<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://www.swatantraprabhat.com/tag/88259/economic-crime" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Swatantra Prabhat RSS Feed Generator</generator>
                <title>आर्थिक अपराध - Swatantra Prabhat</title>
                <link>https://www.swatantraprabhat.com/tag/88259/rss</link>
                <description>आर्थिक अपराध RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>नोट नकली निकले, लेकिन सवाल असली है</title>
                                    <description><![CDATA[<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">नोट पर छपी महात्मा गांधी की तस्वीर असली हो सकती है, कागज भी असली जैसा दिखाई दे सकता है और उस पर लिखी कीमत भी वही हो सकती है, लेकिन अगर वह नोट नकली है तो उसका कोई मूल्य नहीं। यही बात केवल मुद्रा पर लागू नहीं होती, बल्कि समाज और व्यवस्था पर भी लागू होती है।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">सहारनपुर के एक बैंक करेंसी चेस्ट में बड़ी मात्रा में नकली ₹500 के नोट मिलने की खबर ने इसी सवाल को फिर सामने खड़ा किया है। समाचार के अनुसार जांच में लगभग 17 करोड़ रुपये मूल्य के नकली नोट सामने आए और 340</span></p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/187153/the-notes-turned-out-to-be-fake-but-the-question"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-09/img_20260901_202054.png" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">नोट पर छपी महात्मा गांधी की तस्वीर असली हो सकती है, कागज भी असली जैसा दिखाई दे सकता है और उस पर लिखी कीमत भी वही हो सकती है, लेकिन अगर वह नोट नकली है तो उसका कोई मूल्य नहीं। यही बात केवल मुद्रा पर लागू नहीं होती, बल्कि समाज और व्यवस्था पर भी लागू होती है।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">सहारनपुर के एक बैंक करेंसी चेस्ट में बड़ी मात्रा में नकली ₹500 के नोट मिलने की खबर ने इसी सवाल को फिर सामने खड़ा किया है। समाचार के अनुसार जांच में लगभग 17 करोड़ रुपये मूल्य के नकली नोट सामने आए और 340 बंडलों में रखे नोटों की जांच की गई। रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि नई करेंसी की तस्वीर की प्रतिलिपि बनाकर नकली नोट तैयार किए गए और उन्हें असली नोटों के साथ मिलाया गया। </span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">यह केवल नकली नोटों का मामला नहीं है। यह उस विश्वास पर चोट है जिसके आधार पर पूरी अर्थव्यवस्था चलती है।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">हम बाजार में कोई वस्तु खरीदते हैं तो दुकानदार से यह उम्मीद करते हैं कि उसके बदले दिया गया नोट असली होगा। दुकानदार बैंक में पैसा जमा करता है तो उसे भरोसा होता है कि बैंक उस धन को स्वीकार करेगा। बैंक से पैसा निकलता है तो नागरिक उसे बिना संदेह अपनी जेब में रखता है। यही भरोसा मुद्रा को कागज के टुकड़े से आर्थिक शक्ति में बदलता है।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">लेकिन जब नकली नोट बैंकिंग व्यवस्था के भीतर तक पहुंचने लगें तो सवाल केवल यह नहीं रह जाता कि नकली नोट छापने वाले कौन हैं? सवाल यह भी है कि नकलीपन की पहचान करने वाली हमारी व्यवस्था कहां चूक रही है?</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">भारतीय रिजर्व बैंक ने बैंकों को नकली नोटों की पहचान, उन्हें अलग करने और दोबारा चलन में आने से रोकने के लिए विस्तृत दिशानिर्देश दिए हैं। ₹100 और उससे ऊपर के नोटों को पुनः चलन में डालने से पहले मशीन से जांचने के निर्देश भी हैं।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">फिर यदि इतने बड़े पैमाने पर नकली नोट करेंसी चेस्ट तक पहुंचते हैं तो यह केवल अपराधियों की चालाकी नहीं, प्रणाली की परीक्षा भी है। </span><span lang="hi" style="font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">हमें यह समझना होगा कि नकली नोट केवल अर्थव्यवस्था को नुकसान नहीं पहुंचाते। वे आम आदमी के विश्वास को नुकसान पहुंचाते हैं।