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                <title>narendra modi - Swatantra Prabhat</title>
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                <title>इफको द्वारा देशव्यापी नैनो उर्वरक जागरूकता महा अभियान की शुरुआत</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>दया शंकर त्रिपाठी की रिपोर्ट</strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज।</strong> इफको द्वारा देशव्यापी नैनो उर्वरक जागरूकता महा अभियान की शुरुआत। इफको के अध्यक्ष दिलीप संघाणी ने दिल्ली से 5 नैनो प्रचार वैन को हरी झंडी दिखाकर  शुभारंभ किया।  संघाणी ने पत्रकार वार्ता में जानकारी देते हुए बताया कि यह अभियान देश के 19 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 560 जिलों और 3,477 तहसीलों में व्यापक रूप से संचालित किया जाएगा । उन्होंने बताया किनैनो NPK लिक्विड (8-8-10) और नैनो NPK ग्रेन्युलर (20-10-10) को भारत के उर्वरक नियंत्रण आदेश (FCO) में औपचारिक रूप से शामिल किया गया है।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-04/10017075881.jpg" alt="इफको द्वारा देशव्यापी नैनो उर्वरक जागरूकता महा अभियान की शुरुआत" width="1200" height="800" /></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">भारत की सबसे बड़ी उर्वरक</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/175845/iffco-launches-nationwide-nano-fertilizer-awareness-campaign"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-04/10017075891.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>दया शंकर त्रिपाठी की रिपोर्ट</strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>ब्यूरो प्रयागराज।</strong> इफको द्वारा देशव्यापी नैनो उर्वरक जागरूकता महा अभियान की शुरुआत। इफको के अध्यक्ष दिलीप संघाणी ने दिल्ली से 5 नैनो प्रचार वैन को हरी झंडी दिखाकर  शुभारंभ किया।  संघाणी ने पत्रकार वार्ता में जानकारी देते हुए बताया कि यह अभियान देश के 19 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 560 जिलों और 3,477 तहसीलों में व्यापक रूप से संचालित किया जाएगा । उन्होंने बताया किनैनो NPK लिक्विड (8-8-10) और नैनो NPK ग्रेन्युलर (20-10-10) को भारत के उर्वरक नियंत्रण आदेश (FCO) में औपचारिक रूप से शामिल किया गया है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-04/10017075881.jpg" alt="इफको द्वारा देशव्यापी नैनो उर्वरक जागरूकता महा अभियान की शुरुआत" width="1200" height="800"></img></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">भारत की सबसे बड़ी उर्वरक सहकारी संस्था, ने आधिकारिक रूप से इफको नैनो उर्वरक जागरूकता महा अभियान का शुभारंभ किया। इस अवसर पर इफको के अध्यक्ष दिलीप संघाणी ने प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि यह एक व्यापकऔर एकीकृत राष्ट्रीय जागरूकता अभियान है, जिसका उद्देश्य भारतीय किसानों में नैनो उर्वरकों के उपयोग को बढ़ावा देना है। यह अभियान  प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अ मित शाह की प्रेरणा से शुरू किया गया है और ‘आत्मनिर्भर भारत’ तथा ‘सहकार से समृद्धि’ जैसे राष्ट्रीय मिशनों के अनुरूप है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">भारत के राजपत्र के उर्वरक नियंत्रण आदेश (FCO) में नैनो NPK लिक्विड (8-8-10) और नैनो NPK ग्रेन्युलर (20-10-10) को शामिल किया जाना भारतीय कृषि नवाचार यात्रा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर बताया गया, जो भारतीय सहकारिता के लिए गर्व का क्षण है। उन्होंने आगे बताया कि कोयंबटूर स्थित इफको-नैनोवेंशन्स में इफको का इनोवेशन हब तथा ब्राज़ील में स्थापित होने वाला नैनो उर्वरक उत्पादन संयंत्र — जो जून 2026 तक शुरू होने की संभावना है — कृषि क्षेत्र में नैनो तकनीक के क्षेत्र में भारत की बढ़ती वैश्विक क्षमता का प्रतीक है। संघाणी ने कहा कि भारत आज एक ऐसे ऐतिहासिक मोड़ पर खड़ा</div>
<div style="text-align:justify;">है, जहां परंपरा और तकनीक का संगम हो रहा है, और यही संयोजन भारतीय कृषि को नई दिशा दे रहा है। </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में गठित सहकारिता मंत्रालय का संचालन देश के प्रथम सहकारिता मंत्री अमित शाह कर रहे हैं। ‘सहकार से समृद्धि’ का मंत्र इस अभियान की भावना को पूर्ण रूप से प्रतिबिंबित करता है और ‘आत्मनिर्भर भारत, आत्मनिर्भर कृषि’ के लक्ष्य को साकार करता है। संघाणी ने नैनो उर्वरक क्रांति को भारतीय कृषि के लिएपरिवर्तनकारी क्षण बताया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इस नैनो महा अभियान को राष्ट्रीय स्तर पर जागरूकता और परिवर्तन अभियान के रूप में तैयार किया गया है, जिसके चार मुख्य उद्देश्य हैं—</div>
<div style="text-align:justify;"> नैनो यूरिया प्लस, नैनो DAP, नैनो NPK, नैनो जिंक और नैनो कॉपर</div>
<div style="text-align:justify;">का व्यापक प्रचार</div>
<div style="text-align:justify;"> किसानों को मुख्य रूप से फोलियर स्प्रे के माध्यम से सही उपयोग का</div>
<div style="text-align:justify;">प्रशिक्षण देना</div>
<div style="text-align:justify;"> पारंपरिक उर्वरकों पर निर्भरता कम करनासहकारी नेटवर्क के माध्यम से अंतिम स्तर तक पहुंच सुनिश्चित करना।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">उन्होंने कहा, “ग्राम स्तर पर जागरूकता अभियान, प्रत्येक PACS को मजबूत बनाकर और क्षेत्रीय प्रदर्शन के माध्यम से आगे बढ़ाना होगा। जब किसान स्वयं परिणाम देखेंगे, तब विश्वास स्वतः बढ़ेगा।” अपने संबोधन के अंत में श्री दिलीप संघाणी ने इस अभियान को जनआंदोलन बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि नैनो उर्वरक केवल एक उत्पाद नहीं, बल्कि भूमि और पर्यावरण की सुरक्षा तथा किसानों की आय</div>
<div style="text-align:justify;">बढ़ाने का प्रभावी माध्यम है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">उन्होंने कहा, “आइए हम सब मिलकर संकल्प लें — कम लागत, अधिक उत्पादन और स्वस्थ पर्यावरण — हर खेत में नैनो उर्वरक, यही नया भारत है, यही आत्मनिर्भर भारत है।” इफको ने 218 लाख से अधिक बोतल नैनो यूरिया प्लस लिक्विड और</div>
<div style="text-align:justify;">64.26 लाख से अधिक बोतल नैनो DAP लिक्विड की बिक्री हासिल की है। नैनो जिंक और नैनो कॉपर उत्पादों को भी पहले वर्ष में क्रमशः 57 लाख और 2 लाख बोतलों की प्रभावशाली बिक्री प्राप्त हुई है। यह उल्लेखनीय है कि नैनो यूरिया प्लस की 208.26 लाख बोतलें पारंपरिक यूरिया के 9.37 लाख मीट्रिक टन के बराबर हैं, जबकि नैनो DAP की 57.89 लाख बोतलें DAP के 2.89 लाख मीट्रिक टन के बराबर हैं, जिससे देश को लॉजिस्टिक्स, ऊर्जा और आयात लागत मेंs भारी बचत हो रही है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इफको की नैनो उर्वरक श्रृंखला में नैनो यूरिया प्लस, नैनो DAP, नैनो NPK (लिक्विड और ग्रेन्युलर), नैनो जिंक, नैनो कॉपर और जैव-उत्तेजक ‘धरा अमृत’ शामिल हैं। ‘धरा अमृत’ — जो अमीनो एसिड, एल्जिनिक एसिड, ह्यूमिक एसिड, आवश्यक खनिज और केले के रस से समृद्ध है — लॉन्च के बाद से किसानों में तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए इफको का कर-पूर्व लाभ ₹4,200 करोड़ के ऐतिहासिक स्तर से अधिक रहने का अनुमान है। नैनो तकनीक, ड्रोन तकनीक, AI और डेटा विश्लेषण में निरंतर नवाचार के माध्यम से इफको भारत के कृषि-खाद्य क्षेत्र को रूपांतरित कर रहा है और ‘सहकार से समृद्धि’ के लक्ष्य को आगे बढ़ा रहा है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">
<div>
<div>संघाणी ने पत्रकार वार्ता में जानकारी देते हुए बताया कि यह अभियान देश के 19 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 560 जिलों और 3,477 तहसीलों में व्यापक रूप से संचालित किया जाएगा । उन्होंने बताया किनैनो NPK लिक्विड (8-8-10) और नैनो NPK ग्रेन्युलर (20-10-10) को भारत के उर्वरक नियंत्रण आदेश (FCO) में औपचारिक रूप से शामिल किया गया इस अवसर पर इफको के प्रबंध निदेशक श्री के. जे. पटेल सहित निदेशक मंडल के सदस्य उपस्थित थे।</div>
</div>
</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 12 Apr 2026 19:25:29 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
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                <title>बंगाल चुनाव में भरोसे का दांव और लोकतंत्र में संवाद की सशक्त झलक</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;">पश्चिम बंगाल का विधानसभा चुनाव इस समय एक निर्णायक मोड़ पर खड़ा है जहां राजनीतिक संघर्ष केवल सत्ता प्राप्ति तक सीमित नहीं रह गया है बल्कि यह विश्वास और पहचान की व्यापक परीक्षा बन गया है। इसी संदर्भ में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्य की राजनीति को भरोसे की दिशा में मोड़ने का प्रयास किया है। उन्होंने पूर्व बर्द्धमान के कटवा मुर्शिदाबाद के जंगीपुर और दक्षिण दिनाजपुर के कुशमंडी में आयोजित जनसभाओं में जनता से संवाद करते हुए ममता बनर्जी  सरकार के पंद्रह वर्षों के कार्यकाल को अन्याय का काल बताया और केवल पांच वर्षों का अवसर मांगा।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">प्रधानमंत्री ने</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/175843/bet-on-trust-in-bengal-elections-and-a-powerful-glimpse"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-04/hindi-divas8.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;">पश्चिम बंगाल का विधानसभा चुनाव इस समय एक निर्णायक मोड़ पर खड़ा है जहां राजनीतिक संघर्ष केवल सत्ता प्राप्ति तक सीमित नहीं रह गया है बल्कि यह विश्वास और पहचान की व्यापक परीक्षा बन गया है। इसी संदर्भ में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्य की राजनीति को भरोसे की दिशा में मोड़ने का प्रयास किया है। उन्होंने पूर्व बर्द्धमान के कटवा मुर्शिदाबाद के जंगीपुर और दक्षिण दिनाजपुर के कुशमंडी में आयोजित जनसभाओं में जनता से संवाद करते हुए ममता बनर्जी  सरकार के पंद्रह वर्षों के कार्यकाल को अन्याय का काल बताया और केवल पांच वर्षों का अवसर मांगा।