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                <title>ABHAY AGARWAL - Swatantra Prabhat</title>
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                <title>AROMA HEALTHCARE LUCKNOW और P RAVI &amp; COMPANY AGENCIES LUCKNOW - चोर चोर मौसेरे भाई !</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;">  </p>
<blockquote class="format1">AROMA HEALTHCARE LUCKNOW और P RAVI &amp; COMPANY AGENCIES LUCKNOW का महा फर्जीवाड़ा कुछ इस प्रकार से है , </blockquote>
<p style="text-align:justify;">  सहारनपुर मेडिकल कॉलेज द्वारा जीवन रक्षक उपकरण  PULSE OXEMETER  का टेंडर GMCS/2018/2193/MEDICINE/ANESTHESIA/SURGERY निकाला गया, जिसमे प्रतिभाग करने वाली कम्पनिया निम्नलिखित थी, POCT SERVICES, AROMA HEALTHCARE, P. RAVI AND COMPANY AGENCIES,  VED MEDICAL SERVICES, AROMA INDIA, ANESTHESIA SURGURY DEPARTMENT के महत्वपूर्ण जीवन रक्षक उपकरण PULSE OXEMETER  के टेंडर में  P RAVI AND COMPANY AGENCIES LUCKNOW द्वारा अपने (पार्टनर् महेश कुमार खंडेलवाल, मनोज कुमार खंडेलवाल) डिजिटल सिग्नेचरसे AROMA HEALTHCARE LUCKNOW (PROPRIETOR SANGEETA KURIYAAL) के बिड दस्तावेज उत्तर प्रदेश की सरकारी ETENDER वेबसाइट<br /> <br /> <img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2025-06/photo-2.jpg" alt="poct" width="472" height="611" /><br /> <br />जब</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/152851/aroma-healthcare-lucknow-and-p-ravi-company-agencies-lucknow"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-06/photo-11.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"> </p>
<blockquote class="format1">AROMA HEALTHCARE LUCKNOW और P RAVI &amp; COMPANY AGENCIES LUCKNOW का महा फर्जीवाड़ा कुछ इस प्रकार से है , </blockquote>
<p style="text-align:justify;"> सहारनपुर मेडिकल कॉलेज द्वारा जीवन रक्षक उपकरण  PULSE OXEMETER  का टेंडर GMCS/2018/2193/MEDICINE/ANESTHESIA/SURGERY निकाला गया, जिसमे प्रतिभाग करने वाली कम्पनिया निम्नलिखित थी, POCT SERVICES, AROMA HEALTHCARE, P. RAVI AND COMPANY AGENCIES,  VED MEDICAL SERVICES, AROMA INDIA, ANESTHESIA SURGURY DEPARTMENT के महत्वपूर्ण जीवन रक्षक उपकरण PULSE OXEMETER  के टेंडर में  P RAVI AND COMPANY AGENCIES LUCKNOW द्वारा अपने (पार्टनर् महेश कुमार खंडेलवाल, मनोज कुमार खंडेलवाल) डिजिटल सिग्नेचरसे AROMA HEALTHCARE LUCKNOW (PROPRIETOR SANGEETA KURIYAAL) के बिड दस्तावेज उत्तर प्रदेश की सरकारी ETENDER वेबसाइट पर UPLOAD कर दिए गए, <br /> <br /> <img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2025-06/photo-2.jpg" alt="poct" width="472" height="611"></img><br /> <br />जब सहारनपुर मेडिकल कॉलेज के तत्कालीन प्रधानाचार्य द्वारा उक्त टेंडर को खोला गया तब इस बात का खुलासा हुआ कि में  P RAVI AND COMPANY AGENCIES द्वारा अपने (पार्टनर्स महेश कुमार खंडेलवाल, मनोज कुमार खंडेलवाल ) डिजिटल सिग्नेचर से AROMA HEALTHCARE (PROPRIETOR SANGEETA KURIYAAL) के बिड दस्तावेज UPLOAD किये गए हैं, इस खुलासे पर AROMA HEALTHCARE LUCKNOW की तथाकथित मालकिन संगीता कुरियाल और उसके पति मनोज कुरियाल और P. RAVI AND COMPANY AGENCIES LUCKNOW के पार्टनर बाप बेटे महेश कुमार खंडेलवाल , मनोज कुमार खंडेलवाल के हाथ पैर फूल गए क्युकी सारे संगठति गिरोह का खुलासा हो गया था की किस प्रकार से चिकित्सा शिक्षा निदेशालय स्तर पर लूट और फर्ज़ीवाड़े का खेल चल रहा है,  फिर सहारनपुर मेडिकल कॉलेज के तत्कालीन प्रधानाचार्य और क्रय कमिटी को मैनेज करके की निविदा निरस्त करा दी गयी परन्तु यह भूल गए कि अपराध स्वयं बोलता है और समय आने पर गवाही भी देता है, सहारनपुर मेडिकल कॉलेज के तत्कालीन प्रधानाचार्य और क्रय कमिटी ने निविदा तो निरस्त कर दी परन्तु उचित कारण बताना भूल गए, लिख दिया NOT COPLIED WITH TECHNICAL SPECIFICATIONS, <br /> <br /> <img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2025-06/photo-3.jpg" alt="poct" width="466" height="641"></img><br /> <br />परन्तु निविदा खुलने कि प्रथम स्टेज जब निविदा प्रपत्र का क्रय मूल्य और प्रतिभूति कि जांच होती है उसमे कुछ अपडेट ही नहीं किया कि इसकी P. RAVI AND COMPANY AGENCIES LUCKNOW  डिमांड ड्राफ्ट और एफडीआर हार्ड कॉपी मिली, जब इसकी P. RAVI AND COMPANY AGENCIES LUCKNOW  डिमांड ड्राफ्ट और एफडीआर  थी, परन्तु  बिड AROMA HEALTHCARE की  अपलोड थी P RAVI &amp; COMPANY AGENCIES LUCKNOW के डिजिटल सिग्नेचर द्वारा,  तो टेक्निकल बिड में स्पेसिफिकेशन्स कैसे चेक हुए P RAVI &amp; COMPANY AGENCIES LUCKNOW ???????????<br />सबसे आश्चर्यजनक बात यह है की इतने महा फर्ज़ीवाड़े के बाद भी निविदा को पूरा किया गया और क्रय आदेश जारी किया गया एरोमा के पक्ष में ,<br /> <br /> <img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2025-06/photo-4.jpg" alt="abhay agarwal" width="448" height="167"></img><br /> <br />संगीता कुरियाल मालकिन AROMA HEALTHCARE, LUCKNOW का महा फर्जीवाड़ा , कागजों पर तो लखनऊ की फर्म एरोमा हेल्थकेयर जोकि संगीता कुरियाल (पत्नी मनोज कुरियाल, कर्मचारी POCT SERVICES) के  नाम पर रजिस्टर्ड है पर उसका सञ्चालन कुख्यात शातिर जीजा साले की जोड़ी द्वारा किया जाता है , उत्तर प्रदेश चिकित्सा शिक्षा विभाग के जवाहर भवन स्तिथ महानिदेशालय के क्रय विभाग के भ्र्ष्ट एवं लालची कर्मचारियों से सांठ गाँठ कर के कुख्यात शातिर ने विभाग को जमकर लूटा और पूरी की पूरी स्वास्थ्य वयवस्था ध्वस्त कर दी </p>
<p style="text-align:justify;"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2025-06/photo-5.jpg" alt="poct" width="461" height="634"></img><br />किसी भी टेंडर की शर्त होती है की तीन प्रतिभागी टेंडर में प्रतिभाग करें, इसी को खेल में बदल कर कुख्यात शातिर ने तीन कंपनियों का गठन किया और जीवन रक्षक उपकरणों के हर टेंडर में खेल करने लगे<br /> <br /> <img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2025-06/photo-6.jpg" alt="poct services" width="489" height="667"></img><br /> <br />POCT SERVICES, AROMA HEALTHCARE, R. RAVI AND COMPANY AGENCIES, यही वो तीनो कम्पनिया है जिनके जरिये कुख्यात शातिर जीवन रक्षक उपकरणों के टेंडर में प्रतिभाग करते है और अगर किसी अन्य कंपनी ने टेंडर में प्रतिभाग कर लिया तो उसके टेंडर को टेक्निकल बिड में ही रिजेक्ट करा दिया जाता है ताकि कुख्यात शातिर का खेल सेफ रहे, <br /> <img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2025-06/photo-9.jpg" alt="abhay agarwal" width="456" height="728"></img></p>
<p style="text-align:justify;"><br />दुनिया का दसवां अजूबा है उत्तर प्रदेश का चिकित्सा शिक्षा महानिदेशालय, जबसे तेज तर्रार आईएएस किंजल सिंह को उत्तर प्रदेश चिकित्सा शिक्षा एवं प्रशिक्षण विभाग का महानिदेशक बनाया गया तबसे जनता में कुछ उम्मीद जगी थी की कुछ अच्छा होगा और यह कुख्यात शातिर दलाल जीजा साले की भ्र्ष्ट जोड़ी की लूट पर कुछ लगाम लगेगी, परन्तु लगता है की महा निदेशालय के क्रय विभाग के अधिकारी और कर्मचारी किंजल सिंह तक सच्चाई पहुंचने ही नहीं दे रहे है इसलिए ईमानदार अधिकार और कर्मचारी साइड करे गए है </p>
<p style="text-align:justify;"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2025-06/photo-8.jpg" alt="poct" width="492" height="368"></img><br />चिकित्सा शिक्षा महानिदेशालय के सूत्रों के मुताबिक जबसे साले अभय अग्रवाल ने जीजा सौरभ गर्ग का कारोबार संभाला है तबसे वो अपनी महालोभी और महालालच के वशीभूत होकर लगातार लूट को अंजाम दे रहा है,  चिकित्सा शिक्षा महानिदेशालय के सूत्रों के मुताबिक यह अपने महालोभ के कारण अपने ही जीजा की लंका का विभीषण बन गया है, जल्दी ही अपने जीजा का सिंहासन प्राप्त करने की लिए जीजा की ही लंका में आग लगा रहा है , <br />इसके बारे में चिकित्सा शिक्षा महानिदेशालय में आजकल एक शेर काफी चर्चा में है </p>
<blockquote class="format1"><strong>"दीवार बिगाड़ी आले ने और व्यापार बिगाड़ा शातिर साले ने"</strong></blockquote>
<p style="text-align:justify;"><br /> <br /> <br />देखना यह है की चिकित्सा शिक्षा महानिदेशक इस घोटाले, महा फर्ज़ीवाड़े में शामिल भ्र्ष्ट कर्मचारियों पर क्या कार्यवाही करती है, यह तो तय है अगर ईमानदारी से कार्यवाही हुयी तो संगीता कुरियाल मालकिन AROMA HEALTHCARE LUCKNOW और उसके पति मनोज कुरियाल, महेश कुमार खंडेलवाल, मनोज कुमार खंडेलवाल पार्टनर P.RAVI AND COMPANY AGENCIES LUCKNOW और चिकित्सा शिक्षा निदेशालय के भ्र्ष्ट कर्मचारियों का जेल जाना तय है,</p>
<p style="text-align:justify;">आजीवन कारावास भी हो सकता है क्युकी उत्तर प्रदेश की मासूम निर्दोष जनता की जीवन को खतरे में डालने का काम साज़िश करके इन लोगों द्वारा किया गया है  और जीवन रक्षक उपकरणों में महा फ़र्ज़ीवड़ा करने पर इनकी सम्पत्तिया भी जब्त  हो सकती है और बाबा का बुलडोज़र भी चल सकता है <br /> <br /> <br /> <br />अगले अंक में कुख्यात शातिर के महाफर्जीवाड़े के  अगले  प्रकरण के साथ स्वतंत्र प्रभात की खोजी टीम उत्तर प्रदेश की जनता के हित में ...............</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ख़बरें</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>स्वास्थ्य-आरोग्य</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 28 Jun 2025 07:00:01 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>संगीता कुरियाल मालकिन AROMA HEALTHCARE, LUCKNOW का महा फर्जीवाड़ा !</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>  लखनऊ</strong></p>
<p style="text-align:justify;">  कागजों पर तो लखनऊ की फर्म एरोमा हेल्थकेयर जोकि संगीता कुरियाल (पत्नी मनोज कुरियाल, कर्मचारी POCT SERVICES) के  नाम पर रजिस्टर्ड है पर उसका सञ्चालन जीजा साले की जोड़ी द्वारा किया जाता है , उत्तर प्रदेश चिकित्सा शिक्षा विभाग के जवाहर भवन स्तिथ महानिदेशालय के क्रय विभाग के भ्र्ष्ट एवं लालची कर्मचारियों से सांठ गाँठ कर के  विभाग को जमकर लूटा और पूरी की पूरी स्वास्थ्य वयवस्था ध्वस्त कर दी l</p>
<p style="text-align:justify;"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2025-02/photo-no-2-(1).jpg" alt="संगीता कुरियाल मालकिन AROMA HEALTHCARE, LUCKNOW का महा फर्जीवाड़ा" width="605" height="403" /><br />  किसी भी टेंडर की शर्त होती है की तीन प्रतिभागी टेंडर में प्रतिभाग करें, इसी को खेल में बदल कर जीजा साले ने तीन कंपनियों का गठन</p>
<p style="text-align:justify;">एरोमा</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/149119/sangeeta-kurial-mistress-aroma-healthcare-lucknow"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-02/photo-no-6.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong> लखनऊ</strong></p>
<p style="text-align:justify;"> कागजों पर तो लखनऊ की फर्म एरोमा हेल्थकेयर जोकि संगीता कुरियाल (पत्नी मनोज कुरियाल, कर्मचारी POCT SERVICES) के  नाम पर रजिस्टर्ड है पर उसका सञ्चालन जीजा साले की जोड़ी द्वारा किया जाता है , उत्तर प्रदेश चिकित्सा शिक्षा विभाग के जवाहर भवन स्तिथ महानिदेशालय के क्रय विभाग के भ्र्ष्ट एवं लालची कर्मचारियों से सांठ गाँठ कर के  विभाग को जमकर लूटा और पूरी की पूरी स्वास्थ्य वयवस्था ध्वस्त कर दी l</p>
<p style="text-align:justify;"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2025-02/photo-no-2-(1).jpg" alt="संगीता कुरियाल मालकिन AROMA HEALTHCARE, LUCKNOW का महा फर्जीवाड़ा" width="605" height="403"></img><br /> किसी भी टेंडर की शर्त होती है की तीन प्रतिभागी टेंडर में प्रतिभाग करें, इसी को खेल में बदल कर जीजा साले ने तीन कंपनियों का गठन किया और जीवन रक्षक उपकरणों के हर टेंडर में खेल करने लगे POCT SERVICES, AROMA HEALTHCARE, R. RAVI AND COMPANY AGENCIES, यही वो तीनो कम्पनिया है जिनके जरिये जीजा साले जीवन रक्षक उपकरणों के टेंडर में प्रतिभाग करते है और अगर किसी अन्य कंपनी ने टेंडर में प्रतिभाग कर लिया तो उसके टेंडर को टेक्निकल बिड में ही रिजेक्ट करा दिया जाता है ताकि दलालों का खेल सेफ रहेl</p>
