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                <title>छात्रों का भविष्य - Swatantra Prabhat</title>
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                <description>छात्रों का भविष्य RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>महाराष्ट्र में TET का पेपर लीक: 'भरोसा' कब लीक होना बंद होगा?</title>
                                    <description><![CDATA[<blockquote class="format1"><strong>राजीव शुक्ला </strong></blockquote>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">देश में पेपर लीक की समस्या एक बड़ा रुप ले चुकी है और इस पर राजनीति भी बहुत हो रही है। लेकिन लेकिन अभी तक लीक प्रूफ परीक्षा का हमें ऐहसास नहीं हो पा रहा है। नीट का पेपर जब लीक हुआ तो उसने पूरे देश को हिलाकर रख दिया। इसी के बाद महाराष्ट्र में टैट का पेपर लीक हो गया और राज्य सरकार को परीक्षा रद्द करनी पड़ी। </span>28<span lang="hi" xml:lang="hi">  जून </span>2026<span lang="hi" xml:lang="hi">  को होने वाली महाराष्ट्र शिक्षक पात्रता परीक्षा </span>MAHA TET <span lang="hi" xml:lang="hi">से ठीक </span>24<span lang="hi" xml:lang="hi">  घंटे पहले पेपर लीक हो गया। नतीजा: </span>4<span lang="hi" xml:lang="hi">  लाख </span>28<span lang="hi" xml:lang="hi">  हजार अभ्यर्थियों का</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi"> ये</span></p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/182229/tet-paper-leak-in-maharashtra-trust-when-will-the-leaking"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/education.jpg" alt=""></a><br /><blockquote class="format1"><strong>राजीव शुक्ला </strong></blockquote>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">देश में पेपर लीक की समस्या एक बड़ा रुप ले चुकी है और इस पर राजनीति भी बहुत हो रही है। लेकिन लेकिन अभी तक लीक प्रूफ परीक्षा का हमें ऐहसास नहीं हो पा रहा है। नीट का पेपर जब लीक हुआ तो उसने पूरे देश को हिलाकर रख दिया। इसी के बाद महाराष्ट्र में टैट का पेपर लीक हो गया और राज्य सरकार को परीक्षा रद्द करनी पड़ी। </span>28<span lang="hi" xml:lang="hi"> जून </span>2026<span lang="hi" xml:lang="hi"> को होने वाली महाराष्ट्र शिक्षक पात्रता परीक्षा </span>MAHA TET <span lang="hi" xml:lang="hi">से ठीक </span>24<span lang="hi" xml:lang="hi"> घंटे पहले पेपर लीक हो गया। नतीजा: </span>4<span lang="hi" xml:lang="hi"> लाख </span>28<span lang="hi" xml:lang="hi"> हजार अभ्यर्थियों का भविष्य फिर से लटका दिया गया।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi"> ये कोई पहली बार नहीं है। सवाल वही है: आखिर पेपर लीक से छुटकारा कब मिलेगा</span>? 27<span lang="hi" xml:lang="hi"> जून की सुबह का </span>'<span lang="hi" xml:lang="hi">ऑपरेशन लीक</span>' <span lang="hi" xml:lang="hi">भिवंडी में छापा- </span>27<span lang="hi" xml:lang="hi"> जून को सुबह </span>4<span lang="hi" xml:lang="hi"> बजे भिवंडी पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि </span>TET <span lang="hi" xml:lang="hi">का पेपर बेचा जा रहा है। छापेमारी में संदिग्धों के पास से जो प्रश्नपत्र मिले</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">वो असली </span>TET <span lang="hi" xml:lang="hi">पेपर से हूबहू मैच कर रहे थे। परीक्षा रद्द-  महाराष्ट्र राज्य परीक्षा परिषद </span>MSCE <span lang="hi" xml:lang="hi">ने तुरंत </span>28<span lang="hi" xml:lang="hi"> जून की परीक्षा स्थगित कर दी। नई तारीख अभी घोषित नहीं हुई है।