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                <title>police success story - Swatantra Prabhat</title>
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                <description>police success story RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>महराजगंज तराई पुलिस ने साइबर ठगी के शिकार युवक को दिलाए 65 हजार रुपये वापस</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
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<div>स्वतंत्र प्रभात संवाददाता</div>
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<div><strong>बलरामपुर। </strong>थाना महराजगंज तराई पुलिस की तत्परता और प्रभावी कार्रवाई से साइबर ठगी के शिकार एक व्यक्ति को बड़ी राहत मिली है। पुलिस ने साइबर अपराधियों द्वारा ठगे गए 65 हजार रुपये पीड़ित के खाते में वापस कराकर सराहनीय कार्य किया है।</div>
<div>जानकारी के अनुसार थाना क्षेत्र के ग्राम जयनगरा निवासी फिरोज खान का मोबाइल 14 मई 2026 को हैक हो गया था, जिसके बाद उनके बैंक खाते से 65 हजार रुपये निकाल लिए गए थे। घटना की जानकारी होने पर पीड़ित ने नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई।</div>
<div>शिकायत प्राप्त होते ही साइबर</div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/181507/maharajganj-terai-police-returned-65-thousand-rupees-to-a-youth"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/img-20260618-wa0621.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
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<div>स्वतंत्र प्रभात संवाददाता</div>
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<div><strong>बलरामपुर। </strong>थाना महराजगंज तराई पुलिस की तत्परता और प्रभावी कार्रवाई से साइबर ठगी के शिकार एक व्यक्ति को बड़ी राहत मिली है। पुलिस ने साइबर अपराधियों द्वारा ठगे गए 65 हजार रुपये पीड़ित के खाते में वापस कराकर सराहनीय कार्य किया है।</div>
<div>जानकारी के अनुसार थाना क्षेत्र के ग्राम जयनगरा निवासी फिरोज खान का मोबाइल 14 मई 2026 को हैक हो गया था, जिसके बाद उनके बैंक खाते से 65 हजार रुपये निकाल लिए गए थे। घटना की जानकारी होने पर पीड़ित ने नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई।</div>
<div>शिकायत प्राप्त होते ही साइबर हेल्पडेस्क थाना महराजगंज तराई सक्रिय हो गई। उपनिरीक्षक आदित्य कुमार यादव और आरक्षी धीरज तिवारी ने त्वरित तकनीकी जांच करते हुए संबंधित बैंक अधिकारियों से समन्वय स्थापित किया। पुलिस की पहल पर ठगी गई धनराशि को आरोपी के खाते में तत्काल होल्ड कराया गया।</div>
<div>इसके बाद न्यायालय से रिलीजिंग आदेश प्राप्त कर बैंक के नोडल अधिकारी को भेजा गया। सभी आवश्यक कानूनी प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद 65 हजार रुपये की पूरी धनराशि सफलतापूर्वक पीड़ित के खाते में वापस करा दी गई।</div>
<div>धनराशि वापस मिलने पर फिरोज खान ने खुशी जताते हुए थाना महराजगंज तराई पुलिस का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि पुलिस की तत्परता और संवेदनशीलता के कारण उन्हें उनकी मेहनत की कमाई वापस मिल सकी।</div>
<div>इस सराहनीय कार्रवाई में उपनिरीक्षक आदित्य कुमार यादव, आरक्षी धीरज तिवारी, आरक्षी अर्जुन प्रसाद वर्मा तथा महिला आरक्षी पूजा सिंह की महत्वपूर्ण भूमिका रही।</div>
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                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 18 Jun 2026 20:33:27 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>साइबर ठगी के शिकार व्यक्ति को वापस मिले 19 हजार रुपये</title>
