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                <title>narendra modi - Swatantra Prabhat</title>
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                <description>narendra modi RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>सनातन धर्म पर टिप्पणी को लेकर उदयनिधि स्टालिन के खिलाफ कार्रवाई की मांग</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>अलीगंज डांडिया।</strong> सनातन धर्म को लेकर तमिलनाडु सरकार के मंत्री Udhayanidhi Stalin द्वारा दिए गए कथित बयान पर विरोध लगातार तेज होता जा रहा है। इसी क्रम में एक अधिवक्ता ने प्रधानमंत्री Narendra Modi को शिकायत पत्र भेजकर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।</p>
<p style="text-align:justify;">अधिवक्ता ने आरोप लगाया कि सनातन धर्म के विरुद्ध लगातार की जा रही कथित “हेट स्पीच” करोड़ों लोगों की धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाली है। उनका कहना है कि किसी संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति द्वारा इस प्रकार की टिप्पणी समाज में विद्वेष फैलाने का कार्य करती है, जिसे गंभीरता से लिया जाना चाहिए।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/179229/demand-for-action-against-udhayanidhi-stalin-for-his-comment-on"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-05/whatsapp-image-2026-05-13-at-10.49.16-pm.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>अलीगंज डांडिया।</strong> सनातन धर्म को लेकर तमिलनाडु सरकार के मंत्री Udhayanidhi Stalin द्वारा दिए गए कथित बयान पर विरोध लगातार तेज होता जा रहा है। इसी क्रम में एक अधिवक्ता ने प्रधानमंत्री Narendra Modi को शिकायत पत्र भेजकर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।</p>
<p style="text-align:justify;">अधिवक्ता ने आरोप लगाया कि सनातन धर्म के विरुद्ध लगातार की जा रही कथित “हेट स्पीच” करोड़ों लोगों की धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाली है। उनका कहना है कि किसी संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति द्वारा इस प्रकार की टिप्पणी समाज में विद्वेष फैलाने का कार्य करती है, जिसे गंभीरता से लिया जाना चाहिए।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा कि एक सजग नागरिक और अधिवक्ता होने के नाते उन्होंने प्रधानमंत्री को औपचारिक शिकायत पत्र प्रेषित कर मामले में कठोर कानूनी कार्रवाई की मांग की है। साथ ही उन्होंने कहा कि कानून के शासन में समाज में नफरत फैलाने वालों के लिए कोई स्थान नहीं होना चाहिए।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 14 May 2026 17:11:05 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>राष्ट्रहित और जनहित के कार्य करने वालों को ही जनादेश</title>
                                    <description><![CDATA[<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">देश में हाल ही में पाँच राज्यों में संपन्न हुए विधानसभा चुनावों के परिणामों की यदि ईमानदारी से व्याख्या की जाए</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो यह स्पष्ट दिखाई देता है कि जनता ने उन्हीं दलों और नेताओं को जनादेश दिया है जिनकी छवि साफ</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">स्वच्छ और ईमानदार रही है।</span><span lang="hi" xml:lang="hi">  </span><span lang="hi" xml:lang="hi">भारतीय जनता पार्टी को बिहार के बाद पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में जो व्यापक जनसमर्थन मिला</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">उसके पीछे केंद्र की</span><span lang="hi" xml:lang="hi">  </span><span lang="hi" xml:lang="hi">भाजपा  की नरेंद्र मोदी  </span><span lang="hi" xml:lang="hi">सरकार की राष्ट्रहित और जनहित में कार्य करने वाली नीतियों की बड़ी भूमिका रही है। इन नीतियों के कारण देश न केवल आंतरिक रूप से</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि</span></p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/178740/mandate-only-for-those-working-in-national-interest-and-public"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-05/hindi-divas2.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">देश में हाल ही में पाँच राज्यों में संपन्न हुए विधानसभा चुनावों के परिणामों की यदि ईमानदारी से व्याख्या की जाए</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो यह स्पष्ट दिखाई देता है कि जनता ने उन्हीं दलों और नेताओं को जनादेश दिया है जिनकी छवि साफ</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">स्वच्छ और ईमानदार रही है।</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">भारतीय जनता पार्टी को बिहार के बाद पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में जो व्यापक जनसमर्थन मिला</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">उसके पीछे केंद्र की</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">भाजपा  की नरेंद्र मोदी  </span><span lang="hi" xml:lang="hi">सरकार की राष्ट्रहित और जनहित में कार्य करने वाली नीतियों की बड़ी भूमिका रही है। इन नीतियों के कारण देश न केवल आंतरिक रूप से</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि वैश्विक स्तर पर भी अधिक मजबूत और सशक्त हुआ है।</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">विधानसभा चुनावों के परिणाम देश के राजनीतिक दलों और नेताओं के लिए यह स्पष्ट संदेश है कि इक्कीसवीं सदी के आधुनिक और जागरूक भारत में जात-पात और धर्म के नाम पर राजनीति कर सत्ता प्राप्त करना अब आसान नहीं रहा।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">आज का मतदाता पंच से लेकर प्रधानमंत्री तक के चुनाव में विकास</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">सुरक्षा और सुशासन की गारंटी चाहता है। वह उसी व्यक्ति और दल को अपना समर्थन देता है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जो उसकी अपेक्षाओं पर खरा उतरता है।</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">भारत में डेढ़-दो दशक पहले तक कई राज्यों में जातिवाद और धर्म आधारित राजनीति के सहारे सरकारें बनती रही हैं। इसका परिणाम यह हुआ कि प्राकृतिक संसाधनों और व्यापारिक संभावनाओं से सम्पन्न कई राज्य भी भय</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">भूख और भ्रष्टाचार के प्रतीक बनकर रह गए।</span><span lang="hi" xml:lang="hi">  </span><span lang="hi" xml:lang="hi">केंद्र में प्रधानमंत्री</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">नरेंद्र मोदी </span><span lang="hi" xml:lang="hi">के नेतृत्व में सरकार बनने के बाद देश की राजनीति में बड़ा परिवर्तन देखने को मिला है। जाति और धर्म की राजनीति करने वाले दलों का जनाधार लगातार कमजोर पड़ता दिखाई दे रहा है। प्रधानमंत्री मोदी की नीतियों और उनकी व्यक्तिगत ईमानदार छवि के कारण भारत आज विश्व की तीसरी सबसे बड़ी आर्थिक शक्ति बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। देश आंतरिक और बाहरी दोनों स्तरों पर अधिक सुरक्षित</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">सक्षम और आत्मनिर्भर बनता जा रहा है।