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">गिरफ्तारियां- भिवंडी पुलिस ने कम से कम </span>3<span lang="hi" xml:lang="hi"> लोगों को हिरासत में लिया है और केस दर्ज कर जांच शुरू की है। ये पहली बार नहीं: </span>'<span lang="hi" xml:lang="hi">बार-बार लीक</span>' <span lang="hi" xml:lang="hi">की कहानी-  महाराष्ट्र में </span>TET <span lang="hi" xml:lang="hi">पेपर लीक अब आदत बन चुका है। </span>2025<span lang="hi" xml:lang="hi"> कोल्हापुर में  </span>23<span lang="hi" xml:lang="hi"> नवंबर की परीक्षा से पहले </span>18<span lang="hi" xml:lang="hi"> लोग गिरफ्तार। गिरोह </span>3<span lang="hi" xml:lang="hi"> लाख रुपये में पेपर बेच रहा था। </span>2026<span lang="hi" xml:lang="hi"> ठाणे/भिवंडी में </span>28<span lang="hi" xml:lang="hi"> जून की परीक्षा से </span>1<span lang="hi" xml:lang="hi"> दिन पहले पेपर लीक। </span>4<span lang="hi" xml:lang="hi"> लाख अभ्यर्थी प्रभावित हुए। </span>2025<span lang="hi" xml:lang="hi"> में कोल्हापुर केस के बाद भी परिषद ने कहा था कि "पेपर छपाई बेहद गोपनीय होती है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">कोषागार में </span>24<span lang="hi" xml:lang="hi"> घंटे निगरानी रहती है"। फिर भी लीक हो गया। कौन फंस रहा है बीच में</span>? 4<span lang="hi" xml:lang="hi"> लाख शिक्षक अभ्यर्थी। इस बार करीब </span>4.28<span lang="hi" xml:lang="hi"> लाख उम्मीदवार परीक्षा देने वाले थे। इसमें </span>2.26<span lang="hi" xml:lang="hi"> लाख वो शिक्षक भी शामिल थे जो पहले से नौकरी कर रहे हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन </span>TET <span lang="hi" xml:lang="hi">क्वालिफिकेशन के लिए फिर से परीक्षा दे रहे थे। एक अभ्यर्थी का </span>1<span lang="hi" xml:lang="hi"> साल बर्बाद। फीस</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तैयारी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">कोचिंग सब गया। और सबसे बड़ा नुकसान: स्कूलों में शिक्षकों की भर्ती फिर लटकेगी।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">लीक होता कैसे है</span>? '<span lang="hi" xml:lang="hi">माफिया का मॉडल</span>'- <span lang="hi" xml:lang="hi">जांच और पुराने केस देखें तो पैटर्न साफ है। व्हाट्सएप चेन- </span>HSC <span lang="hi" xml:lang="hi">बोर्ड पेपर लीक में भी </span>'<span lang="hi" xml:lang="hi">टेक वन</span>' <span lang="hi" xml:lang="hi">ग्रुप से </span>'<span lang="hi" xml:lang="hi">एक्सीलेंट ट्यूशन क्लासेस</span>' <span lang="hi" xml:lang="hi">होते हुए स्टूडेंट्स तक पेपर पहुंचता था। प्राइवेट कोचिंग का रोल- नागपुर बोर्ड केस में एक प्राइवेट कोचिंग से जुड़े व्यक्ति ने पैसे लेकर पेपर साझा किया था। अंदरूनी सांठगांठ- बिना छपाई वाले</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">या कोषागार/ट्रांसपोर्ट लेवल पर पेपर निकलना। </span>2026<span lang="hi" xml:lang="hi"> में भी पेपर परीक्षा से </span>20<span lang="hi" xml:lang="hi"> मिनट पहले व्हाट्सएप पर भेजा गया था।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">                  राजनीति शुरू: </span>'<span lang="hi" xml:lang="hi">पेपर लीक सरकार</span>' <span lang="hi" xml:lang="hi">का आरोप- कांग्रेस ने सरकार को घेरा है। महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने कहा: "पेपर लीक अब अपवाद नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बीजेपी सरकार की पहचान बन गया है। ठाणे में ही टैट का पेपर लीक... किसका राजनीतिक संरक्षण है</span>?" <span lang="hi" xml:lang="hi">आखिर लीक से छुटकारा कब</span>? <span