<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://www.swatantraprabhat.com/tag/89752/district-agriculture-officer" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Swatantra Prabhat RSS Feed Generator</generator>
                <title>जिला कृषि अधिकारी - Swatantra Prabhat</title>
                <link>https://www.swatantraprabhat.com/tag/89752/rss</link>
                <description>जिला कृषि अधिकारी RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>गैर पंजीकृत ब्रांड की अगरबत्ती का भंडारण मिलने पर होगी सख्त कार्रवाई- जिला कृषि रक्षा अधिकारी</title>
                                    <description><![CDATA[<p><em><strong>जनमानस से अपंजीकृत ब्रांड्स की मच्छर भगाने वाली मीपरफ्लूथ्रिन अगरबत्तियों का क्रय न करने की अपील।</strong></em></p>
<p><em><strong>मीपरफ्लूथ्रिन से बनी अगरबत्ती से सांस लेने में तकलीफ, अस्थमा, फेफड़ों में संक्रमण और आंखों में जलन जैसी हो सकती है गंभीर समस्याएं।</strong></em></p>
<p style="text-align:justify;"><strong>अम्बेडकरनगर।</strong> जिला कृषि रक्षा अधिकारी ने जनपद के समस्त नागरिकों को जानकारी देते हुए बताया है कि वर्तमान में बाजार में स्वीट नाइट (Sweet Night), डिनोसर (Dinosar), कंफर्ट (Comfort) आदि ब्रांड नामों से ऐसी अगरबत्तियां बेची जा रही हैं, जिनमें अपंजीकृत कीटनाशक, विशेष रूप से मीपरफ्लूथ्रिन (Meperfluthrin ) का अनधिकृत प्रयोग किया जा रहा है। केंद्रीय कीटनाशक बोर्ड एवं पंजीकरण समिति</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<br /><p><em><strong>जनमानस से अपंजीकृत ब्रांड्स की मच्छर भगाने वाली मीपरफ्लूथ्रिन अगरबत्तियों का क्रय न करने की अपील।</strong></em></p>
<p><em><strong>मीपरफ्लूथ्रिन से बनी अगरबत्ती से सांस लेने में तकलीफ, अस्थमा, फेफड़ों में संक्रमण और आंखों में जलन जैसी हो सकती है गंभीर समस्याएं।</strong></em></p>
<p style="text-align:justify;"><strong>अम्बेडकरनगर।</strong> जिला कृषि रक्षा अधिकारी ने जनपद के समस्त नागरिकों को जानकारी देते हुए बताया है कि वर्तमान में बाजार में स्वीट नाइट (Sweet Night), डिनोसर (Dinosar), कंफर्ट (Comfort) आदि ब्रांड नामों से ऐसी अगरबत्तियां बेची जा रही हैं, जिनमें अपंजीकृत कीटनाशक, विशेष रूप से मीपरफ्लूथ्रिन (Meperfluthrin ) का अनधिकृत प्रयोग किया जा रहा है। केंद्रीय कीटनाशक बोर्ड एवं पंजीकरण समिति द्वारा इन उत्पादों को अगरबत्ती के रूप में मानव उपयोग हेतु पंजीकृत या स्वीकृत नहीं किया गया।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>स्वास्थ्य पर हानिकारक प्रभाव</strong></p>
<p style="text-align:justify;">मीपरफ्लूथ्रिन युक्त धुएं के लगातार संपर्क में आने से सांस लेने में तकलीफ, अस्थमा, फेफड़ों में संक्रमण और आंखों में जलन जैसी गंभीर समस्याए हो सकती हैं। बच्चों, बुजुर्गों और गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य के लिए यह धुआं अत्यंत घातक सिद्ध हो सकता है।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>आम जनता से अपील</strong></p>
<p style="text-align:justify;">अपने और अपने परिवार के स्वास्थ्य की सुरक्षा हेतु ऐसे अपंजीकृत ब्रांड्स की मच्छर भगाने वाली अगरबत्तियों का क्रय एवं उपयोग तत्काल प्रभाव से बंद करें। केवल केंद्रीय कीटनाशक बोर्ड द्वारा स्वीकृत एवं पंजीकृत मच्छर रोधक उत्पादों (CIB Registered) का ही प्रयोग करें।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>विक्रेताओं के लिए चेतावनी।</strong></p>
<p style="text-align:justify;">जनपद के समस्त कीटनाशक विक्रेताओं, किराना व्यापारियों एवं फुटकर दुकानदारों को निर्देशित किया जाता है कि वे इन अवैध एवं हानिकारक अगरबत्तियों का भंडारण, प्रदर्शन या बिक्री न करें। यदि जांच के दौरान किसी भी प्रतिष्ठान पर इन ब्रांड्स का भंडारण या विक्रय पाया जाता है, तो कीटनाशक अधिनियम 1968 एवं तत्संबंधी नियमों के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्वास्थ्य-आरोग्य</category>