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">कल्पना कीजिए उस छोटे दुकानदार की, जिसके पास दिनभर की बिक्री के बाद एक ₹500 का नकली नोट निकल आए। उसके लिए वह पांच सौ रुपये केवल एक कागज नहीं, बल्कि उसकी दिनभर की मेहनत का हिस्सा हैं। कोई मजदूर अपनी मजदूरी लेकर घर पहुंचे और पता चले कि उसमें से कुछ नोट नकली हैं तो उसके लिए यह आर्थिक चोट से कहीं अधिक बड़ी बात है।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">नकली मुद्रा का सबसे बड़ा शिकार अक्सर वह व्यक्ति बनता है जिसके पास उसे पहचानने के साधन सबसे कम होते हैं। यही कारण है कि इस समस्या का समाधान केवल पुलिस की कार्रवाई या कुछ गिरफ्तारियों तक सीमित नहीं होना चाहिए। बल्कि नकली नोट छापने वाले हाथों तक पहुंचना जरूरी है, लेकिन उससे भी जरूरी है उस पूरे नेटवर्क तक पहुंचना जो उसे बाजार में पहुंचाता है।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">और अगर बैंकिंग व्यवस्था के किसी स्तर पर लापरवाही हुई है तो वहां भी जवाबदेही तय होनी चाहिए। बैंक का करेंसी चेस्ट देश की मुद्रा का सुरक्षित भंडार माना जाता है। वहां नकली नोटों की बड़ी मात्रा पहुंचना सामान्य घटना मानकर छोड़ देना भविष्य के लिए खतरनाक संकेत होगा।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">आज तकनीक अपराधियों के हाथ में भी है। पहले नकली नोट की पहचान शायद कागज, छपाई और रंग से की जा सकती थी। अब डिजिटल तकनीक और प्रिंटिंग के साधनों ने नकलीपन को अधिक परिष्कृत बना दिया है। इसलिए सुरक्षा व्यवस्था को भी उसी गति से आगे बढ़ना होगा।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">लेकिन तकनीक से भी बड़ा हथियार है,सजग नागरिक।RBI स्वयं लोगों को नोटों की सुरक्षा विशेषताओं को देखकर, छूकर और तिरछा करके पहचानने की जानकारी देता है। </span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">हमें अपने दुकानदारों, व्यापारियों, कर्मचारियों और आम नागरिकों को यह जानकारी देनी होगी कि नोट केवल देखकर स्वीकार न करें। बैंक कर्मचारियों और बड़े नकद लेन-देन करने वालों को नियमित प्रशिक्षण मिलना चाहिए और संदेहास्पद मुद्रा के मामले में तत्काल निर्धारित प्रक्रिया अपनानी चाहिए। </span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">क्योंकि नकली नोटों की समस्या केवल नोट की असलियत की समस्या नहीं है। यह हमारे समय के उस बड़े संकट का प्रतीक है जिसमें नकली और असली के बीच अंतर करना लगातार कठिन होता जा रहा है। </span><span lang="hi" style="font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">नकली नोट बाजार में चल सकता है, नकली दवा शरीर में जा सकती है, नकली सामान घर में पहुंच सकता है, नकली खबर समाज में फैल सकती है और नकली विश्वास रिश्तों को भी खोखला कर सकता है।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">इसलिए सवाल केवल यह नहीं कि नकली नोट कहां छपे? सवाल यह भी है, हमारी व्यवस्था में नकलीपन इतनी दूर तक पहुंच कैसे गया?</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" style="font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">मुद्रा की सुरक्षा जरूरी है, लेकिन उससे भी ज्यादा जरूरी है व्यवस्था के विश्वास की सुरक्षा। क्योंकि रुपये की कीमत उसके कागज में नहीं, उस विश्वास में है कि यह कागज सचमुच ₹500 का मूल्य रखता है। और जिस दिन नागरिक को अपनी जेब में रखे नोट से भी भरोसा उठने लगे, उस दिन चोट केवल मुद्रा पर नहीं पड़ेगी, अर्थव्यवस्था की नींव में छिपे विश्वास पर पड़ेगी। </span><span lang="hi" style="font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">नोट नकली थे, लेकिन सवाल बिल्कुल असली है, क्या हमारी व्यवस्था नकलीपन से एक कदम आगे चल रही है?</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:right;line-height:25%;" align="right"><span>वीर</span><span lang="hi" style="font-family:Mangal, serif;" xml:lang="hi">ेंद्र हीरालाल पथरिया </span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                            <category>संपादकीय</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/187153/the-notes-turned-out-to-be-fake-but-the-question</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/187153/the-notes-turned-out-to-be-fake-but-the-question</guid>
