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                <title>news hindi khabar india - Swatantra Prabhat</title>
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                <title>भारत-नेपाल कोसी-गंडक परियोजनाओं पर सहमति</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><em><strong>स्वतंत्र प्रभात | बिहार से संवाददाता की रिपोर्ट</strong></em><br /><em><strong>प्रकाशक – जितेंद्र कुमार राजेश</strong></em></p>
<p style="text-align:justify;">जल संसाधन विभाग, बिहार सरकार के तत्वावधान में भारत-नेपाल कोसी एवं गंडक परियोजनाओं की संयुक्त समिति (JCKGP) की 11वीं बैठक 30 अप्रैल से 1 मई 2026 तक नेपाल की राजधानी काठमांडू में सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुई। बैठक में दोनों देशों के बीच लंबे समय से लंबित तकनीकी और प्रशासनिक मुद्दों पर सकारात्मक चर्चा हुई और कई अहम बिंदुओं पर सहमति बनी।</p>
<p style="text-align:justify;">बैठक में भारतीय पक्ष का नेतृत्व जल संसाधन विभाग, बिहार के प्रधान सचिव संतोष कुमार मल्ल ने किया, जबकि नेपाल की ओर से जलश्रोत एवं</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/177879/india-nepal-agree-on-kosi-gandak-projects"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-05/img-20260502-wa0073.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><em><strong>स्वतंत्र प्रभात | बिहार से संवाददाता की रिपोर्ट</strong></em><br /><em><strong>प्रकाशक – जितेंद्र कुमार राजेश</strong></em></p>
<p style="text-align:justify;">जल संसाधन विभाग, बिहार सरकार के तत्वावधान में भारत-नेपाल कोसी एवं गंडक परियोजनाओं की संयुक्त समिति (JCKGP) की 11वीं बैठक 30 अप्रैल से 1 मई 2026 तक नेपाल की राजधानी काठमांडू में सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुई। बैठक में दोनों देशों के बीच लंबे समय से लंबित तकनीकी और प्रशासनिक मुद्दों पर सकारात्मक चर्चा हुई और कई अहम बिंदुओं पर सहमति बनी।</p>
<p style="text-align:justify;">बैठक में भारतीय पक्ष का नेतृत्व जल संसाधन विभाग, बिहार के प्रधान सचिव संतोष कुमार मल्ल ने किया, जबकि नेपाल की ओर से जलश्रोत एवं सिंचाई विभाग के महानिदेशक मित्र बराल ने प्रतिनिधित्व किया। दोनों देशों के केंद्र और राज्य/प्रांतीय स्तर के वरिष्ठ अधिकारी भी बैठक में शामिल हुए।<br />बैठक में पश्चिमी कोसी मुख्य नहर के नेपाल स्थित 35 किलोमीटर हिस्से, कोसी बराज, पूर्वी एवं पश्चिमी तटबंधों के अफ्लक्स बांध, वाल्मिकीनगर स्थित गंडक बराज क्षेत्र और मुख्य नहर के विभिन्न हिस्सों को अतिक्रमणमुक्त कराने पर सहमति बनी।</p>
<p style="text-align:justify;">साथ ही नहर पर लगे बिजली के खंभों को हटाने का निर्णय लिया गया, जिससे नहर संचालन और रखरखाव में आ रही बाधाएं दूर होंगी।<br />वीरपुर क्षेत्र के पूर्वी अफ्लक्स बांध के अंतर्गत कोसी वनटप्पू क्षेत्र में वर्ष 2026 के बाढ़ पूर्व कटाव निरोधक कार्यों के लिए बालू, मिट्टी और सिल्ट के उपयोग पर सहमति बनी। इसके अलावा, कोसी परियोजना के अंतर्गत लीज भूमि का सीमांकन जीपीएस तकनीक से तय समयसीमा में पूरा करने का निर्णय लिया गया। निर्माण सामग्री और वाहनों के आवागमन को दिन-रात सुचारू रूप से जारी रखने पर भी सहमति बनी।</p>
<p style="text-align:justify;">कोसी बराज पर वाहनों की गति नियंत्रित करने के लिए संरचनात्मक और गैर-संरचनात्मक उपाय अपनाने पर भी निर्णय लिया गया। बाढ़ के दौरान बराज पर मछली पकड़ने और लकड़ी निकालने जैसी गतिविधियों से संचालन में आ रही बाधाओं को दूर करने का आश्वासन नेपाली पक्ष ने दिया। नेपाल क्षेत्र में स्थानीय निकायों द्वारा कोसी परियोजना के वाहनों पर लगाए जा रहे कर को द्विपक्षीय समझौते के विरुद्ध बताते हुए इसे समाप्त करने का आश्वासन भी दिया गया। वहीं, नेपाल सरकार ने कुछ क्षेत्रों में जलजमाव की समस्या के समाधान के लिए जल निकासी व्यवस्था विकसित करने का अनुरोध किया, जिस पर संयुक्त निरीक्षण कर कार्रवाई करने पर सहमति बनी।</p>
<p style="text-align:justify;">दोनों पक्षों के बीच कार्यों की सूची नियमित रूप से साझा करने, ईमेल के माध्यम से जानकारी उपलब्ध कराने और सैटेलाइट इमेजरी साझा करने पर भी सहमति बनी। नेपाल ने कोसी नदी की धारा को मध्य में बनाए रखने की अपेक्षा जताई, जिस पर भारतीय पक्ष ने बताया कि बराज संचालन मैनुअल के अनुरूप यह प्रयास लगातार जारी है। इसके तहत बाढ़ पूर्व अपस्ट्रीम में जमा सिल्ट हटाने और डाउनस्ट्रीम में 2.5 किलोमीटर लंबा पायलट चैनल निर्माण कार्य कराया जा रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;">मानसून के दौरान बाढ़ पूर्वानुमान मॉडल के लिए वर्षा और जलस्तर से जुड़े आंकड़ों के आदान-प्रदान पर भी चर्चा हुई, जिस पर विस्तृत विचार-विमर्श 2 मई 2026 को प्रस्तावित बैठक में किया जाएगा। बैठक में भारत सरकार की ओर से सुमन शेखर (प्रथम सचिव, भारतीय दूतावास नेपाल), सुनील कुमार (सदस्य, GFCC), पीयूष कुमार त्रिपाठी (सहायक निदेशक-II) शामिल हुए। वहीं बिहार सरकार की ओर से वरुण कुमार (अभियंता प्रमुख), ब्रजेश मोहन (अभियंता प्रमुख), संजीव शैलेश (मुख्य अभियंता), अनिल कुमार मंडल (मुख्य अभियंता), अवधेश कुमार सिन्हा (अधीक्षण अभियंता), चंद्रशेखर कुमार (स्थानिक अभियंता) और प्रशांत सोनी (संपर्क पदाधिकारी) उपस्थित रहे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बिहार/झारखंड</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 02 May 2026 21:05:56 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[BIHAR SWATANTRA PRABHAT]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सब उपाय फेल महंगाई डायन बढती ही जाती है! </title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;">देश में खुदरा वस्तुओं के कीमत में पिछले तिमाही में काफी इजाफा हुआ है। सरकार के कीमत नियंत्रण के तमाम उपाय धरे रह जाते है लेकिन महंगाई थमने का नाम नहीं लेती। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की कोशिश है कि खुदरा महंगाई को चार फीसद से नीचे लाकर स्थिर किया जा सके, मगर तमाम कोशिशों के बावजूद इस पर काबू पाना कठिन बना हुआ है। महंगाई के रुख को देखते हुए ही एक बार फिर से रिजर्व बैंक रेपो दर में बदलाव नहीं किया है। मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) की ताजा घोषणा में रेपो रेट को लगातार 11वीं बार 6.50</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/146846/all-measures-fail-inflation-keeps-increasing%C2%A0"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2024-12/hindi-divas3.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;">देश में खुदरा वस्तुओं के कीमत में पिछले तिमाही में काफी इजाफा हुआ है। सरकार के कीमत नियंत्रण के तमाम उपाय धरे रह जाते है लेकिन महंगाई थमने का नाम नहीं लेती। