<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://www.swatantraprabhat.com/tag/8577/%E0%A4%B8%E0%A5%81%E0%A4%B0%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%B7%E0%A4%BE" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Swatantra Prabhat RSS Feed Generator</generator>
                <title>सुरक्षा - Swatantra Prabhat</title>
                <link>https://www.swatantraprabhat.com/tag/8577/rss</link>
                <description>सुरक्षा RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>शांति की बातें, युद्ध की तैयारी: सभ्यता का दोहरा चेहरा</title>
                                    <description><![CDATA[<p align="right" style="text-align:justify;"><strong><span lang="hi" xml:lang="hi">प्रो. आरके जैन “अरिजीत”</span></strong></p><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">आसमान अभी भी धुंध और धुएँ से भरा था</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जब हमारी आँखें टीवी स्क्रीन पर चमकते लाल ब्लॉकों में फँस गईं। एक पल पहले तक यह सिर्फ़ खबरें थीं—और अगले ही पल</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">यह हमारी ज़िन्दगी बन गई। अमेरिका और इज़राइल ने ईरान पर हमला किया। </span>28 <span lang="hi" xml:lang="hi">फरवरी</span><span lang="hi" xml:lang="hi">  </span><span lang="hi" xml:lang="hi">को अमेरिका और इज़राइल के संयुक्त हमलों में आयतुल्लाह अली ख़ामेनेई की मौत हुई</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसकी पुष्टि ईरानी राज्य मीडिया ने </span>1 <span lang="hi" xml:lang="hi">मार्च को की। इस खबर ने दुनिया को झकझोर दिया</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन हमारे भीतर का झटका और भी गहरा था। यह कोई दूर की लड़ाई</span></p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/172185/talks-of-peace-preparation-for-war-the-double-face-of"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2026-03/hindi-divas1.jpg" alt=""></a><br /><p align="right" style="text-align:justify;"><strong><span lang="hi" xml:lang="hi">प्रो. आरके जैन “अरिजीत”</span></strong></p><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">आसमान अभी भी धुंध और धुएँ से भरा था</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जब हमारी आँखें टीवी स्क्रीन पर चमकते लाल ब्लॉकों में फँस गईं। एक पल पहले तक यह सिर्फ़ खबरें थीं—और अगले ही पल</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">यह हमारी ज़िन्दगी बन गई। अमेरिका और इज़राइल ने ईरान पर हमला किया। </span>28 <span lang="hi" xml:lang="hi">फरवरी</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">को अमेरिका और इज़राइल के संयुक्त हमलों में आयतुल्लाह अली ख़ामेनेई की मौत हुई</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जिसकी पुष्टि ईरानी राज्य मीडिया ने </span>1 <span lang="hi" xml:lang="hi">मार्च को की। इस खबर ने दुनिया को झकझोर दिया</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन हमारे भीतर का झटका और भी गहरा था। यह कोई दूर की लड़ाई नहीं थी—यह हमारी किताबों में</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">हमारी दीवारों में</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">हमारी सांसों में उतर गई।</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">स्कूल की किताबें अब कागज़ नहीं रह गई थीं। वे बम के टुकड़ों में बदल गई थीं। हर पन्ना खून से सना था</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">हर अध्याय मौत की कहानी कहता था। बच्चे अब पढ़ेंगे कि छिपना और बचना ही उनका पाठ बन गया। हमारी पीढ़ी ने उन्हें विरासत दी है—एक ऐसी विरासत जिसमें ज्ञान और भय</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">दोनों सिखाए जाते हैं।