lang="hi" xml:lang="hi">कड़ी सजा का कानून-  </span>NEET <span lang="hi" xml:lang="hi">की तरह महाराष्ट्र में भी </span>'Public Examination Act' <span lang="hi" xml:lang="hi">को दांत वाला बनाना। गिरफ्तार लोग </span>2 <span lang="hi" xml:lang="hi">महीने में जमानत पर बाहर न आएं। टेक्नोलॉजी से निगरानी- पेपर को ब्लॉकचेन या एन्क्रिप्टेड </span>QR <span lang="hi" xml:lang="hi">कोड से ट्रैक करना। हर हैंडलिंग पर बायोमेट्रिक लॉग। कोचिंग माफिया पर कार्रवाई-  ट्यूशन क्लासेस में छापे और व्हाट्सएप ग्रुप मॉनिटरिंग। पैसे लेकर पेपर बेचने वालों का लाइसेंस रद्द। परिषद की जवाबदेही- हर लीक पर </span>MSCE <span lang="hi" xml:lang="hi">के शीर्ष अधिकारी से स्पष्टीकरण और जिम्मेदारी तय। </span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">सिर्फ </span>'<span lang="hi" xml:lang="hi">पुलिस का मामला</span>' <span lang="hi" xml:lang="hi">कहकर पल्ला झाड़ना बंद। अभ्यर्थियों को मुआवजा-परीक्षा रद्द होने पर फीस वापस + अगली परीक्षा फ्री + ट्रैवल खर्च। ताकि सिस्टम को दर्द हो। </span>NEET, HSC, <span lang="hi" xml:lang="hi">अब </span>TET... <span lang="hi" xml:lang="hi">हर बार सरकार कहती है "जांच होगी"। पर अभ्यर्थी हर बार नई तारीख का इंतजार करता है। जब तक पेपर लीक करने वाले को नौकरी नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि जेल और </span>10 <span lang="hi" xml:lang="hi">साल का बैन मिलना तय नहीं होगा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तब तक </span>4 <span lang="hi" xml:lang="hi">लाख बच्चों का भविष्य दांव पर लगता रहेगा। क्या महाराष्ट्र को हर परीक्षा के लिए </span>CBI <span lang="hi" xml:lang="hi">जांच चाहिए</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">या </span>MSCE <span lang="hi" xml:lang="hi">खुद को सुधारेगा</span>? <span lang="hi" xml:lang="hi">अब हर परीक्षा से पहले लीक का डर परीक्षार्थियों को सताने लगा है। और जब वह किसी परीक्षा की तैयारियां करते हैं तो एक सवाल जरूर मन में उठता है कि कहीं परीक्षा लीक न हो जाए। सरकार को इसके लिए ठोस कदम उठाने होंगे। कानून को और सख्त बनाना होगा।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                            <category>संपादकीय</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 28 Jun 2026 21:27:57 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>शिक्षा का बाजारीकरण और छात्रों का भविष्य</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;" align="right"><strong>  <span lang="hi" xml:lang="hi">महेन्द्र तिवारी</span></strong></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;">भारत में शिक्षा अब केवल ज्ञान प्राप्त करने का माध्यम नहीं रह गई है। यह धीरे धीरे एक विशाल व्यापार में बदल चुकी है। इस व्यापार का सबसे चमकदार और सबसे खतरनाक चेहरा निजी प्रतियोगी शिक्षण उद्योग है। शहरों की दीवारों से लेकर चलभाष पटल तक हर जगह सर्वोच्च अंक प्राप्त करने वाले छात्रों की मुस्कान, चयनित विद्यार्थियों की तस्वीरें और सफलता के बड़े बड़े दावे दिखाई देते हैं। ऐसा माहौल बना दिया गया है कि बिना इन संस्थानों के सफलता असंभव लगने लगती है। लाखों परिवार अपनी आर्थिक स्थिति से ऊपर उठकर बच्चों को इन केंद्रों में</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/180637/commercialization-of-education-and-the-future-of-students"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/download.