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                <title>अधिशासी अभियंता - Swatantra Prabhat</title>
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                <description>अधिशासी अभियंता RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>सिद्धार्थनगर : सिंचाई विभाग में AI  फोटो का इस्तेमाल कर 5 करोड़ का फर्जी भुगतान</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><blockquote class="format1"><div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात संवाददाता</strong></div><div style="text-align:justify;"><strong>हरीश कुमार चौधरी</strong></div><div style="text-align:justify;"><strong>सिद्धार्थनगर ।</strong></div></blockquote></div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">जिले में सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग में कथित तौर पर वित्तीय अनियमितता की खबरें सामने आईं हैं। वित्तीय वर्ष 2025-26 में बानगंगा बैराज की नहर प्रणाली और उससे निकलने वाली सभी नहरों में सिल्ट सफाई और ढलान घास कटाई का काम ड्रेनेज खंड सिद्धार्थनगर को सौंपा गया था।</div><div style="text-align:justify;">  काम के नाम पर सिर्फ धोखा किया गया। जहां नहर सड़क को पार करती है, वहां मात्र 100 मीटर इधर-उधर ही सफाई कराई गई। बाकी लंबी-लंबी नहरें सिल्ट भरी हुई जैसी की तैसी छोड़ दी गईं। स्थानीय निवासी जयंत्री  पाण्डेय ने यह</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;"> </div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;"> </div><div style="text-align:justify;"><br /></div><h4 style="text-align:justify;"><strong>कागजों</strong></h4>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/181682/fake-payment-of-rs-5-crore-using-ai-photo-in"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/1781878450387.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><blockquote class="format1"><div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात संवाददाता</strong></div><div style="text-align:justify;"><strong>हरीश कुमार चौधरी</strong></div><div style="text-align:justify;"><strong>सिद्धार्थनगर ।</strong></div></blockquote></div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">जिले में सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग में कथित तौर पर वित्तीय अनियमितता की खबरें सामने आईं हैं। वित्तीय वर्ष 2025-26 में बानगंगा बैराज की नहर प्रणाली और उससे निकलने वाली सभी नहरों में सिल्ट सफाई और ढलान घास कटाई का काम ड्रेनेज खंड सिद्धार्थनगर को सौंपा गया था।</div><div style="text-align:justify;"> काम के नाम पर सिर्फ धोखा किया गया। जहां नहर सड़क को पार करती है, वहां मात्र 100 मीटर इधर-उधर ही सफाई कराई गई। बाकी लंबी-लंबी नहरें सिल्ट भरी हुई जैसी की तैसी छोड़ दी गईं। स्थानीय निवासी जयंत्री  पाण्डेय ने यह आरोप लगाया है। </div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;"> ड्रेनेज खंड सिद्धार्थनगर के अधिशासी अभियंता, सहायक अधिशासी अभियंता और जूनियर इंजीनियरों ने सिल्ट सफाई और अन्य कार्यों के नाम पर लगभग 5 करोड़ सरकारी धन का भारी भ्रष्टाचार और बंदरबांट किया गया है। सरकार की मंशा के उलट बड़े पैमाने पर पैसे का दुरुपयोग किया गया। शिकायतकर्ता ने मांग की है कि इस पूरे मामले की जांच हो और दोषी अधिकारियों के खिलाफ उचित विभागीय कार्रवाई की जाए।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;"> जयंत्री पांडेय ने 12 अप्रैल 2026 को जनसुनवाई (IGRS) पर शिकायत दर्ज कराई, जिसमें सहायक अभियंता चतुर्थ मालविका जैसल और अधिशासी अभियंता पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं।  