का मक़सद हमास को पूरी तरह से हथियारों से मुक्त करना,उसके नेताओं को ग़ज़ा से निर्वासित करना, हमास द्वारा बंधक बनाये गये शेष लोगों को मुक्त कराना तथाग़ज़ा पट्टी को पूरी तरह से हथियार-मुक्त बनाना बताया जा रहा है।</div>
<div><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2025-08/gaza3.jpg" alt=" इस्राईल : मानवता का सबसे बड़ा दुश्मन" width="1200" height="628"></img></div>
<div>परन्तु विश्व इसे ग़ज़ा पर क़ब्ज़े के इस्राईली दुष्प्रयास के रूप में देख रहा है। संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार प्रमुख ने इस कार्रवाई को अवैध क़ब्ज़ा बताते हुये इसे तुरंत रोकने की मांग की है जबकि एमनेस्टी इंटरनेशनल ने इसे "अपमानजनक" बताते हुये कहा है कि यह कार्रवाई ग़ज़ा पर इस्राईली सैन्य क़ब्ज़े को मज़बूत करेगी। इस्राईल के सहयोगी देश अमेरिका व ब्रिटेन सहित अन्य देशों ने भी इस्राईल की इस कार्रवाई को अवैध बताते हुये इसपर गहरी चिंता जताई है। परन्तु इस्राईल की नेतन्याहू सरकार पूरे विश्व की चिंताओं को नज़रअंदाज़ करते हुये ग़ज़ा पर सैन्य नियंत्रण कर अपने इस अवैध क़ब्ज़े के मिशन पर आगे बढ़ती जा रही है। इस योजना के अंतर्गत इस्राईल, ग़ज़ा पर प्रमुख सुरक्षा नियंत्रण रखेगा, जिसमें सीमाओं, हवाई क्षेत्र और समुद्री पहुंच शामिल है। </div>
<div><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2025-08/gaza.webp" alt=" इस्राईल : मानवता का सबसे बड़ा दुश्मन" width="2200" height="1467"></img></div>
<div>उधर इस्राईल की सेना में भी इस योजना पर एक राय नहीं है। आईडीएफ़ के ही कई वरिष्ठ अधिकारी इस योजना का विरोध कर रहे हैं। उनका मत है कि यह योजना जहां पहले से ही युद्ध से जूझ रहे आईडीएफ़ के सैनिकों को थकाने वाली साबित हो सकती है वहीं इससे इस्राईल अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अलग थलग भी पड़ सकता है। केवल नेतन्याहू ही इस कार्रवाई को ज़रूरी समझ रहे हैं। दरअसल इस्राईल में नेतन्याहू की इस 'घातक समझ' को अतिवादियों के मध्य राजनीतिक लाभ हासिल करने के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है।</div>
<div><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2025-08/gaza4-(1).webp" alt=" इस्राईल : मानवता का सबसे बड़ा दुश्मन" width="760" height="507"></img></div>
<div>दूसरी तरफ़ फिलिस्तीनियों में इस योजना को ग़ज़ा पर पूरी तरह से क़ब्ज़ा करने और फ़िलिस्तीनी राज्य की संभावना को नष्ट करने का प्रयास के रूप में देखा जा रहा है। यूएन रिपोर्ट्स में इसे मानवीय आपदा बताया रहा है।  क्योंकि इससे न केवल बड़ी संख्या में विस्थापन बढ़ेगा बल्कि इसमें काफ़ी लोगों की मौत भी हो सकती है और यह ग़ज़ा के बुनियादी ढांचे की तबाही भी बढ़ा सकता है । हमास ने तो तो इसे "नरसंहार" बताते हुये कहा है कि इससे युद्ध और भी लंबा चलेगा। जबकि फ़िलिस्तीन इसे इस्राईल की "विस्तारवादी" नीति के रूप में वर्णित कर रहा है जो वेस्ट बैंक में नए बस्तियों से जुड़ी हुई है।</div>
<div> </div>
<div> ग़ौर तलब है कि ग़ज़ा सिटी में लगभग 5 लाख से अधिक फ़िलिस्तीनी रहते हैं जो हमास के विरुद्ध की जा रही इस्राईली सैन्य कार्रवाई के परिणाम स्वरूप पहले से ही भुखमरी और विस्थापन जैसे मानवीय संकट से जूझ रहे हैं। अब तो इस इलाक़े में अकाल के हालात बन चुके हैं। परन्तु इन्हीं हालात के बीच इस्राईल के रक्षा मंत्री इस्राईल कात्ज़ ने यह धमकी भी दे दी है कि यदि  हमास ने हथियार छोड़ने और सभी बंधकों की रिहाई की शर्त नहीं मानी तो पूरे ग़ज़ा शहर को 'तबाह' कर दिया जाएगा।</div>
<div> </div>
<div>ग़ज़ा पर सैन्य नियंत्रण को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हो रही आलोचना और देश के भीतर ही इस योजना के भारी  विरोध के बीच इस्राईल के रक्षा मंत्री द्वारा 'ग़ज़ा शहर को तबाह कर देने' जैसे ग़ैर ज़िम्मेदाराना बयान देने का सीधा सा अर्थ है कि ग़ज़ा को लेकर इस्राईल सरकार की मंशा ठीक नहीं है। पहले भी इस्राईल की सैन्य कार्रवाइयों में फ़िलिस्तीन के रफ़ाह और बेत हनून जैसे शहर बुरी तरह तबाह हो चुके हैं। इस समय केवल ग़ज़ा पट्टी में ही पांच लाख से अधिक लोग भुखमरी, अभाव और मौत जैसी भयावह परिस्थितियों का सामना कर रहे हैं। ग़ज़ा की लगभग एक तिहाई आबादी अर्थात लगभग 6 लाख 41 हज़ार लोग मानवीय संकट जैसे भयानक हालात का सामना कर सकते हैं।अनुमान है कि इन विषम परिस्थितियों में जून 2026 तक पांच साल से कम उम्र के 1.32 लाख बच्चों की जान "ख़तरे" में पड़ सकती है। ग़ज़ा में हमास संचालित स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार सात अक्टूबर 2023 से लेकर अब तक यहां 62,192 लोगों की मौत हो चुकी है जबकि  "भुखमरी और कुपोषण" से ग़ज़ा में अब तक 271 लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें 112 बच्चे शामिल हैं। </div>
<div> </div>
<div>इन भयावह परिस्थितियों के मध्य इस्राइल की नेतन्याहू सरकार द्वारा बंधकों की रिहाई व हमास के निशस्त्रीकरण के नाम पर ग़ज़ा पर बलात क़ब्ज़े का प्रयास और ग़ज़ा शहर को 'तबाह' करने जैसी धमकी देना एक बार फिर इसी बात की तरफ़ इशारा कर रहा है कि पहले से ही फ़िलिस्तीन की ज़मीन पर क़ब्ज़ा जमाये बैठा इस्राईल न केवल अपनी विस्तारवादी नीति पर अमल कर रहा है बल्कि 'ग्रेटर इस्राईल' के निर्माण के अपने दूरगामी लक्ष्य पर भी इसी रास्ते से आगे बढ़ रहा है। अभी कुछ दिन पहले ही ईरान ने इसी इस्राईल को सबक़ सिखाया था और जब इस्राईल को ईरान की सैन्य कार्रवाई से अपने अस्तित्व पर ख़तरा मंडराते दिखाई देने लगा था तो आनन फ़ानन में युद्धविराम के लिये राज़ी हो गया था। वही इस्राईल जिसतरह फ़िलिस्तीनी के अकालग्रस्त बेघर बार व निहत्थों को ग़ज़ा से बेदख़ल करने की कोशिश कर रहा है और एक बार फिर किसी बड़े युद्ध की संभावना को मज़बूती दे रहा है उससे साफ़ ज़ाहिर होता है कि इस समय पूरे विश्व में इस्राईल, ख़ासकर वहां की नेतन्याहू सरकार ही मानवता की सबसे बड़ी दुश्मन है।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                            <category>संपादकीय</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/154064/%C2%A0%E0%A4%87%E0%A4%B8%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%88%E0%A4%B2---%E0%A4%AE%E0%A4%BE%E0%A4%A8%E0%A4%B5%E0%A4%A4%E0%A4%BE-%E0%A4%95%E0%A4%BE-%E0%A4%B8%E0%A4%AC%E0%A4%B8%E0%A5%87-%E0%A4%AC%E0%A5%9C%E0%A4%BE-%E0%A4%A6%E0%A5%81%E0%A4%B6%E0%A5%8D%E0%A4%AE%E0%A4%A8</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/154064/%C2%A0%E0%A4%87%E0%A4%B8%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%88%E0%A4%B2---%E0%A4%AE%E0%A4%BE%E0%A4%A8%E0%A4%B5%E0%A4%A4%E0%A4%BE-%E0%A4%95%E0%A4%BE-%E0%A4%B8%E0%A4%AC%E0%A4%B8%E0%A5%87-%E0%A4%AC%E0%A5%9C%E0%A4%BE-%E0%A4%A6%E0%A5%81%E0%A4%B6%E0%A5%8D%E0%A4%AE%E0%A4%A8</guid>
