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                <title>खेती - Swatantra Prabhat</title>
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                <title>दो जून की रोटी : संघर्ष, सम्मान और समाज की जिम्मेदारी - पत्रकार सरस सिंह</title>
                                    <description><![CDATA[<p>"दो जून की रोटी"— यह केवल एक मुहावरा नहीं, बल्कि करोड़ों भारतीयों के जीवन का सबसे बड़ा सच है। जब कोई व्यक्ति कहता है कि उसे "दो जून की रोटी" कमानी है, तो उसके पीछे सिर्फ भोजन की जरूरत नहीं, बल्कि पूरे परिवार के अस्तित्व, सम्मान और भविष्य की चिंता छिपी होती है।</p>
<p>भारत गांवों का देश है। यहां खेतों में पसीना बहाने वाला किसान, सड़क किनारे रिक्शा चलाने वाला मजदूर, ईंट-भट्ठों पर काम करने वाली महिलाएं, निर्माण स्थलों पर दिन-रात मेहनत करने वाले श्रमिक और छोटे दुकानदार— सभी का संघर्ष कहीं न कहीं दो जून की रोटी से जुड़ा</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/180484/june-2nd-bread-struggle-respect-and-responsibility-of-society"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/messenger_creation_7070006110035249701.jpeg" alt=""></a><br /><p>"दो जून की रोटी"— यह केवल एक मुहावरा नहीं, बल्कि करोड़ों भारतीयों के जीवन का सबसे बड़ा सच है। जब कोई व्यक्ति कहता है कि उसे "दो जून की रोटी" कमानी है, तो उसके पीछे सिर्फ भोजन की जरूरत नहीं, बल्कि पूरे परिवार के अस्तित्व, सम्मान और भविष्य की चिंता छिपी होती है।</p>
<p>भारत गांवों का देश है। यहां खेतों में पसीना बहाने वाला किसान, सड़क किनारे रिक्शा चलाने वाला मजदूर, ईंट-भट्ठों पर काम करने वाली महिलाएं, निर्माण स्थलों पर दिन-रात मेहनत करने वाले श्रमिक और छोटे दुकानदार— सभी का संघर्ष कहीं न कहीं दो जून की रोटी से जुड़ा है। सुबह सूरज निकलने से पहले घर से निकलना और शाम को थके कदमों से लौटना, उनके जीवन की रोजमर्रा की कहानी है।</p>
<p>आज विज्ञान और तकनीक के इस आधुनिक युग में जहां एक ओर देश चांद और मंगल तक पहुंच रहा है, वहीं दूसरी ओर समाज का एक बड़ा वर्ग अभी भी पेट भरने की जद्दोजहद में लगा हुआ है। महंगाई, बेरोजगारी और संसाधनों की असमानता ने गरीब और मध्यम वर्ग की चुनौतियों को और बढ़ा दिया है। कई परिवार ऐसे हैं जिनके लिए दो वक्त का भोजन जुटाना भी किसी युद्ध जीतने से कम नहीं।</p>
<p>दो जून की रोटी केवल आर्थिक मुद्दा नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय का भी प्रश्न है। जब कोई बच्चा भूखे पेट सोता है, तो यह केवल उसके परिवार की विफलता नहीं होती, बल्कि पूरे समाज और व्यवस्था के लिए चिंता का विषय होता है। भूख इंसान की सबसे बड़ी मजबूरी है और जब पेट खाली होता है तो सपने, शिक्षा और विकास की बातें पीछे छूट जाती हैं।</p>
<p>हालांकि सरकारों द्वारा विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाएं चलाई जा रही हैं। राशन वितरण, मनरेगा, गरीब कल्याण योजनाएं और सामाजिक सुरक्षा कार्यक्रम लाखों लोगों को राहत पहुंचा रहे हैं। लेकिन यह भी सच है कि जब तक हर व्यक्ति को सम्मानजनक रोजगार और पर्याप्त आय उपलब्ध नहीं होगी, तब तक दो जून की रोटी का संघर्ष पूरी तरह समाप्त नहीं हो सकेगा।</p>
<p>समाज के सक्षम वर्ग की भी जिम्मेदारी है कि वह जरूरतमंदों की मदद के लिए आगे आए। किसी भूखे को भोजन कराना केवल दान नहीं, बल्कि मानवता का सबसे बड़ा धर्म है। हमें यह समझना होगा कि किसी की थाली में भोजन पहुंचाना, उसके जीवन में उम्मीद पहुंचाने जैसा है।</p>