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की कोशिश है कि खुदरा महंगाई को चार फीसद से नीचे लाकर स्थिर किया जा सके, मगर तमाम कोशिशों के बावजूद इस पर काबू पाना कठिन बना हुआ है। महंगाई के रुख को देखते हुए ही एक बार फिर से रिजर्व बैंक रेपो दर में बदलाव नहीं किया है। मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) की ताजा घोषणा में रेपो रेट को लगातार 11वीं बार 6.50 प्रतिशत पर स्थिर रखने का निर्णय लिया गया है। यह फैसला ऐसे समय में आया है जब वैश्विक और घरेलू आर्थिक स्थितियां चुनौतीपूर्ण बनी हुई हैं। आरबीआई के गवर्नर शक्तिकांत दास ने इस फैसले को प्राइस स्टेबिलिटी और आर्थिक विकास के बीच संतुलन बनाए रखने की प्रतिबद्धता बताया है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">रेपो रेट को स्थिर रखने और कैश रिजर्व रेश्यो (सीआरआर) में कटौती जैसे कदम यह दशति हैं कि आरबीआई मुद्रास्फीति को नियंत्रित रखते हुए आर्थिक विकास को गति देने की रणनीति पर काम कर रहा है। दरअसल सरकार ने आरबीआई को खुदरा महंगाई 2 फीसदी के घट-बढ़ के साथ 4 फीसदी पर रखने का जिम्मा दे रखा है। आरबीआई के लिए चिंता की सबसे बड़ी बात खाद्य मुद्रास्फीति है, जो पिछले कई महीनों से नीचे आने का नाम नहीं ले रही है। यही वजह है कि आरबीआई ने ब्याज दरों में कटौती से अभी के लिए परहेज किया। अक्टूबर में खुदरा महंगाई 6.21 फीसदी पहुंच गई यानी आरबीआई की सहनशक्ति के बाहर है। वर्तमान में महंगाई दर को संतुलित बनाए रखना आरबीआई की प्राथमिकता है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">एमपीसी ने अनुमान लगाया है कि चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही में महंगाई दर 5.7 प्रतिशत और चौथी तिमाही में 4.5 प्रतिशत रहेगी। ऐसे में रेपो रेट को स्थिर रखने से महंगाई के दवाव को कम करने में मदद मिल सकती है। वैश्विक अनिश्चितताओं और आपूर्ति श्रृंखला के व्यवधानों के बीच आर्थिक स्थिरता बनाए रखना आवश्यक है। रेपो रेट स्थिर रहने से बाजार में अनावश्यक अस्थिरता नहीं आएगी। आरबीआई गवर्नर ने यह भी कहा कि प्राइस स्टेबिलिटी क्रय शक्ति को प्रभावित करती है। रेपो रेट में बदलाव न करके आरबीआई यह सुनिश्चित कर रहा है कि उपभोक्ताओं और व्यवसायों को वित्तीय स्थिरता का लाभ मिले।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">सीआरआर (कैश रिजर्व रेश्यो) वह प्रतिशत है, जो बैंकों को अपनी कुल जमा का एक हिस्सा आरबीआई के पास रिजर्व के रूप में रखना होता है। इस बार आरबीआई ने सीआरआर में 50 बेसिस प्वाइंट की कटौती कर इसे 4 प्रतिशत कर दिया है। सीआरआर में कटौती से बैंकों के पास अतिरिक्त नकदी उपलब्ध होगी, जिससे वे अधिक ऋण प्रदान कर सकेंगे। लिक्विडिटी बढ़ने से बैंकों को उपभोक्ताओं और व्यवसायों को कर्ज देने में आसानी होगी, जिससे आर्थिक गतिविधियों को बल मिलेगा। छोटे और मध्यम उद्यमों (एसएमई) को कर्ज सुलभ होगा, जो रोजगार सृजन और आर्थिक विकास के लिए महत्वपूर्ण हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">आरबीआई की अन्य घोषणाओं में स्टैंडिंग डिपॉजिट फैसिलिटी (एसडीएफ) को 6.25 प्रतिशत पर स्थिर रखना और बैंक रेट व मार्जिनल स्टैंडिंग फैसिलिटी (एमएसएफ) को 6.75 प्रतिशत पर बनाए रखना शामिल है। ये घोषणाएं मौद्रिक नीति की स्थिरता और विकास के प्रति आरबीआई की प्रतिबद्धता को दर्शाती हैं। चालू वित्त वर्ष में महंगाई दर 5 प्रतिशत से नीचे रहने की संभावना है। वित्त वर्ष 2025-26 के लिए यह लिए यह अनुमान 4 प्रतिशत के करीच रखा गया है। यह दिखाता है कि आरबीआई का लक्ष्य है कि मुद्रास्फीति नियंत्रण में रहे और आम जनता पर इसका दबाव कम हो। आरबीआई गवर्नर ने कहा है कि सस्टेनेबल प्राइस स्टेबिलिटी आर्थिक विकास की नींव को मजबूत कर सकती है। यह दृष्टिकोण दीर्घकालिक विकास के लिए आवश्यक है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">आरबीआई की मौद्रिक नीति वर्तमान में 'स्थिरता और संतुलन' की ओर उन्मुख है। वैश्विक स्तर पर ब्याज दरों में उतार-चढ़ाव, तेल की कीमतों में अस्थिरता, और मुद्रा बाजार की चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए, आरबीआई अपनी नीतियों को संतुलित कर रहा है। रेपो रेट स्थिर रखने और सीआरआर में कटौती जैसे कदम अल्पकालिक और दीर्घकालिक लक्ष्यों के बीच संतुलन बनाते हैं। रेपो रेट स्थिर रहने से होम लोन और अन्य ऋणों की ईएमआई पर कोई अतिरिक्त भार नहीं पड़ेगा, जो उपभोक्ताओं के लिए राहत की बात है। सीआरआर में कटौती से बैंकों को अधिक लिक्विडिटी मिलेगी, जिससे लोन सुलभता में वृद्धि होगी। छोटे और मध्यम उद्यम (एसएमई) को कर्ज मिलने में आसानी होगी, जिससे रोजगार सृजन और आर्थिक गतिविधियों को प्रोत्साहन मिलेगा।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">देखा जाए तो आरबीआई की मौद्रिक नीति ने स्थिरता बनाए रखने के लिए प्रभावी कदम उठाए हैं, लेकिन कुछ चुनौतियां अभी भी बनी हुई हैं, जैसे, अमेरिका और यूरोपीय देशों में आर्थिक मंदी की संभावना, वैश्विक तेल कीमतों में उतार-चढ़ाव, और आपूर्ति श्रृंखला में व्यवधान भारतीय अर्थव्यवस्था को प्रभावित कर सकते हैं। प्राइस स्टेविलिटी बनाए रखना आसान नहीं होगा, खासकर जब खाद्य और ऊर्जा की कीमतें अस्थिर हों। निजी क्षेत्र के निवेश में वृद्धि के लिए नीतिगत स्थिरता के साथ- साथ संरचनात्मक सुधारों की भी आवश्यकता होगी। दूसरी बात है कि सितंबर 2024 में समाप्त तिमाही के लिए जीडीपी विकास दर 5.4 प्रतिशत रही। इसने काफी निराश किया। इस गिरावट ने व्याज दरों में कटौती की मांग को और चल दिया है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">हालांकि, जल्द ही स्थिति में सुधार होने की संभावना है। एचएसबपीसी रिसर्च रिपोर्ट की 100- संकेत कों के अध्ययन से पता चलता है कि S5 प्रतिशत अर्थव्यवस्था सकारात्मक गति से बढ़ रही है। भारत की विकास दर अब अधिक स्थायी लेकिन मजबूत स्तर पर सामान्य हो रही है। महंगाई दर अभी ऊंची है, लेकिन उम्मीद है कि जल्द ही इसमें नरमी आयेगी। मार्च तक 5 प्रतिशत से नीचे आ जाएगी। लगातार बाहरी अनिश्चितता के कारण फरवरी से शुरू होने वाले रेपो रेट कटौती साइकिल में कमी आ सकती है। आरबीआई गवर्नर दास के अनुसार बैंकों, एनबीएफसी के वित्तीय मापदंड मजबूत बने हुए हैं। वित्तीय क्षेत्र की सेहत सर्वोत्तम स्तर पर है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">आरबीआई गवर्नर ने कहा कि चालू खाता घाटा वित्त वर्ष 2025 में टिकाऊ स्तर पर रहेगा। भारतीय रुपया उभरती बाजार अर्थव्यवस्थाओं वाले अपने समकक्षों की तुलना में कम अस्थिर रहा है। आरबीआई विनियमित संस्थाओं पर केवल उन मामलों में व्यावसायिक प्रतिबंध लगाता है जहां पर्याप्त सुधारात्मक कार्रवाई दिखाई नहीं देती। उम्मीद यही है कि आने वाले समय में महंगाई पर अंकुश लगेगा। मगर इसमें कोई दोमत नहीं है कि आरबीआई की सस्टेनेबल प्राइस स्टेबिलिटी आर्थिक विकास की नींव को मजबूत कर सकती है। यह दृष्टिकोण दीर्घकालिक विकास के लिए आवश्यक है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>मनोज कुमार अग्रवाल </strong></div>
<div style="text-align:justify;"><strong>(लेखक वरिष्ठ पत्रकार हैं)</strong></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>आपका शहर</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 09 Dec 2024 19:42:41 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Desk]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>जमीनी विवाद को लेकर मारपीट का वीडियो हुआ वायरल,पुलिस ने की वायरल वीडियो की अनदेखी</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>लालगंज (रायबरेली) </strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>सरेनी।</strong></div>
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<div style="text-align:justify;">वाह री सरेनी पुलिस तेरा भी खेल निराला।आखिर ऐसी क्या मजबूरी की एक पक्षीय कार्यवाही है जरूरी।मारपीट के मामले में सरेनी पुलिस द्वारा एक पक्ष से तो आनन फानन मुकदमा पंजीकृत कर लिया गया जबकि दूसरे पक्ष से दी गई तहरीर के बावजूद पुलिस टाल मटोल कर रही है।सरेनी स्थित धूरीखेड़ा गांव का मारपीट का एक वीडियो सोशलमीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है।वायरल वीडियो में साफ तौर पर देखा जा सकता है कि किस तरह आधा दर्जन लोग पीली टी शर्ट पहने युवक की बेरहमी से लाठी डंड़ों से पिटाई कर रहे हैं।यदि बचाव में उसने</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/142250/video-of-fight-over-land-dispute-went-viral-police-ignored"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2024-06/img-20240612-wa0358-(1).jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>लालगंज (रायबरेली) </strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>सरेनी।</strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">वाह री सरेनी पुलिस तेरा भी खेल निराला।आखिर ऐसी क्या मजबूरी की एक पक्षीय कार्यवाही है जरूरी।