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">प्रधानमंत्री ने अपने भाषणों में अवैध घुसपैठ के मुद्दे को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में वोट बैंक की राजनीति के कारण घुसपैठ को बढ़ावा मिला है। उन्होंने कहा कि यह स्थिति अब गंभीर रूप ले चुकी है और राज्य की सामाजिक संरचना को प्रभावित कर रही है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि उनकी सरकार बनती है तो इस समस्या का समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा और राज्य की पहचान को सुरक्षित रखा जाएगा।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">प्रधानमंत्री ने चुनाव को बंगाल की पहचान को बचाने की लड़ाई के रूप में प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि राज्य के कुछ हिस्सों में तेजी से जनसंख्या परिवर्तन हो रहा है जो भविष्य के लिए चिंता का विषय है। उन्होंने तृणमूल कांग्रेस पर आरोप लगाया कि वह अपने मूल नारे से हटकर अब केवल सत्ता बनाए रखने के लिए नए समीकरणों पर निर्भर हो गई है। यह बयान मतदाताओं को भावनात्मक रूप से जोड़ने का प्रयास भी माना जा रहा है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">कानून व्यवस्था और भ्रष्टाचार के मुद्दे पर भी प्रधानमंत्री ने कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि जो लोग जनता का हक खाएंगे उनके लिए अब सम्मान नहीं होगा बल्कि जेल के दरवाजे खुलेंगे। उन्होंने शिक्षक भर्ती घोटाले जैसे मामलों का उल्लेख करते हुए कहा कि उनकी सरकार बनने पर सभी मामलों की जांच कराई जाएगी और जनता के सामने पूरा विवरण रखा जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य में भय का वातावरण समाप्त कर अवसर और विकास का नया युग शुरू किया जाएगा।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को लेकर भी प्रधानमंत्री ने कई महत्वपूर्ण बातें कहीं। उन्होंने बर्द्धमान की कृषि परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि यह क्षेत्र कभी समृद्धि का प्रतीक था लेकिन अब अपनी पहचान खो चुका है। उन्होंने किसानों की समस्याओं का जिक्र करते हुए कहा कि उन्हें उचित मूल्य नहीं मिल रहा है और उनकी मेहनत का फल उन्हें नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने आश्वासन दिया कि उनकी सरकार बनने पर किसानों को आर्थिक सहायता दी जाएगी और कृषि क्षेत्र को मजबूत बनाया जाएगा।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">महिलाओं की सुरक्षा को लेकर प्रधानमंत्री ने विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि राज्य में ऐसा वातावरण बनाया जाएगा जहां महिलाएं बिना भय के जीवन जी सकें। उन्होंने यह भी कहा कि समाज के सभी वर्गों को समान अवसर और सुरक्षा प्रदान करना उनकी सरकार की प्राथमिकता होगी। इसके साथ ही उन्होंने शरणार्थी समुदायों को नागरिकता देने की प्रक्रिया को तेज करने का आश्वासन दिया जिससे लंबे समय से प्रतीक्षा कर रहे लोगों को राहत मिल सके।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">प्रधानमंत्री ने चुनाव के दौरान तकनीकी माध्यमों के दुरुपयोग का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि विरोधी दल कृत्रिम साधनों के माध्यम से भ्रामक संदेश फैलाने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने जनता से अपील की कि वे इस प्रकार के भ्रामक प्रचार से सावधान रहें। यह बयान आधुनिक चुनावी प्रक्रिया में तकनीक की बढ़ती भूमिका को भी दर्शाता है।जहां एक ओर बंगाल में राजनीतिक संघर्ष अपने चरम पर है वहीं दूसरी ओर राष्ट्रीय स्तर पर लोकतांत्रिक संवाद की एक अलग ही तस्वीर देखने को मिली।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">संसद भवन परिसर में समाज सुधारक  ज्योतिराव फुले की स्मृति में आयोजित कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कांग्रेस नेता  राहुल गांधी के बीच हुई संक्षिप्त बातचीत ने सभी का ध्यान आकर्षित किया। यह बातचीत इसलिए महत्वपूर्ण रही क्योंकि सामान्यतः दोनों नेताओं को सार्वजनिक मंचों पर केवल औपचारिक अभिवादन करते ही देखा जाता है। इस अवसर पर दोनों नेताओं ने एक दूसरे का अभिवादन किया और कुछ क्षणों के लिए बातचीत भी की। हालांकि बातचीत का विषय स्पष्ट नहीं हो पाया लेकिन यह दृश्य अपने आप में लोकतांत्रिक परंपरा का एक सकारात्मक संकेत था।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">यह घटना यह दर्शाती है कि भारतीय लोकतंत्र में मतभेदों के बावजूद संवाद की संभावना हमेशा बनी रहती है। राजनीतिक प्रतिस्पर्धा के बीच भी आपसी सम्मान और संवाद की संस्कृति लोकतंत्र की मजबूती का आधार है। यह केवल एक औपचारिक क्षण नहीं बल्कि लोकतांत्रिक मर्यादा का प्रतीक भी है। समग्र रूप से देखा जाए तो बंगाल का यह चुनाव केवल सत्ता परिवर्तन का प्रश्न नहीं है बल्कि यह विश्वास पहचान और विकास के मुद्दों के बीच एक व्यापक संघर्ष है। प्रधानमंत्री का भरोसे की राजनीति का आह्वान और विपक्ष के साथ संवाद की झलक दोनों यह संकेत देते हैं कि लोकतंत्र में प्रतिस्पर्धा और संवाद दोनों समान रूप से आवश्यक हैं। आने वाले समय में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि जनता इन संदेशों को किस प्रकार ग्रहण करती है और किस दिशा में अपना निर्णय देती है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>कांतिलाल मांडोत</strong></div>
<div class="yj6qo" style="text-align:justify;"> </div>
<div class="adL" style="text-align:justify;"> </div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                            <category>संपादकीय</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 12 Apr 2026 19:16:05 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>प्रयागराज में प्रादेशिक सरस महोत्सव का भव्य शुभारंभ</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात ब्यूरो प्रयागराज </strong></div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">संगम नगरी में आयोजित प्रादेशिक सरस महोत्सव के उद्घाटन कार्यक्रम एवं सांस्कृतिक संध्या में उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्या शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में उत्तर प्रदेश सरकार महिला सशक्तिकरण को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए लगातार कार्य कर रही है।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार आने वाले एक वर्ष में तीन करोड़ महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों से जोड़ने और एक करोड़ “लखपति दीदी” तैयार करने के लक्ष्य के साथ आगे बढ़ रही है। इस पहल</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/173308/grand-inauguration-of-regional-saras-mahotsav-in-prayagraj"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-03/img-20260314-wa0181.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>स्वतंत्र प्रभात ब्यूरो प्रयागराज </strong></div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">संगम नगरी में आयोजित प्रादेशिक सरस महोत्सव के उद्घाटन कार्यक्रम एवं सांस्कृतिक संध्या में उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्या शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में उत्तर प्रदेश सरकार महिला सशक्तिकरण को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए लगातार कार्य कर रही है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार आने वाले एक वर्ष में तीन करोड़ महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों से जोड़ने और एक करोड़ “लखपति दीदी” तैयार करने के लक्ष्य के साथ आगे बढ़ रही है। इस पहल से ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों की महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने का अवसर मिलेगा। उन्होंने कहा कि सरस महोत्सव जैसे आयोजनों से महिलाओं द्वारा तैयार उत्पादों को बाजार मिलता है और उनकी आय में वृद्धि होती है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">कार्यक्रम के दौरान उपमुख्यमंत्री ने विभिन्न स्वयं सहायता समूहों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का निरीक्षण भी किया और महिलाओं द्वारा तैयार किए गए उत्पादों की सराहना की। उन्होंने कहा कि सरकार की योजनाओं का लाभ महिलाओं तक पहुंचाने के लिए प्रशासन और जनप्रतिनिधि मिलकर काम कर रहे हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">इस अवसर पर गोरखपुर के सांसद व अभिनेता रवि किशन फूलपुर के सांसद प्रवीण पटेल, प्रयागराज के महापौर गणेश केसरवानी जिला पंचायत अध्यक्ष वीके सिंह, विधान परिषद सदस्य केपी श्रीवास्तव और सुरेंद्र चौधरी भी मौजूद रहे। इसके अलावा विधायक दीपक पटेल और पियुष रंजन निषाद, भाजपा महानगर अध्यक्ष संजय गुप्ता, भाजपा जिलाध्यक्ष राजेश शुक्ला व निर्मला पासवान सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक कार्यक्रम में उपस्थित रहे।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">कार्यक्रम में सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने भी लोगों का मन मोह लिया। प्रतिष्ठित कवयित्री एवं गायिका अनामिका जैन अंबर तथा प्रसिद्ध गायिका तृप्ति शाक्य ने अपने गीतों और प्रस्तुतियों से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। सरस महोत्सव में विभिन्न जिलों से आए स्वयं सहायता समूहों द्वारा तैयार हस्तशिल्प, खाद्य पदार्थ, परिधान और घरेलू उत्पादों के स्टॉल लगाए गए हैं। यह महोत्सव न केवल ग्रामीण उत्पादों को मंच प्रदान कर रहा है, बल्कि महिलाओं की उद्यमिता और आत्मनिर्भरता को भी नई पहचान दे रहा है। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय लोग, स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 14 Mar 2026 21:19:29 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>भारत कनाडा संबंधों का नया स्वर्णिम अध्याय</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;">भारत और कनाडा के रिश्तों में हालिया उच्चस्तरीय वार्ता के बाद एक नया और महत्वपूर्ण अध्याय जुड़ गया है। नई दिल्ली स्थित हैदराबाद हाउस में भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी के बीच हुई बैठक ने द्विपक्षीय संबंधों को नई दिशा देने का काम किया है। इस मुलाकात में ऊर्जा, रक्षा, व्यापार, कृषि और वैश्विक शांति जैसे विषयों पर व्यापक चर्चा हुई और कई अहम समझौतों पर सहमति बनी। विशेष रूप से सिविल न्यूक्लियर एनर्जी के क्षेत्र में यूरेनियम की दीर्घकालिक आपूर्ति को लेकर हुआ समझौता इस वार्ता की सबसे बड़ी उपलब्धि माना जा रहा</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/172347/new-golden-chapter-of-india-canada-relations"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-03/भारत-कनाडा-संबंधों-का-नया-स्वर्णिम-अध्याय.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;">भारत और कनाडा के रिश्तों में हालिया उच्चस्तरीय वार्ता के बाद एक नया और महत्वपूर्ण अध्याय जुड़ गया है। नई दिल्ली स्थित हैदराबाद हाउस में भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी के बीच हुई बैठक ने द्विपक्षीय संबंधों को नई दिशा देने का काम किया है। इस मुलाकात में ऊर्जा, रक्षा, व्यापार, कृषि और वैश्विक शांति जैसे विषयों पर व्यापक चर्चा हुई और कई अहम समझौतों पर सहमति बनी। विशेष रूप से सिविल न्यूक्लियर एनर्जी के क्षेत्र में यूरेनियम की दीर्घकालिक आपूर्ति को लेकर हुआ समझौता इस वार्ता की सबसे बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">यह मुलाकात दोनों नेताओं के बीच औपचारिक द्विपक्षीय बैठक के रूप में महत्वपूर्ण रही। पिछले वर्षों में भारत और कनाडा के संबंधों में उतार-चढ़ाव देखने को मिले थे, किंतु इस बैठक ने यह संकेत दिया कि दोनों देश परिपक्व कूटनीतिक दृष्टिकोण के साथ भविष्य की ओर बढ़ना चाहते हैं। बातचीत में पारस्परिक विश्वास, आर्थिक सहयोग और रणनीतिक साझेदारी को नई मजबूती देने पर बल दिया गया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">यूरेनियम आपूर्ति समझौता इस यात्रा का केंद्रीय बिंदु रहा। करीब 2.6 अरब डॉलर यानी लगभग 23,784 करोड़ रुपए के इस करार के तहत कनाडा अगले दस वर्षों तक भारत को यूरेनियम की आपूर्ति करेगा। कनाडा विश्व के प्रमुख यूरेनियम उत्पादक देशों में से एक है और भारत की बढ़ती परमाणु ऊर्जा जरूरतों को देखते हुए यह समझौता ऊर्जा सुरक्षा के लिहाज से अत्यंत महत्वपूर्ण है। भारत में परमाणु ऊर्जा उत्पादन को बढ़ावा देने की दिशा में यह कदम निर्णायक साबित हो सकता है। भारत पहले से ही 2013 में लागू हुए न्यूक्लियर कोऑपरेशन एग्रीमेंट के तहत कनाडा से यूरेनियम प्राप्त करता रहा है, किंतु इस नई दीर्घकालिक व्यवस्था से स्थिरता और भरोसे की नई नींव पड़ी है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में सहयोग केवल कच्चे यूरेनियम की आपूर्ति तक सीमित नहीं रहेगा। दोनों देशों ने छोटे मॉड्यूलर रिएक्टरों और उन्नत रिएक्टर तकनीकों के विकास में भी सहयोग की बात कही है। इससे भारत को स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन के क्षेत्र में तकनीकी लाभ मिलेगा और ऊर्जा मिश्रण में परमाणु ऊर्जा की हिस्सेदारी बढ़ाने का लक्ष्य साकार हो सकेगा। जलवायु परिवर्तन और कार्बन उत्सर्जन में कमी की वैश्विक प्रतिबद्धताओं के बीच यह सहयोग भारत की दीर्घकालिक रणनीति के अनुरूप है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">रक्षा और सुरक्षा क्षेत्र में भी साझेदारी को नई गति देने का निर्णय लिया गया है। समुद्री क्षेत्र जागरूकता, रक्षा उद्योगों में सहयोग और सैन्य आदान-प्रदान जैसे पहलुओं पर सहमति जताई गई। बदलते वैश्विक सुरक्षा परिदृश्य में यह सहयोग दोनों देशों के लिए रणनीतिक महत्व रखता है। आतंकवाद, उग्रवाद और कट्टरता को मानवता के सामने गंभीर चुनौती बताते हुए दोनों नेताओं ने इनसे निपटने के लिए घनिष्ठ सहयोग की आवश्यकता पर बल दिया।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">आर्थिक दृष्टि से भी यह बैठक अहम रही। दोनों देशों ने 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को 50 अरब डॉलर तक ले जाने का लक्ष्य तय किया है। जनवरी से अक्टूबर 2025 के दौरान दोनों देशों के बीच लगभग 8 अरब डॉलर का व्यापार हुआ, जो भविष्य में और तेजी से बढ़ सकता है। भारत विश्व की सबसे तेजी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है और कनाडा प्राकृतिक संसाधनों, प्रौद्योगिकी और निवेश क्षमता के लिए जाना जाता है। ऐसे में दोनों की पूरक अर्थव्यवस्थाएं व्यापक अवसर पैदा कर सकती हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">फ्री ट्रेड एग्रीमेंट को लेकर भी बातचीत शुरू करने की घोषणा की गई है। यदि यह समझौता अंतिम रूप लेता है तो व्यापार और निवेश के नए द्वार खुलेंगे। भारतीय उद्योगों को कनाडाई बाजार तक बेहतर पहुंच मिलेगी और कनाडाई कंपनियों को भारत के विशाल उपभोक्ता बाजार में अवसर प्राप्त होंगे। कृषि, कृषि प्रौद्योगिकी और खाद्य सुरक्षा के क्षेत्र में मूल्यवर्धन पर सहयोग से किसानों और कृषि उद्योग को लाभ हो सकता है। भारत में दालों की मांग को देखते हुए कनाडा के पल्स प्रोटीन क्षेत्र में सहयोग विशेष महत्व रखता है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">प्रधानमंत्री मोदी ने अपने वक्तव्य में क्रिकेट के टी20 प्रारूप का उदाहरण देते हुए कहा कि जैसे टी20 में त्वरित निर्णय और मजबूत साझेदारी से मैच जीते जाते हैं, वैसे ही भारत और कनाडा मिलकर भविष्य का निर्माण करेंगे। यह टिप्पणी केवल सांकेतिक नहीं थी, बल्कि इस बात का संकेत थी कि दोनों देश तेजी से बदलती वैश्विक परिस्थितियों में सक्रिय और व्यावहारिक दृष्टिकोण अपनाना चाहते हैं।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">वैश्विक मुद्दों पर भी दोनों देशों की समान सोच सामने आई। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव पर चिंता व्यक्त करते हुए भारत ने स्पष्ट किया कि वह विश्व में शांति और स्थिरता चाहता है तथा हर समस्या का समाधान संवाद के माध्यम से निकाला जाना चाहिए। यह रुख भारत की पारंपरिक विदेश नीति के अनुरूप है, जो संतुलन और कूटनीतिक समाधान पर जोर देती है।द्विपक्षीय संबंधों की पृष्ठभूमि पर नजर डालें तो 2008 के भारत-अमेरिका असैन्य परमाणु समझौते के बाद भारत के लिए वैश्विक परमाणु व्यापार के रास्ते खुले थे। उसी क्रम में 2013 का भारत-कनाडा परमाणु सहयोग समझौता लागू हुआ। हालिया करार उसी प्रक्रिया की अगली कड़ी है, जिसने दोनों देशों के संबंधों को और गहराई दी है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">कुल मिलाकर यह बैठक केवल एक आर्थिक समझौते तक सीमित नहीं रही, बल्कि इसने राजनीतिक विश्वास, रणनीतिक साझेदारी और दीर्घकालिक सहयोग की नई दिशा तय की है। ऊर्जा सुरक्षा, रक्षा सहयोग, व्यापार विस्तार और वैश्विक शांति के मुद्दों पर साझा दृष्टिकोण ने यह स्पष्ट कर दिया है कि भारत और कनाडा भविष्य में बहुआयामी संबंधों को और सुदृढ़ करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। बदलते वैश्विक परिदृश्य में यह साझेदारी दोनों देशों के लिए अवसरों और स्थिरता का नया मार्ग प्रशस्त कर सकती </div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;"><strong>कांतिलाल मांडोत</strong></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                            <category>संपादकीय</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 03 Mar 2026 18:31:34 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>श्रीभूमि जिले के दुल्लभछड़ा–विद्यानगर–अनिपुर सड़क की दयनीय स्थिति से आमजन त्रस्त</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>श्रीभूमि :</strong>श्रीभूमि जिले के दुल्लभछड़ा से विद्यानगर होते हुए अनिपुर तक जाने वाली महत्वपूर्ण सड़क की वर्तमान स्थिति अत्यंत चिंताजनक और दुखद बनी हुई है। लंबे समय से मरम्मत और समुचित रखरखाव के अभाव में यह सड़क लगभग असंचलनीय हो चुकी है। जगह-जगह गड्ढे, टूटी परतें और अत्यधिक धूल-रेत के कारण आमजन को प्रतिदिन गंभीर कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">मुख्य मार्ग की हालत इतनी खराब हो चुकी है कि हल्की हवा चलने पर भी धूल का गुबार उठता है। इससे स्थानीय निवासियों में श्वसन संबंधी समस्याएँ, आंखों में जलन और अन्य स्वास्थ्य संबंधी परेशानियाँ बढ़ रही</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/172053/common-people-are-troubled-by-the-pitiful-condition-of-dulabhchhada-vidyanagar-anipur"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-03/1001339581.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>श्रीभूमि :</strong>श्रीभूमि जिले के दुल्लभछड़ा से विद्यानगर होते हुए अनिपुर तक जाने वाली महत्वपूर्ण सड़क की वर्तमान स्थिति अत्यंत चिंताजनक और दुखद बनी हुई है। लंबे समय से मरम्मत और समुचित रखरखाव के अभाव में यह सड़क लगभग असंचलनीय हो चुकी है। जगह-जगह गड्ढे, टूटी परतें और अत्यधिक धूल-रेत के कारण आमजन को प्रतिदिन गंभीर कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">मुख्य मार्ग की हालत इतनी खराब हो चुकी है कि हल्की हवा चलने पर भी धूल का गुबार उठता है। इससे स्थानीय निवासियों में श्वसन संबंधी समस्याएँ, आंखों में जलन और अन्य स्वास्थ्य संबंधी परेशानियाँ बढ़ रही हैं। पैदल यात्रियों, वाहन चालकों, स्कूल-कॉलेज जाने वाले छात्र-छात्राओं, बुजुर्गों एवं मरीजों के लिए यह मार्ग अत्यंत जोखिमपूर्ण बन गया है। दैनिक आवागमन एक चुनौती में बदल चुका है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">क्षेत्रवासियों का आरोप है कि संबंधित विभाग, विशेषकर लोक निर्माण विभाग (PWD) के अधिकारी तथा स्थानीय जनप्रतिनिधि इस गंभीर समस्या पर निष्क्रिय बने हुए हैं। समय पर मरम्मत और धूल नियंत्रण के उपाय न किए जाने से स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">प्रभावित नागरिकों ने भारत के लोकप्रिय प्रधानमंत्री Narendra Modi और राज्य के मुख्यमंत्री Himanta Biswa Sarma से हस्तक्षेप की अपील की है। उन्होंने मांग की है कि सड़क की तत्काल मरम्मत, नियमित रखरखाव तथा धूल नियंत्रण के प्रभावी उपाय सुनिश्चित किए जाएं, ताकि आम जनता को इस लंबे समय से चली आ रही समस्या से स्थायी राहत मिल सके।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>असम हिमाचल प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 01 Mar 2026 19:37:50 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अंतरराष्ट्रीय मंच पर फजीहत! तीन गलतियों के चलते Expo से बाहर हुई गलगोटिया यूनिवर्सिटी (Galgotias University)</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;">ग्रेटर नोएडा स्थित Galgotias University एक बार फिर विवादों में आ गई है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आयोजित आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) Expo से यूनिवर्सिटी को बाहर किए जाने के बाद केंद्र सरकार ने इस फैसले की वजह स्पष्ट करते हुए कहा कि “झूठी और भ्रामक जानकारी को बढ़ावा देने वाली संस्थाओं के लिए ऐसे मंच पर जगह नहीं हो सकती।”</p>
