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                <title>अवैध कब्जा हटाओ अभियान - Swatantra Prabhat</title>
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                <description>अवैध कब्जा हटाओ अभियान RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>जिलाधिकारी ने कर-करेत्तर, राजस्व वसूली एवं राजस्व कार्यों की किया समीक्षा</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>अमेठी।</strong> जिलाधिकारी संजय चौहान ने गुरुवार को कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित कर-करेत्तर, राजस्व वसूली एवं राजस्व कार्यों (सीएम डैशबोर्ड) की मासिक समीक्षा बैठक में अधिकारियों को राजस्व वसूली में तेजी लाने तथा शासन द्वारा निर्धारित लक्ष्यों की शत-प्रतिशत पूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि राजस्व वसूली में शिथिलता बरतने वाले अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। बैठक में जिलाधिकारी ने विद्युत देय, खनन, आबकारी, परिवहन, नगर निकाय, स्टाम्प ड्यूटी, बाट-माप, जीएसटी सहित विभिन्न विभागों की राजस्व वसूली की समीक्षा की।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">उन्होंने कम प्रगति वाले विभागों को सुधार लाने तथा लक्ष्य के अनुरूप वसूली बढ़ाने के निर्देश</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/185874/district-magistrate-reviewed-non-tax-revenue-collection-and-revenue-works"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-08/3-1.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>अमेठी।</strong> जिलाधिकारी संजय चौहान ने गुरुवार को कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित कर-करेत्तर, राजस्व वसूली एवं राजस्व कार्यों (सीएम डैशबोर्ड) की मासिक समीक्षा बैठक में अधिकारियों को राजस्व वसूली में तेजी लाने तथा शासन द्वारा निर्धारित लक्ष्यों की शत-प्रतिशत पूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि राजस्व वसूली में शिथिलता बरतने वाले अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। बैठक में जिलाधिकारी ने विद्युत देय, खनन, आबकारी, परिवहन, नगर निकाय, स्टाम्प ड्यूटी, बाट-माप, जीएसटी सहित विभिन्न विभागों की राजस्व वसूली की समीक्षा की।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">उन्होंने कम प्रगति वाले विभागों को सुधार लाने तथा लक्ष्य के अनुरूप वसूली बढ़ाने के निर्देश दिए। जीएसटी वसूली की समीक्षा के दौरान उन्होंने संबंधित अधिकारियों को वसूली में तेजी लाने के लिए प्रभावी कार्रवाई करने को कहा। वहीं स्टाम्प विभाग की समीक्षा करते हुए स्टाम्प की कमी से संबंधित जारी आरसी की वसूली सुनिश्चित कराने तथा लक्ष्य पूर्ति के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने आईजीआरएस पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों के निस्तारण की भी समीक्षा की। उन्होंने कहा कि शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निस्तारण किया जाए तथा शिकायतकर्ताओं को उसकी जानकारी भी उपलब्ध कराई जाए।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">फीडबैक में प्राप्त बिंदुओं का तत्काल समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए। बैठक में रिट याचिकाओं, खतौनी अंश निर्धारण, स्वामित्व योजना, रोस्टर के अनुसार खतौनियों के दाखिले, एंटी भू-माफिया अभियान एवं अन्य राजस्व कार्यों की प्रगति की समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने सभी उपजिलाधिकारियों एवं तहसीलदारों को निर्देशित किया कि तालाब, चारागाह, चकरोड एवं अन्य सार्वजनिक भूमि पर किए गए अवैध कब्जों को चिन्हित कर अभियान चलाकर कब्जा मुक्त कराया जाए।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">उन्होंने विभिन्न न्यायालयों में लंबित वादों की समीक्षा करते हुए उनके शीघ्र निस्तारण के निर्देश भी दिए। जिलाधिकारी ने कहा कि जिन विभागों द्वारा आरसी जारी की गई है, वे राजस्व अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित कर प्रभावी वसूली सुनिश्चित करें। बैठक में अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) ज्योति सिंह, अपर जिलाधिकारी न्यायिक अमृता सिंह, जिला आबकारी अधिकारी, समस्त उपजिलाधिकारी, तहसीलदार एवं संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>आपका शहर</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 20 Aug 2026 21:20:37 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