मारपीट के मामले में सरेनी पुलिस द्वारा एक पक्ष से तो आनन फानन मुकदमा पंजीकृत कर लिया गया जबकि दूसरे पक्ष से दी गई तहरीर के बावजूद पुलिस टाल मटोल कर रही है।सरेनी स्थित धूरीखेड़ा गांव का मारपीट का एक वीडियो सोशलमीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है।वायरल वीडियो में साफ तौर पर देखा जा सकता है कि किस तरह आधा दर्जन लोग पीली टी शर्ट पहने युवक की बेरहमी से लाठी डंड़ों से पिटाई कर रहे हैं।यदि बचाव में उसने भी किसी को चोंट पहुंचायी तो कार्यवाही एक तरफा क्यों ? दोनों पक्षों से दी गई तहरीर के आधार पर मुकदमा पंजीकृत किया जाना चाहिए,किसी का पक्षपात नहीं करना चाहिए और निष्पक्ष जांच के आधार पर कार्यवाही होनी चाहिए।लेकिन सरेनी पुलिस दूसरे पक्ष से दी गई तहरीर पर मुकदमा ही नहीं पंजीकृत करना चाह रही,आखिर ऐसा क्यों ?</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">उल्लेखनीय है कि बुधवार को थाना क्षेत्र के एक गांव में एक युवक पर लाठियां बरसाने का वीडियो वायरल होने से हड़कंप मच गया।वायरल वीडियो में साफ तौर पर देखा जा सकता है कि आधा दर्जन लोग एक युवक को लाठियों से पीट रहे हैं।यह वीडियो थाने के धूरी खेड़ा मजरे हमीरगांव का है,जो कि बीते मंगलवार का है।जमीनी विवाद को लेकर दो पक्षों में मारपीट हुई।इस संबंध में थाना प्रभारी संजय कुमार का कहना है की धूरी खेड़ा गांव में दो पक्षों में जमीन को लेकर विवाद हो गया था।एक पक्ष की रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है,क्योंकि चोट थी।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">कुछ लोग दबाव बनाकर क्रॉस रिपोर्ट दिखाना चाहते हैं लेकिन चोट ना होने के कारण रिपोर्ट नहीं लिखी गई।इससे वीडियो वायरल कर दिया है।उधर वीडियो में पिट रहा पीली टीशर्ट पहने युवक प्रेम शंकर पुत्र जगदेव निवासी धूरी खेड़ा मजे हमीरगांव का कहना है कि पुलिस ने विपक्ष की रिपोर्ट दर्ज कर ली है और जब मैं तहरीर देने गया तो पुलिस ने मेरा ही शांतिभंग में चालान कर दिया। बीती रात मैं तहरीर देने इसलिए नहीं आ सका क्योंकि विपक्षी जो मुझे लाठियों से मार रहे थे उन्होंने मेरा रास्ता हरक रखा हुआ था,आज जैसी मुझे मौका मिला और मैं तहरीर लेकर थाने पहुंचा तो उल्टा पुलिस ने मुझे ही बिठाकर मेरा शांतिभाग में चालान कर दिया।मैं बार-बार कहता रहा कि मेरी बात तो सुनो मुझ पर ही लाठियां बरसी हैं,लेकिन पुलिस ने मेरी एक भी नहीं सुनीं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>तो क्या पुलिस को नहीं दिखी वायरल वीडियो में युवक पर बरसती लाठियां</strong></h4>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">वायरल वीडियो में आप साफ तौर  पर देख सकते हैं कि किस तरह आधा दर्जन लोगों द्वारा पीली टीशर्ट पहने युवक पर ताबड़तोड़ लाठियां बरसाई जा रही हैं।लेकिन शायद यह सब सेटिंग गेटिंग के लिए जानी जाने वाली सरेनी पुलिस को नहीं दिखा।सवाल यह है कि जिन लोगों द्वारा युवक पर ताबड़तोड़ लाठियां बरसाई जा रही हैं क्या उनका गुनाह सरेनी पुलिस की नजर में क्षम्य है।वीडियो देखने के बाद शायद ही कोई कहे कि पीली टीशर्ट पहने युवक के साथ ज्यादती नहीं हुई है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">लेकिन सरेनी पुलिस के चश्में से शायद कसूरवार लाठियां खा रहा सिर्फ युवक ही था,तभी तो सरेनी पुलिस ने सिर्फ एक पक्षीय मुकदमा पंजीकृत करते हुए मामले में इतिश्री कर ली।वहीं दूसरे पक्ष की तहरीर पर पुलिस ने अनदेखी करते हुए मुकदमा लिखना तो दूर पीडित का ही शांतिभंग में चालान कर दिया।पुलिस की इस एकपक्षीय कार्यवाही से क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं,जो कि सरेनी पुलिस की कार्यशैली पर प्रश्नचिन्ह लगा रही हैं।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>अपराध/हादशा</category>
                                            <category>ख़बरें</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 13 Jun 2024 22:30:33 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले  छात्रों के लिए पुलिस आयुक्त की अनूठी पहल।</title>
                                    <description><![CDATA[<div><strong>स्वतंत्र प्रभात</strong></div>
<div>  </div>
<div>पुलिस कमिश्नर रमित शर्मा ने आज अनूठी पहल की। पुलिस आयुक्त और दूसरे पुलिस अफसरों ने पुलिस लाइंस सभागार में प्रतियोगी छात्रों के साथ संवाद का कार्यक्रम आयोजित किया। इस कार्यक्रम के जरिए पुलिस अफसरों ने जहां प्रतियोगी छात्रों को सफलता हासिल करने के टिप्स दिए, वहीं उनका मनोबल बढ़ाने का भी काम किया। अफसरों ने प्रतियोगी छात्रों को एकाग्र होकर, बेहतर प्लानिंग और टाइम मैनेजमेंट के जरिए कामयाबी पाने का गुरुमंत्र दिया।  तनावमुक्त रहते हुए अपने लक्ष्य पर फोकस करने की नसीहत दी ।</div>
<div>  </div>
<div>अफसरों ने छात्रों के साथ अपने अनुभव भी साझा किए और कहा लक्ष्य</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/138176/unique-initiative-of-police-commissioner-for-students-preparing-for-competitive"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2024-01/img-20240113-wa0221.jpg" alt=""></a><br /><div><strong>स्वतंत्र प्रभात</strong></div>
<div> </div>
<div>पुलिस कमिश्नर रमित शर्मा ने आज अनूठी पहल की। पुलिस आयुक्त और दूसरे पुलिस अफसरों ने पुलिस लाइंस सभागार में प्रतियोगी छात्रों के साथ संवाद का कार्यक्रम आयोजित किया। इस कार्यक्रम के जरिए पुलिस अफसरों ने जहां प्रतियोगी छात्रों को सफलता हासिल करने के टिप्स दिए, वहीं उनका मनोबल बढ़ाने का भी काम किया। अफसरों ने प्रतियोगी छात्रों को एकाग्र होकर, बेहतर प्लानिंग और टाइम मैनेजमेंट के जरिए कामयाबी पाने का गुरुमंत्र दिया।  तनावमुक्त रहते हुए अपने लक्ष्य पर फोकस करने की नसीहत दी ।</div>
<div> </div>
<div>अफसरों ने छात्रों के साथ अपने अनुभव भी साझा किए और कहा लक्ष्य तक पहुंचने में तमाम बाधाएं भी आती हैं, लेकिन किसी भी स्तर पर हताश और निराश होकर लक्ष्य के लिए अडिग रहने वाले को ही कामयाबी मिलती है। अफसरों ने छात्रों का न सिर्फ मार्गदर्शन कर उनकी हौसला अफजाई की, बल्कि मित्र पुलिस की सोशल पुलिसिंग की परिकल्पना को भी साकार किया। पुलिस अफसरों के अनुभव और टिप्स पाकर प्रतियोगी छात्र काफी खुश नजर आए और उन्होंने पुलिस कमिश्नर से अनुरोध किया कि इस तरह का संवाद कार्यक्रम आगे भी जारी रहना चाहिए।</div>
<div> </div>
<div> </div>
<div>.सीपी शर्मा क्लासेज में विभिन्न विषयों से प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले छात्रों ने यूपीएससी और यूपीपीएससी की परीक्षा से जुड़े सवाल पूँछे जिनका जवाब पुलिस आयुक्त से लेकर डीसीपी औऱ एसीपी तक विस्तार से छात्रों को समझाया.छात्रों के साथ सवाल जवाब में पुलिस आयुक्त रमित शर्मा डीसीपी दीपक भूकर,श्रद्धा पांडेय,अभिनव त्यागी,अनंत व  एसीपी श्वेताभ पांडेय शामिल रहे.</div>
<div> </div>
<div> </div>
<div>पुलिस आयुक्त रमित शर्मा ने बताया कि हर छात्र के अंदर कुछ न कुछ विशेषता जरुर होती है और उनकी कुछ कमजोरी भी होती है जिसे जानने की जरूरत हर छात्रों को है.जब छात्र ये जान लेंगे कि उनके अंदर क्या विशेषता है और क्या कमी तो उनकी पढ़ाई की राह आसान हो जाएगी.यूपीएससी की परीक्षा देने से पहले छात्रों को परीक्षा का सिलेबस जरूर अच्छे से पढ़ना चाहिए.जिससे उन्हें पता चल जाएगा कि उन्हें क्या और कितना पढ़ना है इससे उनकी तैयारी बेहतर होगी.इसी के साथ पुलिस आयुक्त ने छात्रों को यह भी बताया कि सफलता के लिए कोचिंग जाना जरूरी नहीं है औऱ खुद उन्होंने बिना कोई कोचिंग किये यूपीएससी की परीक्षा पास की।</div>
<div> </div>
<div> </div>
<div>. सवाल जवाब के दौरान डीसीपी सिटी दीपक भूकर ने छात्रों को बताया कि असफलता से कुछ न कुछ सीखने को जरूर मिलता है और उसे दूर करके सफलता हासिल करने का रास्ता बनता है. एएसपी पुष्कर वर्मा ने  बताया कि सफलता के लिए सेल्फ स्टडी बहुत जरूरी है.क्योंकि सेल्फ स्टडी से कोर्स को पूरा करने के साथ ही उसे समझने में भी आसानी होती है।</div>
