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                <title>हरित ऊर्जा - Swatantra Prabhat</title>
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                <description>हरित ऊर्जा RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>पेट्रोल में एथेनॉल: सस्ते ईंधन का सपना या गाड़ियों के लिए खतरा? लोगों में बढ़ता डर</title>
                                    <description><![CDATA[<blockquote class="format1"><strong>राजीव शुक्ल-संपादक </strong></blockquote><p style="text-align:justify;">कानपुर। 2020 से सरकार ने E20 यानी 20% एथेनॉल वाला पेट्रोल पूरे देश में लागू करने का लक्ष्य रखा है। 2025 तक ज्यादातर शहरों में यही पेट्रोल मिल रहा है। मकसद साफ है: तेल आयात कम करना, किसानों को फायदा पहुंचाना और प्रदूषण घटाना। लेकिन सड़कों पर एक अलग बहस चल रही है - "क्या एथेनॉल मेरी गाड़ी का इंजन खराब कर देगा?" अभी तक ईरान - इजरायल युद्ध से पहले पेट्रोल में 10 प्रतिशत एथेनॉल मिला कर बेचा जा रहा था।</p><p style="text-align:justify;"> एक्सपर्ट बताते हैं कि दस फीसदी मिलावट को भारत की सभी गाड़ियां सह लेंगी लेकिन जैसे</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/181925/ethanol-in-petrol-dream-of-cheap-fuel-or-danger-to"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/images-(1).jpeg" alt=""></a><br /><blockquote class="format1"><strong>राजीव शुक्ल-संपादक </strong></blockquote><p style="text-align:justify;">कानपुर। 2020 से सरकार ने E20 यानी 20% एथेनॉल वाला पेट्रोल पूरे देश में लागू करने का लक्ष्य रखा है। 2025 तक ज्यादातर शहरों में यही पेट्रोल मिल रहा है। मकसद साफ है: तेल आयात कम करना, किसानों को फायदा पहुंचाना और प्रदूषण घटाना। लेकिन सड़कों पर एक अलग बहस चल रही है - "क्या एथेनॉल मेरी गाड़ी का इंजन खराब कर देगा?" अभी तक ईरान - इजरायल युद्ध से पहले पेट्रोल में 10 प्रतिशत एथेनॉल मिला कर बेचा जा रहा था।</p><p style="text-align:justify;"> एक्सपर्ट बताते हैं कि दस फीसदी मिलावट को भारत की सभी गाड़ियां सह लेंगी लेकिन जैसे ही ईरान - इजरायल युद्ध शुरू हुआ और देश में पेट्रोल की कमी हुई सरकार ने ई- 20 पेट्रोल सभी पेट्रोल पंप पर बेचना शुरू कर दिया। सरकार की इस नीति से लोगों में एक नई बहस छिड़ गई है। बहुत से एक्स्पर्ट बताते हैं कि ई-20 पेट्रोल 2023 से पहले की गाड़ियों के लिए ठीक नहीं है एक तो इससे माइलेज पर असल पड़ रहा है और दूसरा यह इंजन के कई पार्ट्स को भी ख़राब कर देगा।</p><p style="text-align:justify;"> केन्द्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने लोगों की इस बात को गलत बताया है और कहा है कि ऐसी कोई शिकायत नहीं मिली है। ई-20 के बाद, केन्द्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने ई-85 और इसके बाद 100 फीसदी एथेनॉल को भी मंजूरी दे दी। सरकार का मानना है कि इससे करोड़ों डालर का फायदा होगा जिसे हम अन्य विकास कार्यों में लगा सकते हैं।</p><p style="text-align:justify;"><br />एथेनॉल क्यों बढ़ाया जा रहा है? आर्थिक कारण - भारत हर साल 85% कच्चा तेल आयात करता है। 2024 में इस पर $180 बिलियन खर्च हुए। ई-20 से हर साल 4-5 बिलियन डॉलर की बचत का अनुमान है। किसान हित- एथेनॉल गन्ना, मक्का और अनाज से बनता है। इससे चीनी मिलों और किसानों को नया बाजार मिला है। पर्यावरण-  एथेनॉल जलने पर CO और CO2 कम निकलता है। सरकार का दावा है कि ई20 से सालाना 50 लाख टन CO2 कम होगी।