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                <title>बच्चों - Swatantra Prabhat</title>
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                <description>बच्चों RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>विंध्याचल घाट पर गंगा स्नान के दौरान हादसा: दो युवक डूबे, एक महिला समेत तीन बच्चों को बचाया</title>
                                    <description><![CDATA[<p>विंध्याचल मीरजापुर। </p>
<p>रामलाल साहनी। </p>
<p>विंध्याचल।  सोमवार दोपहर करीब 2 बजे मां विंध्यवासिनी देवी के दर्शन के लिए आए श्रद्धालुओं में गंगा स्नान के दौरान दो अलग-अलग घटनाओं ने पूरे इलाके में हड़कंप मचा दिया। दीवान घाट पर दो युवक डूब गए, जबकि पक्का घाट पर एक महिला समेत तीन बच्चों को गोताखोरों ने तत्परता से बचाया। दोनों घटनाओं में बैरिकेडिंग तोड़कर गहरे पानी में जाने और लापरवाही के आरोप लगे हैं।</p>
<p>दीवान घाट पर स्नान करते समय दो युवक डूबे</p>
<p>आजमगढ़ से मां विंध्यवासिनी के दर्शन पूजन के लिए आए एक परिवार के 14 सदस्य गंगा स्नान करने दीवान घाट</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/178945/accident-while-bathing-in-ganga-at-vindhyachal-ghat-two-youths"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-05/img-20260511-wa0127.jpg" alt=""></a><br /><p>विंध्याचल मीरजापुर। </p>
<p>रामलाल साहनी। </p>
<p>विंध्याचल।  सोमवार दोपहर करीब 2 बजे मां विंध्यवासिनी देवी के दर्शन के लिए आए श्रद्धालुओं में गंगा स्नान के दौरान दो अलग-अलग घटनाओं ने पूरे इलाके में हड़कंप मचा दिया। दीवान घाट पर दो युवक डूब गए, जबकि पक्का घाट पर एक महिला समेत तीन बच्चों को गोताखोरों ने तत्परता से बचाया। दोनों घटनाओं में बैरिकेडिंग तोड़कर गहरे पानी में जाने और लापरवाही के आरोप लगे हैं।</p>
<p>दीवान घाट पर स्नान करते समय दो युवक डूबे</p>
<p>आजमगढ़ से मां विंध्यवासिनी के दर्शन पूजन के लिए आए एक परिवार के 14 सदस्य गंगा स्नान करने दीवान घाट पहुंचे। स्नान के दौरान सूरज (27 वर्ष, पुत्र सूरज) बैरिकेडिंग के बाहर तैरने लगा। नाविकों द्वारा रोके जाने पर वह उलझ पड़ा और मनमानी करते हुए बैरिकेडिंग पार कर गया। अचानक वह डूबने लगा।</p>
<p>उसे बचाने के लिए उसका चचेरा भाई अभिषेक (25 वर्ष, पुत्र जय प्रकाश) भी बैरिकेडिंग पार करके आगे बढ़ा, लेकिन गहरे पानी में वह भी डूब गया। परिजनों के चीख-पुकार से घाट पर भीड़ जुट गई। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी अविनाश प्रकाश राय और धाम चौकी प्रभारी अजय कुमार मिश्र फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। एसडीआरएफ और गोताखोरों को बुलाकर दोनों युवकों की तलाश शुरू की गई। खबर लिखे जाने तक दोनों युवकों का कोई सुराग नहीं मिल सका था। पूरे घाट पर मातम छा गया और परिजन रो-रोकर बुरा हाल थे।</p>
<p>पक्का घाट पर स्नान करते समय एक महिला सहित तीन बच्चों को गोताखोरों ने डूबने से बचाया</p>
<p>इसी दौरान पक्का घाट पर जौनपुर से आए एक परिवार के सदस्य गंगा स्नान कर रहे थे। आंचल, रिया, सुमित और यश गहरे पानी में चले गए और चारों एक साथ डूबने लगे। परिजनों के शोर मचाने पर घाट पर मौजूद गोताखोर कल्लू, किशुन, लवकुश, नरसिंह, छोटे लाल, राकेश और ओम प्रकाश ने तुरंत पानी में छलांग लगा दी और सभी चारों को सकुशल बाहर निकाल लिया।</p>