<div> </div>
<div> </div>
<div>डीसीपी श्रद्धा पांडेय ने  बताया कि किसी भी परीक्षा या कोर्स का पूरा सिलेबस पूरा करना सभी के लिए संभव नहीं होता है। जो भी छात्र मेहनत और ईमानदारी से पढ़ाई करते हैं सफलता उन्हें जरूर मिलती है. डीसीपी यमुना नगर अभिनव त्यागी ने  निराश और हताश न होने की नसीहत दी.साथ ही छात्रों को बताया कि प्रतियोगी  परीक्षाओं की तैयारी करने के साथ ही उन्हें अपने अंदर आत्म विस्वास बनाए रखना चाहिए।.</div>
<div> </div>
<div> </div>
<div>इससे पहले केंद्र सरकार की पहल पर स्टूडेंट पुलिस एक्सपीरिएंसल लर्निंग योजना को अमलीजामा पहनाने के लिए प्रयाग राज पुलिस ने शुरुआत की थी. जिसके तहत 5 दिसम्बर को पुलिस लाइंस में पुलिस कमिश्नर रमित शर्मा की अध्यक्षता में हुई बैठक हुई थी.उस बैठक में डीसीपी मुख्यालय श्रद्धा पांडेय के साथ डीसीपी यमुना नगर अभिनव त्यागी के अलावा एसीपी और थानेदार मौजूद थे.</div>
<div> </div>
<div>उस दिन पुलिस आयुक्त ने सभी पुलिस वालों को निर्देश दिया था कि एक महीने तक उनके साथ मौजूद छात्र छात्राओं को पुलिस के कार्यप्रणाली और कार्यशैली के बारे से अवगत कराया जाए.जिसके तहत एक महीने तक छात्रों को पुलिस की कार्यशैली और कार्यप्रणाली के बारे में विस्तार से बताया गया.एक महीने के कार्यक्रम के दौरान छात्र छात्राएं शहर के 7 थानों में गए और वहां पर किये जा रहे कार्यों को देखा सुना और पुलिस वालों के बीच रहकर जाना था।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>Featured</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 13 Jan 2024 20:58:50 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>शराब पीने से रोका तो हरियाणा के युवक की गोली मारकर हत्या, पुलिस जांच में जुटी</title>
                                    <description><![CDATA[<div>
<div><strong>लखीमपुर खीरी </strong></div>
<div>  </div>
<div>कोतवाली सदर के अंतर्गत मिश्राना चौकी क्षेत्र के सेठ घाट रोड पर शराब पीने का विरोध करने पर नशे में धुत युवकों ने हरियाणा के कैथल के गांव सिरटा निवासी युवक की गोली मारकर हत्या कर दी।</div>
<div>  </div>
<div>सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। एक नामजद समेत तीन आरोपियों पर हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया है। हरियाणा के कैथल सदर थाना के गांव सिरटा निवासी बलराम पुत्र रंजीत (43) शहर में सेठ घाट रोड पर बन रहे पंप पर का होने वाले कार्य का ठेकेदार था बताया जा रहा है कि बलराम पंप</div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/137988/haryana-youth-shot-dead-when-stopped-from-drinking-alcohol-police"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2024-01/01.jpg" alt=""></a><br /><div>
<div><strong>लखीमपुर खीरी </strong></div>
<div> </div>
<div>कोतवाली सदर के अंतर्गत मिश्राना चौकी क्षेत्र के सेठ घाट रोड पर शराब पीने का विरोध करने पर नशे में धुत युवकों ने हरियाणा के कैथल के गांव सिरटा निवासी युवक की गोली मारकर हत्या कर दी।</div>
<div> </div>
<div>सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। एक नामजद समेत तीन आरोपियों पर हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया है। हरियाणा के कैथल सदर थाना के गांव सिरटा निवासी बलराम पुत्र रंजीत (43) शहर में सेठ घाट रोड पर बन रहे पंप पर का होने वाले कार्य का ठेकेदार था बताया जा रहा है कि बलराम पंप के पास ही रहता था। मंगलवार की देर रात तीन युवक शराब की बोतल लेकर पंप के पास बैठकर शराब पीने लगे। </div>
<div> </div>
<div>बलराम ने उन्हें शराब पीने से रोका तो युवकों ने उसे गोली मार दी। गोली लगने से उसकी मौत हो गई। हत्या की सूचना मिली तो रात करीब 11: 30 बजे पुलिस मौके पर पहुंची। शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा। मामले में एक नामजद समेत तीन आरोपियों पर हत्या का केस दर्ज किया गया है। </div>
<div>इसमें से एक शराबी कुलदीप बाजपेई  लगभग सात महीने पहले हत्या और लूट के मामले में जेल से जमानत पर छूट कर आया था। कोतवाली सदर पुलिस ने मृतक के भतीजे की तहरीर पर तीन आरोपियों पर मुकदमा दर्ज कर लिया है। </div>
<div> </div>
<div> आरोपियों की पहचान हो गई है। उनके संभावित ठिकानों पर छापा मारा जा रहा है।  जल्दी ही तीनों व्यक्तियों की गिरफ्तारी कर उन्हें जेल भेजा जाएगा।शहर कोतवाल चंद्रशेखर सिंह l</div>
</div>
<div> </div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>अपराध/हादशा</category>
                                            <category>ख़बरें</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/137988/haryana-youth-shot-dead-when-stopped-from-drinking-alcohol-police</link>
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                <pubDate>Wed, 03 Jan 2024 21:26:37 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>&quot;महामंगल कलश यात्रा&quot;  विभाग संयोजक शारदा कांत पांडे के अगुवाई में निकलेगी रैली </title>
                                    <description><![CDATA[<div><strong>स्वतंत्र प्रभात बृजभूषण तिवारी </strong></div>
<div><strong>ब्यूरो गोंडा। </strong></div>
<div>  </div>
<div>अयोध्या श्री राम लाल प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव के उपलक्ष में आयोजित महामंगल कलश यात्रा का आयोजन आज 31 दिसंबर 2023 को समय सुबह 10:00 बजे रामलीला मैदान से प्रारंभ होगा कलश यात्रा को लेकर बजरंग दल विभाग कार्यालय जानकी नगर गोंडा पर विभाग संयोजक शारदाकांत पांडे के नेतृत्व में हजारों की संख्या में झंडा बनाए गए हर झंडे में ओम अंकित राम आएंगे लिखाया गया है।</div>
<div>  </div>
<div>कार्यालय पर उपस्थित विश्वनाथ शुक्ला, ललित शुक्ला, शिव कुमार शास्त्री , बंशीधर पाठक , विजय दुबे ,शुभम विश्वकर्मा, राजदेव शुक्ला ,अरुण मिश्रा ,देवनारायण तिवारी, रवि मोदनवाल, राजेश दुबे,</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/137854/%22mahamangal-kalash-yatra%22-rally-will-be-held-under-the-leadership"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2023-12/1002247237.jpg" alt=""></a><br /><div><strong>स्वतंत्र प्रभात बृजभूषण तिवारी </strong></div>
<div><strong>ब्यूरो गोंडा। </strong></div>
<div> </div>
<div>अयोध्या श्री राम लाल प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव के उपलक्ष में आयोजित महामंगल कलश यात्रा का आयोजन आज 31 दिसंबर 2023 को समय सुबह 10:00 बजे रामलीला मैदान से प्रारंभ होगा कलश यात्रा को लेकर बजरंग दल विभाग कार्यालय जानकी नगर गोंडा पर विभाग संयोजक शारदाकांत पांडे के नेतृत्व में हजारों की संख्या में झंडा बनाए गए हर झंडे में ओम अंकित राम आएंगे लिखाया गया है।</div>
<div> </div>
<div>कार्यालय पर उपस्थित विश्वनाथ शुक्ला, ललित शुक्ला, शिव कुमार शास्त्री , बंशीधर पाठक , विजय दुबे ,शुभम विश्वकर्मा, राजदेव शुक्ला ,अरुण मिश्रा ,देवनारायण तिवारी, रवि मोदनवाल, राजेश दुबे, आदि सहित कार्यकर्ता व पदाधिकारी उपस्थित है</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>सांस्कृतिक और धार्मिक</category>
                                            <category>ख़बरें</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/137854/%22mahamangal-kalash-yatra%22-rally-will-be-held-under-the-leadership</link>
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                <pubDate>Sat, 30 Dec 2023 19:15:21 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>राष्ट्रीय महासचिव, सर्वेश पाठक ने अवध केसरी सेना के प्रदेश अध्यक्ष का कुशलक्षेम जाना</title>
                                    <description><![CDATA[<div><strong>स्वतंत्र प्रभात </strong></div>
<div><strong>गोण्डा : </strong></div>
<div>  </div>