                <pubDate>Thu, 03 Sep 2026 20:11:46 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-09/img_20260901_202054.png"                         length="1017257"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[अजय यादव]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>साइबर ठगी के संगठित गिरोह का भंडाफोड़, पांच आरोपी गिरफ्तार</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div><strong>नई दिल्ली।</strong> दक्षिण-पूर्वी जिला पुलिस के थाना सरिता विहार की टीम ने साइबर अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान "साइ-हॉक 5.0" के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए कमीशन के आधार पर साइबर ठगी की रकम निकालने वाले एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लगभग 9 लाख रुपये की संदिग्ध साइबर ठगी की रकम की निकासी को रोकने में सफलता हासिल की है। पुलिस के अनुसार, कार्रवाई की शुरुआत आईडीएफसी फर्स्ट बैंक, जसोला के शाखा प्रबंधक से प्राप्त सूचना के आधार पर की गई। जांच के दौरान पता चला कि आरोपी साइबर</div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/181429/organized-gang-of-cyber-fraud-busted-five-accused-arrested"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/img-20260617-wa0005.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div><strong>नई दिल्ली।</strong> दक्षिण-पूर्वी जिला पुलिस के थाना सरिता विहार की टीम ने साइबर अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान "साइ-हॉक 5.0" के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए कमीशन के आधार पर साइबर ठगी की रकम निकालने वाले एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लगभग 9 लाख रुपये की संदिग्ध साइबर ठगी की रकम की निकासी को रोकने में सफलता हासिल की है। पुलिस के अनुसार, कार्रवाई की शुरुआत आईडीएफसी फर्स्ट बैंक, जसोला के शाखा प्रबंधक से प्राप्त सूचना के आधार पर की गई। जांच के दौरान पता चला कि आरोपी साइबर ठगी से प्राप्त धनराशि को विभिन्न बैंक खातों के माध्यम से निकालने का काम कर रहे थे। इस संबंध में थाना सरिता विहार में एफआईआर संख्या 297/2026 दर्ज की गई है। मामले में भारतीय न्याय संहिता बीएनएस की संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की जा रही है जांच में इस गिरोह के तार मुंबई में दर्ज एक बड़े साइबर ठगी मामले से जुड़े पाए गए हैं। मुंबई के एक निजी कंपनी के साथ कथित सीईओ/व्हाट्सएप प्रतिरूपण (इम्पर्सनेशन) धोखाधड़ी के जरिए करीब 10.40 करोड़ रुपये की ठगी की गई थी। यह रकम 3 जून से 15 जून 2026 के बीच 63 अलग-अलग लेनदेन के माध्यम से निकाली गई थी। इस मामले की जांच मुंबई क्राइम ब्रांच के दक्षिण साइबर पुलिस स्टेशन में दर्ज प्रकरण के तहत की जा रही है। पुलिस का मानना है कि पूरे वित्तीय नेटवर्क में संदिग्ध लेनदेन की राशि 10 करोड़ रुपये से अधिक हो सकती है।गिरफ्तार आरोपियों की पहचान विकास 22 वंश 2 फैयाज आलम 22 अमित 28 और बलवीर कुमार 23 के रूप में हुई है। सभी आरोपी दिल्ली के निवासी हैं। पुलिस के अनुसार, गिरोह के कुछ अन्य सदस्य अभी फरार हैं, जिनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इस कार्रवाई को थाना सरिता विहार के प्रभारी निरीक्षक युधवीर सिंह, उपनिरीक्षक वैभव सिंह, उपनिरीक्षक सतीश भाटी, बीसी नितेश, कांस्टेबल ओम प्रकाश और मनीष की टीम ने अंजाम दिया। अभियान का पर्यवेक्षण एसीपी अनिल शर्मा ने किया, जबकि पूरी कार्रवाई अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त-द्वितीय जसबीर सिंह के मार्गदर्शन में संपन्न हुई।पुलिस ने बताया कि मामले की जांच जारी है और साइबर ठगी नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है।</div>