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;" align="right"><strong> <span lang="hi" xml:lang="hi">महेन्द्र तिवारी</span></strong></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;">भारत में शिक्षा अब केवल ज्ञान प्राप्त करने का माध्यम नहीं रह गई है। यह धीरे धीरे एक विशाल व्यापार में बदल चुकी है। इस व्यापार का सबसे चमकदार और सबसे खतरनाक चेहरा निजी प्रतियोगी शिक्षण उद्योग है। शहरों की दीवारों से लेकर चलभाष पटल तक हर जगह सर्वोच्च अंक प्राप्त करने वाले छात्रों की मुस्कान, चयनित विद्यार्थियों की तस्वीरें और सफलता के बड़े बड़े दावे दिखाई देते हैं। ऐसा माहौल बना दिया गया है कि बिना इन संस्थानों के सफलता असंभव लगने लगती है। लाखों परिवार अपनी आर्थिक स्थिति से ऊपर उठकर बच्चों को इन केंद्रों में भेज रहे हैं क्योंकि उन्हें लगता है कि यही उनके भविष्य का एकमात्र रास्ता है।</p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;">सरकारी सर्वेक्षणों के अनुसार आज भारत में लगभग 27 से 33 प्रतिशत छात्र किसी न किसी प्रकार की निजी शिक्षा ले रहे हैं। शहरी क्षेत्रों में यह संख्या और अधिक है। दिल्ली जैसे शहरों में लगभग 39 प्रतिशत छात्र इन संस्थानों से जुड़े हुए पाए गए हैं। यह आंकड़ा केवल शिक्षा की स्थिति नहीं बताता बल्कि उस मानसिक दबाव को भी दिखाता है जिसमें समाज जी रहा है। विद्यालयों और महाविद्यालयों पर भरोसा कम हुआ है और इन व्यापारिक केंद्रों को सफलता का संक्षिप्त मार्ग मान लिया गया है।</p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;">सबसे चिंताजनक बात यह है कि इस उद्योग का बड़ा हिस्सा शिक्षा से ज्यादा विपणन पर टिका हुआ है। आज आभासी माध्यमों से छात्रों को जोड़ने का काम बड़े स्तर पर किया जा रहा है। एक प्रतिवेदन के अनुसार लगभग 62 प्रतिशत प्रवेश अब अंतर्जाल आधारित प्रचार के माध्यम से हो रहे हैं। इसका अर्थ यह है कि शिक्षा अब विज्ञापन और पहचान निर्माण के उसी प्रतिरूप पर चल रही है जिस पर कोई बड़ा व्यावसायिक प्रतिष्ठान चलता है। फर्क केवल इतना है कि यहां उत्पाद कोई वस्तु नहीं बल्कि छात्रों का भविष्य है।</p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;">इन संस्थानों की सबसे बड़ी चाल उनका चयन प्रदर्शन होता है। हजारों और लाखों छात्रों की भीड़ में यदि 5 या 10 छात्रों का चयन हो जाए तो वही चेहरे हर विज्ञापन पट्ट पर दिखाई देने लगते हैं। ऐसा माहौल तैयार किया जाता है कि हर छात्र को लगे कि अगला चेहरा उसी का होगा। लेकिन कोई यह नहीं पूछता कि बाकी हजारों छात्रों का क्या हुआ। वे छात्र जो वर्षों तक शुल्क भरते रहे, जो किराये के कमरों में रहकर तैयारी करते रहे, जिनके परिवार कर्ज में डूब गए, उनका संघर्ष किसी विज्ञापन में जगह नहीं पाता।</p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;">यहां सबसे बड़ा खेल संख्या का है। कुछ संस्थान कम शुल्क रखकर गरीब और मध्यमवर्गीय छात्रों की भारी भीड़ जुटाते हैं। 1000 या 2000 रुपये का शुल्क सुनकर छात्रों को लगता है कि उन्हें बहुत बड़ा अवसर मिल रहा है। लेकिन जब ऐसे लाखों छात्र जुड़ते हैं तो वही छोटी रकम करोड़ों का कारोबार बना देती है। कम शुल्क का मतलब सेवा भावना नहीं होता। कई बार यह भीड़ इकट्ठा करने की रणनीति होती है। जितनी बड़ी भीड़, उतना बड़ा मुनाफा और उतनी ही बड़ी सफलता की कहानी।</p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;">विडंबना यह है कि छात्र मेहनत अपनी करते हैं लेकिन श्रेय पूरा संस्थान ले जाता है। यदि कोई छात्र सफल हो जाए तो संस्था कहती है कि यह उसकी शिक्षा का परिणाम है। लेकिन यदि लाखों छात्र असफल हो जाएं तो उसकी जिम्मेदारी कोई नहीं लेता। असफल छात्र को कहा जाता है कि उसने पर्याप्त मेहनत नहीं की। इस तरह सफलता संस्थान की और असफलता छात्र की बना दी जाती है। आज इस उद्योग ने छात्रों की मानसिकता भी बदल दी है। पहले शिक्षा का उद्देश्य समझ विकसित करना होता था। अब शिक्षा केवल परीक्षा पास करने तक सीमित</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                            <category>संपादकीय</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 04 Jun 2026 18:41:49 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>नीट पेपर लीक के नौ गुनहगार: सिस्टम के अंदर से हुआ खेला, स्पेशल क्लास से लेकर करोड़ों के सौदे ।