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">आज यदि देश के दो दर्जन के आसपास राज्यों में</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">भाजपा </span><span lang="hi" xml:lang="hi">अथवा उसके सहयोगी दलों की सरकारें है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो इसके पीछे केंद्र सरकार की विश्वसनीय और जनहितकारी छवि का महत्वपूर्ण योगदान है। इस नेतृत्व ने देशवासियों के मन में व्याप्त भय</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">भूख और भ्रष्टाचार के वातावरण को कम करने का प्रयास किया है तथा विकसित और सुरक्षित भारत का विश्वास जगाया है। लगातार आ रहे विधानसभा चुनावों के परिणाम विपक्षी दलों के लिए भी एक स्पष्ट संदेश हैं। यदि उन्हें राजनीति में प्रासंगिक बने रहना है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो जात-पात और धर्म की संकीर्ण राजनीति से ऊपर उठकर विकास</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">रोजगार</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">सुरक्षा और जनकल्याण जैसे मुद्दों पर जनता का विश्वास जीतना होगा।</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">दरअसल</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">आज देश का मतदाता स्वार्थ और तुष्टिकरण की राजनीति से अधिक राष्ट्रहित</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">विकास और सुशासन को महत्व देने लगा है। यही कारण है कि केवल सत्ता प्राप्ति के उद्देश्य से की जाने वाली राजनीति को जनता लगातार नकारती जा रही है।</span></p>
<p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi"><strong>अरविंद रावल</strong></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                            <category>संपादकीय</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 09 May 2026 17:58:56 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>जिले में दुल्लभछड़ा रेलवे स्टेशन का विकास ठप: कागज़ों में अपग्रेड, ज़मीन पर कुछ नहीं</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>श्रीभूमि :</strong> देश में वर्तमान सरकार द्वारा रेलवे के आधुनिकीकरण और यात्रियों की सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। कई स्टेशनों पर नई सुविधाएँ विकसित की जा रही हैं और आधारभूत ढांचे को मजबूत करने के दावे भी किए जा रहे हैं। लेकिन इन सबके बीच असम श्रीभूमि जिले का दुल्लभछड़ा रेलवे स्टेशन अब भी विकास की राह देख रहा है। जानकारी के अनुसार, इस स्टेशन के उन्नयन को लेकर आधिकारिक आदेश भी जारी किया गया था।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">असम के श्रीभूमि जिले स्थित दुल्लभछड़ा रेलवे स्टेशन के प्रस्तावित विकास कार्यों में हो रही देरी को</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/176985/development-of-dulabhchhada-railway-station-stalled-in-the-district-upgrade"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-04/1001445410.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>श्रीभूमि :</strong> देश में वर्तमान सरकार द्वारा रेलवे के आधुनिकीकरण और यात्रियों की सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। कई स्टेशनों पर नई सुविधाएँ विकसित की जा रही हैं और आधारभूत ढांचे को मजबूत करने के दावे भी किए जा रहे हैं। लेकिन इन सबके बीच असम श्रीभूमि जिले का दुल्लभछड़ा रेलवे स्टेशन अब भी विकास की राह देख रहा है। जानकारी के अनुसार, इस स्टेशन के उन्नयन को लेकर आधिकारिक आदेश भी जारी किया गया था।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">असम के श्रीभूमि जिले स्थित दुल्लभछड़ा रेलवे स्टेशन के प्रस्तावित विकास कार्यों में हो रही देरी को लेकर स्थानीय यात्रियों और निवासियों में भारी नाराज़गी देखी जा रही है। गत जुलाई 2025 में रेलवे उपमंत्री कार्यालय द्वारा जारी एक आदेश में इस स्टेशन को “हॉल्ट स्टेशन” से “फ्लैग स्टेशन” में अपग्रेड करने की घोषणा की गई थी। इस संबंध में आधिकारिक पत्र भी जारी किया गया था। हालाँकि, स्थानीय लोगों का आरोप है कि इस घोषणा के बावजूद अब तक किसी भी प्रकार का ठोस विकास कार्य ज़मीन पर शुरू नहीं हुआ है। स्टेशन पर आज भी बुनियादी सुविधाओं का अभाव बना हुआ है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">यात्रियों को फुट ओवर ब्रिज, शौचालय, पेयजल सुविधा और प्रतीक्षालय जैसी आवश्यक सुविधाओं के बिना ही यात्रा करने को मजबूर होना पड़ रहा है। स्थानीय लोकप्रिय सांसद कृपानाथ मालाह द्वारा भी लंबे समय से स्टेशन के विकास के लिए प्रयास किए जाने की बात सामने आई है, लेकिन अब तक इन प्रयासों का अपेक्षित परिणाम नहीं दिख रहा है। लोगों का कहना है कि स्टेशन केवल कागज़ों में ही “फ्लैग स्टेशन” के रूप में दर्ज है, जबकि वास्तविक स्थिति जस की तस बनी हुई है। देशभर में रेलवे स्टेशनों के आधुनिकीकरण की कई योजनाएँ चल रही हैं,</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">लेकिन कई स्थानों पर कार्य की धीमी गति को लेकर शिकायतें लगातार सामने आती रही हैं। दुल्लभछड़ा स्टेशन का मामला भी इसी श्रेणी में आता नजर आ रहा है। इस स्थिति को देखते हुए स्थानीय लोगों ने भारत के लोकप्रिय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव और स्थानीय सांसद कृपानाथ मालाह सहित संबंधित प्रशासन से जल्द हस्तक्षेप करने की मांग की है, ताकि घोषित विकास कार्यों को जल्द से जल्द ज़मीन पर उतारा जा सके। स्टेशन के उन्नयन की घोषणा के बावजूद कार्य शुरू न होने से यात्रियों में असंतोष लगातार बढ़ता जा रहा है और अब यह मुद्दा जनदबाव का रूप लेता जा रहा है।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>असम हिमाचल प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 22 Apr 2026 21:19:59 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>महिला आरक्षण विधेयक पर पीएम मोदी कर रहे राजनैतिक ड्रामा-प्रमोद तिवारी</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>लालगंज, प्रतापगढ़।</strong> राज्यसभा में विपक्ष के उपनेता प्रमोद तिवारी एवं प्रदेश कांग्रेस विधान मण्डल दल की नेता आराधना मिश्रा मोना ने महिला आरक्षण विधेयक को लेकर रविवार को प्रधानमंत्री को आड़े हाथों लिया है। सांसद प्रमोद तिवारी एवं विधायक मोना ने कहा कि महिला आरक्षण विधेयक को लेकर संविधान संशोधन का प्रधानमंत्री मोदी का प्रयास देश की जनता के साथ छल व धोखा तथा राजनीतिक ड्रामा है। उन्होंने कहा कि स्पीकर और पार्टी अध्यक्ष के साथ राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ में प्रधानमंत्री को चुनौती है कि वह इसका प्रमुख किसी सक्षम महिला को बनायें।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">सांसद प्रमोद तिवारी ने कहा कि</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/176627/pm-modi-is-doing-political-drama-on-womens-reservation-bill"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-04/img-20260325-wa0044(1).jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>लालगंज, प्रतापगढ़।</strong> राज्यसभा में विपक्ष के उपनेता प्रमोद तिवारी एवं प्रदेश कांग्रेस विधान मण्डल दल की नेता आराधना मिश्रा मोना ने महिला आरक्षण विधेयक को लेकर रविवार को प्रधानमंत्री को आड़े हाथों लिया है। सांसद प्रमोद तिवारी एवं विधायक मोना ने कहा कि महिला आरक्षण विधेयक को लेकर संविधान संशोधन का प्रधानमंत्री मोदी का प्रयास देश की जनता के साथ छल व धोखा तथा राजनीतिक ड्रामा है। उन्होंने कहा कि स्पीकर और पार्टी अध्यक्ष के साथ राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ में प्रधानमंत्री को चुनौती है कि वह इसका प्रमुख किसी सक्षम महिला को बनायें।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">सांसद प्रमोद तिवारी ने कहा कि इस विधेयक को लेकर भाजपा की नीति और नियति कभी सही नहीं रही है। उन्होंने कहा कि महिला आरक्षण विधेयक की आड़ में परिसीमन पर संशोधन को लेकर आखिर संसद सत्र के पूर्व सरकार ने सर्वदलीय बैठक नहीं बुलायी। सांसद प्रमोद तिवारी ने कहा कि 2023 में महिला आरक्षण विधेयक पर कांग्रेस समेत सम्पूर्ण विपक्ष ने समर्थन देकर पारित करा दिया पास हुए विधेयक को तीन साल तक आखिर अमल में नहीं लाया गया।