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                <title>भ्रष्टाचार का मामला - Swatantra Prabhat</title>
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                <description>भ्रष्टाचार का मामला RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>*सरकारी जमीन के लाखों के पेड़ बेचे जाने का आरोप दो प्रधानों समेत नेखपाल पर मुकदमा</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
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<div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती।</strong> बस्ती जिला भ्रष्टाचार की आज में चल रहा है चाहे वह राजस्व विभाग हो चाहे विकास विभाग हो या पुलिस विभाग सबसे बड़ा भ्रष्टाचारी वन विभाग में हो रहा है मौके पर ग्राम प्रधान द्वारा और हल्का लेखपाल की मिली भगत से कई लाखों के पेड़ बिक्री कर लिए गए जिसकी भनकपन क्षेत्र अधिकारी को नहीं लग पाई जिले पर बैठे जिम्मेदार अधिकारी भ्रष्टाचार रोकने में नाकाम साबित हो रहे हैं कैसे भ्रष्टाचार की आग कब बुझेगी भ्रष्टाचार होता रहा अधिकारी सोते रहे जनता पिसती रही कोई सुनने वाला अधिकारी नहीं बैठा है संबंधित कर्मचारियों अधिकारियों के कान भर</div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/181959/case-filed-against-nekhpal-along-with-two-pradhans-accused-of"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/img-20260622-wa0059.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती।</strong> बस्ती जिला भ्रष्टाचार की आज में चल रहा है चाहे वह राजस्व विभाग हो चाहे विकास विभाग हो या पुलिस विभाग सबसे बड़ा भ्रष्टाचारी वन विभाग में हो रहा है मौके पर ग्राम प्रधान द्वारा और हल्का लेखपाल की मिली भगत से कई लाखों के पेड़ बिक्री कर लिए गए जिसकी भनकपन क्षेत्र अधिकारी को नहीं लग पाई जिले पर बैठे जिम्मेदार अधिकारी भ्रष्टाचार रोकने में नाकाम साबित हो रहे हैं कैसे भ्रष्टाचार की आग कब बुझेगी भ्रष्टाचार होता रहा अधिकारी सोते रहे जनता पिसती रही कोई सुनने वाला अधिकारी नहीं बैठा है संबंधित कर्मचारियों अधिकारियों के कान भर देते हैं इसलि कार्रवाई नहीं हो पा रही है नहीं संभाल रहा जिला संबंधित अधिकारियों से वन विभाग के अधिकारियों को जिले से लेकर हरैया वनक्षेत्रअधिकारी सहित कर्मचारियों को बर्खास्त करना चाहिए भ्रष्टाचार की गंगा में डुबकी लगाने में कोई विभाग चूक नहीं रहा है कैसे होगा जिले का विकास भगवान भरोसे छोड़ गया हल्का लेखपाल और प्रधान के खिलाफ वन क्षेत्र अधिकारी द्वारा f i r दर्ज किया गया ता जा मामला परशुरामपुर थाना क्षेत्र की ग्राम पंचायत ककराखुर्द और हरनहवा में सरकारी भूमि पर खड़े लाखों रुपये मूल्य के पेड़ों की अवैध कटान और बिक्री का मामला सामने आरोप है कि दोनों ग्राम पंचायतों के प्रधानों ने वन विभाग को सूचना दिए  नियमानुसार नीलामी कराए बिना ही कीमती पेड़ों को बेच दिया मामले की जानकारी मिलते ही वन विभाग हरैया ने जांच शुरू करते हुए कड़ी कार्रवाई की प्रथम दृष्टया अनियमितता पाए जाने पर संबंधित प्रधानों एवं नेखपाल के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया घटना से क्षेत्र में हड़कंप मचा वन क्षेत्राधिकारी शारदानंद त्रिपाठी ने बताया कि सरकारी पेड़ों की कटान और बिक्री की शिकायत प्राप्त हुई जांच में अवैध कटान के तथ्य सामने आए हैं जिसके आधार पर संबंधित लोगों के विरुद्ध विधिक कार्रवाई की जा रही उन्होंने कहा कि दोषी पाए जाने वाले प्रधानों और लेखपाल के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगीसरकारी संपत्ति को भारी नुकसान पहुंचता फिलहाल वन विभाग पूरे प्रकरण की गहन जांच में जुटा और अन्य जिम्मेदार लोगों की भूमिका भी खंगाली जा रही। क्या इन भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई होगी लेकिन अब कोई कार्रवाई ब्यौरा नहीं प्राप्त हुआ </div>
<div style="text-align:justify;">देखते हैं इस मामले में जिलाधिकारी क्या एक्शन लेती है क्या इन भ्रष्टाचार्यों पर कार्रवाई होगा।</div>