                                            <category>ख़बरें</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/185251/strict-action-will-be-taken-if-unregistered-brand-incense-sticks</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/185251/strict-action-will-be-taken-if-unregistered-brand-incense-sticks</guid>
                <pubDate>Mon, 17 Aug 2026 20:02:56 +0530</pubDate>
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Ambedkarnagar Swatantra Prabhat]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बीज विक्रेताओं के लिए साथी पोर्टल पर पंजीकरण अनिवार्य, उल्लंघन पर होगी सख्त कार्रवाई</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>  प्रतापगढ़। </strong>जिला कृषि अधिकारी ने सूचित किया है कि बीज व्यवसाय को अधिक पारदर्शी, विश्वसनीय और डिजिटल बनाने के उद्देश्य से शासन ने यह नई व्यवस्था लागू की है।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">उन्होने बताया है कि जनपद के समस्त बीज उत्पादक, अधिकृत विक्रेता, डीलर, डिस्ट्रीब्यूटर एवं संबंधित संस्थाओं को साथी पोर्टल पर तत्काल पंजीकरण कराना अनिवार्य है।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">बीज के भंडारण स्टॉक की स्थिति, स्थानांतरण एवं विक्रय की समस्त कार्यवाही केवल पोर्टल के माध्यम से ही की जाएगी। बिना पोर्टल प्रविष्टि के बीज का क्रय-विक्रय और स्टॉक संचालन पूर्णतः अमान्य होगा। इस व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य बीजों की ट्रेसिबिलिटी सुनिश्चित करना है, ताकि किसानों</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/179209/registration-on-saathi-portal-is-mandatory-for-seed-sellers-strict"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-05/up-saathi-portal-1778404968130.webp" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong> प्रतापगढ़। </strong>जिला कृषि अधिकारी ने सूचित किया है कि बीज व्यवसाय को अधिक पारदर्शी, विश्वसनीय और डिजिटल बनाने के उद्देश्य से शासन ने यह नई व्यवस्था लागू की है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">उन्होने बताया है कि जनपद के समस्त बीज उत्पादक, अधिकृत विक्रेता, डीलर, डिस्ट्रीब्यूटर एवं संबंधित संस्थाओं को साथी पोर्टल पर तत्काल पंजीकरण कराना अनिवार्य है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">बीज के भंडारण स्टॉक की स्थिति, स्थानांतरण एवं विक्रय की समस्त कार्यवाही केवल पोर्टल के माध्यम से ही की जाएगी। बिना पोर्टल प्रविष्टि के बीज का क्रय-विक्रय और स्टॉक संचालन पूर्णतः अमान्य होगा। इस व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य बीजों की ट्रेसिबिलिटी सुनिश्चित करना है, ताकि किसानों को केवल प्रमाणित और उच्च गुणवत्ता वाले बीज ही प्राप्त हों।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">उन्होने स्पष्ट किया है कि शासन की मंशा के अनुरूप इस प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की शिथिलता क्षम्य नहीं होगी। यदि कोई बीज विक्रेता बिना पोर्टल पंजीकरण के व्यवसाय करते हुए पाया जाता है या स्टॉक विवरण में विसंगति मिलती है, तो उसके विरुद्ध बीज नियंत्रण आदेश 1983 एवं आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 की सुसंगत धाराओं के अंतर्गत कठोर दंडात्मक कार्यवाही की जाएगी।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>आपका शहर</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/179209/registration-on-saathi-portal-is-mandatory-for-seed-sellers-strict</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/179209/registration-on-saathi-portal-is-mandatory-for-seed-sellers-strict</guid>
                <pubDate>Wed, 13 May 2026 21:43:29 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-05/up-saathi-portal-1778404968130.webp"                         length="121708"                         type="image/webp"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        