<p style="text-align:justify;">बताया जा रहा है कि यह Expo भारत की ओर से AI सेक्टर में अपनी क्षमताओं को दुनिया के सामने रखने का बड़ा मंच था। ऐसे में गलगोटिया यूनिवर्सिटी से जुड़ा विवाद सामने आने के बाद इसे भारत की छवि के</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/170323/embarrassment-on-international-stage-galgotias-university-out-of-expo-due"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-02/galgotiya-university.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">ग्रेटर नोएडा स्थित Galgotias University एक बार फिर विवादों में आ गई है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आयोजित आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) Expo से यूनिवर्सिटी को बाहर किए जाने के बाद केंद्र सरकार ने इस फैसले की वजह स्पष्ट करते हुए कहा कि “झूठी और भ्रामक जानकारी को बढ़ावा देने वाली संस्थाओं के लिए ऐसे मंच पर जगह नहीं हो सकती।”</p>
<p style="text-align:justify;">बताया जा रहा है कि यह Expo भारत की ओर से AI सेक्टर में अपनी क्षमताओं को दुनिया के सामने रखने का बड़ा मंच था। ऐसे में गलगोटिया यूनिवर्सिटी से जुड़ा विवाद सामने आने के बाद इसे भारत की छवि के लिए भी नुकसानदायक माना गया।</p>
<h3 style="text-align:justify;"><strong>क्या है पूरा मामला?</strong></h3>
<p style="text-align:justify;">सूत्रों के मुताबिक, गलगोटिया यूनिवर्सिटी ने AI और मशीन लर्निंग से जुड़े अपने प्रोजेक्ट्स और उपलब्धियों को लेकर Expo में कुछ ऐसे दावे किए थे, जिनकी जांच में पुष्टि नहीं हो सकी। इसके बाद संबंधित अधिकारियों ने मामले की समीक्षा की और यूनिवर्सिटी की भागीदारी रद्द कर दी।</p>
<p style="text-align:justify;">सरकारी अधिकारियों का कहना है कि AI जैसे संवेदनशील और तकनीकी क्षेत्र में गलत या बढ़ा-चढ़ाकर पेश की गई जानकारी से अंतरराष्ट्रीय मंच पर देश की साख प्रभावित होती है।</p>
<h3 style="text-align:justify;"><strong>सरकार ने गिनाए तीन बड़े ब्लंडर्स</strong></h3>
<p style="text-align:justify;">सरकार की प्राथमिक जांच में तीन बड़ी गड़बड़ियां सामने आईं:</p>
<blockquote class="format1">
<p style="text-align:justify;"><strong>1. उपलब्धियों को बढ़ा-चढ़ाकर पेश करना</strong><br />यूनिवर्सिटी पर आरोप है कि उसने अपने AI प्रोजेक्ट्स और रिसर्च को लेकर ऐसे दावे किए जो आधिकारिक रिकॉर्ड से मेल नहीं खाते थे।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>2. गलत डेटा और भ्रामक प्रस्तुति</strong><br />Expo में दिखाए जाने वाले कुछ मॉडल और आंकड़ों को लेकर भी सवाल उठे। जांच में पाया गया कि कुछ जानकारी सत्यापित नहीं थी।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>3. अंतरराष्ट्रीय मंच पर गलत प्रतिनिधित्व</strong><br />अधिकारियों के अनुसार, यूनिवर्सिटी ने खुद को कुछ प्रोजेक्ट्स का प्रमुख डेवलपर बताया, जबकि उनमें अन्य संस्थानों की भी भूमिका थी।</p>
</blockquote>
<h3 style="text-align:justify;"><strong>क्यों अहम था यह Expo?</strong></h3>
<p style="text-align:justify;">यह AI Expo भारत के लिए खास माना जा रहा था क्योंकि देश AI टेक्नोलॉजी, स्टार्टअप और रिसर्च के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। ऐसे में किसी भी संस्थान द्वारा गलत जानकारी देने को गंभीरता से लिया गया।</p>
<h3 style="text-align:justify;"><strong>यूनिवर्सिटी की प्रतिक्रिया</strong></h3>
<p style="text-align:justify;">मामले पर अभी तक यूनिवर्सिटी की ओर से विस्तृत आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। हालांकि सूत्रों का कहना है कि यूनिवर्सिटी अपने पक्ष में दस्तावेज तैयार कर रही है।</p>
<h3 style="text-align:justify;"><strong>आगे क्या?</strong></h3>
<p style="text-align:justify;">सरकारी सूत्रों के मुताबिक, यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो यूनिवर्सिटी के खिलाफ आगे की कार्रवाई भी की जा सकती है। वहीं, AI Expo के आयोजकों ने साफ किया है कि भविष्य में केवल सत्यापित और प्रमाणित संस्थानों को ही भागीदारी दी जाएगी।</p>
<p style="text-align:justify;">इस पूरे मामले ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि तेजी से बढ़ रहे AI सेक्टर में संस्थानों के दावों की जांच कितनी जरूरी है, ताकि अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत की साख मजबूत बनी रहे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>अंतर्राष्ट्रीय</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>एशिया</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/170323/embarrassment-on-international-stage-galgotias-university-out-of-expo-due</link>
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                <pubDate>Thu, 19 Feb 2026 13:13:35 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>हमसे तेल खरीदना बंद नहीं करेगा भारत…ट्रंप के दावे पर रूस का जवाब</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;">  </p>
<p style="text-align:justify;">रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने कहा कि भारत रूस से तेल खरीदना बंद करेगा, यह दावा सिर्फ अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप कर रहे हैं. लावरोव ने कहा कि रूस और भारत के बीच हुए तेल समझौतों पर कोई खतरा नहीं है.</p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>भारत भी इस मुद्दे पर बयान दे चुका</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">लावरोव का यह बयान उस समय आया जब भारत की ओर से भी इस मुद्दे पर सफाई दी गई. विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने कहा कि भारत अपनी जरूरत के मुताबिक, अलग-अलग देशों से कच्चा तेल खरीदेगा. उन्होंने कहा कि सप्लाई चेन को स्थिर रखने के लिए भारत स्रोतों</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/169281/india-will-not-stop-buying-oil-from-us%E2%80%A6-russias-response"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-02/trump.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"> </p>
<p style="text-align:justify;">रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने कहा कि भारत रूस से तेल खरीदना बंद करेगा, यह दावा सिर्फ अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप कर रहे हैं. लावरोव ने कहा कि रूस और भारत के बीच हुए तेल समझौतों पर कोई खतरा नहीं है.</p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>भारत भी इस मुद्दे पर बयान दे चुका</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">लावरोव का यह बयान उस समय आया जब भारत की ओर से भी इस मुद्दे पर सफाई दी गई. विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने कहा कि भारत अपनी जरूरत के मुताबिक, अलग-अलग देशों से कच्चा तेल खरीदेगा. उन्होंने कहा कि सप्लाई चेन को स्थिर रखने के लिए भारत स्रोतों में विविधता लाता रहेगा. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने भी कहा कि 1.4 अरब लोगों की ऊर्जा सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है. उन्होंने यह भी कहा कि रूस के साथ भारत के सभी समझौते पहले की तरह जारी हैं.</p>
<p style="text-align:justify;">अगस्त 2025 में अमेरिका ने भारत पर 25% एक्स्ट्रा टैरिफ लगाया था, क्योंकि भारत रूस से तेल खरीद रहा था. बाद में यह टैरिफ वापस ले लिया गया. हालांकि अमेरिका ने चेतावनी दी कि अगर भारत ने सीधे या परोक्ष रूप से रूसी तेल की खरीद दोबारा शुरू की, तो 25% टैरिफ फिर से लगाया जा सकता है.</p>
<p style="text-align:justify;">रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने भारत से रूसी तेल खरीद को लेकर बयान दिया है. उन्होंने कहा कि भारत रूस से तेल खरीदना बंद करेगा, यह दावा सिर्फ अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप कर रहे हैं. ट्रंप के अलावा किसी और ने ऐसा नहीं कहा है. लावरोव के मुताबिक, रूस और भारत के बीच हुए तेल और अन्य समझौते पूरी तरह सुरक्षित हैं और उन पर कोई खतरा नहीं है.</p>