आरोप है कि निविदा शर्तों का खुला उल्लंघन करते हुए बिना कोई वास्तविक काम किए सरकारी धन का गबन किया गया। ट्रेजरी से अवैध भुगतान, कार्यस्थल बदलना, हॉट मिक्स प्लांट और पेवर मशीन का इस्तेमाल न करना, और AI से फर्जी फोटो जेनरेट कर विभाग को गुमराह करना मुख्य आरोप हैं।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><h4 style="text-align:justify;"><strong>कागजों पर AI से काम दिखाया, जमीन पर बदहाल है हाल</strong></h4><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;"> जयंत्री पांडेय ने कई तकनीति बिंदुओं पर सिंचाई विभाग में धांधली के आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा है कि बाणगंगा नहर प्रणाली और जमींदारी नहर प्रणाली की पट्टियों पर सड़क की गड्ढामुक्ति और नवीनीकरण का काम कागजों पर दिखाया गया लेकिन जमीन पर कुछ नहीं हुआ। AI की मदद से बनाई गई तस्वीरों को असली कहकर पेश किया गया। बस्ती के अधीक्षण अभियंता, गंडक बाढ़ मंडल ने 11 सितंबर 2025 को जारी निविदा (नंबर-03/2025-26) जारी की। इसके तहत सिद्धार्थनगर जिले में नहरों और सड़कों की मरम्मत का काम 2.40 करोड़ रुपये की लागत से कराया जाना था। काम में अतरी माइनर, नौगढ़ माइनर, बानगंगा बैराज, अलीदापुर पश्चिमी नहर, बजहा सागर, बटुआ सागर समेत कई नहरों और नौगढ़ कालोनी के सर्विस रोड को गड्ढामुक्त करना था।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-06/1781878450406.jpg" alt="सिद्धार्थनगर : सिंचाई विभाग में AI  फोटो का इस्तेमाल कर 5 करोड़ का फर्जी भुगतान" width="1080" height="556"></img></div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;"> निर्माण स्थल की कुल लंबाई 13.9 किलोमीटर थी। काम पूरा करने की समयसीमा सिर्फ एक महीने की रखी गई थी। निविदा में साफ शर्त थी कि काम हॉट मिक्स प्लांट और पेवर मशीन से ही होना चाहिए। ठेकेदार को प्लांट अपनी या लीज पर होने का शपथ-पत्र भी देना था।सहायक अभियंता मालविका जैसल और अधिशासी अभियंता की मिलीभगत से बिना जमीन पर हुए किसी काम के ट्रेजरी से भुगतान पूरा कर लिया गया। वाउचर इसकी पुष्टि करते हैं कि धन उस काम के लिए निकाला गया जो जमीन पर हुआ ही नहीं। यह राजकीय धन का खुला गबन है।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">  जयंत्री पांडेय ने इस पूरे मामले में भारी अनियमितताओं का आरोप लगाया है।  सहायक अभियंता मालविका जैसल और अधिशासी अभियंता की मिलीभगत से बिना किसी ठोस काम के ट्रेजरी से पूरा पैसा निकाल लिया गया। वाउचर दिखाते हैं कि पैसे तो निकल गए, लेकिन जमीन पर काम हुआ ही नहीं। यह खुला गबन है। अधिशासी अभियंता के पत्रांक 1829 में निविदा में तय जगहों, अतरी माइनर, नौगढ़ माइनर, सिसवा नेउरा आदि पर काम नहीं कराया गया। अधिशासी अभियंता के एक पत्र में दूसरी जगहों का जिक्र किया गया, जिसका फायदा उठाकर असल काम स्थल पर कुछ नहीं किया गया।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;"> फर्जी फोटो और AI का इस्तेमालः काम न होने के बावजूद मालविका जैसल पर आरोप है कि उन्होंने AI टूल और मोबाइल एडिटिंग से फर्जी तस्वीरें बनाईं और विभाग को गुमराह किया। इन फर्जी तस्वीरों के आधार पर भुगतान को वैध ठहराने की कोशिश की गई। शिकायतकर्ता का कहना है कि यह अनिश्चित है कि काम कहीं हुआ भी या सिर्फ कागजों पर घर की खेती कर सरकारी पैसा बांट लिया गया।जयंत्री पांडेय ने कहा है कि तकनीकी शर्तों का उल्लंघन किया गया है। निविदा शर्त 31 का खुला उल्लंघन किया गया है। बिना हॉट मिक्स प्लांट और पेवर मशीन के काम दिखाया गया। शर्त साफ थी कि काम इन्हीं मशीनों से होना है। बिना प्लांट के सड़क निर्माण तकनीकी रूप से मानकहीन है।