                <pubDate>Sun, 24 Aug 2025 17:54:19 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2025-08/gaza1.jpg"                         length="178193"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Reporters]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>गाजा को लेकर अरब देश बना रहे मास्टर प्लान, ट्रंप के मंसूबों पर फिरेगा पानी</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="Headlines mb-3">
<div class="Headlines mb-3">
<div class="descriptionC">
<p><strong>गाजा-</strong> अरब देशों ने डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) के गाजा को लेकर बनाए गए भविष्य की योजना को सिरे से खारिज कर दिया है। ट्रंप ने हाल ही में एक एआई वीडियो जारी किया था, जिसमें उन्होंने गाजा (Gaza) को एक आधुनिक और पर्यटन स्थल के रूप में दिखाया था। वीडियो में नाइट क्लब, पूल पार्टी और इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के साथ ट्रंप को एन्जॉय करते दिखाया गया। इस वीडियो की मुस्लिम देशों ने तीखी आलोचना की।  मिस्र ने घोषणा की है कि उसने गाजा के पुनर्निर्माण के लिए एक नई योजना तैयार की है, जिसे 4 मार्च को</p></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/149256/master-plan-will-make-water-on-trumps-plans-making-arab"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-03/download-(4)1.jpg" alt=""></a><br /><div class="Headlines mb-3">
<div class="Headlines mb-3">
<div class="descriptionC">
<p><strong>गाजा-</strong> अरब देशों ने डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) के गाजा को लेकर बनाए गए भविष्य की योजना को सिरे से खारिज कर दिया है। ट्रंप ने हाल ही में एक एआई वीडियो जारी किया था, जिसमें उन्होंने गाजा (Gaza) को एक आधुनिक और पर्यटन स्थल के रूप में दिखाया था। वीडियो में नाइट क्लब, पूल पार्टी और इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के साथ ट्रंप को एन्जॉय करते दिखाया गया। इस वीडियो की मुस्लिम देशों ने तीखी आलोचना की।  मिस्र ने घोषणा की है कि उसने गाजा के पुनर्निर्माण के लिए एक नई योजना तैयार की है, जिसे 4 मार्च को अरब शिखर सम्मेलन में प्रस्तुत किया जाएगा।</p>
<p><strong>इजरायल-</strong> मिस्र के विदेश मंत्री बद्र अब्देलाती ने कहा कि इस योजना का मुख्य उद्देश्य गाजा में ही फिलिस्तीनी आबादी को बनाए रखना और उनके पुनर्वास की व्यवस्था करना है।  उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यह योजना सिर्फ अरब देशों तक सीमित नहीं होगी, बल्कि इसके लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग की आवश्यकता होगी। अब्देलाती ने कहा,  "हम इस योजना को अनुमोदन के बागाजा को लेकर अरब देश बना रहे मास्टर प्लान, ट्रंप के मंसूबों पर फिरेगा पानीद प्रमुख दानदाता देशों के साथ साझा करेंगे और यूरोपीय देशों की आर्थिक भागीदारी भी इसमें अहम होगी।"  गाजा में संघर्ष विराम का पहला चरण 1 मार्च को समाप्त हो चुका है, लेकिन नए चरण के लिए इजरायल और हमास के बीच सहमति नहीं बन पाई है। इस बीच, इजरायल ने गाजा के लिए सभी मानवीय सहायता और रसद पर रोक लगा दी है।</p>
</div>
</div>
</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>अंतर्राष्ट्रीय</category>
                                            <category>एशिया</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/149256/master-plan-will-make-water-on-trumps-plans-making-arab</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/149256/master-plan-will-make-water-on-trumps-plans-making-arab</guid>
                <pubDate>Mon, 03 Mar 2025 15:02:52 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2025-03/download-%284%291.jpg"                         length="8851"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>  इज़राईल- इस क़द्र बेलगाम ? </title>
                                    <description><![CDATA[<div>    <strong>फ़िलिस्तीन से लेकर लेबनान तक इज़राईली सैन्य आतंक निरंतर अपना क़हर बरपा कर रहा है। अपने हथियारों और ताक़त के नशे में चूर अमेरिका संरक्षित </strong><strong>इज़राईली </strong><strong>प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू युद्धोन्माद में इतने अंधे हो चुके हैं कि उन्होंने न केवल युद्ध के सभी नियमों,नीतियों व सिद्धांतों को किनारे रख दिया है बल्कि वे दुनिया के उन देशों की भी परवाह नहीं कर रहे जो वर्तमान युद्ध में समय समय पर इस्राईल को आइना दिखाने की कोशिश करते हैं। इतना ही नहीं बल्कि नेतन्याहू किसी सलाह देने वाले देश या उसके नेता को भी बड़ी आसानी से अपने दुश्मनों की लाइन</strong></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/145909/%C2%A0%C2%A0"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2024-11/idf.jpg" alt=""></a><br /><div>  <strong>फ़िलिस्तीन से लेकर लेबनान तक इज़राईली सैन्य आतंक निरंतर अपना क़हर बरपा कर रहा है। अपने हथियारों और ताक़त के नशे में चूर अमेरिका संरक्षित </strong><strong>इज़राईली </strong><strong>प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू युद्धोन्माद में इतने अंधे हो चुके हैं कि उन्होंने न केवल युद्ध के सभी नियमों,नीतियों व सिद्धांतों को किनारे रख दिया है बल्कि वे दुनिया के उन देशों की भी परवाह नहीं कर रहे जो वर्तमान युद्ध में समय समय पर इस्राईल को आइना दिखाने की कोशिश करते हैं। इतना ही नहीं बल्कि नेतन्याहू किसी सलाह देने वाले देश या उसके नेता को भी बड़ी आसानी से अपने दुश्मनों की लाइन में खड़ा कर देते हैं। यहाँ तक कि किसी अंतर्राष्ट्रीय संस्था या संगठन की आलोचना या सलाह की भी परवाह नहीं करते। </strong></div>
<div> </div>
<div><strong>और नेतन्याहू के इसी ज़िद्दी स्वभाव ने हालात अब यहाँ तक पहुंचा दिए हैं कि अब इज़राईली सेना यानी आईडीएफ भी अब नेतन्याहू की मानवता विरोधी युद्ध नीति से ऊब चुकी है और ग़ज़ा व लेबनान में और अधिक ख़ून की होली खेलने के बजाये इन दोनों ही  जगहों पर अब युद्ध विराम करने के लिये प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू पर दबाव बनाना शुरू कर चुकी है। ग़ौर तलब है कि ग़ज़ा व लेबनान में भारी नरसंहार का कलंक झेल रही आईडीएफ़ पहले भी युद्ध से बाहर निकलने व युद्ध विराम करने की पक्षधर रही है परन्तु हर बार प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के युद्धोन्माद व उनकी ज़िद व प्रतिशोधात्मक रवैय्ये के चलते अब तक युद्ध विराम संभव नहीं हो सका है।</strong></div>
<div> </div>
