<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://www.swatantraprabhat.com/tag/87493/good-governance" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Swatantra Prabhat RSS Feed Generator</generator>
                <title>Good Governance - Swatantra Prabhat</title>
                <link>https://www.swatantraprabhat.com/tag/87493/rss</link>
                <description>Good Governance RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>राजनीति में जनता के असली मुद्दे</title>
                                    <description><![CDATA[<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">लोकतंत्र की खूबसूरती इस बात में है कि यहां सत्ता से सवाल पूछे जा सकते हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">नीतियों की आलोचना की जा सकती है और विपक्ष सरकार के फैसलों पर अपना विरोध दर्ज करा सकता है। </span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">इसी तरह सरकार को भी अपने निर्णयों का पक्ष रखने और विपक्ष के आरोपों का जवाब देने का पूरा अधिकार है। लेकिन जब राजनीति का केंद्र जनहित के मुद्दों से हटकर केवल आरोप-प्रत्यारोप बन जाता है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तब लोकतंत्र की मूल भावना कमजोर पड़ने लगती है। आज भारतीय राजनीति के सामने सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या राजनीतिक दल जनता के वास्तविक सवालों</span></p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/185148/real-issues-of-public-in-politics"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-08/hindi-divas5.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">लोकतंत्र की खूबसूरती इस बात में है कि यहां सत्ता से सवाल पूछे जा सकते हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">नीतियों की आलोचना की जा सकती है और विपक्ष सरकार के फैसलों पर अपना विरोध दर्ज करा सकता है। </span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">इसी तरह सरकार को भी अपने निर्णयों का पक्ष रखने और विपक्ष के आरोपों का जवाब देने का पूरा अधिकार है। लेकिन जब राजनीति का केंद्र जनहित के मुद्दों से हटकर केवल आरोप-प्रत्यारोप बन जाता है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तब लोकतंत्र की मूल भावना कमजोर पड़ने लगती है। आज भारतीय राजनीति के सामने सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या राजनीतिक दल जनता के वास्तविक सवालों को उतनी प्राथमिकता दे रहे हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जितनी प्राथमिकता वे एक-दूसरे पर आरोप लगाने को देते हैं</span>? <span lang="hi" xml:lang="hi">चुनावी राजनीति में आरोप लगना कोई नई बात नहीं है। </span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">सरकार और विपक्ष के बीच मतभेद लोकतंत्र का स्वाभाविक हिस्सा हैं। लेकिन समस्या तब पैदा होती है जब राजनीतिक बहस का अधिकांश हिस्सा इस बात पर खर्च होने लगे कि किस नेता ने किस पर क्या आरोप लगाया</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">किसने किस बयान का जवाब दिया और किसने किसे कठघरे में खड़ा किया। ऐसे वातावरण में महंगाई</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">रोजगार</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">शिक्षा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">स्वास्थ्य</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">किसानों की आय</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">छोटे कारोबार</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">कानून-व्यवस्था और न्याय में देरी जैसे मुद्दे अक्सर राजनीतिक शोर में दब जाते हैं। एक आम नागरिक के लिए राजनीति का महत्व संसद या विधानसभा की बहसों से कहीं अधिक उसके रोजमर्रा के जीवन में दिखाई देता है। परिवार का बजट बिगड़ता है तो उसे महंगाई की चिंता होती है। </span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">युवा नौकरी की तलाश करता है तो उसके लिए रोजगार सबसे बड़ा राजनीतिक मुद्दा बन जाता है। किसान को फसल का उचित मूल्य</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">सिंचाई</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">मौसम और बाजार की चिंता रहती है। व्यापारी के लिए कारोबार की लागत और नियमों की सरलता महत्वपूर्ण होती है। गरीब परिवार के लिए बेहतर सरकारी अस्पताल और स्कूल किसी भी राजनीतिक भाषण से अधिक मायने रखते हैं। यही वह बिंदु है जहां राजनीतिक दलों को आत्ममंथन करना चाहिए।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">क्या उनकी राजनीतिक भाषा जनता की इन समस्याओं को पर्याप्त स्थान दे रही है</span>? <span lang="hi" xml:lang="hi">क्या चुनावी घोषणाओं के बाद भी उन वादों की लगातार समीक्षा होती है</span>? <span lang="hi" xml:lang="hi">क्या संसद और विधानसभाओं में उन विषयों पर उतनी गंभीर चर्चा होती है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जितनी राजनीतिक आरोपों पर</span>? <span lang="hi" xml:lang="hi">यदि जवाब संतोषजनक नहीं है तो यह केवल किसी एक दल की समस्या नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि पूरी राजनीतिक व्यवस्था के लिए चिंता का विषय है। आरोप जरूरी हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन प्रमाण और समाधान उससे भी जरूरी विपक्ष का काम सरकार से सवाल पूछना है। यदि किसी सरकारी योजना</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">नीति या निर्णय में खामी दिखाई देती है तो विपक्ष को उसे सामने लाना चाहिए। भ्रष्टाचार</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">प्रशासनिक लापरवाही या किसी गंभीर अनियमितता का संदेह हो तो जांच की मांग भी लोकतांत्रिक प्रक्रिया का हिस्सा है। लेकिन आरोप और प्रमाण में अंतर होता है। राजनीति में किसी आरोप को बार-बार दोहराना उसे स्वतः सत्य नहीं बना देता। लोकतांत्रिक व्यवस्था में आरोपों की जांच संस्थाओं को करनी होती है और दोष या निर्दोष होने का फैसला निर्धारित कानूनी प्रक्रिया से होना चाहिए। इसी तरह सरकार को भी विपक्ष के हर सवाल को राजनीतिक षड्यंत्र बताकर खारिज करने की प्रवृत्ति से बचना चाहिए।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">लोकतंत्र में स्वस्थ व्यवस्था वही होगी जहां आरोप के साथ प्रमाण</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">विरोध के साथ वैकल्पिक नीति और आलोचना के साथ समाधान प्रस्तुत किया जाए।</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">संसद केवल राजनीतिक मुकाबले का मंच नहीं</span></p>
<p class="MsoNormal"><span lang="hi" xml:lang="hi">संसद लोकतंत्र का सर्वोच्च विधायी मंच है। वहां सरकार की नीतियों पर चर्चा होनी चाहिए</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">कानूनों की समीक्षा होनी चाहिए और जनता से जुड़े मुद्दों पर गंभीर बहस होनी चाहिए। संसद में राजनीतिक असहमति होना जरूरी है। लेकिन असहमति और गतिरोध में फर्क है। सरकार यदि विपक्ष की बात नहीं सुनती तो लोकतांत्रिक संवाद कमजोर होता है। दूसरी ओर विपक्ष यदि हर विषय को विरोध का अवसर बना दे और चर्चा की संभावना ही समाप्त कर दे तो उससे भी जनता का नुकसान होता है। जनता ने अपने प्रतिनिधियों को केवल नारे लगाने के लिए नहीं चुना है। उनसे अपेक्षा है कि वे कानून बनाएं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">नीतियों की समीक्षा करें और जनता की समस्याओं को प्रभावी ढंग से उठाएं। राजनीतिक दलों को यह समझना होगा कि सदन में बिताया गया समय केवल सत्ता पक्ष या विपक्ष की जीत-हार तय नहीं करता</span>; <span lang="hi" xml:lang="hi">उसका सीधा संबंध देश के करोड़ों नागरिकों के भविष्य से होता है। भारत दुनिया की बड़ी युवा आबादी वाले देशों में है। ऐसे में रोजगार का सवाल केवल आर्थिक मुद्दा नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि सामाजिक और राजनीतिक स्थिरता का भी विषय है। हर साल बड़ी संख्या में युवा शिक्षा पूरी करके नौकरी की तलाश में निकलते हैं। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले लाखों युवाओं के लिए परीक्षा की पारदर्शिता</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">समय पर परिणाम और नियुक्ति प्रक्रिया बेहद महत्वपूर्ण है। ऐसे में राजनीतिक बहस केवल इस बात तक सीमित नहीं रहनी चाहिए कि किस सरकार ने कितनी नौकरियां देने का दावा किया। असली सवाल यह होना चाहिए कि स्थायी और गुणवत्तापूर्ण रोजगार कितने पैदा हुए</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">युवाओं की आय कितनी बढ़ी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">निजी क्षेत्र में अवसर कैसे बढ़ेंगे और कौशल प्रशिक्षण को वास्तविक रोजगार से कैसे जोड़ा जाएगा। यदि राजनीतिक दल इस विषय पर ठोस और मापने योग्य योजनाएं सामने रखें तो यह लोकतांत्रिक बहस को एक नई दिशा दे सकता है।</span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/185148/real-issues-of-public-in-politics</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/185148/real-issues-of-public-in-politics</guid>