</span></p><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">हमने शांति की बातें कीं। “डिप्लोमेसी चलेगी</span>,” <span lang="hi" xml:lang="hi">कहा। लेकिन </span>28 <span lang="hi" xml:lang="hi">फ़रवरी</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">को ऑपरेशन शुरू हुआ</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">और हमारी आँखें फिर अंधेरी हो गईं। टीवी बंद हुआ। सोशल मीडिया को स्क्रॉल करते हुए सोचा</span>, “<span lang="hi" xml:lang="hi">यह हमारी दुनिया से दूर है।” लेकिन यह सच नहीं था। ईरान के न्यूक्लियर साइट्स पर हमले हुए</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">अमेरिकी सैनिकों की मौत की पुष्टि हुई है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">इज़राइल पर मिसाइलें गिरीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">हिज़्बुल्लाह सक्रिय हुआ</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">और गल्फ़ में तेल सुविधाओं और जहाजों पर हमले हुए</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">आग और विस्फोट की खबरें आईं।</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">और हम</span>? <span lang="hi" xml:lang="hi">हम खून से सनी किताबें तैयार कर रहे हैं। किताबें जो नई पीढ़ी को पढ़ाएंगी कि उनका भविष्य किस तरह जलता रहा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">और उनकी आवाज़ कहाँ गुम हो गई। यह हमारी सच्चाई है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">और हमारी चुप्पी—सबसे बड़ा अपराध।</span></p><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">यह युद्ध नया नहीं है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन हमने इसे अपनी विरासत बना लिया है। </span>2025 <span lang="hi" xml:lang="hi">में</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जब इज़राइल ने ईरान पर हमला किया</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">हमने इसे सिर्फ़ “सीमित संघर्ष” कहकर नजरअंदाज किया। जब ट्रंप ने घोषणा की कि “ईरान को न्यूक्लियर हथियार नहीं मिलेंगे</span>,” <span lang="hi" xml:lang="hi">हमने उसकी चेतावनी को हँसी में उड़ा दिया। लेकिन अब</span>, 2026 <span lang="hi" xml:lang="hi">में</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">ख़ामेनेई की मौत के बाद</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तेहरान में नागरिक क्षेत्र प्रभावित हुए</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">अस्पतालों और स्कूलों पर असर की खबरें</span><span lang="hi" xml:lang="hi"> </span><span lang="hi" xml:lang="hi">सामने आ रही हैं। हमारी पीढ़ी ने चुन लिया है – बच्चों को खून भरी किताबें थमाना</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">हथियार बेचना</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">और तेल के लिए आंखें मूंद लेना। और वही बच्चे अब पढ़ेंगे – हर अध्याय में मौत</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">हर पन्ने पर खून</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">और जिन किताबों में जीवन का कोई पाठ नहीं।</span></p><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">एक बच्चा अपनी माँ से पूछेगा</span>, “<span lang="hi" xml:lang="hi">माँ</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">यह किताब क्यों लाल है</span>?” <span lang="hi" xml:lang="hi">और जवाब नहीं मिलेगा। क्योंकि यह लाल नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">यह खून से सनी थी। हमारी पीढ़ी ने कहा</span>, “<span lang="hi" xml:lang="hi">हम लड़ रहे हैं ताकि तुम सुरक्षित रहो</span>,” <span lang="hi" xml:lang="hi">लेकिन लड़ाई किससे थी – खुद से</span>? <span lang="hi" xml:lang="hi">हमने घृणा बोई</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">नफ़रत उगाई। “प्री-एम्प्टिव स्ट्राइक” की छाया में</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">मार का बोझ बच्चों पर पड़ा। युद्ध की छाया में रेडिएशन का खतरा मंडरा सकता है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">कैंसर और बीमारियाँ पीढ़ियों को प्रभावित कर सकती हैं। हमने उन्हें क्या विरासत दी</span>? <span lang="hi" xml:lang="hi">ऐसी किताबें जिनमें हर जन्म मौत की सज़ा पढ़ाता है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">और जिनमें जीवन का कोई पाठ नहीं।