<div><strong><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2024-11/idf1.webp" alt="idf1" width="1200" height="675"></img>ग़ौर तलब है कि वर्तमान इज़राईल-हमास युद्ध गत वर्ष यानी 7 अक्टूबर 2023 को उस समय शुरू हुआ था जब हमास के लड़ाकों ने इज़राइली नागरिक समुदायों और कई इज़राईली सैन्य ठिकानों पर अचानक एक बड़ा हमला कर दिया। इस हमले के दौरान 1,195 इज़रायली सहित अनेक विदेशी नागरिक भी मारे गए थे । इसके अलावा, 251 इज़रायली और विदेशियों को ग़ज़ा में बंदी बना लिया गया। हमास इस हमले से इज़राईल पर यह दबाव बनाना चाहता था कि इज़रायल की जेलों में बंद फ़िलिस्तीनी क़ैदियों व बंदियों को रिहा कराया जा सके। इज़राईल पर हमास द्वारा किया गया यह हमला फ़िलिस्तीन पर इज़रायल के निरंतर क़ब्ज़े , ग़ज़ा  की नाकेबंदी, </strong><strong>इज़राईली </strong><strong>बस्तियों के अनाधिकृत विस्तार, इज़रायल द्वारा लगातार की जा रही </strong><strong>अंतरराष्ट्रीय क़ानून के </strong><strong>अवहेलना, साथ ही अल-अक़्सा मस्जिद और फ़िलिस्तीनियों की सामान्य दुर्दशा के जवाब में भी था। </strong></div>
<div> </div>
<div><strong>परन्तु इज़राईल ने  7 अक्टूबर 2023 के हमास के हमलों के जवाब में 27 अक्टूबर </strong><strong>से हमास पर पहले हवाई फिर ज़मीनी हमले करना शुरू कर दिया। इस इज़राईली सैन्य कार्रवाई का मक़सद हमास का सफ़ाया करने के साथ साथ इज़राईली बंधकों को मुक्त कराना भी था। परन्तु 13 महीने से इज़राईल द्वारा किये जा रहे अब तक के सबसे बड़े नरसंहार के बावजूद इज़राईल अभी तक अपने दोनों में से किसी भी लक्ष्य को हासिल नहीं कर सका है। न ही हमास का ख़ात्मा हो सका न ही  251 में से शेष बचे 101 बंधकों को हमास के चंगुल से रिहा करवा सका। जबकि युद्धोन्माद में डूबे  प्रधानमंत्री नेतन्याहू के इशारों पर की जा रही विनाशकारी बमबारी में अब तक ग़ज़ा में 40,000 से अधिक फ़िलिस्तीनी मारे जा चुके हैं, जिन में अधिकांश महिलाएं व बच्चे हैं। लाखों लोग बेघर हो चुके हैं। </strong></div>
<div> </div>
<div><strong><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2024-11/images-(3).jpg" alt="images (3)" width="147" height="86"></img>इसके अलावा इज़रायल की कड़ी नाकाबंदी ने ग़ज़ा में जारी </strong><strong>बुनियादी </strong><strong>ज़रूरी सामग्री की आपूर्ति चेन को भी काट दिया है। हद तो यह है कि इस्राएइली सेना ने ग़ज़ा के बुनियादी ढांचों पर हमले कर वहां की स्वास्थ्य सेवा प्रणाली सहित सभी आवश्यक सेवाओं को भी नष्ट कर दिया है। स्कूल, शरणार्थी शिविर, मीडिया, अस्पताल, बाज़ार यहाँ तक कि युद्ध प्रभावित लोगों को सहायता पहुँचाने वाले अंतराष्ट्रीय संगठनों के लोगों को भी आई डी एफ़ द्वारा निशाना बनाया जा रहा है।  </strong></div>
<div> </div>
<div><strong>अर्थात इज़राईल द्वारा हमास के ख़ात्मे और उसके क़ब्ज़े में मौजूद बंधकों की रिहाई के नाम पर हर वह अत्याचार किया जा रहा है जोकि अंतर्राष्ट्रीय युद्ध मानकों का सरासर उल्लंघन है। और जब कोई इज़राईल या अमेरिका का सहयोगी देश नेतन्याहू को आईना दिखने की कोशिश करता है तो नेतन्याहू उसे अपमानित करने या खरी खोटी सुनाने में भी देर नहीं लगाते।  उदाहरण के तौर पर फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रोन ने ग़ज़ा में इज़राईल द्वारा किये जा रहे जनसंहार से ऊब कर जब गत 7 अक्टूबर को हमास द्वारा इज़राईल पर किए गए हमले की पहली वर्षगांठ से पूर्व  यह कहा है कि -'युद्धरत पक्षों के बीच "राजनीतिक समाधान" तक पहुंचने के लिए इज़रायल को हथियार देना बंद करना ज़रूरी है।</strong></div>
<div> </div>
<div><strong> <img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2024-11/idf2.jpg" alt="idf2" width="150" height="84"></img>उन्होंने जब यह कहा कि -"मुझे लगता है कि आज प्राथमिकता यह है कि हम एक राजनीतिक समाधान पर लौटें। हम ग़ज़ा में लड़ने के लिए हथियार देना बंद करें।" तो नेतन्याहू को राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रोन की यह सलाह इतनी नागवार गुज़री कि वे मैक्रोन से ख़फ़ा हो गए। और उन्होंने मैक्रोन को उल्टी सीधी सुना डाली। नेतन्याहू ने मैक्रोन के बयान को अपमानजनक बताते हुये कहा कि- " राष्ट्रपति मैक्रोन और अन्य पश्चिमी नेता अब इज़राईल के ख़िलाफ़ हथियार प्रतिबंध लगाने का आह्वान कर रहे हैं। उन पर शर्म आनी चाहिए।" यहूदी राष्ट्र उनके समर्थन के साथ या बिना जंग जीतेगा। युद्ध जीतने के बाद उनकी शर्मिंदगी लंबे समय तक जारी रहेगी।"</strong><strong> यही नहीं बल्कि </strong><strong>इज़राईली</strong><strong> मीडिया ने अपने एक कार्टून में </strong><strong>राष्ट्रपति मैक्रोन को हसन नसरुल्लाह का अगला उत्तराधिकारी तक बता दिया। </strong></div>
<div><strong> </strong></div>
<div><strong>इसी तरह कभी संयुक्त राष्ट्र संघ की शीर्ष अदालत, </strong><strong>अंतर्राष्ट्रीय </strong><strong>न्यायालय इज़राइल को लेकर यह कहती है कि फ़िलिस्तीनी क़ब्ज़े वाले क्षेत्रों में इज़राइल की मौजूदगी ग़ैर क़ानूनी है, इसे समाप्त किया जाना चाहिए। अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय कहता है कि “इज़राइल द्वारा पश्चिमी तट और यरुशलम में बसने वालों का स्थानांतरण तथा इज़राइल द्वारा उनकी उपस्थिति बनाए रखना, चौथी जिनेवा संधि के अनुच्छेद 49 के विपरीत है।” इतना ही नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय अदालत इस बात के लिये भी “गंभीर रूप से चिंतित है कि इज़राइल द्वारा इस क्षेत्र में अपनी नई बस्ती बसाने की नीति का विस्तार किया जा रहा है।</strong></div>
<div> </div>
<div><strong> इसी अंतरराष्ट्रीय न्यायालय में दक्षिण अफ़्रीक़ा ने यह दावा भी किया है कि ग़ज़ा में इज़राइल का अभियान 'नरसंहार' के बराबर है। इसी तरह संयुक्त राष्ट्र संघ भी इज़राइल के युद्ध अभियान की आलोचना कर चुका है। </strong><strong>परन्तु हमास सहित अपने सभी प्रतिद्वंदियों को आतंकवाद की धुरी बताकर प्रतिशोध की आग में जलता </strong><strong>इज़राइल </strong><strong>अपने हथियारों व अमेरिकी सरपरस्ती के बल पर आख़िर ख़ुद कितना आतंक फैला रहा है ? पूरा विश्व इस बात को लेकर आश्चर्यचकित है कि बड़े अंतराष्ट्रीय विरोध का सामना करने के बावजूद आख़िर इस्राईल, इस क़द्र बेलगाम क्यों है ?</strong></div>
<div><span style="font-size:large;"><strong>तनवीर जाफ़री</strong></span></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                            <category>संपादकीय</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/145909/%C2%A0%C2%A0</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/145909/%C2%A0%C2%A0</guid>
                <pubDate>Sun, 03 Nov 2024 16:58:29 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2024-11/idf.jpg"                         length="782263"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Office Desk Lucknow]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>गाजा के राफा शहर पर इजराइल के हमले से नाराज़ अमेरिका </title>