सांसद प्रमोद तिवारी ने कहा कि संविधान को समझने वाला हर देशवासी आज विपक्ष का आभारी है कि उसने संविधान संशोधन के जरिये सत्ता में बने रहने के लिए भाजपा के षड़यंत्र को विफल कर दिया है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">सांसद प्रमोद तिवारी ने कहा कि कड़वी सच्चाई यह है कि तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में चुनाव को देखकर मोदी सरकार ने महिला आरक्षण विधेयक के नाम पर सिर्फ राजनैतिक स्टंट खड़ा करने का प्रयास किया है।वहीं प्रदेश कांग्रेस विधान मण्डल दल की नेता आराधना मिश्रा मोना ने कहा कि विपक्ष ने एक जुट होकर संविधान की रक्षा की है।उन्होंने कहा कि उन्नाव पीड़िता को भाजपा द्वारा संरक्षण देने और हाथरस की बेटी को इंसाफ दिलाने में विफलता को लेकर पीएम मोदी को क्षमा याचना करनी चाहिए।उन्होंने कहा कि राजीव गांधी ने पंचायत में महिलाओं को आरक्षण का कानून पेश किया तब भाजपा ने ही उस समय इस आरक्षण का विरोध किया था।सांसद प्रमोद तिवारी एवं विधायक मोना का संयुक्त बयान रविवार को मीडिया प्रभारी ज्ञान प्रकाश शुक्ल के हवाले से निर्गत हुआ है।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 19 Apr 2026 20:11:55 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>राहुल गांधी बोले- महिला आरक्षण के नाम पर ओबीसी का हिस्सा चोरी करना चाहते हैं- प्रधानमंत्री मोदी</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><span style="font-family:mangal, serif;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज- </strong></span>लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने बुधवार को आरोप लगाया कि पीएम मोदी महिला आरक्षण के नाम पर अन्य पिछड़ा वर्गों (ओबीसी) का हिस्सा चोरी करना चाहते हैं, जो ‘राष्ट्र विरोधी गतिविधि’ है। राहुल गांधी ने लोकसभा में महिला आरक्षण से जुड़ा संवैधानिक संशोधन विधेयक पेश किए जाने से एक दिन पहले जारी वीडियो संदेश में कहा कि अगर सरकार महिला आरक्षण लागू करना चाहती है,</p>
<p style="text-align:justify;">  तो वह वर्तमान नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लागू कर सकती है और परिसीमन भी नयी जनगणना के आधार पर होना चाहिए, क्योंकि उसमें ओबीसी की आबादी का आंकड़ा होगा।कांग्रेस</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/176407/rahul-gandhi-said-wants-to-steal-obcs-share-in"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-04/154086465.webp" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><span style="font-family:mangal, serif;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज- </strong></span>लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने बुधवार को आरोप लगाया कि पीएम मोदी महिला आरक्षण के नाम पर अन्य पिछड़ा वर्गों (ओबीसी) का हिस्सा चोरी करना चाहते हैं, जो ‘राष्ट्र विरोधी गतिविधि’ है। राहुल गांधी ने लोकसभा में महिला आरक्षण से जुड़ा संवैधानिक संशोधन विधेयक पेश किए जाने से एक दिन पहले जारी वीडियो संदेश में कहा कि अगर सरकार महिला आरक्षण लागू करना चाहती है,</p>
<p style="text-align:justify;"> तो वह वर्तमान नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लागू कर सकती है और परिसीमन भी नयी जनगणना के आधार पर होना चाहिए, क्योंकि उसमें ओबीसी की आबादी का आंकड़ा होगा।कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष ने कहा कि उनकी पार्टी महिला आरक्षण का पूरी तरह से समर्थन करती है, लेकिन सरकार इसके नाम पर कुछ और करना चाहती है।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने दावा किया, ‘‘अब बहुत बड़ी बेईमानी की जा रही है। प्रधानमंत्री नहीं चाहते हैं कि जाति जनगणना और नयी जनगणना के आधार पर यह (महिला आरक्षण) निर्णय लिया जाए। प्रधानमंत्री आपकी (ओबीसी) भागीदारी आप से छीन रहे हैं। वह चाहते हैं कि 2011 की जनगणना का इस्तेमाल किया जाए, जिसमें अन्य पिछड़ा वर्गों की संख्या नहीं है। वह आपकी (ओबीसी) भागीदारी छीनना चाहते हैं।’’</p>
<p style="text-align:justify;">राहुल गांधी ने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री मोदी, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) और भारतीय जनता पार्टी के लोग घबरा गए हैं, क्योंकि जाति जनगणना के आंकड़े आना शुरू हो गए हैं। उन्हें पता लग गया है कि पिछड़ों की कितनी आबादी है। वे नहीं चाहते कि आपको (ओबीसी) आबादी के हिसाब से भागीदारी मिले। यह राष्ट्र-विरोधी गतिविधि है।’’</p>
<p style="text-align:justify;">कांग्रेस नेता ने प्रस्तावित परिसीमन को ‘‘खतरनाक’’ करार दिया और कहा, ‘‘सच्चाई यह है कि मोदी जी जो चाहते हैं, अगर वह हो जाए, तो उससे दक्षिण के राज्यों, पश्चिम के छोटे राज्यों और पूर्वोत्तर के राज्यों को भयंकर नुकसान होगा। यह राष्ट्र-विरोधी गतिविधि है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘हमारा रुख है कि आप (प्रधानमंत्री) 2026 में हो रही जनगणना के आधार पर (परिसीमन) कीजिए और 2011 की जनगणना के आधार पर मत कीजिए, क्योंकि उसमें ओबीसी का आंकड़ा नहीं है।’’</p>
<p style="text-align:justify;">राहुल गांधी ने कहा, ‘‘अगर आप (प्रधानमंत्री) महिला आरक्षण अधिनियम लागू करना चाहते हैं, तो आपके पास एक अधिनियम पड़ा हुआ है, उसे लागू कीजिए। हम पूरा समर्थन करेंगे। मगर हम आपको अन्य पिछड़ा वर्गों, दक्षिण भारतीय राज्यों और छोटे प्रदेशों के खिलाफ काम नहीं करने देंगे।’’</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा, ‘‘मोदी जी, मैं समझता हूं कि आप देश को यह संदेश देना चाहते हैं कि आप महिला समर्थक हैं। मैं जानता हूं कि आप एप्स्टीन फाइल से डरे हुए हैं।’ राहुल गांधी ने कहा, ‘‘आप चाहते हैं कि आपके मुताबिक सीटें बढ़ें, आपके मुताबिक परिसीमन हो और ओबीसी को कुछ नहीं मिले। हम आपको ऐसा नहीं करने देंगे।’’</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 16 Apr 2026 21:01:26 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>इफको द्वारा देशव्यापी नैनो उर्वरक जागरूकता महा अभियान की शुरुआत</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>दया शंकर त्रिपाठी की रिपोर्ट</strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज।</strong> इफको द्वारा देशव्यापी नैनो उर्वरक जागरूकता महा अभियान की शुरुआत। इफको के अध्यक्ष दिलीप संघाणी ने दिल्ली से 5 नैनो प्रचार वैन को हरी झंडी दिखाकर  शुभारंभ किया।  संघाणी ने पत्रकार वार्ता में जानकारी देते हुए बताया कि यह अभियान देश के 19 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 560 जिलों और 3,477 तहसीलों में व्यापक रूप से संचालित किया जाएगा । उन्होंने बताया किनैनो NPK लिक्विड (8-8-10) और नैनो NPK ग्रेन्युलर (20-10-10) को भारत के उर्वरक नियंत्रण आदेश (FCO) में औपचारिक रूप से शामिल किया गया है।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-04/10017075881.jpg" alt="इफको द्वारा देशव्यापी नैनो उर्वरक जागरूकता महा अभियान की शुरुआत" width="1200" height="800" /></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">भारत की सबसे बड़ी उर्वरक</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/175845/iffco-launches-nationwide-nano-fertilizer-awareness-campaign"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-04/10017075891.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>दया शंकर त्रिपाठी की रिपोर्ट</strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज।</strong> इफको द्वारा देशव्यापी नैनो उर्वरक जागरूकता महा अभियान की शुरुआत। इफको के अध्यक्ष दिलीप संघाणी ने दिल्ली से 5 नैनो प्रचार वैन को हरी झंडी दिखाकर  शुभारंभ किया।  