<p style="text-align:justify;">एरोमा हेल्थ केयर का महा फर्जीवाड़ा कुछ इस प्रकार से है , सहारनपुर मेडिकल कॉलेज द्वारा जीवन रक्षक उपकरण  PULSE OXEMETER  का टेंडर GMCS/2018/2193/MEDICINE/ANESTHESIA/SURGERY निकाला गया, जिसमे प्रतिभाग करने वाली कम्पनिया निम्नलिखित थी, POCT SERVICES, AROMA HEALTHCARE, P. RAVI AND COMPANY AGENCIES,  VED MEDICAL SERVICES, AROMA INDIA, ANESTHESIA SURGURY DEPARTMENT के महत्वपूर्ण जीवन रक्षक उपकरण PULSE OXEMETER  के टेंडर में  P RAVI AND COMPANY AGENCIES LUCKNOW द्वारा अपने (पार्टनर्स महेश कुमार खंडेलवाल, मनोज कुमार खंडेलवाल ) डिजिटल सिग्नेचरसे AROMA HEALTHCARE LUCKNOW (PROPRIETOR SANGEETA KURIYAAL) के बिड दस्तावेज उत्तर प्रदेश की सरकारी ETENDER वेबसाइट पर UPLOAD कर दिए गएl</p>
<p style="text-align:justify;"> <img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2025-02/photo--no-4.jpg" alt="संगीता कुरियाल मालकिन AROMA HEALTHCARE, LUCKNOW का महा फर्जीवाड़ा" width="887" height="1255"></img></p>
<p style="text-align:justify;">जब सहारनपुर मेडिकल कॉलेज के तत्कालीन प्रधानाचार्य द्वारा उक्त टेंडर को खोला गया तब इस बात का खुलासा हुआ कि में  P RAVI AND COMPANY AGENCIES द्वारा अपने (पार्टनर्स महेश कुमार खंडेलवाल, मनोज कुमार खंडेलवाल ) डिजिटल सिग्नेचर से AROMA HEALTHCARE (PROPRIETOR SANGEETA KURIYAAL) के बिड दस्तावेज UPLOAD किये गए हैं, इस खुलासे पर AROMA HEALTHCARE LUCKNOW की तथाकथित मालकिन संगीता कुरियाल और उसके पति मनोज कुरियाल और P. RAVI AND COMPANY AGENCIES LUCKNOW के पार्टनर बाप बेटे महेश कुमार खंडेलवाल , मनोज कुमार खंडेलवाल के हाथ पैर फूल गए क्युकी सारे संगठति गिरोह का खुलासा हो गया था की किस प्रकार से चिकित्सा शिक्षा निदेशालय स्तर पर लूट और फर्ज़ीवाड़े का खेल चल रहा हैl</p>
<p style="text-align:justify;">फिर सहारनपुर मेडिकल कॉलेज के तत्कालीन प्रधानाचार्य और क्रय कमिटी को मैनेज करके की निविदा निरस्त करा दी गयी परन्तु जीजा साले यह भूल गए कि अपराध स्वयं बोलता है और समय आने पर गवाही भी देता है, सहारनपुर मेडिकल कॉलेज के तत्कालीन प्रधानाचार्य और क्रय कमिटी ने निविदा तो निरस्त कर दी परन्तु उचित कारण बताना भूल गए, लिख दिया NOT COPLIED WITH TECHNICAL SPECIFICATIONSl</p>
<p style="text-align:justify;"> <img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2025-02/photo--no-5.jpg" alt="संगीता कुरियाल मालकिन AROMA HEALTHCARE, LUCKNOW का महा फर्जीवाड़ा" width="787" height="1019"></img></p>
<p style="text-align:justify;">परन्तु निविदा खुलने कि प्रथम स्टेज जब निविदा प्रपत्र का क्रय मूल्य और प्रतिभूति कि जांच होती है उसमे कुछ अपडेट ही नहीं किया कि इसकी P. RAVI AND COMPANY AGENCIES LUCKNOW  डिमांड ड्राफ्ट और एफडीआर नहीं मिली इसलिए निविदा निरस्त की  जाती है, जब इसकी P. RAVI AND COMPANY AGENCIES LUCKNOW  डिमांड ड्राफ्ट और एफडीआर नहीं थी तो टेक्निकल बिड में स्पेसिफिकेशन्स कैसे चेक हुए ? जब प्रथम स्टेज ही पूरी नहीं हुयी तो सेकंड स्टेज का रिजल्ट कैसे जारी हो गया ? </p>
<p style="text-align:justify;"> </p>
<blockquote class="format1">सबसे आश्चर्यजनक बात यह है की इतने महा फर्ज़ीवाड़े के बाद भी निविदा को पूरा किया गया और क्रय आदेश जारी किया गया एरोमा के पक्ष में ,</blockquote>
<p style="text-align:justify;">       दुनिया का दसवां अजूबा है उत्तर प्रदेश का चिकित्सा शिक्षा महानिदेशालय, जबसे तेज तर्रार आईएएस किंजल सिंह को उत्तर प्रदेश चिकित्सा शिक्षा एवं प्रशिक्षण विभाग का महानिदेशक बनाया गया तबसे जनता में कुछ उम्मीद जगी थी की कुछ अच्छा होगा और यह जीजा साले की भ्र्ष्ट जोड़ी की लूट पर कुछ लगाम लगेगी, परन्तु लगता है की महा निदेशालय के क्रय विभाग के अधिकारी और कर्मचारी किंजल सिंह तक सच्चाई पहुंचने ही नहीं दे रहे है इसलिए ईमानदार अधिकार और कर्मचारी साइड करे गए है l</p>
<p style="text-align:justify;">चिकित्सा शिक्षा महानिदेशालय के सूत्रों के मुताबिक जबसे साले अभय अग्रवाल ने जीजा सौरभ गर्ग का कारोबार संभाला है तबसे वो अपनी महालोभी और महालालच के वशीभूत होकर लगातार लूट को अंजाम दे रहा है,  चिकित्सा शिक्षा महानिदेशालय के सूत्रों के मुताबिक यह अपने महालोभ के कारण अपने ही जीजा की लंका का विभीषण बन गया है, जल्दी ही अपने जीजा का सिंहासन प्राप्त करने की लिए जीजा की ही लंका में आग लगा रहा है , इसके बारे में चिकित्सा शिक्षा महानिदेशालय में आजकल एक शेर काफी चर्चा में है </p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>"दीवार बिगाड़ी आले ने और व्यापार बिगाड़ा साले ने"</strong></h4>
<p style="text-align:justify;"> <img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2025-02/photo-no-6.jpg" alt="संगीता कुरियाल मालकिन AROMA HEALTHCARE, LUCKNOW का महा फर्जीवाड़ा" width="652" height="559"></img></p>
<p style="text-align:justify;">देखना यह है की चिकित्सा शिक्षा महानिदेशक इस घोटाले, महा फर्ज़ीवाड़े में शामिल भ्र्ष्ट कर्मचारियों पर क्या कार्यवाही करती है, यह तो तय है अगर ईमानदारी से कार्यवाही हुयी तो संगीता कुरियाल मालकिन AROMA HEALTHCARE LUCKNOW और उसके पति मनोज कुरियाल, महेश कुमार खंडेलवाल, मनोज कुमार खंडेलवाल पार्टनर P.RAVI AND COMPANY AGENCIES LUCKNOW और चिकित्सा शिक्षा निदेशालय के भ्र्ष्ट कर्मचारियों का जेल जाना तय है, आजीवन कारावास भी हो सकता है क्युकी उत्तर प्रदेश की मासूम निर्दोष जनता की जीवन को खतरे में डालने का काम साज़िश करके इन लोगों द्वारा किया गया है  और जीवन रक्षक उपकरणों में महा फ़र्ज़ीवड़ा करने पर इनकी सम्पत्तिया भी जब्त  हो सकती है और बाबा का बुलडोज़र भी चल सकता है l</p>
<p style="text-align:justify;"><br /><strong>अगले अंक में महाफर्जीवाड़े के अगले  प्रकरण के साथ स्वतंत्र प्रभात की खोजी टीम उत्तर प्रदेश की जनता के हित में ......</strong></p>
<p style="text-align:justify;"> </p>
<p style="text-align:justify;"> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ख़बरें</category>
                                            <category>Featured</category>
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                <pubDate>Fri, 28 Feb 2025 14:53:30 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>लखनऊ  स्वास्थ्य विभाग के घोटालों पर उठे सवाल पर भागे मंत्री  ब्रजेश पाठक </title>
                                    <description><![CDATA[प्रदेश के उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक का संवेदनशील सवालों पर बोलती बंद]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/148978/minister-brajesh-pathak-fled-on-the-question-raised-on-the"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-02/af783280-5946-4b5a-bbd3-db1761110c75.jpeg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ  -उत्तर प्रदेश</strong></p>
<p style="text-align:justify;">उत्तर प्रदेश स्वास्थ्य विभाग एवं उत्तर प्रदेश चिकित्सा शिक्षा विभाग में लगातार चल रहे घोटाले,कूट रचित और फर्जी दस्तावेजों के द्वारा पूल टेंडरिंग करके घटिया चाइनीज जीवन रक्षक उपकरण बाजार दर से हजारों गुना अधिक कीमत पर ब्लैकलिस्टेड रही कंपनी poct services lucknow ,(मालिक सौरभ गर्ग,अभय अग्रवाल) से खरीदे जाने पर लखनऊ मध्य विधान सभा से समाजवादी पार्टी के <strong>विधायक रविदास मेहरोत्रा द्वारा विधान सभा में प्रश्न उठाया गया है,</strong></p>
<p style="text-align:justify;">जिसपर आज सूबे के उपमुख्यमंत्री एवं विभागीय मंत्री ब्रजेश पाठक को सदन में जवाब देना है, कुख्यात शातिर दलालों द्वारा उत्तर प्रदेश को लूट कर पूरी स्वास्थ्य व्यवस्था को ध्वस्त कर दिया गया है,</p>
<p style="text-align:justify;"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2025-02/b3dd4adc-1cd8-45e8-8ea7-04ba412bb24f.jpeg" alt="प्रदेश के उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक का संवेदनशील सवालों पर बोलती बंद" width="672" height="894"></img></p>
<p style="text-align:justify;"><br />रविदास मेहरोत्रा द्वारा उत्तर प्रदेश में वर्षों से चल रहे पैथोलॉजी रीजेंट और जांच कीटों के घोटाले का भी मुद्दा उठाया गया है जोकि एक लाख करोड़ से ऊपर का बताया जा रहा है,किस प्रकार से उत्तर प्रदेश के अस्पतालों में पैथोलॉजी जांच के उपकरण उपलब्ध नहीं थे</p>
<p style="text-align:justify;"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2025-02/8ef51b83-e82b-43bd-9964-e08b976ba85d.jpeg" alt="प्रदेश के उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक का संवेदनशील सवालों पर बोलती बंद" width="685" height="420"></img></p>
<p style="text-align:justify;">फिर भी पैथोलॉजी रीजेंट और जांच कीटों के बिल लगा कर पूरे प्रदेश में भुगतान प्राप्त कर खुली लूट मचाई गई है, इस घोटाले का खुलासा होने पर उत्तर प्रदेश मेडिकल कॉरपोरेशन द्वारा लगातार पैथोलॉजी उपकरणों के  क्रय आदेश कुख्यात शातिर दलालों को दिए जा रहे हैं जिससे कि प्रदेश में वर्षों से चल रहे इस महा घोटाले को वैध बनाया जा सके, </p>
<p style="text-align:justify;"> </p>
<blockquote class="format1"><strong>क्या उत्तर प्रदेश की उपयोगी सरकार द्वारा उच्च स्तरीय जांच की जाएगी इसमें भी भारी संशय है??</strong><br /><strong>क्योंकि छापामार विभागीय मंत्री के लिए कहा जाता है कि </strong><br /><strong>"वो आए तो थे कोठों पर मुजरा बंद करवाने, पर सिक्कों की खनक देखकर खुद ही नाच बैठे"</strong></blockquote>
<p style="text-align:justify;"><br /><strong>अगले अंक में कुख्यात शातिर दलालों के नए घोटाले के साथ ....</strong></p>
<p style="text-align:justify;">उत्तर प्रदेश मेडिकल कॉरपोरेशन के कार्यशैली इसके गठन से ही भ्रष्ट रही है, टेंडर संख्या upmscl/eq/rc/48 में उपकरण के स्पेसिफिकेशंस में कंपनी M.I.P.S. पूरा नाम ही छाप दिया था, </p>
<p style="text-align:justify;">उत्तर प्रदेश मेडिकल सप्लाई कॉरपोरेशन में भ्रष्टाचार का हाल यह है कि बिहार मेडिकल सप्लाई कॉरपोरेशन के भ्रष्टाचार के कारण बर्खास्त किए गए कर्मचारियों को यूपी मेडिकल कॉरपोरेशन में उच्च अधिकारी बनाया हुआ है l</p>
<p style="text-align:justify;"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2025-02/890358c0-72ec-4d65-b5ee-d73a55ba2e7f.jpeg" alt="प्रदेश के उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक का संवेदनशील सवालों पर बोलती बंद" width="698" height="760"></img></p>
<p style="text-align:justify;">जो पूरे प्रदेश की जनता के लिए खरीदे जाने वाले जीवन रक्षक उपकरणों की खरीद प्रक्रिया में बहुत खेल करता है जिसकी शिकायत खुद यूपी मेडिकल कॉरपोरेशन की टेक्निकल कमेटी ने लिखित की है परन्तु अभी तक कुछ नहीं हुआ है, </p>
<h4 style="text-align:justify;"><br /><strong>एक के भरष्टाचार के खिलाफ तो मुख्यमंत्री से लिखित शिकायत की गई परन्तु फिर भी कुछ नहीं हुआ, लूट का खेल लगातार जारी है  </strong></h4>
<p style="text-align:justify;"><br />मुख्यमंत्री केवल चुनाव प्रचारक बनकर रह गए है और उत्तर प्रदेश में कुख्यात शातिर दलालों, भ्रष्ट अधिकारियों एवं दल बदलू राजनेताओं का एक भयमुक्त भ्रष्टाचारी संगठन बनाकर खुली लूट की जा रही है l</p>
<p style="text-align:justify;"><br />स्वास्थ्य सेवाएं बजट बढ़ाने से नहीं सुधरेंगी, जब तक इन कुख्यात शातिर दलालों और भयमुक्त संगठित भ्रष्टाचारी संगठन पर प्रभावी एवं कठोर कार्यवाही नहीं होगी, जनता घटिया उपकरणों के कारण मरती रहेगी, और यह कुख्यात शातिर दलाल   व दल बदलू नेता ऐश करते रहेंगे</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>अंतर्राष्ट्रीय</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>एशिया</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 24 Feb 2025 16:50:08 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>एरोमा हेल्थ केयर AROMA HEALTHCARE  LUCKNOW PROP. SANGEETA KURIYAL का फर्जीवाड़ा !</title>
                                    <description><![CDATA[<h5 class="format1">  </h5>
<blockquote class="format1"><strong>लखनऊ , उत्तर प्रदेश</strong></blockquote>
<p style="text-align:justify;">  </p>
<blockquote class="format1"><strong>उत्तर प्रदेश की जनता मौत के मुहं में, उत्तर प्रदेश चिकित्सा शिक्षा विभाग का महा घोटाला,  (AROMA HEALTHCARE, LUCKNOW) पर मेहरबान बड़े अधिकारी, लूट की खुली छूट , भयमुक्त संगठित भ्रष्टाचार</strong></blockquote>
<img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2025-01/photo-no-2.jpg" alt="Abhay Agarwal Director POCT Services and Heidelco Medicore With Manoj Kuriyal Husband of Sangeeta Kuriyal" width="700" height="466" />
<span style="color:rgb(224,62,45);"><strong>Abhay Agarwal Director POCT Services and Heidelco Medicore With Manoj Kuriyal <br />Husband of Sangeeta Kuriyal PROP AROMA HEALTHCASE LUCKNOW</strong></span>

