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                <title>जनप्रतिनिधियों का विरोध - Swatantra Prabhat</title>
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                <description>जनप्रतिनिधियों का विरोध RSS Feed</description>
                
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                <title>धूल भरी आंधी से बदला मौसम का मिजाज, शहर से गांव तक चरमराई बिजली व्यवस्था </title>
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<div style="text-align:justify;"><strong>बलरामपुर, </strong>जिले में बुधवार अपराह्न करीब साढ़े तीन बजे अचानक आई तेज धूल भरी आंधी ने मौसम का मिजाज बदल दिया। भीषण गर्मी और उमस से परेशान लोगों को जहां राहत मिली, वहीं दूसरी ओर आंधी ने बिजली व्यवस्था को पूरी तरह प्रभावित कर दिया। तेज हवाओं के कारण कई स्थानों पर पेड़ और टहनियां गिर गईं, जिससे विद्युत लाइनों के अटेंशन तार टूट गए और कई इलाकों की बिजली आपूर्ति बाधित हो गई। नगर क्षेत्र में आंधी के बाद कुछ समय तक बिजली व्यवस्था बहाल करने का प्रयास किया गया, लेकिन देर शाम तक कई मोहल्लों में बिजली की</div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/179134/weather-patterns-changed-due-to-dust-storm-power-system-collapsed"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-05/img-20260513-wa0365.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
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<div style="text-align:justify;"><strong>बलरामपुर, </strong>जिले में बुधवार अपराह्न करीब साढ़े तीन बजे अचानक आई तेज धूल भरी आंधी ने मौसम का मिजाज बदल दिया। भीषण गर्मी और उमस से परेशान लोगों को जहां राहत मिली, वहीं दूसरी ओर आंधी ने बिजली व्यवस्था को पूरी तरह प्रभावित कर दिया। तेज हवाओं के कारण कई स्थानों पर पेड़ और टहनियां गिर गईं, जिससे विद्युत लाइनों के अटेंशन तार टूट गए और कई इलाकों की बिजली आपूर्ति बाधित हो गई। नगर क्षेत्र में आंधी के बाद कुछ समय तक बिजली व्यवस्था बहाल करने का प्रयास किया गया, लेकिन देर शाम तक कई मोहल्लों में बिजली की आंखमिचौली जारी रही।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">वहीं ग्रामीण क्षेत्रों की स्थिति और भी खराब रही। कई गांवों में तार टूटने और फाल्ट आने के कारण देर रात तक बिजली आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी। बिजली न रहने से लोगों को पेयजल संकट और गर्मी का सामना करना पड़ा।अचानक बदले मौसम के कारण सड़कों पर धूल का गुबार छा गया, जिससे राहगीरों को भी परेशानी हुई। कई जगहों पर छोटे पेड़ और होर्डिंग गिर गए। बिजली विभाग के कर्मचारी फाल्ट खोजने और आपूर्ति बहाल करने में जुटे रहे।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">विभागीय अधिकारियों का कहना है कि आंधी के कारण कई फीडरों पर तकनीकी खराबी आई है, जिसे ठीक कराने का कार्य तेजी से कराया जा रहा है। आंधी के बाद मौसम सुहावना होने से लोगों ने गर्मी से राहत जरूर महसूस की, लेकिन बिजली संकट ने राहत के इस एहसास को फीका कर दिया। वहीं दूसरी ओर गैसड़ी क्षेत्र में बीते 4 मई को आए तेज आंधी-तूफान के बाद गैसड़ी विद्युत उपकेंद्र क्षेत्र के करीब 200 गांवों में बिजली व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">आंधी में लगभग 130 बिजली पोल टूट गए थे, लेकिन दस दिन बीत जाने के बाद भी ग्रामीण इलाकों में बिजली आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी है। गांवों में टूटे पोल और बिजली के तार अब भी खेतों और सड़कों के किनारे पड़े हैं, जिससे लोगों में भारी नाराजगी है। बिजली न होने से पेयजल संकट भी गहरा गया है। अधिकांश गांवों में पानी की मोटरें बंद पड़ी हैं। वहीं छात्रों की पढ़ाई और किसानों की सिंचाई व्यवस्था भी प्रभावित हो रही है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">गैसड़ी ब्लॉक के खमरिया, परसहिया, चैपुरवा, ठुकरापुर, बिशुनपुर कला, बरगदवा कला, बानगढ़ पिपरी, लालपुर, रमवापुर और रजडेरवा समेत कई गांवों के प्रधानों और जनप्रतिनिधियों ने बिजली विभाग पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है। प्रधानों का कहना है कि आंधी के बाद से अब तक कोई अधिकारी या कर्मचारी गांवों का निरीक्षण करने तक नहीं पहुंचा। उनका आरोप है कि नगर क्षेत्र को प्राथमिकता देकर ग्रामीण इलाकों की अनदेखी की जा रही है।</div>
</div>
<div class="yj6qo" style="text-align:justify;"> </div>
<div class="adL"> </div>
</div>
</div>
</div>
<div class="hq gt"></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>आपका शहर</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 13 May 2026 19:31:18 +0530</pubDate>
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