संघाणी ने पत्रकार वार्ता में जानकारी देते हुए बताया कि यह अभियान देश के 19 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 560 जिलों और 3,477 तहसीलों में व्यापक रूप से संचालित किया जाएगा । उन्होंने बताया किनैनो NPK लिक्विड (8-8-10) और नैनो NPK ग्रेन्युलर (20-10-10) को भारत के उर्वरक नियंत्रण आदेश (FCO) में औपचारिक रूप से शामिल किया गया है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-04/10017075881.jpg" alt="इफको द्वारा देशव्यापी नैनो उर्वरक जागरूकता महा अभियान की शुरुआत" width="1200" height="800"></img></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">भारत की सबसे बड़ी उर्वरक सहकारी संस्था, ने आधिकारिक रूप से इफको नैनो उर्वरक जागरूकता महा अभियान का शुभारंभ किया। इस अवसर पर इफको के अध्यक्ष दिलीप संघाणी ने प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि यह एक व्यापकऔर एकीकृत राष्ट्रीय जागरूकता अभियान है, जिसका उद्देश्य भारतीय किसानों में नैनो उर्वरकों के उपयोग को बढ़ावा देना है। यह अभियान  प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अ मित शाह की प्रेरणा से शुरू किया गया है और ‘आत्मनिर्भर भारत’ तथा ‘सहकार से समृद्धि’ जैसे राष्ट्रीय मिशनों के अनुरूप है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">भारत के राजपत्र के उर्वरक नियंत्रण आदेश (FCO) में नैनो NPK लिक्विड (8-8-10) और नैनो NPK ग्रेन्युलर (20-10-10) को शामिल किया जाना भारतीय कृषि नवाचार यात्रा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर बताया गया, जो भारतीय सहकारिता के लिए गर्व का क्षण है। उन्होंने आगे बताया कि कोयंबटूर स्थित इफको-नैनोवेंशन्स में इफको का इनोवेशन हब तथा ब्राज़ील में स्थापित होने वाला नैनो उर्वरक उत्पादन संयंत्र — जो जून 2026 तक शुरू होने की संभावना है — कृषि क्षेत्र में नैनो तकनीक के क्षेत्र में भारत की बढ़ती वैश्विक क्षमता का प्रतीक है। संघाणी ने कहा कि भारत आज एक ऐसे ऐतिहासिक मोड़ पर खड़ा</div>
<div style="text-align:justify;">है, जहां परंपरा और तकनीक का संगम हो रहा है, और यही संयोजन भारतीय कृषि को नई दिशा दे रहा है। </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में गठित सहकारिता मंत्रालय का संचालन देश के प्रथम सहकारिता मंत्री अमित शाह कर रहे हैं। ‘सहकार से समृद्धि’ का मंत्र इस अभियान की भावना को पूर्ण रूप से प्रतिबिंबित करता है और ‘आत्मनिर्भर भारत, आत्मनिर्भर कृषि’ के लक्ष्य को साकार करता है। संघाणी ने नैनो उर्वरक क्रांति को भारतीय कृषि के लिएपरिवर्तनकारी क्षण बताया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इस नैनो महा अभियान को राष्ट्रीय स्तर पर जागरूकता और परिवर्तन अभियान के रूप में तैयार किया गया है, जिसके चार मुख्य उद्देश्य हैं—</div>
<div style="text-align:justify;"> नैनो यूरिया प्लस, नैनो DAP, नैनो NPK, नैनो जिंक और नैनो कॉपर</div>
<div style="text-align:justify;">का व्यापक प्रचार</div>
<div style="text-align:justify;"> किसानों को मुख्य रूप से फोलियर स्प्रे के माध्यम से सही उपयोग का</div>
<div style="text-align:justify;">प्रशिक्षण देना</div>
<div style="text-align:justify;"> पारंपरिक उर्वरकों पर निर्भरता कम करनासहकारी नेटवर्क के माध्यम से अंतिम स्तर तक पहुंच सुनिश्चित करना।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">उन्होंने कहा, “ग्राम स्तर पर जागरूकता अभियान, प्रत्येक PACS को मजबूत बनाकर और क्षेत्रीय प्रदर्शन के माध्यम से आगे बढ़ाना होगा। जब किसान स्वयं परिणाम देखेंगे, तब विश्वास स्वतः बढ़ेगा।” अपने संबोधन के अंत में श्री दिलीप संघाणी ने इस अभियान को जनआंदोलन बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि नैनो उर्वरक केवल एक उत्पाद नहीं, बल्कि भूमि और पर्यावरण की सुरक्षा तथा किसानों की आय</div>
<div style="text-align:justify;">बढ़ाने का प्रभावी माध्यम है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">उन्होंने कहा, “आइए हम सब मिलकर संकल्प लें — कम लागत, अधिक उत्पादन और स्वस्थ पर्यावरण — हर खेत में नैनो उर्वरक, यही नया भारत है, यही आत्मनिर्भर भारत है।” इफको ने 218 लाख से अधिक बोतल नैनो यूरिया प्लस लिक्विड और</div>
<div style="text-align:justify;">64.26 लाख से अधिक बोतल नैनो DAP लिक्विड की बिक्री हासिल की है। नैनो जिंक और नैनो कॉपर उत्पादों को भी पहले वर्ष में क्रमशः 57 लाख और 2 लाख बोतलों की प्रभावशाली बिक्री प्राप्त हुई है। यह उल्लेखनीय है कि नैनो यूरिया प्लस की 208.26 लाख बोतलें पारंपरिक यूरिया के 9.37 लाख मीट्रिक टन के बराबर हैं, जबकि नैनो DAP की 57.89 लाख बोतलें DAP के 2.89 लाख मीट्रिक टन के बराबर हैं, जिससे देश को लॉजिस्टिक्स, ऊर्जा और आयात लागत मेंs भारी बचत हो रही है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इफको की नैनो उर्वरक श्रृंखला में नैनो यूरिया प्लस, नैनो DAP, नैनो NPK (लिक्विड और ग्रेन्युलर), नैनो जिंक, नैनो कॉपर और जैव-उत्तेजक ‘धरा अमृत’ शामिल हैं। ‘धरा अमृत’ — जो अमीनो एसिड, एल्जिनिक एसिड, ह्यूमिक एसिड, आवश्यक खनिज और केले के रस से समृद्ध है — लॉन्च के बाद से किसानों में तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए इफको का कर-पूर्व लाभ ₹4,200 करोड़ के ऐतिहासिक स्तर से अधिक रहने का अनुमान है। नैनो तकनीक, ड्रोन तकनीक, AI और डेटा विश्लेषण में निरंतर नवाचार के माध्यम से इफको भारत के कृषि-खाद्य क्षेत्र को रूपांतरित कर रहा है और ‘सहकार से समृद्धि’ के लक्ष्य को आगे बढ़ा रहा है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">
<div>
<div>संघाणी ने पत्रकार वार्ता में जानकारी देते हुए बताया कि यह अभियान देश के 19 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 560 जिलों और 3,477 तहसीलों में व्यापक रूप से संचालित किया जाएगा । उन्होंने बताया किनैनो NPK लिक्विड (8-8-10) और नैनो NPK ग्रेन्युलर (20-10-10) को भारत के उर्वरक नियंत्रण आदेश (FCO) में औपचारिक रूप से शामिल किया गया इस अवसर पर इफको के प्रबंध निदेशक श्री के. जे. पटेल सहित निदेशक मंडल के सदस्य उपस्थित थे।</div>
</div>
</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 12 Apr 2026 19:25:29 +0530</pubDate>
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                <title>बंगाल चुनाव में भरोसे का दांव और लोकतंत्र में संवाद की सशक्त झलक</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;">पश्चिम बंगाल का विधानसभा चुनाव इस समय एक निर्णायक मोड़ पर खड़ा है जहां राजनीतिक संघर्ष केवल सत्ता प्राप्ति तक सीमित नहीं रह गया है बल्कि यह विश्वास और पहचान की व्यापक परीक्षा बन गया है। इसी संदर्भ में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्य की राजनीति को भरोसे की दिशा में मोड़ने का प्रयास किया है। उन्होंने पूर्व बर्द्धमान के कटवा मुर्शिदाबाद के जंगीपुर और दक्षिण दिनाजपुर के कुशमंडी में आयोजित जनसभाओं में जनता से संवाद करते हुए ममता बनर्जी  सरकार के पंद्रह वर्षों के कार्यकाल को अन्याय का काल बताया और केवल पांच वर्षों का अवसर मांगा।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">प्रधानमंत्री ने</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/175843/bet-on-trust-in-bengal-elections-and-a-powerful-glimpse"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-04/hindi-divas8.