                                    <description><![CDATA[<p>अमेरिका ने अपनी इच्छा के विपरीत गाजा के राफा शहर पर बड़े पैमाने पर हमला करने के इजराइल के फैसले को लेकर चिंता व्यक्त करने के लिए पिछले सप्ताह इजराइल को भेजी जाने वाली बम की खेप रोक दी है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने मंगलवार को यह जानकारी दी।</p>
<p>नाम उजागर नहीं करने की शर्त पर अधिकारी ने बताया कि खेप में 2000 पाउंड वजन के 1800 बम और 500 पाउंड वजनी 1700 बम भेजे जाने थे। अधिकारी ने बताया कि अमेरिका ने इस बात पर चिंता व्यक्त की है कि इतनी बड़ी मात्रा में विस्फोटकों का इस्तेमाल घनी आबादी</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/140951/america-angry-over-israels-attack-on-gazas-rafah-city"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2024-05/2024_2image_11_46_204417868gaza-ll.jpg" alt=""></a><br /><p>अमेरिका ने अपनी इच्छा के विपरीत गाजा के राफा शहर पर बड़े पैमाने पर हमला करने के इजराइल के फैसले को लेकर चिंता व्यक्त करने के लिए पिछले सप्ताह इजराइल को भेजी जाने वाली बम की खेप रोक दी है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने मंगलवार को यह जानकारी दी।</p>
<p>नाम उजागर नहीं करने की शर्त पर अधिकारी ने बताया कि खेप में 2000 पाउंड वजन के 1800 बम और 500 पाउंड वजनी 1700 बम भेजे जाने थे। अधिकारी ने बताया कि अमेरिका ने इस बात पर चिंता व्यक्त की है कि इतनी बड़ी मात्रा में विस्फोटकों का इस्तेमाल घनी आबादी वाले क्षेत्र में कैसे किया जा सकता है।</p>
<p>चरमपंथी हमास द्वारा पिछले साल सात अक्टूबर को इजराइल पर घातक हमला किये जाने के जवाब में इजराइल ने गाजा पट्टी पर आक्रमण शुरू कर दिया था, जिसके बाद से 10 लाख से अधिक नागरिकों ने रफह में शरण ली हुई है। व्हाइट हाउस की ओर से कई महीने तक आपत्ति दर्ज कराए जाने के बावजूद इजराइली सरकार रफह पर आक्रमण की तैयार करती रही,</p>
<p>जिसके बाद अप्रैल में अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन के प्रशासन ने इजराइल को भविष्य में सैन्य सहायता भेजने की समीक्षा शुरू कर दी। अधिकारी ने बताया कि बम की खेप रोकने का निर्णय पिछले सप्ताह लिया गया और खेप निकट भविष्य में इजराइल को भेजी जाएगी या नहीं, इस पर निर्णय नहीं लिया गया है। </p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>अंतर्राष्ट्रीय</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>एशिया</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/140951/america-angry-over-israels-attack-on-gazas-rafah-city</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/140951/america-angry-over-israels-attack-on-gazas-rafah-city</guid>
                <pubDate>Wed, 08 May 2024 14:39:12 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2024-05/2024_2image_11_46_204417868gaza-ll.jpg"                         length="87562"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Office Desk Lucknow]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>गाजा  में एक साथ मारे गये 21 सैनिक, इजरायल को लगा बड़ा झटका </title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>इज़राइल </strong>की सेना का कहना है कि मध्य गाजा में एक हमले में कुल 21 सैनिक मारे गए, जिससे युद्ध शुरू होने के बाद से यह सेना के लिए सबसे बड़ी जानमाल की हानि है। मुख्य सैन्य प्रवक्ता, रियर एडमिरल डेनियल हागारी ने पहले की संख्या को अद्यतन करते हुए मंगलवार को यह घोषणा की। उन्होंने कहा कि सैनिक सोमवार को दो इमारतों को ध्वस्त करने के लिए विस्फोटक तैयार कर रहे थे, तभी एक आतंकवादी ने पास के एक टैंक पर रॉकेट चालित ग्रेनेड दागा, जिससे समय से पहले विस्फोट हो गया। इमारतें सैनिकों पर गिर गईं।</p>
<p>इज़राइल के</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/138354/21-soldiers-killed-simultaneously-in-gaza-a-big-blow-to"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2024-01/israel-hamas_large_1244_19.webp" alt=""></a><br /><p><strong>इज़राइल </strong>की सेना का कहना है कि मध्य गाजा में एक हमले में कुल 21 सैनिक मारे गए, जिससे युद्ध शुरू होने के बाद से यह सेना के लिए सबसे बड़ी जानमाल की हानि है। मुख्य सैन्य प्रवक्ता, रियर एडमिरल डेनियल हागारी ने पहले की संख्या को अद्यतन करते हुए मंगलवार को यह घोषणा की। उन्होंने कहा कि सैनिक सोमवार को दो इमारतों को ध्वस्त करने के लिए विस्फोटक तैयार कर रहे थे, तभी एक आतंकवादी ने पास के एक टैंक पर रॉकेट चालित ग्रेनेड दागा, जिससे समय से पहले विस्फोट हो गया। इमारतें सैनिकों पर गिर गईं।</p>
<p>इज़राइल के चैनल 13 का कहना है कि मरने वालों की संख्या और भी अधिक है और और नामों की घोषणा की जाएगी। प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने तब तक आगे बढ़ने की कसम खाई है जब तक कि इज़राइल सत्तारूढ़ हमास आतंकवादी समूह को कुचल नहीं देता और गाजा में बंदी बनाए गए 100 से अधिक बंधकों की रिहाई नहीं कर लेता। इज़रायली इस सवाल पर तेजी से विभाजित हो रहे हैं कि क्या ऐसा करना संभव है। बंधकों के परिवारों और उनके कई समर्थकों ने इज़राइल से संघर्ष विराम समझौते पर पहुंचने का आह्वान करते हुए कहा है कि बंधकों को जीवित घर वापस लाने का समय समाप्त होता जा रहा है। सोमवार को दर्जनों बंधकों के रिश्तेदारों ने अपने प्रियजनों की रिहाई के लिए समझौते की मांग करते हुए संसदीय समिति की बैठक पर धावा बोल दिया।</p>
<p>इजरायली सेना ने पहले कहा था कि आतंकवादी हमास समूह के खिलाफ 3 महीने पुराने युद्ध में इजरायली सैनिकों के लिए सबसे घातक हमलों में से एक में गाजा पट्टी में 10 सैनिक मारे गए थे। इज़रायली मीडिया का कहना है कि सैनिक सोमवार को मध्य गाजा में दो इमारतों को ध्वस्त करने के लिए विस्फोटक तैयार कर रहे थे, तभी एक आतंकवादी ने पास के एक टैंक पर रॉकेट चालित ग्रेनेड दागा। विस्फोट से विस्फोटकों का विस्फोट हुआ, जिससे इमारतें अंदर सैनिकों पर गिर गईं।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>अंतर्राष्ट्रीय</category>
                                            <category>यूरोप</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/138354/21-soldiers-killed-simultaneously-in-gaza-a-big-blow-to</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/138354/21-soldiers-killed-simultaneously-in-gaza-a-big-blow-to</guid>