</span></p><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">यह सिर्फ़ मिडिल ईस्ट की समस्या नहीं है। वर्ल्ड वॉर थ्री की आहट अब हर दिशा में गूँज रही है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">हर ख़बर</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">हर रेडियो</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">हर स्क्रीन पर इसकी गूंज सुनाई देती है। पोल्स चीख रहे हैं – अमेरिका में </span>46%, <span lang="hi" xml:lang="hi">ब्रिटेन में </span>43%, <span lang="hi" xml:lang="hi">फ्रांस में उच्च प्रतिशत</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जबकि जर्मनी में कम लोग अगले पाँच साल में ग्लोबल वॉर को संभावित मानते हैं। लेकिन हम सुन नहीं रहे। हम अपनी आँखें बंद करके नई पीढ़ी के लिए खून से सनी किताबें तैयार कर रहे हैं। बच्चे पढ़ेंगे – ऐसी किताबें जो न्यूक्लियर विंटर की कहानियाँ कहेंगी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जहाँ सूरज छिपा रहेगा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">जहाँ फसलें उगना भूल जाएँगी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">और भूख ही मृत्यु का दूसरा नाम बन जाएगी। यह हमारी विरासत है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">और इसके साए में बढ़ती हर पीढ़ी अपनी पहली और आखिरी पाठशाला में मौत और विनाश ही देखेगी।</span></p><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">हमने जलवायु परिवर्तन को अनदेखा किया। हमने युद्ध को सामान्य मान लिया। अब इसकी कीमत चुकाने वाली नई पीढ़ी होगी। उनकी पहली किताब विस्फोट की होगी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">उनकी आखिरी राख की। उनका डीएनए बदल चुका होगा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">उनका बचपन डर और सायरन की चीखों में बीतेगा। उनके खेल नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि खतरे की घंटियों की गूँज उनके कानों में गूँजेगी। हमारी पीढ़ी का सबसे बड़ा अपराध यही है – युद्ध को अपनी विरासत बनाना। हमने किताबें लिखीं – खून से। लेकिन अब वही किताबें उनकी पहली और आखिरी पढ़ाई बन चुकी हैं। नई पीढ़ी पढ़ेगी और समझेगी कि हमने क्या किया</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">और यह समझ उन्हें हमारे फैसलों की कीमत बतलाएगी।</span></p><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">अब जागने का वक्त है – इससे पहले कि खून से सनी किताबें बच्चों की पहली और आखिरी पढ़ाई बन जाएँ। जागो। बदलो। लड़ो। क्योंकि अगर हमने अभी नहीं बदला</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो नई पीढ़ी सिर्फ़ खून के पन्ने पलटेगी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">और हर सवाल के जवाब के लिए हमारी चुप्पी ही रह जाएगी। बच्चे पूछेंगे</span>, “<span lang="hi" xml:lang="hi">तुमने हमें क्यों मारा</span>?” <span lang="hi" xml:lang="hi">और हमारे पास कोई उत्तर नहीं होगा। अब मौका है – युद्ध नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">बल्कि शांति की विरासत देने का। हमारी जिम्मेदारी अब तक़दीर बदलने की है। नई पीढ़ी के लिए खून नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">शिक्षा छोड़ो। यही हमारी अंतिम लड़ाई है – आखिरी मौका सुधार का</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">और आखिरी मौका यह दिखाने का कि हम अभी भी अपने कर्मों के प्रभारी हैं।