                <pubDate>Wed, 12 Aug 2026 17:13:23 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-08/hindi-divas5.jpg"                         length="137237"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>एमपी लीड फेलोशिप' के युवा प्रतिभागियों से केंद्रीय राज्य मंत्री निमुबेन बंभानिया का संवाद</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली।</strong> राज्यसभा सांसद डॉ. अजीत गोपछड़े की अभिनव पहल 'एमपी लीड फेलोशिप' के अंतर्गत चयनित 40 युवा फेलो ने केंद्रीय उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण राज्य मंत्री श्रीमती निमुबेन जयंतिभाई बंभानिया से उनके सरकारी आवास पर औपचारिक एवं विचारोत्तेजक संवाद किया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य देश के प्रतिभाशाली युवाओं को संसदीय प्रक्रियाओं, प्रशासनिक कार्यप्रणाली, सुशासन तथा लोक नीति निर्माण की व्यावहारिक समझ प्रदान करना है, ताकि वे भविष्य में राष्ट्र निर्माण की प्रक्रिया में प्रभावी भूमिका निभा सकें।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">संवाद के दौरान युवा फेलो ने महिला नेतृत्व, सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस), पारदर्शी शासन, लोक नीति, आपदा प्रबंधन तथा विकसित</div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/184503/union-minister-of-state-nimuben-bambhanias-conversation-with-the-youth"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-08/img-20260801-wa0002-(2).jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली।</strong> राज्यसभा सांसद डॉ. अजीत गोपछड़े की अभिनव पहल 'एमपी लीड फेलोशिप' के अंतर्गत चयनित 40 युवा फेलो ने केंद्रीय उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण राज्य मंत्री श्रीमती निमुबेन जयंतिभाई बंभानिया से उनके सरकारी आवास पर औपचारिक एवं विचारोत्तेजक संवाद किया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य देश के प्रतिभाशाली युवाओं को संसदीय प्रक्रियाओं, प्रशासनिक कार्यप्रणाली, सुशासन तथा लोक नीति निर्माण की व्यावहारिक समझ प्रदान करना है, ताकि वे भविष्य में राष्ट्र निर्माण की प्रक्रिया में प्रभावी भूमिका निभा सकें।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">संवाद के दौरान युवा फेलो ने महिला नेतृत्व, सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस), पारदर्शी शासन, लोक नीति, आपदा प्रबंधन तथा विकसित भारत-2047 के विज़न से जुड़े अनेक विषयों पर केंद्रीय राज्य मंत्री से सवाल पूछे। श्रीमती बंभानिया ने अपने सार्वजनिक जीवन के अनुभव साझा करते हुए कहा कि राजनीति केवल पद या प्रतिष्ठा प्राप्त करने का माध्यम नहीं, बल्कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास और कल्याण की योजनाएं पहुंचाने का सशक्त माध्यम है। उन्होंने कहा कि जनसेवा में ईमानदारी, पारदर्शिता, संवेदनशीलता और जनता का विश्वास सबसे बड़ी पूंजी है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">महिला सशक्तिकरण पर अपने विचार रखते हुए केंद्रीय राज्य मंत्री ने कहा कि महिलाओं की आर्थिक आत्मनिर्भरता एक मजबूत और समृद्ध समाज की आधारशिला है। उन्होंने स्वयं सहायता समूहों तथा 'लखपति दीदी' अभियान का उल्लेख करते हुए कहा कि इन पहलों ने देशभर में लाखों महिलाओं के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाया है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे निरंतर सीखने की भावना बनाए रखें और समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों का ईमानदारी से निर्वहन करें। 
<div> </div>
<div>सार्वजनिक जीवन में आने के इच्छुक युवाओं को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि शुरुआती वर्षों में अधिक सुनना, सीखना और समाज के बीच रहकर लोगों की समस्याओं को समझना सबसे आवश्यक है। उन्होंने सलाह दी कि किसी भी विषय पर अपनी राय तथ्यों के आधार पर रखें तथा समय प्रबंधन को अपनी कार्यशैली का अभिन्न हिस्सा बनाएं। उनके अनुसार समय का सदुपयोग और कठिन परिस्थितियों में संयमित निर्णय लेने की क्षमता ही सफल नेतृत्व की वास्तविक पहचान है।</div>
<div> </div>
<div>निर्णय लेने की प्रक्रिया पर चर्चा करते हुए केंद्रीय राज्य मंत्री ने कहा कि किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था में निर्णय लेते समय पहली प्राथमिकता जनहित, दूसरी नैतिक मूल्यों का पालन और तीसरी व्यावहारिक परिस्थितियों का समुचित आकलन होना चाहिए। उन्होंने कोविड-19 महामारी का उदाहरण देते हुए कहा कि भारत ने इन्हीं सिद्धांतों के आधार पर समयबद्ध और प्रभावी निर्णय लेकर चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों का सफलतापूर्वक सामना किया। </div>
<div> </div>
<div>खाद्य सुरक्षा एवं आपदा प्रबंधन के विषय पर उन्होंने कहा कि किसी भी संकट की स्थिति में गरीबों का राशन नहीं रुकना चाहिए। उन्होंने बताया कि मानसून के दौरान पहाड़ी और दुर्गम क्षेत्रों में तीन माह का अग्रिम राशन उपलब्ध कराया जाता है। इसके अलावा जम्मू-कश्मीर, असम सहित अन्य आपदा प्रभावित क्षेत्रों में आवश्यकता पड़ने पर वैकल्पिक माध्यमों से भी खाद्यान्न पहुंचाने की व्यवस्था की जाती है, ताकि कोई भी पात्र लाभार्थी वंचित न रहे। सार्वजनिक वितरण प्रणाली में पारदर्शिता लाने के लिए किए गए सुधारों का उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया कि आधार आधारित ई-पॉस उपकरण, 'वन नेशन, वन राशन कार्ड', 'आशा पोर्टल' तथा 'मेरा राशन' मोबाइल ऐप जैसी पहलों ने राशन वितरण प्रणाली को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और लाभार्थी-केंद्रित बनाया है।</div>
<div> </div>
<div>उन्होंने कहा कि इन तकनीकी सुधारों से फर्जीवाड़े पर प्रभावी नियंत्रण हुआ है और शिकायतों के त्वरित समाधान में भी सहायता मिली है। उनके अनुसार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में शुरू की गई 'वन नेशन, वन राशन कार्ड' योजना देश की खाद्य सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने वाली महत्वपूर्ण पहल साबित हुई है।</div>
<div> </div>
<div>विकसित भारत-2047 के विज़न पर अपने विचार रखते हुए केंद्रीय राज्य मंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि वर्ष 2047 तक भारत की सार्वजनिक वितरण प्रणाली पारदर्शिता, आधुनिक तकनीक, विश्वास और सेवाभाव के आधार पर दुनिया के लिए एक आदर्श मॉडल के रूप में स्थापित होगी। इस अवसर पर राज्यसभा सांसद डॉ. अजीत गोपछड़े ने कहा कि 'एमपी लीड फेलोशिप' का उद्देश्य युवाओं को नीति-निर्माण की प्रक्रिया, संसदीय कार्यप्रणाली और शीर्ष नेतृत्व की कार्यशैली को निकट से समझने तथा सीखने का अवसर प्रदान करना है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस प्रकार के संवाद युवाओं को प्रेरित करेंगे और वे विकसित भारत के निर्माण में सक्रिय एवं प्रभावी भूमिका निभाएंगे।</div>
</div>
</div>
</div>
</div>
<div class="hq gt" style="text-align:justify;"></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>दिल्‍ली</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/184503/union-minister-of-state-nimuben-bambhanias-conversation-with-the-youth</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/184503/union-minister-of-state-nimuben-bambhanias-conversation-with-the-youth</guid>
                <pubDate>Sat, 01 Aug 2026 22:38:48 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-08/img-20260801-wa0002-%282%29.jpg"                         length="143329"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सुविधाएँ बढ़ीं, बजट बढ़ा, फिर भी व्यवस्था वहीं क्यों?</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;" align="right"><strong><span lang="hi" xml:lang="hi">प्रो. आरके जैन “अरिजीत”</span></strong></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">शिकायतों की सूची लंबी है—अस्पताल में दवा नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">स्कूल में शिक्षक नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">सड़क पर रोशनी नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">कार्यालय में कर्मचारी नहीं। लेकिन सवाल हो कि जो है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">वह काम कर रहा है या नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो आवाज़ धीमी पड़ जाती है। डॉक्टर हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">मरीज के सामने नहीं</span>; <span lang="hi" xml:lang="hi">शिक्षक हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">कक्षा में नहीं</span>; <span lang="hi" xml:lang="hi">कर्मचारी हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">सीट पर नहीं</span>; <span lang="hi" xml:lang="hi">अधिकारी हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">दायित्व पर नहीं।</span><span lang="hi" xml:lang="hi">  </span><span lang="hi" xml:lang="hi">अस्पताल में मशीन है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जाँच नहीं</span>; <span lang="hi" xml:lang="hi">स्कूल में प्रयोगशाला है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">प्रयोग नहीं</span>; <span lang="hi" xml:lang="hi">मैदान है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">खेल नहीं</span>; <span lang="hi" xml:lang="hi">टंकी है</span></p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/184435/facilities-increased-budget-increased-still-why-is-the-system-the"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/1.-prof.-rkjain.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;" align="right"><strong><span lang="hi" xml:lang="hi">प्रो. आरके जैन “अरिजीत”</span></strong></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">शिकायतों की सूची लंबी है—अस्पताल में दवा नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">स्कूल में शिक्षक नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">सड़क पर रोशनी नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">कार्यालय में कर्मचारी नहीं। लेकिन सवाल हो कि जो है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">वह काम कर रहा है या नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो आवाज़ धीमी पड़ जाती है। डॉक्टर हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">मरीज के सामने नहीं</span>; <span lang="hi" xml:lang="hi">शिक्षक हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">कक्षा में नहीं</span>; <span lang="hi" xml:lang="hi">कर्मचारी हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">सीट पर नहीं</span>; <span lang="hi" xml:lang="hi">अधिकारी हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">दायित्व पर नहीं।</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">अस्पताल में मशीन है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जाँच नहीं</span>; <span lang="hi" xml:lang="hi">स्कूल में प्रयोगशाला है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">प्रयोग नहीं</span>; <span lang="hi" xml:lang="hi">मैदान है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">खेल नहीं</span>; <span lang="hi" xml:lang="hi">टंकी है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">नल में पानी नहीं। समस्या सिर्फ सुविधाओं की कमी नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">मौजूद साधनों और पदों का अपने उद्देश्य से गायब होना है।