<div>भारतीय जनता पार्टी अनुषांगिक संगठन के राष्ट्रीय महासचिव सर्वेश पाठक रायबरेली दौड़े से लौटे और शनिवार को पीजीआई पहुंचे।उन्होंने नील ठाकुर को कुशलक्षेम जाना और हरसंभव मदद का भरोसा दिलाया।</div>
<div>  </div>
<div>मेडिकल कॉलेज पहुंचकर राष्ट्रीय महासचिव सर्वेश  पाठक ने संबंधित डॉक्टर से मिलकर नील ठाकुर के स्वास्थ्य के बारे में जानकारी ली जानकारी लेकर सर्वेश  पाठक ने अवध केसरी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीरज सिंह से वार्ता करते हुए कि डॉक्टर ने बताया है कि नील ठाकुर जी के तबीयत में सुधार हुई है. सर्वेश पाठक के संबंधित डॉक्टर से वार्ता हुई वार्ता के दौरान डॉक्टर की</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/137851/national-general-secretary-sarvesh-pathak-inquired-about-the-well-being-of"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2023-12/1002246992.jpg" alt=""></a><br /><div><strong>स्वतंत्र प्रभात </strong></div>
<div><strong>गोण्डा : </strong></div>
<div> </div>
<div>भारतीय जनता पार्टी अनुषांगिक संगठन के राष्ट्रीय महासचिव सर्वेश पाठक रायबरेली दौड़े से लौटे और शनिवार को पीजीआई पहुंचे।उन्होंने नील ठाकुर को कुशलक्षेम जाना और हरसंभव मदद का भरोसा दिलाया।</div>
<div> </div>
<div>मेडिकल कॉलेज पहुंचकर राष्ट्रीय महासचिव सर्वेश  पाठक ने संबंधित डॉक्टर से मिलकर नील ठाकुर के स्वास्थ्य के बारे में जानकारी ली जानकारी लेकर सर्वेश  पाठक ने अवध केसरी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीरज सिंह से वार्ता करते हुए कि डॉक्टर ने बताया है कि नील ठाकुर जी के तबीयत में सुधार हुई है. सर्वेश पाठक के संबंधित डॉक्टर से वार्ता हुई वार्ता के दौरान डॉक्टर की बात अवध केसरी सेना के प्रमुख कार्यकर्ताओं को बताया कि पहले से बहुत ज्यादा बेहतर हालत में सुधार हो रहा है।</div>
<div> </div>
<div>सर्वेश  पाठक ने बताया कि डॉक्टरों ने कहा है जल्द से जल्द नील ठाकुर स्वस्थ होकर घर पहुंचेंगे ऐसा डॉक्टर ने बताया है  ऐसे मौके पर राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष अशोक सिंह, ध्रुव दुबे, अन्नू यादव, बदलू यादव  सहित अवध केसरी सेना के प्रमुख कार्यकर्ताओं ने नील ठाकुर के स्वस्थ होने की कामना किया की है।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>Featured</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/137851/national-general-secretary-sarvesh-pathak-inquired-about-the-well-being-of</link>
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                <pubDate>Sat, 30 Dec 2023 19:07:03 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title> महुआडीह पुलिस के संरक्षण में धड़ल्ले से चल रहा जुए का कारोबार</title>
                                    <description><![CDATA[<div><strong>स्वतंत्र प्रभात </strong></div>
<div><strong>देवरिया।</strong></div>
<div>  </div>
<div>सूबे के मुखिया अपराध और अपराधियों पर सख्ती से अंकुश लगाने का फरमान जारी करते हैं किंतु सरकार के फरमानों को दरकिनार कर देवरिया जनपद के महुआडीह थाना क्षेत्र में जुए का कारोबार काफी फल फूल रहा है। थाना क्षेत्र अंतर्गत हेतिमपुर पुलिस चौकी से महज एक किमी सामने फोरलेन के इर्द गिर्द खेतों व बगीचों में संगठित अवैध लाटरी (जुए ) का कारोबार धड़ल्ले से संचालित हो रहा हैं।</div>
<div>  </div>
<div>यह जुआ महाराष्ट्र से दिन के 11 बजे से आनलाईन सिस्टम के माध्यम से एक गिरोह द्वारा संचालित होता है। गिरोह में करीब आधा दर्जन लोग शामिल</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/137840/gambling-business-running-rampant-under-the-protection-of-mahuadih-police"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2023-12/upp14.jpg" alt=""></a><br /><div><strong>स्वतंत्र प्रभात </strong></div>
<div><strong>देवरिया।</strong></div>
<div> </div>
<div>सूबे के मुखिया अपराध और अपराधियों पर सख्ती से अंकुश लगाने का फरमान जारी करते हैं किंतु सरकार के फरमानों को दरकिनार कर देवरिया जनपद के महुआडीह थाना क्षेत्र में जुए का कारोबार काफी फल फूल रहा है। थाना क्षेत्र अंतर्गत हेतिमपुर पुलिस चौकी से महज एक किमी सामने फोरलेन के इर्द गिर्द खेतों व बगीचों में संगठित अवैध लाटरी (जुए ) का कारोबार धड़ल्ले से संचालित हो रहा हैं।</div>
<div> </div>
<div>यह जुआ महाराष्ट्र से दिन के 11 बजे से आनलाईन सिस्टम के माध्यम से एक गिरोह द्वारा संचालित होता है। गिरोह में करीब आधा दर्जन लोग शामिल हैं। क्षेत्र के सैकड़ों युवा इधर अपना दाव अजमाने आतें हैं और अपनी गाढ़ी कमाई लुटा घर को जातें हैं, जिसके चलते धीरे - धीरे इन युवाओं में जुए की लत लगने के कारण अपराध की दुनिया में धकेल ले जाती है और वे जुएं में दांव लगाने के लिए पैसों के इंतजाम के लिए अपराधिक गतिविधियों में संलिप्त होकर चोरी छिनैती लूट आदि घटनाओं में शामिल हो जाते हैं और घर सहित क्षेत्र के लिए सिरदर्द बन जाते हैं।</div>
<div> </div>
<div>महुआडीह थाने के संरक्षण में यह कारोबार क्षेत्र में धड़ल्ले से फल फुल रहा है। यदि इसकी शिकायत कोई ग्रामीण करता हैं तो उच्च अधिकारियों को दिखाने के लिए थाने की पुलिस छापेमारी का कोरम पूरा करती है लेकिन इन अवैध कारोबारियों के खिलाफ कोई समुचित कार्यवाही नहीं करती जिससे सरगना सहित इन अवैध कारोबारियों का हौसला बुलंद रहता है। कार्रवाई से बचने के लिए कारोबारी  जगह बदलते रहते हैं और इससे जुड़े जूवाड़ियो को मोबाइल से लोकेशन देकर जगह बदलने की सूचना दे देते हैं और इस तरह इनका यह कारोबार धड़ल्ले से संचालित होता रहता है। सूत्रों का कहना है कि इस कारोबार में पुलिस की शह पर जुआ गैंग की बांछे खिली हुई हैं वहीं थाने की बल्ले बल्ले बताई जाती है।</div>
<div> </div>
<div>इस संबंध में थानाध्यक्ष ने बताया कि मुझे इसकी सूचना नहीं है। अब देखना यह है कि इस अवैध कारोबार पर पुलिस अंकुश लगाती है या इसी तरह यह कारोबार धड़ल्ले से संचालित होता रहेगा और युवा पीढ़ी इसके लत में बर्बाद होकर आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त होने पर मजबूर होती रहेगी यह भविष्य के गर्त में है। </div>
<div> </div>
<div> </div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>Featured</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/137840/gambling-business-running-rampant-under-the-protection-of-mahuadih-police</link>
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                <pubDate>Sat, 30 Dec 2023 18:58:18 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Reporters]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ओवर लोड सवारी भर बेकौफ चल रहे ऑटो चालक।</title>
                                    <description><![CDATA[<div><strong>रूरा।</strong></div>
<div>  </div>
<div>आटो चालक बेधड़क छह की जगह 13 सवारियों को भरकर सड़कों पर फर्राटा भर रहे हैं। जरूरत से अधिक सवारी भरने पर पुलिस प्रशासन की भी नजर नहीं है।</div>
<div>  </div>
<div>                    मामला रूरा मिंडा कुआ मार्ग का है। जहां पर ऑटो चालक अपनी मन मर्जी की सवारिया भर के ऑटो चला रहे।जिससे दुर्घटना की पूर्ण संभावना रहती है।पहले भी कई मामले हो चुके है।लेकिन ऑटो चालक अपनी मन मानी से बाज नहीं आ रहे है।जिससे जरूरत से अधिक सवारी भर फर्राटा भर रहे हैं।</div>
<div>  </div>
<div>यह लोग यातायात नियमों का उल्लंघन दिन में कई बार करते हैं। कब कहां आटो खड़ी कर</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/137602/overloaded-auto-drivers-running-carelessly-throughout-the-ride"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2023-12/ppp.jpg" alt=""></a><br /><div><strong>रूरा।</strong></div>
<div> </div>
<div>आटो चालक बेधड़क छह की जगह 13 सवारियों को भरकर सड़कों पर फर्राटा भर रहे हैं। जरूरत से अधिक सवारी भरने पर पुलिस प्रशासन की भी नजर नहीं है।</div>