</div>
<div class="yj6qo"> </div>
<div class="adL"> </div>
</div>
</div>
</div>
<div class="hq gt">
<div class="hp"> </div>
<div class="eqJbab cZD3Qb"></div>
</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/181429/organized-gang-of-cyber-fraud-busted-five-accused-arrested</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/181429/organized-gang-of-cyber-fraud-busted-five-accused-arrested</guid>
                <pubDate>Wed, 17 Jun 2026 21:06:30 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-06/img-20260617-wa0005.jpg"                         length="207665"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>नकली सामान के अवैध कारोबार पर सख्ती, पंजाब पुलिस और फिक्की कैस्केड ने शुरू किया क्षमता निर्माण अभियान</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>चंडीगढ़ </strong>इस कार्यक्रम का उद्घाटन विशेष डीजीपी (यातायात और सड़क सुरक्षा), पंजाब द्वारा किया गया था। कार्यक्रम का उद्देश्य पुलिस अधिकारियों की क्षमता में वृद्धि करते हुए अवैध व्यापार के खिलाफ प्रभावी कानूनी कार्रवाई और प्रवर्तन को मजबूत करना था।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">संगोष्ठी के दौरान, अधिकारियों को उपभोक्ताओं और वैध व्यवसायों के हितों की रक्षा के लिए जांच प्रक्रिया, प्रासंगिक कानूनी व्यवस्था और संगठित वित्तीय अपराधों से निपटने के सर्वोत्तम तरीकों पर महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की गई।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">निरंतर प्रशिक्षण और रणनीतिक साझेदारी के माध्यम से, पंजाब पुलिस एक कुशल, भविष्य के लिए तैयार बल के निर्माण और एक सुरक्षित पंजाब सुनिश्चित करने</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/181261/punjab-police-in-collaboration-with-ficci-committee-against-cascade-sampling"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/1000905631.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>चंडीगढ़ </strong>इस कार्यक्रम का उद्घाटन विशेष डीजीपी (यातायात और सड़क सुरक्षा), पंजाब द्वारा किया गया था। कार्यक्रम का उद्देश्य पुलिस अधिकारियों की क्षमता में वृद्धि करते हुए अवैध व्यापार के खिलाफ प्रभावी कानूनी कार्रवाई और प्रवर्तन को मजबूत करना था।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">संगोष्ठी के दौरान, अधिकारियों को उपभोक्ताओं और वैध व्यवसायों के हितों की रक्षा के लिए जांच प्रक्रिया, प्रासंगिक कानूनी व्यवस्था और संगठित वित्तीय अपराधों से निपटने के सर्वोत्तम तरीकों पर महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की गई।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">निरंतर प्रशिक्षण और रणनीतिक साझेदारी के माध्यम से, पंजाब पुलिस एक कुशल, भविष्य के लिए तैयार बल के निर्माण और एक सुरक्षित पंजाब सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">पंजाब पुलिस, फिक्की कैस्केड ( तस्करी और नकली गतिविधियों के खिलाफ अर्थव्यवस्था को नष्ट करने के लिए समिति) के सहयोग से, तस्करी और नकली के खिलाफ लड़ाई को मजबूत करने के लिए महाराजा रंजीत सिंह पंजाब पुलिस अकादमी, फिलीौर में एक क्षमता निर्माण कार्यक्रम आयोजित किया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">विशेष डीजीपी (यातायात और सड़क सुरक्षा), पंजाब द्वारा उद्घाटन, कार्यक्रम प्रभावी प्रवर्तन और कानूनी कार्रवाई के माध्यम से अवैध व्यापार से निपटने के लिए पुलिस अधिकारियों की क्षमताओं को बढ़ाने पर केंद्रित है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">संगोष्ठी ने अधिकारियों को खोजी प्रक्रियाओं, प्रासंगिक कानूनी प्रावधानों, और उपभोक्ताओं और वैध व्यवसायों की रक्षा करते हुए संगठित आर्थिक अपराधों का मुकाबला करने के लिए सर्वोत्तम प्रथाओं में बहुमूल्य अंतर्दृष्टि प्रदान की।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">निरंतर प्रशिक्षण और रणनीतिक साझेदारी के माध्यम से, पंजाब पुलिस एक कुशल, भविष्य के लिए तैयार बल के निर्माण और एक सुरक्षित, अधिक सुरक्षित पंजाब सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>पंजाब</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/181261/punjab-police-in-collaboration-with-ficci-committee-against-cascade-sampling</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/181261/punjab-police-in-collaboration-with-ficci-committee-against-cascade-sampling</guid>