</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">संसाधन हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">कुर्सियाँ भरी हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">परिणाम नहीं। सवाल है—इस दिखाई देती अनुपस्थिति को कब तक अनदेखा करेंगे</span>?</p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">हमने सुविधाओं को सेवा का माध्यम नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">निजी लाभ का साधन बना लिया है। सरकारी अस्पताल का डॉक्टर सरकारी समय में निजी मरीजों में व्यस्त है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जबकि ओ.पी.डी. में गरीब अपनी बारी का इंतजार करता है। शिक्षक कक्षा के लिए नियुक्त है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">मगर उसकी ऊर्जा निजी कोचिंग में खपती है। सरकारी वाहन जनता के लिए है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">मगर निजी आवागमन में चलता है</span>; <span lang="hi" xml:lang="hi">सरकारी कंप्यूटर काम के लिए है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">मगर निजी कारोबार में इस्तेमाल होता है। सरकारी फोन</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">समय</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">कमरा और संसाधन—नाम सरकारी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">इस्तेमाल निजी। यहीं से सुविधा का चरित्र बदल जाता है।</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">जो साधन जनता की सेवा के लिए था</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">वही किसी की निजी सुविधा और कमाई का जरिया बन जाता है।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">विडंबना यह है कि हर समस्या का हल हम नई सुविधा में खोजते हैं—अस्पताल में भीड़ हो तो नया भवन</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">परिणाम कमजोर हों तो नई इमारत</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">मशीन खराब हो तो नई मशीन</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">कर्मचारी कम हों तो नई नियुक्ति। मगर पुरानी सुविधा का हिसाब कौन देगा</span>? <span lang="hi" xml:lang="hi">लाखों की मशीन खरीदी जाती है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तकनीशियन न मिले तो धूल खाती है</span>; <span lang="hi" xml:lang="hi">दवाइयाँ गोदाम भरती हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">वितरण की लापरवाही से जरूरतमंद तक नहीं पहुँचतीं और एक्सपायरी उन्हें निगल जाती है। स्कूल में स्मार्ट क्लास</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">प्रोजेक्टर और स्क्रीन आ जाते हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">पर पढ़ाने का ढर्रा वही रहता है। प्रशिक्षण होते हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">प्रमाणपत्र बंटते हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तस्वीरें खिंचती हैं—कक्षा में फिर भी रट्टा चलता है।</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">संसाधन बढ़ते हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बजट बढ़ता है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">खर्च बढ़ता है</span>; <span lang="hi" xml:lang="hi">बस उपयोगिता वहीं की वहीं रहती है।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">सुविधाएँ शायद इसी लिए चुपचाप सवाल करती हैं। अस्पताल का बिस्तर पूछता है—“मैं मरीज के लिए था या सिर्फ औपचारिकता के लिए</span>?” <span lang="hi" xml:lang="hi">किताब पूछती है—“बच्चे तक पहुँची क्यों नहीं</span>?” <span lang="hi" xml:lang="hi">स्ट्रीट लाइट पूछती है—“मेरी रोशनी किस काम की</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जब महीनों खराब पड़ी रहूँ</span>?” <span lang="hi" xml:lang="hi">सार्वजनिक शौचालय बनता है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">सफाई के अभाव में बेकार हो जाता है</span>; <span lang="hi" xml:lang="hi">बस स्टैंड खड़ा है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">मगर यात्री सुविधा से वंचित हैं</span>; <span lang="hi" xml:lang="hi">पार्क बनता है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">देखरेख न हो तो कूड़े और टूटे सामान में बदल जाता है।</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">इमारतें खड़ी हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">मशीनें खड़ी हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">योजनाएँ कागज पर चल रही हैं—बस सेवा गायब है। सुविधा का शरीर बचा है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">उद्देश्य मर चुका है।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">सबसे बड़ी विडंबना तब सामने आती है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जब हम दूसरों से ईमानदारी चाहते हैं और अपनी बारी पर “सिस्टम ऐसा ही है” कहकर बच निकलते हैं। डॉक्टर व्यवस्था को</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">शिक्षक विभाग को</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">कर्मचारी अधिकारी को</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">अधिकारी बजट को और नागरिक पूरे सिस्टम को दोष देता है। मगर सिस्टम है किससे</span>? <span lang="hi" xml:lang="hi">हमसे ही।</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">समय पर न पहुँचने वाला कर्मचारी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बिना पढ़े फाइल बढ़ाने वाला अधिकारी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">कक्षा को औपचारिकता मानने वाला शिक्षक</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">मरीज से ज्यादा निजी काम को तरजीह देने वाला डॉक्टर—ये सभी सिस्टम हैं। हम व्यवस्था बदलना चाहते हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">पर शुरुआत खुद से नहीं।</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">सिस्टम को कोसना आसान है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">अपने भीतर के स्वार्थ को देखना कठिन। यही हमारी असली सामूहिक विडंबना है।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">असली सवाल सुविधा के होने का नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">उसके सही इस्तेमाल का है।</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">सही उपयोग हो तो मरीज को इलाज</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">छात्र को समझ</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">किसान को समय पर जानकारी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">नागरिक को समय पर प्रमाणपत्र और सड़क को रात में रोशनी मिलती है। दुरुपयोग हो तो डॉक्टर की कुर्सी भरी रहती है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">सेवा खाली</span>; <span lang="hi" xml:lang="hi">शिक्षक का वेतन आता है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">मेहनत नहीं</span>; <span lang="hi" xml:lang="hi">कार्यालय खुला रहता है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">समाधान बंद। कहीं नौकरी जिम्मेदारी नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">स्थायी सुविधा बन जाती है—हाजिरी पूरी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">समय पूरा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">काम अपनी मर्जी का। कहीं सरकारी संसाधन निजी काम में</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">कहीं सार्वजनिक समय निजी लाभ में।</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">यह सिर्फ व्यवस्था की कमजोरी नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">हमारी सामूहिक बेईमानी है—जिसे हम सुविधाजनक ढंग से “सिस्टम की समस्या” कहकर अपनी जिम्मेदारी से बच जाते हैं।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">अब विकास का सवाल भी बदलना होगा। हर बार “नई सुविधा कब मिलेगी</span>?” <span lang="hi" xml:lang="hi">से पहले पूछा जाए—</span>“<span lang="hi" xml:lang="hi">जो मिला</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">उसका परिणाम क्या आया</span>?” <span lang="hi" xml:lang="hi">नया अस्पताल बनाने से पहले पुराने की दवा व्यवस्था देखी जाए</span>; <span lang="hi" xml:lang="hi">नई मशीन लाने से पहले पूछा जाए कि पुरानी बंद क्यों है</span>; <span lang="hi" xml:lang="hi">नया स्कूल खोलने से पहले देखा जाए कि मौजूदा स्कूल बच्चों को क्या दे रहा है</span>; <span lang="hi" xml:lang="hi">नई सड़क से पहले पुरानी सड़क की मरम्मत का हिसाब हो। हर योजना के साथ</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">देखभाल</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिम्मेदारी और परिणाम</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">भी तय हों। सुविधा खरीदना आसान है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">उसे उपयोगी बनाए रखना कठिन। बजट से भवन</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">मशीन और फर्नीचर खरीदे जा सकते हैं</span>; <span lang="hi" xml:lang="hi">ईमानदार उपयोग</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिम्मेदारी और संवेदना किसी निविदा में नहीं मिलती।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">व्यवस्था केवल नई सुविधाओं से नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">सही नीयत से बदलती है। डॉक्टर के लिए मरीज</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">शिक्षक के लिए कक्षा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">कर्मचारी के लिए सरकारी समय</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">अधिकारी के लिए फाइल के पीछे खड़ा व्यक्ति और नागरिक के लिए सार्वजनिक संसाधन—जब सुविधा नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिम्मेदारी बन जाएँ</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो आधी समस्याएँ बिना नए खर्च के खत्म हो सकती हैं। नई सुविधाएँ जरूरी हैं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">पर पुरानी नीयत के साथ नहीं। असली सुविधा बजट नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">उसका ईमानदार उपयोग है। जिस दिन “मुझे क्या मिला</span>?” <span lang="hi" xml:lang="hi">से पहले “जो मिला</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">उससे किसका भला हुआ</span>?” <span lang="hi" xml:lang="hi">पूछा जाएगा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">उसी दिन व्यवस्था का हर साधन अपना असली अर्थ पाएगा। तब सुविधाएँ सिर्फ उपलब्ध नहीं होंगी—सार्थक होंगी।</span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                            <category>संपादकीय</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/184435/facilities-increased-budget-increased-still-why-is-the-system-the</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/184435/facilities-increased-budget-increased-still-why-is-the-system-the</guid>