जयंत्री पांडेय ने आरोप लगाया, 'शर्त 28 के तहत अनुबंध निरस्त होना चाहिए था, लेकिन अधिकारियों ने एस्टीमेट और NIT बदलकर उच्च अधिकारियों को बिना बताए काम कराया। कार्यस्थल हटने को शर्त 28 के तहत अनुबंध निरस्तीकरण और विभागीय कार्रवाई का आधार बताया गया। </div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">नोटिफिकेशन में प्रस्तावित नहर पट्टियों के बजाय बजट अपनी मर्जी से कहीं और खर्च करना तकनीकी अपराध है। बिना भौतिक मापन के पैसा बांट लिया गया।निविदा में जिन जगहों का जिक्र है, उनमें बटुआ सागर, बसंतपुर नहर, नौगढ़ कालोनी की पटरी, अलीदापुर पश्चिमी नहर, सिरवत कोठी, सिसवा नेउरा नहर, अतरी माइनर पर कोई निर्माण कार्य नहीं हुआ। जयंत्री पांडेय ने तस्वीरें भी साझा की हैं। बटुआ सागर में कच्चे रास्ते दिख रहे हैं, कोई मरम्मत नहीं दिख रहा है। बसंतपुर नहर पर पुरानी सड़क घास से भरी हुई है। अलीदापुर पश्चिमी नहर पर पुरानी टूटी सड़क दिख रही है। सिसवा नेउरा और अतरी माइनर पर भी कच्चे रास्ते या टूटी सड़कें हैं। फोटो में तारीखें अप्रैल 2026 की हैं, जो काम पूरा होने के बाद की स्थिति दर्शाती हैं। इन फोटो में GPS लोकेशन, एलिवेशन, समय आदि डिटेल्स मौजूद हैं।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><h4 style="text-align:justify;"><strong>जहां सफाई का दावा किया गया, वहां घास उगी है</strong></h4><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">जयंत्री पांडेय ने केवल IGRS पर ही नहीं, मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश, जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह और अन्य अधिकारियों को पंजीकृत डाक से शिकायतें भेजी हैं।ट्रेजरी वाउचर की जांच कर अवैध भुगतान की रिकवरी मालविका जैसल द्वारा भेजी फोटो की फोरेंसिक जांच दोषी अधिकारियों पर तत्काल कठोर विभागीय और</div><div style="text-align:justify;">अनुशासनात्मक कार्रवाई विभागीय दस्तावेजों में क्या खामी गिनाई गई है?</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">ठेकेदार को कार्यस्थल की जानकारी पहले लेनी होती है। प्री-बिड मीटिंग 18 सितंबर 2025 को बस्ती में होनी थी। टेक्निकल बिड खुलने के 24 घंटे में आपत्ति ईमेल से दर्ज करानी होती है। बजट आवंटन पर ही फाइनेंशियल बिड खुलती है। यह सिर्फ एक सड़क निर्माण का मामला नहीं है। नहर पट्टियों पर बनी सड़कें सिंचाई क्षेत्र में किसानों, आम लोगों की सुविधा के लिए होती हैं। 13.9 किमी सड़क का 4.81 करोड़ का काम अगर कागजों पर रह गया तो विकास योजनाओं का पैसा बर्बाद हो रहा है। AI का इस्तेमाल फर्जी सबूत बनाने में सरकारी विभाग में नई समस्या पैदा कर रहा है। फोरेंसिक जांच जरूरी है ताकि असली और नकली फोटो में फर्क साबित हो। शिकायककर्ता का कहना है कि विभागीय मिलीभगत से ट्रेजरी भुगतान, कार्यस्थल बदले गए, शर्तों की अनदेखी की गई। ये सभी बिंदु ऐसे हैं, जिनकी विभागीय जांच होनी चाहिए।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">इस मामले की शिकायत अधीक्षण अभियंता गंडक बाढ़ मंडल बस्ती, मुख्य अभियंता गोरखपुर, आयुक्त बस्ती, जिलाधिकारी, एसएसपी आदि को पत्र भेज कर की गई है। </div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;"><blockquote class="format2">इस पूरे प्रकरण में जांच के लिए जो टीम गठित की गई थी ।इसी मंडल के ही अधिकारी शामिल थे । जबकि शासनादेश है कि जिस मंडल का मामला होता है उस मंडल के अधिकारियों को जांच नहीं सौंपी जानी चाहिए। जिसे शासन ने संज्ञान में लेते हुए जांच टीम निरस्त कर दी और दूसरी जांच टीम गठित कर दी है। यह जांच टीम सिद्धार्थनगर कभी धमक सकती है।</blockquote></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>जन समस्याएं</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 19 Jun 2026 22:58:57 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सीबीआई के जाल में फंसे डाक विभाग के अधिशासी अभियंता, डेढ़ लाख रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार।</title>