                <pubDate>Mon, 15 Jun 2026 19:27:35 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-06/1000905631.jpg"                         length="92767"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>निर्माण के नाम पर 1. 25 करोड़ खाते से निकालने में चार के खिलाफ मुकदमा दर्ज </title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>कानपुर।</strong> शहरों और गांव के विकास के लिए मिलने वाले सरकारी धन को जालसाजी, धोखाधड़ी और कूट रचना के माध्यम से एक राय होकर हड़प करने वालों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। ऐसे ही एक मामले में आरोपियों के खिलाफ भादंसं की धारा 409 ,419 ,420 ,467,468 ,471,504 और 506 के तहत मुकदमा दर्ज कर जाने के बाद पुलिस ने मामले की विवेचना जांच शुरू कर दी है। डीआईजी के आदेश पर दर्ज हुई एफ आई आर में लगाए गए आरोपों के मुताबिक 1.25 करोड़ की यह सरकारी धनराशि पूर्व सांसद की अनुशंसा पर 10 ग्राम पंचायतों में</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/181202/case-filed-against-four-for-withdrawing-rs-125-crore-from"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/1002003015.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>कानपुर।</strong> शहरों और गांव के विकास के लिए मिलने वाले सरकारी धन को जालसाजी, धोखाधड़ी और कूट रचना के माध्यम से एक राय होकर हड़प करने वालों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। ऐसे ही एक मामले में आरोपियों के खिलाफ भादंसं की धारा 409 ,419 ,420 ,467,468 ,471,504 और 506 के तहत मुकदमा दर्ज कर जाने के बाद पुलिस ने मामले की विवेचना जांच शुरू कर दी है। डीआईजी के आदेश पर दर्ज हुई एफ आई आर में लगाए गए आरोपों के मुताबिक 1.25 करोड़ की यह सरकारी धनराशि पूर्व सांसद की अनुशंसा पर 10 ग्राम पंचायतों में सामुदायिक भवन निर्माण हेतु उपलब्ध कराई गई थी ,जिसे विभिन्न व्यक्तियों के नामों से खातों से निकाल लिया गया। </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">भारतीय को आपरेटिव ग्रामीण विकास एवं निर्माण लिमिटेड लालबाग लखनऊ के अध्यक्ष एवं निदेशक पद के लिए भी निर्वाचित रहे जीतेन्द्र कुमार अग्रवाल द्वारा कोतवाली बस्ती में दर्ज कराई गई रिपोर्ट के मुताबिक़ वर्ष 2018 में पूर्व सासंद हरीश द्विवेदी की अनुशंसा पर वर्ष 2018 में नार्दन कोल्ड फील्ड सिंगरौली से निगमित सामाजिक दायित्व के अन्तर्गत 10 ग्राम पंचायतों में सामुदायिक भवन निर्माण हेतु 1.25 करोड रूपये प्राप्त हुए थे ,जिसे भारतीय को-आपरेटिव ग्रामीण विकास एवं निर्माण लिमिटेड बस्ती की बैंक आफ इन्डिया शाखा बस्ती में एकाउन्ट खोलकर जमा किये गए थे। </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">एफ आई आर के अनुसार पवन कुमार पाण्डेय पुत्र गिरीश दत्त पाण्डेय बेलसर जिला गोण्डा, आशीष कुमार पाठक पुत्र मथुरा प्रसाद इस्माइलगंज इण्डस्ट्रीयल एरिया लखनऊ के संयुक्त हस्ताक्षर से संचालित इसी खाते से पवन कुमार पाण्डेय पुत्र गिरीश दत्त पाण्डेय, आशीष कुमार पाठक, शिवेन्द्र प्रताप सिंह, मो0 आमिर आदि द्वारा एक राय होकर मिली भगत करते हुए खाते से भिन्न भिन्न व्यक्तियों के नाम से सामुदायिक भवन निर्माण हेतु 1.25 करोड रूपये प्राप्त धनराशि खाते से निकाल ली। </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">आरोपों के मुताबिक इसके उपरान्त नार्दन कोल्ड फील्ड सिंगरौली के सभी कार्य पूर्ण नहीं होने के बाद भी कार्यपूर्णता प्रमाण पत्र जमा कर दिया गया। जबकि निर्माण कार्यों के पूरा नहीं होने से संबंधित कई