                <pubDate>Tue, 23 Jan 2024 16:04:00 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2024-01/israel-hamas_large_1244_19.webp"                         length="97908"                         type="image/webp"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>फिलिस्तीन के राष्ट्रपति महमूद अब्बास पर हुई ताबड़तोड़ गोलीबारी, एक बॉडीगार्ड की मौके पर मौत </title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>गाजा</strong> में इजरायल-हमास युद्ध के बीच फिलिस्तीनी राष्ट्रपति महमूद अब्बास के खिलाफ हत्या के प्रयास की साजिश रची जाने की बात सामने आई है। उनके काफिले पर वेस्ट बैंक क्षेत्र में हमला किया गया था। अब्बास द्वारा वेस्ट बैंक में अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन से मुलाकात के एक दिन बाद इस हमले की सूचना मिली थी। यह घटना तब सामने आई जब संस ऑफ अबू जंदल नामक एक समूह ने अब्बास को इज़राइल के खिलाफ वैश्विक युद्ध घोषित करने के लिए 24 घंटे का समय दिया था। बाद में समूह ने हमले का दावा किया।</p>
<p>महमूद अब्बास की हत्या</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/136890/there-was-rapid-firing-on-palestine-president-mahmoud-abbas-one"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2023-11/palestine-president_large_1522_19.webp" alt=""></a><br /><p><strong>गाजा</strong> में इजरायल-हमास युद्ध के बीच फिलिस्तीनी राष्ट्रपति महमूद अब्बास के खिलाफ हत्या के प्रयास की साजिश रची जाने की बात सामने आई है। उनके काफिले पर वेस्ट बैंक क्षेत्र में हमला किया गया था। अब्बास द्वारा वेस्ट बैंक में अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन से मुलाकात के एक दिन बाद इस हमले की सूचना मिली थी। यह घटना तब सामने आई जब संस ऑफ अबू जंदल नामक एक समूह ने अब्बास को इज़राइल के खिलाफ वैश्विक युद्ध घोषित करने के लिए 24 घंटे का समय दिया था। बाद में समूह ने हमले का दावा किया।</p>
<p>महमूद अब्बास की हत्या के प्रयास में फ़िलिस्तीनी राष्ट्रपति का एक अंगरक्षक मारा गया। फ़िलिस्तीनी राष्ट्रपति महमूद अब्बास की हत्या के प्रयास का वीडियो भी सामने आया है। महमूद अब्बास की हत्या के प्रयास के वीडियो में उनके काफिले पर खुली गोलीबारी दिखाई गई। उनके एक अंगरक्षक की गोली मारकर हत्या कर दी गई क्योंकि बाकी लोगों ने हमलावरों के खिलाफ गोलीबारी की।</p>
<p>तुर्की आउटलेट तुर्किये अख़बार की रिपोर्ट के अनुसार, यह समझा जा रहा है कि घात लगाकर किया गया हमला हत्या का प्रयास हो सकता है। यदि हमला वास्तव में राष्ट्रपति के जीवन पर एक प्रयास था, तो यह फिलिस्तीनी गुटों के बीच बढ़ती अंदरूनी लड़ाई के संकेत देती है।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>अंतर्राष्ट्रीय</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>एशिया</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/136890/there-was-rapid-firing-on-palestine-president-mahmoud-abbas-one</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/136890/there-was-rapid-firing-on-palestine-president-mahmoud-abbas-one</guid>
                <pubDate>Wed, 08 Nov 2023 15:30:50 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2023-11/palestine-president_large_1522_19.webp"                         length="72240"                         type="image/webp"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Office Desk Lucknow]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Israel Hamas War: UN महासभा में युद्ध रोकने का प्रताव हुआ पास, पक्ष में पड़े कुल 120 वोट </title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>International News:</strong> संयुक्त राष्ट्र महासभा के विशेष सत्र में गाजा में मानवीय आधार पर संघर्ष विराम के लिए पेश प्रस्ताव भारी बहुमत से पास हो गया। प्रस्ताव के पक्ष में 120 वोट पड़े, जबकि विरोध में सिर्फ 14 वोट पड़े। भारत, ब्रिटेन, कनाडा, जर्मनी समेत 45 देशों ने मतदान से खुद को अलग कर लिया।</p>
<p>प्रस्ताव में इजरायल और हमास के बीच मानवीय आधार पर तत्काल संघर्ष विराम का आह्वान किया गया है। साथ ही बिना किसी रुकावट के गाजा तक मानवीय सहायता पहुंचाने की अपील भी की है। इसमें पानी, बिजली और वस्तुओं के वितरण को फिर से शुरू</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/136315/israel-hamas-war-un-the-proposal-to-stop-the-war"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2023-10/un-general-assembly_large_1301_19.webp" alt=""></a><br /><p><strong>International News:</strong> संयुक्त राष्ट्र महासभा के विशेष सत्र में गाजा में मानवीय आधार पर संघर्ष विराम के लिए पेश प्रस्ताव भारी बहुमत से पास हो गया। प्रस्ताव के पक्ष में 120 वोट पड़े, जबकि विरोध में सिर्फ 14 वोट पड़े। भारत, ब्रिटेन, कनाडा, जर्मनी समेत 45 देशों ने मतदान से खुद को अलग कर लिया।</p>
<p>प्रस्ताव में इजरायल और हमास के बीच मानवीय आधार पर तत्काल संघर्ष विराम का आह्वान किया गया है। साथ ही बिना किसी रुकावट के गाजा तक मानवीय सहायता पहुंचाने की अपील भी की है। इसमें पानी, बिजली और वस्तुओं के वितरण को फिर से शुरू करना शामिल है। भारत गाजा में मानवीय संघर्ष विराम के लिए जॉर्डन द्वारा शुरू किए गए संयुक्त राष्ट्र के प्रस्ताव से दूर रहा। </p>
<p>संयुक्त राष्ट्र महासभा ने गाजा में युद्धविराम से जुड़े एक प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। ये प्रस्ताव जॉर्डन समेत अरब देशों की तरफ से पेश किया गया था। जिसे भारी बहुमत से अपनाया गया। इस प्रस्ताव पर भारत का वोटिंग में भाग न लेने की वजह पर विदेशी मामलों के जानकारों का कहना है कि बीते 10 सालों से भारत सरकार की कूटनीति आतंकवाद के खिलाफ रही है।</p>
<p>अंतरराष्ट्रीय मंचों से भी भारत के बयान ने उसके इस रुख की पुष्टि की है। इजरायल हमास संघर्ष शुरू होने के बाद इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से फोन पर बातचीत के दौरान भारत के पीएम मोदी ने कहा था कि हम हर तरह के आतंकवाद के खिलाफ हैं।  </p>
<p>संयुक्त राष्ट्र की 193 सदस्यीय महासभा ने उस प्रस्ताव को अपनाया, जिसमें तत्काल, टिकाऊ और निरंतर मानवीय संघर्ष-विराम का आह्वान किया गया है, ताकि शत्रुता समाप्त हो सके। प्रस्ताव के पक्ष में 121 देशों ने मत किया, 44 सदस्य मतदान से दूर रहे और 14 सदस्यों ने इसके खिलाफ वोट दिया। प्रस्ताव में पूरी गाजा पट्टी में आम नागरिकों को आवश्यक वस्तुओं और सेवाओं का तत्काल, निरंतर, पर्याप्त और निर्बाध प्रावधान करने की मांग की गई थी। </p>