<p>  </p>
<p style="text-align:justify;">चिकित्सा शिक्षा एवं प्रशिक्षण विभाग उत्तर प्रदेश के अंतरगर्त प्रदेश के सारे मेडिकल कॉलेज आते है और जिनमे जनता के जीवन की रक्षा हेतु सरकार से अरबों रूपये का बजट प्रति वर्ष दिया जाता है जीवन रक्षक उपकरणों की खरीद के लिए, परन्तु भ्र्ष्ट अधिकारीयों और</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/147228/lucknow-aroma-health-care-fraud-of-aroma-healthcare-lucknow-prop"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-01/photo-no-2.jpg" alt=""></a><br /><h5 class="format1"> </h5>
<blockquote class="format1"><strong>लखनऊ , उत्तर प्रदेश</strong></blockquote>
<p style="text-align:justify;"> </p>
<blockquote class="format1"><strong>उत्तर प्रदेश की जनता मौत के मुहं में, उत्तर प्रदेश चिकित्सा शिक्षा विभाग का महा घोटाला,  (AROMA HEALTHCARE, LUCKNOW) पर मेहरबान बड़े अधिकारी, लूट की खुली छूट , भयमुक्त संगठित भ्रष्टाचार</strong></blockquote>
<img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2025-01/photo-no-2.jpg" alt="Abhay Agarwal Director POCT Services and Heidelco Medicore With Manoj Kuriyal Husband of Sangeeta Kuriyal" width="700" height="466"></img>
<span style="color:rgb(224,62,45);"><strong>Abhay Agarwal Director POCT Services and Heidelco Medicore With Manoj Kuriyal <br />Husband of Sangeeta Kuriyal PROP AROMA HEALTHCASE LUCKNOW</strong></span>