शिकायती पत्र ग्राम प्रधान द्वारा पहले ही भेजे जा चुके थे। </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">जान से मारने की धमकी और गाली गलौज करने का भी आरोप लगाकर मुकदमा दर्ज कराने वाले अध्यक्ष और निर्वाचित निदेशक भी रहे दहिलामऊ सिविल लाइन प्रतापगढ़ निवासी जीतेन्द्र कुमार अग्रवाल के मुताबिक उपरोक्त सभी ने भारतीय को-आपरेटिव ग्रामीण विकास एवं निर्माण लिमिटेड लिमिटेड लालबाग लखनऊ की छवि खराब करने के साथ-साथ जालसाजी कर कूटरचित अभिलेख तैयार करते हुए धनराशि का गबन धोखाधड़ी, अवैध लेनदेन और हेरा फेरी की है। अवगत कराते चलें कि संबंधित मामले में इसके पहले भी दो और मुकदमे दर्ज कराए जा चुके हैं। फिलहाल पुलिस अग्रिम कार्रवाई के लिए मामले की गहन विवेचना में लगातार जुटी हुई है।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/181202/case-filed-against-four-for-withdrawing-rs-125-crore-from</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/181202/case-filed-against-four-for-withdrawing-rs-125-crore-from</guid>
                <pubDate>Mon, 15 Jun 2026 17:10:54 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-06/1002003015.jpg"                         length="132006"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>डिजिटल अरेस्ट के नाम पर ठगी करने वाले अंतरराज्यीय साइबर गिरोह का पर्दाफाश</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>कानपुर।</strong> थाना शिवराजपुर पुलिस एवं साइबर क्राइम सेल, कमिश्नरेट कानपुर नगर की संयुक्त कार्रवाई में डिजिटल अरेस्ट के नाम पर लोगों को भयभीत कर करोड़ों रुपये की साइबर ठगी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का सफल अनावरण करते हुए 6 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">गिरोह के सदस्य स्वयं को पुलिस, सीबीआई एवं अन्य सरकारी एजेंसियों का अधिकारी बताकर फर्जी मामलों में गिरफ्तारी का भय दिखाते थे तथा पीड़ितों से धनराशि ठगते थे। जांच में सामने आया कि ठगी की रकम को पी2पी ट्रेडिंग के माध्यम से यूएसडीटी (क्रिप्टोकरेंसी) में परिवर्तित किया जाता था। एनसीआरपी एवं प्रतिबिंब पोर्टल के अनुसार गिरोह</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/181198/interstate-cyber-gang-committing-fraud-in-the-name-of-digital"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/1002002752.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>कानपुर।</strong> थाना शिवराजपुर पुलिस एवं साइबर क्राइम सेल, कमिश्नरेट कानपुर नगर की संयुक्त कार्रवाई में डिजिटल अरेस्ट के नाम पर लोगों को भयभीत कर करोड़ों रुपये की साइबर ठगी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का सफल अनावरण करते हुए 6 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">गिरोह के सदस्य स्वयं को पुलिस, सीबीआई एवं अन्य सरकारी एजेंसियों का अधिकारी बताकर फर्जी मामलों में गिरफ्तारी का भय दिखाते थे तथा पीड़ितों से धनराशि ठगते थे। जांच में सामने आया कि ठगी की रकम को पी2पी ट्रेडिंग के माध्यम से यूएसडीटी (क्रिप्टोकरेंसी) में परिवर्तित किया जाता था। एनसीआरपी एवं प्रतिबिंब पोर्टल के अनुसार गिरोह पिछले लगभग 03 वर्षों से सक्रिय था तथा देशभर में लगभग 2,500 लोगों से 15 करोड़ रुपये से अधिक की साइबर ठगी कर चुका है। ठगी की धनराशि के लेनदेन हेतु 450 से अधिक फर्जी एवं किराए के बैंक खातों का उपयोग किया गया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">अभियुक्तों के कब्जे से 05 मोबाइल फोन, 01 टैबलेट, 10 बैंक पासबुक, 02 चेकबुक एवं 12 एटीएम कार्ड बरामद किए गए हैं। गिरोह के विरुद्ध उत्तर प्रदेश सहित दिल्ली, बिहार, महाराष्ट्र, गुजरात, तेलंगाना, तमिलनाडु, उत्तराखंड एवं मध्य प्रदेश में भी शिकायतें दर्ज हैं। गिरफ्तार अभियुक्त: अशरफ खान, सूरज कुमार, राजन कटियार, राजदीप, भीमरतन कुमार एवं कमल हैं। अभियुक्तों के विरुद्ध बीएनएस की धारा 308(2), 318(4) एवं आईटी एक्ट की धारा 66D के तहत अभियोग पंजीकृत कर अग्रिम विधिक कार्रवाई की जा रही है। उल्लेखनीय कार्रवाई के लिए पुलिस टीम को ₹25,000 के नकद पुरस्कार से पुरस्कृत किया गया।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/181198/interstate-cyber-gang-committing-fraud-in-the-name-of-digital</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/181198/interstate-cyber-gang-committing-fraud-in-the-name-of-digital</guid>