                                    <description><![CDATA[<p><span style="color:rgb(186,55,42);"><strong>स्वतंत्र प्रभात ।</strong></span></p>
<p><span style="color:rgb(186,55,42);"><strong>संवाददाता सरस सिंह </strong></span></p>
<p>प्रयागराज।</p>
<p>भ्रष्टाचार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने बृहस्पतिवार को प्रयागराज में बड़ी कार्रवाई करते हुए डाक विभाग के अधिशासी अभियंता (एक्सईएन) आशीष अग्रवाल को कथित तौर पर डेढ़ लाख रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। कार्रवाई प्रधान डाकघर परिसर में की गई, जिससे पूरे विभाग में हड़कंप मच गया।</p>
<p>जानकारी के अनुसार, सीबीआई को अधिशासी अभियंता द्वारा सुविधा शुल्क मांगने की शिकायत प्राप्त हुई थी। शिकायत के सत्यापन और आवश्यक साक्ष्य जुटाने के बाद सीबीआई ने योजनाबद्ध तरीके से ट्रैप कार्रवाई की। गुरुवार</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/180651/executive-engineer-of-postal-department-caught-in-cbis-net-arrested"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/img-20260604-wa0354.jpg" alt=""></a><br /><p><span style="color:rgb(186,55,42);"><strong>स्वतंत्र प्रभात ।</strong></span></p>
<p><span style="color:rgb(186,55,42);"><strong>संवाददाता सरस सिंह </strong></span></p>
<p>प्रयागराज।</p>
<p>भ्रष्टाचार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने बृहस्पतिवार को प्रयागराज में बड़ी कार्रवाई करते हुए डाक विभाग के अधिशासी अभियंता (एक्सईएन) आशीष अग्रवाल को कथित तौर पर डेढ़ लाख रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। कार्रवाई प्रधान डाकघर परिसर में की गई, जिससे पूरे विभाग में हड़कंप मच गया।</p>
<p>जानकारी के अनुसार, सीबीआई को अधिशासी अभियंता द्वारा सुविधा शुल्क मांगने की शिकायत प्राप्त हुई थी। शिकायत के सत्यापन और आवश्यक साक्ष्य जुटाने के बाद सीबीआई ने योजनाबद्ध तरीके से ट्रैप कार्रवाई की। गुरुवार को जैसे ही रिश्वत की रकम का लेनदेन हुआ, पहले से तैनात सीबीआई टीम ने तत्काल छापा मारकर अधिकारी को पकड़ लिया।</p>
<p>प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कार्रवाई के दौरान प्रधान डाकघर परिसर में अचानक हलचल बढ़ गई। सीबीआई अधिकारियों ने मौके पर ही आरोपी अधिकारी से प्रारंभिक पूछताछ की और रिश्वत के रूप में ली गई रकम को अपने कब्जे में ले लिया। इसके बाद कई घंटों तक कार्यालय में जांच-पड़ताल चलती रही।</p>
<p><strong>दस्तावेज खंगाले, कर्मचारियों से भी पूछताछ</strong></p>
<p>सीबीआई टीम ने कार्रवाई के दौरान संबंधित अभिलेखों और दस्तावेजों की भी जांच की। मामले से जुड़े तथ्यों की पुष्टि के लिए विभाग के कई अधिकारियों और कर्मचारियों से पूछताछ की गई। जांच एजेंसी यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि रिश्वतखोरी का यह मामला किसी एक व्यक्ति तक सीमित है या इसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क सक्रिय है।</p>
<p><strong>औपचारिकताएं पूरी कर आरोपी को साथ ले गई टीम</strong></p>
<p>पूछताछ और आवश्यक कानूनी औपचारिकताओं को पूरा करने के बाद सीबीआई की टीम आरोपी अधिशासी अभियंता को अपने साथ ले गई। सूत्रों के मुताबिक आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।</p>
<p><strong>विभागीय गलियारों में चर्चा तेज</strong></p>