<p> </p>
<p style="text-align:justify;">चिकित्सा शिक्षा एवं प्रशिक्षण विभाग उत्तर प्रदेश के अंतरगर्त प्रदेश के सारे मेडिकल कॉलेज आते है और जिनमे जनता के जीवन की रक्षा हेतु सरकार से अरबों रूपये का बजट प्रति वर्ष दिया जाता है जीवन रक्षक उपकरणों की खरीद के लिए, परन्तु भ्र्ष्ट अधिकारीयों और दलालों की मिलीभगत से वो धन लूट लिया जाता है और जनता की जीवन रक्षक उपकरणों की जगह घटिया जीवन भक्षक उपकरण मेडिकल कॉलेजों में स्थापित कर दिए जाते है,</p>
<img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2025-01/photo-no-3.jpg" alt="Compalint against Aroma health care" width="709" height="1003"></img>
<span style="color:rgb(224,62,45);"><strong>Compalint against Aroma health care</strong></span>

<p style="text-align:justify;"> </p>
<p style="text-align:justify;"> </p>
<img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2025-01/photo-no-4---copy.jpg" alt="Azamgarh Medical College Tender Result" width="699" height="988"></img>
<span style="color:rgb(224,62,45);"><strong>Manoj Kuriyal Working with POCT Services</strong></span>

<p style="text-align:justify;"><br />यह शातिर और भ्र्ष्ट अधिकारी इतने लालची है की मासूम नवजात शिशुओं को भी मौत के मुंह में धकेलकर अपनी जेबें भर रहें है, उत्तर प्रदेश चिकित्सा एवं प्रशिक्षण विभाग में लूट का आलम यह है की चिकित्सा शिक्षा विभाग के जवाहर भवन के छठे तल पर स्थित चिकित्सा शिक्षा एवं प्रशिक्षण महानिदेशालय में उपकरण क्रय अनुभाग के बाबू और चपरासी तक अरबपति हैं I</p>
<img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2025-01/photo-no-5.jpg" alt="Azamgarh Medical collge tender result" width="653" height="865"></img>
<span style="color:rgb(224,62,45);"><strong>Azamgarh Medical collge tender result</strong></span>

<p style="text-align:justify;"> </p>
<p style="text-align:justify;">वर्ष 2019 में चिकित्सा शिक्षा एवं प्रशिक्षण विभाग के अंतरगर्त आने वाले प्रधानाचार्य, राजकीय मेडिकल कॉलेज आजमगढ़ के द्वारा जीवन रक्षक उपकरण पल्स ऑक्सीमीटर के लिए निविदा संख्या GMCA/2019/PURCHASE/653 दिनांक 30 जुलाई 2019 को आमंत्रित की गयी थी, जिसमे प्रतिभाग करने वाली कम्पनिया निम्लिखित थी, VIJAY KUMAR ENTERPRISES AMBALA,  POCT SERVICES LUCKNOW ,   AROMA HEALTHCARE LUCKNOW, P.RAVI AND COMPANY AGENCIES, LUCKNOW, RISHI ENTERPRISES LUCKNOW, उपरोक्त निविदा में तकनिकी रूप से चार कंपनियों को पास कर दिया गया, POCT SERVICES LUCKNOW ,  AROMA HEALTHCARE LUCKNOW, P.RAVI AND COMPANY AGENCIES, LUCKNOW, RISHI ENTERPRISES LUCKNOW,</p>
<img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2025-01/photo-no-7.jpg" alt="Dr. K K Gupta (Ex DGME)" width="381" height="496"></img>
<span style="color:rgb(224,62,45);"><strong>Dr Saudan Singh (Ex DGME)</strong></span>

<p style="text-align:justify;"> </p>
<p style="text-align:justify;">चिकित्सा शिक्षा विभाग के भ्र्ष्ट अधिकारीयों और कुख्यात शातिर दलालों द्वारा जीवन रक्षक उपकरणों की निविदाओं में खेल कुछ इस तरह से किया जाता हैं, AROMA HEALTHCARE LUCKNOW द्वारा घटिया चीनी उत्पाद को जीवन रक्षक उपकरण की निविदा में फ़र्ज़ी दस्तावेज लगाकर जर्मनी यूरोप की कंपनी का बढ़िया जीवन रक्षक उपकरण दिखाया जाता हैं,</p>
<img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2025-01/photo-no-6.jpg" alt="Dr Saudan Singh (Rx DGME)" width="395" height="263"></img>
<span style="color:rgb(224,62,45);"><strong>Dr. K K Gupta (Ex DGME) </strong></span>

<p style="text-align:justify;"> </p>
<p style="text-align:justify;">चूँकि मेडिकल कॉलेज की क्रय कमिटी और चिकित्सा शिक्षा महानिदेशालय के भ्र्ष्ट अधिकारी और क्रय विभाग के बाबू सब कुख्यात शातिर से मिलकर उक्त फ़र्ज़ी दस्तावेजों को अनदेखा कर देते हैं और निविदा को पास कर देते हैं और फिर पैसों की बन्दर बाँट करके घटिया चीनी उपकरण स्थापित करके जनता को मौत के मुंह में धकेल दिया जाता हैं, पैसों के लालच में उत्तर प्रदेश का चिकित्सा शिक्षा विभाग के भ्र्ष्ट अधिकारी और क्रय विभाग के बाबू कुख्यात से मिलकर शमशान का डोम बन गए हैं जो उत्तर प्रदेश की मासूम जनता को मौत के मुँह में धकेल रहे हैं I</p>
<img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2025-01/photo-no-8.jpg" alt="Saurabh Garg (Director- POCT and Heidelco Medicure )" width="448" height="715"></img>
<span style="color:rgb(224,62,45);"><strong>Saurabh Garg (Director- POCT and Heidelco Medicore ) LUCKNOW</strong></span>

<p style="text-align:justify;"> </p>
<h4 style="text-align:justify;">वर्षों से सारा खेल इसी प्रकार से चल रहा हैं, AROMA HEALTHCARE LUCKNOW,(PROP. SANGEETA KURIYAL) द्वारा जीवन रक्षक उपकरणों की निविदाओं में बहुत फर्जीवाड़ा किया जाता हैं,</h4>
<img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2025-01/photo-no-9.jpg" alt="aroma fd and dd" width="598" height="845"></img>
<span style="color:rgb(224,62,45);"><strong>AROMA HEALTHCASE LUCKNOW UTTAR PRADESH FD AND DD</strong></span>

<p style="text-align:justify;"> </p>
<p style="text-align:justify;">उत्तर प्रदेश चिकित्सा एवं प्रशिक्षण विभाग में वर्षों से जीवन रक्षक उपकरणों की खरीद में खेल चल रहा हैं , अधिकांश निविदाओं में यही तीन कम्पनिया (AROMA HEALTHCARE,LUCKNOW, POCT SERVICES LUCKNOW, P RAVI AND COMPANY AGENCIES,LUCKNOW) प्रतिभाग करती हैं और तकनिकी निविदा में और वित्तीय निविदा में पास हो जाती हैं , कभी क्रय आदेश AROMA HEALTHCARE,LUCKNOW के पक्ष में और कभी क्रय आदेश POCT SERVICES LUCKNOW के पक्ष में जारी  कर दिया जाता हैं ,</p>
<img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2025-01/photo-no-10.jpg" alt="p ravi fd" width="791" height="1023"></img>
<strong><span style="color:rgb(224,62,45);">P RAVI &amp; COMPANY AGENCIES PROPERITER MAHESH KHANDELWAL <br />AND MANOJ KHANDELWAL LUCKNOW</span></strong>

<p style="text-align:justify;"> </p>
<p style="text-align:justify;">सबसे आश्चर्य जनक बात यह हैं की वर्ष इन दोनों कंपनियों के साथ वर्ष 2008 से जीवन रक्षक उपकरणों की निविदाओं में प्रतिभाग करने वाली कंपनी P RAVI AND COMPANY AGENCIES,LUCKNOW के पक्ष में एक भी क्रय आदेश जारी नहीं हुआ हैं और उसके बाद भी लगातार यह कंपनी इन दोनों कंपनियों के साथ लगातार निविदाओं में प्रतिभाग कर रही हैं I</p>
<img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2025-01/photo-no-28.jpg" alt="DGME PURCHASE LIST 2018 KHULI LOOT-1" width="907" height="701"></img>
<span style="color:rgb(224,62,45);"><strong>DGME PURCHASE LIST 2018 KHULI LOOT-1</strong></span>

<p> </p>
<img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2025-01/photo-no-27.jpg" alt="DGME PURCHASE LIST 2018 KHULI LOOT-2" width="988" height="763"></img>
<span style="color:rgb(224,62,45);"><strong>DGME PURCHASE LIST 2018 KHULI LOOT-2</strong></span>

<p> </p>
<p style="text-align:justify;">इसी प्रकार से उत्तर प्रदेश चिकित्सा शिक्षा विभाग में वर्ष 2008 से महानिवेशक रहे , DR M. C. SHARMA, डॉ सौदान सिंह के वरदहस्त प्राप्त कुख्यात शातिर द्वारा लूट का खेल डॉ के के गुप्ता की दोनों कार्यकालों में खूब फला फुला, 50-50 लाख रूपये का एक एक घटिया चीनी RTPCR मशीन (जिसको राजस्थान सरकार द्वारा घटिया क्वालिटी का होने के कारन रिजेक्ट कर दिया गया), 52-52 लाख रूपये की एक एक एनेस्थीसिया मशीन और 10-10 लाख रूपये के एक एक RADIANT WARMER खरीदे गए हैं (जो खुले बाजार में अच्छी क्वालिटी का 30 से 40 हज़ार रूपये में उपलब्ध है),</p>
<img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2025-01/photo-no-11.jpg" alt="poct black list" width="470" height="679"></img>
<span style="color:rgb(224,62,45);"><strong>POCT SERVICES LUCKNOW BLACKLISTED BY MAHARASTRA GOVERNMENT</strong></span>

<p style="text-align:justify;"> </p>
<p style="text-align:justify;">  22 लाख रूपये से लेकर 35 लाख रूपये तक वेंटीलेटर,  35-35 लाख रूपये की एक एक 5 PART CELL COUNTER MACHINE खरीदे गए है, सारी खरीद इसी पैटर्न पर हुयी है, सिर्फ यही तीन कंपनियों ने निविदाओं में प्रतिभाग किया और क्रय आदेश जारी हो गए घटिया जीवन रक्षक उपकरणों की खरीद के लिए, AROMA HEALTHCARE की प्रोप्रिएटर संगीता कुरियाल है और उनके पति मनोज कुरियाल सौरभ गर्ग और अभय अग्रवाल की कंपनी POCT SERVICES में कर्मचारी है, बस इन्ही दोनों कंपनियों को क्रय आदेश जारी होते है P. RAVI AND COMPANY AGENCIES को 2008 से आज तक लाखों निविदाओं में प्रतिभाग करने के बाद भी एक भी क्रय आदेश जारी नहीं हुआ है ,</p>
<img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2025-01/photo-no-12.jpg" alt="black list remove" width="382" height="600"></img>
<span style="color:rgb(0,0,0);"><strong>black list remove</strong></span>

<p style="text-align:justify;"> </p>
<p style="text-align:justify;">POCT SERVICES महाराष्ट्र सरकार द्वारा 1<strong>8 सितम्बर 2020 से 20 अक्टूबर 2022 तक</strong> <strong>ब्लैकलिस्टेड </strong>रही है जिसके कारन राजस्थान सरकार द्वारा इसकी निविदाएं निरस्त की गयी और उत्तर प्रदेश सरकार के भ्र्ष्ट अधिकारी पूरी तरह मेहरबान, लूटतंत्र की जय हो AROMA HEALTHCARE LUCKNOW और P RAVI AND COMPANY AGENCIES की निविदा में लगने वाली प्रतिभूतियां एक ही दिन, एक ही बैंक की एक ही ब्रांच से बनती है , जबकि दोनों कंपनियों के ऑफिस के पते अलग अलग जगह के है परन्तु बैंक वही हुसैनगंज में है जहाँ POCT SERVICES का ऑफिस है l</p>
<img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2025-01/photo-no-13.jpg" alt="rajasthan tender cancelltion due to blacklisting" width="566" height="801"></img>
<span style="color:rgb(224,62,45);"><strong>RAJASTHAN TENDER REJECTED DUE TO BLACK LISTING M/S POCT SERVICES LUCKNOW </strong></span>