                <pubDate>Mon, 15 Jun 2026 17:09:00 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-06/1002002752.jpg"                         length="221408"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>आवासीय प्लॉट दिलाने के नाम पर लाखों की ठगी, वांछित आरोपी गिरफ्तार।</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात</strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>प्रयागराज। </strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">थाना कैण्ट पुलिस ने आवासीय प्लॉट दिलाने के नाम पर रुपये लेकर न तो जमीन की रजिस्ट्री कराने और न ही धनराशि वापस करने के आरोप में एक वांछित अभियुक्त को गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की है। </div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">प्राप्त जानकारी के अनुसार, सूरज तिवारी पुत्र जीत नारायण तिवारी निवासी बरवाँ बमरौली उपरहार, थाना पूरामुफ्ती, जनपद प्रयागराज ने शिकायत दर्ज कराई थी कि कुछ लोगों ने उन्हें आवासीय प्लॉट उपलब्ध कराने का झांसा देकर कई किश्तों में बड़ी धनराशि प्राप्त कर ली। आरोप है कि रुपये लेने के बावजूद न तो प्लॉट की रजिस्ट्री कराई गई और न</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/180870/wanted-accused-arrested-for-cheating-lakhs-of-rupees-in-the"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/img-20260609-wa0117.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात</strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>प्रयागराज। </strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">थाना कैण्ट पुलिस ने आवासीय प्लॉट दिलाने के नाम पर रुपये लेकर न तो जमीन की रजिस्ट्री कराने और न ही धनराशि वापस करने के आरोप में एक वांछित अभियुक्त को गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की है। </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">प्राप्त जानकारी के अनुसार, सूरज तिवारी पुत्र जीत नारायण तिवारी निवासी बरवाँ बमरौली उपरहार, थाना पूरामुफ्ती, जनपद प्रयागराज ने शिकायत दर्ज कराई थी कि कुछ लोगों ने उन्हें आवासीय प्लॉट उपलब्ध कराने का झांसा देकर कई किश्तों में बड़ी धनराशि प्राप्त कर ली। आरोप है कि रुपये लेने के बावजूद न तो प्लॉट की रजिस्ट्री कराई गई और न ही पीड़ित की रकम वापस की गई।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">पीड़ित की शिकायत पर मामले की जांच की गई। इसके बाद माननीय अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट-05, इलाहाबाद के आदेश के अनुपालन में संबंधित धाराओं में मुकदमा पंजीकृत किया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना कैण्ट पुलिस द्वारा अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए विशेष टीम गठित की गई।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">पुलिस टीम ने प्रभावी कार्रवाई करते हुए मामले में वांछित चल रहे आरोपी आशुतोष कुमार तिवारी पुत्र राजनारायण तिवारी को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार अभियुक्त मूल रूप से ग्राम महेशपुर, थाना विजय नगर, जनपद गोपालगंज (बिहार) का निवासी है तथा वर्तमान में बेला छपड़ा, थाना बेला, जनपद मुजफ्फरपुर (बिहार) में रह रहा था।</div>
<div class="yj6qo" style="text-align:justify;"> </div>
<div class="adL"> </div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/180870/wanted-accused-arrested-for-cheating-lakhs-of-rupees-in-the</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/180870/wanted-accused-arrested-for-cheating-lakhs-of-rupees-in-the</guid>