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;">पश्चिम बंगाल का विधानसभा चुनाव इस समय एक निर्णायक मोड़ पर खड़ा है जहां राजनीतिक संघर्ष केवल सत्ता प्राप्ति तक सीमित नहीं रह गया है बल्कि यह विश्वास और पहचान की व्यापक परीक्षा बन गया है। इसी संदर्भ में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्य की राजनीति को भरोसे की दिशा में मोड़ने का प्रयास किया है। उन्होंने पूर्व बर्द्धमान के कटवा मुर्शिदाबाद के जंगीपुर और दक्षिण दिनाजपुर के कुशमंडी में आयोजित जनसभाओं में जनता से संवाद करते हुए ममता बनर्जी  सरकार के पंद्रह वर्षों के कार्यकाल को अन्याय का काल बताया और केवल पांच वर्षों का अवसर मांगा।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">प्रधानमंत्री ने अपने भाषणों में अवैध घुसपैठ के मुद्दे को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में वोट बैंक की राजनीति के कारण घुसपैठ को बढ़ावा मिला है। उन्होंने कहा कि यह स्थिति अब गंभीर रूप ले चुकी है और राज्य की सामाजिक संरचना को प्रभावित कर रही है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि उनकी सरकार बनती है तो इस समस्या का समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा और राज्य की पहचान को सुरक्षित रखा जाएगा।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">प्रधानमंत्री ने चुनाव को बंगाल की पहचान को बचाने की लड़ाई के रूप में प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि राज्य के कुछ हिस्सों में तेजी से जनसंख्या परिवर्तन हो रहा है जो भविष्य के लिए चिंता का विषय है। उन्होंने तृणमूल कांग्रेस पर आरोप लगाया कि वह अपने मूल नारे से हटकर अब केवल सत्ता बनाए रखने के लिए नए समीकरणों पर निर्भर हो गई है। यह बयान मतदाताओं को भावनात्मक रूप से जोड़ने का प्रयास भी माना जा रहा है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">कानून व्यवस्था और भ्रष्टाचार के मुद्दे पर भी प्रधानमंत्री ने कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि जो लोग जनता का हक खाएंगे उनके लिए अब सम्मान नहीं होगा बल्कि जेल के दरवाजे खुलेंगे। उन्होंने शिक्षक भर्ती घोटाले जैसे मामलों का उल्लेख करते हुए कहा कि उनकी सरकार बनने पर सभी मामलों की जांच कराई जाएगी और जनता के सामने पूरा विवरण रखा जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य में भय का वातावरण समाप्त कर अवसर और विकास का नया युग शुरू किया जाएगा।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को लेकर भी प्रधानमंत्री ने कई महत्वपूर्ण बातें कहीं। उन्होंने बर्द्धमान की कृषि परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि यह क्षेत्र कभी समृद्धि का प्रतीक था लेकिन अब अपनी पहचान खो चुका है। उन्होंने किसानों की समस्याओं का जिक्र करते हुए कहा कि उन्हें उचित मूल्य नहीं मिल रहा है और उनकी मेहनत का फल उन्हें नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने आश्वासन दिया कि उनकी सरकार बनने पर किसानों को आर्थिक सहायता दी जाएगी और कृषि क्षेत्र को मजबूत बनाया जाएगा।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">महिलाओं की सुरक्षा को लेकर प्रधानमंत्री ने विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि राज्य में ऐसा वातावरण बनाया जाएगा जहां महिलाएं बिना भय के जीवन जी सकें। उन्होंने यह भी कहा कि समाज के सभी वर्गों को समान अवसर और सुरक्षा प्रदान करना उनकी सरकार की प्राथमिकता होगी। इसके साथ ही उन्होंने शरणार्थी समुदायों को नागरिकता देने की प्रक्रिया को तेज करने का आश्वासन दिया जिससे लंबे समय से प्रतीक्षा कर रहे लोगों को राहत मिल सके।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">प्रधानमंत्री ने चुनाव के दौरान तकनीकी माध्यमों के दुरुपयोग का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि विरोधी दल कृत्रिम साधनों के माध्यम से भ्रामक संदेश फैलाने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने जनता से अपील की कि वे इस प्रकार के भ्रामक प्रचार से सावधान रहें। यह बयान आधुनिक चुनावी प्रक्रिया में तकनीक की बढ़ती भूमिका को भी दर्शाता है।जहां एक ओर बंगाल में राजनीतिक संघर्ष अपने चरम पर है वहीं दूसरी ओर राष्ट्रीय स्तर पर लोकतांत्रिक संवाद की एक अलग ही तस्वीर देखने को मिली।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">संसद भवन परिसर में समाज सुधारक  ज्योतिराव फुले की स्मृति में आयोजित कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कांग्रेस नेता  राहुल गांधी के बीच हुई संक्षिप्त बातचीत ने सभी का ध्यान आकर्षित किया। यह बातचीत इसलिए महत्वपूर्ण रही क्योंकि सामान्यतः दोनों नेताओं को सार्वजनिक मंचों पर केवल औपचारिक अभिवादन करते ही देखा जाता है। इस अवसर पर दोनों नेताओं ने एक दूसरे का अभिवादन किया और कुछ क्षणों के लिए बातचीत भी की। हालांकि बातचीत का विषय स्पष्ट नहीं हो पाया लेकिन यह दृश्य अपने आप में लोकतांत्रिक परंपरा का एक सकारात्मक संकेत था।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">यह घटना यह दर्शाती है कि भारतीय लोकतंत्र में मतभेदों के बावजूद संवाद की संभावना हमेशा बनी रहती है। राजनीतिक प्रतिस्पर्धा के बीच भी आपसी सम्मान और संवाद की संस्कृति लोकतंत्र की मजबूती का आधार है। यह केवल एक औपचारिक क्षण नहीं बल्कि लोकतांत्रिक मर्यादा का प्रतीक भी है। समग्र रूप से देखा जाए तो बंगाल का यह चुनाव केवल सत्ता परिवर्तन का प्रश्न नहीं है बल्कि यह विश्वास पहचान और विकास के मुद्दों के बीच एक व्यापक संघर्ष है। प्रधानमंत्री का भरोसे की राजनीति का आह्वान और विपक्ष के साथ संवाद की झलक दोनों यह संकेत देते हैं कि लोकतंत्र में प्रतिस्पर्धा और संवाद दोनों समान रूप से आवश्यक हैं। आने वाले समय में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि जनता इन संदेशों को किस प्रकार ग्रहण करती है और किस दिशा में अपना निर्णय देती है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>कांतिलाल मांडोत</strong></div>
<div class="yj6qo" style="text-align:justify;"> </div>
<div class="adL" style="text-align:justify;"> </div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                            <category>संपादकीय</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 12 Apr 2026 19:16:05 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>प्रयागराज में प्रादेशिक सरस महोत्सव का भव्य शुभारंभ</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात ब्यूरो प्रयागराज </strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">संगम नगरी में आयोजित प्रादेशिक सरस महोत्सव के उद्घाटन कार्यक्रम एवं सांस्कृतिक संध्या में उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्या शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में उत्तर प्रदेश सरकार महिला सशक्तिकरण को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए लगातार कार्य कर रही है।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार आने वाले एक वर्ष में तीन करोड़ महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों से जोड़ने और एक करोड़ “लखपति दीदी” तैयार करने के लक्ष्य के साथ आगे बढ़ रही है। इस पहल</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/173308/grand-inauguration-of-regional-saras-mahotsav-in-prayagraj"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-03/img-20260314-wa0181.