<p style="text-align:justify;"> </p>
<p style="text-align:justify;">AROMA HEALTHCARE LUCKNOW और P RAVI AND COMPANY AGENCIES की निविदा में अति आवश्यक दस्तावेज जीवन रक्षक उपकरण के पिछले सरकारी क्रय आदेश, परफॉरमेंस सर्टिफिकेट और उपकरण के क्वालिटी सर्टिफिकेट में भी बहुत फर्जीवाड़ा रहता है, कूटरचित बनाये जाते है अथवा उक्त अति आवश्यक दस्तावेजों को बिना लगाए ही इनकी निविदाएं पास कर दी जाती है और क्रय आदेश जारी कर दिए जाते है</p>
<img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2025-01/photo-no-5.jpg" alt="tender rejection due to poor quality" width="511" height="677"></img>
<span style="color:rgb(224,62,45);"><strong>POCT SERVIES LUCKNOW PATHOLOGY TESTING KITS REJECTED DUE TO POOR QUALITY </strong></span>

<p style="text-align:justify;"> </p>
<p style="text-align:justify;">डॉ के के गुप्ता के दोनों कार्यकाल में यह संगठित भ्र्ष्टाचार खूब फला फुला, सबसे आश्चर्यजनक यह है की डॉ के के गुप्ता को चिकित्सा शिक्षा एवं प्रशिक्षण महानिदेशक के पद से अति भ्र्ष्टाचार के कारन तत्कालीन समाजवादी पार्टी की सरकार ने वर्ष 2015 में पद मुक्त किया था, उत्तर प्रदेश की उपयोगी सरकार ने वर्ष 2017 में वरिष्टता सूचि दरकिनार करके डॉ के के गुप्ता को पुनः महानिदेशक  चिकित्सा शिक्षा एवं प्रशिक्षण बना दिया, यह तब है जब  भर्ष्टाचार पर उपयोगी सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति है</p>
<p style="text-align:justify;"> </p>
<img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2025-01/photo-no-15.jpg" alt="rejected due to Poor quality rtpcr machine" width="495" height="700"></img>

<h5><span style="color:rgb(224,62,45);"><strong>POCT SERVICES LUCKNOW PRODUCT Q-LINE RTPCR MACHINE REJECTED </strong></span></h5>
<h5><span style="color:rgb(224,62,45);"><strong>DUE TO VERY POOR QUALITY AND CHINESE </strong></span></h5>


<p style="text-align:justify;"> </p>
<p style="text-align:justify;">भयमुक्त संगठित भर्ष्टाचारी गिरोह होने के कारन चिकित्सा शिक्षा और प्रशिक्षण विभाग RTI का उत्तर नहीं देता है l यह संगठित गिरोह द्वारा वर्षों से की जा रही लूट चिकित्सा शिक्षा और प्रशिक्षण विभाग उत्तर प्रदेश और उसके अंतरगर्त आने वाले समस्त मेडिकल कॉलेज के हुए और होने वाले ऑडिट रिपोर्टों को भी कटघरे में खड़ा करती है ,डॉ के के गुप्ता और इस संगठति लूट के गिरोह के बारे में सत्ताधारी दल भाजपा के कई विधायकों ने भी शिकायत की थी</p>
<img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2025-01/photo-no-16.jpg" alt="rejected due to poor quality paithlogy kits" width="561" height="799"></img>
<span style="color:rgb(224,62,45);"><strong>REJECTED PATHOLOGY TESTING KITS OF POCT SERVICES LUCKNOW <br />DUE TO VERY POOR QUALITY</strong></span>

<p style="text-align:justify;"> </p>
<p style="text-align:justify;">कई व्यक्तियों और संगठनों ने मुख़्यमंत्री, प्रधानमंत्री, गृह मंत्री, लोकायुक्त आदि से बहुत सारे साक्ष्यों के साथ शिकायत की है, परन्तु अभी तक सारे साक्ष्य उपलब्ध होने के बाद भी न तो AROMA HEALTHCARE LUCKNOW, P. RAVI AND COMPANY AGENCIES को ब्लैकलिस्टेड किया गया और न ही इनके प्रोमोटर संगीता कुरियाल, महेश कुमार खंडेलवाल और मनोज कुमार खंडेलवाल के विरुद्ध मुकदमा दर्ज़ करके जेल भेजा गया है l</p>
<img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2025-01/photo-no-17.jpg" alt="aroma got aoc for running paithlogy in ambedkarnagar medical college due to setting tender by dummy companies  18 complaint against dr k k gupta" width="616" height="872"></img>
<span style="color:rgb(224,62,45);"><strong>AROMA got AOC for running paithlogy in Ambedkarnagar Medical college due to <br />setting tender by dummy Companies POCT SERVICES ,<br />LABX, SCIENCE HOUSE BHOPAL AND P RAVI &amp; COMPANY LUCKNOW </strong></span>

<p style="text-align:justify;"> </p>
<blockquote class="format2"><strong>शिकायतकर्ताओं ने उपयोगी सरकार के उपमुख्यमंत्री और विभागीय मंत्री को साक्ष्यों सहित सारे दस्तावेज उपलब्ध कराये थे मगर अफ़सोस यह है की उसके बाद से यह भयमुक्त संगठित गिरोह दस गुनी  तेजी से लूट में लग गया </strong></blockquote>
<blockquote class="format2">
<img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2025-01/photo-no-22.jpg" alt="SAURABH GARG WITH DEPUTY CM UTTAR PRADESH" width="627" height="565"></img>
<strong><span style="color:rgb(224,62,45);">SAURABH GARG WITH DEPUTY CM UTTAR PRADESH</span></strong>

</blockquote>
<blockquote class="format2">
<blockquote class="format1"><strong>बड़े सवाल उपयोगी सरकार की साख पर! </strong></blockquote>
<p style="text-align:justify;">क्या कभी CAG,ED,CBI, IB, ANTI CORRUPTION DEPARTMENT की नज़र इन संगठित भर्ष्टाचारियों के गिरोह पर पड़ेगी ?</p>
<p style="text-align:justify;">क्या कभी इन भ्र्ष्टाचारियों की संपत्ति जब्त करके इनको जेल भेजा जायेगा ?</p>
<p style="text-align:justify;">क्या इनकी काली कमाई से बनायीं हुयी अवैध सम्पत्तियों पर बुलडोज़र चलेगा ?</p>
<p style="text-align:justify;">क्या इन घटिया उपकरणों द्वारा मारे गए लोगों को इंसाफ मिलेगा ?</p>
<p style="text-align:justify;">क्या उत्तर प्रदेश की जनता इस प्रकार की संगठित लूट के कारण कोरोना काल के ग्रास बनने के लिए अभिशप्त रहेगी ?</p>
<p style="text-align:justify;">क्या इस भयमुक्त संगठित भ्र्ष्टाचारी गिरोह पर कोई बड़ी कार्यवाही कर पायेगी उपयोगी सरकार ?</p>
<p style="text-align:justify;">क्या टेंडर प्रक्रिया को पारदर्शी करके निविदा प्रपत्रों में लगाने वाले दस्तावेजों को सार्वजानिक कर पायेगी उपयोगी सरकार ?</p>
<p style="text-align:justify;">क्या उत्तर प्रदेश की ध्वस्त चिकित्सा सेवाओं में सुधार कर पायेगी उपयोगी सरकार ?</p>
<p style="text-align:justify;">यह सारे सवाल अनुत्तरित है, जनता इनका जवाब चाहती है </p>
<p style="text-align:justify;"><strong>भ्र्ष्टाचार के विरुद्ध स्वतंत्र प्रभात की यह जंग जारी रहेगी, अगले अंक में नए खुलासों के साथ भ्र्ष्टाचार पर करेंगे कड़ा प्रहार</strong></p>
</blockquote>
<h4 style="text-align:justify;"><a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/134234/uttar-pradesh-health-department-is-kind-to-notorious-vicious-broker"><strong>उत्तर प्रदेश मेडिकल कॉर्पोरेशन के भ्रष्ट अधिकारियों द्वारा उक्त दर अनुबंध 2024 से बढ़ा कर 2027 तक के लिए कर दिया गया, लूटो जीजा साले लूटो</strong></a></h4>
<p> </p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/147228/lucknow-aroma-health-care-fraud-of-aroma-healthcare-lucknow-prop</link>
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                <pubDate>Sat, 04 Jan 2025 22:23:12 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>POCT SERVICES सौरभ गर्ग, अभय अग्रवाल पर मेहरबान उत्तर प्रदेश स्वास्थ्य विभाग - पैथालॉजी घोटालों पर विशेष रिपोर्ट</title>
                                    <description><![CDATA[प्रधानमंत्री अपने प्रत्येक भाषण और मन की बात में भ्र्ष्टाचार को मिटाने की बात करते है और उनकी ही अधीनस्थ उत्तर प्रदेश की उपयोगी सरकार संगठित भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने में जुटी हुयी है, इतना विरोधाभास क्यों है ?]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/134234/uttar-pradesh-health-department-is-kind-to-notorious-vicious-broker"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2023-08/abhay-agarwal-6.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"> </p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>विशेष संवादाता, </strong></h5>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात, लखनऊ,</strong></h5>
<p style="text-align:justify;"> </p>
<p style="text-align:justify;">पिछले कुछ अंकों से स्वतंत्र प्रभात उत्तर प्रदेश के स्वास्थ्य विभाग के भ्रष्ट अधिकारीयों की कार्यशैली और घोटालों को उजागर कर रहा था, इस अंक में स्वास्थ्य के क्षेत्र में कंपनी POCT SERVICES के डारेक्टर स्वास्थ्य विभाग के जीजा साले की जोड़ी सौरभ गर्ग और अभय अग्रवाल के काले कारनामों को उजागर कर रहा है की किस प्रकार से यह जीजा साले की शातिर जोड़ी घटिया जीवन रक्षक उपकरणों के द्वारा उत्तर प्रदेश की जनता को मौत के मुहं में धकेल रहे है, प्रकरण कुछ इस प्रकार से है, </p>
<img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2023-08/amit-mohan-4.jpg" alt="AMIT MOHAN PRASHAD"></img>
<strong>AMIT MOHAN PRASHAD (IAS)</strong>