</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात</strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;"><strong> ब्यूरो प्रयागराज।</strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">देश के लाखों छात्रों के भविष्य से जुड़ी नीट यूजी 2026 परीक्षा में एक बार फिर वही हुआ जिसका डर था-पेपर लीक। इस हाई-प्रोफाइल मामले में अब तक नौ गिरफ्तारियां हो चुकी हैं। केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) के हाथ जैसे-जैसे इस नेटवर्क के सिंडिकेट तक पहुंच रहे हैं, एक बेहद चौंकाने वाला सच सामने आ रहा है। सच यह कि परीक्षा प्रणाली की सुरक्षा में बाहर से किसी ने सेंध नहीं लगाई, बल्कि सिस्टम के रखवालों ने ही अंदर से दरवाजे खोल दिए थे।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">सीबीआई की तफ्तीश के केंद्र में दो मुख्य चेहरे हैं, मनीषा गुरुनाथ</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/179528/nine-culprits-of-neet-paper-leak-played-from-inside-the"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-05/download3.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात</strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"><strong> ब्यूरो प्रयागराज।</strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">देश के लाखों छात्रों के भविष्य से जुड़ी नीट यूजी 2026 परीक्षा में एक बार फिर वही हुआ जिसका डर था-पेपर लीक। इस हाई-प्रोफाइल मामले में अब तक नौ गिरफ्तारियां हो चुकी हैं। केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) के हाथ जैसे-जैसे इस नेटवर्क के सिंडिकेट तक पहुंच रहे हैं, एक बेहद चौंकाने वाला सच सामने आ रहा है। सच यह कि परीक्षा प्रणाली की सुरक्षा में बाहर से किसी ने सेंध नहीं लगाई, बल्कि सिस्टम के रखवालों ने ही अंदर से दरवाजे खोल दिए थे।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">सीबीआई की तफ्तीश के केंद्र में दो मुख्य चेहरे हैं, मनीषा गुरुनाथ मंधारे और पीवी कुलकर्णी। मनीषा पुणे की एक सीनियर बॉटनी लेक्चरर हैं और उन्हें इस पूरी साजिश का मास्टरमाइंड माना जा रहा है। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) ने उन्हें एक एक्सपर्ट के तौर पर नियुक्त किया था। इसी आधिकारिक हैसियत की वजह से प्रश्नपत्रों तक उनकी सीधी पहुंच थी। वहीं, पुणे से गिरफ्तार लातूर के रिटायर्ड केमिस्ट्री प्रोफेसर पीवी कुलकर्णी भी लंबे समय से एनटीए की परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े हुए थे। इन दोनों ने मिलकर सिस्टम के इसी भरोसे का फायदा उठाया और पेपर को लीक कर दिया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">सीबीआई के अनुसार, यह खेल अप्रैल के आखिरी हफ्ते में ही शुरू हो चुका था। कुलकर्णी ने अपनी सहयोगी मनीषा वाघमारे के साथ मिलकर ऐसे छात्रों को जोड़ना शुरू किया जो इसके लिए मोटी रकम दे सकें। अब आप सोच रहे होंगे यह दूसरी मनीषा कौन है? मनीषा वाघमारे  पुणे में एक ब्यूटी सैलून चलाती हैं। इसके बाद पुणे में कुलकर्णी के घर पर चुनिंदा छात्रों के लिए एक 'विशेष कोचिंग क्लास' शुरू हुई। यह कोई साधारण क्लास नहीं थी। यहां छात्रों को न तो कोई कॉन्सेप्ट समझाया जा रहा था और न ही कोई थ्योरी पढ़ाई जा रही थी। यहां सीधे नीट परीक्षा के सवाल, उनके विकल्प और सही जवाब बताए जा रहे थे। छात्र चुपचाप इन्हें अपनी कॉपियों में नोट कर रहे थे। जब सीबीआई ने इन छात्रों की नोटबुक्स जब्त कीं, तो जांच अधिकारी भी हैरान रह गए। तीन मई को आयोजित नीट यूजी 2026 परीक्षा के असली प्रश्नपत्र से ये सवाल हूबहू मैच कर रहे थे।