<p style="text-align:justify;">पिछले हफ्ते ट्रंप ने भारत के साथ एक फ्रेमवर्क व्यापार समझौते की घोषणा की थी. उसी दौरान उन्होंने दावा किया कि भारत ने रूस से कच्चा तेल नहीं खरीदने पर सहमति जताई है. अमेरिका का आरोप है कि रूस तेल बेचकर जो पैसा कमाता है, उसका इस्तेमाल वह यूक्रेन के खिलाफ युद्ध में करता है.</p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>लावरोव ने अमेरिका पर आरोप लगाए</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">लावरोव ने अमेरिका पर आरोप लगाया कि वह भारत और ब्रिक्स देशों के साथ रूस के व्यापार, निवेश और सैन्य सहयोग को रोकने की कोशिश कर रहा है. उन्होंने कहा कि अमेरिका टैरिफ, प्रतिबंध और दबाव वाले कदमों के जरिए दुनियाभर में दबदबा बनाए रखना चाहता है, लावरोव ने कहा कि ट्रंप प्रशासन के आने के बाद यह नीति और खुलकर दिख रही है.</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>अंतर्राष्ट्रीय</category>
                                            <category>Featured</category>
                                            <category>यूरोप</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/169281/india-will-not-stop-buying-oil-from-us%E2%80%A6-russias-response</link>
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                <pubDate>Wed, 11 Feb 2026 23:01:17 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Haryana: हरियाणा में लाडो लक्ष्मी योजना में हुआ बड़ा बदलाव, पढ़ें पूरी जानकारी </title>
                                    <description><![CDATA[<p></p>
<p><span class="cf0">Haryana Lado Laxmi Yojana: हरियाणा सरकार पंडित </span><span class="cf0">दीनदयाल</span> <span class="cf0">लाडो</span><span class="cf0"> लक्ष्मी योजना में बड़ा परिवर्तन </span><span class="cf0">करने</span> <span class="cf0">की</span> <span class="cf0">तैयारी</span> <span class="cf0">कर</span> <span class="cf0">रही</span> <span class="cf0">है</span><span class="cf0">। </span><span class="cf0">यह</span> <span class="cf0">बदलाव</span> <span class="cf0">बिहार</span> <span class="cf0">में</span> <span class="cf0">एनडीए</span> <span class="cf0">की</span> <span class="cf0">जीत</span> <span class="cf0">और</span> <span class="cf0">वहां</span> <span class="cf0">महिलाओं</span> <span class="cf0">को</span> <span class="cf0">दी</span> <span class="cf0">गई</span> <span class="cf0">आर्थिक</span> <span class="cf0">सहायता</span> <span class="cf0">के</span> <span class="cf0">सकारात्मक</span> <span class="cf0">असर</span> <span class="cf0">से</span> <span class="cf0">प्रेरित</span><span class="cf0"> माना जा रहा है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने संकेत दिए हैं कि योजना के तहत </span><span class="cf0">मिलने</span> <span class="cf0">वाली</span> <span class="cf0">मासिक</span> <span class="cf0">सहायता</span> <span class="cf0">राशि</span> <span class="cf0">को</span> <span class="cf0">अब</span> <span class="cf0">साल</span> <span class="cf0">में</span> <span class="cf0">दो</span> <span class="cf0">बार</span> <span class="cf0">एकमुश्त</span> <span class="cf0">किस्त</span> <span class="cf0">के</span> <span class="cf0">रूप</span> <span class="cf0">में</span> <span class="cf0">दिया</span> <span class="cf0">जा</span> <span class="cf0">सकता</span> <span class="cf0">है</span><span class="cf0">।</span></p>
<p><strong><span class="cf0">मासिक</span><span class="cf0"> 2100 </span><span class="cf0">की</span> <span class="cf0">जगह</span> <span class="cf0">मिलेगी</span><span class="cf0"> 12,600 </span><span class="cf0">की</span> <span class="cf0">किस्त</span></strong></p>
<p><span class="cf0">वर्तमान</span> <span class="cf0">में</span> <span class="cf0">लाडो</span> <span class="cf0">लक्ष्मी</span> <span class="cf0">योजना</span> <span class="cf0">के</span> <span class="cf0">अंतर्गत</span> <span class="cf0">गरीब</span> <span class="cf0">महिलाओं</span> <span class="cf0">को</span> <span class="cf0">हर</span> <span class="cf0">महीने</span><span class="cf0"> 2100 </span><span class="cf0">रुपये</span></p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/160897/haryana-big-change-in-lado-lakshmi-yojana-in-haryana-read"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-11/lado-laxmi-yojana-(5).jpg" alt=""></a><br /><p></p>
<p><span class="cf0">Haryana Lado Laxmi Yojana: हरियाणा सरकार पंडित </span><span class="cf0">दीनदयाल</span> <span class="cf0">लाडो</span><span class="cf0"> लक्ष्मी योजना में बड़ा परिवर्तन </span><span class="cf0">करने</span> <span class="cf0">की</span> <span class="cf0">तैयारी</span> <span class="cf0">कर</span> <span class="cf0">रही</span> <span class="cf0">है</span><span class="cf0">। </span><span class="cf0">यह</span> <span class="cf0">बदलाव</span> <span class="cf0">बिहार</span> <span class="cf0">में</span> <span class="cf0">एनडीए</span> <span class="cf0">की</span> <span class="cf0">जीत</span> <span class="cf0">और</span> <span class="cf0">वहां</span> <span class="cf0">महिलाओं</span> <span class="cf0">को</span> <span class="cf0">दी</span> <span class="cf0">गई</span> <span class="cf0">आर्थिक</span> <span class="cf0">सहायता</span> <span class="cf0">के</span> <span class="cf0">सकारात्मक</span> <span class="cf0">असर</span> <span class="cf0">से</span> <span class="cf0">प्रेरित</span><span class="cf0"> माना जा रहा है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने संकेत दिए हैं कि योजना के तहत </span><span class="cf0">मिलने</span> <span class="cf0">वाली</span> <span class="cf0">मासिक</span> <span class="cf0">सहायता</span> <span class="cf0">राशि</span> <span class="cf0">को</span> <span class="cf0">अब</span> <span class="cf0">साल</span> <span class="cf0">में</span> <span class="cf0">दो</span> <span class="cf0">बार</span> <span class="cf0">एकमुश्त</span> <span class="cf0">किस्त</span> <span class="cf0">के</span> <span class="cf0">रूप</span> <span class="cf0">में</span> <span class="cf0">दिया</span> <span class="cf0">जा</span> <span class="cf0">सकता</span> <span class="cf0">है</span><span class="cf0">।</span></p>
<p><strong><span class="cf0">मासिक</span><span class="cf0"> 2100 </span><span class="cf0">की</span> <span class="cf0">जगह</span> <span class="cf0">मिलेगी</span><span class="cf0"> 12,600 </span><span class="cf0">की</span> <span class="cf0">किस्त</span></strong></p>
<p><span class="cf0">वर्तमान</span> <span class="cf0">में</span> <span class="cf0">लाडो</span> <span class="cf0">लक्ष्मी</span> <span class="cf0">योजना</span> <span class="cf0">के</span> <span class="cf0">अंतर्गत</span> <span class="cf0">गरीब</span> <span class="cf0">महिलाओं</span> <span class="cf0">को</span> <span class="cf0">हर</span> <span class="cf0">महीने</span><span class="cf0"> 2100 </span><span class="cf0">रुपये</span> <span class="cf0">की</span> <span class="cf0">आर्थिक</span><span class="cf0"> सहायता दी जाती है। लेकिन इसे बदलकर हर छह महीने में 12,600 रुपये की </span><span class="cf0">एकमुश्त</span><span class="cf0"> राशि देने पर विचार किया जा रहा </span><span class="cf0">है।एक</span><span class="cf0"> वर्ष में यह कुल राशि 25,200 रुपये बनती है।</span></p>
<p><span class="cf0">सरकार का मानना है कि </span><span class="cf0">एकमुश्त</span><span class="cf0"> राशि महिलाओं के लिए अधिक उपयोगी साबित होगी</span><span class="cf0">। यह राशि </span><span class="cf0">रोजगार शुरू करने, घर</span><span class="cf2">–</span><span class="cf0">परिवार की </span><span class="cf0">ज़रूरतों</span><span class="cf0"> या व्यक्तिगत कार्यों में यह रकम बेहतर तरीके से उपयोग की जा सकती है।</span></p>
<p><strong><span class="cf0">बिहार </span><span class="cf0">मॉडल</span><span class="cf0"> क्यों बना आधार?</span></strong></p>
<p><span class="cf0">बिहार में चुनाव से पहले मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत महिलाओं को 10,000</span><span class="cf2">–</span><span class="cf1">10,000 </span><span class="cf0">रुपये दिए गए थे। इस आर्थिक सहायता ने चुनाव नतीजों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और महिलाओं का व्यापक समर्थन </span><span class="cf0">एनडीए</span><span class="cf0"> को मिला।</span></p>
<p><span class="cf0">हरियाणा सरकार भी इसी सफल </span><span class="cf0">मॉडल</span><span class="cf0"> को अपने राज्य में लागू करना चाहती है। बिहार में उस समय करीब 25 लाख महिलाओं के खातों में प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (</span><span class="cf1">DBT) </span><span class="cf0">के माध्यम से राशि भेजी गई थी।</span></p>
<p><strong><span class="cf0">कितनी महिलाएं होंगी लाभार्थी?</span></strong></p>
<p><span class="cf0">हरियाणा में नवंबर से शुरू हुई योजना वर्तमान में उन महिलाओं को कवर कर रही है जिनके परिवार की वार्षिक आय 1 लाख रुपये तक है। अब </span><span class="cf0">तक</span> <span class="cf0">करीब</span><span class="cf0"> 6 </span><span class="cf0">लाख</span> <span class="cf0">महिलाओं</span> <span class="cf0">के</span> <span class="cf0">खातों</span><span class="cf0"> में 2100-2100 रुपये डाले जा चुके हैं।</span></p>