                                    <description><![CDATA[<div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती।</strong> बस्ती जिले केथाना दुबौलिया की साइबर सेल टीम ने साइबर ठगी के शिकार एक व्यक्ति के खाते में 19 हजार रुपये वापस कराकर महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है। रकम वापस मिलने पर पीड़ित ने बस्ती पुलिस का आभार जताया है।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">पुलिस अधीक्षक डॉ. यशवीर सिंह के निर्देशन, अपर पुलिस अधीक्षक श्यामकांत के पर्यवेक्षण तथा क्षेत्राधिकारी कलवारी प्रदीप त्रिपाठी के नेतृत्व में चलाए जा रहे साइबर अपराध रोकथाम अभियान के तहत यह कार्रवाई की गई।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">पुलिस के अनुसार थाना क्षेत्र के ऊंजी गांव निवासी दीनानाथ पुत्र परमात्मा साइबर ठगी का शिकार हो गए थे। उनके खाते से 19 हजार रुपये</div></div></div></div></div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/181133/victim-of-cyber-fraud-got-back-rs-19-thousand"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/img-20260613-wa0090.jpg" alt=""></a><br /><div class="ii gt">
<div class="a3s aiL">
<div>
<div>
<div style="text-align:justify;"><strong>बस्ती।</strong> बस्ती जिले केथाना दुबौलिया की साइबर सेल टीम ने साइबर ठगी के शिकार एक व्यक्ति के खाते में 19 हजार रुपये वापस कराकर महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है। रकम वापस मिलने पर पीड़ित ने बस्ती पुलिस का आभार जताया है।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">पुलिस अधीक्षक डॉ. यशवीर सिंह के निर्देशन, अपर पुलिस अधीक्षक श्यामकांत के पर्यवेक्षण तथा क्षेत्राधिकारी कलवारी प्रदीप त्रिपाठी के नेतृत्व में चलाए जा रहे साइबर अपराध रोकथाम अभियान के तहत यह कार्रवाई की गई।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">पुलिस के अनुसार थाना क्षेत्र के ऊंजी गांव निवासी दीनानाथ पुत्र परमात्मा साइबर ठगी का शिकार हो गए थे। उनके खाते से 19 हजार रुपये की धनराशि निकाल ली गई थी। पीड़ित ने मामले की शिकायत राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (एनसीसीआरपी) पर दर्ज कराई थी।शिकायत मिलने के बाद थाना दुबौलिया के प्रभारी निरीक्षक जीवन त्रिपाठी के निर्देशन में साइबर सेल प्रभारी अजय कुमार पांडेय एवं महिला कांस्टेबल साधना पांडेय ने मामले की जांच शुरू की। टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए ठगी गई धनराशि को होल्ड कराया। इसके बाद नई एसओपी-2 के तहत एमआरएम (मनी रिस्टोरेशन मैकेनिज्म) पोर्टल की सहायता से पूरी 19 हजार रुपये की रकम पीड़ित के खाते में वापस करा दी</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">रकम वापस मिलने पर दीनानाथ ने थाना दुबौलिया पुलिस और साइबर सेल टीम की सराहना करते हुए आभार व्यक्त किया। पुलिस अधिकारियों ने लोगों से साइबर ठगी से बचने के लिए सतर्क रहने तथा किसी भी प्रकार की ऑनलाइन धोखाधड़ी होने पर तत्काल हेल्पलाइन 1930 या एनसीसीआरपी पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराने की अपील की है।</div>
</div>
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</div>
</div>