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इस पूरे सिंडिकेट का भंडाफोड़ महाराष्ट्र के लातूर में हुआ। वहां एक कोचिंग संस्थान के मॉक टेस्ट में अचानक 42 ऐसे सवाल पूछ लिए गए, जो ठीक दो दिन बाद होने वाली नीट परीक्षा के असली पेपर में आने वाले थे। जब परीक्षा के दिन असली पेपर सामने आया, तो कुछ जागरूक अभिभावकों के कान खड़े हो गए। उन्होंने तुरंत इसकी शिकायत स्थानीय पुलिस से की। मामले की गंभीरता और इसके अंतर-राज्यीय कनेक्शन को देखते हुए केस तुरंत सीबीआई को सौंप दिया गया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">सीबीआई की जांच में सामने आया है कि यह एक बेहद संगठित सिंडिकेट था। यह नेटवर्क सेमिनार आयोजित करता था और ऐसे छात्रों को ढूंढता था जो पढ़ाई में कमजोर हों लेकिन उनके परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत हो। इस काम के लिए उन्होंने पुराने छात्रों, खासकर इंजीनियरिंग बैकग्राउंड वाले युवाओं को अपना एजेंट बना रखा था। पिछले 24 घंटों में सीबीआई ने देशव्यापी छापेमारी कर कई अहम दस्तावेज, मोबाइल फोन और इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स जब्त किए हैं। अब तक जयपुर, गुरुग्राम, नासिक, पुणे और अहिल्यानगर से</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> कुल नौ लोगों को दबोचा जा चुका है।</div>
<div style="text-align:justify;">मनीषा गुरुनाथ मंधारे: पुणे की सीनियर बॉटनी लेक्चरर और एनटीए एक्सपर्ट, जिन्हें साजिश का मास्टरमाइंड माना जा रहा है।प्रो. पीवी कुलकर्णी: लातूर के रिटायर्ड केमिस्ट्री प्रोफेसर और मुख्य सूत्रधार, जिनकी प्रश्न पत्र पैनल तक पहुंच थी।मनीषा वाघमारे: पुणे की ब्यूटी सैलून मालकिन, जो उम्मीदवारों को जुटाने और सीक्रेट क्लास मैनेज करने में सहयोगी थीं।मांगीलाल बीवाल: जयपुर का निवासी, जिस पर लीक पेपर हासिल करने और उसे आगे बांटने का आरोप है।विकास बीवाल: मांगीलाल का बेटा और मेडिकल छात्र, जिसने इस अवैध काम को अंजाम देने में मदद की।दिनेश बीवाल: मांगीलाल का भाई, जो इस पूरे खेल के वित्तीय लेन-देन को संभाल रहा था।यश यादव: गुरुग्राम का रहने वाला मुख्य बिचौलिया, जिसने लीक प्रश्न पत्र बीवाल परिवार तक पहुंचाया।शुभम खैरनार: नासिक का निवासी, जिस पर सबसे पहले लीक या गेस प्रश्न पत्र को बाजार में फैलाने का शक है।धनंजय लोखंडे: अहिल्यानगर का आयुर्वेद डॉक्टर, जिसे इस मामले में संलिप्तता के बाद हिरासत में लिया गया।</div>
<div style="text-align:justify;">सीबीआई अब प्रो कुलकर्णी के पुराने रिकॉर्ड को भी खंगाल रही है। जांच एजेंसी को अंदेशा है कि इस सिंडिकेट का हाथ नीट 2024 के पेपर लीक और अन्य बड़ी राष्ट्रीय परीक्षाओं में हुई गड़बड़ियों से भी जुड़ा हो सकता है।</div>
<div> </div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 18 May 2026 21:35:30 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title> महंगाई, बेरोजगारी और बिजली संकट पर कांग्रेस का प्रदर्शन</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>लालगंज (रायबरेली)।</strong> महंगाई, बेरोजगारी, भ्रष्टाचार और खराब नागरिक सुविधाओं को लेकर सोमवार को ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के कार्यकर्ताओं ने ब्लॉक परिसर के सामने धरना प्रदर्शन किया। कांग्रेसियों ने राज्यपाल को संबोधित 12 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपकर समस्याओं के जल्द समाधान की मांग उठाई।</div>