<p><span class="cf0">पूरे राज्य में लगभग 20 लाख महिलाएं इस श्रेणी में </span><span class="cf0">चिन्हित</span><span class="cf0"> हैं। </span><span class="cf0">धीरे-धीरे</span><span class="cf0"> योजना को 1.80 लाख और 3 लाख वार्षिक आय वाले परिवारों की महिलाओं तक भी बढ़ाया जाएगा। राज्य में कुल महिलाओं की संख्या लगभग 45 लाख है।</span></p>
<p><strong><span class="cf0">योजना का वार्षिक </span><span class="cf0">बजट</span></strong></p>
<p><span class="cf0">लाडो</span><span class="cf0"> लक्ष्मी योजना पर हरियाणा सरकार 5,000 करोड़ रुपये सालाना खर्च </span><span class="cf0">करेगी</span><span class="cf0">। यह राशि राज्य के वार्षिक </span><span class="cf0">बजट</span><span class="cf0"> में नियमित रूप से शामिल की जाएगी।</span></p>
<p><span class="cf0">प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पहले ही पिछले महीने इस योजना का वर्चुअल शुभारंभ कर चुके हैं, जिसके दौरान 75 लाख महिला लाभार्थियों को 10-10 हजार रुपये </span><span class="cf0">ट्रांसफर</span><span class="cf0"> किए गए थे।</span></p>
<p><strong><span class="cf0">सरकार ने अधिकारियों को दी निर्देश</span></strong></p>
<p><span class="cf0">मुख्यमंत्री नायब सिंह </span><span class="cf0">सैनी</span> <span class="cf0">ने</span> <span class="cf0">हिसार</span> <span class="cf0">में</span> <span class="cf0">आयोजित</span> <span class="cf0">एक</span> <span class="cf0">कार्यक्रम</span> <span class="cf0">में</span> <span class="cf0">स्पष्ट</span> <span class="cf0">संकेत</span> <span class="cf0">दिए</span> <span class="cf0">कि</span><span class="cf0"> भविष्य में योजना </span><span class="cf0">की</span><span class="cf0"> राशि साल में दो बार हस्तांतरित की जाएगी।</span></p>
<p></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>राज्य</category>
                                            <category>हरियाणा</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/160897/haryana-big-change-in-lado-lakshmi-yojana-in-haryana-read</link>
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                <pubDate>Thu, 20 Nov 2025 10:35:17 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sandeep Kumar ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Haryana: हरियाणा में लाडो लक्ष्मी योजना में हुआ बड़ा बदलाव, पढ़ें पूरी जानकारी </title>
                                    <description><![CDATA[<p></p><p><span class="cf0">Haryana Lado Laxmi Yojana: हरियाणा सरकार पंडित </span><span class="cf0">दीनदयाल</span> <span class="cf0">लाडो</span><span class="cf0"> लक्ष्मी योजना में बड़ा परिवर्तन </span><span class="cf0">करने</span> <span class="cf0">की</span> <span class="cf0">तैयारी</span> <span class="cf0">कर</span> <span class="cf0">रही</span> <span class="cf0">है</span><span class="cf0">। </span><span class="cf0">यह</span> <span class="cf0">बदलाव</span> <span class="cf0">बिहार</span> <span class="cf0">में</span> <span class="cf0">एनडीए</span> <span class="cf0">की</span> <span class="cf0">जीत</span> <span class="cf0">और</span> <span class="cf0">वहां</span> <span class="cf0">महिलाओं</span> <span class="cf0">को</span> <span class="cf0">दी</span> <span class="cf0">गई</span> <span class="cf0">आर्थिक</span> <span class="cf0">सहायता</span> <span class="cf0">के</span> <span class="cf0">सकारात्मक</span> <span class="cf0">असर</span> <span class="cf0">से</span> <span class="cf0">प्रेरित</span><span class="cf0"> माना जा रहा है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने संकेत दिए हैं कि योजना के तहत </span><span class="cf0">मिलने</span> <span class="cf0">वाली</span> <span class="cf0">मासिक</span> <span class="cf0">सहायता</span> <span class="cf0">राशि</span> <span class="cf0">को</span> <span class="cf0">अब</span> <span class="cf0">साल</span> <span class="cf0">में</span> <span class="cf0">दो</span> <span class="cf0">बार</span> <span class="cf0">एकमुश्त</span> <span class="cf0">किस्त</span> <span class="cf0">के</span> <span class="cf0">रूप</span> <span class="cf0">में</span> <span class="cf0">दिया</span> <span class="cf0">जा</span> <span class="cf0">सकता</span> <span class="cf0">है</span><span class="cf0">।</span></p><p><strong><span class="cf0">मासिक</span><span class="cf0"> 2100 </span><span class="cf0">की</span> <span class="cf0">जगह</span> <span class="cf0">मिलेगी</span><span class="cf0"> 12,600 </span><span class="cf0">की</span> <span class="cf0">किस्त</span></strong></p><p><span class="cf0">वर्तमान</span> <span class="cf0">में</span> <span class="cf0">लाडो</span> <span class="cf0">लक्ष्मी</span> <span class="cf0">योजना</span> <span class="cf0">के</span> <span class="cf0">अंतर्गत</span> <span class="cf0">गरीब</span> <span class="cf0">महिलाओं</span> <span class="cf0">को</span> <span class="cf0">हर</span> <span class="cf0">महीने</span><span class="cf0"> 2100 </span><span class="cf0">रुपये</span></p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/160610/haryana-big-change-in-lado-lakshmi-yojana-in-haryana-read"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-11/lado-laxmi-yojana-(5).jpg" alt=""></a><br /><p></p><p><span class="cf0">Haryana Lado Laxmi Yojana: हरियाणा सरकार पंडित </span><span class="cf0">दीनदयाल</span> <span class="cf0">लाडो</span><span class="cf0"> लक्ष्मी योजना में बड़ा परिवर्तन </span><span class="cf0">करने</span> <span class="cf0">की</span> <span class="cf0">तैयारी</span> <span class="cf0">कर</span> <span class="cf0">रही</span> <span class="cf0">है</span><span class="cf0">। </span><span class="cf0">यह</span> <span class="cf0">बदलाव</span> <span class="cf0">बिहार</span> <span class="cf0">में</span> <span class="cf0">एनडीए</span> <span class="cf0">की</span> <span class="cf0">जीत</span> <span class="cf0">और</span> <span class="cf0">वहां</span> <span class="cf0">महिलाओं</span> <span class="cf0">को</span> <span class="cf0">दी</span> <span class="cf0">गई</span> <span class="cf0">आर्थिक</span> <span class="cf0">सहायता</span> <span class="cf0">के</span> <span class="cf0">सकारात्मक</span> <span class="cf0">असर</span> <span class="cf0">से</span> <span class="cf0">प्रेरित</span><span class="cf0"> माना जा रहा है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने संकेत दिए हैं कि योजना के तहत </span><span class="cf0">मिलने</span> <span class="cf0">वाली</span> <span class="cf0">मासिक</span> <span class="cf0">सहायता</span> <span class="cf0">राशि</span> <span class="cf0">को</span> <span class="cf0">अब</span> <span class="cf0">साल</span> <span class="cf0">में</span> <span class="cf0">दो</span> <span class="cf0">बार</span> <span class="cf0">एकमुश्त</span> <span class="cf0">किस्त</span> <span class="cf0">के</span> <span class="cf0">रूप</span> <span class="cf0">में</span> <span class="cf0">दिया</span> <span class="cf0">जा</span> <span class="cf0">सकता</span> <span class="cf0">है</span><span class="cf0">।</span></p><p><strong><span class="cf0">मासिक</span><span class="cf0"> 2100 </span><span class="cf0">की</span> <span class="cf0">जगह</span> <span class="cf0">मिलेगी</span><span class="cf0"> 12,600 </span><span class="cf0">की</span> <span class="cf0">किस्त</span></strong></p><p><span class="cf0">वर्तमान</span> <span class="cf0">में</span> <span class="cf0">लाडो</span> <span class="cf0">लक्ष्मी</span> <span class="cf0">योजना</span> <span class="cf0">के</span> <span class="cf0">अंतर्गत</span> <span class="cf0">गरीब</span> <span class="cf0">महिलाओं</span> <span class="cf0">को</span> <span class="cf0">हर</span> <span class="cf0">महीने</span><span class="cf0"> 2100 </span><span class="cf0">रुपये</span> <span class="cf0">की</span> <span class="cf0">आर्थिक</span><span class="cf0"> सहायता दी जाती है। लेकिन इसे बदलकर हर छह महीने में 12,600 रुपये की </span><span class="cf0">एकमुश्त</span><span class="cf0"> राशि देने पर विचार किया जा रहा </span><span class="cf0">है।एक</span><span class="cf0"> वर्ष में यह कुल राशि 25,200 रुपये बनती है।</span></p><p><span class="cf0">सरकार का मानना है कि </span><span class="cf0">एकमुश्त</span><span class="cf0"> राशि महिलाओं के लिए अधिक उपयोगी साबित होगी</span><span class="cf0">। यह राशि </span><span class="cf0">रोजगार शुरू करने, घर</span><span class="cf2">–</span><span class="cf0">परिवार की </span><span class="cf0">ज़रूरतों</span><span class="cf0"> या व्यक्तिगत कार्यों में यह रकम बेहतर तरीके से उपयोग की जा सकती है।</span></p><p><strong><span class="cf0">बिहार </span><span class="cf0">मॉडल</span><span class="cf0"> क्यों बना आधार?</span></strong></p><p><span class="cf0">बिहार में चुनाव से पहले मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत महिलाओं को 10,000</span><span class="cf2">–</span><span class="cf1">10,000 </span><span class="cf0">रुपये दिए गए थे। इस आर्थिक सहायता ने चुनाव नतीजों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और महिलाओं का व्यापक समर्थन </span><span class="cf0">एनडीए</span><span class="cf0"> को मिला।