<p>बचाव अभियान के दौरान गोताखोर कल्लू निषाद समेत दो अन्य गोताखोरों के मोबाइल पानी में भीगकर खराब हो गए। गोताखोरों की तत्परता से एक बड़ी त्रासदी टल गई।</p>
<p>लापरवाही के आरोप, SDRF की ड्यूटी के बावजूद देरी</p>
<p>स्थानीय लोगों ने बताया कि दीवान घाट पर SDRF के जवान तैनात थे, फिर भी शोर-शराबा होने के बावजूद तुरंत मदद नहीं पहुंची। डूबने वाले युवकों को नाविकों और SDRF जवानों ने पहले ही गहरे पानी में जाने से मना किया था, लेकिन उन्होंने नहीं माना और झगड़ा भी हुआ। इस घटना में प्रशासनिक लापरवाही और बैरिकेडिंग की अनदेखी के आरोप लग रहे हैं।</p>
<p>नगर क्षेत्राधिकारी सहित पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा ले रहे थे। दोनों डूबे युवकों की तलाश जारी है। प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि गंगा स्नान के दौरान बैरिकेडिंग का सम्मान करें और गहरे पानी से दूर रहें।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>अपराध/हादशा</category>
                                            <category>ख़बरें</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/178945/accident-while-bathing-in-ganga-at-vindhyachal-ghat-two-youths</link>
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                <pubDate>Mon, 11 May 2026 19:09:38 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Mirzapur Swatantra Prabhat]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>आईलेक्स के बच्चों ने चंद्रयान - 3 की सफल लैंडिंग के लिए किया प्रार्थना</title>
                                    <description><![CDATA[<h3>आईलेक्स के बच्चों ने चंद्रयान - 3 की सफल लैंडिंग के लिए किया प्रार्थना</h3>
<p><strong>स्वतंत्र प्रभात : बरही : धनंजय कुमार </strong></p>
<p>चंद्रयान-3  को लेकर देशभर में गजब उत्साह देखा जा रहा है। इस अवसर पर आईलेक्स पब्लिक स्कूल सभी ब्रांचों में सभी बच्चों ने चंद्रयान -3 की सफल लैंडिंग के लिए प्रार्थना किया।<br />चंद्रयान 3 मिशन का लैंडर मॉड्यूल चांद की सतह से महज 25 से 150 किलोमीटर की दूरी पर चक्कर लगा रहा है। इसरो के मुताबिक, चंद्रयान-2 के ऑर्बिटर का चंद्रयान-3 के लैंडर मॉड्यूल से संपर्क हो गया है। अब 23 अगस्त का इंतजार है, जब चांद की</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/133897/children-of-ilex-pray-for-the-successful-landing-of-chandrayaan-3"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2023-08/आईलेक्स-के-बच्चों-ने-चंद्रयान---3-की-सफल-लैंडिंग-के-लिए-किया-प्रार्थना.jpg" alt=""></a><br /><h3>आईलेक्स के बच्चों ने चंद्रयान - 3 की सफल लैंडिंग के लिए किया प्रार्थना</h3>
<p><strong>स्वतंत्र प्रभात : बरही : धनंजय कुमार </strong></p>
<p>चंद्रयान-3  को लेकर देशभर में गजब उत्साह देखा जा रहा है। इस अवसर पर आईलेक्स पब्लिक स्कूल सभी ब्रांचों में सभी बच्चों ने चंद्रयान -3 की सफल लैंडिंग के लिए प्रार्थना किया।<br />चंद्रयान 3 मिशन का लैंडर मॉड्यूल चांद की सतह से महज 25 से 150 किलोमीटर की दूरी पर चक्कर लगा रहा है। इसरो के मुताबिक, चंद्रयान-2 के ऑर्बिटर का चंद्रयान-3 के लैंडर मॉड्यूल से संपर्क हो गया है। अब 23 अगस्त का इंतजार है, जब चांद की सतह पर सॉफ्ट लैंडिंग के साथ ही भारत इतिहास रच देगा और ऐसा करने वाला दुनिया का चौथा देश बन जाएगा। अभी तक अमेरिका, रूस और चीन ने ही चांद की सतह पर सॉफ्ट लैंडिंग करने में सफलता हासिल की है। इतना ही नहीं चांद के दक्षिणी ध्रुव पर सफल लैंडिंग कराने वाला भारत पहला देश हो सकता है।