<div style="text-align:justify;">धरना के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। नेताओं ने बढ़ती महंगाई, बिजली संकट, गैस की किल्लत और युवाओं से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया।</div>
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<div style="text-align:justify;">पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष अनूप बाजपेई ने कहा कि रसोई गैस के दाम लगातार बढ़ रहे हैं। समय पर गैस सिलेंडर नहीं मिलने से आम लोगों को</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/179495/draft-add-congresss-protest-against-inflation-unemployment-and-power-crisis"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-05/img-20260518-wa0275.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>लालगंज (रायबरेली)।</strong> महंगाई, बेरोजगारी, भ्रष्टाचार और खराब नागरिक सुविधाओं को लेकर सोमवार को ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के कार्यकर्ताओं ने ब्लॉक परिसर के सामने धरना प्रदर्शन किया। कांग्रेसियों ने राज्यपाल को संबोधित 12 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपकर समस्याओं के जल्द समाधान की मांग उठाई।</div>
<div style="text-align:justify;">धरना के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। नेताओं ने बढ़ती महंगाई, बिजली संकट, गैस की किल्लत और युवाओं से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष अनूप बाजपेई ने कहा कि रसोई गैस के दाम लगातार बढ़ रहे हैं। समय पर गैस सिलेंडर नहीं मिलने से आम लोगों को परेशानी हो रही है। उन्होंने कहा कि आंधी तूफान के बाद कई क्षेत्रों में बिजली व्यवस्था अब तक पूरी तरह बहाल नहीं हो सकी है।कर्मचारियों की कमी से समस्या और बढ़ रही है। जिला कोषाध्यक्ष दीपेंद्र गुप्ता ने कहा कि महंगाई की वजह से आम आदमी आर्थिक संकट झेल रहा है। उन्होंने नीट परीक्षा मामले को लेकर भी सरकार पर सवाल उठाए। कहा कि परीक्षा गड़बड़ी से छात्रों का भविष्य प्रभावित हुआ है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">धरना को कांग्रेसी नेता सुरेंद्र शर्मा, पूर्व विधायक अशोक सिंह, विधानसभा प्रभारी संतोष त्रिवेदी, संजय सिंह और महेश प्रसाद शर्मा समेत कई नेताओं ने संबोधित किया। संचालन जिला सचिव कामता प्रसाद गौड़ ने किया। इस दौरान नगर पंचायत अध्यक्ष सरिता गुप्ता, ब्लॉक अध्यक्ष अजय सिंह, आकर्षक द्विवेदी, कमल सिंह चौहान, प्रतीक शर्मा, पदमधर सिंह, मदन कुमार, राजकुमार समेत बड़ी संख्या में कांग्रेसी कार्यकर्ता मौजूद रहे।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पश्चिमी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 18 May 2026 20:11:27 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>नीट 2026 पेपर लीक के खिलाफ़ दिशा छात्र संगठन द्वारा NTA चेयरमैन का पुतला दहन किया गया।</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात।</strong></div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज </strong></div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">आज दिशा छात्र संगठन, इलाहाबाद इकाई द्वारा प्रयागराज के बक्शी बांध सब्जी मंडी में NTA द्वारा कराए गए पेपर लीक के ख़िलाफ़ विरोध प्रदर्शन रखा गया। </div><div style="text-align:justify;">बात रखते हुए प्रशान्त ने कहा कि 03 मई 2026 को आयोजित नीट (NEET) परीक्षा के पेपर लीक होने की खबरों ने एक बार फिर देश की शिक्षा व्यवस्था और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस वर्ष आयोजित हुई परीक्षा में लगभग 22,05,035 छात्रों ने भाग लिया था, जिनका भविष्य अब असमंजस और मानसिक तनाव के बीच लटक गया है। परीक्षा से</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/179152/the-effigy-of-nta-chairman-was-burnt-by-disha-student"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-05/img-20260512-wa0138.