</p><p style="text-align:justify;"><br />           लोगों का डर कहां से आ रहा है? सोशल मीडिया और मैकेनिकों की दुकानों पर 4 बातें सबसे ज्यादा सुनाई देती हैं: माइलेज घट रहा है- एथेनॉल की कैलोरी वैल्यू पेट्रोल से 30% कम होती है। यानी ई-20 पर गाड़ी को उतनी ही पावर के लिए ज्यादा ईंधन जलाना पड़ता है। टेस्ट में 3-6% तक माइलेज ड्रॉप दिखा है। रोज 50 km चलने वाले के लिए महीने का खर्च 200-400 रु बढ़ सकता है।<br /> रबर और प्लास्टिक पार्ट्स का खराब होना- पुरानी गाड़ियों में इस्तेमाल होने वाले रबर होज, सील और गैस्केट एथेनॉल से जल्दी घिसते हैं। 2010 से पहले की गाड़ियां ई-10 के लिए भी डिजाइन नहीं थीं। अगर टैंक में पानी चला गया तो एथेनॉल उसे एब्जॉर्ब कर लेता है और इंजन में जंग लग सकती है। स्टार्टिंग और परफॉर्मेंस इश्यू- ठंड में एथेनॉल ब्लेंड स्टार्ट होने में दिक्कत करता है। कुछ लोग कहते हैं कि गाड़ी "खींचती" नहीं है, खासकर पहाड़ों और हाईवे पर।</p><p style="text-align:justify;"><br />पारदर्शिता की कमी-  पंप पर अक्सर ये नहीं लिखा होता कि टैंक में E10 है या E20। लोग अनजाने में भरवा लेते हैं और बाद में दिक्कत होने पर एथेनॉल को दोष देते हैं। सरकार और ऑटो कंपनियां क्या कहती हैं? सड़क परिवहन मंत्रालय और IOC का कहना है कि 2023 के बाद बनी सभी गाड़ियां E20 कम्पैटिबल हैं। Maruti, Hyundai, Tata, Mahindra ने अपनी नई गाड़ियों को E20 Ready बताया है। पुरानी गाड़ियों के लिए सरकार ने "E20 मैटेरियल कम्पैटिबल" किट का ऑप्शन दिया है, जिसमें रबर पार्ट्स बदलने पड़ते हैं। खर्च 3,000-8,000 रु तक आ सकता है। तकनीकी हकीकत क्या है? इंजन- अगर गाड़ी E20 कम्पैटिबल है तो इंजन पर कोई फर्क नहीं पड़ता। ECU सॉफ्टवेयर एथेनॉल के हिसाब से फ्यूल मिक्स एडजस्ट कर देता है। फ्यूल सिस्टम- पुरानी गाड़ियों में नायलॉन और स्टेनलेस स्टील पार्ट्स होते हैं जो ठीक रहते हैं। लेकिन पुराने रबर वाले पार्ट्स 2-3 साल में बदलने पड़ सकते हैं। </p><p style="text-align:justify;">लॉन्ग टर्म इफेक्ट- अभी E20 देश में सिर्फ 2-3 साल हुआ है। 10 साल बाद इंजन पर क्या असर होगा, इसका बड़ा डेटा उपलब्ध नहीं है। दुनिया में क्या हो रहा है? ब्राजील 40 साल से E27 चला रहा है। वहां 90% गाड़ियां Flex Fuel हैं जो E0 से E100 तक चलती हैं। अमेरिका में E10 स्टैंडर्ड है। भारत ने सीधे E10 से E20 पर छलांग लगाई, इसलिए लोगों को झटका लगा। आम आदमी क्या करे? गाड़ी के फ्यूल लिड या मैनुअल पर लिखा होता है - E10, E20 या E20 Compatible। पुरानी गाड़ी है तो- अगर गाड़ी 2015 से पुरानी है और रोज 80-100 km चलती है, तो रबर पार्ट्स की जांच करवा लो। जरूरत लगे तो बदल दो। पंप पर पूछो भरवाने से पहले पूछ लो कि E10 है या E20।</p><p style="text-align:justify;"><br />पैनिक मत करो- 2-3% माइलेज ड्रॉप और थोड़ी मेंटेनेंस के अलावा ज्यादातर नई गाड़ियों में दिक्कत नहीं आ रही। एथेनॉल नीति देश के लिए जरूरी है - विदेशी मुद्रा बचती है, किसान को फायदा होता है, प्रदूषण घटता है। लेकिन सरकार ने कम्युनिकेशन में कमी रखी। लोगों को लगा कि उनकी 5 साल पुरानी गाड़ी एक दिन में "आउटडेटेड" हो गई। अगर ऑटो कंपनियां फ्री सर्विस कैंप लगाकर पुरानी गाड़ियों की जांच करें और पंप पर क्लियर लेबलिंग हो, तो ये डर काफी हद तक कम हो सकता है। अभी समस्या तकनीक से ज्यादा भरोसे की है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                            <category>संपादकीय</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 22 Jun 2026 16:33:45 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>जिलाधिकारी ने पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के प्रगति की समीक्षा की</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt"><div class="a3s aiL"><div><div><div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात ब्यूरो प्रयागराज।