                <pubDate>Fri, 31 Jul 2026 22:34:48 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-07/1.-prof.-rkjain.jpg"                         length="55370"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मण्डलीय जिला सूचना कार्यालय लखनऊ पिछले 09 वर्षों में पंचायती राज विभाग द्वारा जनपद लखनऊ की उल्लेखनीय प्रगति</title>
                                    <description><![CDATA[<blockquote class="format1">
<p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊः </strong></p>
<p style="text-align:justify;"><strong>(आदर अदीब पावेल बन्धु) जिला सूचना अधिकारी</strong></p>
<p style="text-align:justify;"><strong> मण्डलीय जिला सूचना कार्यालय लखनऊ।</strong></p>
</blockquote>
<p style="text-align:justify;"><br />पंचायती राज व्यवस्था ग्रामीण विकास और स्थानीय स्वशासन की आधारशिला है। जनपद लखनऊ में पिछले 09 वर्षों के दौरान पंचायती राज विभाग ने विकास के अनेक आयामों पर उल्लेखनीय कार्य करते हुए ग्रामीण क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं, स्वच्छता, सुशासन और जनकल्याण को नई दिशा दी है। विभाग द्वारा संचालित योजनाओं और परियोजनाओं ने न केवल ग्रामीण जीवन स्तर में सुधार किया है, बल्कि गांवों को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया है।</p>
<p style="text-align:justify;"><br />पिछले नौ वर्षों में पंचायती राज विभाग द्वारा जनपद लखनऊ में आधारभूत</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/184365/divisional-district-information-office-lucknow-remarkable-progress-of-district-lucknow"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/hindi-divas17.jpg" alt=""></a><br /><blockquote class="format1">
<p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊः </strong></p>
<p style="text-align:justify;"><strong>(आदर अदीब पावेल बन्धु) जिला सूचना अधिकारी</strong></p>
<p style="text-align:justify;"><strong> मण्डलीय जिला सूचना कार्यालय लखनऊ।</strong></p>
</blockquote>
<p style="text-align:justify;"><br />पंचायती राज व्यवस्था ग्रामीण विकास और स्थानीय स्वशासन की आधारशिला है। जनपद लखनऊ में पिछले 09 वर्षों के दौरान पंचायती राज विभाग ने विकास के अनेक आयामों पर उल्लेखनीय कार्य करते हुए ग्रामीण क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं, स्वच्छता, सुशासन और जनकल्याण को नई दिशा दी है। विभाग द्वारा संचालित योजनाओं और परियोजनाओं ने न केवल ग्रामीण जीवन स्तर में सुधार किया है, बल्कि गांवों को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया है।</p>
<p style="text-align:justify;"><br />पिछले नौ वर्षों में पंचायती राज विभाग द्वारा जनपद लखनऊ में आधारभूत संरचना के विकास पर विशेष बल दिया गया। ग्रामीण क्षेत्रों में सार्वजनिक सुविधाओं के विस्तार के तहत 14.13 करोड़ रुपये की लागत से 58 अन्त्येष्टि स्थलों का निर्माण कराया गया। यह कार्य ग्रामीण क्षेत्रों में गरिमामय अंतिम संस्कार व्यवस्था उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम रहा है। इन स्थलों के निर्माण से ग्रामीण जनता को सुविधा मिलने के साथ सामाजिक आवश्यकताओं की पूर्ति भी हुई है।</p>
<p style="text-align:justify;"><br />इसी प्रकार ग्रामीण प्रशासन को सुदृढ़ बनाने हेतु राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान (आर०जी०एस०ए०) के अंतर्गत 18.51 करोड़ रुपये की लागत से 106 पंचायत भवनों का निर्माण कराया गया। पंचायत भवन ग्रामीण प्रशासन की रीढ़ होते हैं, जहां ग्राम सभाएं, विकास योजनाओं की बैठकें और प्रशासनिक गतिविधियां संचालित होती हैं। आधुनिक सुविधाओं से युक्त इन पंचायत भवनों ने ग्राम स्तर पर सुशासन को मजबूती दी है।</p>
<p style="text-align:justify;"><br />स्वच्छता के क्षेत्र में भी जनपद लखनऊ ने उल्लेखनीय उपलब्धियां अर्जित की हैं। स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत 31.87 करोड़ रुपये की लागत से 491 सामुदायिक शौचालयों का निर्माण कराया गया। इन शौचालयों के निर्माण से सार्वजनिक स्वच्छता व्यवस्था मजबूत हुई और विशेषकर महिलाओं, बुजुर्गों तथा जरूरतमंदों को सुविधा मिली। यह कार्य ग्रामीण स्वच्छता अभियान की सफलता का प्रमुख उदाहरण है।</p>
<p style="text-align:justify;"><br />इसी क्रम में व्यक्तिगत शौचालय निर्माण के क्षेत्र में भी अभूतपूर्व प्रगति हुई। स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत 267.05 करोड रुपये की लागत से 2.22.538 व्यक्तिगत शौचालयों का निर्माण कराया गया। यह उपलब्धि खुले में शौच मुक्त (ODF) अभियान को सफल बनाने में मील का पत्थर साबित हुई। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ी, महिलाओं की गरिमा सुरक्षित हुई तथा स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं में कमी आई।</p>
<p style="text-align:justify;"><br />ग्रामीण क्षेत्रों में नागरिक सेवाओं को सुलभ बनाने हेतु आर०जी०एस०ए० योजनान्तर्गत 3.12 करोड़ रुपये की लागत से 78 जन सेवा केन्द्रों का निर्माण कराया गया। इन केंद्रों के माध्यम से ग्रामीणों को विभिन्न सरकारी सेवाएं, प्रमाणपत्र, आवेदन और योजनाओं से संबंधित जानकारी स्थानीय स्तर पर उपलब्ध हो रही है। इससे शासन की सेवाओं की पहुंच गांव तक सुनिश्चित हुई है।</p>
<p style="text-align:justify;"><br />इन उपलब्धियों के अतिरिक्त पंचायती राज विभाग ने ग्राम पंचायत विकास योजनाओं (GPDP) के माध्यम से गांवों की आवश्यकताओं के अनुरूप विकास कार्यों को गति दी। गांवों में सड़क, नाली, इंटरलॉकिंग, पंचायत भवन, पेयजल, सौर लाइट, खेल मैदान और अन्य सामुदायिक परिसंपत्तियों का विकास किया गया। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में जीवन स्तर में व्यापक सुधार हुआ।</p>
<p style="text-align:justify;"><br />पिछले 09 वर्षों में विभाग ने डिजिटल गवर्नेस को भी बढ़ावा दिया। ई-ग्राम स्वराज पोर्टल, पंचायत लेखा प्रणाली और ऑनलाइन निगरानी व्यवस्था के माध्यम से पंचायतों के कार्यों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित हुई। पंचायत सहायकों और पंचायत सचिवालयों के माध्यम से ग्रामीण प्रशासन को अधिक प्रभावी बनाया गया।महिला सशक्तिकरण भी इस प्रगति का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है। पंचायतों में महिलाओं की भागीदारी बढी है और महिला ग्राम प्रधानों ने विकास कार्यों में सक्रिय योगदान दिया है। स्वयं सहायता समूहों और पंचायतों के समन्वय से ग्रामीण महिलाओं के आर्थिक और सामाजिक सशक्तिकरण को बल मिला है।</p>
<p style="text-align:justify;"><br />मनरेगा के अंतर्गत भी पंचायती राज विभाग ने उल्लेखनीय कार्य किए। तालाबों का पुनरुद्धार, चकरोड निर्माण, वृक्षारोपण, जल संरक्षण और अन्य सार्वजनिक परिसंपत्तियों का निर्माण कराया गया। अमृत सरोवर योजना के अंतर्गत जल संरक्षण को बढ़ावा दिया गया, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में पर्यावरणीय संतुलन और जल संसाधनों की उपलब्धता बेहतर हुई।<br />सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के क्रियान्वयन में पंचायतों की भूमिका अत्यंत प्रभावी रही। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण), वृद्धावस्था पेंशन, विधवा पेंशन, दिव्यांगजन पेंशन, राशन वितरण और अन्य योजनाओं के लाभार्थियों की पहचान और सहायता में पंचायतों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।</p>
<p style="text-align:justify;"><br />वित्तीय प्रबंधन और पारदर्शिता के क्षेत्र में भी विभाग ने सराहनीय प्रगति की है। केंद्रीय और राज्य वित्त आयोग से प्राप्त धनराशि का उपयोग विकास कार्यों में प्रभावी ढंग से किया गया। ऑनलाइन भुगतान प्रणाली और सामाजिक अंकेक्षण के माध्यम से वित्तीय अनुशासन सुनिश्चित किया गया। यदि पिछले 09 वर्षों की उपलब्धियों को समग्र रूप में देखा जाए तो पंचायती राज विभाग द्वारा केवल योजनाओं का क्रियान्वयन ही नहीं किया गया, बल्कि ग्रामीण जीवन में व्यापक परिवर्तन लाने का कार्य हुआ है। 58 अन्त्येष्टि स्थल, 106 पंचायत भवन, 491 सामुदायिक शौचालय, 2.22 लाख से अधिक व्यक्तिगत शौचालय और 78 जन सेवा केंद्र जैसी उपलब्धियां इस प्रगति को मूर्त रूप देती हैं। यह केवल आंकड़े नहीं, बल्कि ग्रामीण विकास की बदलती तस्वीर के प्रतीक हैं।</p>
<p style="text-align:justify;"><br />इन उपलब्धियों ने लखनऊ के ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता, सुशासन, सम्मानजनक जीवन, प्रशासनिक पहुंच और सामाजिक विकास को नई ऊंचाई दी है। पंचायती राज विभाग की यह प्रगति 'सशक्त पंचायत, समृद्ध गांव की अवधारणा को साकार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। निश्चित रूप से पिछले 09 वर्षों में जनपद लखनऊ में पंचायती राज विभाग की प्रगति उल्लेखनीय, बहुआयामी और प्रेरणादायी रही है। आने वाले समय में डिजिटल पंचायत, स्मार्ट ग्राम और आत्मनिर्भर गांव की अवधारणा के साथ यह प्रगति और नई ऊंचाइयों को प्राप्त करेगी।<br /><br /></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                            <category>संपादकीय</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/184365/divisional-district-information-office-lucknow-remarkable-progress-of-district-lucknow</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/184365/divisional-district-information-office-lucknow-remarkable-progress-of-district-lucknow</guid>