                <pubDate>Tue, 09 Jun 2026 20:32:13 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-06/img-20260609-wa0117.jpg"                         length="39457"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>फर्जी फर्म बनाकर करोड़ों रुपए का हेरफेर करने वाले गैंग का मुखिया महफूज गिरफ्तार </title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>कानपुर।</strong> फर्जी फर्म बनाकर लोगों को डरा-धमकाकर एवं उनके प्रपत्रों के आधार पर कूटरचित दस्तावेज तैयार कर करोड़ों रुपये का फर्जीवाड़ा करने वाले गिरोह का सरगना एवं इनामिया अभियुक्त महफूज अली उर्फ पप्पू छुरी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">  इस संबंध में विस्तृत जानकारी देते हुए पुलिस आयुक्त रघुबीर लाल ने बताया कि थाना चकेरी प्रकरण के अंतर्गत एक लूट की घटना हुई थी लेकिन इस लूट की घटना को वादी द्वारा छिपाया गया था तत्काल एफआईआर दर्ज नहीं कराई गई थी क्योंकि वह फर्जी फर्म बनाकर लोगों को डरा-धमकाकर एवं उनके प्रपत्रों के आधार पर कूटरचित</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">पुलिस</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/178891/mahfooz-the-leader-of-the-gang-who-embezzled-crores-of"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-05/1001892735.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>कानपुर।</strong> फर्जी फर्म बनाकर लोगों को डरा-धमकाकर एवं उनके प्रपत्रों के आधार पर कूटरचित दस्तावेज तैयार कर करोड़ों रुपये का फर्जीवाड़ा करने वाले गिरोह का सरगना एवं इनामिया अभियुक्त महफूज अली उर्फ पप्पू छुरी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> इस संबंध में विस्तृत जानकारी देते हुए पुलिस आयुक्त रघुबीर लाल ने बताया कि थाना चकेरी प्रकरण के अंतर्गत एक लूट की घटना हुई थी लेकिन इस लूट की घटना को वादी द्वारा छिपाया गया था तत्काल एफआईआर दर्ज नहीं कराई गई थी क्योंकि वह फर्जी फर्म बनाकर लोगों को डरा-धमकाकर एवं उनके प्रपत्रों के आधार पर कूटरचित दस्तावेज तैयार कर करोड़ों रुपये का फर्जीवाड़ा करता था। तथापि पुलिस टीम द्वारा स्वतः संज्ञान लेकर गहन जांच एवं सर्विलांस के आधार पर कार्रवाई करते हुए घटना में शामिल 5 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया तथा उनके कब्जे से लगभग ₹11,00,000 की बरामदगी की गई।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">पुलिस आयुक्त रघुवीर लाल ने बताया कि पूछताछ में महफूज उर्फ पप्पू चोरी गिरोह के मुख्य संचालक के रूप में सामने आए हैं, जो भोले-भाले लोगों के बैंक खाते खुलवाकर, लोन एवं बीमा दिलाने का झांसा देकर उनका दुरुपयोग करते थे। इनके द्वारा फर्जी जीएसटी फर्में भी पंजीकृत कराई गई थीं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">पुलिस जांच में संबंधित 68 बैंक खातों में लगभग ₹3000 करोड़ से अधिक के संदिग्ध लेनदेन पाए गए हैं। इस नेटवर्क के तार पंजाब, हिमाचल प्रदेश, दिल्ली, पश्चिम बंगाल एवं उत्तर प्रदेश से जुड़े पाए गए हैं, जिसकी गहन जांच की जा रही है। प्रकरण में जीएसटी एवं आयकर विभाग से भी समन्वय स्थापित कर आवश्यक कार्रवाई कराई जाएगी।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">पूछताछ में यह भी सामने आया है कि एपीएमसी प्रमाणपत्रों के माध्यम से भारी मात्रा में धन का अवैध ट्रांजेक्शन किया गया तथा धनराशि का संबंध स्लॉटर एवं स्क्रैप व्यवसाय से भी जुड़ा पाया गया है। प्रकरण में अग्रिम विधिक कार्रवाई प्रचलित है।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/178891/mahfooz-the-leader-of-the-gang-who-embezzled-crores-of</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/178891/mahfooz-the-leader-of-the-gang-who-embezzled-crores-of</guid>
                <pubDate>Sun, 10 May 2026 19:29:37 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-05/1001892735.jpg"                         length="95972"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        