</span></p><p class="MsoNormal" style="text-align:justify;"><span lang="hi" xml:lang="hi">युद्ध नहीं</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">यह हमारी विरासत है। हमने बच्चों को किताबें सौंप दी हैं – खून से सनी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">आँसुओं से भरी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">और पीढ़ियों तक उठती चोटों की गूँज समेटे। यह हमारी चुप्पी</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">हमारी उदासीनता</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">और हमारी लालच का सजीव प्रमाण है। अब समय है कि हम बदलें। हमें नई पीढ़ी को देने वाली किताबों से खून हटाना होगा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">उन्हें केवल शिक्षा</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">शांति और आशा की विरासत देनी होगी। यही हमारी अंतिम मौका है – अगर हमने अब कदम नहीं उठाया</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">तो कल का सूरज कभी नई पीढ़ी के लिए पूरी तरह चमकेगा ही नहीं। यह हमारी जिम्मेदारी है</span>, <span lang="hi" xml:lang="hi">और हमारी चेतावनी भी – बदलाव अब अनिवार्य है।</span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>संपादकीय</category>
                                            <category>स्वतंत्र विचार</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/172185/talks-of-peace-preparation-for-war-the-double-face-of</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/172185/talks-of-peace-preparation-for-war-the-double-face-of</guid>
                <pubDate>Mon, 02 Mar 2026 18:11:59 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2026-03/hindi-divas1.jpg"                         length="152966"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ओबरा नगर पंचायत ने सफाईकर्मियों को बांटे सुरक्षा कीट ,स्वच्छता, सुरक्षा और सम्मान का संकल्प</title>
                                    <description><![CDATA[ओबरा नगर पंचायत का सुरक्षा के  क्षेत्र में सराहनीय पहल]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/152906/obra-nagar-panchayat-distributed-safety-pest-cleanliness-and-resolution-to"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2025-07/img-20250702-wa0517.jpg" alt=""></a><br /><p><strong><em>अजित सिंह ( ब्यूरो रिपोर्ट) </em></strong></p>
<p><strong><em>ओबरा/ उत्तर प्रदेश- </em></strong></p>
<p style="text-align:justify;">ओबरा नगर पंचायत ने नगर की स्वच्छता सुनिश्चित करने और अपने सफाईकर्मियों की सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए एक सराहनीय पहल की है। नगर पंचायत अध्यक्षा चांदनी देवी ने व्यक्तिगत रूप से उपस्थित रहकर सफाई नायकों और कर्मियों को व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण (पी.पी.ई. किट), रेनकोट, ट्रैकसूट और जूते वितरित किए।</p>
<p style="text-align:justify;"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/2025-07/img-20250702-wa0514.jpg" alt="IMG-20250702-WA0514" width="504" height="651"></img></p>
<p style="text-align:justify;">यह वितरण महज़ एक औपचारिकता नहीं बल्कि एक गहरी ज़िम्मेदारी के तौर पर पूर्ण किया गया।इस अवसर पर उपस्थित सभासदगणों के सहयोग से, स्वच्छता, सुरक्षा और सम्मान यही हमारी प्राथमिकता है और संकल्प को दोहराया गया। यह कदम विशेष रूप से आगामी बरसात के मौसम की चुनौतियों को देखते हुए उठाया गया है ताकि सफाईकर्मी किसी भी विषम परिस्थिति में सुरक्षित रहकर अपना कार्य कर सकें और नगर की स्वच्छता अनवरत बनी रहे।</p>