                <pubDate>Thu, 30 Jul 2026 23:44:14 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-07/hindi-divas17.jpg"                         length="137242"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मण्डलीय जिला सूचना कार्यालय लखनऊ सामाजिक न्याय और सशक्तीकरण की दिशा में लखनऊ में पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग की 09 वर्षों में हुई उल्लेखनीय प्रगति</title>
                                    <description><![CDATA[<blockquote class="format1"><strong><strong>लखनऊः   </strong></strong></blockquote>
<blockquote class="format1">
<p style="text-align:justify;"><strong>(आदर अदीब पावेल बन्धु) </strong></p>
<p style="text-align:justify;"><strong>जिला सूचना अधिकारी</strong></p>
</blockquote>
<p style="text-align:justify;">पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग लखनऊ सामाजिक न्याय, शैक्षिक उन्नयन, आर्थिक सशक्तीकरण तथा समावेशी विकास की दिशा में निरंतर कार्य कर रहा है। विगत 09 वर्षों में विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं के माध्यम से शिक्षा, सामाजिक सुरक्षा, कौशल विकास और आर्थिक सहायता के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां अर्जित की गई हैं। विभाग की योजनाओं ने पिछड़े वर्ग के लाखों लोगों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने का कार्य किया है।</p>
<p style="text-align:justify;"><br />शिक्षा के क्षेत्र में पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग ने महत्वपूर्ण उपलब्धियां दर्ज की हैं। विभाग द्वारा संचालित पूर्वदशम छात्रवृत्ति योजना के अंतर्गत</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/184363/divisional-district-information-office-lucknow-remarkable-progress-in-09-years"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/hindi-divas17.jpg" alt=""></a><br /><blockquote class="format1"><strong><strong>लखनऊः   </strong></strong></blockquote>
<blockquote class="format1">
<p style="text-align:justify;"><strong>(आदर अदीब पावेल बन्धु) </strong></p>
<p style="text-align:justify;"><strong>जिला सूचना अधिकारी</strong></p>
</blockquote>
<p style="text-align:justify;">पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग लखनऊ सामाजिक न्याय, शैक्षिक उन्नयन, आर्थिक सशक्तीकरण तथा समावेशी विकास की दिशा में निरंतर कार्य कर रहा है। विगत 09 वर्षों में विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं के माध्यम से शिक्षा, सामाजिक सुरक्षा, कौशल विकास और आर्थिक सहायता के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां अर्जित की गई हैं। विभाग की योजनाओं ने पिछड़े वर्ग के लाखों लोगों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने का कार्य किया है।</p>
<p style="text-align:justify;"><br />शिक्षा के क्षेत्र में पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग ने महत्वपूर्ण उपलब्धियां दर्ज की हैं। विभाग द्वारा संचालित पूर्वदशम छात्रवृत्ति योजना के अंतर्गत पिछले 09 वर्षों में कुल 2,01,414 छात्रों को रु0 421.20 लाख की छात्रवृत्ति प्रदान की गई। इस योजना ने आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के विद्यार्थियों को शिक्षा जारी रखने में सहायता प्रदान की और विद्यालयी शिक्षा को प्रोत्साहन मिला।</p>
<p style="text-align:justify;"><br />इसी प्रकार दशमोत्तर छात्रवृत्ति योजना के अंतर्गत पिछले 09 वर्षों में कुल 2,91,263 छात्रों को रु0 12,026.36 लाख की छात्रवृत्ति प्रदान की गई। इससे उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे विद्यार्थियों को आर्थिक संबल मिला तथा पिछड़े वर्ग के छात्रों की उच्च शिक्षा में भागीदारी बढी । दशमोत्तर शुल्क प्रतिपूर्ति योजना के अंतर्गत पिछले 09 वर्षों में कुल 2,69,954 छात्रों को रु0 55,343.84 लाख की शुल्क प्रतिपूर्ति उपलब्ध कराई गई। इस योजना ने आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों के लिए उच्च, तकनीकी एवं व्यावसायिक शिक्षा के द्वार खोले और प्रतिभाशाली युवाओं को आगे बढ़ने का अवसर दिया। यदि इन तीनों प्रमुख शैक्षिक योजनाओं को सम्मिलित रूप से देखा जाए तो कुल 7,62,631 छात्रों को लाभान्वित करते हुए लगभग रु0 67,791.40 लाख की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई गई, जो अपने आप में एक बड़ी उपलब्धि है।</p>
<p style="text-align:justify;"><br />शिक्षा के साथ-साथ कौशल विकास के क्षेत्र में भी विभाग ने उल्लेखनीय कार्य किया है। O-Level एवं CCC लेवल प्रशिक्षण योजना के अंतर्गत पिछले 09 वर्षों में कुल 4,255 छात्रों को रु0 529.22 लाख की लागत से प्रशिक्षण प्रदान किया गया है। डिजिटल युग में कंप्यूटर शिक्षा और तकनीकी दक्षता युवाओं को रोजगारोन्मुख बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। यह योजना युवाओं को आधुनिक तकनीकी कौशल से जोड़ने तथा रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसरों को बढ़ाने में सहायक सिद्ध हुई है।</p>
<p style="text-align:justify;"><br />सामाजिक सुरक्षा के क्षेत्र में शादी अनुदान योजना भी विभाग की महत्वपूर्ण उपलब्धियों में शामिल है। इस योजना के अंतर्गत पिछले 09 वर्षों में कुल 4,964 जोड़ों को रु. 992.80 लाख का लाभ प्रदान किया गया है। यह योजना आर्थिक रूप से कमजोर पिछड़े वर्ग परिवारोंकी बेटियों के विवाह में सहयोग देकर सामाजिक सुरक्षा और सम्मानजनक सहायता प्रदान कर रही है।</p>
<p style="text-align:justify;"><br />यदि छात्रवृत्ति, शुल्क प्रतिपूर्ति, शादी अनुदान और कौशल विकास योजनाओं को एक साथ देखा जाए तो यह स्पष्ट होता है कि विभाग केवल आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं है, बल्कि शिक्षा, सामाजिक संरक्षण और रोजगारपरक सशक्तीकरण का व्यापक मॉडल प्रस्तुत कर रहा है। पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग द्वारा छात्रवृत्ति, शुल्क प्रतिपूर्ति और अन्य योजनाओं की प्रक्रिया को ऑनलाइन एवं पारदर्शी बनाया गया है। आवेदन, सत्यापन और डीबीटी के माध्यम से लाभ सीधे लाभार्थियों के खातों में पहुंचाया जा रहा है, जिससे पारदर्शिता बढ़ी है और योजनाओं का लाभ समयबद्ध तरीके से मिल रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;"><br />विभाग द्वारा स्वरोजगार एवं आर्थिक सशक्तीकरण की दिशा में भी कार्य किया गया है। पिछड़ा वर्ग वित्त एवं विकास निगम के माध्यम से विभिन्न ऋण योजनाओं, मार्जिन मनी सहायता और उद्यमिता प्रोत्साहन कार्यक्रमों से युवाओं और कारीगरों को जोड़ा गया है। इससे स्वरोजगार को बढ़ावा मिला और आत्मनिर्भरता को बल मिला। पारंपरिक व्यवसायों से जुड़े समुदायों के उत्थान हेतु भी विभाग ने प्रशिक्षण, उपकरण सहायता और वित्तीय सहयोग प्रदान किया है। इससे कारीगरों और लघु उद्यमियों की आजीविका सुदृढ़ हुई है।</p>
<p style="text-align:justify;"><br />महिला सशक्तीकरण के क्षेत्र में विभाग की योजनाओं का विशेष प्रभाव देखा गया है। महिला लाभार्थियों को प्रशिक्षण, स्वरोजगार और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से जोड़कर उनकी आर्थिक भागीदारी बढ़ाई गई है। स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से भी योजनाओं का लाभ व्यापक स्तर पर पहुंचाया गया है। विभाग की उपलब्धियों में नियमित समीक्षा और प्रभावी मॉनिटरिंग की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। समय-समय पर योजनाओं की समीक्षा कर पात्र लाभार्थियों तक लाभ सुनिश्चित किया गया है। पारदर्शिता, जवाबदेही और सुशासन की यह व्यवस्था विभागीय कार्यप्रणाली को और प्रभावी बनाती है।</p>
<p style="text-align:justify;"><br />पिछले 09 वर्षों की प्रगति दर्शाती है कि पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग लखनऊ ने शिक्षा, सामाजिक सुरक्षा और कौशल विकास के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दिया है। लाखों विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति, हजारों युवाओं को कंप्यूटर प्रशिक्षण और हजारों जरूरतमंद परिवारों को शादी अनुदान प्रदान कर विभाग ने सामाजिक न्याय को मजबूत किया है। आज विभाग की योजनाएं केवल सहायता कार्यक्रम नहीं, बल्कि सामाजिक परिवर्तन और अवसर की समानता का माध्यम बन चुकी हैं। शिक्षा से लेकर रोजगार और सामाजिक सुरक्षा तक विभाग की बहुआयामी पहलें पिछड़े वर्ग के लोगों को मुख्यधारा से जोड़ने में सहायक सिद्ध हो रही हैं।</p>
<p style="text-align:justify;"><br />निष्कर्षतः कहा जा सकता है कि पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग लखनऊ ने विगत 09 वर्षों में उल्लेखनीय प्रगति की है। 2,01,414 छात्रों को पूर्वदशम छात्रवृत्ति, 2,91,263 छात्रों को दशमोत्तर छात्रवृत्ति, 2,69,954 छात्रों को शुल्क प्रतिपूर्ति, 4,964 जोड़ों को शादी अनुदान तथा 4,255 युवाओं को O-Leve एवं CCC प्रशिक्षण प्रदान कर विभाग ने सामाजिक और शैक्षिक सशक्तीकरण की दिशा में प्रभावशाली कार्य किया है। यह उपलब्धियां लखनऊ के समावेशी विकास, सामाजिक न्याय और जनकल्याण की प्रतिबद्धता को और सुदृढ़ करती हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                            <category>संपादकीय</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/184363/divisional-district-information-office-lucknow-remarkable-progress-in-09-years</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/184363/divisional-district-information-office-lucknow-remarkable-progress-in-09-years</guid>
                <pubDate>Thu, 30 Jul 2026 23:35:13 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-07/hindi-divas17.jpg"                         length="137242"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अब बॉडी वॉर्न कैमरा पहनकर ड्यूटी करेंगे टिकट चेकिंग कर्मचारी।</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात ब्यूरो प्रयागराज </strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">मंडल रेल प्रबंधक, प्रयागराज मंडल  रजनीश अग्रवाल के नेतृत्व में एवं वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक/ कोचिंग हरिमोहन के मार्गानिर्देशन में उत्तर मध्य रेलवे के प्रयागराज मंडल द्वारा यात्रियों की सुरक्षा, पारदर्शिता एवं जवाबदेही को और अधिक सुदृढ़ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण एवं अभिनव पहल करते हुए दिनांक 24 जुलाई, 2026 से बॉडी वॉर्न कैमरा (Body Worn Camera-BWC) पायलट परियोजना का शुभारंभ किया गया है।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">  इस व्यवस्था के अंतर्गत टिकट चेकिंग कर्मचारी ड्यूटी के दौरान बॉडी वॉर्न कैमरा पहनकर टिकट जांच करेंगे, जिससे टिकट जांच के दौरान होने वाली प्रत्येक गतिविधि वीडियो एवं ऑडियो</div>