<p>संयुक्त राष्ट्र में भारत की उप स्थायी प्रतिनिधि योजना पटेल ने मतदान पर स्पष्टीकरण देते हुए कहा कि ऐसी दुनिया में जहां मतभेदों और विवादों को बातचीत से हल किया जाना चाहिए, इस प्रतिष्ठित संस्था को हिंसा का सहारा लेने की घटनाओं पर गहराई से चिंतित होना चाहिए। पटेल ने कहा कि हिंसा जब इतने बड़े पैमाने और तीव्रता पर होती है, तो यह बुनियादी मानवीय मूल्यों का अपमान है। </p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>अंतर्राष्ट्रीय</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>एशिया</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/136315/israel-hamas-war-un-the-proposal-to-stop-the-war</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/136315/israel-hamas-war-un-the-proposal-to-stop-the-war</guid>
                <pubDate>Sat, 28 Oct 2023 13:13:14 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2023-10/un-general-assembly_large_1301_19.webp"                         length="153714"                         type="image/webp"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Office Desk Lucknow]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>क्या सच में इंडियन नेवी के पूर्व ऑफिसर्स है गुनेगार, या है किसी की साज़िस </title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>Qatar: </strong>कतर की एक अदालत के फैसले ने भारत में कूटनीतिक गतिविधियां बढ़ा दी है. खाड़ी के इस छोटे से देश ने भारत के आठ पूर्व नौसैनिक अधिकारियों को कथित जासूसी के आरोप में मौत की सजा सुनाई है. दिल्ली से 2900 किलोमीटर दूर दोहा से आए इस फैसले ने दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ाव दिया है. भारत के विदेश मंत्रालय ने इस फैसले पर सधी प्रतिक्रिया दी है और तल्खी वाला रुख अपनाने से परहेज किया है.</p>
<p>भारत के विदेश मंत्रालय ने कहा है कि वो नौसेना के इन आठ अफसरों को हर तरह की मदद मुहैया कराने</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/136298/are-the-former-officers-of-the-indian-navy-really-guilty"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2023-10/pm-modi1-sixteen_nine.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>Qatar: </strong>कतर की एक अदालत के फैसले ने भारत में कूटनीतिक गतिविधियां बढ़ा दी है. खाड़ी के इस छोटे से देश ने भारत के आठ पूर्व नौसैनिक अधिकारियों को कथित जासूसी के आरोप में मौत की सजा सुनाई है. दिल्ली से 2900 किलोमीटर दूर दोहा से आए इस फैसले ने दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ाव दिया है. भारत के विदेश मंत्रालय ने इस फैसले पर सधी प्रतिक्रिया दी है और तल्खी वाला रुख अपनाने से परहेज किया है.</p>
<p>भारत के विदेश मंत्रालय ने कहा है कि वो नौसेना के इन आठ अफसरों को हर तरह की मदद मुहैया कराने को तैयार है. विदेश मंत्रालय ने गुरुवार को इस मामले को दुखद करार दिया. विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारत इस मामले में सभी कानूनी रास्तों की तलाश करेगी, साथ ही इस केस को कतर की सरकार के सामने उठाएगी. भारत जब इस केस में कानूनी विकल्पों की बात करता है तो भारत के सामने कई रास्ते खुलते हैं..</p>
<p>सबसे पहले भारत तो कतर की न्यायिक प्रक्रिया के अनुरुप इस फैसले के खिलाफ वहां की बड़ी अदालतों में अपील कर सकता है. सनद रहे कि कतर से आया ये फैसला वहां की निचली अदालत (Court of First Instance of Qatar) का है. भारत के पास आवश्यकतानुसार अंतरराष्ट्रीय कोर्ट भी जाने का विकल्प है. </p>
<p>लेकिन एक विकल्प जो भारत और कतर दोनों की मुश्किल आसान कर सकता है, मौत की सजा पाए 8 अफसरों को राहत दे सकता है और जिससे दोनों देशों के बीच कूटनीतिक संबंधों पर भी ज्यादा असर नहीं पड़ेगा वो रास्ता है भारत और कतर के बीच साल 2015 में हुआ एक समझौता. इस समझौते के तहत अगर भारत के किसी नागरिक को कतर में अथवा कतर के किसी नागरिक को भारत में सजा सुनाई जाती है तो ऐसे व्यक्तियों को उनके मुल्क प्रत्यर्पित किया जा सकता है,</p>
<p>जहां वो अपनी बाकी सजा पूरी कर सकें. बता दें कि तमीम बिन हमद अल थानी ने भारत का दौरा किया था. फिर 2016 में प्रधानमंत्री नरेंद्र 2015 में कतर के राष्ट्राध्यक्ष मोदी कतर की यात्रा पर गए थे. इस फैसले का उद्देश्य सजायाफ्ता कैदियों को उनके परिवारों के पास रहने में सक्षम बनाना और उनके सामाजिक पुनर्वास की प्रक्रिया में मदद करना है.</p>
<p>हालांकि भारत अगर इस विकल्प को अपनाता है तो भारत के सामने दो बड़ी चुनौतियां सामने आएंगी. पहली बात तो यह है कि अगर भारत इस विकल्प का इस्तेमाल करता है तो इसका अर्थ यह होगा कि भारत को ये मानना पड़ेगा कि उसकी नौसेना के 8 पूर्व अधिकारी जासूसी के दोषी हैं. क्योंकि इस समझौते के तहत सिर्फ सजायाफ्ता कैदियों की ही अदला-बदली हो सकती है. भारत अगर सार्वजनिक रूप से ये मानता है कि उसकी नौसेना के पूर्व अधिकारी जासूसी के दोषी हैं तो ये देश की साख के लिए काफी नुकसानदेह साबित होगा.<br />ऐसे मौके पर जब कनाडा भारत के राजनयिकों पर जासूसी के आरोप लगा चुका है, भारत इस कथित आरोप को कतई स्वीकार नहीं करना चाहेगा. इसके अलावा पाकिस्तान की जेल में बंद नेवी के पूर्व ऑफिसर कुलभूषण जाधव पर भी पाकिस्तान ने ऐसे ही मिथ्या आरोप लगाए हैं. भारत अगर कतर के मामले में अपने नागरिकों को दोषी मानता है तो पाकिस्तान के आरोपों को बल मिल सकता है. हाल-फिलहाल में ग्लोबल फोरम पर भारत की जो साख बढ़ी है ऐसी स्थिति में भारत कभी नहीं चाहेगा कि वो इस बात को स्वीकार करे कि उसकी नौसेना पूर्व अधिकारी जासूसी के दोषी हैं.</p>
<p>हालांकि यहां ध्यान देने की बात यह भी है कि न तो भारत ने और न ही कतर ने नौसेना के इन पूर्व अधिकारियों पर लगे आरोपों की डिटेल जानकारी दी है, ऐसी स्थिति में संभव है कि अगर इन अधिकारियों को कुछ दूसरे आरोपों के तहत दोषी करार दिया गया हो तो भारत इस विकल्प का इस्तेमाल करना चाहेगा.<br />इस विकल्प के इस्तेमाल करने पर भारत के सामने दूसरी चुनौती यह होगी कि कतर कैदियों की अदला-बदली के इस प्रस्ताव को स्वीकार करे. क्योंकि ऐसा तभी संभव है जब कतर की सरकार इस प्रस्ताव को मंजूरी देगी. कतर में भारतीय दूतावस ने इस प्रक्रिया की पूरी जानकारी दी है.</p>
<p>भारतीय दूतावस की वेबसाइट के मुताबिक जो कैदी स्थानांतरित होना चाहता है उसे भारतीय दूतावास या वाणिज्य दूतावास को अपनी इच्छा के बारे में सूचित करना चाहिए. फिर उसके आवेदन को विदेश की सरकार (जहां उसे सजा हुई है) और भारत सरकार द्वारा अनुमोदित किया जाना चाहिए. इसके अलावा ऐसे कैदी के खिलाफ उस देश में कोई और मामला लंबित नहीं होना चाहिए. ऐसी जटिल जिओ-पॉलिटिकल स्थिति में कतर से नौसेना के पूर्व अफसरों को सुरक्षित वापसी भारत की विदेश नीति की परीक्षा साबित होने वाली है.</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>अंतर्राष्ट्रीय</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>एशिया</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/136298/are-the-former-officers-of-the-indian-navy-really-guilty</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/136298/are-the-former-officers-of-the-indian-navy-really-guilty</guid>