<p>प्रधान डाकघर में हुई इस कार्रवाई के बाद डाक विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों के बीच पूरे दिन चर्चा का माहौल बना रहा। सरकारी विभाग में इतने वरिष्ठ अधिकारी की गिरफ्तारी ने विभागीय कार्यप्रणाली और पारदर्शिता को लेकर भी कई सवाल खड़े कर दिए हैं।</p>
<p><strong>सीबीआई करेगी नेटवर्क की जांच</strong></p>
<p>सीबीआई अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच अभी जारी है। एजेंसी यह भी जांच कर रही है कि कथित रिश्वत की मांग किन परिस्थितियों में की गई थी और क्या इस प्रकरण में अन्य अधिकारी या कर्मचारी भी किसी प्रकार से जुड़े हुए हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ख़बरें</category>
                                            <category>अपराध/हादशा</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 05 Jun 2026 20:13:30 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[दया शंकर त्रिपाठी ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>जिलाधिकारी ने दिये आंधी-तूफान से प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं विद्युत आपूर्ति बहाली के निर्देश</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>सोनभद्र / उत्तर प्रदेश -</strong>जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने जनपद में 13 मई को आए आंधी-तूफान से हुई क्षति के दृष्टिगत समस्त उप जिलाधिकारियों एवं संबंधित विभागीय अधिकारियों को राहत कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि आंधी-तूफान के कारण हुई पशुहानि, आवासीय क्षति एवं अन्य नुकसान से संबंधित रिपोर्ट तत्काल उपलब्ध कराई जाए, ताकि प्रभावित लोगों को शासन की मंशा के अनुरूप शीघ्र सहायता प्रदान की जा सके।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">जिलाधिकारी ने कहा कि जिन क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति बाधित हुई है, वहां अधीक्षण अभियंता एवं अधिशासी अभियंता विद्युत द्वारा युद्धस्तर पर कार्य करते हुए विद्युत व्यवस्था</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/179357/district-magistrate-gave-instructions-for-relief-and-restoration-of-power"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-05/1001608564.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>सोनभद्र / उत्तर प्रदेश -</strong>जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने जनपद में 13 मई को आए आंधी-तूफान से हुई क्षति के दृष्टिगत समस्त उप जिलाधिकारियों एवं संबंधित विभागीय अधिकारियों को राहत कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि आंधी-तूफान के कारण हुई पशुहानि, आवासीय क्षति एवं अन्य नुकसान से संबंधित रिपोर्ट तत्काल उपलब्ध कराई जाए, ताकि प्रभावित लोगों को शासन की मंशा के अनुरूप शीघ्र सहायता प्रदान की जा सके।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">जिलाधिकारी ने कहा कि जिन क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति बाधित हुई है, वहां अधीक्षण अभियंता एवं अधिशासी अभियंता विद्युत द्वारा युद्धस्तर पर कार्य करते हुए विद्युत व्यवस्था शीघ्र बहाल कराई जाए। उन्होंने टूटे हुए विद्युत खंभों एवं क्षतिग्रस्त लाइनों को प्राथमिकता के आधार पर बदलने के निर्देश दिए तथा कहा कि जनपद के सभी क्षेत्रों में निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित की जाए।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">उन्होंने आमजन से अपील करते हुए कहा कि विद्युत आपूर्ति से संबंधित किसी भी समस्या की सूचना संबंधित अधिशासी अभियंता को तत्काल दें, जिससे समयबद्ध ढंग से समस्या का समाधान कराया जा सके। जिलाधिकारी ने पेयजल व्यवस्था को भी सुचारु बनाए रखने के निर्देश दिए तथा एवं संबंधित विभागों के अधिकारियों को प्रभावित क्षेत्रों में नियमित पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित कराने को कहा। जिलाधिकारी</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">चर्चित गौड़ ने अधीक्षण अभियंता एवं अधिशासी अभियंताओं को निर्देशित किया कि सभी प्रभावित क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखते हुए युद्धस्तर पर कार्य किया जाए और जनसामान्य को किसी प्रकार की असुविधा न होने पाए। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन पूरी सतर्कता एवं गंभीरता के साथ राहत एवं पुनर्स्थापन कार्यों में जुटा हुआ है।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 16 May 2026 18:38:20 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>अब प्रीपेड नहीं पोस्टपेड मोड में मिलेगा बिजली बिल:सांसद</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
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<div style="text-align:justify;"><strong>भदोही। </strong>स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं के लिए बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। सांसद डॉ. विनोद बिंद ने जानकारी देते हुए बताया कि आरडीएसएस योजना के अंतर्गत लगाए गए सभी स्मार्ट मीटर, जो अभी तक प्रीपेड मोड में संचालित हो रहे थे, उन्हें अब तत्काल प्रभाव से पोस्टपेड मोड में परिवर्तित किया जा रहा है। इसके तहत उपभोक्ताओं को मई 2026 की बिजली खपत का बिल जून 2026 में पोस्टपेड प्रणाली के अनुसार उपलब्ध कराया जाएगा।</div>
<div style="text-align:justify;">कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में जिला पंचायत अध्यक्ष अनिरूद्ध त्रिपाठी, विधायक औराई दीनानाथ भास्कर, विधायक ज्ञानपुर विपुल दुबे, जिलाधिकारी शैलेष कुमार, पुलिस</div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/178606/now-electricity-bill-will-be-available-in-postpaid-mode-instead"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-05/img-20260508-wa0029.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>भदोही। </strong>स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं के लिए बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। सांसद डॉ. विनोद बिंद ने जानकारी देते हुए बताया कि आरडीएसएस योजना के अंतर्गत लगाए गए सभी स्मार्ट मीटर, जो अभी तक प्रीपेड मोड में संचालित हो रहे थे, उन्हें अब तत्काल प्रभाव से पोस्टपेड मोड में परिवर्तित किया जा रहा है। इसके तहत उपभोक्ताओं को मई 2026 की बिजली खपत का बिल जून 2026 में पोस्टपेड प्रणाली के अनुसार उपलब्ध कराया जाएगा।</div>
<div style="text-align:justify;">कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में जिला पंचायत अध्यक्ष अनिरूद्ध त्रिपाठी, विधायक औराई दीनानाथ भास्कर, विधायक ज्ञानपुर विपुल दुबे, जिलाधिकारी शैलेष कुमार, पुलिस अधीक्षक अभिनव त्यागी सहित अन्य अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">सांसद डॉ. विनोद बिंद ने बताया कि अब स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं को बिजली बिल एसएमएस और व्हाट्सएप के माध्यम से भेजा जाएगा। जिन उपभोक्ताओं के मोबाइल नंबर पंजीकृत नहीं हैं या गलत दर्ज हैं, उनके लिए बिजली निगम द्वारा व्हाट्सएप चैटबॉट और 1912 हेल्पलाइन की विशेष व्यवस्था की गई है।</div>
<div style="text-align:justify;">उन्होंने बताया कि घरेलू उपभोक्ताओं को बड़ी राहत देते हुए 30 मई 2026 तक के बकाये का भुगतान 10 आसान किस्तों में करने की सुविधा प्रदान की गई है। वहीं अन्य श्रेणी के उपभोक्ताओं को तीन किस्तों में भुगतान की सुविधा मिलेगी।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">स्मार्ट मीटर से संबंधित शिकायतों के समाधान के लिए 15 मई से 30 जून 2026 तक अधिशासी अभियंता एवं उपखंड अधिकारी कार्यालयों पर विशेष कैंप लगाए जाएंगे, जहां उपभोक्ताओं की समस्याओं का निस्तारण किया जाएगा। सांसद ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि उपभोक्ताओं को समय से बिल उपलब्ध कराया जाए तथा शिकायतों का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जाए।</div>