<div style="text-align:justify;">यह</div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/184068/now-ticket-checking-employees-will-do-duty-wearing-body-worn"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/img_20260725_190151.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात ब्यूरो प्रयागराज </strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">मंडल रेल प्रबंधक, प्रयागराज मंडल  रजनीश अग्रवाल के नेतृत्व में एवं वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक/ कोचिंग हरिमोहन के मार्गानिर्देशन में उत्तर मध्य रेलवे के प्रयागराज मंडल द्वारा यात्रियों की सुरक्षा, पारदर्शिता एवं जवाबदेही को और अधिक सुदृढ़ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण एवं अभिनव पहल करते हुए दिनांक 24 जुलाई, 2026 से बॉडी वॉर्न कैमरा (Body Worn Camera-BWC) पायलट परियोजना का शुभारंभ किया गया है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> इस व्यवस्था के अंतर्गत टिकट चेकिंग कर्मचारी ड्यूटी के दौरान बॉडी वॉर्न कैमरा पहनकर टिकट जांच करेंगे, जिससे टिकट जांच के दौरान होने वाली प्रत्येक गतिविधि वीडियो एवं ऑडियो सहित रिकॉर्ड होगी।</div>
<div style="text-align:justify;">यह पायलट परियोजना महाप्रबंधक, उत्तर मध्य रेलवे  नरेश पाल सिंह के विशेष निर्देशों के अनुपालन में प्रारंभ की गई है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> प्रथम चरण में प्रयागराज मंडल की दो प्रमुख प्रीमियम ट्रेनों—12417/12418 प्रयागराज एक्सप्रेस (प्रयागराज–नई दिल्ली–प्रयागराज) तथा 12451/12452 श्रमशक्ति एक्सप्रेस (कानपुर–नई दिल्ली–कानपुर) में कार्यरत टिकट चेकिंग कर्मचारियों को बॉडी वॉर्न कैमरे उपलब्ध कराए गए हैं। पायलट परियोजना के सफल क्रियान्वयन एवं प्राप्त अनुभवों के आधार पर इस व्यवस्था का विस्तार चरणबद्ध रूप से प्रयागराज मंडल से प्रारंभ होने वाली अन्य ट्रेनों में भी किया जाएगा।</div>
<div style="text-align:justify;">रेलवे द्वारा उपलब्ध कराए गए बॉडी वॉर्न कैमरे अत्याधुनिक तकनीक से युक्त हैं, जिनमें एचडी (HD) वीडियो रिकॉर्डिंग, ऑडियो रिकॉर्डिंग, नाइट विज़न, लंबी अवधि का बैटरी बैकअप तथा टैंपर-प्रूफ रिकॉर्डिंग प्रणाली जैसी सुविधाएँ उपलब्ध हैं। इन विशेषताओं के कारण लंबी दूरी की यात्रा के दौरान भी निर्बाध रिकॉर्डिंग सुनिश्चित होगी तथा रिकॉर्ड किए गए डेटा के साथ किसी प्रकार की छेड़छाड़ की संभावना नहीं रहेगी।</div>
<div style="text-align:justify;">टिकट जांच के दौरान कई बार यात्रियों एवं टिकट चेकिंग कर्मचारियों के मध्य विवाद अथवा शिकायतें उत्पन्न हो जाती हैं। ऐसी परिस्थितियों में कैमरे में उपलब्ध रिकॉर्डिंग निष्पक्ष एवं विश्वसनीय साक्ष्य के रूप में कार्य करेगी, जिससे वास्तविक तथ्यों के आधार पर शिकायतों का त्वरित एवं निष्पक्ष निस्तारण संभव होगा।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> इससे निराधार अथवा फर्जी शिकायतों पर प्रभावी अंकुश लगेगा। साथ ही यदि किसी यात्री के साथ अनुचित व्यवहार अथवा किसी कर्मचारी के साथ अभद्रता, दुर्व्यवहार या मारपीट जैसी घटना होती है, तो उसकी सत्यता का भी निष्पक्ष परीक्षण किया जा सकेगा।</div>
<div style="text-align:justify;">यह व्यवस्था टिकट चेकिंग प्रक्रिया में पारदर्शिता, जवाबदेही एवं व्यावसायिक आचरण को और अधिक सुदृढ़ बनाएगी। साथ ही यात्रियों एवं टिकट चेकिंग कर्मचारियों दोनों में सुरक्षा की भावना को बढ़ावा मिलेगा तथा टिकट जांच के दौरान अनुशासन एवं शालीन व्यवहार को प्रोत्साहन प्राप्त होगा।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इस प्रणाली से प्राप्त होने वाले प्रमुख लाभ</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">टिकट चेकिंग प्रक्रिया का निष्पक्ष एवं डिजिटल रिकॉर्ड उपलब्ध रहेगा। </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">यात्रियों एवं टिकट चेकिंग कर्मचारियों दोनों के हितों का समान रूप से संरक्षण होगा। फर्जी शिकायतों एवं अनावश्यक विवादों में उल्लेखनीय कमी आएगी। शिकायतों एवं अपीलों के निस्तारण में साक्ष्य आधारित एवं त्वरित निर्णय लिए जा सकेंगे। </div>
<div style="text-align:justify;">कर्मचारियों के कार्य निष्पादन, व्यवहार एवं सेवा गुणवत्ता का अधिक प्रभावी मूल्यांकन संभव होगा। सुरक्षा संबंधी घटनाओं, संदिग्ध गतिविधियों अथवा कानून-व्यवस्था से जुड़े मामलों में उपलब्ध वीडियो फुटेज रेलवे सुरक्षा बल (RPF) एवं अन्य जांच एजेंसियों के लिए महत्वपूर्ण साक्ष्य सिद्ध होगी। </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">यात्रियों का रेलवे के प्रति विश्वास और अधिक मजबूत होगा तथा रेलवे की सकारात्मक छवि को बढ़ावा मिलेगा। डिजिटल तकनीक के प्रभावी उपयोग से रेलवे प्रशासन में सुशासन (Good Governance), पारदर्शिता एवं उत्तरदायित्व को और अधिक मजबूती मिलेगी। </div>
<div style="text-align:justify;">प्रयागराज मंडल का विश्वास है कि यह अभिनव पहल यात्रियों को अधिक सुरक्षित, पारदर्शी एवं भरोसेमंद यात्रा अनुभव प्रदान करने के साथ-साथ टिकट चेकिंग व्यवस्था को भी अधिक आधुनिक, प्रभावी एवं विश्वसनीय बनाएगी। पायलट परियोजना के परिणामों के आधार पर भविष्य में इस व्यवस्था का विस्तार प्रयागराज मंडल की अन्य ट्रेनों में भी चरणबद्ध रूप से किया जाएगा।</div>
</div>
<div class="yj6qo" style="text-align:justify;"> </div>
<div class="adL"> </div>
</div>
</div>
</div>
<div class="hq gt"></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/184068/now-ticket-checking-employees-will-do-duty-wearing-body-worn</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/184068/now-ticket-checking-employees-will-do-duty-wearing-body-worn</guid>
                <pubDate>Sat, 25 Jul 2026 20:40:33 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-07/img_20260725_190151.jpg"                         length="63991"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कोरांव सम्पूर्ण समाधान दिवस में 642 शिकायतें पहुंची।</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात।</strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>प्रयागराज। </strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">तहसील कोरांव में आयोजित सम्पूर्ण समाधान दिवस में जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा की अध्यक्षता में आमजन की समस्याओं की सुनवाई की गई। समाधान दिवस में बड़ी संख्या में फरियादी अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे। जिलाधिकारी ने सभी विभागों के अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनशिकायतों का समयबद्ध, पारदर्शी एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। </div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">समाधान दिवस के दौरान भूमि पर अवैध कब्जा, जल-जमाव, क्षतिग्रस्त पेयजल पाइपलाइन, जलनिकासी की समस्या, सड़क निर्माण, सार्वजनिक भूमि एवं संपत्तियों पर अतिक्रमण सहित विभिन्न विभागों से जुड़ी शिकायतें प्रमुख रूप से सामने आईं। जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को प्रत्येक शिकायत का</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/183873/642-complaints-were-received-in-koraon-sampoorna-samadhan-diwas"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/img-20260720-wa0218.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात।</strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>प्रयागराज। </strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">तहसील कोरांव में आयोजित सम्पूर्ण समाधान दिवस में जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा की अध्यक्षता में आमजन की समस्याओं की सुनवाई की गई। समाधान दिवस में बड़ी संख्या में फरियादी अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे। जिलाधिकारी ने सभी विभागों के अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनशिकायतों का समयबद्ध, पारदर्शी एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">समाधान दिवस के दौरान भूमि पर अवैध कब्जा, जल-जमाव, क्षतिग्रस्त पेयजल पाइपलाइन, जलनिकासी की समस्या, सड़क निर्माण, सार्वजनिक भूमि एवं संपत्तियों पर अतिक्रमण सहित विभिन्न विभागों से जुड़ी शिकायतें प्रमुख रूप से सामने आईं। जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को प्रत्येक शिकायत का स्थलीय निरीक्षण कर त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राजस्व एवं पुलिस विभाग आपसी समन्वय के साथ भूमि विवादों और अवैध कब्जों के मामलों का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण करें।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">जनसुनवाई के दौरान आवास की मांग लेकर पहुंचे वृद्ध दिव्यांग द्वारिका प्रसाद ने अपनी समस्या जिलाधिकारी के समक्ष रखी। मामले को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को पात्रता की जांच कर शासन की योजनाओं के अंतर्गत प्राथमिकता के आधार पर आवास उपलब्ध कराने के निर्देश दिए, ताकि पात्र व्यक्ति को शीघ्र लाभ मिल सके।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">सम्पूर्ण समाधान दिवस में विभिन्न विभागों से संबंधित कुल 642 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें से 5 शिकायतों का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया। शेष शिकायतों को संबंधित विभागों को सौंपते हुए निर्धारित समय सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।</div>
<div class="yj6qo" style="text-align:justify;"> </div>
<div class="adL"> </div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/183873/642-complaints-were-received-in-koraon-sampoorna-samadhan-diwas</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/183873/642-complaints-were-received-in-koraon-sampoorna-samadhan-diwas</guid>