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</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 13 Jun 2026 19:05:07 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>ऑपरेशन मिलाप : बिछड़ों को अपनों से मिलाने का मानवीय अभियान, परिवारों के आंसुओं में लौटी खुशियों की रोशनी</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;">किसी घर का बेटा, बेटी, बहन, भाई या माता-पिता अचानक लापता हो जाएं तो उस परिवार पर क्या गुजरती है, इसका अंदाजा वही लगा सकता है जिसने इस पीड़ा को करीब से महसूस किया हो। गुमशुदगी केवल किसी व्यक्ति का घर से दूर हो जाना नहीं है, बल्कि यह पूरे परिवार की खुशियों, उम्मीदों और मानसिक शांति के खो जाने जैसा होता है। हर गुजरते दिन के साथ परिजनों की चिंता बढ़ती जाती है। हर दरवाजे की आहट उन्हें उम्मीद देती है कि शायद उनका अपना लौट आया हो। हर फोन कॉल उन्हें चौंका देती है। ऐसे में जब वर्षों</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/181002/operation-milap-a-humanitarian-campaign-to-reunite-separated-people-with"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-06/delhi-police.jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;">किसी घर का बेटा, बेटी, बहन, भाई या माता-पिता अचानक लापता हो जाएं तो उस परिवार पर क्या गुजरती है, इसका अंदाजा वही लगा सकता है जिसने इस पीड़ा को करीब से महसूस किया हो। गुमशुदगी केवल किसी व्यक्ति का घर से दूर हो जाना नहीं है, बल्कि यह पूरे परिवार की खुशियों, उम्मीदों और मानसिक शांति के खो जाने जैसा होता है। हर गुजरते दिन के साथ परिजनों की चिंता बढ़ती जाती है। हर दरवाजे की आहट उन्हें उम्मीद देती है कि शायद उनका अपना लौट आया हो। हर फोन कॉल उन्हें चौंका देती है। ऐसे में जब वर्षों या महीनों से बिछड़ा कोई व्यक्ति अचानक परिवार से मिल जाता है तो वह क्षण किसी चमत्कार से कम नहीं होता।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">गुजरात पुलिस द्वारा चलाया गया “ऑपरेशन मिलाप” इसी मानवीय संवेदना का उत्कृष्ट उदाहरण बनकर सामने आया है। इस विशेष अभियान के अंतर्गत मात्र एक महीने में 1470 गुमशुदा व्यक्तियों को खोजकर उनके परिवारों से मिलाया गया। यह केवल एक प्रशासनिक उपलब्धि नहीं, बल्कि हजारों टूटते हुए परिवारों के जीवन में आशा, विश्वास और खुशियों की वापसी का अभियान है।</div><div style="text-align:justify;"><br /></div><div style="text-align:justify;">इस अभियान में 852 महिलाओं, 342 पुरुषों तथा 276 नाबालिग बच्चों और किशोरियों को खोजकर उनके परिजनों तक पहुंचाया गया। विशेष रूप से यह तथ्य महत्वपूर्ण है कि बड़ी संख्या में किशोरियां और महिलाएं अपने परिवारों से बिछड़ गई थीं। ऐसे मामलों में समय के साथ परिवारों की चिंता कई गुना बढ़ जाती है। उन्हें हर पल किसी अनहोनी की आशंका सताती रहती है। ऐसे में पुलिस द्वारा इन लोगों को सुरक्षित ढूंढ़ निकालना निश्चित रूप से सराहनीय कार्य है।</div><div style="text-align:justify;">गुजरात पुलिस ने केवल औपचारिक जांच तक स्वयं को सीमित नहीं रखा, बल्कि पुराने और लंबित मामलों को दोबारा खोलकर नए सिरे से जांच की। आधुनिक तकनीक, मोबाइल फोन विश्लेषण, सोशल मीडिया गतिविधियों की निगरानी, विभिन्न राज्यों की पुलिस के साथ समन्वय, सार्वजनिक परिवहन केंद्रों और आश्रय गृहों की जांच जैसे अनेक माध्यमों का उपयोग किया गया। शिकायतकर्ताओं और गवाहों से दोबारा संपर्क कर नए सुराग जुटाए गए। यह दर्शाता है कि यदि इच्छाशक्ति और संवेदनशीलता हो तो वर्षों पुराने मामलों में भी सकारात्मक परिणाम प्राप्त किए जा सकते हैं।</div><div style="text-align:justify;">सूरत पुलिस द्वारा सर्वाधिक 341 गुमशुदा व्यक्तियों का पता लगाना भी इस बात का प्रमाण है कि स्थानीय स्तर पर समर्पित प्रयास किस प्रकार बड़े परिणाम दे सकते हैं। पुलिस और प्रशासन की यह सक्रियता उन परिवारों के लिए राहत का कारण बनी है जो वर्षों से अपने प्रियजनों की प्रतीक्षा में दिन गिन रहे थे।