                <pubDate>Fri, 27 Oct 2023 19:58:23 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2023-10/pm-modi1-sixteen_nine.jpg"                         length="92917"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Office Desk Lucknow]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>इजराइल के विरोध में एकत्रित हो रहे है दुश्मन, हमास ने बिछाया जाल </title>
                                    <description><![CDATA[<p>हिजबुल्लाह के अल-मनार टीवी की एक रिपोर्ट के अनुसार, लेबनान के हिजबुल्लाह के प्रमुख ने फिलिस्तीनी आतंकवादी गुट हमास और इस्लामिक जिहाद के शीर्ष नेताओं से मुलाकात की और कहा कि उन्होंने आकलन किया है कि उनके गठबंधन को प्रतिरोध के लिए वास्तविक जीत हासिल करने के लिए क्या करना चाहिए। अल-मनार की रिपोर्ट के अनुसार, बैठक में हिज़्बुल्लाह के सैय्यद हसन नसरल्लाह, हमास के उप प्रमुख सालेह अल-अरौरी और इस्लामिक जिहाद प्रमुख ज़ियाद अल-नखला शामिल थे।</p>
<p>बैठक में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनाई गई स्थिति का आकलन किया गया और प्रतिरोध की धुरी को क्या करना चाहिए", अल-मनार पर एक</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/136193/enemies-are-gathering-against-israel-hamas-laid-a-trap"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2023-10/hezbollah_large_1425_19.webp" alt=""></a><br /><p>हिजबुल्लाह के अल-मनार टीवी की एक रिपोर्ट के अनुसार, लेबनान के हिजबुल्लाह के प्रमुख ने फिलिस्तीनी आतंकवादी गुट हमास और इस्लामिक जिहाद के शीर्ष नेताओं से मुलाकात की और कहा कि उन्होंने आकलन किया है कि उनके गठबंधन को प्रतिरोध के लिए वास्तविक जीत हासिल करने के लिए क्या करना चाहिए। अल-मनार की रिपोर्ट के अनुसार, बैठक में हिज़्बुल्लाह के सैय्यद हसन नसरल्लाह, हमास के उप प्रमुख सालेह अल-अरौरी और इस्लामिक जिहाद प्रमुख ज़ियाद अल-नखला शामिल थे।</p>
<p>बैठक में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनाई गई स्थिति का आकलन किया गया और प्रतिरोध की धुरी को क्या करना चाहिए", अल-मनार पर एक शीर्षक में कहा गया, ईरान, फिलिस्तीनी आतंकवादी समूहों, सीरिया, लेबनान के हिजबुल्लाह और अन्य गुटों के गठबंधन का जिक्र करते हुए। वहीं सीरिया और वेस्ट बैंक में आतंकी ठिकानों पर इजराइल के हवाई हमलों और फलस्तीन में बढ़ते मानवीय संकट के बीच राहत सामग्री की दूसरी खेप गाजा पहुंची। </p>
<p>इस बीच, इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने लेबनान के आतंकवादी संगठन हिजबुल्लाह को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर उसने युद्ध शुरू किया, तो हम उसे इतना जोर का झटका देंगे, जिसकी कल्पना भी नहीं की जा सकती। माना रहा है कि इजराइल सात अक्टूबर को हमास के अप्रत्याशित हमले की प्रतिक्रिया के रूप में गाजा में जमीनी आक्रमण शुरू करने की तैयारी में है। सीमा पर टैंक और हजारों सैनिक लामबंद हो चुके हैं, जो आदेश आने के इंतजार में हैं।</p>
<p>इजराइली सैना के प्रवक्ता रियर एडमिरल डैनियल हगारी ने कहा कि इजराइल ने पूरे गाजा में हमले तेज कर दिए हैं, ताकि युद्ध के अगले चरण में सैनिकों के लिए जोखिम कम हो सके। दोनों पक्षों में जारी संघर्ष के बीच क्षेत्र में बड़े पैमाने पर युद्ध की आशंकाएं बढ़ गई है, क्योंकि इजराइली युद्धक विमानों ने गाजा में विभिन्न ठिकानों पर हमले के साथ सीरिया में दो हवाई अड्डों और वेस्ट बैंक में एक मस्जिद को निशाना बनाया।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>अंतर्राष्ट्रीय</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>एशिया</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/136193/enemies-are-gathering-against-israel-hamas-laid-a-trap</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/136193/enemies-are-gathering-against-israel-hamas-laid-a-trap</guid>
                <pubDate>Wed, 25 Oct 2023 15:13:17 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2023-10/hezbollah_large_1425_19.webp"                         length="88172"                         type="image/webp"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Office Desk Lucknow]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>लड़ाई के दौरान फिलिस्तीन के लिए मसीहा बना भारत</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>Israel vs Hamas: </strong>इजराइल और हमास के बीच जारी युद्ध की स्थिति लगातार चल रही है। इस युद्ध के बीच दुनिया भर के कई देशों ने गाजा के लोगों के लिए मदद सामग्री भेजी है। इसी कड़ी में भारत ने भी फिलिस्तीन के लोगों के लिए मदद भेजी है। इससे पहले संयुक्त राष्ट्र के नेताओं और एजेंसियों ने मिस्र से राफा सीमा पार कर गाजा में मानवीय सहायता पहुंचने का स्वागत किया है।</p>
<p>भारत ने रविवार को फलस्तीन के लोगों के लिए करीब साढ़े छह टन चिकित्सा सहायता और 32 टन आपदा राहत सामग्री भेजी। भारतीय विदेश मंत्रालय की ओर</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/136061/india-became-the-messiah-for-palestine-during-the-war"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2023-10/relief-material_large_1256_144.webp" alt=""></a><br /><p><strong>Israel vs Hamas: </strong>इजराइल और हमास के बीच जारी युद्ध की स्थिति लगातार चल रही है। इस युद्ध के बीच दुनिया भर के कई देशों ने गाजा के लोगों के लिए मदद सामग्री भेजी है। इसी कड़ी में भारत ने भी फिलिस्तीन के लोगों के लिए मदद भेजी है। इससे पहले संयुक्त राष्ट्र के नेताओं और एजेंसियों ने मिस्र से राफा सीमा पार कर गाजा में मानवीय सहायता पहुंचने का स्वागत किया है।</p>
<p>भारत ने रविवार को फलस्तीन के लोगों के लिए करीब साढ़े छह टन चिकित्सा सहायता और 32 टन आपदा राहत सामग्री भेजी। भारतीय विदेश मंत्रालय की ओर से इस संबंध में जानकारी दी गई है। भारतीय वायु सेना का सी-17 परिवहन विमान राहत सामग्री लेकर मिस्र के अल-अरिश हवाई अड्डे के लिए रवाना हो गया है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर कहा, ‘‘भारत ने फलस्तीन के लोगों को मानवीय सहायता भेजी है। फलस्तीन के लोगों के लिए लगभग साढ़े छह टन चिकित्सा सहायता तथा 32 टन आपदा राहत सामग्री लेकर आईएएफ सी-17 मिस्र के अल-अरिश हवाई अड्डे के लिए रवाना हुआ।’’ </p>