<p style="text-align:justify;"> </p>
<p style="text-align:justify;">वर्ष 2017 में उत्तर प्रदेश मेडिकल कारपोरेशन की स्थापना की गयी और वर्ष 2018 से यह कार्पोरेशन पूर्ण रूप कार्य करने लगा, उत्तर प्रदेश मेडिकल कारपोरेशन का कार्य है की उत्तर प्रदेश की जनता की स्वास्थ्य रक्षा के लिए अच्छी गुणवत्ता वाले जीवन रक्षक उपकरणों की खरीद, अस्पतालों में उनकी स्थापना, जाँच के लिए पैथोलॉजी के उपकरण, जाँच किटें और जाँच में प्रयुक्त होने वाले रसायन एवं रीजेंट और उच्च गुणवत्ता की जीवन रक्षक दवाये खरीद कर अस्पतालों में उपलब्ध कराना, परन्तु उत्तर प्रदेश मेडिकल कारपोरेशन में व्याप्त भ्र्ष्टाचार की वजह से यह केवल एक लूट का अड्डा बन गया है, जहाँ अधिकारीयों द्वारा शातिर जीजा साले सौरभ गर्ग और अभय अग्रवाल के साथ मिलकर पूरे उत्तर प्रदेश की जनता को घटिया जीवन रक्षक उपकरणों, घटिया पैथोलॉजी के उपकरण, जाँच किटें और जाँच में प्रयुक्त होने वाले रसायन एवं रीजेंट के द्वारा मौत के मुहं में धकेल दिया गया है I</p>
<img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2023-08/saurabh-garg.jpg" alt="SAURABH GARG"></img>
<strong>SAURABH GARG</strong>

<p style="text-align:justify;"> </p>
<p style="text-align:justify;">ताजा प्रकरण के अनुसार उत्तर प्रदेश मेडिकल कारपोरेशन की निविदा संख्या GEM/2023/B/3191752 के द्वारा फुली औटोमेटेड बायो केमिस्ट्री एनालाइजर मात्रा 1053+ 60 = TOTAL QUANTITY  1113 दर रूपये 684400/- प्रत्येक के हिसाब से कुल रूपये 77.66 करोड़ से अधिक की खरीद की जा रही है,  क्रय आदेश पिछले माह जुलाई में जारी किया जा चूका है शातिर जीजा साले की जोड़ी को, सबसे विशेष बात यह है की यह निविदा जेम पोर्टल पर निकाली गयी, इस निविदा में में  कुल 7 कंपनियों ने प्रतिभाग किया, जिसमे से केवल दो कंपनियों को तकनिकी रूप से पास किया गया, पहली कुख्यात कंपनी POCT SERVICES LUCKNOW, दूसरी उसकी सहयोगी SCIENCE HOUSE MEDICALS PRIVATE LIMITED BHOPAL, बाकि सभी अंतर्राष्ट्रीय स्तर की गुणवत्ता के उपकरण रखने वाली कंपनियों की निविदा को तकनिकी बिड में ही रिजेक्ट कर दिया गया, सारा खेल इस प्रकार से किया गया,  भोपाल की SCIENCE HOUSE MEDICALS PRIVATE LIMITED कंपनी शातिर जीजा साले की जोड़ी सौरभ गर्ग और अभय अग्रवाल की सहयोगी कंपनी है,</p>
<p style="text-align:justify;"> शातिर सौरभ गर्ग और अभय अग्रवाल की ही एक अन्य कंपनी HEIDELCO MEDICORE के लिए काम करती है, उत्तर प्रदेश मेडिकल कारपोरेशन की निविदा संख्या UPMSC/EQ/RC/192 FOR PULSE OXIMETER की निविदा में HEIDELCO MEDICORE LUCKNOW ने खुद को चीनी कंपनी SHENZHEN CREATIVE का स्थानीय वितरक दिखाया था और क्रय आदेश में भोपाल SCIENCE HOUSE MEDICALS PRIVATE LIMITED  ने 3000 UNITS PULSE OXIMETER का अपना क्रय आदेश लगाया था, इसी निविदा में HEIDELCO MEDICORE LUCKNOW ने घोषित किया था की वो कोई निर्माता कंपनी नहीं है और मध्य प्रदेश मेडिकल कारपोरेशन की निविदा संख्या 06/MPPHSCL/AMBULANCE EQ/2019 में  SCIENCE HOUSE MEDICALS PRIVATE LIMITED  BHOPAL द्वारा इसी उपकरण PULSE OXIMETER के लिए निविदा में प्रतिभाग किया गया किया, </p>
<p style="text-align:justify;">जिसमे SCIENCE HOUSE MEDICALS PRIVATE LIMITED  BHOPAL ने अपने आपको HEIDELCO MEDICORE LUCKNOW का स्थानीय वितरक दिखाया और HEIDELCO MEDICORE LUCKNOW को उपकरण निर्माता, इसके अतिरिक्त SCIENCE HOUSE MEDICALS PRIVATE LIMITED  BHOPAL ने उत्तर प्रदेश मेडिकल कारपोरेशन की निविदा संख्या UPMSCL/EQ/RC/450 FOR MULTIPARA MONITOR में अपना क्रय आदेश लगाया था 250 UNITS MULTIPARA MONITOR का, महत्वपूर्ण यह है की इस निविदा में शातिर की ही डमी कंपनी AROMA HEALTHCARE ने प्रतिभाग किया था और अपने आप को इटली की जीमा कंपनी का स्थानीय वितरक बताया था, उत्तर प्रदेश मेडिकल कार्पोरेशन के भ्रष्ट अधिकारीयों ने उक्त निविदा को तकनिकी रूप से पास कर दिया था और उपकरण का डेमोंस्ट्रेशन भी ले लिया था, तभी यह फर्जीवाड़ा सामने आ गया की उपकरण निर्माता इटली की जीमा कंपनी नहीं है, उपकरण निर्माता चीनी कंपनी SHENZHEN CREATIVE MEDICAL है, इतना फर्जीवाड़ा होने के बाद भी उत्तर प्रदेश मेडिकल कारपोरेशन के भ्रष्ट अधिकारी SGPGI LUCKNOW के विशेषज्ञों पर दवाब बनाये हुए थे की AROMA HELTHACARE के घटिया चीनी उपकरण को पास किया जाये, जब विशेषज्ञों द्वारा स्पष्ट रूप से इंकार कर दिया गया </p>
<p style="text-align:justify;">तो उक्त निविदा को ही निरस्त करके उसकी जगह उसी उपकरण के लिए एक नयी निविदा संख्याUPMSCL/EQ/RC/483 निकाल दी और उस निविदा में चीनी उपकरण को प्रतिभाग करने की अनुमति देकर शातिर जीजा साले की जोड़ी की दो कंपनियों HEIDELCO MEDICORE और AROMA HEALTHCARE को पास कर दिया गया, यह है उत्तर प्रदेश की उपयोगी सरकार के स्वास्थ्य विभाग के अधीन उत्तर प्रदेश मेडिकल कारपोरेशन का भ्रष्टाचार, यहाँ सबसे महत्वपूर्ण यह है की उपका जीवन रक्षक उपकरण मासूम और नवजात बच्चो को COVID-19 की तृतीय लहर से बचने के लिए खरीदे जा रहे थे, इन्होने उत्तर प्रदेश के मासूम बच्चों को भी नहीं बक्शा, यह भर्ष्टाचारी अधिकारी जिनमे प्रमुख  नाम तत्कालीन अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य आईएएस अमित मोहन प्रसाद, उत्तर प्रदेश की तत्कालीन प्रबंध निदेशिका आईएएस कंचन वर्मा, महाप्रबंधक उपकरण क्रय उज्जवल कुमार, प्रबंधक सिदार्थ बहादुर सिंह, बायो मेडिकल इंजीनियर आरती पांडेय के नाम प्रमुख है,</p>
<p style="text-align:justify;"> जिनमे से उज्जवल कुमार और सिद्दार्थ  बहादुर सिंह बिहार मेडिकल कार्पोरेशन के बर्खास्त कर्मचारी है जो वर्ष 2014 में बिहार में हुए उपकरण घोटाले में शामिल थे,  और सौरभ गर्ग की कंपनी के साथ फर्ज़ीवाड़े में लिप्त थे, जिसको उस समय सभी प्रमुख अख़बारों ने प्रमुखता से छापा था, उज्जवल कुमार के भ्र्ष्टाचार के लिए खुद उत्तर प्रदेश  मेडिकल कारपोरेशन की विशेषज्ञों की तकनीकी कमिटी लिखित शिकायत दर्ज़ करा चुकी है और सिद्दार्थ बहादुर सिंह के भर्ष्टाचार की लिखित शिकायत एक आपूर्तिकर्ता द्वारा उत्तर प्रदेश की उपयोगी सरकार के मुख्यमंत्री को की गयी थी, परन्तु कुछ नहीं हुआ, उत्तर प्रदेश स्वास्थ्य व्यवस्था के हालात यह है की अभी कुछ दिन पूर्व ही राजधानी लखनऊ  में राजभवन के सामने सड़क पर ही महिला को प्रसव हो गया है एम्बुलेंस न मिलने के कारण, बदहाल स्वास्थ्य वयवस्था के कारण, उत्तर प्रदेश की राजधानी में यह हालात है, जहाँ उत्तर प्रदेश  की उपयोगी सरकार के मुख्यमंत्री, सूबे के दो उपमुख्यमंत्री, महामहिम राज्यपाल  और ट्रिपल इंजिन की सरकार है I</p>
<p style="text-align:justify;">अब उत्तर प्रदेश मेडिकल कारपोरेशन द्वारा यही खेल फिर से किया गया है निविदा संख्या GEM/2023/B/3152990 उपकरण ऑटोमेटेड हेमेटोलॉजी एनालाइजर फाइव पार्ट में कुल 8 कंपनियों ने प्रतिभाग किया था, परन्तु तकनिकी निविदा में केवल दो ही कंपनियां पास हुईं, दोनों ही सौरभ की कम्पनिया है पहली POCT SERVICES LUCKNOW और दूसरी AROMA HEALTHCARE LUCKNOW, और AROMA HEALTHCARE LUCKNOW को लगभग 5 करोड़ रूपये का क्रय आदेश जारी कर दिया गया 185 ऑटोमेटेड हेमेटोलॉजी एनालाइजर फाइव पार्ट उपकरण सप्लाई करने का, , उत्तर प्रदेश मेडिकल कारपोरेशन एक संगठित गिरोह बन चुका है </p>
<img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2023-08/abhay-agarwal-6.jpg" alt="ABHAY AGARWAL 6"></img>
<strong>ABHAY AGARWAL</strong>