<p>दो जून की रोटी की अहमियत वही समझ सकता है जिसने भूख की पीड़ा महसूस की हो। जिन लोगों के घरों में भोजन आसानी से उपलब्ध है, उन्हें कभी उन हाथों को भी देखना चाहिए जो दिनभर मेहनत करके भी अपने परिवार के लिए पर्याप्त भोजन नहीं जुटा पाते। यह संवेदनशीलता ही एक बेहतर समाज की पहचान है।</p>
<p>अंततः, दो जून की रोटी केवल पेट भरने का साधन नहीं, बल्कि इंसान के सम्मान, आत्मनिर्भरता और जीवन के अधिकार का प्रतीक है। जब देश का हर नागरिक बिना किसी चिंता के अपने परिवार के लिए दो वक्त की रोटी जुटाने में सक्षम होगा, तभी सच्चे अर्थों में समृद्ध और विकसित भारत का सपना साकार होगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>संपादकीय</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 02 Jun 2026 23:27:09 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[दया शंकर त्रिपाठी ]]></dc:creator>
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                <title>खरीफ में बीज प्राप्त करने हेतु कृषि विभाग पोर्टल पर 10 मई तक ऑनलाइन बुकिंग करें</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>प्रतापगढ़। </strong>उप कृषि निदेशक विनोद कुमार यादव ने बताया है कि खरीफ-2026 में समस्त फसलो हेतु निःशुल्क मिनीकिट, सामान्य/प्रमाणित एवं संकर बीज अनुदान पर प्राप्त करने हेतु कृषि विभाग के पोर्टल पर आनॅलाइन आवेदन/बुकिंग 22 अप्रैल से प्रारम्भ है। ऑनलाइन आवेदकों के मध्य लक्ष्य से अधिक आवेदन प्राप्त होने की दशा में आनॅलाइन लॉटरी के माध्यम से लाभार्थियों का चयन किया जायेगा।</div>
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<div style="text-align:justify;">चयनित कृषकों को पीओएस मशीन के माध्यम से राजकीय कृषि बीज भण्डारों से बीज वितरित कराया जायेगा। इच्छुक कृषक निःशुल्क बीज मिनीकिट प्राप्त करने हेतु विभाग के पोर्टल   पर अपना ऑनलाइन  10 मई तक आवेदन अवश्य करें। उन्होंने</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/178347/to-get-seeds-in-kharif-make-online-booking-on-agriculture"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-05/img-20260505-wa0072.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>प्रतापगढ़। </strong>उप कृषि निदेशक विनोद कुमार यादव ने बताया है कि खरीफ-2026 में समस्त फसलो हेतु निःशुल्क मिनीकिट, सामान्य/प्रमाणित एवं संकर बीज अनुदान पर प्राप्त करने हेतु कृषि विभाग के पोर्टल पर आनॅलाइन आवेदन/बुकिंग 22 अप्रैल से प्रारम्भ है। ऑनलाइन आवेदकों के मध्य लक्ष्य से अधिक आवेदन प्राप्त होने की दशा में आनॅलाइन लॉटरी के माध्यम से लाभार्थियों का चयन किया जायेगा।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">चयनित कृषकों को पीओएस मशीन के माध्यम से राजकीय कृषि बीज भण्डारों से बीज वितरित कराया जायेगा। इच्छुक कृषक निःशुल्क बीज मिनीकिट प्राप्त करने हेतु विभाग के पोर्टल   पर अपना ऑनलाइन  10 मई तक आवेदन अवश्य करें। उन्होंने बताया कि कृषि विभाग की समस्त योजनाओ का लाभ प्राप्त करने के लिए फार्मर रजिस्ट्री अनिवार्य कर दी गयी है, जिसके क्रम में जनपद के समस्त किसानों से अनुरोध है कि वह अपनी फार्मर रजिस्ट्री अवश्य करा लें।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>आपका शहर</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 06 May 2026 18:51:25 +0530</pubDate>
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