<p style="text-align:justify;">सफाई कर्मचारियों को पी.पी.ई. किट, रेनकोट और जूते प्रदान कर उन्हें काम के दौरान संभावित खतरों जैसे संक्रमण, चोट और खराब मौसम से बचाना। सुरक्षित और सुसज्जित उपकरणों के साथ कर्मचारी बिना किसी बाधा के और अधिक कुशलता से नगर की स्वच्छता बनाए रखने में सक्षम होंगे।यह पहल मेहनतकश सफाईकर्मियों के प्रति नगर पंचायत के सम्मान और कृतज्ञता को व्यक्त करती है, जिससे उन्हें अपने कार्य के प्रति और भी अधिक प्रोत्साहन मिलेगा।</p>
<p style="text-align:justify;">मानसून के दौरान होने वाली चुनौतियों जैसे जल-जमाव और कीचड़ का सामना करने के लिए कर्मचारियों को पहले से तैयार करना।इस कार्यक्रम के माध्यम से ओबरा नगर पंचायत ने जनस्वास्थ्य और सामुदायिक कल्याण के प्रति अपनी अटूट प्रतिबद्धता दोहराई है। अध्यक्षा चांदनी देवी के इस व्यक्तिगत जुड़ाव ने यह स्पष्ट संदेश दिया है कि उनकी प्राथमिकता में सफाईकर्मियों की सुरक्षा सबसे ऊपर है, क्योंकि पहले मेरे सुरक्षा कर्मी सुरक्षित रहेंगे तभी कोई और सुरक्षित रह पाएगा। यह स्वच्छ ओबरा अभियान की दिशा में एक अत्यंत महत्वपूर्ण और प्रोत्साहन भरा कदम है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>स्वास्थ्य-आरोग्य</category>
                                            <category>ख़बरें</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/152906/obra-nagar-panchayat-distributed-safety-pest-cleanliness-and-resolution-to</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/152906/obra-nagar-panchayat-distributed-safety-pest-cleanliness-and-resolution-to</guid>
                <pubDate>Thu, 03 Jul 2025 07:08:38 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2025-07/img-20250702-wa0517.jpg"                         length="67451"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[राजेश तिवारी]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा की निगरानी की जाये ड्रोन से </title>
                                    <description><![CDATA[<p>  एआईएमआईएम ने एसडीएम सदर को सौंपा ज्ञापन <br /><br />महोबा। 31 अगस्त से उत्तर भारत का मशहूर कजली मेला शुरू हो रहा है, 10 दिन तक चलने वाले इस मेले में विभिन्न जनपदों और पड़ोसी राज्य से व्यापक भीड़ मेला देखने को उमड़ती है, फिलवक्त उमस भरी गर्मी पड़ रही है, लिहाजा इसको मददेनजर रखते हुये शहर के आल्हा चौक, ऊदल चौक, कीरत सागर में शुद्ध पानी की उत्तम व्यवस्था सुनिश्चित की जायें, ताकि मेलार्थियों को पानी की दिक्कतों से दो चार न होना पड़े, ऑल इण्डिया मजलिस इत्तेहादुल मुसलमीन ने इस सम्बंध में यहां उपजिलाधिकारी को एक ज्ञापन दिया है।</p>
<p> <br />जिसमेें</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/133893/security-of-women-and-children-should-be-monitored-through-drones"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2023-08/23.07.jpg" alt=""></a><br /><p> एआईएमआईएम ने एसडीएम सदर को सौंपा ज्ञापन <br /><br />महोबा। 31 अगस्त से उत्तर भारत का मशहूर कजली मेला शुरू हो रहा है, 10 दिन तक चलने वाले इस मेले में विभिन्न जनपदों और पड़ोसी राज्य से व्यापक भीड़ मेला देखने को उमड़ती है, फिलवक्त उमस भरी गर्मी पड़ रही है, लिहाजा इसको मददेनजर रखते हुये शहर के आल्हा चौक, ऊदल चौक, कीरत सागर में शुद्ध पानी की उत्तम व्यवस्था सुनिश्चित की जायें, ताकि मेलार्थियों को पानी की दिक्कतों से दो चार न होना पड़े, ऑल इण्डिया मजलिस इत्तेहादुल मुसलमीन ने इस सम्बंध में यहां उपजिलाधिकारी को एक ज्ञापन दिया है।</p>
<p> <br />जिसमेें मांग की गयी है, कि कजली मेले के दौरान शहर में लाइट की कटौती न की जायें, और निर्बाध बिजली की आपूर्ति सुनिश्चित की जायें, कजली मेले के दौरान सफाई व्यवस्था का विशेष ध्यान रखा जायें आवारा पशुओं के विचरण पर रोक लगाई जायें, मेले के दौरान नकली खोवें की बिक्री और अशुद्ध मिठाइयों की जांच कराकर इन पर रोक लगाई जाये और मिलावट खोरो पर रोक लगाई जायें। कजली मेले के दौरान महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा के लिए ड्रोन कैमरों से निगरानी रखी जाये। नगर अध्यक्ष रहीम अहमद, सरफराज अहमद, निसार अहमद, नदीम, मुसीर, बबलू बाबा, तौफीक, मोहम्मद सैफ, अरबाज, आदि पार्टी के पदाधिकारी कार्यकर्ता मौजूद रहे। <br /><br /></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>जन समस्याएं</category>