</strong></div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">जिलाधिकारी  मनीष कुमार वर्मा की अध्यक्षता में गुरूवार को संगम सभागार में पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के सम्बंध में बैठक आयोजित की गयी तथा सभी सम्बंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए। बैठक में सौर ऊर्जा कनेक्शन के लिए प्राप्त आवेदन, स्वीकृत आवेदन एवं लम्बित आवेदन, डिस्कॉम, बैंक एवं वेण्डर्स द्वारा आवेदन निस्तारण एवं लम्बित आवेदनों की स्थिति, विद्युत विभाग के अन्तर्गत निरीक्षण हेतु लम्बित प्रकरण एवं पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजनान्तर्गत बैंक स्तर पर लोन निर्गत/पार्शियल पेमेण्ट सम्बंधित लम्बित प्रकरणों के बारे में विस्तार से समीक्षा की गयी।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">          जिलाधिकारी ने पीओनेडा से पीएम</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">उन्होंने</div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/181029/district-magistrate-reviewed-the-progress-of-pm-suryghar-free-electricity"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/img-20260611-wa0121.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt"><div class="a3s aiL"><div><div><div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात ब्यूरो प्रयागराज।</strong></div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">जिलाधिकारी  मनीष कुमार वर्मा की अध्यक्षता में गुरूवार को संगम सभागार में पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के सम्बंध में बैठक आयोजित की गयी तथा सभी सम्बंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए। बैठक में सौर ऊर्जा कनेक्शन के लिए प्राप्त आवेदन, स्वीकृत आवेदन एवं लम्बित आवेदन, डिस्कॉम, बैंक एवं वेण्डर्स द्वारा आवेदन निस्तारण एवं लम्बित आवेदनों की स्थिति, विद्युत विभाग के अन्तर्गत निरीक्षण हेतु लम्बित प्रकरण एवं पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजनान्तर्गत बैंक स्तर पर लोन निर्गत/पार्शियल पेमेण्ट सम्बंधित लम्बित प्रकरणों के बारे में विस्तार से समीक्षा की गयी।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">     जिलाधिकारी ने पीओनेडा से पीएम सूर्यघर योजना के प्रगति के बारे में जानकारी लेते हुए निर्धारित लक्ष्य के सापेक्ष शत-प्रतिशत प्रगति सुनिश्चित किये जाने के निर्देश सम्बंधित अधिकारियों को दिए है। उन्होंने पीओ नेडा से टॉप टेन पेण्डेंसी वाले वेण्डरों के विरूद्ध कार्रवाई हेतु शासन को पत्र प्रेषित करने के लिए कहा है। उन्होंने पीओ नेडा से सौर ऊर्जा कनेक्शन के लिए प्राप्त आवेदन, स्वीकृत आवेदन एवं लम्बित आवेदन की स्थिति की जानकारी ली, जिसपर बताया गया कि कुल 33995 आवेदन प्राप्त हुए है, जिनमें 33978 आवेदन स्वीकृत हुए है तथा 32823 आवेदन के लिए वेण्डर का सेलेक्शन हो चुका है, जिसमें से 19955 