</div><div style="text-align:justify;">इस अभियान का एक और महत्वपूर्ण पहलू यह है कि इससे समाज के सामने गुमशुदगी के वास्तविक कारण भी उजागर हुए हैं। पुलिस के विश्लेषण में सामने आया कि 14 से 17 वर्ष की आयु वर्ग की अनेक किशोरियां प्रेम संबंधों, पारिवारिक विवादों, अभिभावकों की डांट-फटकार अथवा पढ़ाई में असफलता जैसी परिस्थितियों के कारण घर छोड़कर चली गई थीं। कुछ मामले रोजगार की तलाश में पलायन करने वाले परिवारों से भी जुड़े पाए गए।</div><div style="text-align:justify;">यहां एक गंभीर सामाजिक संदेश छिपा हुआ है। जीवन में कठिनाइयां, असफलताएं, पारिवारिक मतभेद या भावनात्मक उलझनें आना स्वाभाविक है। किशोरावस्था में भावनाएं अधिक संवेदनशील होती हैं और कई बार छोटी घटनाएं भी बहुत बड़ी लगने लगती हैं। लेकिन घर छोड़ देना किसी समस्या का समाधान नहीं है। यह निर्णय क्षणिक आवेश में लिया जा सकता है, पर उसके परिणाम बहुत गंभीर होते हैं।</div><div style="text-align:justify;">कई बार बच्चों और किशोरों को लगता है कि उनके जाने से परिवार को कोई फर्क नहीं पड़ेगा या कुछ दिनों बाद सब सामान्य हो जाएगा। वास्तविकता इसके बिल्कुल विपरीत होती है। जिस दिन कोई बच्चा या किशोर घर से लापता होता है, उसी दिन से उसके माता-पिता का चैन और नींद समाप्त हो जाती है। मां की आंखें दरवाजे पर लगी रहती हैं। पिता बाहर से मजबूत दिखने का प्रयास करता है, लेकिन भीतर से टूट चुका होता है। भाई-बहन चिंता और असुरक्षा के बीच जीते हैं। पूरा परिवार हर संभावित स्थान पर तलाश करता है, पुलिस थानों के चक्कर लगाता है और अनिश्चितता के अंधेरे में जीवन बिताता है।</div><div style="text-align:justify;">गुमशुदगी का दर्द केवल भावनात्मक नहीं होता, बल्कि सामाजिक और आर्थिक रूप से भी परिवारों को प्रभावित करता है। अनेक परिवार अपनी बचत तक खर्च कर देते हैं। कई लोग कामकाज छोड़कर अपने प्रियजन की तलाश में जुट जाते हैं। मानसिक तनाव के कारण स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं भी उत्पन्न होने लगती हैं। इसलिए किसी भी परिस्थिति में घर छोड़कर चले जाना न तो समझदारी है और न ही समस्याओं का समाधान।</div><div style="text-align:justify;">आज आवश्यकता इस बात की है कि परिवारों और बच्चों के बीच संवाद को मजबूत बनाया जाए। अभिभावक बच्चों की भावनाओं को समझें और बच्चे अपने माता-पिता पर विश्वास करें। यदि पढ़ाई में असफलता मिली है, किसी बात पर डांट पड़ी है या जीवन में कोई परेशानी आई है, तो उसका समाधान बातचीत से निकाला जा सकता है। परिवार ही वह स्थान है जहां व्यक्ति को सबसे अधिक सुरक्षा, प्रेम और सहयोग मिलता है।</div><div style="text-align:justify;">ऑपरेशन मिलाप की सफलता केवल आंकड़ों में नहीं मापी जा सकती। इसकी वास्तविक सफलता उन हजारों मुस्कानों में दिखाई देती है जो बिछड़ने के बाद फिर से लौट आईं। उन माताओं की आंखों में दिखाई देती है जिन्होंने वर्षों बाद अपने बच्चों को गले लगाया। उन परिवारों की खुशी में दिखाई देती है जिनकी उम्मीदें लगभग समाप्त हो चुकी थीं।</div><div style="text-align:justify;">यह अभियान यह भी सिद्ध करता है कि पुलिस केवल कानून व्यवस्था बनाए रखने वाली संस्था नहीं है, बल्कि समाज के दुख-दर्द में सहभागी बनने वाली संवेदनशील व्यवस्था भी है। जब पुलिस किसी गुमशुदा व्यक्ति को उसके परिवार तक पहुंचाती है, तब वह केवल एक केस बंद नहीं करती बल्कि एक टूटे हुए परिवार को फिर से जोड़ती है।</div><div style="text-align:justify;">ऑपरेशन मिलाप ने हजारों परिवारों को नई जिंदगी दी है। यह अभियान मानवता, संवेदनशीलता और सामाजिक जिम्मेदारी का उत्कृष्ट उदाहरण है। साथ ही यह हम सभी को यह संदेश भी देता है कि जीवन की किसी भी कठिन परिस्थिति में घर और परिवार से दूर जाना समाधान नहीं है। संवाद, धैर्य और विश्वास ही हर समस्या का सबसे मजबूत उत्तर हैं। यदि यह संदेश समाज के प्रत्येक बच्चे और किशोर तक पहुंच जाए तो शायद भविष्य में अनेक परिवार गुमशुदगी की उस पीड़ा से बच सकेंगे, जिसे शब्दों में पूरी तरह व्यक्त करना संभव नहीं है।