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात ब्यूरो प्रयागराज </strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">संगम नगरी में आयोजित प्रादेशिक सरस महोत्सव के उद्घाटन कार्यक्रम एवं सांस्कृतिक संध्या में उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्या शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में उत्तर प्रदेश सरकार महिला सशक्तिकरण को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए लगातार कार्य कर रही है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार आने वाले एक वर्ष में तीन करोड़ महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों से जोड़ने और एक करोड़ “लखपति दीदी” तैयार करने के लक्ष्य के साथ आगे बढ़ रही है। इस पहल से ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों की महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने का अवसर मिलेगा। उन्होंने कहा कि सरस महोत्सव जैसे आयोजनों से महिलाओं द्वारा तैयार उत्पादों को बाजार मिलता है और उनकी आय में वृद्धि होती है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">कार्यक्रम के दौरान उपमुख्यमंत्री ने विभिन्न स्वयं सहायता समूहों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का निरीक्षण भी किया और महिलाओं द्वारा तैयार किए गए उत्पादों की सराहना की। उन्होंने कहा कि सरकार की योजनाओं का लाभ महिलाओं तक पहुंचाने के लिए प्रशासन और जनप्रतिनिधि मिलकर काम कर रहे हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इस अवसर पर गोरखपुर के सांसद व अभिनेता रवि किशन फूलपुर के सांसद प्रवीण पटेल, प्रयागराज के महापौर गणेश केसरवानी जिला पंचायत अध्यक्ष वीके सिंह, विधान परिषद सदस्य केपी श्रीवास्तव और सुरेंद्र चौधरी भी मौजूद रहे। इसके अलावा विधायक दीपक पटेल और पियुष रंजन निषाद, भाजपा महानगर अध्यक्ष संजय गुप्ता, भाजपा जिलाध्यक्ष राजेश शुक्ला व निर्मला पासवान सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक कार्यक्रम में उपस्थित रहे।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">कार्यक्रम में सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने भी लोगों का मन मोह लिया। प्रतिष्ठित कवयित्री एवं गायिका अनामिका जैन अंबर तथा प्रसिद्ध गायिका तृप्ति शाक्य ने अपने गीतों और प्रस्तुतियों से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। सरस महोत्सव में विभिन्न जिलों से आए स्वयं सहायता समूहों द्वारा तैयार हस्तशिल्प, खाद्य पदार्थ, परिधान और घरेलू उत्पादों के स्टॉल लगाए गए हैं। यह महोत्सव न केवल ग्रामीण उत्पादों को मंच प्रदान कर रहा है, बल्कि महिलाओं की उद्यमिता और आत्मनिर्भरता को भी नई पहचान दे रहा है। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय लोग, स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 14 Mar 2026 21:19:29 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>भारत कनाडा संबंधों का नया स्वर्णिम अध्याय</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;">भारत और कनाडा के रिश्तों में हालिया उच्चस्तरीय वार्ता के बाद एक नया और महत्वपूर्ण अध्याय जुड़ गया है। नई दिल्ली स्थित हैदराबाद हाउस में भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी के बीच हुई बैठक ने द्विपक्षीय संबंधों को नई दिशा देने का काम किया है। इस मुलाकात में ऊर्जा, रक्षा, व्यापार, कृषि और वैश्विक शांति जैसे विषयों पर व्यापक चर्चा हुई और कई अहम समझौतों पर सहमति बनी। विशेष रूप से सिविल न्यूक्लियर एनर्जी के क्षेत्र में यूरेनियम की दीर्घकालिक आपूर्ति को लेकर हुआ समझौता इस वार्ता की सबसे बड़ी उपलब्धि माना जा रहा</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/172347/new-golden-chapter-of-india-canada-relations"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-03/भारत-कनाडा-संबंधों-का-नया-स्वर्णिम-अध्याय.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;">भारत और कनाडा के रिश्तों में हालिया उच्चस्तरीय वार्ता के बाद एक नया और महत्वपूर्ण अध्याय जुड़ गया है। नई दिल्ली स्थित हैदराबाद हाउस में भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी के बीच हुई बैठक ने द्विपक्षीय संबंधों को नई दिशा देने का काम किया है। इस मुलाकात में ऊर्जा, रक्षा, व्यापार, कृषि और वैश्विक शांति जैसे विषयों पर व्यापक चर्चा हुई और कई अहम समझौतों पर सहमति बनी। विशेष रूप से सिविल न्यूक्लियर एनर्जी के क्षेत्र में यूरेनियम की दीर्घकालिक आपूर्ति को लेकर हुआ समझौता इस वार्ता की सबसे बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">यह मुलाकात दोनों नेताओं के बीच औपचारिक द्विपक्षीय बैठक के रूप में महत्वपूर्ण रही। पिछले वर्षों में भारत और कनाडा के संबंधों में उतार-चढ़ाव देखने को मिले थे, किंतु इस बैठक ने यह संकेत दिया कि दोनों देश परिपक्व कूटनीतिक दृष्टिकोण के साथ भविष्य की ओर बढ़ना चाहते हैं। बातचीत में पारस्परिक विश्वास, आर्थिक सहयोग और रणनीतिक साझेदारी को नई मजबूती देने पर बल दिया गया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">यूरेनियम आपूर्ति समझौता इस यात्रा का केंद्रीय बिंदु रहा। करीब 2.6 अरब डॉलर यानी लगभग 23,784 करोड़ रुपए के इस करार के तहत कनाडा अगले दस वर्षों तक भारत को यूरेनियम की आपूर्ति करेगा। कनाडा विश्व के प्रमुख यूरेनियम उत्पादक देशों में से एक है और भारत की बढ़ती परमाणु ऊर्जा जरूरतों को देखते हुए यह समझौता ऊर्जा सुरक्षा के लिहाज से अत्यंत महत्वपूर्ण है। भारत में परमाणु ऊर्जा उत्पादन को बढ़ावा देने की दिशा में यह कदम निर्णायक साबित हो सकता है। भारत पहले से ही 2013 में लागू हुए न्यूक्लियर कोऑपरेशन एग्रीमेंट के तहत कनाडा से यूरेनियम प्राप्त करता रहा है, किंतु इस नई दीर्घकालिक व्यवस्था से स्थिरता और भरोसे की नई नींव पड़ी है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में सहयोग केवल कच्चे यूरेनियम की आपूर्ति तक सीमित नहीं रहेगा। दोनों देशों ने छोटे मॉड्यूलर रिएक्टरों और उन्नत रिएक्टर तकनीकों के विकास में भी सहयोग की बात कही है। इससे भारत को स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन के क्षेत्र में तकनीकी लाभ मिलेगा और ऊर्जा मिश्रण में परमाणु ऊर्जा की हिस्सेदारी बढ़ाने का लक्ष्य साकार हो सकेगा। जलवायु परिवर्तन और कार्बन उत्सर्जन में कमी की वैश्विक प्रतिबद्धताओं के बीच यह सहयोग भारत की दीर्घकालिक रणनीति के अनुरूप है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">रक्षा और सुरक्षा क्षेत्र में भी साझेदारी को नई गति देने का निर्णय लिया गया है। समुद्री क्षेत्र जागरूकता, रक्षा उद्योगों में सहयोग और सैन्य आदान-प्रदान जैसे पहलुओं पर सहमति जताई गई। बदलते वैश्विक सुरक्षा परिदृश्य में यह सहयोग दोनों देशों के लिए रणनीतिक महत्व रखता है। आतंकवाद, उग्रवाद और कट्टरता को मानवता के सामने गंभीर चुनौती बताते हुए दोनों नेताओं ने इनसे निपटने के लिए घनिष्ठ सहयोग की आवश्यकता पर बल दिया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">आर्थिक दृष्टि से भी यह बैठक अहम रही। दोनों देशों ने 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को 50 अरब डॉलर तक ले जाने का लक्ष्य तय किया है। जनवरी से अक्टूबर 2025 के दौरान दोनों देशों के बीच लगभग 8 अरब डॉलर का व्यापार हुआ, जो भविष्य में और तेजी से बढ़ सकता है। भारत विश्व की सबसे तेजी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है और कनाडा प्राकृतिक संसाधनों, प्रौद्योगिकी और निवेश क्षमता के लिए जाना जाता है। ऐसे में दोनों की पूरक अर्थव्यवस्थाएं व्यापक अवसर पैदा कर सकती हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">फ्री ट्रेड एग्रीमेंट को लेकर भी बातचीत शुरू करने की घोषणा की गई है। यदि यह समझौता अंतिम रूप लेता है तो व्यापार और निवेश के नए द्वार खुलेंगे। भारतीय उद्योगों को कनाडाई बाजार तक बेहतर पहुंच मिलेगी और कनाडाई कंपनियों को भारत के विशाल उपभोक्ता बाजार में अवसर प्राप्त होंगे। कृषि, कृषि प्रौद्योगिकी और खाद्य सुरक्षा के क्षेत्र में मूल्यवर्धन पर सहयोग से किसानों और कृषि उद्योग को लाभ हो सकता है। भारत में दालों की मांग को देखते हुए कनाडा के पल्स प्रोटीन क्षेत्र में सहयोग विशेष महत्व रखता है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">प्रधानमंत्री मोदी ने अपने वक्तव्य में क्रिकेट के टी20 प्रारूप का उदाहरण देते हुए कहा कि जैसे टी20 में त्वरित निर्णय और मजबूत साझेदारी से मैच जीते जाते हैं, वैसे ही भारत और कनाडा मिलकर भविष्य का निर्माण करेंगे। यह टिप्पणी केवल सांकेतिक नहीं थी, बल्कि इस बात का संकेत थी कि दोनों देश तेजी से बदलती वैश्विक परिस्थितियों में सक्रिय और व्यावहारिक दृष्टिकोण अपनाना चाहते हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">वैश्विक मुद्दों पर भी दोनों देशों की समान सोच सामने आई। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव पर चिंता व्यक्त करते हुए भारत ने स्पष्ट किया कि वह विश्व में शांति और स्थिरता चाहता है तथा हर समस्या का समाधान संवाद के माध्यम से निकाला जाना चाहिए। यह रुख भारत की पारंपरिक विदेश नीति के अनुरूप है, जो संतुलन और कूटनीतिक समाधान पर जोर देती है।द्विपक्षीय संबंधों की पृष्ठभूमि पर नजर डालें तो 2008 के भारत-अमेरिका असैन्य परमाणु समझौते के बाद भारत के लिए वैश्विक परमाणु व्यापार के रास्ते खुले थे। उसी क्रम में 2013 का भारत-कनाडा परमाणु सहयोग समझौता लागू हुआ। हालिया करार उसी प्रक्रिया की अगली कड़ी है, जिसने दोनों देशों के संबंधों को और गहराई दी है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">कुल मिलाकर यह बैठक केवल एक आर्थिक समझौते तक सीमित नहीं रही, बल्कि इसने राजनीतिक विश्वास, रणनीतिक साझेदारी और दीर्घकालिक सहयोग की नई दिशा तय की है। ऊर्जा सुरक्षा, रक्षा सहयोग, व्यापार विस्तार और वैश्विक शांति के मुद्दों पर साझा दृष्टिकोण ने यह स्पष्ट कर दिया है कि भारत और कनाडा भविष्य में बहुआयामी संबंधों को और सुदृढ़ करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। बदलते वैश्विक परिदृश्य में यह साझेदारी दोनों देशों के लिए अवसरों और स्थिरता का नया मार्ग प्रशस्त कर सकती </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>कांतिलाल मांडोत</strong></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                            <category>संपादकीय</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 03 Mar 2026 18:31:34 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>श्रीभूमि जिले के दुल्लभछड़ा–विद्यानगर–अनिपुर सड़क की दयनीय स्थिति से आमजन त्रस्त</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>श्रीभूमि :</strong>श्रीभूमि जिले के दुल्लभछड़ा से विद्यानगर होते हुए अनिपुर तक जाने वाली महत्वपूर्ण सड़क की वर्तमान स्थिति अत्यंत चिंताजनक और दुखद बनी हुई है। लंबे समय से मरम्मत और समुचित रखरखाव के अभाव में यह सड़क लगभग असंचलनीय हो चुकी है। जगह-जगह गड्ढे, टूटी परतें और अत्यधिक धूल-रेत के कारण आमजन को प्रतिदिन गंभीर कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">मुख्य मार्ग की हालत इतनी खराब हो चुकी है कि हल्की हवा चलने पर भी धूल का गुबार उठता है। इससे स्थानीय निवासियों में श्वसन संबंधी समस्याएँ, आंखों में जलन और अन्य स्वास्थ्य संबंधी परेशानियाँ बढ़ रही</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/172053/common-people-are-troubled-by-the-pitiful-condition-of-dulabhchhada-vidyanagar-anipur"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-03/1001339581.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>श्रीभूमि :</strong>श्रीभूमि जिले के दुल्लभछड़ा से विद्यानगर होते हुए अनिपुर तक जाने वाली महत्वपूर्ण सड़क की वर्तमान स्थिति अत्यंत चिंताजनक और दुखद बनी हुई है। लंबे समय से मरम्मत और समुचित रखरखाव के अभाव में यह सड़क लगभग असंचलनीय हो चुकी है। जगह-जगह गड्ढे, टूटी परतें और अत्यधिक धूल-रेत के कारण आमजन को प्रतिदिन गंभीर कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">मुख्य मार्ग की हालत इतनी खराब हो चुकी है कि हल्की हवा चलने पर भी धूल का गुबार उठता है। इससे स्थानीय निवासियों में श्वसन संबंधी समस्याएँ, आंखों में जलन और अन्य स्वास्थ्य संबंधी परेशानियाँ बढ़ रही हैं। पैदल यात्रियों, वाहन चालकों, स्कूल-कॉलेज जाने वाले छात्र-छात्राओं, बुजुर्गों एवं मरीजों के लिए यह मार्ग अत्यंत जोखिमपूर्ण बन गया है। दैनिक आवागमन एक चुनौती में बदल चुका है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">क्षेत्रवासियों का आरोप है कि संबंधित विभाग, विशेषकर लोक निर्माण विभाग (PWD) के अधिकारी तथा स्थानीय जनप्रतिनिधि इस गंभीर समस्या पर निष्क्रिय बने हुए हैं। समय पर मरम्मत और धूल नियंत्रण के उपाय न किए जाने से स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">प्रभावित नागरिकों ने भारत के लोकप्रिय प्रधानमंत्री Narendra Modi और राज्य के मुख्यमंत्री Himanta Biswa Sarma से हस्तक्षेप की अपील की है। उन्होंने मांग की है कि सड़क की तत्काल मरम्मत, नियमित रखरखाव तथा धूल नियंत्रण के प्रभावी उपाय सुनिश्चित किए जाएं, ताकि आम जनता को इस लंबे समय से चली आ रही समस्या से स्थायी राहत मिल सके।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>असम हिमाचल प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/172053/common-people-are-troubled-by-the-pitiful-condition-of-dulabhchhada-vidyanagar-anipur</link>
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                <pubDate>Sun, 01 Mar 2026 19:37:50 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अंतरराष्ट्रीय मंच पर फजीहत! तीन गलतियों के चलते Expo से बाहर हुई गलगोटिया यूनिवर्सिटी (Galgotias University)</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;">ग्रेटर नोएडा स्थित Galgotias University एक बार फिर विवादों में आ गई है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आयोजित आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) Expo से यूनिवर्सिटी को बाहर किए जाने के बाद केंद्र सरकार ने इस फैसले की वजह स्पष्ट करते हुए कहा कि “झूठी और भ्रामक जानकारी को बढ़ावा देने वाली संस्थाओं के लिए ऐसे मंच पर जगह नहीं हो सकती।”</p>
<p style="text-align:justify;">बताया जा रहा है कि यह Expo भारत की ओर से AI सेक्टर में अपनी क्षमताओं को दुनिया के सामने रखने का बड़ा मंच था। ऐसे में गलगोटिया यूनिवर्सिटी से जुड़ा विवाद सामने आने के बाद इसे भारत की छवि के</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/170323/embarrassment-on-international-stage-galgotias-university-out-of-expo-due"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-02/galgotiya-university.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">ग्रेटर नोएडा स्थित Galgotias University एक बार फिर विवादों में आ गई है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आयोजित आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) Expo से यूनिवर्सिटी को बाहर किए जाने के बाद केंद्र सरकार ने इस फैसले की वजह स्पष्ट करते हुए कहा कि “झूठी और भ्रामक जानकारी को बढ़ावा देने वाली संस्थाओं के लिए ऐसे मंच पर जगह नहीं हो सकती।”</p>
<p style="text-align:justify;">बताया जा रहा है कि यह Expo भारत की ओर से AI सेक्टर में अपनी क्षमताओं को दुनिया के सामने रखने का बड़ा मंच था। ऐसे में गलगोटिया यूनिवर्सिटी से जुड़ा विवाद सामने आने के बाद इसे भारत की छवि के लिए भी नुकसानदायक माना गया।</p>
<h3 style="text-align:justify;"><strong>क्या है पूरा मामला?</strong></h3>
<p style="text-align:justify;">सूत्रों के मुताबिक, गलगोटिया यूनिवर्सिटी ने AI और मशीन लर्निंग से जुड़े अपने प्रोजेक्ट्स और उपलब्धियों को लेकर Expo में कुछ ऐसे दावे किए थे, जिनकी जांच में पुष्टि नहीं हो सकी। इसके बाद संबंधित अधिकारियों ने मामले की समीक्षा की और यूनिवर्सिटी की भागीदारी रद्द कर दी।</p>