                <pubDate>Mon, 20 Jul 2026 21:47:21 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-07/img-20260720-wa0218.jpg"                         length="78391"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>जिलाधिकारी की अध्यक्षता में तहसील मुसाफिरखाना में आयोजित हुआ संपूर्ण समाधान दिवस</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>अमेठी। </strong>जनसामान्य की शिकायतों के त्वरित निस्तारण के उद्देश्य से जनपद की चारों तहसीलों में संपूर्ण समाधान दिवस का आयोजन किया गया। जिलाधिकारी संजय चौहान की अध्यक्षता में तहसील मुसाफिरखाना में संपूर्ण समाधान दिवस आयोजित हुआ। संपूर्ण समाधान दिवस में जिलाधिकारी ने शिकायतकर्ताओं की समस्या सुनकर मौके पर अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि शिकायतें लंबित न रखी जाये, शिकायतों को गम्भीरता से लेकर उनका प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण सुनिश्चित कराया जाए।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">उन्होंने कहा कि जन सामान्य की शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण निस्तारण करना हमारी प्राथमिकता है,  मुख्यमंत्री द्वारा भी जन सामान्य की शिकायतों के निस्तारण को लेकर कड़े</div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/183685/complete-solution-day-organized-in-tehsil-musafirkhana-under-the-chairmanship"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/2-2.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>अमेठी। </strong>जनसामान्य की शिकायतों के त्वरित निस्तारण के उद्देश्य से जनपद की चारों तहसीलों में संपूर्ण समाधान दिवस का आयोजन किया गया। जिलाधिकारी संजय चौहान की अध्यक्षता में तहसील मुसाफिरखाना में संपूर्ण समाधान दिवस आयोजित हुआ। संपूर्ण समाधान दिवस में जिलाधिकारी ने शिकायतकर्ताओं की समस्या सुनकर मौके पर अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि शिकायतें लंबित न रखी जाये, शिकायतों को गम्भीरता से लेकर उनका प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण सुनिश्चित कराया जाए।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">उन्होंने कहा कि जन सामान्य की शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण निस्तारण करना हमारी प्राथमिकता है,  मुख्यमंत्री द्वारा भी जन सामान्य की शिकायतों के निस्तारण को लेकर कड़े निर्देश दिए गए हैं। किसी भी स्तर पर शिकायतों के निस्तारण में हीलाहवाली करने पर संबंधित अधिकारी, कर्मचारी के विरुद्ध कठोर कार्यवाही की जाएगी। संपूर्ण समाधान दिवस के दौरान पुलिस विभाग के संबंधित शिकायतों को पुलिस अधीक्षक सरवणन टी ने सुना एवं संबंधित थानाध्यक्षों को निस्तारण के निर्देश दिए।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">  तहसील मुसाफिरखाना में कुल 35 शिकायतें प्राप्त हुई जिनमें 03 का मौके पर निस्तारण कराया गया, तहसील गौरीगंज में 22 शिकायतें प्राप्त हुई जिनमें 03 का निस्तारण किया गया, तहसील अमेठी में 28 शिकायतें प्राप्त हुई जिनमें 01 शिकायतों का निस्तारण किया गया तथा तहसील तिलोई में 35 शिकायतें प्राप्त हुई, जिनमें 03 शिकायतों का निस्तारण किया गया तथा शेष शिकायतों के निस्तारण हेतु पुलिस और राजस्व की संयुक्त टीमें मौके पर भेजी गई।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">संपूर्ण समाधान दिवस के दौरान जिलाधिकारी ने समस्त जनपदीय अधिकारियों को निर्देश दिए की सभी अधिकारी अपने-अपने कार्यालय में प्रातः 10:00 बजे से 12:00 बजे तक जन समस्याओं को सुने तथा उनका प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण करना सुनिश्चित करें। संपूर्ण समाधान दिवस के उपरांत जिलाधिकारी ने उपस्थित अधिकारियों/कर्मचारियों को जल संचयन एवं संरक्षण हेतु शपथ दिलाई। सम्पूर्ण समाधान दिवस के दौरान उपजिलाधिकारी मुसाफिरखाना नितेश राज, जिला विकास अधिकारी वीरभानु सिंह, तहसीलदार मुसाफिरखाना सहित जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे।</div>
</div>
</div>
</div>
</div>
<div class="hq gt" style="text-align:justify;"></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/183685/complete-solution-day-organized-in-tehsil-musafirkhana-under-the-chairmanship</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/183685/complete-solution-day-organized-in-tehsil-musafirkhana-under-the-chairmanship</guid>
                <pubDate>Sat, 18 Jul 2026 22:49:26 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-07/2-2.jpg"                         length="110523"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>तहसील समाधान दिवस में एडीएम प्रशासन  सुनीं जनसमस्याएं</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>बरेली/नवाबगंज। </strong>तहसील सभागार में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में अपर जिला अधिकारी (प्रशासन) पूर्णिमा सिंह ने आमजन की समस्याएं गंभीरता से सुनीं और संबंधित अधिकारियों को समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के निर्देश दिए। हल्की बारिश के बावजूद बड़ी संख्या में फरियादी अपनी शिकायतें लेकर तहसील पहुंचे और प्रशासन से न्याय की गुहार लगाई।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">समाधान दिवस में नवागत उपजिलाधिकारी सचिन यादव, खंड विकास अधिकारी महेश चंद्र शाक्य सहित विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने भी लोगों की समस्याएं सुनीं।  इस दौरान सबसे अधिक शिकायतें आवास योजना और राजस्व विभाग से संबंधित प्राप्त हुईं। इसके अलावा पुलिस, विकास एवं अन्य विभागों से जुड़ी</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/183683/adm-administration-listened-to-public-problems-in-tehsil-samadhan-diwas"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/1.-----------------------अ.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>बरेली/नवाबगंज। </strong>तहसील सभागार में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में अपर जिला अधिकारी (प्रशासन) पूर्णिमा सिंह ने आमजन की समस्याएं गंभीरता से सुनीं और संबंधित अधिकारियों को समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के निर्देश दिए। हल्की बारिश के बावजूद बड़ी संख्या में फरियादी अपनी शिकायतें लेकर तहसील पहुंचे और प्रशासन से न्याय की गुहार लगाई।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">समाधान दिवस में नवागत उपजिलाधिकारी सचिन यादव, खंड विकास अधिकारी महेश चंद्र शाक्य सहित विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने भी लोगों की समस्याएं सुनीं।  इस दौरान सबसे अधिक शिकायतें आवास योजना और राजस्व विभाग से संबंधित प्राप्त हुईं। इसके अलावा पुलिस, विकास एवं अन्य विभागों से जुड़ी शिकायतें भी दर्ज की गईं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">मौके पर कई शिकायतों का तत्काल निस्तारण कर दिया गया, जबकि शेष प्रकरणों को संबंधित विभागों को सौंपते हुए शीघ्र एवं निष्पक्ष कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। एडीएमई पूर्णिमा सिंह ने अधिकारियों से कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप प्रत्येक शिकायत का पारदर्शी, गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध निस्तारण किया जाए, ताकि आमजन को अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">समाधान दिवस के दौरान एडीएमई पूर्णिमा सिंह, एसडीएम सचिन यादव, नायब तहसीलदार शोभित चौधरी, नायब तहसीलदार शुभम पांडेय, खंड विकास अधिकारी महेश चंद्र शाक्य, खंड विकास अधिकारी भदपुरा ईशा अग्निहोत्री, एसडीओ राजेंद्र सिंह सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं थाना प्रभारी मौजूद रहे।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पश्चिमी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/183683/adm-administration-listened-to-public-problems-in-tehsil-samadhan-diwas</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/183683/adm-administration-listened-to-public-problems-in-tehsil-samadhan-diwas</guid>
                <pubDate>Sat, 18 Jul 2026 22:47:09 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-07/1.-----------------------%E0%A4%85.jpg"                         length="121281"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>जिला पंचायत अध्यक्ष के प्रशासक बने संजय चौधरी भव्य स्वागत समारोह संपन्न</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती - </strong>जिला पंचायत बस्ती के नवनियुक्त प्रशासक *संजय चौधरी* के स्वागत अभिनंदन समारोह में आज भाजपा पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं और समर्थकों की भारी भीड़ जुटी ।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">संजय चौधरी का फूल-मालाओं से स्वागत हुआ । मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी के प्रति आभार व्यक्त किया गया । वक्ताओं ने कहा कि संजय चौधरी के नेतृत्व में जिला पंचायत के विकास कार्यों को गति मिलेगी । कार्यक्रम में जिला पंचायत को पारदर्शी और जनहितकारी तरीके से चलाने का संकल्प लिया गया । पदाधिकारियों ने संगठन को मजबूत करने और विकास को आगे बढ़ाने की बात कही ।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">संजय चौधरी</div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/183303/sanjay-chaudhary-became-the-administrator-of-district-panchayat-president-grand"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/img-20260713-wa0063.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती - </strong>जिला पंचायत बस्ती के नवनियुक्त प्रशासक *संजय चौधरी* के स्वागत अभिनंदन समारोह में आज भाजपा पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं और समर्थकों की भारी भीड़ जुटी ।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">संजय चौधरी का फूल-मालाओं से स्वागत हुआ । मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी के प्रति आभार व्यक्त किया गया । वक्ताओं ने कहा कि संजय चौधरी के नेतृत्व में जिला पंचायत के विकास कार्यों को गति मिलेगी । कार्यक्रम में जिला पंचायत को पारदर्शी और जनहितकारी तरीके से चलाने का संकल्प लिया गया । पदाधिकारियों ने संगठन को मजबूत करने और विकास को आगे बढ़ाने की बात कही ।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">संजय चौधरी ने सभी के प्रति आभार जताते हुए कहा कि वे अपनी जिम्मेदारी पूरी निष्ठा से निभाएंगे। जिला पंचायत अध्यक्ष संजय चौधरी ने मीडिया से बातचीत में कहा कि वर्तमान समय में केन्द्र व राज्य गरीबों व असहाय परिवारों की सरकार है वर्तमान सरकार में सभी जाति धर्म के लोग सुरक्षित है सभी को समान लाभ दिया जा रहा है ।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">स्वास्थ्य , शिक्षा, मुफ्त राशन घर - घर तक निःशुल्क सुविधा उपलब्ध है और सभी पात्र परिवारों को सरकारी योजनाओं का लाभ निष्पक्ष रूप से मिल रहा है अगामी विधानसभा चुनाव 2027 में भाजपा सरकार पूर्ण बहुमत के साथ जीतेगी और यशस्वी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ही मुख्यमंत्री बनेंगी । कार्यक्रम सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ। स्वागत समारोह में जिले के अधिकांश जिला पंचायत सदस्य व प्रतिनिधि उपस्थित रहे हैं ।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">प्रशासक के रूप में संजय चौधरी के सामने सबसे बड़ी चुनौती होगी कि जिला पंचायत में चल रहे विकास कार्यों में तेजी लाना और पारदर्शिता बरतना होगी। बस्ती की जनता को उम्मीद है कि अब फंड का सही उपयोग होगा और काम जमीन पर दिखेंगा।</div>