<p style="text-align:justify;"> </p>
<p style="text-align:justify;">जो सिर्फ जीजा साले की जोड़ी सौरभ गर्ग और अभय अग्रवाल के साथ मिलकर अपनी जेबें भर रहा है और उत्तर प्रदेश की मासूम जनता को घटिया जीवन रक्षक उपकरणों, घटिया पैथालॉजी उपकरणों घटिया रेजेन्टों, घटिया जांच कीटों, घटिया पैथोलॉजी केमिकल द्वारा, POCT SRVICES को वर्ष 2021 में महाराष्ट्र सरकार द्वारा तीन वर्षों के लिए ब्लैकलिस्ट किया गया था और इसी ब्लैकलिस्टिंग के कारण राजस्थान सरकार द्वारा इसके टेंडरों को निरस्त किया गया था, इसके अतिरिक्त राजस्थान सरकार द्वारा POCT SERVICES के घटिया चीनी पैथोलॉजी उपकरणों, जांच कीटों, केमिकल और रेजेन्टों को भी घटिया एवं मानकविहीन होने के कारण रिजेक्ट कर दिया गया था, बिहार में भी करोना काल में इस शातिर जीजा साले की जोड़ी द्वारा करोना जांच में किया गया फर्जीवाड़ा सभी समाचार पत्रों ने प्रमुखता से प्रकाशित किया था</p>
<p style="text-align:justify;">यह सब फर्जीवाड़ा क्यों किया जा रहा, इस पर जब संवाददाता द्वारा विशेष पड़ताल की गयी तो एक बहुत बड़ा पैथालॉजी घोटाला सामने आया है जिसके पीछे वही शातिर कुख्यात जीजा साले की जोड़ी सौरभ गर्ग और अभय अग्रवाल का नाम सामने आया है, प्रकरण कुछ इस प्रकार से है वर्ष 2016 में उत्तर प्रदेश के कुछ अस्पतालों ले लिए पैथालॉजी के मात्र तीन उपकरणों के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा निविदा की गयी थी, निविदा संख्या 8F/ QC-737  ( QUANTITY CONTRACT) आमंत्रित  की गयी थी, चूँकि निविदा इसी प्रकार से सेटिंग वाली थी, इस कारण से तीनो ही उपकरण की आपूर्ति के क्रय आदेश शातिर सौरभ गर्ग की ही कंपनी POCT SERVICES LUCKNOW को दिया गया,</p>
<p style="text-align:justify;"> यह क्रय आदेश जारी हुआ था 30 जून 2016 को, यह एक मात्रा अनुबंध था उपकरणों की सीमित मात्रा की सप्लाई के लिए उत्तर प्रदेश के कुछ ही अस्पतालों में , परन्तु 5 सितम्बर 2016 को फर्जीवाड़ा करके इस मात्रा अनुबंध को दर अनुबंध में बदल कर शातिर की तीनो कंपनियों POCT SERVICES LUCKNOW, HEIDELCO MEDICORE LUCKNOW, AROMA HEALTHCARE LUCKNOW को शामिल करते हुए पूरे प्रदेश में समस्त अस्पतालों के लिए पैथालॉजी में इस्तेमाल होने वाले रीजेन्ट्स, जांच कीटों, पैथालॉजी केमिकल के सप्लाई के लिए वर्ष 2016 से 2024 तक के लिए दर अनुबंध कर दिया गया, अब सवाल यह है की जब पैथालॉजी के उपकरण कुछ ही अस्पतालों में गए थे बाकि अन्य अस्पतालों में उक्त पैथालॉजी के उपकरण थे ही नहीं, तब उन अस्पतालों से पैथालॉजी के रीजेन्ट्स, जांच कीटों और केमिकल के बिल लगा करके बेहिसाब पैसों की निकासी की गयी है, जोकि अभी तक जारी है,  यह पैथालॉजी घोटाला देश का सबसे बड़ा घोटाला है I</p>
<img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2023-08/ujjwal-kumar-upmscl.jpeg" alt="ujjwal kumar upmscl"></img>
<strong>Ujjwal Kumar upmscl</strong>

<p style="text-align:justify;"> </p>
<p style="text-align:justify;">लूट के इसी क्रम को जारी  रखने के लिए उत्तर प्रदेश मेडिकल कारपोरेशन द्वारा उक्त दो पैथालॉजी के उपकरणों के लिए सेटिंग निविदाएं की गयी है जिससे की शातिर जीजा साले की जोड़ी सौरभ गर्ग और अभय अग्रवाल को लाभ पहुंचाया जा सके और उत्तर प्रदेश की मासूम जनता को मौत के मुहं में धकेला जा सके, इसी के क्रम में तत्कालीन अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य <span style="color:rgb(224,62,45);"><strong>आईएएस अमित मोहन प्रसाद, </strong></span>उत्तर प्रदेश की तत्कालीन प्रबंध निदेशिका आईएएस कंचन वर्मा द्वारा उक्त शातिर सौरभ गर्ग के पैथालॉजी के दर अनुबंध को वर्ष 2020 में ही वर्ष 2024 से बढाकर वर्ष 2027 तक के लिए कर दिया गया है, जबकि उक्त अनुबंध को ख़त्म होने में चार वर्ष बाकि थे, </p>
<p style="text-align:justify;">ऐसी भी क्या जल्दी थी दर अनुबंध बढ़ने की? यह बहुत बड़ा सवाल है और उत्तर प्रदेश की उपयोगी सरकार की छवि और भर्ष्टाचार के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस की नीति पर सवाल खड़े करता है, सवाल यह है की आज जब 2016 की दर पर बाजार में आटा नहीं उपलब्ध है ऐसे में 2016 की दर पर कोई कंपनी इतने महत्वपूर्ण जाँच किटें, केमिकल और रीजेन्ट्स कैसे सप्लाई कर पायेगी ?, ऐसा इसलिए किया गया क्युकी कही पर कुछ भी सप्लाई नहीं किया जा रहा था केवल सप्लाई के फ़र्ज़ी बिल बनाकर पैसों की निकासी की जा रही थी , इसलिए यह दर अनुबंध बढ़ाया गया ताकि लूट जारी रहे I</p>
<p style="text-align:justify;"> वर्ष 2021 और 2022 में उत्तर प्रदेश मेडिकल सप्लाई कारपोरेशन और शातिर जीजा साले की जोड़ी सौरभ गर्ग, अभय अग्रवाल के संगठित गिरोह द्वारा की जा रही लूट और पूरे प्रदेश की जनता को मौत के मुँह में धकेलने की साज़िश का पर्दाफाश किया गया तो वर्ष 2022 में कंपनी को निविदा द्वारा क्रय आदेश मिलना बाद हो गए, तब इन शातिर द्वारा वर्ष 2022 में अपनी एक अलग कंपनी Q-LINEBIOTECH के नाम से उत्तर प्रदेश मेडिकल कारपोरेशन की निविदा में प्रतिभाग  करने लगे, परन्तु इनकी निविदा को तकनिकी बिड में ही रिजेक्ट कर दिया जाता था, </p>
<p style="text-align:justify;">कई लोगों द्वारा इन भर्ष्टाचार के प्रकरणों की शिकायत वर्तमान उप मुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री बर्जेश पाठक से की गयी और घोटालों से सम्बंधित सभी साक्ष्य उपलब्ध कराये गए , <span style="color:rgb(224,62,45);"><strong>आईएएस अमित मोहन प्रसाद एवं आईएएस कंचन वर्मा</strong></span> के उत्तर प्रदेश मेडिकल कारपोरेशन से हटने के बाद जब कुख्यात जोड़ी को कही और सहारा नहीं मिला तब इन्होने ऐसा चक्कर चलाया की वर्तमान <span style="color:rgb(224,62,45);"><strong>उप मुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक</strong></span> द्वारा इस शातिर को सम्मानित करवा दिया गया और उसके बाद उत्तर प्रदेश मेडिकल कारपोरेशन में फिर से इस शातिर जीजा साले की जोड़ी द्वारा फ़र्ज़ी दस्तावेजों द्वारा टेंडर हथियाने एवं घटिया जीवन रक्षक उपकरणों को महँगी दरों पर सप्लाई करने का खेल शुरू हो गया, </p>
<p style="text-align:justify;">अब इसी से अंदाज़ा लगाया जा सकता है की उत्तर प्रदेश में स्वास्थ्य विभाग की इस बड़ी लूट में किस स्तर पर बंटवारा हो रहा है? सबसे महत्वपूर्ण यह है की जिन प्राथमिक  एवं सामुदायिक केंद्रों के लिए यह पैथालॉजी उपकरण खरीदे जा रहे है वह कुछ जगह तो भवन ही नहीं है और अधिकांश जगह पैथोलॉजी जांच के लिए प्रशिक्षित स्वास्थ्य कर्मी ही नहीं है, ऐसे में मशीन डिब्बे में बंद रहेंगी और 2027 तक पैथालॉजी जांच कीटों, रीएजेन्टों, केमिकल आदि के नाम पर शातिर जीजा साले की जोड़ी की तीनो कंपनियों के बिल लगाकर प्रत्येक अस्पताल से रुपयों की अवैध निकासी होती रहेगी, उत्तर प्रदेश की मासूम जनता इन  शातिर दलाल जीजा साले की जोड़ी सौरभ गर्ग और अभय अग्रवाल के कारण मौत के मुँह में जाती रहेगी , </p>
<p style="text-align:justify;">वर्तमान  <span style="color:rgb(224,62,45);"><strong>उपमुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री</strong></span> को जनहित में इस पर संज्ञान लेना होगा और अपनी छवि का बहुत  ध्यान रखना होगा क्यूंकि प्रदेश की जनता को उनसे बहुत सी उम्मीदें है , स्वतंत्र प्रभात के पास समस्त साक्ष्य उपलब्ध है और जल्दी ही अपने पाठको के अवलोकन हेतु स्वतंत्र प्रभात की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध करा दिए जायेंगे , जिससे जनता को भी यह पता चले की उसके टैक्स की गाढ़ी कमाई  को कैसे शातिर दलाल जीजा साले की जोड़ी लूट रही है और पूरे प्रदेश की स्वास्थ्य वयवस्था को खोखला कर रही है I उत्तर प्रदेश स्वास्थ्य विभाग एवं उत्तर प्रदेश चिकित्सा शिक्षा एवं प्रशिक्षण विभाग में फर्जीवाड़ा करके टेंडर हथियाने वाली जीजा साले की फर्जीवाड़ा करने वाली कंपनियों का विवरण इस प्रकार से है</p>
<p style="text-align:justify;">जीजा साले सौरभ गर्ग और अभय अग्रवाल के नाम कंपनी POCT SERVICES LUCKNOW, HEIDELCO MEDICORE LUCKNOW, Q-LINEBIOTECH LUCKNOW , जीजा साले के कर्मचारी मनोज कुरियाल की पत्नी संगीता कुरियाल के नाम दर्ज़ AROMA HEALTHCARE LUCKNOW,  फ़र्ज़ी दस्तावेज लगाकर सपोर्टिंग निविदा डालने वाली कंपनियां P. RAVI AND COMPANY AGENCIES LUCKNOW, SCIENCE HOUSE MEDICALS PRIVATE LIMITED BHOPAL, ESS PEE ENTERPRISES PUNJAB, LABX,</p>
<p style="text-align:justify;">सबसे विशेष समाचार यह है की शातिर साले अभय अग्रवाल के मुताबिक उसका शातिर जीजा सौरभ गर्ग वर्ष 2007 तक प्राइवेट कंपनी में नौकरी करता था और वर्ष 2008 में उसके द्वारा POCT SERVICES कंपनी बनाकर  उत्तर प्रदेश के चिकित्सा शिक्षा एवं प्रशिक्षण विभाग में उपकरण सप्लाई का कार्य शुरू किया गया, वर्ष 2016  तक उक्त कंपनी का वार्षिक टर्नओवर 81 करोड़ था और 2017 में उपयोगी सरकार बनने के बाद एक ही वर्ष में दुने से अधिक 166 करोड़ हो गया, और वर्ष 2022 के उत्तरार्ध में हुए निवेशकों के सम्मलेन में शातिर जीजा साले की जोड़ी सौरभ गर्ग एवं अभय अग्रवाल द्वारा रूपये 1400 करोड़ के निवेश की घोषणा की गयी, अब आप खुद ही अंदाज़ा लगा सकते है की वर्ष 2016 से चल रहे पैथालॉजी घोटाले और वर्ष 2008 से चल रहे उपकरण घोटाले द्वारा उत्तर प्रदेश की मासूम जनता की गाढ़ी कमाई से दिए गए टैक्स के पैसों को किस तरह से लूटा गया है,</p>
<p style="text-align:justify;">  इसीलिए उत्तर प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाएं बदहाल स्थिति में है और यह शातिर  दलाल ऐश कर रहे है, क्या सीबीआई और ईडी की नज़र इधर नहीं पड़ रही है ?  मात्र 15 वर्षों में एक प्राइवेट नौकरी करने वाला व्यक्ति अरबपति- खरबपति बन गया घोटाले पर घोटाला करके, उत्तर प्रदेश मेडिकल कार्पोरेशन के घोटालों पर पिछली सरकार में विपक्ष के मुख्य सचेतक रहे <span style="color:rgb(224,62,45);"><strong>विधायक नरेंद्र सिंह वर्मा दवारा इस पर उपयोगी सरकार के मुख्यमंत्री, तत्कालीन स्वास्थ्य मंत्री एवं मुख्य सचिव से जांच की मांग की गयी थी </strong></span>और नियम 301 के तहत विधान सभा में सरकार से उक्त घोटाले पर वक्तव्य देने की मांग की गयी थी जिसको आज तक उपयोगी सरकार पूरा नहीं कर पायी है, इससे जाहिर होता है की देश के इस सबसे बड़े पैथालॉजी घोटाले में कुछ सफेदपोश भी शामिल है, जिनके संरक्षण में यह जीजा साले की जोड़ी लूट को अंजाम दे रही है , इसकी जांच बहुत जरूरी है I</p>
<p style="text-align:justify;">कुछ अन्य निविदाओं को भी देखें की कैसे इन कुख्यात शातिर जीजा साले की जोड़ी प्रदेश की जनता को मौत के मुहं में धकेल रही है, उत्तर प्रदेश मेडिकल कारपोरेशन की निविदा संख्या UPMSCL/EQ/RC/458 for Oxygen Concentrator 10LPM, में तकनिकी रूप से पास होने वाली HEIDELCO MEDICORE, उत्तर प्रदेश मेडिकल कारपोरेशन की निविदा संख्या UPMSCL/EQ/RC/425 for Urine Analyzer में तकनिकी रूप से पास होने वाली AROMA HEALTHCARE,</p>
<p style="text-align:justify;"> उत्तर प्रदेश मेडिकल कारपोरेशन की निविदा संख्या UPMSCL/EQ/RC/450 for Multipara MONITOR में तकनिकी रूप से पास होने वाली AROMA HEALTHCARE, उत्तर प्रदेश मेडिकल कारपोरेशन की निविदा संख्या UPMSCL/EQ/RC/449 for Infusion Pump में तकनिकी रूप से पास होने वाली HEIDELCO MEDICORE, उत्तर प्रदेश मेडिकल कारपोरेशन की निविदा संख्या UPMSCL/EQ/RC/153 floated for Procurement of Blood Cell counter में तकनिकी रूप से पास होने वाली  POCT SERVICES और LABX,</p>
<p style="text-align:justify;">उत्तर प्रदेश मेडिकल कारपोरेशन की निविदा संख्या UPMSCL/EQ/RC/154 floated for Procurement of Semi Auto Analyzer में तकनिकी रूप से पास होने वाली  केवल एकलौती कंपनी POCT SERVICES, उत्तर प्रदेश मेडिकल कारपोरेशन की निविदा संख्या UPMSCL/EQ/RC/156 floated for Procurement of Urine Analyzer में तकनिकी रूप से पास होने वाली  POCT SERVICES, उत्तर प्रदेश मेडिकल कारपोरेशन की निविदा संख्या UPMSCL/EQ/RC/157 floated for Procurement of Coagulation Analyzer में तकनिकी रूप से पास होने वाली  POCT SERVICES और LABX, उत्तर प्रदेश मेडिकल कारपोरेशन की निविदा संख्या UPMSCL/EQ/RC/158 floated for Procurement of ESR Analyzer. में तकनिकी रूप से पास होने वाली</p>
<p style="text-align:justify;"> POCT SERVICES, उत्तर प्रदेश मेडिकल कारपोरेशन की निविदा संख्या UPMSCL/EQ/RC/281 floated for procurement of Respiratory Humidifier में तकनिकी रूप से पास होने वाली  POCT SERVICES, उत्तर प्रदेश मेडिकल कारपोरेशन की निविदा संख्या UPMSCL/EQ/RC/336 for Electrolyte Analyzer में तकनिकी रूप से पास होने वाली  HEIDELCO MEDICORE, उत्तर प्रदेश मेडिकल कारपोरेशन की निविदा संख्या UPMSCL/EQ/RC/337 for Semi Auto Analyzer में तकनिकी रूप से पास होने वाली  HEIDELCO MEDICORE  और LABX, उत्तर प्रदेश मेडिकल कारपोरेशन की निविदा संख्या UPMSCL/EQ/RC/338 for Blood Cell</p>
<p style="text-align:justify;">Counter-3 Part में तकनिकी रूप से पास होने वाली  HEIDELCO MEDICORE  और AROMA HEALTHCARE, उत्तर प्रदेश मेडिकल कारपोरेशन की निविदा संख्या UPMSCL/EQ/RC/483 for MULTIPARA MONITOR में तकनिकी रूप से पास होने वाली  HEIDELCO MEDICORE  और AROMA HEALTHCARE, उत्तर प्रदेश मेडिकल कारपोरेशन की निविदा संख्या UPMSCL/EQ/RC/339 for ESR Analyzer में तकनिकी रूप से पास होने वाली  POCT SERVICES और AROMA HEALTHCARE,</p>
<img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2023-08/77.jpg" alt="UPMSCL BUILDING SUDA BHAWAN GOMTI NAGAR LUCKNOW" width="930" height="576"></img>
<strong>UPMSCL BUILDING SUDA BHAWAN GOMTI NAGAR LUCKNOW,UTTAR PRADESH</strong>