</div>
<div class="yj6qo" style="text-align:justify;"> </div>
<div class="adL"> </div>
</div>
</div>
</div>
<div class="hq gt">
<div class="hp"> </div>
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</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 22 Jun 2026 19:12:51 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सिद्धार्थनगर:वित्तीय अनियमितताओं के आरोप में ग्राम पंचायत सचिव निलंबित</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात संवाददाता</strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>  सिद्धार्थनगर।</strong> जिले के खुनियांव विकास खंड की चार ग्राम पंचायतों में विकास कार्यों के नाम पर सरकारी धन के गबन और वित्तीय अनियमितता का मामला सामने आया है। जांच में कुल 6,11,426 रुपये के गबन की पुष्टि होने के बाद जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने संबंधित ग्राम विकास अधिकारी मोईदुर्रहमान को तत्काल निलंबित करने के निर्देश दिए हैं। </div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">  चार ग्राम पंचायतों में  जांच के बाद कुल 6,11,426 रुपये के गबन की पुष्टि हुई है। इसके साथ ही अभिलेखों में कूटरचित, नियम विरुद्ध भुगतान और वित्तीय प्रक्रियाओं की अनदेखी के आरोप भी जांच</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">जिले</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/180893/siddharthnagar-gram-panchayat-secretary-suspended-on-charges-of-financial-irregularities"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/download1.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात संवाददाता</strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"><strong> सिद्धार्थनगर।</strong> जिले के खुनियांव विकास खंड की चार ग्राम पंचायतों में विकास कार्यों के नाम पर सरकारी धन के गबन और वित्तीय अनियमितता का मामला सामने आया है। जांच में कुल 6,11,426 रुपये के गबन की पुष्टि होने के बाद जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने संबंधित ग्राम विकास अधिकारी मोईदुर्रहमान को तत्काल निलंबित करने के निर्देश दिए हैं। </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> चार ग्राम पंचायतों में  जांच के बाद कुल 6,11,426 रुपये के गबन की पुष्टि हुई है। इसके साथ ही अभिलेखों में कूटरचित, नियम विरुद्ध भुगतान और वित्तीय प्रक्रियाओं की अनदेखी के आरोप भी जांच में सामने आए हैं। जांच रिपोर्ट में ग्राम विकास अधिकारी मोईदुर्रहमान को प्रथम दृष्टया दोषी ठहराया गया है।जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन ने मामले को गंभीर वित्तीय अनियमितता मानते हुए तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। जिलाधिकारी के निर्देश पर जिला विकास अधिकारी राजमणि वर्मा को ग्राम विकास अधिकारी मोईदुर्रहमान को निलंबित करने तथा आगे की विभागीय कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">जिले की पंचायतों में विकास कार्यों के नाम पर हुए इस कथित गबन ने वित्तीय निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रशासन अब पूरे प्रकरण की गहन जांच कर यह भी पता लगाने की तैयारी में है कि अनियमित भुगतान और सरकारी धन के दुरुपयोग में अन्य किसी अधिकारी, कर्मचारी या संबंधित व्यक्ति की भूमिका तो नहीं रही। यह मामला सहायक विकास अधिकारी (पंचायत) खुनियांव द्वारा ग्राम पंचायत खखरा-खखरी, बगहवा, सिरसिया और तेलियाडीह के निरीक्षण के बाद तैयार की गई जांच रिपोर्ट से उजागर हुआ। इस रिपोर्ट में विभिन्न विकास कार्यों में वित्तीय अनियमितताओं और सरकारी धन के दुरुपयोग के गंभीर तथ्य सामने आए थे।जांच के अनुसार, ग्राम पंचायत खखरा-खखरी में आंगनबाड़ी केंद्र की मरम्मत और डस्टबिन इंस्टालेशन कार्यों में अनियमितता बरती गई। </div>
<div class="yj6qo" style="text-align:justify;"> </div>