</div>
<div class="yj6qo" style="text-align:justify;"> </div>
<div class="adL" style="text-align:justify;"> </div>
</div>
</div>
</div>
<div class="hq gt" style="text-align:justify;"></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/183303/sanjay-chaudhary-became-the-administrator-of-district-panchayat-president-grand</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/183303/sanjay-chaudhary-became-the-administrator-of-district-panchayat-president-grand</guid>
                <pubDate>Mon, 13 Jul 2026 19:52:10 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-07/img-20260713-wa0063.jpg"                         length="100001"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>लखनऊ के प्रथम आगमन पर भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन का भव्य स्वागत</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ।</strong> लखनऊ राजधानी लखनऊ में भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के लखनऊ में प्रथम आगमन पर राजधानी का माहौल पूरी तरह स्वागतमय नजर आया। चौधरी चरण सिंह अंतरराष्ट्रीय (अमौसी) हवाई अड्डे से उनके बाहर निकलते ही पार्टी कार्यकर्ताओं, व्यापारियों, सामाजिक संगठनों तथा आम नागरिकों ने जगह-जगह फूलों की वर्षा कर उनका जोरदार स्वागत किया। पूरे मार्ग पर उत्साह, जोश और भाजपा के पक्ष में नारों की गूंज सुनाई दी। राष्ट्रीय अध्यक्ष के स्वागत के लिए शहर के विभिन्न स्थानों पर स्वागत द्वार बनाए गए थे।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">कार्यकर्ताओं ने फूल-मालाओं, पुष्पवर्षा और जयघोष के साथ उनका अभिनंदन किया। बड़ी</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/182718/grand-welcome-to-bjp-national-president-nitin-naveen-on-his"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/581889.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ।</strong> लखनऊ राजधानी लखनऊ में भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के लखनऊ में प्रथम आगमन पर राजधानी का माहौल पूरी तरह स्वागतमय नजर आया। चौधरी चरण सिंह अंतरराष्ट्रीय (अमौसी) हवाई अड्डे से उनके बाहर निकलते ही पार्टी कार्यकर्ताओं, व्यापारियों, सामाजिक संगठनों तथा आम नागरिकों ने जगह-जगह फूलों की वर्षा कर उनका जोरदार स्वागत किया। पूरे मार्ग पर उत्साह, जोश और भाजपा के पक्ष में नारों की गूंज सुनाई दी। राष्ट्रीय अध्यक्ष के स्वागत के लिए शहर के विभिन्न स्थानों पर स्वागत द्वार बनाए गए थे।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">कार्यकर्ताओं ने फूल-मालाओं, पुष्पवर्षा और जयघोष के साथ उनका अभिनंदन किया। बड़ी संख्या में भाजपा समर्थक हाथों में पार्टी के झंडे लिए मौजूद रहे और "भारत माता की जय" तथा "भारतीय जनता पार्टी जिंदाबाद" के नारों से वातावरण गुंजायमान कर दिया। इसी क्रम में राजधानी के अधिवक्ताओं ने भी भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष का भव्य स्वागत किया। अधिवक्ताओं ने पुष्पगुच्छ एवं मालाएं पहनाकर उनका अभिनंदन किया तथा संगठन को और अधिक मजबूत बनाने का विश्वास दिलाया। इस अवसर पर लखनऊ बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष सुरेश पांडे तथा भारतीय जनता पार्टी विधि प्रकोष्ठ के संयोजक के.के. मिश्रा के नेतृत्व में सैकड़ों अधिवक्ता उपस्थित रहे।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">कार्यक्रम में मौजूद अधिवक्ताओं एवं भाजपा कार्यकर्ताओं ने वर्ष 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी को पुनः प्रचंड बहुमत से विजयी बनाने का संकल्प लिया। वक्ताओं ने कहा कि पार्टी की नीतियों, सुशासन और विकास कार्यों को जन-जन तक पहुंचाकर संगठन को और अधिक सशक्त बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के नेतृत्व में प्रदेश निरंतर विकास की नई ऊंचाइयों को छू रहा है तथा जनता का विश्वास भाजपा के साथ मजबूती से जुड़ा हुआ है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">स्वागत कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रीय अध्यक्ष के प्रति कार्यकर्ताओं और आम नागरिकों में विशेष उत्साह देखने को मिला। विभिन्न व्यापारिक संगठनों, सामाजिक संस्थाओं एवं भाजपा के पदाधिकारियों ने भी उनका अभिनंदन किया। जगह-जगह पुष्पवर्षा, माल्यार्पण और स्वागत समारोहों के माध्यम से राजधानीवासियों ने अपने राष्ट्रीय अध्यक्ष के प्रति सम्मान और विश्वास व्यक्त किया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में भाजपा पदाधिकारी, कार्यकर्ता, अधिवक्ता, व्यापारी, सामाजिक कार्यकर्ता तथा आम नागरिक मौजूद रहे। पूरे कार्यक्रम के दौरान उत्सव जैसा माहौल बना रहा और राजधानी लखनऊ भाजपा के स्वागत रंग में रंगी नजर आई।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/182718/grand-welcome-to-bjp-national-president-nitin-naveen-on-his</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/182718/grand-welcome-to-bjp-national-president-nitin-naveen-on-his</guid>
                <pubDate>Sat, 04 Jul 2026 19:55:01 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-07/581889.jpg"                         length="153333"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>महाकुंभ-2025 को नवाचार  हेतु मिला राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस पुरस्कार।</title>
                                    <description><![CDATA[स्वच्छता के बाद ई-गवर्नेंस में भी महाकुंभ ने रचा इतिहास:नगर।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/182663/mahakumbh-2025-received-national-e-governance-award-for-innovation"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-07/1001857032.jpg" alt=""></a><br /><div>
<blockquote class="format1">
<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात।</strong></div>
<div style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज।</strong></div>
</blockquote>
</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री  ए.के. शर्मा ने महाकुंभ-2025 को राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस पुरस्कार मिलने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि यह सम्मान उत्तर प्रदेश की उत्कृष्ट प्रशासनिक क्षमता, आधुनिक तकनीक आधारित प्रबंधन और सुशासन की राष्ट्रीय स्तर पर हुई प्रतिष्ठा का प्रमाण है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">उन्होंने कहा कि महाकुंभ-2025 अनेक मायनों में दिव्य, भव्य, अद्भुत और विलक्षण आयोजन रहा। इस आयोजन ने न केवल भारत की प्राचीन सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक विरासत को विश्व के सामने गौरवपूर्ण ढंग से प्रस्तुत किया, बल्कि आधुनिक तकनीक, डिजिटल नवाचार और कुशल प्रशासन के माध्यम से विकसित भारत की नई तस्वीर भी दुनिया को दिखाई।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">श्री शर्मा ने कहा कि महाकुंभ 2025 को इससे पूर्व भारत सरकार द्वारा स्वच्छता-उत्कृष्टता पुरस्कार से सम्मानित किया गया था और अब केंद्र सरकार द्वारा ई-गवर्नेंस के राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया जाना इस बात का प्रमाण है कि उत्तर प्रदेश ने आयोजन, प्रबंधन, स्वच्छता और तकनीकी नवाचार के क्षेत्र में नए राष्ट्रीय मानक स्थापित किए हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">उन्होंने कहा कि जब महाकुंभ की तैयारियां प्रारंभ हुई थीं, तभी यह स्पष्ट किया गया था कि यह महाकुंभ डिजिटल होगा, आधुनिक तकनीक से संचालित होगा। आज राष्ट्रीय स्तर पर मिले इस सम्मान ने उस संकल्प पर भारत सरकार की भी मुहर लगा दी है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ने इस ऐतिहासिक उपलब्धि का श्रेय  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के मार्गदर्शन तथा  मुख्यमंत्री </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">योगी आदित्यनाथ जी के दूरदर्शी नेतृत्व, प्रेरणा और सतत दिशा-निर्देश को देते हुए उनके प्रति हृदय से आभार व्यक्त किया।उन्होंने महाकुंभ-2025 के सफल आयोजन में योगदान देने वाले सभी अधिकारियों, कर्मचारियों, सुरक्षा बलों, स्वच्छता कर्मियों, तकनीकी विशेषज्ञों तथा प्रत्यक्ष एवं परोक्ष रूप से जुड़े प्रत्येक कर्मयोगी को हार्दिक बधाई देते हुए कहा कि उनके समर्पण, अनुशासन और अथक परिश्रम ने इस आयोजन को वैश्विक स्तर पर एक अनुकरणीय मॉडल बनाया है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि उत्तर प्रदेश आगे भी सुशासन, डिजिटल नवाचार और जनसेवा के क्षेत्र में नए कीर्तिमान स्थापित करता रहेगा।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/182663/mahakumbh-2025-received-national-e-governance-award-for-innovation</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/182663/mahakumbh-2025-received-national-e-governance-award-for-innovation</guid>
                <pubDate>Fri, 03 Jul 2026 21:37:06 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-07/1001857032.jpg"                         length="238971"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        