<p>उन्होंने कहा, ‘‘सामग्री में आवश्यक जीवन रक्षक दवाएं, सर्जिकल सामान, तंबू, स्लीपिंग बैग, तिरपाल, स्वच्छता संबंधी सामान, जल शुद्धिकरण के लिए टैबलेट सहित अन्य आवश्यक वस्तुएं शामिल हैं।’’ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा गाजा के एक अस्पताल में नागरिकों की मौत पर संवेदना व्यक्त करने तथा इजराइल-फलस्तीन मुद्दे पर भारत की लंबे समय से चली आ रही ‘सैद्धांतिक स्थिति’ को दोहराने के तीन दिन बाद भारत ने यह सहायता भेजी है। प्रधानमंत्री ने बृहस्पतिवार को फलस्तीन प्राधिकरण के राष्ट्रपति महमूद अब्बास से कहा कि भारत फलस्तीन के लोगों के लिए मानवीय सहायता भेजना जारी रखेगा। भारत संयुक्त राष्ट्र राहत और कार्य एजेंसी (यूएनआरडब्ल्यूए) में योगदान के माध्यम से फलस्तीन और फलस्तीनी शरणार्थियों का समर्थन करता रहा है।</p>
<p>बता दें कि गाजा और मिस्र के बीच मौजूद राफा बॉर्डर क्रॉसिंग के जरिए राहत सामग्री फिलिस्तीनियों के बीच पहुंचेगी। गाजा पट्टी पर इजराइल ने जब से हमला किया है तभी से वहां का जनजीवन काफी प्रभावित हुआ है। लोगों को खाने-पीने की चीजों, दवाई व अन्य जरुरी सामान के लिए परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बता दें कि इससे पहले शनिवार को भी राहत सामग्री लिए एक ट्रक गाजा पहुंचा था। अब तक कुल 20 ट्रकों के जरिए गाजा में राहत सामग्री पहुंचाई जा चुकी है।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/136061/india-became-the-messiah-for-palestine-during-the-war</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/136061/india-became-the-messiah-for-palestine-during-the-war</guid>
                <pubDate>Sun, 22 Oct 2023 13:09:26 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2023-10/relief-material_large_1256_144.webp"                         length="174374"                         type="image/webp"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Office Desk Lucknow]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मिडिल ईस्ट में तबाही का मंजर अब दूर नहीं, अमेरिका ने दो खतरनाक मिसाइल सिस्टम को किया एक्टिव </title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>International: </strong>अमेरिकी सैनिकों पर हाल के हमलों और इजराइल-हमास जंग के बीच बढ़ते तनाव के जवाब में अमेरिका मध्य पूर्व में अतिरिक्त मिसाइल डिफेंस सिस्टम तैनात कर रहा है. पेंटागन ने बताया कि एक टर्मिनल हाई एल्टीट्यूड एरिया डिफेंस (THAAD) सिस्टम और पैट्रियट एयर डिफेंस मिसाइल सिस्टम की तैनाती की जा रही है. अतिरिक्त सेना और हथियारों की तैनाती का मकसद क्षेत्रीय प्रतिरोध को बढ़ाना, अमेरिकी सेना की रक्षा करना और इजराइल की रक्षा में मदद करना है.</p>
<p>THAAD सिस्टम को छोटी, मध्यम और मध्यवर्ती दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलों को रोकने और नष्ट करने के लिए डिजाइन किया गया है.</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/136059/the-scene-of-devastation-in-the-middle-east-is-not"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2023-10/us-defense-system-1280-720-22-10-2023.webp" alt=""></a><br /><p><strong>International: </strong>अमेरिकी सैनिकों पर हाल के हमलों और इजराइल-हमास जंग के बीच बढ़ते तनाव के जवाब में अमेरिका मध्य पूर्व में अतिरिक्त मिसाइल डिफेंस सिस्टम तैनात कर रहा है. पेंटागन ने बताया कि एक टर्मिनल हाई एल्टीट्यूड एरिया डिफेंस (THAAD) सिस्टम और पैट्रियट एयर डिफेंस मिसाइल सिस्टम की तैनाती की जा रही है. अतिरिक्त सेना और हथियारों की तैनाती का मकसद क्षेत्रीय प्रतिरोध को बढ़ाना, अमेरिकी सेना की रक्षा करना और इजराइल की रक्षा में मदद करना है.</p>
<p>THAAD सिस्टम को छोटी, मध्यम और मध्यवर्ती दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलों को रोकने और नष्ट करने के लिए डिजाइन किया गया है. यह अपने शक्तिशाली रडार के लिए जाना जाता है और मिसाइल खतरों के खिलाफ क्षेत्रीय सुरक्षा को बढ़ाने का काम करेगा. पैट्रियट सिस्टम कम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलों, क्रूज मिसाइलों और अन्य हवाई खतरों से रक्षा करेगी. ये मिसाइल रक्षा सिस्टम मध्य पूर्व में अमेरिकी सेना और संपत्तियों की सुरक्षा और संरक्षण में योगदान देंगी.</p>
<p>मिसाइल डिफेंस सिस्टम की तैनाती के अलावा, अमेरिका ने इस क्षेत्र में अपनी नौसैनिक मौजूदगी भी बढ़ा दी है. दो युद्ध पोत आइजनहावर और गेराल्ड और उनके सहायक जहाजों और लगभग 2,000 नौसैनिकों को भूमध्यसागर में तैनात कर रखा है. गाजा में इजराइली एयर स्ट्राइक के बीच ईरान लगातार अरब देशों से एकजुटता की अपील कर रहा है. अरब के कई देशों में इजराइल के प्रति रुख बदलता दिख रहा है. ईरान समर्थित हथियारबंद संगठन इजराइल के खिलाफ उग्र हो रहे हैं. लेबनान में हिज्बुल्लाह और यमन में हौथीस इजराइल के खिलाफ खासतौर पर उग्र देखे गए हैं, जिन्होंने इजराइली सेना पर मिसाइल हमले किए हैं.</p>
<p>ईरान भी लगातार इजराइल को युद्ध रोकने की चेतावनी दे रहा है. सुप्रीम लीडर ने भी स्पष्ट शब्दों में कहा है कि अगर गाजा में इजराइल लगातार मासूमों पर हमले करता रहा तो प्रतिरोधी संगठन को जवाब देने से कोई नहीं रोक सकता और ये कि वे अपना फैसला खुद लेते हैं. इस बीच अमेरिका द्वारा हथियारों, सैनिकों और युद्धपोतों की तैनाती से क्षेत्रीय तनाव में कमी आ सकती है. अमेरिका की इस तैनाती से क्षेत्र में हालात स्थिर हो सकते हैं.</p>
<p>गौरतलब है कि मिसाइल डिफेंस सिस्टम की यह तैनाती दो साल बाद हुई है जब जो बाइडेन प्रशासन ने ईरान के साथ तनाव में कमी का हवाला देते हुए क्षेत्र से कुछ एयर डिफेंस सिस्टम को वापस बुला लिया था. अपनी उन्नत क्षमताओं के लिए जानी जाने वाली पैट्रियट एयर डिफेंस सिस्टम का दुनिया भर में अमेरिकी सहयोगी इस्तेमाल करते हैं.</p>
<p>ये तैनाती इराक और सीरिया में अमेरिकी सेना के खिलाफ हमलों में वृद्धि के बाद हुई है, खासकर इजराइल-हमास की जंग की शुरुआत के बाद से अमेरिका इन क्षेत्रों में अपनी मौजूदगी बढ़ा रहा है. अमेरिकी सेना ने हाल ही में यमन में ईरानी समर्थित हौथिस द्वारा लॉन्च किए गए बड़ी संख्या में ड्रोन और क्रूज मिसाइलों को रोका था.</p>
<p><br /><br /></p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>अंतर्राष्ट्रीय</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>एशिया</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/136059/the-scene-of-devastation-in-the-middle-east-is-not</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/136059/the-scene-of-devastation-in-the-middle-east-is-not</guid>
                <pubDate>Sun, 22 Oct 2023 12:41:42 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2023-10/us-defense-system-1280-720-22-10-2023.webp"                         length="97630"                         type="image/webp"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Office Desk Lucknow]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        