</div><div style="text-align:justify;">       </div><div style="text-align:justify;"><strong><br /></strong></div><div style="text-align:justify;"><strong>                                                                           *कांतिलाल मांडोत*</strong></div><div class="yj6qo" style="text-align:justify;"><br /></div><div class="adL" style="text-align:justify;"><br /></div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                            <category>संपादकीय</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 11 Jun 2026 18:35:40 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Abhinav Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>9 साल पुराने केस में वारण्टी अभियुक्त गिरफ्तार</title>
                                    <description><![CDATA[<div style="text-align:justify;"><strong>करैली/प्रयागराज। </strong>थाना करैली पुलिस ने लंबित वारण्ट के तहत एक अभियुक्त को गिरफ्तार कर  सफलता हासिल की है। यह कार्रवाई  प्रधान न्यायाधीश, परिवार न्यायालय कक्ष संख्या-02, प्रयागराज के आदेश एवं इलाहाबाद हाईकोर्ट के निर्देशों के अनुपालन में की गई।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">पुलिस के अनुसार, केस संख्या 12/2017 से संबंधित वारण्टी अभियुक्त मो0 इस्माइल खां (57 वर्ष) पुत्र स्व. मो0 मोईन खां, निवासी 48/64 नूरुल्ला रोड (सुल्तानपुर भावा), थाना करैली, को 04 मई 2026 को उसके क्षेत्र नूरुल्ला रोड स्थित हड्डी गोदाम इलाके से गिरफ्तार किया गया।</div>
<div style="text-align:justify;">  </div>
<div style="text-align:justify;">यह मामला लंबे समय से न्यायालय में लंबित था और अभियुक्त की गिरफ्तारी के लिए वारण्ट</div>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/178268/warranty-accused-arrested-in-9-year-old-case"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-05/img-20260505-wa0167-(1).jpg" alt=""></a><br /><div style="text-align:justify;"><strong>करैली/प्रयागराज। </strong>थाना करैली पुलिस ने लंबित वारण्ट के तहत एक अभियुक्त को गिरफ्तार कर  सफलता हासिल की है। यह कार्रवाई  प्रधान न्यायाधीश, परिवार न्यायालय कक्ष संख्या-02, प्रयागराज के आदेश एवं इलाहाबाद हाईकोर्ट के निर्देशों के अनुपालन में की गई।</div>
<div style="text-align:justify;"> </div>
<div style="text-align:justify;">पुलिस के अनुसार, केस संख्या 12/2017 से संबंधित वारण्टी अभियुक्त मो0 इस्माइल खां (57 वर्ष) पुत्र स्व. मो0 मोईन खां, निवासी 48/64 नूरुल्ला रोड (सुल्तानपुर भावा), थाना करैली, को 04 मई 2026 को उसके क्षेत्र नूरुल्ला रोड स्थित हड्डी गोदाम इलाके से गिरफ्तार किया गया।</div>
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<div style="text-align:justify;">यह मामला लंबे समय से न्यायालय में लंबित था और अभियुक्त की गिरफ्तारी के लिए वारण्ट जारी किया गया था। करैली पुलिस ने सक्रियता दिखाते हुए अभियुक्त को ट्रेस कर दबिश देकर गिरफ्तार कर लिया।</div>
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<div style="text-align:justify;">गिरफ्तारी के बाद अभियुक्त के खिलाफ नियमानुसार अग्रिम विधिक कार्रवाई पूरी की गई और उसे न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>आपका शहर</category>
                                            <category>पूर्वांचल-पूर्वी उत्तर प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 05 May 2026 22:27:07 +0530</pubDate>
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