<br />टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ फंडामेंटल रिसर्च के खगोल विज्ञान प्रोफेसर मयंक एन. वाहिया ने कहा कि चंद्रयान 3 चांद की सतह पर उतरने वाला है। पहले चंद्रयान मिशन ने साबित किया कि चांद पर पानी है। चंद्रयान-2 मिशन में चांद के दक्षिणी ध्रुव पर लैंडर लगाना था, लेकिन चीजें ठीक से काम नहीं कर पाईं। चंद्रयान-2 का मॉड्यूलर मिशन उल्लेखनीय रूप से सफल रहा। चंद्रमा पर उतरना कितना मुश्किल है, इसका अंदाजा लगाने के लिए आप देख सकते हैं कि रूस लूना-25 को उतारने में सफल नहीं हो सका। पूरा यकीन है कि 23 अगस्त को सफल लैंडिंग होगी। चंद्रयान-3 हमें पानी, जल स्रोतों और खनिजों की पहचान करने में मदद करेगा। चंद्रयान-2 से सबक लेकर चंद्रयान-3 में कई सुधार किए गए हैं। लक्षित लैंडिंग क्षेत्र को 4.2 किलोमीटर लंबाई और 2.5 किलोमीटर चौड़ाई तक बढ़ा दिया गया है। चंद्रयान-3 में लेजर डॉपलर वेलोसिमीटर के साथ चार इंजन भी हैं जिसका मतलब है कि वह चंद्रमा पर उतरने के सभी चरणों में अपनी ऊंचाई और अभिविन्यास को नियंत्रित कर सकता है। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने लैंडर हजार्ड डिटेक्टशन एंड अवॉइडेंस कैमरा (एलएचडीएसी) में कैद की गई चंद्रमा के सुदूर पार्श्व भाग की तस्वीरें सोमवार को जारी कीं। एलएचडीएसी को इसरो के अहमदाबाद स्थित प्रमुख अनुसंधान एवं विकास केंद्र स्पेस ऐप्लीकेशंस सेंटर (एसएसी) ने विकसित किया है। यह कैमरा लैंडिंग के लिहाज से सुरक्षित उन क्षेत्र की पहचान करने में मदद करता है, जहां बड़े-बड़े पत्थर या गहरी खाइयां नहीं होती हैं। विशेष रुचि है, जिसके बारे में माना जाता है कि वहां बने गड्ढे हमेशा अंधेरे में रहते हैं और उनमें पानी होने की उम्मीद है। चट्टानों में जमी अवस्था में मौजूद पानी का इस्तेमाल भविष्य में अंतरिक्ष यात्रियों के लिए वायु और रॉकेट के ईंधन के रूप में किया जा सकता है। केवल तीन देश चंद्रमा पर सफल सॉफ्ट लैंडिंग करने में सफल रहे हैं, जिनमें पूर्ववर्ती सोवियत संघ, अमेरिका और चीन शामिल हैं। हालांकि, ये तीनों देश भी चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर नहीं उतरे थे।<br />चंद्रयान-3 ने 14 जुलाई को प्रक्षेपण के बाद पांच अगस्त को चंद्रमा की कक्षा में प्रवेश किया था। प्रणोदन और लैंडर मॉड्यूल को अलग करने की कवायद से पहले इसे छह, नौ, 14 और 16 अगस्त को चंद्रमा की कक्षा में नीचे लाने की कवायद की गई, ताकि यह चंद्रमा की सतह के नजदीक आ सके। इससे पहले, 14 जुलाई के प्रक्षेपण के बाद पिछले तीन हफ्तों में पांच से अधिक प्रक्रियाओं में इसरो ने चंद्रयान-3 को पृथ्वी से दूर आगे की कक्षाओं में बढ़ाया था। गत एक अगस्त को एक महत्वपूर्ण कवायद में अंतरिक्ष यान को पृथ्वी की कक्षा से सफलतापूर्वक चंद्रमा की ओर भेजा गया। विद्यालय के निदेशक शैलेश कुमार ने भी बच्चों के साथ प्रार्थना की तथा बच्चों को कहा कि जिस तरह चंद्रयान -3 की सफलता का हम सभी को विश्वास है उसी तरह आप सभी बच्चे भी निकट भविष्य में अपनी मंज़िल को प्राप्त करेंगे ये भी हमारा विश्वास है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>बिहार/झारखंड</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 23 Aug 2023 16:47:30 +0530</pubDate>
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