में इंस्टालेशन का कार्य पूर्ण हो चुका है। उन्होंने पीओ नेडा को विद्युत विभाग व बैंक के अधिकारियों एवं पीएम सूर्यघर योजना व क्लीन एनर्जी का वेण्डरों एवं लक्षित विभाग के साथ बैठक कर पेंडेसी को समाप्त करने और उपभोक्ताओं का चिन्हांकन करने के लिए कहा है। </div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">उन्होंने  कहा कि प्रत्येक वेण्डर को पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना का जो लक्ष्य तय किया गया है, उस लक्ष्य के अनुसार हर घर में सोलर सिस्टम लगाने के लिए प्राथमिकता पर कार्यवाही करें।  विद्युत विभाग के सभी अधिकारियों को उनके स्तर पर पीएम सूर्यघर योजना से सम्बंधित लम्बित सभी पेण्डेंसी को अभियान चलाकर प्राथमिकता पर निस्तारित करते हुए ज्यादा से ज्यादा सोलर कनेक्शन कराये जाने के लिए कहा है।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;"> बैठक में उपस्थित एलडीएम से बैंक स्तर पर लम्बित प्रकरणों की नियमित समीक्षा करते हुए जल्द से जल्द पेण्डेंसी को समाप्त कराने के निर्देश दिए है। उन्होंने कहा कि पीएम सूर्यघर योजना के वेण्डरों के द्वारा सोलर सिस्टम लगाये जाने में अच्छा काम करने वाले वेंडरों को प्रमोट करें।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">जिलाधिकारी ने बैठक में उपस्थित एडीओ पंचायतों से प्रत्येक विकास खण्ड में एक ग्राम का सोलर ग्राम के रूप में चयन करते हुए गांव के शत-प्रतिशत घरों में सोलर कनेक्शन कराये जाने के लिए कहा है। उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बने सभी आवासों में पीएम सूर्यघर योजना के तहत सोलर सिस्टम लगाये जाने के लिए निर्देश दिए है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना फ्लैगशिप स्कीम है, जिसमें घरों में सोलर कनेक्शन लगाये जाने पर सरकार के द्वारा सब्सिडी प्रदान की जा रही है और सोलर कनेक्शन होने से विद्युत खपत में कमी आयेंगी तथा विद्युत बिल में बचत भी होगी, इसलिए सभी लोग इस योजना का ज्यादा से ज्यादा लाभ उठाये।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">     इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी हर्षिका सिंह, जिला पंचायतराज अधिकारी रवि शंकर द्विवेदी, पीओ नेडा  कोमिल द्विवेदी, विद्युत विभाग के अधिकारी सहित अन्य सम्बंधित अधिकारी उपस्थित रहे।</div></div><div class="yj6qo" style="text-align:justify;"><br /></div><div class="adL" style="text-align:justify;"><br /></div></div></div></div><div class="hq gt" style="text-align:justify;"></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 11 Jun 2026 20:44:24 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>&quot;इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड&quot; में दर्ज हुए दो नए कीर्तिमान</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>“अधिकतम ग्राम पंचायतों द्वारा आयोजित ग्रीन चौपाल जागरूकता कार्यक्रम” का रिकॉर्ड हुआ दर्ज</strong></p>
<p style="text-align:justify;"><strong>“सबसे कम समय में सबसे बड़ा ग्रीन चौपाल जागरूकता कार्यक्रम” के रूप में अंबेडकरनगर बना मिसाल</strong></p>
<p style="text-align:justify;"><strong>ग्राम प्रधानों ने पेट्रोल एवं डीजल में कटौती करने का उठाया बीड़ा, एक साथ सभी 899 ग्राम पंचायतों ने पेट्रोल डीजल की खपत कम करने का प्रस्ताव पास किया।</strong></p>
<p><strong>अम्बेडकरनगर</strong>।</p>