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                <title>हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, कहा- वकीलों के कब्जे हटाने के लिए दें पर्याप्त पुलिस फोर्स </title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज।</strong> हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने कैसरबाग स्थित जनपद न्यायालय के आसपास वकीलों की ओर से किए गए कब्जों पर सख्त रुख जारी रखा है। कोर्ट ने जिला प्रशासन को निर्देश दिया है कि इन कब्जों को हटाने के लिए नगर निगम को पर्याप्त पुलिस फोर्स उपलब्ध कराए। मामले में 25 मई को होने वाली अगली सुनवाई पर अधिकारियों से कार्रवाई रिपोर्ट भी पेश करने के लिए कहा है। न्यायमूर्ति राजेश सिंह चौहान और न्यायमूर्ति राजीव भारती की खंडपीठ ने यह आदेश अनुराधा सिंह और दो अन्य की याचिका पर दिया।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">मामले में नगर निगम की ओर से दाखिल</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/178827/high-courts-big-decision-provide-adequate-police-force-to-remove"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-05/image-2026-05-08t120542.964.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज।</strong> हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने कैसरबाग स्थित जनपद न्यायालय के आसपास वकीलों की ओर से किए गए कब्जों पर सख्त रुख जारी रखा है। कोर्ट ने जिला प्रशासन को निर्देश दिया है कि इन कब्जों को हटाने के लिए नगर निगम को पर्याप्त पुलिस फोर्स उपलब्ध कराए। मामले में 25 मई को होने वाली अगली सुनवाई पर अधिकारियों से कार्रवाई रिपोर्ट भी पेश करने के लिए कहा है। न्यायमूर्ति राजेश सिंह चौहान और न्यायमूर्ति राजीव भारती की खंडपीठ ने यह आदेश अनुराधा सिंह और दो अन्य की याचिका पर दिया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">मामले में नगर निगम की ओर से दाखिल रिपोर्ट के अनुसार संबंधित क्षेत्र में 72 अतिक्रमण पाए गए हैं। इनमें ज्यादातर अधिवक्ताओं के चैंबर और अवैध दुकानें हैं। इससे पहले कोर्ट ने नगर निगम को आदेश दिया था कि इन कब्जों को हटाने के लिए जो भी आवश्यक कदम उठाए गए हैं, उन्हें तार्किक अंत तक पहुंचाया जाए। यह भी कहा था कि इसके लिए पुलिस बल की जरूरत हो तो नगर निगम को तत्काल उपलब्ध कराया जाए।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">बुधवार को हुई सुनवाई में राज्य सरकार के मुख्य स्थायी अधिवक्ता शैलेंद्र कुमार सिंह ने डीसीपी (मुख्यालय) और डीसीपी ( पश्चिम) समेत लखनऊ के अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (पश्चिमी) के पत्र पेश किए। इनमें वे कारण बताए गए थे, जिनकी वजह से अतिक्रमण हटाने के लिए नगर निगम के अफसरों को पुलिस बल उपलब्ध नहीं कराया जा सका।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">नगर निगम की ओर से अतिक्रमण हटाने के लिए 12 मई की नई तारीख तय करने की जानकारी कोर्ट को दी गई। इस पर अदालत ने कहा कि इन पत्रों से स्पष्ट है कि कुछ अपरिहार्य वजहों से 25 अप्रैल को पुलिस बल मुहैया नहीं कराया जा सका, लेकिन अगली तय तिथि पर अवैध निर्माण, अतिक्रमण हटाने के लिए नगर निगम को समुचित पुलिस बल मुहैया कराया जाएगा। अदालत ने इसके लिए जरूरी कदम उठाने और कार्रवाई से अवगत कराने के लिए 15 दिन का समय दिया है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">मामले में अदालत ने पहले कहा था कि जनपद न्यायालय, पुराना हाईकोर्ट परिसर, कलेक्ट्रेट, राजस्व परिषद, पुराना सदर तहसील परिसर, उप-निबंधक कार्यालय, मंडलायुक्त कार्यालय, रेजिडेंसी पावर सब स्टेशन, बलरामपुर अस्पताल, कैसरबाग बस अड्डा व टेढ़ी कोठी के आसपास रहने वाले लोग वकीलों के कब्जों से बुरी तरह त्रस्त हैं। न्यायालय ने संज्ञान में लाई गई घटना का भी जिक्र किया था, जिसमें इस इलाके में अतिक्रमण के कारण एंबुलेंस नहीं निकल सकी थी। इस कारण एंबुलेंस में मौजूद मरीज की मौत हो गई थी।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>Featured</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 09 May 2026 22:17:48 +0530</pubDate>
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