</span></p><p><span class="cf0">हरियाणा सरकार भी इसी सफल </span><span class="cf0">मॉडल</span><span class="cf0"> को अपने राज्य में लागू करना चाहती है। बिहार में उस समय करीब 25 लाख महिलाओं के खातों में प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (</span><span class="cf1">DBT) </span><span class="cf0">के माध्यम से राशि भेजी गई थी।</span></p><p><strong><span class="cf0">कितनी महिलाएं होंगी लाभार्थी?</span></strong></p><p><span class="cf0">हरियाणा में नवंबर से शुरू हुई योजना वर्तमान में उन महिलाओं को कवर कर रही है जिनके परिवार की वार्षिक आय 1 लाख रुपये तक है। अब </span><span class="cf0">तक</span> <span class="cf0">करीब</span><span class="cf0"> 6 </span><span class="cf0">लाख</span> <span class="cf0">महिलाओं</span> <span class="cf0">के</span> <span class="cf0">खातों</span><span class="cf0"> में 2100-2100 रुपये डाले जा चुके हैं।</span></p><p><span class="cf0">पूरे राज्य में लगभग 20 लाख महिलाएं इस श्रेणी में </span><span class="cf0">चिन्हित</span><span class="cf0"> हैं। </span><span class="cf0">धीरे-धीरे</span><span class="cf0"> योजना को 1.80 लाख और 3 लाख वार्षिक आय वाले परिवारों की महिलाओं तक भी बढ़ाया जाएगा। राज्य में कुल महिलाओं की संख्या लगभग 45 लाख है।</span></p><p><strong><span class="cf0">योजना का वार्षिक </span><span class="cf0">बजट</span></strong></p><p><span class="cf0">लाडो</span><span class="cf0"> लक्ष्मी योजना पर हरियाणा सरकार 5,000 करोड़ रुपये सालाना खर्च </span><span class="cf0">करेगी</span><span class="cf0">। यह राशि राज्य के वार्षिक </span><span class="cf0">बजट</span><span class="cf0"> में नियमित रूप से शामिल की जाएगी।</span></p><p><span class="cf0">प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पहले ही पिछले महीने इस योजना का वर्चुअल शुभारंभ कर चुके हैं, जिसके दौरान 75 लाख महिला लाभार्थियों को 10-10 हजार रुपये </span><span class="cf0">ट्रांसफर</span><span class="cf0"> किए गए थे।</span></p><p><strong><span class="cf0">सरकार ने अधिकारियों को दी निर्देश</span></strong></p><p><span class="cf0">मुख्यमंत्री नायब सिंह </span><span class="cf0">सैनी</span> <span class="cf0">ने</span> <span class="cf0">हिसार</span> <span class="cf0">में</span> <span class="cf0">आयोजित</span> <span class="cf0">एक</span> <span class="cf0">कार्यक्रम</span> <span class="cf0">में</span> <span class="cf0">स्पष्ट</span> <span class="cf0">संकेत</span> <span class="cf0">दिए</span> <span class="cf0">कि</span><span class="cf0"> भविष्य में योजना </span><span class="cf0">की</span><span class="cf0"> राशि साल में दो बार हस्तांतरित की जाएगी।</span></p><p></p>]]></content:encoded>
                
                

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/160610/haryana-big-change-in-lado-lakshmi-yojana-in-haryana-read</link>
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                <pubDate>Mon, 17 Nov 2025 10:14:39 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sandeep Kumar ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महिला विश्व कप विजेता टीम की मेज़बानी की — जानिए क्या कह दिया खास.......</title>
                                    <description><![CDATA[<p>  </p>
<p><strong>राष्ट्रीय खेल समाचार नई दिल्ली,</strong></p>
<p><strong>सचिन बाजपेई </strong></p>
<p><br />प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज लोक कल्याण मार्ग स्थित अपने आवास पर भारतीय महिला क्रिकेट टीम की मेज़बानी की, जिसने हाल ही में आईसीसी महिला विश्व कप 2025 जीतकर इतिहास रच दिया।</p>
<p>प्रधानमंत्री ने टीम को शानदार जीत की बधाई दी और कहा कि यह केवल एक क्रिकेट विजय नहीं, बल्कि “नए भारत की नारी शक्ति का प्रतीक” है। उन्होंने खिलाड़ियों की उस जुझारू भावना की सराहना की, जिसके दम पर उन्होंने लगातार तीन हार और सोशल मीडिया ट्रोलिंग के बावजूद टूर्नामेंट में शानदार वापसी की और खिताब अपने नाम किया।</p>
<p>मुलाक़ात के</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/159093/prime-minister-narendra-modi-hosted-the-womens-world-cup-winning"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-11/nm.png" alt=""></a><br /><p> </p>
<p><strong>राष्ट्रीय खेल समाचार नई दिल्ली,</strong></p>
<p><strong>सचिन बाजपेई </strong></p>
<p><br />प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज लोक कल्याण मार्ग स्थित अपने आवास पर भारतीय महिला क्रिकेट टीम की मेज़बानी की, जिसने हाल ही में आईसीसी महिला विश्व कप 2025 जीतकर इतिहास रच दिया।</p>
<p>प्रधानमंत्री ने टीम को शानदार जीत की बधाई दी और कहा कि यह केवल एक क्रिकेट विजय नहीं, बल्कि “नए भारत की नारी शक्ति का प्रतीक” है। उन्होंने खिलाड़ियों की उस जुझारू भावना की सराहना की, जिसके दम पर उन्होंने लगातार तीन हार और सोशल मीडिया ट्रोलिंग के बावजूद टूर्नामेंट में शानदार वापसी की और खिताब अपने नाम किया।</p>
<p>मुलाक़ात के दौरान प्रधानमंत्री ने खिलाड़ियों से आत्मीय बातचीत की और उनकी मेहनत, अनुशासन और टीम भावना की प्रशंसा की।</p>
<h3><strong>✳ खिलाड़ियों की प्रतिक्रियाएँ</strong></h3>
<p>कप्तान हरमनप्रीत कौर ने मुस्कुराते हुए कहा, “2017 में हम प्रधानमंत्री जी से बिना ट्रॉफी मिले थे, अब ट्रॉफी के साथ मिलने का सौभाग्य मिला है। अगली बार और बड़ी उपलब्धि लेकर मिलना चाहेंगी।”</p>
<p>उपकप्तान स्मृति मंधाना ने बताया, “प्रधानमंत्री ने हमें मोटिवेट किया। उन्होंने कहा कि आज की बेटियाँ हर क्षेत्र में चमक रही हैं — और हमारी जीत उस बदलाव का प्रतीक है।”</p>
<p>दीप्ति शर्मा, जिन्हें टूर्नामेंट की ‘प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट’ घोषित किया गया था, ने कहा कि वे प्रधानमंत्री से मिलने को लेकर बहुत उत्साहित थीं। उन्होंने याद किया कि 2017 में मोदी जी ने उन्हें कहा था “मेहनत करते रहो, एक दिन सपना पूरा होगा”, और आज वही सपना सच हुआ।</p>
<p><br />प्रधानमंत्री मोदी ने दीप्ति की सराहना करते हुए कहा कि उनकी “जय श्री राम” भावना और हनुमान टैटू उनकी आस्था और शक्ति का प्रतीक है।</p>
<p>मुलाक़ात में टीम की सभी खिलाड़ी, कोचिंग स्टाफ और बीसीसीआई अधिकारी मौजूद रहे। प्रधानमंत्री ने खिलाड़ियों से टीम की जर्सी भी प्राप्त की, जिस पर सभी के हस्ताक्षर थे।</p>
<h3><strong>🏆 गौरव का क्षण</strong></h3>
<p>2 नवंबर 2025 को नवी मुंबई के डीवाई पाटिल स्टेडियम में खेले गए फाइनल में भारत ने दक्षिण अफ्रीका को 184 रनों से हराकर अपना पहला महिला विश्व कप जीता था। दीप्ति शर्मा ने 21 विकेट और 215 रन बनाकर टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन किया था, जबकि शैफाली वर्मा ने फाइनल में 70 रनों की ताबड़तोड़ पारी खेली थी।</p>
<p>प्रधानमंत्री ने कहा <br />“आप सभी ने यह साबित किया है कि भारत की बेटियाँ किसी भी चुनौती को जीत में बदल सकती हैं। यह जीत देश की हर बेटी के लिए प्रेरणा है।”</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>खेल मनोरंजन</category>
                                            <category>खेल</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 05 Nov 2025 21:55:01 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>PM Vishwakarma: इस योजना के तहत आपको घर बैठे मिलेंगे 15 हजार रुपये और लोन, ऐसे करें आवेदन </title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>PM Vishwakarma Yojana: </strong>देश में लोगों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए कई तरह की योजनाएं चल रही हैं। ये अलग-अलग योजनाएं, अलग-अलग वर्गों के लिए और अलग-अलग तरह के लाभ देने का काम करती है।</p>
<p style="text-align:justify;">जानकारी के मुताबिक, जैसे, एक योजना है PM किसान सम्मान निधि योजना जिसे केंद्र सरकार चलाती है। इस योजना के तहत कई तरह के आर्थिक लाभ दिए जाते हैं। साथ ही इस योजना के तहत 18 पारंपरिक व्यापारों से जुड़े लोगों को एडवांस ट्रेनिंग दी जाती है जिसके तहत कई अन्य लाभ भी मिलते हैं। PM Vishwakarma Yojana</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>योजना का लाभ?</strong></p>
<p style="text-align:justify;">मिली</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/157987/pm-vishwakarma-under-this-scheme-you-will-get-15-thousand"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-10/latest-news---2025-10-22t125202.687.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>PM Vishwakarma Yojana: </strong>देश में लोगों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए कई तरह की योजनाएं चल रही हैं। ये अलग-अलग योजनाएं, अलग-अलग वर्गों के लिए और अलग-अलग तरह के लाभ देने का काम करती है।</p>
<p style="text-align:justify;">जानकारी के मुताबिक, जैसे, एक योजना है PM किसान सम्मान निधि योजना जिसे केंद्र सरकार चलाती है। इस योजना के तहत कई तरह के आर्थिक लाभ दिए जाते हैं। साथ ही इस योजना के तहत 18 पारंपरिक व्यापारों से जुड़े लोगों को एडवांस ट्रेनिंग दी जाती है जिसके तहत कई अन्य लाभ भी मिलते हैं। PM Vishwakarma Yojana</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>योजना का लाभ?</strong></p>
<p style="text-align:justify;">मिली जानकारी के अनुसार, जो लोग राजमिस्त्री हैं, जो अस्त्रकार हैं, नाई यानी बाल काटने वाले हैं, अगर आप मालाकार हैं, जो नाव निर्माता हैं, अगर आप सुनार हैं, पत्थर तराशने वाले हैं, धोबी और दर्जी हैं, गुड़िया और खिलौना निर्माता का काम करते हैं, मोची/जूता बनाने वाले कारीगर हैं, पत्थर तोड़ने वाले हैं, जो लोग लोहार का काम करते हैं, जो लोग मूर्तिकार हैं, अगर फिशिंग नेट निर्माता हैं, टोकरी/चटाई/झाड़ू बनाने वाले हैं, हथौड़ा और टूलकिट निर्माता हैं और जो ताला बनाने वाले हैं। ये सभी लोग इस योजना से जुड़ने के लिए पात्र माने जाते हैं। PM Vishwakarma Yojana</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>योजना के तहत?</strong></p>