                                            <category>भारत</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/133893/security-of-women-and-children-should-be-monitored-through-drones</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/133893/security-of-women-and-children-should-be-monitored-through-drones</guid>
                <pubDate>Wed, 23 Aug 2023 16:24:20 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2023-08/23.07.jpg"                         length="340669"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat UP]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>एसडीएम और सीओ ने व्यापारियों के साथ की बैठक, सुरक्षा का दिया भरोसा</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>स्वतंत्र प्रभात:⁠-मनोज पाण्डेय</strong>  </p>
<p><strong>जयसिंहपुर सुल्तानपुर</strong>। जयसिंहपुर कोतवाली परिसर में शनिवार को एसडीएम के नेतृत्व में क्षेत्र के व्यापारियों के साथ एक बैठक आयोजित हुई। जिसमे एसडीएम वंदना पाण्डेय ने व्यापारियों की समस्याएं सुनीं और उसके निस्तारण का आश्वाशन दिया। बैठक में क्षेत्राधिकारी जयसिंहपुर प्रशांत सिंह ने व्यापारियों को सुरक्षा के मद्देनजर दुकानों पर सीसीटीवी कैमरा लगवाने का सुझाव दिया। जिससे व्यापारियों के साथ होने वाली वारदात की फुटेज के आधार पर समय से कार्यवाही की जा सके। कोतवाल प्रेमचंद सिंह ने सुरक्षा का भरोसा दिलाते हुए उनके साथ होने वाले साइबर फ्रॉड से बचाव के लिए जागरूक किया। साथ</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.swatantraprabhat.com/article/133718/sdm-and-co-meeting-with-traders-assured-of-security"><img src="https://www.swatantraprabhat.com/media/400/2023-08/img-20230819-wa0187.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>स्वतंत्र प्रभात:⁠-मनोज पाण्डेय</strong> </p>
<p><strong>जयसिंहपुर सुल्तानपुर</strong>। जयसिंहपुर कोतवाली परिसर में शनिवार को एसडीएम के नेतृत्व में क्षेत्र के व्यापारियों के साथ एक बैठक आयोजित हुई। जिसमे एसडीएम वंदना पाण्डेय ने व्यापारियों की समस्याएं सुनीं और उसके निस्तारण का आश्वाशन दिया। बैठक में क्षेत्राधिकारी जयसिंहपुर प्रशांत सिंह ने व्यापारियों को सुरक्षा के मद्देनजर दुकानों पर सीसीटीवी कैमरा लगवाने का सुझाव दिया। जिससे व्यापारियों के साथ होने वाली वारदात की फुटेज के आधार पर समय से कार्यवाही की जा सके। कोतवाल प्रेमचंद सिंह ने सुरक्षा का भरोसा दिलाते हुए उनके साथ होने वाले साइबर फ्रॉड से बचाव के लिए जागरूक किया। साथ ही चाइनीज मांझा की बिक्री करने पर सख्त कार्यवाही की चेतवानी भी दी है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ब्रेकिंग न्यूज़</category>
                                            <category>ख़बरें</category>
                                    

                <link>https://www.swatantraprabhat.com/article/133718/sdm-and-co-meeting-with-traders-assured-of-security</link>
                <guid>https://www.swatantraprabhat.com/article/133718/sdm-and-co-meeting-with-traders-assured-of-security</guid>
                <pubDate>Sat, 19 Aug 2023 21:39:12 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.swatantraprabhat.com/media/2023-08/img-20230819-wa0187.jpg"                         length="120440"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Swatantra Prabhat Reporters]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        