<p style="text-align:justify;">सरकारी अधिकारियों का कहना है कि AI जैसे संवेदनशील और तकनीकी क्षेत्र में गलत या बढ़ा-चढ़ाकर पेश की गई जानकारी से अंतरराष्ट्रीय मंच पर देश की साख प्रभावित होती है।</p>
<h3 style="text-align:justify;"><strong>सरकार ने गिनाए तीन बड़े ब्लंडर्स</strong></h3>
<p style="text-align:justify;">सरकार की प्राथमिक जांच में तीन बड़ी गड़बड़ियां सामने आईं:</p>
<blockquote class="format1">
<p style="text-align:justify;"><strong>1. उपलब्धियों को बढ़ा-चढ़ाकर पेश करना</strong><br />यूनिवर्सिटी पर आरोप है कि उसने अपने AI प्रोजेक्ट्स और रिसर्च को लेकर ऐसे दावे किए जो आधिकारिक रिकॉर्ड से मेल नहीं खाते थे।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>2. गलत डेटा और भ्रामक प्रस्तुति</strong><br />Expo में दिखाए जाने वाले कुछ मॉडल और आंकड़ों को लेकर भी सवाल उठे। जांच में पाया गया कि कुछ जानकारी सत्यापित नहीं थी।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>3. अंतरराष्ट्रीय मंच पर गलत प्रतिनिधित्व</strong><br />अधिकारियों के अनुसार, यूनिवर्सिटी ने खुद को कुछ प्रोजेक्ट्स का प्रमुख डेवलपर बताया, जबकि उनमें अन्य संस्थानों की भी भूमिका थी।</p>
</blockquote>
<h3 style="text-align:justify;"><strong>क्यों अहम था यह Expo?</strong></h3>
<p style="text-align:justify;">यह AI Expo भारत के लिए खास माना जा रहा था क्योंकि देश AI टेक्नोलॉजी, स्टार्टअप और रिसर्च के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। ऐसे में किसी भी संस्थान द्वारा गलत जानकारी देने को गंभीरता से लिया गया।</p>
<h3 style="text-align:justify;"><strong>यूनिवर्सिटी की प्रतिक्रिया</strong></h3>
<p style="text-align:justify;">मामले पर अभी तक यूनिवर्सिटी की ओर से विस्तृत आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। हालांकि सूत्रों का कहना है कि यूनिवर्सिटी अपने पक्ष में दस्तावेज तैयार कर रही है।</p>
<h3 style="text-align:justify;"><strong>आगे क्या?</strong></h3>
<p style="text-align:justify;">सरकारी सूत्रों के मुताबिक, यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो यूनिवर्सिटी के खिलाफ आगे की कार्रवाई भी की जा सकती है। वहीं, AI Expo के आयोजकों ने साफ किया है कि भविष्य में केवल सत्यापित और प्रमाणित संस्थानों को ही भागीदारी दी जाएगी।</p>
<p style="text-align:justify;">इस पूरे मामले ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि तेजी से बढ़ रहे AI सेक्टर में संस्थानों के दावों की जांच कितनी जरूरी है, ताकि अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत की साख मजबूत बनी रहे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>अंतर्राष्ट्रीय</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>एशिया</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/170323/embarrassment-on-international-stage-galgotias-university-out-of-expo-due</link>
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                <pubDate>Thu, 19 Feb 2026 13:13:35 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>हमसे तेल खरीदना बंद नहीं करेगा भारत…ट्रंप के दावे पर रूस का जवाब</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;">  </p>
<p style="text-align:justify;">रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने कहा कि भारत रूस से तेल खरीदना बंद करेगा, यह दावा सिर्फ अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप कर रहे हैं. लावरोव ने कहा कि रूस और भारत के बीच हुए तेल समझौतों पर कोई खतरा नहीं है.</p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>भारत भी इस मुद्दे पर बयान दे चुका</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">लावरोव का यह बयान उस समय आया जब भारत की ओर से भी इस मुद्दे पर सफाई दी गई. विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने कहा कि भारत अपनी जरूरत के मुताबिक, अलग-अलग देशों से कच्चा तेल खरीदेगा. उन्होंने कहा कि सप्लाई चेन को स्थिर रखने के लिए भारत स्रोतों</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/169281/india-will-not-stop-buying-oil-from-us%E2%80%A6-russias-response"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-02/trump.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"> </p>
<p style="text-align:justify;">रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने कहा कि भारत रूस से तेल खरीदना बंद करेगा, यह दावा सिर्फ अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप कर रहे हैं. लावरोव ने कहा कि रूस और भारत के बीच हुए तेल समझौतों पर कोई खतरा नहीं है.</p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>भारत भी इस मुद्दे पर बयान दे चुका</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">लावरोव का यह बयान उस समय आया जब भारत की ओर से भी इस मुद्दे पर सफाई दी गई. विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने कहा कि भारत अपनी जरूरत के मुताबिक, अलग-अलग देशों से कच्चा तेल खरीदेगा. उन्होंने कहा कि सप्लाई चेन को स्थिर रखने के लिए भारत स्रोतों में विविधता लाता रहेगा. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने भी कहा कि 1.4 अरब लोगों की ऊर्जा सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है. उन्होंने यह भी कहा कि रूस के साथ भारत के सभी समझौते पहले की तरह जारी हैं.</p>
<p style="text-align:justify;">अगस्त 2025 में अमेरिका ने भारत पर 25% एक्स्ट्रा टैरिफ लगाया था, क्योंकि भारत रूस से तेल खरीद रहा था. बाद में यह टैरिफ वापस ले लिया गया. हालांकि अमेरिका ने चेतावनी दी कि अगर भारत ने सीधे या परोक्ष रूप से रूसी तेल की खरीद दोबारा शुरू की, तो 25% टैरिफ फिर से लगाया जा सकता है.</p>
<p style="text-align:justify;">रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने भारत से रूसी तेल खरीद को लेकर बयान दिया है. उन्होंने कहा कि भारत रूस से तेल खरीदना बंद करेगा, यह दावा सिर्फ अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप कर रहे हैं. ट्रंप के अलावा किसी और ने ऐसा नहीं कहा है. लावरोव के मुताबिक, रूस और भारत के बीच हुए तेल और अन्य समझौते पूरी तरह सुरक्षित हैं और उन पर कोई खतरा नहीं है.</p>
<p style="text-align:justify;">पिछले हफ्ते ट्रंप ने भारत के साथ एक फ्रेमवर्क व्यापार समझौते की घोषणा की थी. उसी दौरान उन्होंने दावा किया कि भारत ने रूस से कच्चा तेल नहीं खरीदने पर सहमति जताई है. अमेरिका का आरोप है कि रूस तेल बेचकर जो पैसा कमाता है, उसका इस्तेमाल वह यूक्रेन के खिलाफ युद्ध में करता है.</p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>लावरोव ने अमेरिका पर आरोप लगाए</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">लावरोव ने अमेरिका पर आरोप लगाया कि वह भारत और ब्रिक्स देशों के साथ रूस के व्यापार, निवेश और सैन्य सहयोग को रोकने की कोशिश कर रहा है. उन्होंने कहा कि अमेरिका टैरिफ, प्रतिबंध और दबाव वाले कदमों के जरिए दुनियाभर में दबदबा बनाए रखना चाहता है, लावरोव ने कहा कि ट्रंप प्रशासन के आने के बाद यह नीति और खुलकर दिख रही है.</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>अंतर्राष्ट्रीय</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>यूरोप</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 11 Feb 2026 23:01:17 +0530</pubDate>
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