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात।</strong></div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज </strong></div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">आज दिशा छात्र संगठन, इलाहाबाद इकाई द्वारा प्रयागराज के बक्शी बांध सब्जी मंडी में NTA द्वारा कराए गए पेपर लीक के ख़िलाफ़ विरोध प्रदर्शन रखा गया। </div><div style="text-align:justify;">बात रखते हुए प्रशान्त ने कहा कि 03 मई 2026 को आयोजित नीट (NEET) परीक्षा के पेपर लीक होने की खबरों ने एक बार फिर देश की शिक्षा व्यवस्था और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस वर्ष आयोजित हुई परीक्षा में लगभग 22,05,035 छात्रों ने भाग लिया था, जिनका भविष्य अब असमंजस और मानसिक तनाव के बीच लटक गया है। परीक्षा से पहले सोशल मीडिया और व्हाट्सएप समूहों में 720 में से लगभग 600 अंकों तक के "गेस पेपर" घूम रहे थे, जिसके बाद 07 मई को पेपर लीक की खबर सामने आई।</div><div style="text-align:justify;">दिशा के चन्द्रप्रकाश ने कहा कि यह कोई पहली घटना नहीं है। पिछले वर्षों में भी एनटीए द्वारा आयोजित विभिन्न प्रतियोगी और प्रवेश परीक्षाओं में धांधली, पेपर लीक और भ्रष्टाचार के मामले सामने आते रहे हैं। लगातार हो रहे पेपर लीक लाखों छात्रों और युवाओं के मेहनत, सपनों और भविष्य के साथ क्रूर मज़ाक हैं। इन घटनाओं ने छात्रों के भीतर गहरा मानसिक दबाव पैदा किया है, जिसके चलते देश के कई शैक्षणिक शहरों में आत्महत्या जैसी दुखद घटनाएँ भी बढ़ी हैं।  </div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">यह समस्या केवल कुछ कर्मचारियों या अधिकारियों की लापरवाही का परिणाम नहीं है, बल्कि शिक्षा व्यवस्था में बढ़ते निजीकरण, ठेकेदारी और मुनाफाखोरी का नतीजा है। पहले प्रश्नपत्र सरकारी प्रेसों में छपते थे, जहाँ सुरक्षा अपेक्षाकृत मजबूत होती थी, लेकिन अब प्रश्नपत्रों की छपाई निजी कंपनियों और ठेकेदारों को सौंप दी गई है। मुनाफे पर टिकी यह व्यवस्था शिक्षा को भी बाज़ार में बदल चुकी है, जहाँ छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ आम बात हो गई है।</div><div style="text-align:justify;">हर बार की तरह इस बार भी सरकार और प्रशासन कुछ कर्मचारियों को निलंबित कर या जांच कमेटी बैठाकर पूरे मामले को दबाने की कोशिश करेगा, लेकिन इससे समस्या का समाधान नहीं होगा। ज़रूरत इस पूरी भ्रष्ट और मुनाफाखोर व्यवस्था पर सवाल उठाने की है, जिसने शिक्षा को भी व्यापार बना दिया है।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;"> नीट 2026 परीक्षा को तत्काल रद्द कर निष्पक्ष पुनः परीक्षा करायी जाए।</div><div style="text-align:justify;">•पेपर लीक और धांधली में शामिल सभी लोगों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।</div><div style="text-align:justify;">• पेपर लीक रोकने के लिए कठोर और प्रभावी कानून बनाया जाए।</div><div style="text-align:justify;">• धांधली से प्रभावित छात्रों को मुआवज़ा दिया जाए तथा परीक्षा फॉर्म की पूरी फीस वापस की जाए।</div><div style="text-align:justify;">•प्रश्नपत्रों की छपाई निजी प्रेसों की बजाय सरकारी प्रेसों में करायी जाए कि मांग की गई।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">इस प्रदर्शन में चन्द्रप्रकाश, प्रशांत, निधि, सौम्या, चंचल, अमन आदि उपस्थित रहे। </div><div class="yj6qo" style="text-align:justify;"><br /></div><div class="adL" style="text-align:justify;"><br /></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 13 May 2026 19:48:59 +0530</pubDate>
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