</div>
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<div class="adL"> </div>
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</div>
</div>
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<div class="hp"> </div>
<div class="eqJbab cZD3Qb"></div>
</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 08 May 2026 19:57:11 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना का ग्रामीण विकास मंत्रालय ए०आर० आई० डी० ए० भारत सरकार के द्वारा ग्राम प्रधान महुगढ़ी के साथ किया गया स्थलीय निरीक्षण। </title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>हलिया मीरजापुर। </strong>हलिया विकास के  ग्राम पंचायत महुगढ़ी मे प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत बृहस्पतिवार को ग्रामीण विकास मंत्रालय ए०आर० आई० डी०ए०  भारत सरकार के द्वारा किया गया सड़क का स्थलीय निरीक्षण निरीक्षण में  ग्रामीण विकास मंत्रालय ए०आर० आई० डी०ए० भारत सरकार के आशुतोष कुमार सिंह वाई सी ई  उत्तर प्रदेश ग्राम विकास अभिकरण लखनऊ के आर्चजल कुमार वाई सी ई  तकनीकी और प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना मिर्जापुर के अधिशासी अभियंता सहायक अभियंता एवं अपर अभियंता द्वारा मौके पर स्थलीय सत्यापन किया गया बताया गया कि  ग्राम पंचायत महुगढ़ी मे  प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना में तीन सड़क पास की</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/178469/on-site-inspection-of-pradhan-mantri-gram-sadak-yojana-was-conducted"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-05/1001523237.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>हलिया मीरजापुर। </strong>हलिया विकास के  ग्राम पंचायत महुगढ़ी मे प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत बृहस्पतिवार को ग्रामीण विकास मंत्रालय ए०आर० आई० डी०ए०  भारत सरकार के द्वारा किया गया सड़क का स्थलीय निरीक्षण निरीक्षण में  ग्रामीण विकास मंत्रालय ए०आर० आई० डी०ए० भारत सरकार के आशुतोष कुमार सिंह वाई सी ई  उत्तर प्रदेश ग्राम विकास अभिकरण लखनऊ के आर्चजल कुमार वाई सी ई  तकनीकी और प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना मिर्जापुर के अधिशासी अभियंता सहायक अभियंता एवं अपर अभियंता द्वारा मौके पर स्थलीय सत्यापन किया गया बताया गया कि  ग्राम पंचायत महुगढ़ी मे  प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना में तीन सड़क पास की गई है</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">जिसमें जल्द से जल्द काम लगाने की तैयारी चल रही है सड़क का स्थल निरीक्षण  किया गया है जल्द से जल्द सड़क में काम लगेगा मौके पर उपस्थित ग्राम प्रधान सुरेश केसरी ने बताया कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत पांच सड़क कार्य योजना में डलवाया गया था जिसमें से तीन सड़क पास हो चुकी है सड़क में काम लगाने की तैयारियां जोरों पर चल रही हैं लगातार विभाग के द्वारा स्थलीय निरीक्षण किया जा रहा है जल्द से जल्द सड़क में काम लगेगा आगे जो सड़क पेंडिंग में है उसका भी प्रयास किया जा रहा है कि उसमें भी जल्द से जल्द काम लगाया जा सके।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 07 May 2026 19:03:28 +0530</pubDate>
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