<div class="adL" style="text-align:justify;"> </div>
<div class="adL" style="text-align:justify;"> </div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 09 Jun 2026 21:13:45 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पोर्टल पर पचास मजदूरों की लगी ऑनलाइन हाजिरी, मौके पर मिले 39 मजदूर</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>रतनपुर/महराजगंज। </strong>सरकार भले ही मनरेगा के जरिए ग्रामीणों को रोजगार देने का दावा करे लेकिन नौतनवा ब्लॉक के ग्राम पंचायत बरगदवा में यह योजना भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ती नजर आ रही है। बरगदवा के ढाबोला से मंगलापुर सीवान तक कुला खुदाई के कार्य में धांधली का मामला प्रकाश में आया है।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">यहां दो अलग-अलग साइड दिखाकर कुल आठ मस्टरोल संख्या 295 से 299 और 364 से 366 जारी किए गए हैं, जिनमें फर्जी तरीके से मजदूरों की उपस्थिति दर्ज कर सरकारी धन के बंदरबांट की साजिश रची जा रही है।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">रविवार की सुबह करीब ग्यारह बजकर बत्तीस मिनट पर कार्यस्थल</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/178943/online-attendance-of-fifty-laborers-started-on-the-portal-39"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-05/0c36ccdc-0e6e-4a16-b15b-87a7472c0bc7_1741611469815.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>रतनपुर/महराजगंज। </strong>सरकार भले ही मनरेगा के जरिए ग्रामीणों को रोजगार देने का दावा करे लेकिन नौतनवा ब्लॉक के ग्राम पंचायत बरगदवा में यह योजना भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ती नजर आ रही है। बरगदवा के ढाबोला से मंगलापुर सीवान तक कुला खुदाई के कार्य में धांधली का मामला प्रकाश में आया है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">यहां दो अलग-अलग साइड दिखाकर कुल आठ मस्टरोल संख्या 295 से 299 और 364 से 366 जारी किए गए हैं, जिनमें फर्जी तरीके से मजदूरों की उपस्थिति दर्ज कर सरकारी धन के बंदरबांट की साजिश रची जा रही है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">रविवार की सुबह करीब ग्यारह बजकर बत्तीस मिनट पर कार्यस्थल पर 55 मजदूरों की आनलाईन हाजिरी दर्ज की गई थी जबकि मौके पर एक भी मजदूर काम करता हुआ नहीं पाया गया। वहीं सोमवार को पोर्टल पर 50 मजदूरों की ऑनलाइन हाजिरी दर्ज की गई जबकि धरातल पर मात्र 39 मजदूर ही पसीना बहाते मिले। शेष 11 मजदूरों मौके से नदारद रहे। ग्रामीणों का आरोप है कि जानबूझकर दो साइड दिखाई गई है ताकि अधिक मस्टरोल जारी कर फर्जी हाजिरी का खेल खेला जा सके। इस पूरे प्रकरण में सबसे चौंकाने वाली और संदिग्ध भूमिका रोजगार सेवक की सामने आई है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">जब इन पुख्ता प्रमाणों पर उनसे जवाब मांगा गया तो उन्होंने अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ते हुए बेहद गैर-जिम्मेदाराना और बेतुका बयान दिया। रोजगार सेवक का कहना था हमें मजदूरों से कोई मतलब नहीं है। हमारा काम सिर्फ ऑनलाइन हाजिरी लगाना है और हम हाजिरी लगाकर वापस चले आते हैं। बाकी मजदूर साइट पर कब आ रहे हैं और कब जा रहे हैं इसकी जिम्मेदारी हमारी नहीं है। रोजगार सेवक का यह बयान न केवल सरकारी कार्यप्रणाली पर सवाल उठाता है,</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">बल्कि यह भी साफ करता है कि जमीन पर काम हो रहा है या नहीं इससे उन्हें कोई सरोकार नहीं है। शासन द्वारा निर्देश है कि कार्यस्थल पर मजदूरों की वास्तविक उपस्थिति सुनिश्चित करना और उनकी देखरेख करना रोजगार सेवक की बुनियादी जिम्मेदारी है। लेकिन यहां जिम्मेदार ही लूट की इस खुली छूट को मूक सहमति देते नजर आ रहे हैं।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 11 May 2026 19:08:29 +0530</pubDate>
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