<p style="text-align:justify;">शासन के निर्देशानुसार आज जनपद के पांचों तहसीलों व 09 विकास खंडों के सभी 899 ग्राम पंचायतों में आज पूर्वाह्न 09 से 10 बजे तक ग्रीन चौपाल का आयोजन हुआ। जिसमें बड़ी संख्या में जन सहभागिता देखने को मिली।</p>
<p style="text-align:justify;"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-05/img-20260515-wa1120.jpg" alt="IMG-20260515-WA1120" width="1200" height="800" /></p>
<p style="text-align:justify;">ग्रीन</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/179295/two-new-records-registered-in-india-book-of-records"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-05/img-20260515-wa0890.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>“अधिकतम ग्राम पंचायतों द्वारा आयोजित ग्रीन चौपाल जागरूकता कार्यक्रम” का रिकॉर्ड हुआ दर्ज</strong></p>
<p style="text-align:justify;"><strong>“सबसे कम समय में सबसे बड़ा ग्रीन चौपाल जागरूकता कार्यक्रम” के रूप में अंबेडकरनगर बना मिसाल</strong></p>
<p style="text-align:justify;"><strong>ग्राम प्रधानों ने पेट्रोल एवं डीजल में कटौती करने का उठाया बीड़ा, एक साथ सभी 899 ग्राम पंचायतों ने पेट्रोल डीजल की खपत कम करने का प्रस्ताव पास किया।</strong></p>
<p><strong>अम्बेडकरनगर</strong>।</p>
<p style="text-align:justify;">शासन के निर्देशानुसार आज जनपद के पांचों तहसीलों व 09 विकास खंडों के सभी 899 ग्राम पंचायतों में आज पूर्वाह्न 09 से 10 बजे तक ग्रीन चौपाल का आयोजन हुआ। जिसमें बड़ी संख्या में जन सहभागिता देखने को मिली।</p>
<p style="text-align:justify;"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-05/img-20260515-wa1120.jpg" alt="IMG-20260515-WA1120" width="1200" height="800"></img></p>
<p style="text-align:justify;">ग्रीन चौपाल के दौरान ग्राम पंचायतों द्वारा देश के प्रधानमंत्री एवं सूबे के मुख्यमंत्री के पर्यावरण संरक्षण एवं ऊर्जा बचत संबंधी आह्वान को जन–जन तक पहुंचाते हुए पेट्रोल एवं डीजल की खपत कम करने हेतु महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित किए गए। इस दौरान ग्राम प्रधानों ने पेट्रोल एवं डीजल में कटौती करने का बीड़ा उठाया। पंचायतों ने सार्वजनिक परिवहन, साझा वाहनों (कार पूलिंग), इलेक्ट्रॉनिक वाहनों के उपयोग तथा हरित परिवहन व्यवस्था को बढ़ावा देने का सामूहिक संकल्प लिया।</p>
<p style="text-align:justify;"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-05/img-20260515-wa0829.jpg" alt="IMG-20260515-WA0829" width="1200" height="800"></img></p>
<p style="text-align:justify;">जिलाधिकारी ईशा प्रिया के कुशल निर्देशन एवं ग्राम प्रधानों के सक्रिय नेतृत्व में जनपद की सभी 899 ग्राम पंचायतों में एक ही समय पर आयोजित इस व्यापक जनभागीदारी कार्यक्रम ने ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करते हुए जनपद अंबेडकरनगर का नाम “इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड” में दर्ज करा दिया।</p>
<p style="text-align:justify;"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-05/img-20260515-wa1058.jpg" alt="IMG-20260515-WA1058" width="1200" height="800"></img></p>
<p style="text-align:justify;">जिलाधिकारी ने बताया कि इस आयोजन के माध्यम से जनपद ने दो महत्वपूर्ण कीर्तिमान स्थापित किए हैं। पहला कीर्तिमान “अधिकतम ग्राम पंचायतों द्वारा एक साथ एक समय में आयोजित ग्रीन चौपाल जागरूकता कार्यक्रम” तथा दूसरा कीर्तिमान “सबसे कम समय में सबसे बड़ा ग्रीन चौपाल जागरूकता कार्यक्रम” के रूप में दर्ज हुआ है।</p>