<div> </div>
<div>          मामला रूरा मिंडा कुआ मार्ग का है। जहां पर ऑटो चालक अपनी मन मर्जी की सवारिया भर के ऑटो चला रहे।जिससे दुर्घटना की पूर्ण संभावना रहती है।पहले भी कई मामले हो चुके है।लेकिन ऑटो चालक अपनी मन मानी से बाज नहीं आ रहे है।जिससे जरूरत से अधिक सवारी भर फर्राटा भर रहे हैं।</div>
<div> </div>
<div>यह लोग यातायात नियमों का उल्लंघन दिन में कई बार करते हैं। कब कहां आटो खड़ी कर सवारी भरते हैं और कटिंग काटते हुए चलते हैं। जबकि बीते दिनों में आटो से हुई दुर्घटनाओं से दो लोगों की मृत्यु हो चुकी है।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ब्रेकिंग न्यूज़</category>
                                            <category>ख़बरें</category>
                                            <category>Featured</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/137602/overloaded-auto-drivers-running-carelessly-throughout-the-ride</link>
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                <pubDate>Sat, 23 Dec 2023 20:57:14 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बेरोज़गारी और भगतसिंह</title>
                                    <description><![CDATA[<p align="center">  </p>
<p style="text-align:left;" align="right"><strong>-</strong><strong><span lang="hi" xml:lang="hi">राम</span></strong><strong><span lang="hi" xml:lang="hi">  पुनियानी</span></strong></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">गत </span><span lang="en-in" xml:lang="en-in">13</span><span lang="hi" xml:lang="hi">  दिसंबर </span><span lang="en-in" xml:lang="en-in">2023 </span><span lang="hi" xml:lang="hi">को दो युवक संसद भवन की सुरक्षा व्यवस्था को चकमा देते हुए दर्शक दीर्घा से सदन के अंदर कूद गए, जहां उन्होंने पीले रंग की एक गैस हवा में छोड़ी. इससे सदन में हंगामा मच गया. पूरी योजना चार युवाओं द्वारा बनाई गई थी जो बेरोजगारी की ओर देश का ध्यान आकर्षित करना चाहते थे. इन युवाओं में से एक आटो रिक्शा चालक और एक किसान था, एक सरकारी नौकरी हासिल करने के लिए परीक्षाओं की तैयारी कर रहा था और एक दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी था. इन सभी को कर्नाटक से निर्वाचित सांसद</span></p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/137549/unemployment-and-bhagat-singh"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2023-12/hindi-divas5.jpg" alt=""></a><br /><p align="center"> </p>
<p style="text-align:left;" align="right"><strong>-</strong><strong><span lang="hi" xml:lang="hi">राम</span></strong><strong><span lang="hi" xml:lang="hi"> पुनियानी</span></strong></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">गत </span><span lang="en-in" xml:lang="en-in">13</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> दिसंबर </span><span lang="en-in" xml:lang="en-in">2023 </span><span lang="hi" xml:lang="hi">को दो युवक संसद भवन की सुरक्षा व्यवस्था को चकमा देते हुए दर्शक दीर्घा से सदन के अंदर कूद गए, जहां उन्होंने पीले रंग की एक गैस हवा में छोड़ी. इससे सदन में हंगामा मच गया. पूरी योजना चार युवाओं द्वारा बनाई गई थी जो बेरोजगारी की ओर देश का ध्यान आकर्षित करना चाहते थे. इन युवाओं में से एक आटो रिक्शा चालक और एक किसान था, एक सरकारी नौकरी हासिल करने के लिए परीक्षाओं की तैयारी कर रहा था और एक दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी था. इन सभी को कर्नाटक से निर्वाचित सांसद प्रताप सिम्हा द्वारा दर्शक दीर्घा के पास उपलब्ध करवाए गए थे. इनमें से दो, जो भवन के अंदर घुसे थे, ने अपने जूतों में गैस के कैन छुपाए हुए थे. सन् </span><span lang="en-in" xml:lang="en-in">2001</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> में इसी दिन (</span><span lang="en-in" xml:lang="en-in">13</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> दिसंबर) संसद पर आतंकी हमला हुआ था और युवाओं के सदन में कूदने से पहले सांसदों ने उस हमले में शहीद हुए लोगों को श्रद्धांजलि दी थी.</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">युवाओं के जिस समूह ने इस घटना की योजना बनाई थी, उसमें स्नातकोत्तर डिग्री प्राप्त </span><span lang="en-in" xml:lang="en-in">42</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> वर्ष की नीलम आजाद और </span><span lang="en-in" xml:lang="en-in">22</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> वर्ष के सागर शिंदे शामिल थे. जिस समय उनके दो साथी सदन के अंदर गैस छोड़ रहे थे उस समय ये लोग संसद भवन के प्रांगण में यही कर रहे थे. नीलम आजाद हरियाणा के जींद से हैं. उनके पास एमए एमएड और एमफिल की डिग्रियां हैं. इसके अतिरिक्त वे नेशनल एलीजिबिलिटी टेस्ट (नेट) भी उत्तीर्ण कर चुकी हैं. वे अब भी बेरोजगार हैं. युवाओं ने अंदर जो नारे लगाए उनमें शामिल थे </span><span lang="en-in" xml:lang="en-in">‘</span><span lang="hi" xml:lang="hi">तानाशाही खत्म करो’</span><span lang="en-in" xml:lang="en-in">, </span><span lang="hi" xml:lang="hi">‘संविधान की रक्षा करो’</span><span lang="en-in" xml:lang="en-in">, ‘</span><span lang="hi" xml:lang="hi">जय हिन्द’ और </span><span lang="en-in" xml:lang="en-in">‘</span><span lang="hi" xml:lang="hi">वंदे मातरम’. उनका उद्धेश्य बेरोजगारी के गंभीर संकट की ओर देश का ध्यान खींचना भी था.</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">ये सभी लोग भगतसिंह फैन्स क्लब नामक एक सोशल मीडिया ग्रुप के सदस्य हैं. वे एक सोशल मीडिया प्लेटफार्म के जरिए एक-दूसरे के संपर्क में आए थे. उनका प्रेरणास्त्रोत था भगतसिंह की ठीक इसी तरह की कार्यवाही. सन् </span><span lang="en-in" xml:lang="en-in">1929</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> में भगतसिंह और उनके मित्र बटुकेश्वर दत्त ने सेन्ट्रल असेम्बली की दर्शक दीर्घा से एक बम सदन में फेंका था. उन्होंने बम फेंकने के पहले यह सुनिश्चित किया कि उससे किसी को चोट न पहुंचे. दोनों क्रांतिकारियों ने ब्रिटिश औैपनिवेशिक शासन के विरोध में पर्चे भी सदन में फेंके थे.</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">इन युवाओं</span><span lang="en-in" xml:lang="en-in">, </span><span lang="hi" xml:lang="hi">जिन्हें अवैध गतिविधियां निरोधक अधिनियम (यूएपीए) के अंतर्गत गिरफ्तार किया गया है</span><span lang="en-in" xml:lang="en-in">, </span><span lang="hi" xml:lang="hi">ने बढ़ती हुई बेरेजगारी के मुद्दे को राष्ट्रीय विमर्श के केन्द्र में लाने का अत्यंत प्रभावी प्रयास किया है. भगतसिंह और उनके कामरेडों ने बम फेंकने का निर्णय इसलिए लिया था क्योंकि उन्हें अच्छी तरह पता था कि समाचारपत्रों में उनके विचारों को कोई स्थान नहीं मिलेगा. इस समय भी स्थिति ठीक यही है. मुख्यधारा का मीडिया</span><span lang="en-in" xml:lang="en-in">, </span><span lang="hi" xml:lang="hi">जिसे </span><span lang="en-in" xml:lang="en-in">‘</span><span lang="hi" xml:lang="hi">गोदी मीडिया’ का अत्यंत उपयुक्त नाम दिया गया है</span><span lang="en-in" xml:lang="en-in">, </span><span lang="hi" xml:lang="hi">का आम लोगों के सरोकारों और परेशानियों के प्रति पूर्णतः उपेक्षापूर्ण रवैया है. बढ़ती मंहगाई</span><span lang="en-in" xml:lang="en-in">, </span><span lang="hi" xml:lang="hi">हंगर इडेक्स में भारत की गिरती स्थिति और बेरोजगारों की दिन-ब-दिन बड़ी होती फौज मीडिया को न तो नजर आ रही है और ना ही उसे इनसे कोई मतलब है.