<p style="text-align:justify;">जानकारी के मुताबिक, इस PM विश्वकर्मा योजना के तहत लाभार्थियों को कुछ दिनों की एडवांस ट्रेनिंग दी जाती है जिसमें उन्हें उनके काम से जुड़े एडवांस स्कील्स सिखाए जाते हैं। वहीं, जब तक ये ट्रेनिंग चलती है तब तक लाभार्थियों को रोजाना 500 रुपेय स्टाइपैंड दिया जाता है PM Vishwakarma Yojana</p>
<p style="text-align:justify;">लाभार्थियों को 15 हजार रुपये भी दिए जाते हैं ताकि, वे टूलकिट खरीद सके जो उनके काम के लिए जरूरी होता है। PM Vishwakarma Yojana</p>
<p style="text-align:justify;">मिली जानकारी के अनुसार, योजना से जुड़ने वाले लाभार्थियों को सस्ती ब्याज दर पर लोन भी दिया जाता है। इसमें पहले 18 महीनों के लिए 1 लाख रुपये का लोन दिया जाता है। फिर इसके बाद 30 महीनों के लिए अतिरिक्त 2 लाख रुपये का लोन लिया जा सकता है। PM Vishwakarma Yojana</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>कैसे करें आवेदन?</strong></p>
<p style="text-align:justify;">जानकारी के मुताबिक, वैसे तो आप इस PM विश्वकर्मा योजना में ऑफलाइन आवेदन कर सकते हैं जिसके लिए आपको अपने नजदीकी सीएससी सेंटर पर जाना होता है। यहां जाकर आप आवेदन कर सकते हैं। PM Vishwakarma Yojana</p>
<p style="text-align:justify;">मिली जानकारी के अनुसार, आप इस योजना की आधिकारिक वेबसाइट https://pmvishwakarma.gov.in/ पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। 'लॉगिन' वाले सेक्शन में जाकर ऑनलाइन अप्लाई करके योजना से जुड़ सकते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;"> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/157987/pm-vishwakarma-under-this-scheme-you-will-get-15-thousand</link>
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                <pubDate>Wed, 22 Oct 2025 12:52:14 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sandeep Kumar ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सफल विदेश नीति, बढ़ता वैश्विक प्रभाव।</title>
                                    <description><![CDATA[<div>प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में भारत की विदेश नीति ने एक नई दिशा और ऊर्जा प्राप्त की है। आज भारत केवल दक्षिण एशिया तक सीमित नहीं, बल्कि वैश्विक मंच पर एक सशक्त और निर्णायक आवाज़ बनकर उभरा है।</div>
<div>मोदी जी की सरकार ने “पड़ोसी पहले” की नीति से लेकर “एक धरती, एक परिवार, एक भविष्य” के विचार तक, विश्व को भारतीय दृष्टिकोण से जोड़ने का प्रयास किया है। जी–20 शिखर सम्मेलन की सफल मेज़बानी ने भारत की कूटनीतिक शक्ति और आयोजन क्षमता को सिद्ध किया। वहीं, अमेरिका, रूस, फ्रांस और जापान जैसे देशों के साथ रणनीतिक साझेदारी गहरी</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/154999/68c68500486ac"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-09/05.jpg" alt=""></a><br /><div>प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में भारत की विदेश नीति ने एक नई दिशा और ऊर्जा प्राप्त की है। आज भारत केवल दक्षिण एशिया तक सीमित नहीं, बल्कि वैश्विक मंच पर एक सशक्त और निर्णायक आवाज़ बनकर उभरा है।</div>
<div>मोदी जी की सरकार ने “पड़ोसी पहले” की नीति से लेकर “एक धरती, एक परिवार, एक भविष्य” के विचार तक, विश्व को भारतीय दृष्टिकोण से जोड़ने का प्रयास किया है। जी–20 शिखर सम्मेलन की सफल मेज़बानी ने भारत की कूटनीतिक शक्ति और आयोजन क्षमता को सिद्ध किया। वहीं, अमेरिका, रूस, फ्रांस और जापान जैसे देशों के साथ रणनीतिक साझेदारी गहरी हुई है।</div>
<div> </div>
<div>संयुक्त राष्ट्र में भारत की सक्रिय भूमिका, अंतरराष्ट्रीय मंचों पर आतंकवाद के खिलाफ सख़्त रुख और ऊर्जा सुरक्षा से लेकर तकनीकी सहयोग तक भारत की प्राथमिकताओं को स्पष्ट रूप से सामने रखती है। </div>
<div><strong>लोकप्रियता में विश्व के शीर्ष पर मोदी जी- </strong>भारत की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी आज केवल भारत के नहीं, बल्कि पूरी दुनिया के सबसे लोकप्रिय नेताओं में गिने जाते हैं। अनेक वैश्विक सर्वेक्षणों में उन्हें लगातार नंबर एक स्थान मिलना इस बात का प्रमाण है कि उनकी छवि सीमाओं से परे जाकर विश्वजन तक पहुँची है।मोदी की लोकप्रियता का रहस्य केवल उनकी सशक्त नीतियों में नहीं, बल्कि उनके जन–संपर्क कौशल और सशक्त नेतृत्व में निहित है। अमेरिका से लेकर ऑस्ट्रेलिया और जापान से लेकर खाड़ी देशों तक, जहाँ भी मोदी जाते हैं, भारतीय प्रवासी ही नहीं, स्थानीय नागरिक भी उन्हें उत्साह से स्वागत करते हैं।</div>
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<div>विदेश नीति हमेशा चर्चा में रही है, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में इसकी दिशा और धारा बदल गई है। अब भारत केवल दूर का दर्शक नहीं, बल्कि निर्णायक भूमिका निभाने वाला देश बन गया है। यही वजह है कि मोदी सरकार की विदेश नीति को अक्सर “बहु–संतुलन” (मल्टी एलाइनमेंट)कहा जाता है।</div>
<div><strong>पड़ोसियों से रिश्ते की पहल -</strong> मोदी जी ने 2014 में शपथ लेते ही सभी शार्क देशों के प्रमुखों को आमंत्रित कर पड़ोस को प्राथमिकता दी थी और बहुत ही सौहाद्रता पूर्वक रिश्ता बनाने की पहल की थी। बांग्लादेश के साथ भूमि सीमा समझौता, नेपाल में राहत कार्य और श्रीलंका–मालदीव से रिश्तों की मजबूती ने भारत की छवि को निखारा। 1947 में स्वतंत्रता के बाद से पाकिस्तान के साथ रिश्ते जरूर तनावपूर्ण रहे हैं, पाकिस्तान अपनी आतंकवादी गतिविधियों से बाज नहीं आने के कारण भारत के हमेशा निशाने पर रहा है और अनेक युद्ध हारने के बाद भी वह आतंकवादियों को लगातार वित्तीय पोषण कर रहा है लेकिन आतंकवाद के मुद्दे पर भारत ने उसे वैश्विक मंच पर अलग-थलग करने में सफलता पाई और संयुक्त राष्ट्र संघ के कई मंचों पर भारत ने पाकिस्तान को फटकार लगाई है इसके अलावा उसकी आतंकवादी गतिविधियों को पूरे विश्व के सामने उजागर भी कर दिया है।</div>
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<div><strong>अमेरिका,रूस चीन और पश्चिमी देशों से बराबरी के रिश्ते -</strong></div>
<div>     मोदी की विदेश नीति का सबसे अहम पहलू यह है कि भारत ने हर ध्रुव से संबंध मज़बूत किए।अमेरिका के साथ रणनीतिक साझेदारी और क्वाड रूस से ऊर्जा और हथियार सहयोग।यूरोप, खासकर फ्रांस के साथ रक्षा सहयोग यानी भारत ने संतुलन बनाए रखा और किसी एक खेमे पर निर्भर नहीं रहा। नाटो के देशों के राष्ट्र प्रमुखों से भारत के प्रधानमंत्री के रिश्ते काफी मजबूत एवं दोस्ताना है, इसराइल फ्रांस कनाडा ब्रिटेन इटली भारत को अपना सच्चा हितैषी और अभिन्न मित्र  मानते हैं यह मोदी जी की कूटनीतिक बड़ी सफलता है।</div>
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<div><strong>चीन से रिश्ते किंतु सतर्क भारत-</strong></div>
<div>चीन के साथ व्यापार तो बढ़ा, लेकिन डोकलाम और गलवान जैसी घटनाओं ने रिश्तों को कठिन बनाया। इसके जवाब में भारत ने क्वाड और इंडो–पैसिफिक रणनीति के ज़रिए चीन को संतुलित करने की कोशिश की।</div>
<div>2023 में दिल्ली में हुए G20 शिखर सम्मेलन ने भारत की कूटनीति को नई ऊँचाई दी। अफ्रीकी संघ को G20 का स्थायी सदस्य बनवाने में भारत की पहल को दुनिया भर में सराहा गया। यह संदेश साफ था कि भारत केवल अपने लिए नहीं, बल्कि विकासशील देशों के लिए भी नेतृत्व कर रहा है।अमेरिका में मैडिसन स्क्वायर गार्डन "हाउडी मोदी "जैसे कार्यक्रमों ने प्रवासी भारतीयों को गर्व का अहसास कराया। योग और आयुर्वेद को दुनिया भर में लोकप्रिय बनाना भारत की सांस्कृतिक ताकत को दर्शाता है।</div>
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<div>भारत के सामने चुनौतियां अभी बाकी है भारत की विदेश नीति कई मायनों में सफल रही है। चीन में आयोजित शंघाई सहयोग संगठन की महत्वपूर्ण मीटिंग में भारत के प्रधानमंत्री मोदी जी ने चीन के राष्ट्रपति से जिनपिंग और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ जो गठबंधन किया है उससे विदेश नीति में एक नए युग का सूत्रपात हुआ है उससे यह तो स्पष्ट हो गया है कि भारत चीन और रूस यदि एक साथ हो जाए तो अमेरिका तथा नाटो देश इन्हें चुनौती नहीं दे सकते है। इसके बावजूद में भविष्य में चुनौतियाँ भी कम नहीं हैं चीन के साथ सीमा विवाद अभी भी है हालांकि इसका प्रभाव काफी कम हुआ है किंतु पाकिस्तान की जिद और अमेरिका को पाकिस्तान जैसे आतंकवादी देश को अपने पक्ष में करने से दक्षिण एशिया में तनाव की स्थिति पैदा हो सकती है। </div>
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<div>पड़ोसी देशों में चीन का बढ़ता प्रभाव भारत के लिए चिंता का कारण हैं।कुल मिलाकर, प्रधानमंत्री मोदी की विदेश नीति ने भारत की छवि को स्पष्ट एवं पारदर्शी बनाकर वैश्विक देशों को अपनी और आकर्षित किया है। अब भारत विश्व गुरु और आर्थिक सामरिक तथा वैज्ञानिक वैश्विक शक्ति दोनों के रूप में उभर रहा है। दुनिया का कोई भी बड़ा फैसला भारत की भागीदारी के बिना पूरा नहीं हो सकता है।  यही मोदी जी की सरकार की विदेश नीति की सबसे बड़ी उपलब्धि है।</div>
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<div><strong>संजीव ठाकुर,लेखक, चिंतक,स्तंभकार, </strong></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>अंतर्राष्ट्रीय</category>
                                            <category>यूरोप</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 21 Sep 2025 16:36:04 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[शत्रुघन मणि त्रिपाठी ]]></dc:creator>
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