<p style="text-align:justify;"> </p>
<p style="text-align:justify;">उत्तर प्रदेश मेडिकल कारपोरेशन की निविदा संख्या UPMSCL/EQ/RC/337 for Semi Auto Analyzer में POCT SERVICES ने खुद को उपकरण निर्माता दिखाया, HEIDELCO MEDICORE को उसका अधिकृत वितरक दिखाया और AROMA HEALTHCARE को उस उपकरण की 100 यूनिट्स का उपयोगकर्ता, और इन्ही फ़र्ज़ी दस्तावेजों के द्वारा टेंडर हथिया कर घटिया चीनी पैथालॉजी उपकरण सप्लाई कर दिए गए, उपकरण निर्माता चीनी कंपनी का नाम E-LAB BIOLOGICAL SCIENCE TECHNOLOGY COMPANY LIMITED है,  इतना बड़ा फर्जीवाड़ा उत्तर प्रदेश मेडिकल कारपोरेशन में लगातार जारी है,</p>
<p style="text-align:justify;"> उत्तर प्रदेश मेडिकल कारपोरेशन का जब गठन हुआ और उसने टेंडर की शुरुआत की तब प्रत्येक टेंडर में 20-25 कंपनियां प्रतिभाग करती थी और इन शातिर जीजा साले की जोड़ी की कंपनियां तकनिकी बिड में ही रिजेक्ट हो जाती थी, फिर आया सर्वाधिक <span style="color:rgb(0,0,0);">भ्रष्ट आईएएस  अमित मोहन प्रसाद </span>और आईएएस कंचन वर्मा का दौर, उस दौर में उत्तर प्रदेश मेडिकल कारपोरेशन की प्रत्येक निविदा में मात्रा 3-4 कम्पनिया ही प्रतिभाग करती थी और जिसमे से 1 से 2 कंपनी शातिर जीजा साले की जोड़ी की होती थी, सर्वाधिक आईएएस अमित मोहन प्रसाद और आईएएस कंचन वर्मा के हटने के बाद यह लगा की कुछ सुधार होगा, </p>
<p style="text-align:justify;">परन्तु उत्तर प्रदेश की उपयोगी सरकार के <span style="color:rgb(0,0,0);">उपमुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री </span>द्वारा कुख्यात शातिर सौरभ गर्ग को सम्मानित करने के बाद इन शातिर की जोड़ी का उत्तर प्रदेश मेडिकल कारपोरेशन में पुनः वर्चस्व स्थापित हो गया, जिसका जीता जगता उदाहरण यह पैथालॉजी उपकरण की दो निविदाएं है, जिनमे फर्जीवाड़ा करके जीजा साले की जोड़ो को रूपये 77.66 करोड़ का क्रय आदेश दे दिया गया है, यहाँ विशेष है की सूबे के उपमुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री के पास इनके दवारा किये गए घोटालों के पूरे साक्ष्य मौजूद है, ऐसा प्रतीत होता है की उत्तर प्रदेश के स्वास्थ्य विभाग में लूट की बन्दर बाँट वाली कहावत चरितार्थ हो रही है I </p>
<p style="text-align:justify;">उत्तर प्रदेश मेडिकल कारपोरेशन में भ्रस्टाचार इस कदर व्याप्त है की निविदा संख्या UPMSCL/EQ/RC-85 में उपकरण ऑक्सीजन फ्लो मीटर के स्पेसिफिकेशन्स में M.I.P.S कंपनी का नाम तक छाप दिया, टेंडर डाक्यूमेंट्स सरकारी दस्तावेज होता है जिसमे सरकार की साख जुडी होती है और यह तब हो रहा है जब प्रदेश में उपयोगी सरकार है और भ्र्ष्टाचार पर उसकी नीति जीरो टॉलरेंस की है, एवं उत्तर प्रदेश मेडिकल कारपोरेशन का गठन भी इसी उपयोगी सरकार द्वारा किया गया है,</p>
<p style="text-align:justify;">क्या यह उपयोगी सरकार वर्ष 2017 से  अपनी नाक के नीचे हो रहे इस भ्र्ष्टाचार की जांच करवा पायेगी? क्या वो इस लूट कांड में शामिल दोषियों को दंड दे पायेगी? क्या उत्तर प्रदेश की मासूम जनता को घटिया जीवन रक्षक उपकरणों, घटिया पैथालॉजी उपकरणों, घटिया जांच कीटों, घटिया रीएजेन्टों, घटिया पैथलॉजी केमिकल द्वारा मौत के मुंह में धकेलने वाले कुख्यात शातिर जीजा साले की जोड़ी सौरभ गर्ग और अभय अग्रवाल को सजा मिलेगी?</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>प्रधानमंत्री जी अपने प्रत्येक भाषण और मन की बात में भ्र्ष्टाचार को मिटाने की बात करते है और उनकी ही अधीनस्थ उत्तर प्रदेश की उपयोगी सरकार संगठित भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने में जुटी हुयी है, इतना विरोधाभास क्यों है ?</strong></p>
<h5 style="text-align:justify;"><span style="color:rgb(35,111,161);"><strong>अगले विशेषांक में उत्तर प्रदेश चिकित्सा शिक्षा एवं प्रशिक्षण विभाग में शातिर दलाल जीजा साले की जोड़ी एवं उत्तर प्रदेश चिकित्सा शिक्षा एवं प्रशिक्षण विभाग के भ्रष्ट अधिकारीयों और कमर्चारियों के गठजोड़ के काले कारनामो एवं घोटालों को उजागर किया जायेगा I</strong></span></h5>
<p style="text-align:justify;"> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>जन समस्याएं</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 31 Aug 2023 02:15:46 +0530</pubDate>
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