</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">मोदी ने </span><span lang="en-in" xml:lang="en-in">2014</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> के आम चुनाव के लिए प्रचार के दौरान वायदा किया था कि सत्ता में आने के बाद भाजपा की सरकार हर वर्ष रोजगार के दो करोड़ अवसर निर्मित करेगी. असल में हुआ इसके उलट. नोटबंदी के कारण लघु उद्योगों और गांवों और छोटे शहरों में करोड़ों लोगों ने अपनी नौकरियां और काम-धंधे खो दिए. यह सरकार बड़े कारपोरेट घरानों के पूर्ण नियंत्रण में है और रोजगार के अवसरों के सृजन के बारे में सोच भी नहीं रही है. उल्टे कुछ कुबेरपति (नारायण मूर्ति) लोगों से हफ्ते में </span><span lang="en-in" xml:lang="en-in">70</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> घंटे काम करने के लिए कह रहे हैं. असंगठित क्षेत्र में प्रति कार्यदिवस काम के घंटे पहले ही </span><span lang="en-in" xml:lang="en-in">8</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> से बढ़कर </span><span lang="en-in" xml:lang="en-in">12</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> हो चुके हैं.</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="en-in" xml:lang="en-in">‘</span><span lang="hi" xml:lang="hi">द इकानामिक टाईम्स’ में प्रकाशित एक खबर कहती है कि “सेंटर फॉर मानिटरिंग इंडियन इकोनामी” के आंकड़ों के अनुसार बेरोजगारी की सकल दर, जो सितंबर में </span><span lang="en-in" xml:lang="en-in">7.09</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> प्रतिशत थी, पिछले माह बढ़कर </span><span lang="en-in" xml:lang="en-in">10.0</span><span lang="hi" xml:lang="hi">5 प्रतिशत हो गई. यह  मई </span><span lang="en-in" xml:lang="en-in">2012</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> के बाद से अब तक की उच्चतम दर है. इसी अवधि में ग्रामीण बेरोजगारी की दर </span><span lang="en-in" xml:lang="en-in">6.2</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> प्रतिशत से बढ़कर </span><span lang="en-in" xml:lang="en-in">10.82</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> प्रतिशत हो गई. शहरी बेरोजगारी में मामूली गिरावट आई और यह </span><span lang="en-in" xml:lang="en-in">8.44</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> प्रतिशत रही. इसी समाचारपत्र ने </span><span lang="en-in" xml:lang="en-in">1</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> नवंबर </span><span lang="en-in" xml:lang="en-in">2023</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> को प्रकाशित एक खबर में लिखा</span><span lang="en-in" xml:lang="en-in">, </span><span lang="hi" xml:lang="hi">“पिछले महीने इंफोसिस लिमिटेड व विप्रो लिमिटेड सहित कई ऐसी भारतीय कंपनियों</span><span lang="en-in" xml:lang="en-in">, </span><span lang="hi" xml:lang="hi">जो तकनीकी सेवाओं की आउटसोर्सिंग करती हैं</span><span lang="en-in" xml:lang="en-in">, </span><span lang="hi" xml:lang="hi">ने घोषणा की है कि वे नए स्नातकों को काम देने की अपनी योजनाओं को विराम दे रही हैं. इसका मतलब यह है कि कालेजों से निकलने वाले हजारों इंजीनियरिंग डिग्रीधारी बेरोजगार रहेंगे”. इस सबके बीच प्रजातांत्रिक विरोध के लिए स्थान और अवसर सिकुड़ते जा रहे हैं. विश्वविद्यालयों में विद्यार्थी यूनियनों के चुनाव नहीं होने दिए जा रहे हैं और ऐसे सेमिनारों का आयोजन भी बाधित किया जा रहा है जिनमें सरकार की आलोचना की आशंका हो.</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">संसद में जो हुआ वह स्पष्टतः कुंठित विद्यार्थियों और युवाओं द्वारा अपनी पीड़ा को अभिव्यक्त करने का प्रयास था. इसमें कोई संदेह नहीं कि जो तरीका इन युवाओं ने अपनाया वह सही नहीं था. मगर क्या इन युवाओं के खिलाफ यूएपीए जैसे कड़े और भयावह कानून के अंतर्गत मामला दर्ज करना उचित है</span><span lang="en-in" xml:lang="en-in">? </span><span lang="hi" xml:lang="hi">राहुल गांधी ने बढ़ती बेरोजगारी और मंहगाई  को इस घटना के लिए जिम्मेदार बताया है. मगर विपक्ष की मांग के बावजूद गृह मंत्री इस घटना पर संसद में वक्तव्य देने से बचते रहे हैं. जो स्पष्ट दिख रहा है उसे देखने और समझने की बजाए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी कह रहे हैं कि यह संसद की सुरक्षा व्यवस्था को भेदने का गंभीर मामला है और इसके पीछे कौनसे तत्व हैं इसका पता लगाया जाना जरूरी है. यह सही है कि इस घटना ने संसद की सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी है. चार साधारण युवा ‘अभेद्य सुरक्षा’ को बहुत आसानी से भेदने में सफल रहे हैं. मगर इसे कोई गंभीर  षड़यंत्र बताकर मूल मुद्दे से ध्यान हटाने की बजाए सरकार को बेरोजगारी की समस्या के सुलझाव की दिशा में काम करना चाहिए.</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">यह साफ है कि ये युवा किसी आतंकी या अतिवादी समूह या संगठन से जु़ड़े हुए नहीं हैं. यह भी अच्छा है कि इनमें से कोई मुसलमान नहीं है. वर्ना इस घटना का इस्तेमाल भी इस्लामोफोबिया को और हवा देने के लिए किया जाता.</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">इन युवाओं ने यह बता दिया है कि भगतसिंह को केवल शाब्दिक श्रद्धांजलि देने से काम नहीं चलने वाला है. हमें उनके दिखाए रास्ते पर चलना होगा. भगतसिंह जनांदोलनों के हामी थे. अपने जीवन की शुरूआत में वे हिंसा के समर्थक थे परंतु बाद में उन्होंने हिंसा का रास्ता त्याग दिया था. वे इस निष्कर्ष पर पहुंचे थे कि केवल आम लोगों की गोलबंदी के बल पर ही हम आजादी हासिल कर सकते हैं. उन्होंने सेन्ट्रल असेंबली में किसी को मारने के लिए नहीं बल्कि </span><span lang="en-in" xml:lang="en-in">‘</span><span lang="hi" xml:lang="hi">बेहरों को सुनाने के लिए’ बम फेंका था. यह अत्यंत गर्व और प्रसन्नता की बात है कि मुसीबतों के भंवर में फंसे हमारे युवा भगतसिंह को अपने मार्गदर्शक के रूप में देख रहे हैं.</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">पूरे घटनाक्रम को उसके सही संदर्भ में समझा और देखा जाना चाहिए. गोदी मीडिया की तर्ज पर इसके पीछे कोई खतरनाक षड़यंत्र ढूंढ़ने का प्रयास नहीं होना चाहिए. युवाओं का उद्धेश्य एकदम साफ है और यह भी साफ है कि वे किसी भी किस्म की आतंकी विचारधारा से प्रेरित नहीं हैं और उनके एकमात्र प्रेरक और मार्गदर्शक हमारे स्वाधीनता संग्राम के महानतम क्रांतिकारी भगतसिंह हैं.</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">यह तो कोई नहीं कह सकता कि अपनी बात रखने के लिए इन युवाओं ने जो तरीका अपनाया वह ठीक था. मगर उन्हें खलनायक के रूप में प्रस्तुत करने या उनके पीछे किसी बड़ी शक्ति को ढूंढ़ने की कोशिश करने की बजाए उनके दर्द</span><span lang="en-in" xml:lang="en-in">, </span><span lang="hi" xml:lang="hi">उनके सरोकार और उनके संदेश को समझने की कोशिश होनी चाहिए. यही हमारे देश के प्रजातांत्रिक होने का सुबूत है. </span><em><span lang="hi" xml:lang="hi">(</span></em><strong><em><span lang="hi" xml:lang="hi">अंग्रेजी</span></em></strong><strong><em><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span></em></strong><strong><em><span lang="hi" xml:lang="hi">से</span></em></strong><strong><em><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span></em></strong><strong><em><span lang="hi" xml:lang="hi">रूपांतरण</span></em></strong><strong><em><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span></em></strong><strong><em><span lang="hi" xml:lang="hi">अमरीश</span></em></strong><strong><em><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span></em></strong><strong><em><span lang="hi" xml:lang="hi">हरदेनिया</span></em></strong><strong><em>; </em></strong><strong><em><span