<p style="text-align:justify;">सभी ग्राम पंचायतों में आयोजित ग्रीन चौपालों में आगामी वृक्षारोपण महोत्सव पर हर परिवार द्वारा कम से कम पांच पांच पौधों को रोपित करने तथा उसकी सुरक्षा एवं देखभाल सुनिश्चित करने, "हर बूंद की रक्षा" अर्थात जल संचयन एवं जल संरक्षण करने, गो–संरक्षण, स्वच्छता अभियान को सफल बनाने हेतु अपने घर एवं गांव को साफ–सुथरा रखने, गीले एवं सूखे कचरे को अलग-अलग एकत्रित का उसका बेहतर निस्तारण सुनिश्चित करने, हरित खेती स्वस्थ धरती के अंतर्गत जैविक खेती प्राकृतिक कृषि एवं मृदा संरक्षण आधारित तकनीक को अपनाए जाने, ऊर्जा बचाओ भविष्य बचाओ के अंतर्गत सौर ऊर्जा एलईडी एवं ऊर्जा संरक्षण आधारित उपायों को अपनाने, महिलाओं, युवाओं एवं स्वयं सहायता समूह एवं विद्यालयों की सक्रिय भूमिका सुनिश्चित करने, पर्यावरण शिक्षा एवं जागरूकता कार्यक्रम चलाए जाने, पराली एवं खुले में कचरा जलाने पर रोक, जैसे विभिन्न महत्वपूर्ण बिंदुओं पर चर्चा कर उसे अपनाने का प्रस्ताव ग्रीन चौपाल हेतु पंचायत स्तरीय समितियों पारित किया गया।</p>
<p style="text-align:justify;">ग्रीन चौपाल में मानसून को देखते हुए प्री–मानसून  अवधि में प्री प्लांटेशन गतिविधियों जैसे स्थल चयन, गड्ढा खुदान। मृदा कार्य एवं पौध संरक्षण संबंधी समस्त तैयारियों को 30 जून तक पूर्ण कर वृक्षारोपण महोत्सव/मानसून अवधि में गुणवत्तापूर्ण एवं सफल वृक्षारोपण सुनिश्चित करने हेतु एक माह की कार्ययोजना पर चर्चा की गई।<br />    <br /><strong>899 ग्राम पंचायतों में एक साथ आयोजित ‘ग्रीन चौपाल’ बना जनजागरूकता का ऐतिहासिक अभियान— प्रभारी मंत्री गिरीश चंद्र यादव</strong><br /> <br />प्रभारी मंत्री, खेल एवं युवा कल्याण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गिरीश चंद्र यादव ने जिला प्रशासन के सहयोग से आयोजित इस अभिनव एवं सराहनीय पहल की प्रशंसा करते हुए कहा कि जनपद की 899 ग्राम पंचायतों में एक ही समय पर आयोजित “ग्रीन चौपाल” एक व्यापक जनजागरूकता अभियान है। उन्होंने कहा कि इतने बड़े स्तर पर एक साथ आयोजित यह कार्यक्रम पर्यावरण संरक्षण एवं ऊर्जा बचत के प्रति जनसामान्य को जागरूक करने की दिशा में अत्यंत महत्वपूर्ण पहल है।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा कि देश के प्रधानमंत्री एवं  सूबे मुख्यमंत्री के आह्वान के अनुरूप इस वृहद ग्रीन चौपाल अभियान के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों तक पेट्रोल एवं डीजल की खपत कम करने का संदेश प्रभावी ढंग से पहुंचाया गया है। अभियान के माध्यम से लोगों को साझा वाहनों के उपयोग, कार पूलिंग, सार्वजनिक परिवहन तथा पर्यावरण अनुकूल परिवहन साधनों को अपनाने के लिए प्रेरित किया गया।</p>
<p style="text-align:justify;">प्रभारी मंत्री ने जनसामान्य से अपील करते हुए कहा कि प्रत्येक नागरिक व्यक्तिगत स्तर पर पेट्रोल एवं डीजल की खपत को न्यूनतम करने का संकल्प ले तथा आवश्यकता अनुसार ही वाहनों का प्रयोग करे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री की मंशा के अनुरूप ऊर्जा संरक्षण एवं हरित परिवहन को बढ़ावा देना समय की आवश्यकता है, जिसमें जनभागीदारी सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 15 May 2026 20:16:55 +0530</pubDate>
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