lang="hi" xml:lang="hi">लेखक</span></em></strong><strong><em><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span></em></strong><strong><em><span lang="hi" xml:lang="hi">आईआईटी</span></em></strong><strong><em><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span></em></strong><strong><em><span lang="hi" xml:lang="hi">मुंबई</span></em></strong><strong><em><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span></em></strong><strong><em><span lang="hi" xml:lang="hi">में</span></em></strong><strong><em><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span></em></strong><strong><em><span lang="hi" xml:lang="hi">पढ़ाते</span></em></strong><strong><em><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span></em></strong><strong><em><span lang="hi" xml:lang="hi">थे</span></em></strong><strong><em><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span></em></strong><strong><em><span lang="hi" xml:lang="hi">और</span></em></strong><strong><em><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span></em></strong><strong><em><span lang="hi" xml:lang="hi">सन</span></em></strong><strong><em> 2007 </em></strong><strong><em><span lang="hi" xml:lang="hi">के</span></em></strong><strong><em><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span></em></strong><strong><em><span lang="hi" xml:lang="hi">नेशनल</span></em></strong><strong><em><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span></em></strong><strong><em><span lang="hi" xml:lang="hi">कम्यूनल</span></em></strong><strong><em><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span></em></strong><strong><em><span lang="hi" xml:lang="hi">हार्मोनी</span></em></strong><strong><em><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span></em></strong><strong><em><span lang="hi" xml:lang="hi">एवार्ड</span></em></strong><strong><em><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span></em></strong><strong><em><span lang="hi" xml:lang="hi">से</span></em></strong><strong><em><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span></em></strong><strong><em><span lang="hi" xml:lang="hi">सम्मानित</span></em></strong><strong><em><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span></em></strong><strong><em><span lang="hi" xml:lang="hi">हैं</span></em></strong><strong><em>)</em></strong><em> </em></p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>संपादकीय</category>
                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 22 Dec 2023 20:43:28 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>हाथियों ने बर्बाद की चार किसानों की फसल</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>  </div>
<div><strong>  पूरनपुर। </strong></div>
<div>  </div>
<div>मैलानी के जंगल से निकलकर हाथियों के खेतों में घुसकर फसल बर्बाद करने का सिलसिला पिछले डेढ़ महीने से जारी है। </div>
<div>  </div>
<div>शुक्रवार रात को हाथियों ने गांव जोगराजपुर निवासी बिल्लू के खेत में घुसकर गन्ना की फसल खाई और खराब की। उनके पंपिंग सेट के इंजन को तोड़ दिया। इसके अलावा गांव निवासी गुड्डू, बलराम, सचिन के खेतों में घुसे हाथियों ने गन्ना और केला की फसल खाई और खराब की। हाथियों की क्षेत्र में आवाजाही न रुकने से क्षेत्र के किसानों में रोष है</div>
</div>
<div class="yj6qo">  </div>
<div class="adL">  </div>
</div>
</div>
<div class="hq gt"></div>]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/137057/elephants-ruined-the-crops-of-four-farmers"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2023-11/img-20231119-wa0353.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div> </div>
<div><strong> पूरनपुर। </strong></div>
<div> </div>
<div>मैलानी के जंगल से निकलकर हाथियों के खेतों में घुसकर फसल बर्बाद करने का सिलसिला पिछले डेढ़ महीने से जारी है। </div>
<div> </div>
<div>शुक्रवार रात को हाथियों ने गांव जोगराजपुर निवासी बिल्लू के खेत में घुसकर गन्ना की फसल खाई और खराब की। उनके पंपिंग सेट के इंजन को तोड़ दिया। इसके अलावा गांव निवासी गुड्डू, बलराम, सचिन के खेतों में घुसे हाथियों ने गन्ना और केला की फसल खाई और खराब की। हाथियों की क्षेत्र में आवाजाही न रुकने से क्षेत्र के किसानों में रोष है</div>
</div>
<div class="yj6qo"> </div>
<div class="adL"> </div>
</div>
</div>
<div class="hq gt"></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>आपका शहर</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 19 Nov 2023 20:26:58 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title> दीपावली से पहले लग सकता है ईंधन अधिभार शुल्क का करंट</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>स्वतंत्र प्रभात</strong><br /><strong>प्रयाग राज न्यूज़।</strong></p>
<p><br />उत्तर प्रदेश के बिजली उपभोक्ताओं को दीपावली से पहले ईंधन अधिभार शुल्क का करंट लग सकता है क्योंकि पावर कॉरपोरेशन के शुल्क लगाने के प्रस्ताव पर नियामक आयोग ने उपभोक्ताओं से आपत्ति मांगी है। उन्हें तीन सप्ताह का वक्त दिया है। ऐसे में उपभोक्ताओं को 28 पैसे से एक रुपये प्रति यूनिट तक अतिरिक्त शुल्क देना पड़ सकता है। इसे अक्तूबर से लागू किया जा सकता है।</p>
<p>पावर कॉरपोरेशन की ओर से ईंधन अधिभार लगाने के लिए 26 जुलाई को नियामक आयोग में प्रस्ताव दिया गया था। इसमें उपभोक्ताओं से कुल 1437 करोड़ की वसूली</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/134259/fuel-surcharge-fee-may-be-imposed-before-diwali"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2023-09/light-gul.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>स्वतंत्र प्रभात</strong><br /><strong>प्रयाग राज न्यूज़।</strong></p>
<p><br />उत्तर प्रदेश के बिजली उपभोक्ताओं को दीपावली से पहले ईंधन अधिभार शुल्क का करंट लग सकता है क्योंकि पावर कॉरपोरेशन के शुल्क लगाने के प्रस्ताव पर नियामक आयोग ने उपभोक्ताओं से आपत्ति मांगी है। उन्हें तीन सप्ताह का वक्त दिया है। ऐसे में उपभोक्ताओं को 28 पैसे से एक रुपये प्रति यूनिट तक अतिरिक्त शुल्क देना पड़ सकता है। इसे अक्तूबर से लागू किया जा सकता है।</p>
<p>पावर कॉरपोरेशन की ओर से ईंधन अधिभार लगाने के लिए 26 जुलाई को नियामक आयोग में प्रस्ताव दिया गया था। इसमें उपभोक्ताओं से कुल 1437 करोड़ की वसूली करने की बात कही है। इसके लिए 61 पैसा प्रति यूनिट के आधार पर अलग-अलग श्रेणीवार औसत बिलिंग की दर तैयार की गई है। इस पर उपभोक्ता परिषद ने आयोग में याचिका दायर कर कहा कि विद्युत निगमों पर उपभोक्ताओं का करीब 33122 करोड़ रुपया निकल रहा है।</p>
<p> इस हिसाब से 30 पैसे से लेकर एक रुपये प्रति यूनिट बिजली बिल कम किया जाए। लेकिन नियामक आयोग ने 28 अगस्त को विद्युत वितरण निगमों के लिए दाखिल ईंधन अधिभार शुल्क में प्रस्तावित बढ़ोतरी पर कार्यवाही को आगे बढ़ाते हुए बिजली कंपनियों के प्रस्ताव को सार्वजनिक करने का निर्देश दिया है। यह भी कहा गया है कि तीन हफ्ते तक कोई भी विद्युत उपभोक्ता अपनी आपत्ति दाखिल कर सकता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>जन समस्याएं</category>
                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Featured</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 01 Sep 2023 12:59:49 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Desk]]></dc:creator>
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